गोरखपुर : अस्पतालों की खामियों को दूर करने में जुटी एनएचएम की टीम

गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। केंद्र सरकार की टीम के आने से पहले अस्पतालों की खामियों को दूर करने के लिए बुधवार को एनएचएम लखनउ की टीम ने जनपद के ग्रामीण इलाकों के सीएचसी व पीएचसी की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। अस्पतालों पर मिली दुव्र्यवस्था पर टीम ने नाराजगी जताते हुए सुधार लाने की चेतावनी दी।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मिशन के तहत केंद्र सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों की दशा व स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
24 को पहुंचेगी भारत सरकार की जांच टीम
केंद्र सरकार ने इस बार गोरखपुर एवं फर्रूखाबाद जिले का चयन किया है। भारत सरकार की स्वास्थ्य टीमें 24 से 31 अगस्त तक चयनित जनपद में सीएचसी एवं पीएचसी की जांच करेंगी। भारत सरकार की टीम के आने से पूर्व प्रदेश सरकार की एनएचएम टीम अस्पतालों की जांच कर उनकी खामियों को दूर करने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में बुधवार को दोपहर एक बजे एनएचएम की पांच सदस्यीय टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बडहलगंज पहुंची। टीम का नेतृत्व डिप्टी जीएम सूर्य विक्रम पंकज कर रहे थे।
जांच में पायी खामियां, सुधार लाने का निर्देश
 टीम ने जननी सुरक्षा योजना के अभिलेखों की गहनता से जांच की। अस्पताल के दवा, आपरेशन कक्ष, प्रसूता कक्ष, जनरल वार्ड आदि का निरीक्षण किया। जांच के दौरान टीम को यह भी पता चला कि मरीजों को अधिकांश दवाएं बाहर की लिखी जा रही हैं। प्रसव कक्ष में दुव्र्यवस्था, कमरों में व्याप्त गन्दगी व रेडिएटर वार्मर खराब होना पाया गया। बायोमेडिकल बेस के निस्तारण के अलावा दवाओं तथा मरीजो के लिए भोजन की अनुपलब्धता देख टीम के सदस्यों ने रोष जताया और खामियों को शीघ्र दूर कर लेने का निर्देश दिया। इसके बाद टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डेरवा पर पहुंची। यहां पर व्यवस्था संतोषजनक रही।
जांच टीम में अरविन्द सिंह, दिनेश प्रताप, आरएस चैरसिया, डाॅ अश्वनी कुमार शामिल रहे।
16 अगस्त को पहुंचेगी एनएचएम की एक और जांच टीम
पहले दौर की जांच के बाद एनएचएम की दूसरी टीम 16 अगस्त को जनपद के सीएचसी व पीएचसी पर पहुंच कर व्यवस्था को जांचेगी। टीम के सदस्यों की मानें तो भारत सरकार की टीम के आने से पूर्व प्रदेश सरकार अस्पतालों में व्याप्त कमियों को दूर कर लेना चाहती है। वैसे भी गोरखपुर जनपद को अव्वल की श्रेणी में रखा गया है।
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