एक बार फिर अपने पुराने अंदाज़ में नज़र आये भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत

सरकार तानाशाही और फूट डालना बंद करें अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन:राकेश टिकैत

दैनिक भास्कर/मेहंदी हसन

बागपत। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत एक बार फिर अपने पुराने अंदाज़ में नज़र आये टिकरी-सुजती मार्ग पर चल रहे धरने को समर्थन देने पहुंचे किसान नेता ने एक बार फिर सरकार पर तल्ख टिप्पणियां की और जल्दी ही एक और बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी ,टिकैत किसानों को आरएसएस की शाखाओं से दूर रहने की अपील भी करते नज़र आये।
दरअसल आपको बता दे टीकरी-सूजती मार्ग पर किसानों की दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कारिडोर भूमि अधिग्रहण मुआवजे को लेकर आयोजित महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर खूब निशाने साधे उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही और फूट डालना करना बंद करे, अन्यथा देश में बड़ा आंदोलन होगा। किसान आंदोलन के लिए तैयार हो जाए और ट्रैक्टर मजबूत कर लें।
महापंचायत में पहुंचे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में एक बार फिर बड़ा आंदोलन होने जा रहा है इसलिए किसान अपने ट्रैक्टर मजबूत करते हुए तिरंगा लगा लें। सात अगस्त से अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन शुरू किया जाएगा। भर्ती होने वाले युवा आंदोलन से दूर रहे क्योंकि अगर फोटो में भी आ गए तो तानाशाही सरकार उन्हें भर्ती से बाहर कर देगी।
कृषि आंदोलन को याद करते हुए कहा कि सरकार ने 22 जनवरी 2021 से किसी भी संगठन से बात नहीं की है क्योंकि अब सरकार का काम तानाशाही करना हो गया है। सरकार बाज आ जाए, अन्यथा आंदोलन होगा। गांव-गांव में आरएसएस शाखाएं लगा रही है इनसे अपने बच्चों को दूर ही रखे तो अच्छा होगा। किसानों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को जमीन को दिखाओ, आंदोलन से जोड़ो ताकि संगठन मजबूत हो सके।
राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कारिडोर निर्माण की खामियों को अधिकारी समय रहते दूर कर ले। नक्शों में बदलाव करते हुए उन्हें ठीक करने का काम करे। किसानों से कहा कि कारिडोर निर्माण के लिए अधिकारी जब मिट्टी डलवाने आएंगे तभी अधिकारियों पर असली दबाव बनाया जाएगा। किसानों का हक मरने नहीं दिया जाएगा। सरकार ज्यादती करने का काम न करे।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल किला किसी के फूफा का नहीं है। आंदोलन के दौरान किसानों को पुलिस धोखे से लालकिला तक ले गई जबकि किसानों को संसद भवन जाना था। किसानों ने लालकिले पर लगे झंडे को नहीं हटाया था। सरकार देश को गिरवी रखने का काम कर रही है। सरकार दूध पर पालिसी ला रही है। गांव-गांव कोल्डड्रिंक की तरह बोतलों में विदेशी दूध भी बिकेगा और पशुओं पर टैक्स भी लगेगा। उन्होंने सरकार से किसानों को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए कहा ताकि गन्ना भुगतान समय से मिल सके।

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