पंचायत चुनाव : वोटर लिस्ट में नाम कटवाने व बढ़वाने का बेल्हा में जमकर होता है खेल


– 2015 के पंचायत चुनाव में डीएम-एसपी हो चुके हैं निलम्बित
– रिश्वत देकर नाम बढ़वाने और कटवाने का होता है खेल

प्रतापगढ़। जिले में पंचायत चुनाव में मतदाता सूची में नाम कटवाने व बढ़वाने वालों का गिरोह इस तरह हावी है कि सत्ता दल का एक विधायक अपने समर्थक का नाम बढ़वाने के लियेे एसडीएम, सीआरओ, एडीएम के यहां सफल न होने पर उन्हें डीएम आवास पर धरना देना पड़ा। इतना ही नहीं, महिलाओं को ही अपने ही ब्लाक में ड्यूटी कराने के चुनाव आयोग के फरमान को भी इन लोगों ने यहां लागू नहीं होने दिया।

मतदाता सूची में गड़बड़ी पहली बार नहीं सामने आई है। 2015 में ऐसी गड़बड़ियों के चलते कुण्डा में फर्जी मतदाताओं द्वारा बूथ कैप्चरिंग के विरोध में मतपेटिका में गोबर व पानी डाल दिया गया था तथा फायरिंग कर आतंक फैलाया गया था जिसके कारण तत्कालीन तेज तर्राक डीएम अमृत त्रिपाठी व एसपी सुनील कुमार सक्सेना निलम्बित हो गये थे। पंचायत चुनाव में मतदाता सूची में खेल में जमकर पैसे की उगाही होती है। इस खेल को करने वाले मतदाता सूची प्रकाशन करने वालों से जिला निर्वाचन कार्यालय से सांठ-गांठ करा देते हैं और दो से पांच हजार रुपये रिश्वत देकर नाम कटवाया व बढ़वाया जाता है। जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल को शायद इसका आभास नहीं रहा होगा कि मतदाता सूची को बनाने में इतनी गड़बड़ियां हो रही हैं। बहरहाल धरना देने वाले विधायक धीरज ओझा को जिलाधिकारी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी को दूर करने का आश्वासन दिया है जिसके लगभग तीन घंटे बाद धरना समाप्त हुआ था।

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