बोला पवन एक दिन में चलता हैं 25 किलोमीटर, लोग कर रहे फूलों की वर्षा

जज्बा और जुनून मुश्किलों को आसान कर देता है

सनातन धर्म से ही समाज और राष्ट्र की पहचान: दिव्यांग कांवडिया

दैनिक भास्कर/मेहंदी हसन

बागपत। जज्बा और जुनून मुश्किलों को आसान कर देता है, यह चिर सत्य एकबार फिर साकार कर दिखाया है दिव्यांग कांवडिया पवन ने स्वयं का नाम और कांवड लाने का उद्देश्य न बताते हुए सिर्फ इतना कहा कि, भोले बाबा के प्रति श्रद्धा और विश्वास के सहारे उसकी हर मंजिल आसान होती आई है, यह मंजिल भी अब ज्यादा दूर नहींं है। गंगोत्री से चलकर कांवड और तिरंगा हाथ में लिए अपनी आस्था के सैलाब को एक पैर से हिमालय के मध्य मां गंगोत्री के पावन तीर्थ से बिना किसी संगी साथी की अपेक्षा किए, एकला चलो को आत्मसात् करते हुए अपने लक्ष्य हरियाणा के कुंडली की ओर अग्रसर है।इसबीच अपने अनुभव साझा करते हुए दिव्यांग कांवडिया पवन ने बताया कि, बाबा भोले की कृपा से हर मुश्किल आसान होती रही। पहाडों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में जगह जगह विशेष सम्मान मिला, यह भी भोले की कृपा है।व्यापारी नेता मुदित जैन व नितिन जैन ने भी जब उन्हें देखा तो , हाथ जोड़कर व जय भोले की और बोल बम कहते हुए स्वागत किया और आतिथ्य सत्कार व फलाहार का निवेदन किया, तो मृदु मुस्कान बिखेरते हुए दिव्यांग कांवडिया यह कहते हुए आगे बढ गया।

एक दिन में चलता हैं 25 किलोमीटर, लोग कर रहे फूलों की वर्षा

शिव का भक्त पवन बताते हैं मैं गोमुख से कावड़ लेकर काफी दिन पहले ही चल पड़ा था रोज 25 किलोमीटर से ज्यादा चल रहा हूं गोमुख से मेरा पेपर गांव कुंडली 575 किलोमीटर है अगर मन में मजबूत इच्छाशक्ति हो और भोले के लिए आप पर श्रद्धा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। बता दे कि भोला पवन पैसे से ड्राइवर है वह अब तक 15 बार कावड़ ला चुके हैं 2017 में उनकी गाड़ी में आग लग गई थी इस हादसे में उनका एक पैर खराब हो गया था फिर भी उनका जज्बा और भोले के लिए श्रद्धा कम नहीं हुई।

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