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	<title>अमित शाह &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>अजित ने चाचा की उंगली पकड़कर सियासत में रखा कदम, महाराष्ट्र राजनीति के इस तरह बने बादशाह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 01:36:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[-एनसीपी को बड़ा जनाधार तैयार करने में निभाया अहम रोल, 1995 में बने विधायक मुंबई । महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार की निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई। प्लेन की लैंडिंग के दौरान ये हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार समेत विमान में सवार सभी लोगों की जान ... <a title="अजित ने चाचा की उंगली पकड़कर सियासत में रखा कदम, महाराष्ट्र राजनीति के इस तरह बने बादशाह" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ajit-entered-politics-holding-his-uncles-finger-and-in-this-way-he-became-a-kingpin-in-maharashtra-politics/" aria-label="Read more about अजित ने चाचा की उंगली पकड़कर सियासत में रखा कदम, महाराष्ट्र राजनीति के इस तरह बने बादशाह">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="640" height="359" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_10_52_289817353ajit-ll.jpg" alt="" class="wp-image-509781" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_10_52_289817353ajit-ll.jpg 640w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/2026_1image_10_52_289817353ajit-ll-300x168.jpg 300w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">-एनसीपी को बड़ा जनाधार तैयार करने में निभाया अहम रोल, 1995 में बने विधायक</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुंबई । महाराष्ट्र के बारामती के पास एनसीपी नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार की निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई। प्लेन की लैंडिंग के दौरान ये हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार समेत विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई। सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने अपनी राजनीतिक कौशल के जरिए पार्टी को महाराष्ट्र में मजबूत बनाया। पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एनसीपी को एक बड़ा जनाधार तैयार करने में अहम रोल अदा किया, लेकिन 2022 में शरद पवार से अलग अपनी राजनीतिक लकीर खींची और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अजित पवार साल 1982 में राजनीति में कदम रखा। अजित पवार प्राथमिक शिक्षा की पढ़ाई कर रहे थे, तो उस दौरान उनके चाचा शरद पवार दिग्गज सियासी नेता बन चुके थे। राजनीति में कदम रखने के बाद सबसे पहले उन्होंने एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुनाव लड़ा। वह पुणे सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए, वो 16 सालों तक इस पद पर रहे। साल 1991 में पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए, लेकिन बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी। इसके बाद शरद पवार केंद्र में पीवी नरसिम्हा राव सरकार में रक्षा मंत्री बने। यहीं से शरद पवार केंद्र की राजनीति में खुद को सक्रिय कर लिया तो अजित पवार महाराष्ट्र की सियासत की कमान अपने हाथ में ले ली।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अजित पवार ने अपनी मेहनत और लगन से खुद को शरद पवार के सियासी वारिस के तौर पर महाराष्ट्र में स्थापित किया। महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली, इसके बाद साल 1995 में वो पहली बार पुणे जिले में बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद से वो लगातार इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रहे। उन्होंने साल 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी विधायक बने। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में खुद को स्थापित ही नहीं किया बल्कि अपनी पकड़ भी मजबूत की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्री पद संभालने का तजुर्बा है, उन्होंने राज्य सरकार में कृषि, ऊर्जा और योजना राज्य मंत्री के रूप में काम किया, उन्होंने सुधाकर नाइक की सरकार में कृषि और बिजली राज्य मंत्री के रूप में काम किया, इसके बाद जब उनके चाचा शरद पवार 1992 और 1993 में मुख्यमंत्री बने तो उन्हें मंत्री बनाया गया। साल 1999 में जब कांग्रेस और एनसीपी सत्ता में आई तो उन्होंने विलासराव देशमुख की सरकार सिंचाई मंत्री का कार्यभार सौंपा गया। वहीं, साल 2003-2004 में सुशील कुमार शिंदे की सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। इसके बाद उपमुख्यमंत्री बने।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अजित पवार पहली बार साल 2010 के नवंबर महीने में उपमुख्मंत्री बने, इसके बाद साल 2010 में वो दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने। 2019 में फडणवीस के साथ डिप्टी सीएम बने और फिर उद्धव ठाकरे के अगुवाई में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी तो उसमें भी डिप्टी सीएम रहे। इसके बाद 2023 में शरद पवार के बगावत कर शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने। 2024 में छठी बार डिप्टी सीएम बने, लेकिन शरद पवार ने अपने सियासी वारिस के तौर पर बेटी सुप्रिया सुले को आगे बढ़ाने लगे तो फिर अजित पवार ने अपनी अलग सियासी राह चुन ली। एनसीपी के तमाम नेताओं को लेकर बीजेपी के अगुवाई वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए। 2023 में अजित पवार ने पूरी तरह से एनसीपी पर कब्जा जमा लिया। 2024 में खुद को स्थापित करने में भी सफल रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में अपने दादा के घर जन्मे अजित पवार, शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवरा के बेटे हैं। उनके पिता फिल्म जगत से जुड़े हुए थे। अनंतराव ने मुंबई में मौजूद वी. शांताराम के राजकमल स्टूडियो में काम किया। अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई और उनके दो बच्चे हैं, जिनका नाम पार्थ पवार और जय पवार है, महाराष्ट्र एजुकेशन सोसायटी हाई स्कूल बारामती से अजित पवार ने प्राथमिक शिक्षा हासिल की, हालांकि, जब वो कॉलेज में थे तो उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद राजनीति में कदम रखा।</p>
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		<title>अजित दादा की अंतिम विदाई को उमड़ा जनसैलाब, जानें कब और कहां होगा अंतिम संस्कार&#8230;देखें VIDEO</title>
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		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 01:35:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महाराष्ट्र की राजनीति के आसमान से आज वह ध्रुव तारा टूट गया, जिसकी चमक दशकों से सियासत को दिशा देती थी। एक दर्दनाक विमान हादसे ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बारामती के &#8216;बेटे&#8217; अजित पवार को हमेशा के लिए छीन लिया। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर आई कि अजित पवार का विमान क्रैश हो ... <a title="अजित दादा की अंतिम विदाई को उमड़ा जनसैलाब, जानें कब और कहां होगा अंतिम संस्कार&#8230;देखें VIDEO" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/a-massive-crowd-gathered-for-ajit-dadas-final-farewell-find-out-when-and-where-the-funeral-will-take-place-watch-the-video/" aria-label="Read more about अजित दादा की अंतिम विदाई को उमड़ा जनसैलाब, जानें कब और कहां होगा अंतिम संस्कार&#8230;देखें VIDEO">Read more</a>]]></description>
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<p><span class="ng-star-inserted">महाराष्ट्र की राजनीति के आसमान से आज वह ध्रुव तारा टूट गया, जिसकी चमक दशकों से सियासत को दिशा देती थी। एक दर्दनाक विमान हादसे ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बारामती के &#8216;बेटे&#8217; अजित पवार को हमेशा के लिए छीन लिया। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर आई कि अजित पवार का विमान क्रैश हो गया है, पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुंबई से लेकर दिल्ली तक, हर कोई स्तब्ध रह गया और सारे रास्ते बारामती की ओर मुड़ गए, जहाँ &#8216;दादा&#8217; का पार्थिव शरीर लाया गया है।</span></p>
<h3 class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">आंसुओं के सैलाब में डूबी बारामती</span></strong></h3>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">शाम होते-होते बारामती में पवार परिवार के सदस्यों, एनसीपी कार्यकर्ताओं और हजारों आम लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर चेहरे पर अपने नेता को खोने का मातम पसरा था। अजित पवार के चाचा शरद पवार, चचेरी बहन सुप्रिया सुले, पत्नी सुनेत्रा पवार और दोनों बेटे इस असहनीय दुख की घड़ी में एक दूसरे को संभालते नजर आए। बारामती का विद्या प्रतिष्ठान मैदान, जहां कभी दादा की चुनावी सभाएं गूंजती थीं, आज वहां गम का समंदर पसरा है।</span></p>
<h3 class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">कल 11 बजे पंचतत्व में विलीन होंगे &#8216;दादा&#8217;</span></strong></h3>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">महाराष्ट्र के लाडले &#8216;दादा&#8217; का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया है, जहां हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ इसी मैदान पर किया जाएगा। एनसीपी नेता किरण गुजर ने बताया कि अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे गदिमा सभागार से शुरू होगी, जो मुख्य मैदान तक पहुंचेगी, जहां अजित पवार पंचतत्व में विलीन हो जाएंगे।</span></p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">लाखों लोगों का उमड़ा हुजूम एक ही स्वर में गूंज उठा “अजित दादा अमर रहे, अमर रहे!”<br><br>यह अपार जनसमूह इस बात का प्रमाण है कि जाने वाला व्यक्ति कितनी बड़ी शख़्सियत था। अपने मराठी बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे ये लोग केवल भीड़ नहीं, बल्कि वह प्रेम हैं, जो वर्षों की सेवा, समर्पण… <a href="https://t.co/PS7WBpW9It">pic.twitter.com/PS7WBpW9It</a></p>&mdash; Dinesh Bohra (@dineshbohrabmr) <a href="https://twitter.com/dineshbohrabmr/status/2016577105979670784?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">January 28, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3 class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अमित शाह से लेकर उद्धव-राज तक, अंतिम विदाई देने जुटेंगे दिग्गज</span></strong></h3>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">अपने दोस्त, साथी और एक करिश्माई नेता को अंतिम विदाई देने के लिए देश और प्रदेश के तमाम बड़े नेता बारामती पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बारामती पहुंच चुके हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। महाराष्ट्र की राजनीति के दो बड़े चेहरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी अजित पवार को श्रद्धांजलि देने बारामती आएंगे।</span></p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">अजित दादा के प्रति समर्थकों की दीवानगी ही कुछ ऐसी थी कि आज उनकी पार्थिव देह देखते ही अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों की आँखों से आँसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। <a href="https://t.co/y0SmuLW7YB">pic.twitter.com/y0SmuLW7YB</a></p>&mdash; Dinesh Bohra (@dineshbohrabmr) <a href="https://twitter.com/dineshbohrabmr/status/2016393176916099314?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">January 28, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3 class="ng-star-inserted"><strong class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">3 दिन का राजकीय शोक, जहां थे &#8216;शासन&#8217;, वहीं होंगे विलीन</span></strong></h3>
<p class="ng-star-inserted"><span class="ng-star-inserted">मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारामती पहुंचकर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। गुरुवार को क्षेत्र के सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा। यह बारामती के लिए एक युग का अंत है। यह वो गढ़ था, जहां &#8216;दादा&#8217; के शब्द ही &#8216;शासन&#8217; हुआ करते थे। जिस मिट्टी पर खेलकर वह बड़े हुए, जिस क्षेत्र को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और विकास का पर्याय बनाया, अब उसी बारामती की मिट्टी में अजित पवार हमेशा के लिए विलीन हो जाएंगे। </span></p>
<p class="ng-star-inserted"> </p>]]></content:encoded>
					
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		<title>2027 में दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना&#8230;जानें प्रोसेस और क्या जानकारियां जुटाई जाएंगी</title>
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		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 08:40:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[देश में एक लंबे अंतराल के बाद अब जनगणना की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना के लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा करते हुए बताया कि यह जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी और इसे पूरी तरह डिजिटल ... <a title="2027 में दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना&#8230;जानें प्रोसेस और क्या जानकारियां जुटाई जाएंगी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/2027-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf/" aria-label="Read more about 2027 में दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना&#8230;जानें प्रोसेस और क्या जानकारियां जुटाई जाएंगी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1308" height="722" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census.webp" alt="" class="wp-image-494786" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census.webp 1308w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-300x166.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-768x424.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-150x83.webp 150w" sizes="(max-width: 1308px) 100vw, 1308px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">देश में एक लंबे अंतराल के बाद अब जनगणना की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना के लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा करते हुए बताया कि यह जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी और इसे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। यानी अब जनगणना परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक की मदद से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन का भी उपयोग किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके बाद दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से देश के बाकी हिस्सों में शुरू होगा। खास बात यह है कि इस बार की जनगणना में जातिगत विवरण भी दर्ज किया जाएगा, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस विशाल सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए केंद्र सरकार करीब 34 लाख फील्ड वर्कर्स और सुपरवाइज़र नियुक्त करेगी, जो घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इसके अलावा 1.3 लाख जनगणना अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी और डेटा प्रोसेसिंग का काम संभालेंगे।&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://pbs.twimg.com/media/Gti3qbCXwAAg9aQ?format=jpg&amp;name=large" alt="नोटिफिकेशन "/><figcaption class="wp-element-caption">नोटिफिकेशन</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">गरतलब है कि भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, और अब लगभग 16 वर्षों बाद यह प्रक्रिया एक बार फिर से शुरू होने जा रही है लेकिन इस बार नए स्वरूप, नई तकनीक और जातिगत आँकड़ों के साथ। यह केवल एक गणना नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति का डिजिटल आईना बनने जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जनगड़ना के दो चरण</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">2027 में होने जा रही जनगणना को लेकर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और यह अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना मानी जा रही है। इस प्रक्रिया में डोर-टु-डोर जाकर जानकारी जुटाने के लिए देशभर में करीब 34 लाख फील्ड सर्वे कर्मी और सुपरवाइज़र तैनात किए जाएंगे, जो सीधे लोगों से संपर्क कर ज़मीनी स्तर पर आंकड़े इकट्ठा करेंगे। इनके साथ-साथ लगभग 1.3 लाख जनगणना पदाधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे, जो फील्ड से लेकर डेटा प्रोसेसिंग तक की जिम्मेदारी निभाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी और इसमें मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा, ताकि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बन सके। इस बार जातिगत जानकारी भी पूछी जाएगी, जो कि कई सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के लिए महत्त्वपूर्ण डेटा का आधार बनेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मकानों की&nbsp;सूचीकरण&nbsp;और गणना (House Listing Operation – HLO) की जाएगी, जिसमें हर परिवार के आवास की स्थिति, संपत्ति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनगणना (Population Enumeration – PE) के तहत हर घर के प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी सूचनाएं ली जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना के दौरान स्व-गणना (self-enumeration) का विकल्प भी लोगों को दिया जाएगा, यानी कोई व्यक्ति चाहे तो खुद भी अपनी जानकारी मोबाइल ऐप के ज़रिए दर्ज कर सकेगा। बता दें कि यह स्वतंत्र भारत की आठवीं और कुल सोलहवीं जनगणना होगी। सरकार ने लोगों की निजता और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा है। डेटा संग्रह से लेकर उसके ट्रांसफर और स्टोरेज तक हर स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी का दुरुपयोग या लीक न हो सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तेजी से सिमट रहा लाल आतंकियों का दायरा: आंकड़ों में समझिए साल भर में नक्सलियों का सफाया कितनी बड़ी चुनौती&#8230;कितना बड़ा नेटवर्क</title>
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		<pubDate>Mon, 10 Feb 2025 08:10:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में शांति है। पाकिस्तान परस्त आतंकवाद सफाए के करीब है। देश के अन्य हिस्सों में आतंक की साजिश रचने वाले आतंकी भी लगातार जांच एजेंसियों द्वारा पकड़े जा रहे हैं। लेकिन देश के अंदर बैठे नक्सली लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ ... <a title="तेजी से सिमट रहा लाल आतंकियों का दायरा: आंकड़ों में समझिए साल भर में नक्सलियों का सफाया कितनी बड़ी चुनौती&#8230;कितना बड़ा नेटवर्क" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%9f-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf/" aria-label="Read more about तेजी से सिमट रहा लाल आतंकियों का दायरा: आंकड़ों में समझिए साल भर में नक्सलियों का सफाया कितनी बड़ी चुनौती&#8230;कितना बड़ा नेटवर्क">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/naxali-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-482064" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/naxali-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/naxali-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/naxali-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/naxali-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>

<div dir="auto">अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में शांति है। पाकिस्तान परस्त आतंकवाद सफाए के करीब है। देश के अन्य हिस्सों में आतंक की साजिश रचने वाले आतंकी भी लगातार जांच एजेंसियों द्वारा पकड़े जा रहे हैं। लेकिन देश के अंदर बैठे नक्सली लगातार हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में 8 जवान और एक ड्राइवर बलिदान हो गए थे। इसका बदला लेते हुए जवानों ने अब तक 45 नक्सलियों को मार गिराया है। राज्य और केंद्र सरकार नक्सलियों के खात्मे के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। इन लाल आतंकियों के सफाए के लिए गृह मंत्री अमित शाह 2026 तक का अल्टीमेटम भी दे चुके हैं।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">ऊपर जिन 45 नक्सलियों के मारे जाने की बात लिखी गई है। उसमें से 31 नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने रविवार (9 फरवरी, 2025) को मार गिराया गया है। नक्सलियों और जवानों के बीच यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर हुई। दुखद यह है कि इस दौरान 2 जवान भी बलिदान हो गए, साथ ही 2 जवान घायल भी हुए हैं। इस एनकाउन्टर के दौरान जवानों ने नक्सलियों के पास से भारी संख्या में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">देश में आतंक का पर्याय बन चुके नक्सली यूं तो अब देश के 9 राज्यों में सीमित रह गए हैं। इसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र शामिल और केरल शामिल हैं। इन प्रदेशों में भी नक्सलियों की स्थिति नाज़ुक होती जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई मौकों पर साफ तौर पर कह चुके हैं कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलियों का सफाया हो जाएगा। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार बीते 5 सालों में नक्सली हिंसा में लगभग 50 प्रतिशत तक की कमी भी आई है। वहीं नक्सली हिंसा से मरने वालों की संख्या में भी 50 प्रतिशत से अधिक की कमी हुई है।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">आम नागरिकों के अलावा पिछले 5 वर्षों में सुरक्षाबलों की जान जाने में भी बड़ी कमी देखने को मिली है। इसके अलावा नक्सलियों के एनकाउंटर में 65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। अर्थात नक्सली घटनाएं व उससे होने वाली जन धन हानि में बड़ी कमी आयी है। लेकिन नक्सली तेजी से मारे जा रहे हैं। देखा जाए तो नक्सलियों की शक्तियां ज़रूर कम हुई हैं, लेकिन बीते कुछ महीनों में जवानों पर घात लगाकर किए गए हमले नक्सलियों को कमज़ोर समझने के बढ़े खतरे को बयान करते हैं। एक बात तो साफ है कि अब नक्सलियों में अचानक से हमला करने की क्षमता बिल्कुल नहीं है, वह सिर्फ प्री-प्लानिंग के हिसाब से ही हमला कर रहे हैं।</div>
<div dir="auto"></div>
<div dir="auto">

ऐसा हमेशा से माना जाता रहा है कि नक्सली देश की सरकार को नेस्तनाबूद करने के लिए हिंसा की राह पर हैं। लेकिन इसमें वे धीरे-धीरे अपनी जमीन और पैदल सिपाही गंवाते जा रहे हैं। यदि सिर्फ छत्तीसगढ़ की ही बात करें जहां माओवादियों की सबसे अधिक मौजूदगी थी, ज्यादातर दक्षिणी जिलों में, माओवादियों के कब्जे वाले इलाके कम होकर महज 5,000 वर्ग किमी से भी कम रह गए हैं। एक दशक पहले के आंकड़े देखें तो 20,000 वर्ग किमी से अधिक इलाके पर नक्सलियों का ‘कब्जा’ था।

केंद्र में सत्ता स्थापित होने के बाद से नरेंद्र मोदी सरकार ने नक्सलियों और उससे जुड़े तमाम नेटवर्क को लगातार ध्वस्त करने का प्रयास किया है। सुरक्षा बलों ने भी खुलकर शहरी माओवादियों यानी अर्बन नक्सलियों पर भी शिकंजा कसा है। ज्यादातर अर्बन नक्सली या तो जेल में हैं या जो बाहर हैं उन पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर है। इन सबके बाद भी नक्सली घटनाएं पूरी तह से खत्म नहीं हुई हैं।

आकंड़ों को देखें तो सिर्फ़ 2010 में माओवादी हिंसा में 1005 लोग मारे गए थे, यह संख्या साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध में बलिदान हुए जवानों की संख्या के दोगुने से भी अधिक है। हालांकि इसके बाद से माओवादी हिंसा में शहीद होने वालों की तादाद धीरे-धीरे घटती गई है। अगस्त 2024 में, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नक्सलवाद से जुड़े आंकड़े संसद में रखे थे।

इस दौरान उन्होंने कहा था था कि 2010 की तुलना में 2024 में नक्सली घटनाओं में 73% की कमी आई है। इसी तरह से इन नक्सली घटनाओं में होने वाली मौतें भी 86% तक कम हुई हैं। 2010 में नक्सली घटनाओं में 1005 मौतें हुई थीं, जबकि 2023 में 138 लोग मारे गए थे। इनमें बलिदान हुए जवानों की संख्या भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा था कि साल 2013 तक देश भर के 10 राज्यों के 126 जिले नक्सल प्रभावित थे। वहीं, अप्रैल 2024 तक 9 राज्यों के 38 जिलों तक ही नक्सलियों का प्रभाव रह गया है।

अगर इतिहास को देखें तो 1990 के बाद से नक्सलवाद का खतरनाक रूप सामने आने लगा था। साल 1996 में नक्सली हमलों में कुल 156 लोगों की जान गई थी। साल 1997 में ये आंकड़ा बढ़कर 348 तक पहुंच गया था। फिर साल-दर-साल ये आंकड़ा बढ़ता ही रहा। तत्कालीन सरकारें नक्सली और उनके द्वारा की जाने वाली हिंसक घटनाओं को रोकने के प्रयास में लगी रहीं। लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।

साल 2009 और 2010 में नक्सली हमले में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई। दोनों ही साल ये आंकड़ा एक हजार के पार रहा। कुल आंकड़ों की बात करें तो साल 1995 के बाद से 2024 तक कुल 5490 नक्सली घटनाएं हुई हैं, जिसमें करीब साढ़े 5 हजार से ज्यादा आम नागरिकों की मौत हुई है। वहीं इस दौरान 3 हजार से अधिक जवान भी बलिदान हुए। वहीं, 5 हजार से ज्यादा नक्सली भी मारे गए। एक तरीके देखें तो नक्सलियों की वजह से कुल मौत का आंकड़ा 14 हजार से अधिक का है।

4 साल पहले तक बिहार के 10 जिले नक्सलियों से प्रभावित थे, लेकिन अब वहां इनका सफाया हो चुका है। इसी तरहओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी नक्सली कुछ जिलों तक ही सिमट कर रह गए हैं। साल 2021 तक झारखंड के 16 जिले नक्सलियों से प्रभावित थे। हालांकि अब सिर्फ 5 जिलों में ही नक्सलियों का प्रभाव रह गया है। आंध्र प्रदेश का आलुरी सीतारामराजू, केरल का वायनाड और कन्नूर, मध्य प्रदेश का बालाघाट, मंडला और डिंडोरी, महाराष्ट्र का गढ़चिरौली और गोंदिया, तेलंगाना का भद्रादी-कोतागुदेम और मुलुगु और पश्चिम बंगाल का झारग्राम जिला ही नक्सल प्रभावित है।

केंद्र सरकार के आंकड़ों को देखें तो साल 2010 तक 96 जिलों के 465 पुलिस थानों तक नक्सलवाद फैला हुआ था। वहीं साल 2023 के आखिर तक नक्सली 42 जिलों के 171 पुलिस थानों तक सिमट कर रह गए थे। जून 2024 तक देश के 30 जिलों के 89 पुलिस थाने ही ऐसे थे, जहां नक्सलियों की मौजूदगी थी। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ सालों में देश में नक्सली कमजोर हुए हैं।

वहीं नक्सलियों के खात्मे के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लाल आतंकियों को मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। हथियार छोड़कर घर वापस आने के लिए नक्सलियों को नौकरी, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ समेत कई प्रकार के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का जाल बढ़ाया गया है। साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करने के भरपूर प्रयास किए गए हैं।

इन तमाम बातों के बीच इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि छत्तीसगढ़ के कुछ इलाओं में नक्सलियों का नेटवर्क अब भी मजबूत है। उन्हें स्थानीय लोगों द्वारा आश्रय से लेकर सुरक्षाबलों के मूवमेंट तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। इतना ही नहीं नक्सलियों के घायल होने पर उनके इलाज में मदद भी स्थानीय लोग ही करते हैं। इसके पीछे एक कारण तो डर है और दूसरा यह कि जिनके घरों में आकर नक्सली रुकते हैं, उन्हें गांव के अन्य लोगों द्वारा किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाता। सीधे शब्दों में कहें तो प्रभाव दिखाने के लिए कई बार लोग नक्सलियों के मददगार बन जाते हैं। चूंकि नक्सली किसी भी मारने में दया नहीं दिखाते, इसलिए डर के चलते लोग नक्सलियों के छिपे होने या उनके मददगारों की सूचना सुरक्षा बलों तक नहीं पहुंचाते हैं।

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के नारायणपुर जिले में स्थित अबूझमाड़ के जंगल जिसका कुछ हिस्सा छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र तथा आंध्र प्रदेश मे पड़ता है, ये छत्तीसगढ़ के बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा में तकरीबन 4,000 किमी के भूभाग में फैले हैं, ये जंगल माओवाद के प्रमुख गढ़ रहे हैं, साथ ही नक्सलियों की सबसे बड़ी तादाद यहीं इकट्ठा रही है। अबूझमाड़ के जंगलों में ही नक्सली अपनी समानांतर सरकार चलाते रहे हैं जिसे वे ‘जनताना सरकार’ कहते हैं। लेकिन माओवादियों का सबसे बड़ा गढ़ है सुकमा जिसकी सीमा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना से सीधे मिलती है। सुकमा को ही ‘नक्सली हुकूमत की असल राजधानी’ भी कहा जाता है, यह वही सुकमा है जिसके नाम मात्र से माओवादियों की याद आ जाती है। इसके अलावा, हाल के दिनों में महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा से सटे बीजापुर में भी नक्सली घटनाएं देखने को मिली हैं।

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यूं तो सुकमा ‘नक्सलियों की राजधानी’ है, लेकिन सुकमा जिले की सीमा से लगे हुए दो और जिले भी इनसे प्रभावित हैं, पहला है ओडिशा का मलकानगिरि और तेलंगाना का भद्राद्री कोथागुडेम जिला। चूंकि सुकमा की सीमा 4 राज्यों से जुड़ती है। वहीं बीजापुर की सीमा 3 राज्यों से जुड़ती है। ऐसे में नक्सलियों के आने जाने व हथियारों के लिहाज से यह क्षेत्र जन्नत की तरह है। यहां के जंगल उनके लिए घर हैं, सिर्फ घर ही क्यों नक्सलियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान भी यहां के घने जंगल ही हैं, जिनकी आड़ में रहकर ये लाल आतंकी दशकों से खूनी खेल रहे हैं।

वास्तव में देखें तो नक्सली हर उस चीज़ से नफरत हैं जो विकास का रूपक है, चाहे वह सड़क हो, स्कूल, बिजली के खंभे या फिर मोबाइल टॉवर। आम तौर नक्सली सड़कों या ऐसे ही अन्य विकास को आईईडी लगाकर विस्फोट के जरिए नष्ट कर देते हैं। यहां तक कि नदियों के पुलों को भी नष्ट करने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन सबके बीच अहम बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नकलियों के खात्मे के लिए अपनी <a href="https://x.com/AmitShah/status/1888524232809963700" target="_blank" rel="noopener nofollow">प्रतिबद्धता</a> दिखा रहे हैं।

<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर करने के साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गयी है।<br><br>मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने में आज हमने अपने दो बहादुर…</p>&mdash; Amit Shah (@AmitShah) <a href="https://twitter.com/AmitShah/status/1888524232809963700?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 9, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

9 फरवरी को जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “<span class="css-1jxf684 r-bcqeeo r-1ttztb7 r-qvutc0 r-poiln3">नक्सल मुक्त भारत बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर करने के साथ ही भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गयी है। मानवता विरोधी नक्सलवाद को समाप्त करने में आज हमने अपने दो बहादुर जवानों को खोया है। यह देश इन वीरों का सदा ऋणी रहेगा। शहीद जवानों के परिजनों के प्रति भावपूर्ण संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। साथ ही पुनः यह संकल्प दोहराता हूं कि 31 मार्च 2026 से पहले हम देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर देंगे, ताकि देश के किसी भी नागरिक को इसके कारण अपनी जान न गंवानी पड़े।”</span>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफे में क्या कहा? यहाँ पढ़े अब तक की पूरी कहानी</title>
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		<pubDate>Mon, 10 Feb 2025 00:35:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार (9 फरवरी) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय भल्ला से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले बीरेन सिंह ने रविवार सुबह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की ... <a title="मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफे में क्या कहा? यहाँ पढ़े अब तक की पूरी कहानी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%80-2/" aria-label="Read more about मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस्तीफे में क्या कहा? यहाँ पढ़े अब तक की पूरी कहानी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/manipur-cm-resign-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-482035" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/manipur-cm-resign-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/manipur-cm-resign-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/manipur-cm-resign-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/manipur-cm-resign-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार (9 फरवरी) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय भल्ला से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले बीरेन सिंह ने रविवार सुबह दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटने के बाद शाम को मुख्यमंत्री अपने कुछ विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल भल्ला को इस्तीफा सौंप दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 1-2 दिन में मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान हो जाएगा और तब तक राज्यपाल ने बीरेन सिंह से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने के लिए कहा है। सोमवार से&nbsp;मणिपुर&nbsp;विधानसभा का सत्र शुरू होना था और अटकलें लगाई जा रही थीं कि विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी&nbsp;<a href="https://www.abplive.com/news/india/manipur-cm-n-biren-singh-resigns-meets-governor-after-delhi-visit-amit-shah-ann-2880820" target="_blank" rel="noreferrer noopener">में था</a>। बीरेन सिंह के इस्तीफा देने के तुरंत बाद मणिपुर विधानसभा के बजट सत्र को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले मुख्यमंत्री के कार्यभार संभालने के बाद ही विधानसभा सत्र शुरू होगा।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading">बीरेन सिंह ने इस्तीफे में क्या कहा?</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बीरेन सिंह ने राज्यपाल के नाम लिखे अपने इस्तीफे में कहा है, “अब तक मणिपुर के लोगों की सेवा करना सम्मान की बात रही है। मैं हर मणिपुरी के हितों की रक्षा के लिए समय पर कार्रवाई, हस्तक्षेप, विकास के काम और विभिन्न परियोजनाओं को अमल में लाने के लिए केंद्र सरकार का आभारी हूं। आपके कार्यालय (राज्यपाल) के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इसे जारी रखा जाए।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">साथ ही, बीरेन सिंह ने अपने इस्तीफे में केंद्र सरकार से कुछ मांगें भी की हैं जिनमें ‘हजारों वर्षों के समृद्ध इतिहास वाली मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखना’, ‘सीमा पर घुसपैठ पर नकेल कसना और अवैध अप्रवासियों के निर्वासन के लिए नीति बनाना’, ‘नशीली दवाओं और नार्को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखना’ और ‘बॉयोमैट्रिक को सख्ती से लागू करने के साथ एफएमआर (मुक्त आवाजाही व्यवस्था) के कड़े और संशोधित तंत्र को जारी रखना’ जैसी मांगे शामिल हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://pbs.twimg.com/media/GjWOOlNXsAAWy_y?format=jpg&amp;name=medium" alt="Image"/></figure>
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<h3 class="wp-block-heading">हिंसा के बाद से बीरेन पर था इस्तीफे का दबाव</h3>



<p class="wp-block-paragraph">2017 में पहली बार मणिपुर के मुख्यमंत्री बने बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का राज्य में यह लगातार दूसरा कार्यकाल था। मणिपुर में 3 मई 2023 से मैतेई और कुकी जनजाति के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से विपक्ष लगातार बीरेन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहा था। उन पर हिंसा पर नियंत्रण करने में नाकाम रहने के आरोप लगाए गए थे। गौरतलब है कि मणिपुर में हिंसा को लेकर कुछ हफ्तों पहले बीरेन सिंह ने लोगों से माफी भी मांगी थी। मणिपुर में हुई जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हज़ारों लोग बेघर हो&nbsp;<a href="https://indianexpress.com/article/india/manipur-cm-biren-singh-apologises-for-ethnic-conflict-9753192/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">गए थे</a>। हालांकि, पिछले करीब एक महीने से राज्य में शांति का माहौल है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>मकर संक्रांति पर अमित शाह ने उड़ाई पतंग, पत्नी ने थामी फिरकी</title>
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		<pubDate>Tue, 14 Jan 2025 07:30:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[गुजरात समेत देश के कई राज्यों में उत्तरायण पर्व पर आज पतंगबाजी का विशेष महत्व है। अहमदाबाद के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल आज मेमनगर इलाका स्थित शांति निकेतन अपार्टमेंट पहुंचे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पतंग उड़ाई और उनकी धर्मपत्नी ने फिरकी पकड़ी। ... <a title="मकर संक्रांति पर अमित शाह ने उड़ाई पतंग, पत्नी ने थामी फिरकी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/amit-shah-flew-kite-on-makar-sankranti-wife-held-it-and-spun-it/" aria-label="Read more about मकर संक्रांति पर अमित शाह ने उड़ाई पतंग, पत्नी ने थामी फिरकी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="643" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-47.png" alt="" class="wp-image-480016" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-47.png 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-47-300x188.png 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-47-768x482.png 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-47-150x94.png 150w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">गुजरात समेत देश के कई राज्यों में उत्तरायण पर्व पर आज पतंगबाजी का विशेष महत्व है। अहमदाबाद के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल आज मेमनगर इलाका स्थित शांति निकेतन अपार्टमेंट पहुंचे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पतंग उड़ाई और उनकी धर्मपत्नी ने फिरकी पकड़ी। अमित शाह और मुख्यमंत्री ने अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ शांति निकेतन अपार्टमेंट की छत से पतंग उड़ाकर उत्तरायण का जश्न मनाया। घाटलोडिया के बाद साबरमती विधानसभा में भी तीन स्थानों पर कार्यकर्ताओं के साथ पतंग उड़ाने जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। दोपहर में वे राणीप के आर्यविला अपार्टमेंट के निवासियों के साथ पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। वहां से वे साबरमती वार्ड स्थित अरहम फ्लैट्स के निवासियों के साथ पतंग महोत्सव में भाग लेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य की सबसे बड़ी पुलिस लाइन अहमदाबाद शहर में बनने जा रही है, जिसमें 920 घर होंगे, इन सभी में 13 मंजिला टावर और दो मंजिला पार्किंग बेसमेंट बनाया जाएगा। अहमदाबाद के घाटलोडिया क्षेत्र में बनने वाले इन मकानों में सभी पुलिस कर्मियों को फर्नीचर सहित मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।</p>
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		<title>अमित शाह ने द्वीप विकास एजेंसी की बैठक की अध्यक्षता की</title>
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		<pubDate>Fri, 03 Jan 2025 07:49:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में द्वीप विकास एजेंसी (आईडीए) की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। द्वीप विकास एजेंसी ने द्वीपों के समग्र विकास कार्यक्रम की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। गृह मंत्रालय के अनुसार बैठक में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल (रि.) डीके जोशी, लक्षद्वीप ... <a title="अमित शाह ने द्वीप विकास एजेंसी की बैठक की अध्यक्षता की" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/amit-shah-chairs-7th-meeting-of-island-development-agency/" aria-label="Read more about अमित शाह ने द्वीप विकास एजेंसी की बैठक की अध्यक्षता की">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1280" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-28.png" alt="" class="wp-image-478703" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-28.png 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-28-300x169.png 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-28-768x432.png 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/image-28-150x84.png 150w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में द्वीप विकास एजेंसी (आईडीए) की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। द्वीप विकास एजेंसी ने द्वीपों के समग्र विकास कार्यक्रम की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गृह मंत्रालय के अनुसार बैठक में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल (रि.) डीके जोशी, लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल, केंद्रीय गृहसचिव गोविंद मोहन, गृह, वाणिज्य, जनजातीय मामले, पर्यावरण एवं वन, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, दूरसंचार, शिपिंग, जल संसाधन, पृथ्वी विज्ञान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Telangana Election: चुनावी रैली में अमित शाह बोले-  भाजपा को छोड़कर तेलंगाना में हैं 2G, 3G और 4G पार्टियां</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/election-amit-shah-said-in-the-election-rally-except-bjp-there-are-2g-3g-and-4g-parties-in-telangana-news-in-hindi/</link>
		
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		<pubDate>Sat, 18 Nov 2023 10:41:10 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तेलंगाना यात्रा के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करेंगे। यहां घोषणापत्र जारी करने से पहले अमित शाह गडवाल, नलगोंडा और वारंगल में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। तीन नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान तेज करने ... <a title="Telangana Election: चुनावी रैली में अमित शाह बोले-  भाजपा को छोड़कर तेलंगाना में हैं 2G, 3G और 4G पार्टियां" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/election-amit-shah-said-in-the-election-rally-except-bjp-there-are-2g-3g-and-4g-parties-in-telangana-news-in-hindi/" aria-label="Read more about Telangana Election: चुनावी रैली में अमित शाह बोले-  भाजपा को छोड़कर तेलंगाना में हैं 2G, 3G और 4G पार्टियां">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/WhatsApp-Image-2023-11-18-at-4.11.46-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-423454" width="840" height="630" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तेलंगाना यात्रा के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणापत्र जारी करेंगे। यहां घोषणापत्र जारी करने से पहले अमित शाह गडवाल, नलगोंडा और वारंगल में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। तीन नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान तेज करने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में कई केंद्रीय मंत्री रैलियों में भाग लेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शाह ने बताया विपक्षी दलों के नाम का मतलब</p>



<p class="wp-block-paragraph">तेलंगाना के गडवाल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने जमकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने मंच से कहा, &#8220;कांग्रेस, टीआरएस और मजलिस ये तीनों 2जी, 3जी और 4जी पार्टियां हैं। 2जी का मतलब केसीआर और केटीआर है। ये दोनों दो पीढ़ियों से पार्टी चला रहे हैं।&#8221; इसी के आगे उन्होंने ये भी कहा, कि &#8220;ओवैसी की पार्टी भी 3जी है…तीन पीढ़ी से वही मालिक बने हुए हैं, और कांग्रेस 4जी पार्टी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अब राहुल गांधी…मेरी आपसे अपील है कि तेलंगाना को 2जी, 3जी और 4जी से मुक्त कराइए और चंद्रमा पर तिरंगा ले जाने वाले नरेंद्र मोदी जी को मौका दीजिए।&#8221; शाह ने कहा, &#8220;ये बीआरएस का मतलब होता है…B से भ्रष्टाचार, R से रिश्वत और S से समिति…पूरे भारत में अगर सबसे ज्यादा कहीं भ्रष्टाचार हुआ है, तो वह तेलंगाना में हुआ है।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">बीआरएस और कांग्रेस पहले जारी कर चुकी है घोषणापत्र</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के प्रमुख जी. किशन रेड्डी ने पहले कहा था कि राज्य इकाई ने पार्टी आलाकमान से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य में चार रैलियों को संबोधित करें और हम प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि सत्तारूढ़ बीआरएस और कांग्रेस पहले ही अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर चुके हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>लखनऊ में बोले, अमित शाह-CM योगी को फिर से जिताइए, हम उत्तर प्रदेश को नंबर एक बना देंगे</title>
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		<pubDate>Fri, 29 Oct 2021 09:35:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[अमित शाह]]></category>
		<category><![CDATA[मिशन 2022 :]]></category>
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					<description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज एक दिन के दौरे पर लखनऊ में हैं। उन्होंने डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर 1.50 करोड़ नए सदस्य जोड़ने के अभियान का शुभारंभ किया। शाह ने इस दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। कहा कि यहां 2017 से पहले सपा-बसपा का खेल चलता था, इसने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर ... <a title="लखनऊ में बोले, अमित शाह-CM योगी को फिर से जिताइए, हम उत्तर प्रदेश को नंबर एक बना देंगे" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%8a-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b9-cm-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97/" aria-label="Read more about लखनऊ में बोले, अमित शाह-CM योगी को फिर से जिताइए, हम उत्तर प्रदेश को नंबर एक बना देंगे">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="586" height="439" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2021/10/amit.jpg" alt="" class="wp-image-151155" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2021/10/amit.jpg 586w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2021/10/amit-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 586px) 100vw, 586px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज एक दिन के दौरे पर लखनऊ में हैं। उन्होंने डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर 1.50 करोड़ नए सदस्य जोड़ने के अभियान का शुभारंभ किया। शाह ने इस दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोला। कहा कि यहां 2017 से पहले सपा-बसपा का खेल चलता था, इसने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया। कैराना में पलायन हो रहा था। अब किसी की हिम्मत नहीं है, पलायन कराने वाले पलायन कर गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शाह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से दो बड़े सवाल किए। पूछा कि 5 साल में विदेश में कितने दिन रहे? कोरोना और बाढ़ के समय आप कहां थे? अखिलेश ने शासन खुद के लिए, परिवार के लिए और अपनी जाति के लिए किया है। कहा कि अखिलेश एंड कंपनी 2014, 2017 में हमें ताने मारती थी कि मंदिर वहीं बनाएंगे, तिथि नहीं बताएंगे। अखिलेश बाबू हमने तो नींव भी बना दी। आप तो 5 हजार रुपए का चंदा देने से भी चूक गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अखिलेश यादव को मैं याद दिलाता हूं कि आपकी पार्टी की सरकार में निर्दोष रामभक्तों को गोलियों से भून दिया गया था। आज उसी जगह पर रामलला शान के साथ गगनचुंबी मंदिर में विराजमान होने वाले हैं।<strong>शाह की बड़ी बातें</strong></p>



<ul class="wp-block-list"><li>दीपावली के बाद चुनाव तेज होगा। इस अभियान में पूरी ताकत के साथ जुटें। यही आग्रह है कि मोदीजी को एक और मौका दीजिए। योगीजी को फिर से जिताइए। हम उत्तर प्रदेश को नंबर एक बना देंगे। 2024 की नींव डालने का काम यह 2022 का चुनाव करेगा।</li><li>2014, 2017 और 2019 में सरकार बनी तो हम यहां इंचार्ज थे। पत्रकारों का फोन आया कि 1.86 करोड़ लोग सदस्य हैं तो फिर सदस्यता अभियान क्यों? चुनाव हमारे लिए सत्ता पाने का जरिया नहीं है, बल्कि अपनी विचारधारा को घर घर ले जाने की बात है। 46 लाख कार्यकर्ता हमारा एक एक परिवार को जोड़ने में लगा है।</li><li>हमारे यहां घोषणा पत्र कोई NGO नहीं बनाता। बल्कि पार्टी का सदस्य, 22 करोड़ की आबादी को जोड़कर बना था। हमने घोषणा पत्र के 90% वादे पूरे किए हैं। योगीजी चुनाव से पहले इसे 100% ले जाएंगे।</li><li>आज रात 12 बजे उत्तर प्रदेश की बच्ची त्योहार में गहने लादकर स्कूटी से निकल जाती है। गैस कनेक्शन देने के समय अखबार वाले मजाक उड़ाते थे, लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में हमने 11 करोड़ कनेक्शन दिए। देश के 60 करोड़ लोगों को 5 लाख तक का बीमा दे रहे हैं। अब हर घर में नल से जल की योजना है। इसमें भी हम कामयाब होकर रहेंगे।</li><li>उत्तर प्रदेश के बिना भाजपा की सरकार नहीं बन सकती। मोदी दोनों बार जीते हैं तो उसका पूरा सम्मान यहां की जनता को जाता है। दिल्ली का रास्ता लखनऊ होकर जाता है। आपने मोदीजी को जितना दिया तो उसका वे 3 गुना देते हैं।</li><li>2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश देश की 7वीं अर्थव्यवस्था थी, आज UP देश की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया है। अखिलेश बाबू आप UP का बजट 10 लाख करोड़ रुपए का छोड़कर गए थे। योगी जी ने अंतरिम बजट 21.31 लाख करोड़ रुपए का रखा है।</li><li>कुछ राजनीतिक पार्टियां ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए समाज सेवा का कार्य करती हैं। कुछ राजनीतिक पार्टियां ऐसी होती हैं जैसे बारिश में मेंढक बाहर आ जाता है, ऐसे चुनावी मेंढक भी चुनाव के समय ही बाहर आते हैं।</li><li>एक बहुत बड़ा परिवर्तन उत्तर प्रदेश में और देश में मोदी और योगी सरकार ने करने का कार्य किया है। आपने दोबारा दो तिहाई बहुमत दिया, मोदी जी ने राम जन्मभूमि का शिलान्यास कर दिया और देखते-देखते आज आसमान को छूने वाला भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है।</li></ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गृहमंत्री बनने के बाद पहली बार पार्टी कार्यक्रम में होंगे शाह</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अब अमित शाह पार्टी दफ्तर जाएंगे। वे गृहमंत्री बनने के बाद पहली बार दफ्तर पहुंचे। शाम 3 बजे से पार्टी दफ्तर में बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। इसी बैठक में चुनावी तैयारियों का ब्लू प्रिंट फाइनल होगा। शाह का यह दौरा UP में विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2022 में हम 300 सीट से ज्यादा जीतेंगे</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">डिप्टी CM दिनेश शर्मा ने कहा है हमने जो 5 साल में किया वो सपा-बसपा ने 15 साल में कुछ नहीं किया। धारा 370 हटाने की बात कोई करता था तो लोग बोलते थे कि भाजपा वाले झूठ बोल रहे हैं, लेकिन अमित शाह ने वन, टू और थ्री बोलते हुए कश्मीर को फ्री कर दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2014 में किसी ने सोचा नहीं था कि 10 सांसद से हम 73 तक जाएंगे, लेकिन अमित शाह ने ऐसा कर दिखाया। अब 2022 में भी हम 300 से ज्यादा सीट लेकर आएंगे। अमित शाह का यहां आना ही हमारी जीत का प्रतीक है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि अटल ने राजधर्म और नरेंद्र मोदी ने सेवा धर्म सिखाया। कार्यकर्ताओं को सम्मान अमित शाह ने दिलाया। अब रात 12 बजे बेटी होटल और रेस्टोरेंट से खाना खाने के बाद निकल सकती है। सपा और बसपा की सरकार में लोग दिन में निकलने से डरते थे। सपा सरकार में नौकरी के लिए सैफई से सूची आती थी लेकिन अब समाज के हर वर्ग को नौकरी मिल रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सदस्यता अभियान कार्यक्रम में 14 हजार कार्यकर्ता</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">भाजपा के सदस्यता अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में अवध क्षेत्र के 14000 कार्यकर्ता मौजूद रहे। अवध क्षेत्र में कुल 82 विधानसभा सीटें हैं। हर एक विधानसभा से लोगों को बुलाया गया है। ये सभी लोग कार्यक्रम स्थल पर ही पार्टी की सदस्यता ली है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है यह अभियान</strong><br>उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने जो रणनीति तैयार की है, उसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पार्टी के इस सदस्यता अभियान की है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में भाजपा के लगभग ढाई करोड़ प्राथमिक सदस्य हैं। BJP की तैयारी है कि जनवरी तक इस सदस्यता अभियान में डेढ़ करोड़ नए सदस्य शामिल करते हुए इस संख्या को 4 करोड़ तक पहुंचाया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पार्टी पदाधिकारियों के साथ करेंगे बैठक</strong><br>सदस्यता अभियान के बाद गृहमंत्री अमित शाह दोपहर में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान गोमती नगर पहुंचकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे। बैठक में पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, लोकसभा चुनाव 2019 में लोकसभा के प्रभारी व संयोजक शामिल होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद शाह पार्टी के राज्य मुख्यालय में पहुंचेंगे। पार्टी के राज्य मुख्यालय पर प्रदेश प्रभारी-सह प्रभारी, प्रदेश चुनाव प्रभारी-सह प्रभारियों सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ भी बैठक भी करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>संगठन की बैठक में होगी चुनावी चर्चा</strong><br>शाम की यह बैठक बेहद खास मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारियों के साथ इस अहम बैठक में शाह फीडबैक लेंगे। कहा जा रहा है कि पार्टी ने जो इंटरनल सर्वे कराया है उसके आधार पर वर्तमान विधायकों के टिकट काटने को लेकर चर्चा हो सकती है। खबर है कि इस बार भी 100 से ज्यादा विधायकों का टिकट काटा जा सकता है।</p>
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		<title>झारखंड विधानसभा चुनाव : BJP ने की 52 उम्मीदवारों की घोषणा, 10 विधायकों पर पार्टी के भरोसा नहीं !</title>
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		<pubDate>Mon, 11 Nov 2019 05:25:10 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-40061" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/817981e19fc1ed4a1c40e5edceebfc2c_342_660.jpg" alt="" width="926" height="617" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/817981e19fc1ed4a1c40e5edceebfc2c_342_660.jpg 513w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/817981e19fc1ed4a1c40e5edceebfc2c_342_660-300x200.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 926px) 100vw, 926px" /></p>
<p>रांची । झारखंड विधानसभा के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 52 उम्मीदवारों के सूची रविवार की शाम दिल्ली में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने जारी की।</p>
<p>केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले पांच साल में किये गये बेहतर कामों का मूल्यांकन करते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री रघुवर दास पर भरोसा जताते हुए उनके निर्णय पर मुहर लगा दी। हालांकि पहली सूची में 10 सीटिंग विधायकों के नाम काट गये हैं। उनकी जगह पर नये नामों की घोषणा हुई है। हालांकि अभी कई बड़े नामों की घोषणा भी नहीं हुई है। इनमें ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, विधायक सरयू राय, बोकारो विधायक विरंची नारायण, चंदनकियारी से अमर बाउरी सहिर लोहरदगा सीट शामिल हैं।</p>
<p>जिन लोगों के टिकट कटे हैं उनमें छतरपुर से राधाकृष्ण किशोर हैं। पार्टी के इंटरनल सर्वे में काफी कमजोर रिपोर्टिंग थी। साथ ही क्षेत्र की जनता भी उनसे संतुष्ट नहीं थी। उनकी जगह पर अभी हाल में भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद मनोज भुइयां की पत्नी पुष्पा देवी को मौका दिया गया है। पुष्पा पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं।</p>
<p>संथाल परगना पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का विशेष ध्यान है। रघुवर दास झारखंड अलग राज्य बनने के बाद सबसे ज्यादा संथाल परगना का दौरा करने मुख्यमंत्री रहे हैं। वहां जनचौपाल लगाकर कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का काम किया। इसके साथ ही कई योजनाएं लागू की। लेकिन, संथाल के बोरियो विधानसभा से विधायक रह चुके ताला मरांडी का टिकट काटने के पीछे की कई वजहें सामने आ रही हैं।</p>
<p>लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। उनके झारखंड मुक्ति मोर्चा में जाने की चर्चा थी। उनकी हेमंत से भी मुलाकात हो चुकी थी, लेकिन बाद में बात नहीं बन पाई। एसटी कोटे की विधानसभा सीट बोरियो से ताला मरांडी की जगह सूर्या बेसरा को मौका दिया गया है।</p>
<p>मनिका से वर्तमान विधायक रहे हरेकृष्ण सिंह की भी फीडबैक खराब मिली थी। पार्टी के तीनों सर्वे में भी उनकी रिपोर्ट सही नहीं थी। परफॉर्मेंस खराब पाया गया था। एसटी कोटे की इस सीट पर हरेकृष्ण सिंह की जगह पर रघुपाल सिंह को टिकट दिया गया है।भाजपा से झरिया विधायक संजीव सिंह हत्या के आरोप में जेल में हैं। हालांकि संजीव की जगह पर उनकी पत्नी रागिनी सिंह को टिकट दिया गया है।</p>
<p>सिंदरी से वर्तमान विधायक फूलचंद मंडल से भाजपा ने किनारा कर लिया। इसकी कई वजहें हैं, लेकिन मुख्य रूप से उनकी अधिक उम्र और क्षेत्र में सक्रियता कम होना बताया जाता है। हालांकि फूलचंद से ज्यादा उम्र के एक प्रत्याशी को भी टिकट दी गई है। फूलचंद की जगह इंद्रजीत महतो को टिकट मिला है।</p>
<p>घाटशिला विधायक लक्ष्मण टुडू केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के काफी करीबी माने जाते हैं। विधान चुनाव के लिए कराये गये सर्वे में इनकी भी परफॉर्मेंस अच्छी नहीं पायी गई थी। उनकी जगह पर लखन मार्डी को मौका दिया गया है।</p>
<p>चतरा से विधायक रहे जयप्रकाश भोक्ता ओबीसी पर पार्टी ने भरोसा नहीं जताया। उनकी जगह पर राष्ट्रीय जनता दल से आये भाजपा में शामिल हुए जनार्दन पासवान को तरजीह दी गई। जनार्दन पासवान को लोकसभा चुनाव के समय पासवान समाज को गोलबंद करने और संगठन की मजबूती के लिए पार्टी में शामिल कराया गया था।</p>
<p>गुमला विधायक शिवशंकर उरांव पर पार्टी के भरोसा नहीं जताने के पीछे लोकसभा चुनाव में उनके क्षेत्र में पार्टी का खराब प्रदर्शन बताया जाता है। पिछला विधानसभा चुनाव भी शिवशंकर काफी कम मार्जिन से जीते थे। उनकी जगह पर भाजपा ने युवा प्रत्याशी मिसिर कुजूर को उम्मीदवार बनाया है।</p>
<p>विमला प्रधान के विधानसभा क्षेत्र सिमडेगा से लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मुंडा काफी मतों से पीछे रहे थे। इसके साथ ही क्षेत्र से फीडबैकिंग सही नहीं थी। सर्वे रिपोर्ट भी ठीक नहीं थी। विमला की जगह पर सदानंद बेसरा को टिकट दिया गया है।</p>
<p>सिमरिया से विधायक रहे गणेश गंझू के टिकट कटने के पीछे शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी बतायी जाती है। दो माह पहले सितंबर में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यक्रम से भी उन्होंने दूरी बनाई थी और संकल्प सभा में शामिल नहीं हुए थे। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार के लिए काम करने के भी आरोप लगे थे। संगठन की बैठक और कार्यक्रम में भी शामिल नहीं होते थे। उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर जीता था। फिर भाजपा में शामिल हो गये थे। इसके बाद उन्हें झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद का अध्यक्ष बनाया गया था। परिषद के एमडी के साथ उनका तालमेल नहीं बैठ पा रहा था। एमडी पर मनमानी नियुक्ति और उनके निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए गंझू ने इस्तीफा दे दिया था।</p>
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