<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अमेरिकी सीनेट &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Sat, 08 Aug 2026 04:51:35 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.3</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>अमेरिकी सीनेट &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>ट्रंप का एक और नया दांव : अमेरिकी सीनेट से पास हुआ कड़ा प्रतिबंध बिल, रूसी तेल खरीदारों पर मंडराया 100% टैरिफ का खतरा&#8230;भारत के लिए क्या चुनौती</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 04:51:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[CREA energy statistics]]></category>
		<category><![CDATA[Crude Oil Price India]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump 100 percent tariff]]></category>
		<category><![CDATA[EIA Russian oil data]]></category>
		<category><![CDATA[India Russia crude oil import]]></category>
		<category><![CDATA[India US trade impact]]></category>
		<category><![CDATA[Indian rupee against dollar]]></category>
		<category><![CDATA[Lindsey Graham Act]]></category>
		<category><![CDATA[petrol diesel price impact]]></category>
		<category><![CDATA[US Senate Russia Sanctions Bill 2026]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी सीनेट]]></category>
		<category><![CDATA[ऊर्जा सुरक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ]]></category>
		<category><![CDATA[पेट्रोल डीजल की कीमतें]]></category>
		<category><![CDATA[भारत पर अमेरिकी टैरिफ का असर]]></category>
		<category><![CDATA[भारत रूस ऊर्जा व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[रूस पर प्रतिबंध बिल 2026]]></category>
		<category><![CDATA[रूसी तेल आयात]]></category>
		<category><![CDATA[लिंडसे ग्राहम एक्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=522485</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका की सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदारों पर चौतरफा शिकंजा कसने के इरादे से एक बेहद सख्त विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के निशाने पर सीधे तौर पर भारत और चीन जैसे बड़े देश आ गए हैं। वाशिंगटन का स्पष्ट तर्क है कि मॉस्को के साथ ... <a title="ट्रंप का एक और नया दांव : अमेरिकी सीनेट से पास हुआ कड़ा प्रतिबंध बिल, रूसी तेल खरीदारों पर मंडराया 100% टैरिफ का खतरा&#8230;भारत के लिए क्या चुनौती" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/" aria-label="Read more about ट्रंप का एक और नया दांव : अमेरिकी सीनेट से पास हुआ कड़ा प्रतिबंध बिल, रूसी तेल खरीदारों पर मंडराया 100% टैरिफ का खतरा&#8230;भारत के लिए क्या चुनौती">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 data-path-to-node="0"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-522486" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/e20_petrol_saved_thousands_rupees_every_month_1725101186456_1772936786610.jpg" alt="" width="640" height="360" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/e20_petrol_saved_thousands_rupees_every_month_1725101186456_1772936786610.jpg 640w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/e20_petrol_saved_thousands_rupees_every_month_1725101186456_1772936786610-300x169.jpg 300w" sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></h1>
<p data-path-to-node="1">अमेरिका की सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख खरीदारों पर चौतरफा शिकंजा कसने के इरादे से एक बेहद सख्त विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के निशाने पर सीधे तौर पर भारत और चीन जैसे बड़े देश आ गए हैं। वाशिंगटन का स्पष्ट तर्क है कि मॉस्को के साथ जारी यह व्यापक ऊर्जा व्यापार यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग को लगातार वित्तीय ईंधन दे रहा है।</p>
<p data-path-to-node="2">सदन में 86-11 के भारी बहुमत से पारित इस विधेयक का नाम बदलकर &#8216;लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026&#8217; रखा गया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों के आयातित सामानों पर सीधे 100 प्रतिशत तक का दंडात्मक टैरिफ लगाने का विशेष अधिकार देता है, जो रूसी तेल और गैस के शीर्ष पांच आयातकों की सूची में शामिल हैं। सीनेट से मुहर लगने के बाद अब यह अहम बिल आगामी 31 अगस्त को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (सदन) की बैठक के दौरान अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।</p>
<h3 data-path-to-node="3">सीनेट में क्यों तेज हुई इस सख्त कानून की हलचल</h3>
<p data-path-to-node="4">इस विधेयक को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लुमेंथल का मजबूत द्विदलीय समर्थन हासिल था। कीव की यात्रा के बाद ग्राहम के अचानक हुए दुखद निधन के पश्चात दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने यूक्रेन के अटूट सहयोगी के रूप में उनकी विरासत को सम्मान देने और इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने के लिए नए सिरे से ठोस प्रयास किए।</p>
<p data-path-to-node="5">दिवंगत सीनेटर की बहन डार्लिन ग्राहम, जिन्हें उनकी मृत्यु के बाद खाली हुई सीट पर नियुक्त किया गया है, ने इस मौके पर कहा कि यह कानून उन मुख्य देशों को, जो रूस की पूरी अर्थव्यवस्था को संभाले हुए हैं, एक स्पष्ट और अहम फैसला लेने पर मजबूर करता है। उनके पास अब केवल दो विकल्प होंगे—वे अमेरिका के साथ व्यापार जारी रखें या फिर सस्ता रूसी तेल खरीदें।</p>
<p data-path-to-node="6">दूसरी तरफ, अमेरिका के कुछ डेमोक्रेट नेताओं ने इस बात पर चिंता जताई है कि यह बिल ट्रंप प्रशासन को टैरिफ से जुड़े असीमित और नए अधिकार सौंप देगा। डेमोक्रेटिक कांग्रेस सदस्यों ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर ने कानून की तीखी आलोचना करते हुए साझा बयान में कहा कि हालांकि वे यूक्रेन का समर्थन करने के पक्षधर हैं, लेकिन यह बिल राष्ट्रपति को ऐसे व्यापक अधिकार दे देगा जिनका इस्तेमाल मनमाने ढंग से किया जा सकता है। इसका अंतिम वित्तीय बोझ अमेरिकी नागरिकों को ही उठाना पड़ सकता है।</p>
<h3 data-path-to-node="7">रूस से ऊर्जा खरीदने वाले शीर्ष देशों की सूची</h3>
<p data-path-to-node="8">वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, रूस से कच्चे तेल और गैस के सबसे बड़े आयातकों में चीन, भारत, अज़रबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। प्रस्तावित बिल में न केवल ऊर्जा व्यापार पर नकेल कसने की योजना है, बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई शीर्ष नेताओं, अधिकारियों और वित्तीय संस्थानों पर कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रावधान भी शामिल है। इसके अलावा, यह बिल &#8216;ईरान प्रतिबंध कानून 1996&#8217; की समय सीमा को बढ़ाकर 2031 तक कर देगा, जिससे ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर भी गाज गिर सकती है।</p>
<p data-path-to-node="9">यदि रूस से होने वाले कुल ऊर्जा आयात के आंकड़ों को समझें, तो कच्चे तेल के मामले में वैश्विक परिदृश्य काफी स्पष्ट है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के दिसंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक के संचयी डेटा के मुताबिक, रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन (47%) है, जबकि भारत (38%) दूसरे स्थान पर कायम है। यानी रूस के कुल निर्यातित कच्चे तेल का करीब 85 फीसदी हिस्सा अकेले भारत और चीन मिलकर खरीद रहे हैं। इसके बाद तुर्की (6%) और यूरोपीय संघ (6%) का नंबर आता है।</p>
<p data-path-to-node="10">यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में चीन ने लगभग 22 लाख बैरल प्रतिदिन और भारत ने करीब 17 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल रूस से खरीदा। वहीं 2025 की पहली छमाही में चीन का आयात 20 लाख बैरल प्रतिदिन और भारत का आयात 16 लाख बैरल प्रतिदिन दर्ज किया गया। हालांकि, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के बाजार में तुर्की 27 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा खरीदार है, जिसके बाद चीन (13%), ब्राजील (11%) और भारत (8%) का स्थान है। पाइपलाइन गैस में यूरोपीय संघ (35%) और तुर्की (28%) तथा एलएनजी (LNG) में यूरोपीय संघ (49%) सबसे आगे हैं।</p>
<h3 data-path-to-node="11">भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार पर संभावित असर</h3>
<p data-path-to-node="12">अमेरिकी सीनेट के इस कदम का भारत पर बहुआयामी और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसे मुख्य रूप से सात बड़े बिंदुओं के जरिए समझा जा सकता है:</p>
<p data-path-to-node="13"><b data-path-to-node="13" data-index-in-node="0">1. भारतीय निर्यात क्षेत्र पर भारी दबाव:</b> यदि अमेरिका रूसी तेल आयात करने वाले देशों के उत्पादों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान बेहद महंगे हो जाएंगे। इससे भारत के कपड़ा, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल और कई अन्य प्रमुख निर्यात उद्योगों को भारी नुकसान हो सकता है।</p>
<p data-path-to-node="14"><b data-path-to-node="14" data-index-in-node="0">2. सस्ता क्रूड ऑयल मिलना होगा मुश्किल:</b> भारत वर्तमान में अपनी रिफाइनरियों के लिए बड़ी मात्रा में रियायती रूसी कच्चा तेल खरीद रहा है। कड़े प्रतिबंधों और टैरिफ के खतरे के कारण भारतीय रिफाइनरों को मजबूरन सऊदी अरब, इराक, यूएई और अमेरिका जैसे पारंपरिक तथा महंगे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ेगा।</p>
<p data-path-to-node="15"><b data-path-to-node="15" data-index-in-node="0">3. ऑयल इंपोर्ट बिल में तेज बढ़ोतरी:</b> सस्ता रूसी क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा संबल रहा है। यदि भारत को महंगे अंतरराष्ट्रीय बाजार से क्रूड खरीदना पड़ा, तो देश का कुल कच्चा तेल आयात बिल काफी बढ़ जाएगा, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।</p>
<p data-path-to-node="16"><b data-path-to-node="16" data-index-in-node="0">4. घरेलू ईंधन कीमतों पर अप्रत्यक्ष असर:</b> 100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का अर्थ यह कतई नहीं है कि भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम सीधे 100 फीसदी बढ़ जाएंगे। टैरिफ का मुख्य प्रहार अमेरिका भेजे जाने वाले भारतीय सामानों पर होगा। हालांकि, वैकल्पिक तेल महंगा मिलने और आयात लागत बढ़ने से भारत के घरेलू ऊर्जा बाजार पर अप्रत्यक्ष महंगाई का असर जरूर दिख सकता है।</p>
<p data-path-to-node="17"><b data-path-to-node="17" data-index-in-node="0">5. भारतीय रुपये पर बढ़ेगा दबाव:</b> रूसी क्रूड के स्थान पर महंगे विदेशी क्रूड की खरीदारी के लिए भारत को अधिक अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की बढ़ती मांग व्यापार घाटे को चौड़ा करेगी, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट आ सकती है।</p>
<p data-path-to-node="18"><b data-path-to-node="18" data-index-in-node="0">6. भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं पर आंच:</b> रूसी ऊर्जा की निरंतर खरीद भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। टैरिफ का यह नया डर नई दिल्ली पर अपनी ऊर्जा नीति को बदलने का राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।</p>
<p data-path-to-node="19"><b data-path-to-node="19" data-index-in-node="0">7. ऊर्जा सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती:</b> भारत अपनी कच्चे तेल की कुल आवश्यकता का लगभग 88 से 89 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की आयात निर्भरता 88.2% रही, जो वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में बढ़कर करीब 88.6% तक पहुंच गई। ऐसे में रूस से तेल की खरीद कम करना केवल एक राजनयिक फैसला नहीं है, बल्कि इसका सीधा ताल्लुक देश की संपूर्ण ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार घाटे और आम जनता की जेब से जुड़ा हुआ है।</p>
<p data-path-to-node="21"><b> </b></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-08-08 12:03:11 by W3 Total Cache
-->