<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>इतिहास &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 31 Aug 2026 07:25:38 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.1</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>इतिहास &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Duleep Trophy: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका, 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/duleep-trophy-15-year-old-vaibhav-suryavanskeg-a-57-year-old-record/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/duleep-trophy-15-year-old-vaibhav-suryavanskeg-a-57-year-old-record/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 07:25:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Duleep Trophy]]></category>
		<category><![CDATA[Duleep Trophy 2026:]]></category>
		<category><![CDATA[अभिमन्यु ईश्वरन]]></category>
		<category><![CDATA[इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[ईस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी]]></category>
		<category><![CDATA[सेंट्रल जोन]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्राइक रेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=524341</guid>

					<description><![CDATA[Duleep Trophy 2026: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया है। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में महज 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ... <a title="Duleep Trophy: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका, 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/duleep-trophy-15-year-old-vaibhav-suryavanskeg-a-57-year-old-record/" aria-label="Read more about Duleep Trophy: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने मचाया तहलका, 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-524343" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/image-2026-08-31T125317.113-1-300x169.jpg" alt="" width="1188" height="669" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/image-2026-08-31T125317.113-1-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/image-2026-08-31T125317.113-1-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/image-2026-08-31T125317.113-1-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/08/image-2026-08-31T125317.113-1.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1188px) 100vw, 1188px" /></p>
<p class="isSelectedEnd"><strong>Duleep Trophy 2026:</strong> युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के अपने दूसरे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया है। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में महज 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने करीब 57 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैभव की उम्र 31 अगस्त 2026 को <strong>15 साल 157 दिन</strong> है। इससे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था, जिन्होंने 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक लगाया था। इस सूची में पीयूष चावला का नाम भी शामिल है, जिन्होंने 2005 में 16 साल 307 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़ा था।</p>
<h2>पहले मैच में सिर्फ 8 रन बना पाए थे वैभव</h2>
<p class="isSelectedEnd">दलीप ट्रॉफी के इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ईस्ट जोन का हिस्सा हैं। टीम ने अपना पहला मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेला था और जीत दर्ज की थी। हालांकि, इस मैच में वैभव बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके और सिर्फ <strong>8 रन</strong> बनाकर आउट हो गए थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">हालांकि, उन्होंने गेंदबाजी में जरूर प्रभाव छोड़ा और मुकाबले में <strong>दो विकेट</strong> हासिल किए। मैच की दूसरी पारी में ईस्ट जोन को बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि टीम ने पारी के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया था।</p>
<h2>सेंट्रल जोन के खिलाफ दिखाया आक्रामक अंदाज</h2>
<p class="isSelectedEnd">दूसरे मुकाबले में ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से हो रहा है। सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए <strong>266 रन</strong> बनाए। इसके जवाब में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की।</p>
<p class="isSelectedEnd">वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और तेजी से रन बनाए। उन्होंने सिर्फ <strong>42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा</strong> कर लिया। इस दौरान उनके बल्ले से एक छक्का भी आया। उनकी पारी के दौरान विरोधी टीम को उनके दो कैच के मौके मिले, लेकिन दोनों मौकों पर कैच नहीं पकड़े जा सके।</p>
<h2>57 साल पुराना रिकॉर्ड किया ध्वस्त</h2>
<p class="isSelectedEnd">अर्धशतक पूरा करते ही वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 15 साल 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करके उन्होंने लक्ष्मण सिंह का करीब 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">सबसे कम उम्र में दलीप ट्रॉफी अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अब वैभव सूर्यवंशी पहले स्थान पर हैं। उनके बाद लक्ष्मण सिंह और पीयूष चावला का नाम आता है।</p>
<h2>92 रन बनाकर शतक से चूके</h2>
<p class="isSelectedEnd">अर्धशतक पूरा करने के बाद भी वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। हालांकि, वह शतक पूरा करने से सिर्फ <strong>8 रन दूर</strong> रह गए। वैभव ने <strong>79 गेंदों पर 92 रन</strong> की शानदार पारी खेली।</p>
<p class="isSelectedEnd">उनकी इस पारी में <strong>7 चौके और 7 छक्के</strong> शामिल रहे। उन्होंने 116.46 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। शतक पूरा करने की कोशिश में एक और बड़ा शॉट खेलने के दौरान वह आउट हो गए।</p>
<p>वैभव की इस पारी ने एक बार फिर दिखा दिया कि कम उम्र के बावजूद वह बड़े मंच पर आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं। दलीप ट्रॉफी के दूसरे मैच में उन्होंने न केवल शानदार पारी खेली, बल्कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/duleep-trophy-15-year-old-vaibhav-suryavanskeg-a-57-year-old-record/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रयागराज : नैनी के शक्ति दुबे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यूपीएससी 2024 में टॉप कर रचा इतिहास</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/prayagraj-shakti-dubey-of-naini-created-history-by-topping-upsc-2024-with-his-hard-work-and-dedication/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 22 Apr 2025 16:43:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[2024]]></category>
		<category><![CDATA[DAINIK BHASKAR]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh news]]></category>
		<category><![CDATA[इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[कड़ी]]></category>
		<category><![CDATA[टॉप]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज]]></category>
		<category><![CDATA[मेहनत]]></category>
		<category><![CDATA[यूपीएससी]]></category>
		<category><![CDATA[लगन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=490299</guid>

					<description><![CDATA[प्रयागराज। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने प्रथम रैंक (AIR-1) हासिल कर शहर और देश का नाम रोशन किया है। इस वर्ष कुल 1,009 उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय ... <a title="प्रयागराज : नैनी के शक्ति दुबे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यूपीएससी 2024 में टॉप कर रचा इतिहास" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/prayagraj-shakti-dubey-of-naini-created-history-by-topping-upsc-2024-with-his-hard-work-and-dedication/" aria-label="Read more about प्रयागराज : नैनी के शक्ति दुबे ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यूपीएससी 2024 में टॉप कर रचा इतिहास">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1605" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26.jpg" alt="" class="wp-image-490303" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26.jpg 1605w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-300x168.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-768x431.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1536x861.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 1605px) 100vw, 1605px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रयागराज।</strong> संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने प्रथम रैंक (AIR-1) हासिल कर शहर और देश का नाम रोशन किया है। इस वर्ष कुल 1,009 उम्मीदवारों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और B) के लिए चुना गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शक्ति दुबे ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि हर्षिता गोयल ने दूसरा और डोंगरे अर्चित पराग ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शाह मार्गी चिराग (4), आकाश गर्ग (5), कोमल पुनिया (6), आयुषी बंसल (7), राज कृष्ण झा (8), आदित्य विक्रम अग्रवाल (9) और मयंक त्रिपाठी (10) शीर्ष 10 में शामिल हैं। 1,132 रिक्तियों के मुकाबले 1,009 उम्मीदवारों को चुना गया है। इसमें 335 सामान्य वर्ग, 109 EWS, 318 OBC, 160 SC, 87 ST और 45 दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवार शामिल हैं। 241 उम्मीदवारों का परिणाम अस्थायी रखा गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूपीएससी ने 230 उम्मीदवारों की एक समेकित रिजर्व लिस्ट भी जारी की है, जिसमें 115 सामान्य, 35 EWS, 59 OBC, 14 SC, 6 ST और 1 PwBD उम्मीदवार शामिल हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 की प्रारंभिक परीक्षा 16 जून 2024 को, मुख्य परीक्षा 20-29 सितंबर 2024 को और साक्षात्कार (पर्सनैलिटी टेस्ट) 7 जनवरी से 17 अप्रैल 2025 तक आयोजित हुए। कुल 5-6 लाख उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी, जिनमें से 2,845 ने साक्षात्कार के लिए क्वालिफाई किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शक्ति दुबे की उपलब्धि &#8211;</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="914" height="596" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1.jpeg" alt="" class="wp-image-490304" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1.jpeg 914w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1-300x196.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1-768x501.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-22-at-20.42.26-1-150x98.jpeg 150w" sizes="(max-width: 914px) 100vw, 914px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">मामा भांजा तालाब, नैनी, प्रयागराज की शक्ति दुबे ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से यूपीएससी 2024 में टॉप कर इतिहास रचा है। शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से बायोकैमेस्ट्री में एमएससी की है। 2018 में पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद शक्ति दुबे ने सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और शहर को गौरवान्वित किया है, बल्कि लाखों यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं। शक्ति की सफलता पर सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। शक्ति दुबे की माता जी व पिता जी साधारण स्वभाव के हैं। मीडियाकर्मियों के पहुंचते ही शक्ति दुबे की माता जी ने मीडिया कर्मियों को मीठा खिलाया और सभी मीडिया बंधुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीतापुर के 625 लोगों ने रक्तदान कर रचा इतिहास</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/625-people-of-sitapur-created-history-by-donating-blood/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Mar 2025 15:36:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सीतापुर]]></category>
		<category><![CDATA[625 लोगों]]></category>
		<category><![CDATA[DAINIK BHASKAR]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh news]]></category>
		<category><![CDATA[इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[रक्तदान]]></category>
		<category><![CDATA[रचा]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=487286</guid>

					<description><![CDATA[सीतापुर। रविवार को सुबह से ही रक्तदान करने के लिए युवाओं का तांता लगा रहा। रक्तदान महोत्सव में विभिन्न संस्थाओं जेसीआई, आजाद हिंद भगत संगठन, मारवाड़ी युवा मंच, अग्रवाल सभा, इनर व्हील, रोटरी क्लब, सिंधी सभा, स्वर्णकार सभा, बल्ड कनेक्ट, कायस्थ कल्याण संस्थान, डोर फाउंडेशन, एक नई उड़ान, आपकी आस ,गायत्री परिवार, पतंजलि योगपीठ, पहल, ... <a title="सीतापुर के 625 लोगों ने रक्तदान कर रचा इतिहास" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/625-people-of-sitapur-created-history-by-donating-blood/" aria-label="Read more about सीतापुर के 625 लोगों ने रक्तदान कर रचा इतिहास">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1467" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-23T210314.604.jpg" alt="" class="wp-image-487287" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-23T210314.604.jpg 1467w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-23T210314.604-300x184.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-23T210314.604-768x471.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-23T210314.604-150x92.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1467px) 100vw, 1467px" /></figure>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>शहीद दिवस के उपलक्ष में आयोजित दो दिवसीय रक्तदान महोत्सव हुआ संपन्न</strong></li>
</ul>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>दो दिवसीय रक्तदान शिवर रक्तदान महोत्सव दान की परंपरा का गवाह बना</strong></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सीतापुर।</strong> रविवार को सुबह से ही रक्तदान करने के लिए युवाओं का तांता लगा रहा। रक्तदान महोत्सव में विभिन्न संस्थाओं जेसीआई, आजाद हिंद भगत संगठन, मारवाड़ी युवा मंच, अग्रवाल सभा, इनर व्हील, रोटरी क्लब, सिंधी सभा, स्वर्णकार सभा, बल्ड कनेक्ट, कायस्थ कल्याण संस्थान, डोर फाउंडेशन, एक नई उड़ान, आपकी आस ,गायत्री परिवार, पतंजलि योगपीठ, पहल, राम कृपा सेवा संस्थान, नमो नारायणी शाखा, आदि के कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने 419 यूनिट रक्तदान कर रक्तदान की परंपरा में एक नया इतिहास लिखा। दोनों दिन मिलाकर कुल 625 लोगों ने रक्तदान किया। अंतिम दिवस में बलरामपुर अस्पताल लखनऊ, यज्ञ ब्लड सेंटर लखनऊ, अनीता चौरिटेबल ब्लड सेंटर सीतापुर, हरदोई जिला चिकित्सालय रक्तकोष ने रक्त संग्रह किया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">रक्तदानियों को सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य क्लॉडियस अलमीड़ा, एमएलसी पवन सिंह चौहान, अपर पुलिस महानिदेशक डॉक्टर आरके स्वर्णकार, जेल अधीक्षक सुरेश कुमार सिंह, पूर्व राज्य मंत्री कुमार अशोक पांडे, पूर्व विधायक विस्वान, महेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक महोली अनूप गुप्ता समाजसेवी संजीव गुप्ता टिंचू, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष अचिन मल्होत्रा, राकेश त्रिपाठी, साकेत मिश्रा, आदि ने उपहार देकर प्रोत्साहित किया वहीं रक्तदान के अंतिम दिवस में सागर गुप्ता, संदीप गुप्ता, विजय जायसवाल, विक्रम सिंह, अशोक सिंह, प्रधान चंदन सिंह, संजय लोधी, समाज सेवी ज्ञानेंद्र सिंह, जूही जायसवाल, अमित सक्सेना, अमन कृष्णा, हार्दिक मिश्रा, विवेक अग्रवाल मिंटू, नितेश अग्रवाल, रचित अग्रवाल, सुमित गुप्ता, हर्षित गुप्ता, शीतल अग्रवाल, पूनम भारद्वाज, चंद्रकला अग्रवाल, अर्चना जगबानी, श्रुति शुक्ला, विकास वाधवानी, सरदार इंद्रपाल सिंह, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, आदि ने प्रमुख रूप से रक्तदान कर शहीद दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रिपोर्ट : भारत नहीं, इस देश में खेली गई थी पहली होली…जानिए कैसा है अब वो स्थान</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Mar 2025 13:43:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[होली]]></category>
		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Temple]]></category>
		<category><![CDATA[history]]></category>
		<category><![CDATA[holi]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan]]></category>
		<category><![CDATA[इतिहास]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान]]></category>
		<category><![CDATA[मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदू]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=486158</guid>

					<description><![CDATA[पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों की खस्ता हालत की खबरें लगातार आती रही हैं। हालांकि कई मंदिर ऐसे भी हैं जिनकी कोई खोज-खबर लेने वाला भी नहीं है। ऐसा ही एक मंदिर है प्रह्लादपुरी। पाकिस्तान में स्थित इस मंदिर की हालत बेहद दयनीय हो गई है। स्थनीय हिंदू अल्पससंख्यक हैं। ऐसे में वे मंदिर के सुधार ... <a title="रिपोर्ट : भारत नहीं, इस देश में खेली गई थी पहली होली…जानिए कैसा है अब वो स्थान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae/" aria-label="Read more about रिपोर्ट : भारत नहीं, इस देश में खेली गई थी पहली होली…जानिए कैसा है अब वो स्थान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="450" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/holi-1.jpg" alt="" class="wp-image-486159" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/holi-1.jpg 800w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/holi-1-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/holi-1-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/holi-1-150x84.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों की खस्ता हालत की खबरें लगातार आती रही हैं। हालांकि कई मंदिर ऐसे भी हैं जिनकी कोई खोज-खबर लेने वाला भी नहीं है। ऐसा ही एक मंदिर है प्रह्लादपुरी। पाकिस्तान में स्थित इस मंदिर की हालत बेहद दयनीय हो गई है। स्थनीय हिंदू अल्पससंख्यक हैं। ऐसे में वे मंदिर के सुधार को लेकर कोई कदम भी नहीं उठा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर पर ही पहली बार&nbsp;होली&nbsp;खेली गई थी।&nbsp;होली प्रह्लादपुरी मंदिर पाकिस्तान</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मंदिर का इतिहास</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रह्लादपुरी मंदिर भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि सतयुग कालीन इस मंदिर का निर्माण हिरण्यकश्यप के पुत्र और भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद ने कराया था। प्रह्लाद के नाम पर इस मंदिर का नाम पर प्रह्लादपुरी रखा गया। यह वही स्थान है, जहां प्रह्लाद को हिरण्यकशिप से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह के रूप में अवतार लिया था।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि कश्यप के दो पुत्र थे। पहला हरिण्याक्ष और दूसरा हिरण्यकश्यप। भगवान विष्णु ने पृथ्वी की रक्षा के लिए वराह अवतार लेकर हरिण्याक्ष का वध कर दिया था। इस वध से दुखी होकर कश्यप राज्य के राजा हिरण्यकश्यप ने भाई की मृत्यु का बदला लेने के लिए अजेय बनने का प्रण लिया और कठोर तपस्या में लग गया।</p>



<figure class="wp-block-image" id="attachment_384069"><img decoding="async" src="https://tfipost.in/wp-content/uploads/sites/2/2025/03/276265073_469299091538862_8026458046473899299_n-300x198.jpg" alt="प्रह्लादपुरी मंदिर मुल्तान, पाकिस्तान" class="wp-image-384069"/><figcaption class="wp-element-caption">जीर्ण शीर्ण अवस्था में प्रह्लादपुरी मंदिर</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कहिरण्यकश्यप की तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और उसे वरदान दिया। वरदान यह था कि कहिरण्यकश्यप को न कोई घर में मार सकता है और न घर के बाहर, न अस्त्र से उसका वध होगा और न ही शस्त्र से, न वो दिन में मरेगा और न रात में, न मनुष्य से मरेगा और न पशु से, न आकाश में मरेगा और न ही पृथ्वी में।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त करने के बाद हिरण्यकश्यप खुद को अजेय समझ रहा था। वह इतना अधिक अंहकारी हो गया था कि उसने राज्य की प्रजा से खुद को भगवान की तरह पूजने का आदेश दे दिया था और आदेश न मानने वालों को सजा देता था। लेकिन उसका खुद का बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का बड़ा भक्त था। यह बात हिरण्यकश्यप को पसंद नहीं थी, जिसके चलते उसने कई बार प्रह्लाद का वध करने की कोशिश की। लेकिन हर बार वह किसी न किसी प्रकार से बच जाते थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद पर हिरण्यकश्यप का अत्याचार जब हद से अधिक बढ़ गया तब भगवान विष्णु ने नरसिंह के रूप में अवतार लिया। भगवान नरसिंह का यह अवतार गौधूलि के समय आधे मनुष्य और आधे शेर का रूप में हुआ था। भगवान नरसिंह ने खंभा फाड़कर अवतार लिया और हिरण्यकश्यप को दरवाजे के बीच अपने पैर पर लिटाकर नाखुनों से पेट फाड़कर उसका वध कर दिया।</p>



<figure class="wp-block-image" id="attachment_376700"><img decoding="async" src="https://tfipost.in/wp-content/uploads/sites/2/2024/11/prahladpuri-temple-multan-pakistan-300x169.jpg" alt="प्रह्लादपुरी मंदिर मुल्तान पाकिस्तान" class="wp-image-376700"/><figcaption class="wp-element-caption">खंडहर में बदल चुका है प्रह्लादपुरी मंदिर&nbsp;</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">इस प्रकार ब्रह्मा जी का वरदान और प्रह्लाद दोनों की रक्षा हो गई। ऐसी मान्यता है कि हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से प्रह्लाद की हत्या के लिए इसी मंदिर के आसपास के स्थान पर आग जलवाई थी। इस आग में प्रह्लाद तो बच गए थे, लेकिन होलिका जलकर मर गई थी। हिरण्यकश्यप के वध के बाद पहली होली इसी प्रह्लादपूरी मंदिर परिसर में खेली गई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सोने का मंदिर</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मंदिर के निर्माण के विषय में ऐसा कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण सोने से किया गया था, छत से लेकर खंभे तक सब सोने से बने हुए थे और यह मंदिर 15वीं शताब्दी तक सुरक्षित अवस्था में था। लेकिन इसके बाद शेरशाह सूरी ने 15वीं शताब्दी के अंत में यहां आक्रमणकर मंदिर गिरा दिया और इसकी जगह पर बारा थुम्बा नामक मस्जिद बनवा दी। ऐसा कहा जाता है कि जब सिख शासकों ने मुल्तान पर जीत हासिल कर यहां शासन किया तब साल 1810 में इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था। इस दौरान मंदिर का ऊंचाई मस्जिद से अधिक कर दी गई थी। इसको लेकर इस्लामवादियों और हिंदुओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि इसके बाद भी मंदिर सुरक्षित रखा था। लेकिन साल 1848 में अंग्रेजी सेना ने मुल्तान पर आक्रमण किया तब एक बारूद का गोला मंदिर पर भी गिरा, जिससे मंदिर ढह गया था। अलेक्जेंडर कनिंघम ने 1853 की अपनी यात्रा में लिखा है कि यह मंदिर ईंट के चबूतरे पर बना हुआ था। इसमें, नक्काशीदार खंभे लगे हुए थे। इसी दौरान साल 1861 में बाबा बावलराम दास ने 11000 रुपए का चंदा जुटाकर मंदिर का पूर्णनिर्माण कराया था। इसके बाद साल 1872 में प्रह्लादपूरी के महंत ने ठाकुर फतेहचंद टकसालिया और स्थानीय हिंदुओं की मदद से मंदिर की मरम्मत कराई थी। मंदिर में हिंदू शांति पूर्वक पूजा-पाठ करते थे। कई बार मुस्लिमों ने मंदिर को लेकर विवाद करने की कोशिश भी की। लेकिन चीजें शांति पूर्वक चल रहीं थीं। इसी दौरान 20 सितंबर 1881 को मुल्तान में दंगे भड़क उठे। दंगे में मुस्लिमों ने प्रह्लादपूरी मंदिर में आग लगा दी, जिससे मंदिर को काफी नुकसान हुआ। लेकिन हिंदुओं ने एक महीने के भीतर ही मंदिर फिर से बना लिया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">1992 में तोड़ दिया गया मंदिर</h2>



<p class="wp-block-paragraph">भारत के बंटवारे यानी 1947 के बाद से इस मंदिर की हालत लगातार खराब होती जा रही थी। मुल्तान में हिंदुओं की संख्या भी न के बराबर थी, ऐसे मे पाकिस्तान सरकार ने इस पर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया। साल 1991 तक ही मंदिर की हालत खराब हो गई थी। लेकिन साल 1992 में आयोध्या में रामलला जन्मभूमि पर बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद पाकिस्तान में सैकड़ों मंदिर तोड़े गए थे। इसमें प्रह्लादपूरी मंदिर भी शामिल था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद से इस मंदिर के हाल लगातार खराब होते चले गए और यह खंडहर में तब्दील हो गया। साल 2009 में पाकिस्तानी सरकार ने इस मंदिर के पुनः निर्माण के लिए करीब 42 करोड़ (भारतीय) रुपए का फंड जारी किया था। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस्लामिक कट्टरपंथियों के डर से मंदिर निर्माण की अनुमति नहीं दी। इसके बाद साल 2021 में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने भी हिंदू मंदिरों के उत्थान के लिए आदेश दिया था। लेकिन आज मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं हो सका है और आज यह मंदिर वीरान खंडहर में बदल&nbsp;चुका&nbsp;है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-09-21 23:00:29 by W3 Total Cache
-->