<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ऐसे करे उपचार &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 16 Dec 2019 07:42:44 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>ऐसे करे उपचार &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दो मुहे बालो की सेहत के लिए है खतरनाक संकेत, ऐसे करे उपचार</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Dec 2019 07:42:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[ऐसे करे उपचार]]></category>
		<category><![CDATA[दो मुहे बालो की सेहत के लिए है खतरनाक संकेत]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dainikbhaskarup.com/?p=45221</guid>

					<description><![CDATA[बाल कमजोर, रूखे और बेजान हो तो चेहरे का ग्लो भी कम हो जाता है और ऐसे में हेयर स्टाइल बनाने में भी दिक्कत होती हैं. बिजी लाइफस्टाइल के चलते हम अपने बालों की देखभाल नहीं कर पाते जिससे बालो से जुड़ी प्रौब्लम शुरू हो जाती हैं. बालों की समय-समय पर देखभाल करना बहुत जरूरी ... <a title="दो मुहे बालो की सेहत के लिए है खतरनाक संकेत, ऐसे करे उपचार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f/" aria-label="Read more about दो मुहे बालो की सेहत के लिए है खतरनाक संकेत, ऐसे करे उपचार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बाल कमजोर, रूखे और बेजान हो तो चेहरे का ग्लो भी कम हो जाता है और ऐसे में हेयर स्टाइल बनाने में भी दिक्कत होती हैं. बिजी लाइफस्टाइल के चलते हम अपने बालों की देखभाल नहीं कर पाते जिससे बालो से जुड़ी प्रौब्लम शुरू हो जाती हैं. बालों की समय-समय पर देखभाल करना बहुत जरूरी हैं. ऐसा न करने पर बाल बहुत कमजोर, रूखे और दोमुंहें हो जाते हैं.<img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-45222" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/split1_5de537e8a9a29.png" alt="" width="651" height="467" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/split1_5de537e8a9a29.png 940w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/split1_5de537e8a9a29-300x215.png 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/split1_5de537e8a9a29-768x551.png 768w" sizes="(max-width: 651px) 100vw, 651px" /></p>
<p><strong>मौसम में बदलाव का भी होता है असर: </strong>मौसम के बदलाव के कारण भी बाल खराब हो जाते हैं. ऐसे में बालो को तेज धूप- और प्रदूषण से प्रोटेक्ट न करने पर भी दोमुंहें बाल हो जाते हैं.</p>
<p><strong>बालों को सही पोषण न मिलना: </strong>बालों को सही तरह से पोषण न मिलने के कारण भी दोमुंहें बाल होने लगते हैं.</p>
<p><strong>कटिंग या ट्रिमिंग न करवाना: </strong>बालों को समय-समय पर कटिंग और ट्रिमिंग करवाना चाहिए ऐसा न करने पर भी दोमुंहें बालो जैसी दिक्कत हो जाती हैं.</p>
<p><strong>बालों में कैमिकल का इस्तेमाल: </strong>बालों पर तरह-तरह का केमिकल, हेयरड्रायर का इस्तेमाल करना भी दोमुंहें बालों का कारण हैं.</p>
<p><strong>बालों की सही तरह से देखभाल न होना: </strong>आमतौर पर दोमुंहें बालों का कारण है बालों का सही तरह से देखभाल न करना हैं. दो मुंहें बाल बाल ज़्यादातर रुखें बालों में ज्यादा होते है. जब बालों से नमी गायब हो जाती है और रूखेपन की प्रौब्लम होने लगती है तो बाल दो मुंहें होने लगते हैं.</p>
<p><strong>डैंड्रफ भी है एक कारण: </strong>बालों में अधिक डेंड्रफ होने के कारण भी दोमुंहें बालो की समस्या हो जाती हैं.</p>
<p><strong>इलाज </strong>दोमुंहें बालों की समस्या हमेशा के लिए नहीं होती, आप आसानी से इससे छुटकारा पा सकते हैं.</p>
<p>बालों में केमिकलयुक्त शैंपू कम इस्तेमाल करने से भी इसमें फर्क पड़ता है. साथ ही हेयरड्राइर का भी इस्तेमाल कम से कम करें.</p>
<p>बालों की करें एक्स्ट्रा केयर</p>
<p>अगर बालों में कलर या रिबोंडिंग करवाया गया है तो ऐसे में बालों को एक्सट्रा केयर की जरूरत होती हैं. इन बालों को समय-समय पर हेयर स्पा देना जरूरी होता हैं, धूप से इन बालों को जरूर प्रोटेक्ट करें नहीं तो दोमुंहें बालों जैसी दिक्कत हो सकती हैं.</p>
<p>करवाएं हेयरकट या हेयरट्रिमिंग महीने में हेयरकट या हेयरट्रिमिंग करवाने से दोमुंहें यानि स्पिलट एंड्स काफी हद तक दूर हो सकती हैं.कैमिकल वाले शैम्पू का कम करें इस्तेमाल</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्रोनिक माइग्रेन बन सकती है गंभीर समस्या, ऐसे करे उपचार</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Dec 2019 11:01:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[ऐसे करे उपचार]]></category>
		<category><![CDATA[क्रोनिक माइग्रेन बन सकती है गंभीर समस्या]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dainikbhaskarup.com/?p=43758</guid>

					<description><![CDATA[माइग्रेन के सिरदर्द की सही वजह तो नहीं बताई जा सकती, लेकिन माना जाता है कि मस्तिष्क की असामान्य गतिविधियां स्नायु के सिगनल्स को प्रभावित करती हैं. मस्तिष्क की रक्तनलिकाएं इसे और तीव्र कर सकती हैं. यह डिसऔर्डर लगातार स्थिति बिगाड़ने वाला होता है, जिस से प्रभावित व्यक्ति की जिंदगी अस्तव्यस्त हो जाती है. इस के ... <a title="क्रोनिक माइग्रेन बन सकती है गंभीर समस्या, ऐसे करे उपचार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80/" aria-label="Read more about क्रोनिक माइग्रेन बन सकती है गंभीर समस्या, ऐसे करे उपचार">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>माइग्रेन के सिरदर्द की सही वजह तो नहीं बताई जा सकती, लेकिन माना जाता है कि मस्तिष्क की असामान्य गतिविधियां स्नायु के सिगनल्स को प्रभावित करती हैं. मस्तिष्क की रक्तनलिकाएं इसे और तीव्र कर सकती हैं. यह डिसऔर्डर लगातार स्थिति बिगाड़ने वाला होता है, जिस से प्रभावित व्यक्ति की जिंदगी अस्तव्यस्त हो जाती है. इस के बावजूद बहुत सारे लोग चिकित्सकीय सलाह नहीं लेते. क्रोनिक माइग्रेन की स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए. चिकित्सकीय सहायता, पौष्टिक खानपान व लाइफस्टाइल में बदलाव लाने से माइग्रेन की स्थिति पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है.<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-43759" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/migrain1_5de978d19237c.png" alt="" width="577" height="675" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/migrain1_5de978d19237c.png 577w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/12/migrain1_5de978d19237c-256x300.png 256w" sizes="(max-width: 577px) 100vw, 577px" /></p>
<p>माइग्रेन की समस्या मस्तिष्क के स्नायु से शुरू होती है. मस्तिष्क में किसी तरह का बड़ा दबाव मस्तिष्क की गतिविधियों को सक्रिय करते हुए सिरदर्द की स्थिति में ला सकता है. अत: तनाव से यथासंभव बचना चाहिए ताकि हमारे शरीर और मस्तिष्क पर उस का कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े. महिलाओं को अकसर कई तरह की जिम्मेदारियां एकसाथ पूरी करनी पड़ती हैं. अपने कैरियर से जुड़े कामकाज के अलावा उन्हें परिवार की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ती है. ऐसी स्थिति में वे बहुत ज्यादा काम के दबाव की स्थिति से गुजरती हैं, इसलिए माइगे्रन उन में ज्यादा पाया जाता है.</p>
<p>नींद का अभाव, भोजन से वंचित रहना, चिंता आदि कारणों से भी तनाव बढ़ता है और यह माइग्रेन के सिरदर्द का कारण बनता है. कई बार दर्दनिवारक दवा के ज्यादा इस्तेमाल से भी बारबार सिरदर्द उभरता है. कुछ समय बाद ये दर्दनिवारक दवाएं दर्द मिटाने में बेअसर हो जाती हैं. इस के अलावा लंबे समय तक दर्दनिवारक दवाओं का इस्तेमाल सिरदर्द के साथसाथ किडनी, लिवर और पेट पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालने लगता है.</p>
<p>इस के समाधान में पौष्टिक भोजन सप्लिमैंट, व्यायाम, लाइफस्टाइल में बदलाव माइगे्रन के दौरे को टालने के उपाय हैं. यदि आप धूप के प्रति संवेदनशील हैं तो तेज धूप में न निकलें. कुछ लोगों पर ये उपचार पद्धतियां कारगर होती हैं और इन से उन के जीवन में व्यापक बदलाव आ जाता. हालांकि क्रोनिक माइग्रेन से पीडि़त कुछ लोगों पर ऐसी परंपरागत पद्धतियों का कोई असर नहीं होता. ऐसे लोगों के लिए ओनाबोटुलिनम टौक्सिन टाइप ए का इंजैक्शन ही राहत देता है.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%80/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-19 17:00:30 by W3 Total Cache
-->