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	<title>कांग्रेस &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>विपक्ष में खतरे की घंटी : महाराष्ट्र की राजनीति में 24 घंटे में पलटा खेल, कांग्रेस की ओर आखिर क्यों झुके संजय राउत ?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 01:35:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में 24 घंटे के भीतर हवा का रुख बदल गया है. रविवार आए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों ने जहां सत्ता पक्ष में उत्साह भरा है, वहीं विपक्ष के खेमे में खतरे की घंटी बजा दी है. इसी का नतीजा है कि कल तक “जिसे आना है आए, नहीं तो अकेले ... <a title="विपक्ष में खतरे की घंटी : महाराष्ट्र की राजनीति में 24 घंटे में पलटा खेल, कांग्रेस की ओर आखिर क्यों झुके संजय राउत ?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/alarm-bells-for-the-opposition-the-political-landscape-in-maharashtra-changed-dramatically-in-24-hours-why-did-sanjay-raut-ultimately-side-with-the-congress/" aria-label="Read more about विपक्ष में खतरे की घंटी : महाराष्ट्र की राजनीति में 24 घंटे में पलटा खेल, कांग्रेस की ओर आखिर क्यों झुके संजय राउत ?">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024-1024x576.webp" alt="" class="wp-image-508007" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024-1024x576.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024-768x432.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024-1536x864.webp 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/l39020251222183024.webp 1920w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की सियासत में 24 घंटे के भीतर हवा का रुख बदल गया है. रविवार आए स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों ने जहां सत्ता पक्ष में उत्साह भरा है, वहीं विपक्ष के खेमे में खतरे की घंटी बजा दी है. इसी का नतीजा है कि कल तक “जिसे आना है आए, नहीं तो अकेले लड़ेंगे&#8221; कहने वाले संजय राउत ने कांग्रेस का “पंजा” पकड़ने के लिए अब सीधे राहुल गांधी को फोन मिला दिया.</p>



<p>नगर पंचायत और नगर परिषद के नतीजों में MVA के भीतर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस (28 सीट) को मुंबई चुनावों में साथ लेने के लिए, सूत्र बताते हैं कि 9 सीट लाने वाले उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी को ही सीधे फोन कर दिया. ये कॉल महज शिष्टाचार नहीं, बल्कि 15 जनवरी के नगर निगम चुनावों से पहले की सर्वाइवल स्ट्रेटेजी दिखती है.</p>



<p>कुछ दिनों पहले तक राज ठाकरे को साथ लेने की जिद और कांग्रेस को किनारे रखने वाले तेवर अब ठंडे पड़ते दिख रहे हैं. राउत का ये कॉल साफ संकेत है कि बीजेपी के विजय रथ पर सवार शिंदे की शिवसेना का फैलाव रोकने के लिए उद्धव गुट को कांग्रेस के “हाथ” की सख्त जरूरत है.</p>



<p>संजय राउत की सबसे बड़ी दुविधा राज ठाकरे बनाम कांग्रेस रही है, इसलिए कांग्रेस ने भी स्पष्ट कर दिया था कि वे राज ठाकरे की विचारधारा के साथ मंच साझा नहीं करेंगे. ऐसे में राउत ने पहले कांग्रेस के बिना ही ठाकरे भाई के साथ लड़ने की हुंकार भरी थी, ये कहते हुए कि “हमारा फैसला हो चुका है, जिसे साथ आना है आए, नहीं तो ना सही”.</p>



<p>लेकिन रविवार के नतीजों ने बता दिया कि बिना कांग्रेस के वोटों के, बीजेपी-शिंदे गठबंधन को मात देना ठाकरे भाइयों के लिए शायद नामुमकिन है. राउत का कांग्रेस को कहना कि &#8220;बीजेपी को हराना है तो साथ लड़ना होगा,&#8221; विपक्षी खेमे की छटपटाहट और हकीकत दोनों बयां करता है.</p>



<p>स्थानीय निकाय चुनावों में जिस तरह से बीजेपी ने अपनी पकड़ दिखाई है, उसने विपक्षी एकता की दरारों को भरने पर मजबूर कर दिया है. शिवसेना पिछले 25 सालों से बीएमसी की सत्ता में रही है. मुंबई पर नियंत्रण का मतलब है महाराष्ट्र की राजनीति पर नियंत्रण. अगर उद्धव यहां हारते हैं, तो उनकी पार्टी का आधार खत्म होने का खतरा है.</p>



<p>वहीं, भाजपा इस बार किसी भी कीमत पर BMC से ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म करना चाहती है, जबकि उद्धव के लिए यह अपनी खोई हुई साख वापस पाने का आखिरी मौका है. इसलिए भाई के साथ पुराने गिले शिकवे सब भूलने पड़े. शिवसेना में फूट के बाद जिस मराठी वोट के बंटने का खतरा है, राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाकर उसे दूर करने की उद्धव गुट की कोशिश है, लेकिन मुस्लिम वोटों की भी चिंता है, क्योंकि मुंबई जैसे शहर में अब मराठी वोटरों की संख्या भी घटी है, ऐसे में मुस्लिम वोटरों का सहारा है जो कांग्रेस के साथ के बिना मुश्किल है क्योंकि भाई राज ठाकरे की पिछली भूमिका वोटर भूले नहीं हैं.</p>



<p>मुंबई में उत्तर भारतीय और अल्पसंख्यक मुस्लिम वोट कांग्रेस के पारंपरिक समर्थक रहे हैं. उद्धव को पता है कि केवल मराठी वोटों के दम पर जीतना मुश्किल है, इसलिए उन्हें इन सेकुलर वोटों की ज़रूरत है जो कांग्रेस दिला सकती है.</p>



<p>राज ठाकरे और उद्धव की नजदीकी से कांग्रेस नाराज बतायी जाती है और उसने मुंबई में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, क्योंकि कांग्रेस को लगता है कि राज ठाकरे की &#8216;उत्तर भारतीय विरोधी&#8217; छवि उनके वोटों को नुकसान पहुंचाएगी. वैसे, अगर कांग्रेस अलग लड़ती है, तो वोटों का बंटवारा होगा, जिसका सीधा फायदा भाजपा-शिंदे गठबंधन को मिल सकता है, इसीलिए उद्धव के लिए कांग्रेस को साथ रखना एक बड़ी चुनौती और ज़रूरत दोनों है.</p>
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		<title>सत्ता और विपक्ष आमने-सामने : सरकार का बड़ा ऐलान&#8230;&#8217;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; समेत हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, जानें क्या कुछ होगा</title>
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		<pubDate>Sun, 20 Jul 2025 19:27:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सर्वदलीय बैठक में रिजिजू ने कहा- सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार &#8211; जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक, 51 दलों के 54 सदस्यों मे लिया भाग नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई, ... <a title="सत्ता और विपक्ष आमने-सामने : सरकार का बड़ा ऐलान&#8230;&#8217;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; समेत हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, जानें क्या कुछ होगा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%86%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a8/" aria-label="Read more about सत्ता और विपक्ष आमने-सामने : सरकार का बड़ा ऐलान&#8230;&#8217;ऑपरेशन सिंदूर&#8217; समेत हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार, जानें क्या कुछ होगा">Read more</a>]]></description>
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<p><strong>सर्वदलीय बैठक में रिजिजू ने कहा- सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार</strong><br><br><strong>&#8211; जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक, 51 दलों के 54 सदस्यों मे लिया भाग</strong><br><br>नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर निर्धारित नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। 17 विधेयकों पर चर्चा होगी। राजनीतिक दलों की अलग-अलग विचारधारा हो सकती है, लेकिन सदन अच्छी तरह से चले, यह सरकार के साथ विपक्षी दलों की भी जिम्मेदारी है।<br><br>सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों के फ्लोर नेताओं की एक बैठक हुई। आज 51 दलों के 54 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया। 40 लोगों ने अपनी पार्टियों की ओर से अपनी राय रखी। यह बहुत रचनात्मक थी। सभी राजनीतिक नेताओं ने अपनी पार्टियों की स्थिति और उन मुद्दों के बारे में बताया, जो वे इस सत्र में लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर समेत सभी मुद्दों पर निर्धारित नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की अलग-अलग विचारधारा हो सकती है, लेकिन सदन अच्छी तरह से चले यह सरकार के साथ विपक्षी दलों की भी जिम्मेदारी है। किरेन रिजिजू ने कहा कि छोटे राजनीतिक दलों, खासकर जिनके पास 1-2 सांसद हैं, को बोलने के लिए कम समय मिलता है, क्योंकि समय उनकी संख्या के अनुसार आवंटित किया जाता है। लेकिन हमने इसका संज्ञान लिया है। हम छोटे दलों को पर्याप्त समय आवंटित करने पर सहमत हुए हैं। हम इसे लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के समक्ष रखेंगे और फिर हम इस मुद्दे को कार्य मंत्रणा समिति में उठाएंगे।<br><br>बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, शिरोमणि अकाली दल से हरसिमरत कौर, भाजपा के अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस से गौरव गगोई, एआईएडीएमके से थंबी दुरई पहुंचे। एनसीपी-एसपी से सुप्रिया सुले, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, डीएमके से टीआर बालू, आरजेडी से प्रेमचंद्र गुप्ता, जेडीयू से संजय झा, समाजवादी पार्टी से प्रोफेसर राम गोपाल यादव, कांग्रेस से प्रमोद तिवारी और के. सुरेश बैठक में पहुंचे। इसके अलावा सर्वदलीय बैठक में चंद्रशेखर आजाद, अनुप्रिया पटेल, रामदास आठवले, तिरुचि शिवा सहित कई नेता पहुंचे।<br><br>कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि इस बार हमें पहले से ज़्यादा उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी सदन के ज़रिए देश को संबोधित करेंगे। पहलगाम पर सरकार को अपनी बात रखनी होगी। आज अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से जो बयान आ रहे हैं, वो किसी न किसी तरह से भारत की गरिमा पर, भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल खड़े करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति को जवाब सिर्फ़ प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं। दूसरी बात, आज वोट के अधिकार को लेकर अहम सवाल उठ रहे हैं। जिस तरह से चुनाव आयोग विभिन्न राजनीतिक दलों से बात करने से कतरा रहा है, तो सरकार का मुखिया होने के नाते प्रधानमंत्री का फ़र्ज़ है कि वो सदन के अंदर सरकार का पक्ष रखें।<br><br>एनसीप (शरदपवार) सांसद सुप्रिया सूले ने कहा कि बैठक में हमने ऑपरेशन सिंदूर, किसानों, महंगाई, बेरोजगारी पर चर्चा की मांग की है। कई सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रम्प के टैरिफ के संबंध में बयान पर चर्चा की मांग की है। देश को इन सब सवालों के जवाब देने की जरूरत है। विभिन्न राज्यों में हिंदी भाषा के मुद्दों सहित कई मुद्दे हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करें।<br><br>बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि इस सत्र में बीजू जनता दल ओडिशा को विशेष श्रेणी का दर्जा प्रदान करने, पोलावरम और महानदी विवादों के समाधान, कोयला रॉयल्टी संशोधन, ग्रीन टैक्स, तटीय राजमार्ग के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, नए एम्स अस्पतालों की स्थापना, रेलवे कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल, बैंकिंग के साथ-साथ मोबाइल और किसानों के अलावा अन्य कनेक्टिविटी, एमएसपी को दोगुना करने आदि सहित आदिवासी विकास के विभिन्न मुद्दों की मांग जारी रखेगा।<br><br>संसद में पेश होने वाले प्रमुख विधेयक<br><br>इस मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे, जो विभिन्न क्षेत्रों में अहम बदलाव ला सकते हैं। इनमें कुछ नए विधेयक और कुछ पुराने विधेयकों में संशोधन शामिल हैं। सरकार इस मानसून सत्र में 8 नए विधेयक (बिल) पेश करने जा रही है। जिसमें नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, नेशनल एंटी-डोपिंग (संशोधन) बिल, मणिपुर जीएसटी संशोधन बिल, जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) बिल, कर कानून (संशोधन) विधेयक, भू-धरोहर स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रखरखाव) विधेयक, राष्ट्रीय महत्व की भू-संरचनाओं के संरक्षण के लिए और मर्चेंट शिपिंग बिल और इंडियन पोर्ट्स बिल शामिल हैं। इसके साथ सरकार इस सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाएगी।</p>
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		<title>जातीय जनगणना पर अपनी जग हंसाई करा रही सपा व कांग्रेस : केशव प्रसाद मौर्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 May 2025 06:58:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। पक्ष व विपक्ष सभी राजनीतिक दलों में इस समय जातीय जनगणना का श्रेय लेने की होड़ मची है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लिया है। केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर लिखा ... <a title="जातीय जनगणना पर अपनी जग हंसाई करा रही सपा व कांग्रेस : केशव प्रसाद मौर्य" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/sp-and-congress-are-making-a-mockery-of-themselves-on-caste-census-keshav-prasad-maurya/" aria-label="Read more about जातीय जनगणना पर अपनी जग हंसाई करा रही सपा व कांग्रेस : केशव प्रसाद मौर्य">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-02T121853.403.jpg" alt="" class="wp-image-491230" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-02T121853.403.jpg 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-02T121853.403-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-02T121853.403-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-02T121853.403-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p><strong>लखनऊ। </strong>पक्ष व विपक्ष सभी राजनीतिक दलों में इस समय जातीय जनगणना का श्रेय लेने की होड़ मची है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लिया है।</p>



<p>केशव प्रसाद मौर्य ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर लिखा कि परिवादी तिकड़ी में जकड़ी कांग्रेस, सपा और राजद तीनों जाति जनगणना का श्रेय लेने का झूठमूठ का हल्ला मचा रहे हैं। सपा व रालोद की जाति जनगणना की पैरोकारी तब केवल छलावा भर थी।</p>



<p>उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जाति जनगणना का झूठा श्रेय लेकर ख़ुशी में पटाखा फोड़कर अपनी जग हंसाई करा रहे हैं। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की कमान संभालने के बाद दबी-कुचली जातियों को एक नई चेतना मिली है। जाति जनगणना से उनको सबको हरेक स्तर पर अपना हक मिलेगा और देश भी मज़बूत बनेगा।</p>



<p>केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दस साल पहले यूपीए शासनकाल में राजद नेता लालू प्रसाद यादव और सपा नेता मुलायम सिंह यादव यानी दो यादव परिवार कांग्रेस के शाही परिवार की मज़बूत बैसाखी बनकर केंद्र की सत्ता में अपना हिसाब-किताब साफ कर रहे थे। कांग्रेस दोनों को जांच एजेंसियों का ख़ौफ़ दिखा रही थी। आय से अधिक संपत्ति के संगीन मामले थे। अमेरिका से परमाणु समझौता कराने में भी सपा की कथित भूमिका थी।</p>
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		<title>कांग्रेस की इस हरकत पर संबित पात्रा बोले- ‘यह INDI नहीं, रावलपिंडी गठबंधन है’</title>
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		<pubDate>Wed, 30 Apr 2025 06:40:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। पहलगाम आंतकी हमले के बाद कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। अब भाजपा ने भी कांग्रेस पर पलटवार करना शुरू कर दिया है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा अब देश के सामने बेनकाब हो रहा है और यह पोस्टर पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति ... <a title="कांग्रेस की इस हरकत पर संबित पात्रा बोले- ‘यह INDI नहीं, रावलपिंडी गठबंधन है’" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/sambit-patra-attacks-congress-not-indi-it-is-rawalpindi-alliance/" aria-label="Read more about कांग्रेस की इस हरकत पर संबित पात्रा बोले- ‘यह INDI नहीं, रावलपिंडी गठबंधन है’">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="442" height="260" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-30T120554.958.jpg" alt="" class="wp-image-490947" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-30T120554.958.jpg 442w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-30T120554.958-300x176.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-30T120554.958-150x88.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 442px) 100vw, 442px" /></figure>



<p>नई दिल्ली। पहलगाम आंतकी हमले के बाद कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। अब भाजपा ने भी कांग्रेस पर पलटवार करना शुरू कर दिया है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा अब देश के सामने बेनकाब हो रहा है और यह पोस्टर पूरी तरह से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।</p>



<p>संबित पात्रा ने रावलपिंडी गठबंधन का नाम लेकर कांग्रेस के गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा, “यह INDI नहीं, रावलपिंडी का गठबंधन है।” संबित पात्रा ने आगे कहा कि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो संभव है कि कांग्रेस के नेता पाकिस्तान में चुनाव लड़ने की इच्छा रखेंगे।”</p>



<p>संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बयानबाजी से यह साफ हो गया है कि कांग्रेसी पाकिस्तान के समर्थन में खड़े हैं। यहीं नहीं कंग्रेस के लोग कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बता रहे हैं। कांग्रेस के नेता बार-बार पाकिस्तान के साथ सहानुभूति दिखा रहे हैं।</p>
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		<title>&#8216;आतंकवादियों से मिले हुए हैं उमर अब्दुल्ला&#8217; कांग्रेस नेता का बयान- &#8216;पार्टी से निकालना है तो निकाल दें&#8217;</title>
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		<pubDate>Sat, 26 Apr 2025 06:57:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कांग्रेसी दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जिम्मेदार ठहराया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा, &#8220;जो कांग्रेसी देश के प्रति प्रेम रखते हैं, उन्हें देश के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने उमर अब्दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाते ... <a title="&#8216;आतंकवादियों से मिले हुए हैं उमर अब्दुल्ला&#8217; कांग्रेस नेता का बयान- &#8216;पार्टी से निकालना है तो निकाल दें&#8217;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/jammu-omar-abdullah-terrorists-congress-leader-statement/" aria-label="Read more about &#8216;आतंकवादियों से मिले हुए हैं उमर अब्दुल्ला&#8217; कांग्रेस नेता का बयान- &#8216;पार्टी से निकालना है तो निकाल दें&#8217;">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-video"><video height="180" style="aspect-ratio: 318 / 180;" width="318" controls src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Video-2025-04-26-at-11.56.58-AM-1-1.mp4"></video></figure>



<p>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कांग्रेसी दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को जिम्मेदार ठहराया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा, &#8220;जो कांग्रेसी देश के प्रति प्रेम रखते हैं, उन्हें देश के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने उमर अब्दुल्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे आतंकवादियों से मिले हुए हैं।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा को दी सलाह</strong> </h2>



<p>कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी और उनके जीजा रॉबर्ट वाड्रा को सुझाव दिया कि उन्हें सोच-समझकर बोलना चाहिए। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें निकालना चाहती है तो निकाल दे, लेकिन वह देश के खिलाफ नहीं खड़े हो सकते।</p>
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		<title>उरई: नवनियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष का हुआ जोरदार स्वागत</title>
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		<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:59:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[उरई। कांग्रेस पार्टी द्वारा जिले के जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष की घोषणा के बाद बुधवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष पहली बार नगर पहुंचे। जोश से लबरेज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। वहीं जिलाध्यक्ष ने शहर के प्रमुख चौराहों पर महानविभूतियों का माल्यार्पण कर अपनी नई राजनैतिक पारी का आगाज किया। ... <a title="उरई: नवनियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष का हुआ जोरदार स्वागत" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/orai-newly-appointed-congress-district-president-and-city-president-received-a-warm-welcome/" aria-label="Read more about उरई: नवनियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष का हुआ जोरदार स्वागत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="2040" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2.jpg" alt="" class="wp-image-487840" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2.jpg 2040w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2-300x132.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2-768x339.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2-1536x678.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-12-2-150x66.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 2040px) 100vw, 2040px" /></figure>



<p><strong>उरई।</strong> कांग्रेस पार्टी द्वारा जिले के जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष की घोषणा के बाद बुधवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष पहली बार नगर पहुंचे। जोश से लबरेज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। वहीं जिलाध्यक्ष ने शहर के प्रमुख चौराहों पर महानविभूतियों का माल्यार्पण कर अपनी नई राजनैतिक पारी का आगाज किया। इसके बाद कांग्रेस जिला कार्यालय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।</p>



<p>विदित हो कि कांग्रेस पार्टी के आलाकमान द्वारा वरिष्ठ कांग्रेसी अरविंद सेंगर को पार्टी के जिलाध्यक्ष व राजकुमार वर्मा को शहर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौपी गई थी। जिसके बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ पहली बार नगर पहुंचे। जहां सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने उनका फूल माला पहनकर जोरदार स्वागत किया वहीं कांग्रेसी ढोल नगाड़ों के साथ आतिशबाजी करते हुए अपने नव नियुक्त जिला अध्यक्ष व शहर अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ने सर्वप्रथम शहर के अंबेडकर चौराहे पर अंबेडकर प्रतिमा का माल्यार्पण किया। वहीं सैयद पदम शाह बाबा की मजार पर उन्होंने माला चढ़ाकर माथा टेका। </p>



<p>इसके बाद उनका काफिला आगे बढ़ा और गांधी चबूतरे पर उन्होंने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वहीं शहीद भगत सिंह चौराहे पर भगत सिंह की प्रतिमा का माल्यार्पण कर उन्होंने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इससे पहले नवनियुक्त जिला अध्यक्ष का कालपी यमुना पुल, जोल्हूपुर पर भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। वहीं जिला अध्यक्ष का काफिला रामनगर स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचा जहां एक विशाल कार्क्रम का आयोजन किया गया जहां सैकड़ों की तादात में कांग्रेसी कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हुए। </p>



<p>वही कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खबरी ने कहा कि अरविंद सेंगर न सिर्फ पार्टी के ईमानदार और सच्चे कार्यकर्ता रहे हैं बल्कि इन्होंने पार्टी को मजबूती देने का काम किया है पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा यह फैसला आगामी रणनीति को देखते हुए लिया गया है जो की जिले की राजनीति के लिए कारगर साबित होगा। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव नारायण मिश्रा, अनुज मिश्रा धीरेंद्र शुक्ला ने संयुक्त रूप से कहा कि नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अरविंद सेंगर ने पार्टी के सच्चे सिपाही के रुप में काम किया है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1280" height="576" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-17.00.39.jpeg" alt="" class="wp-image-487841" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-17.00.39.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-17.00.39-300x135.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-17.00.39-768x346.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-17.00.39-150x68.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></figure>



<p>जिन्होंने पार्टी की नीतियों को न सिर्फ जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है बल्कि पार्टी को मजबूत करने का भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इनकी अगुवाई में निश्चित थी जनपद में पार्टी नए आयाम स्थापित करेगी। वहीं शहर अध्यक्ष रिहान सिद्दीकी ने कहा कि अरविंद सिंगर पार्टी ने पार्टी में रहते हुए पार्टी को मजवूत करने का काम किया है। जिसका इनाम पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उनको दिया गया है और वह इसका बखूबी निर्वहन करेगे। </p>



<p>वही पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए उनको धन्यवाद दिया इसके बाद उन्होंने कहा कि पार्टी के शीश नेतृत्व द्वारा उनको जो जिम्मेदारी सौंप गई है उसका वह बखूबी निर्वहन करेंगे सभी कार्यकर्ताओं महिलाओं व पदाधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को मजबूती प्रदान करने का काम करेंगे। वहीं पार्टी के शहरअध्यक्ष राजकुमार वर्मा ने कहा कि संगठन ने उनको जो जिम्मेदारी सौंपी है वह सभी के साथ मिलकर संगठन को जिले में मजबूत करने का कार्य करेंगे। मंच का संचालन डॉ रेहान सिद्दीकी ने किया। </p>



<p>इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ब्रज लाल खाबरी, राघवेंद्र सिंह, सुरेश शांडिल्य, राजीव नारायण मिश्रा, धीरेंद्र शुक्ला, सिद्धार्थ दिवोलिया, संतोष ठाकुर, श्याम सुंदर चौधरी, मजहर खान, राजा बुधौलिया, शशि चौहान समेत सैंकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।</p>
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		<title>हरदोई: कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष का हुआ भव्य स्वागत</title>
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		<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 03:20:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[संडीला/हरदोई। कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष विक्रम पांडे और शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित का प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। सण्डीला तहसील गेट पर कांग्रेस प्रदेश सचिव महताब अहमद, नगर अध्यक्ष चाँद बाबू और अन्य कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य अभिनंदन किया। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी ... <a title="हरदोई: कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष का हुआ भव्य स्वागत" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/hardoi-new-district-president-of-congress-received-a-grand-welcome/" aria-label="Read more about हरदोई: कांग्रेस के नए जिला अध्यक्ष का हुआ भव्य स्वागत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1280" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-25-at-11.25.02-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-487711" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-25-at-11.25.02-PM.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-25-at-11.25.02-PM-300x169.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-25-at-11.25.02-PM-768x432.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-25-at-11.25.02-PM-150x84.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></figure>



<p><strong>संडीला/हरदोई</strong>। कांग्रेस पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष विक्रम पांडे और शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित का प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। सण्डीला तहसील गेट पर कांग्रेस प्रदेश सचिव महताब अहमद, नगर अध्यक्ष चाँद बाबू और अन्य कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य अभिनंदन किया। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अंशु अवस्थी और प्रमोद सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने नए जिला अध्यक्ष को शुभकामनाएँ दीं और पार्टी को मज़बूत करने के लिए एकजुटता बनाए रखने पर ज़ोर दिया।<br></p>



<p>प्रदेश सचिव महताब अहमद ने कहा कि नए जिला अध्यक्ष के चयन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को आगे बढ़ाने का काम करेंगे और संगठन को मज़बूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को घर-घर पहुँचाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।<br></p>



<p>इस भव्य स्वागत समारोह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वागत करने वालों में अरमान खान, सलीम, कलीम लाला, इस्लाम इशू, अमीर, कामिल, नदीम, फारूक, राहुल, रोहित सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा जताई और कांग्रेस को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।<br></p>



<p>कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोश के साथ नारेबाजी की और पार्टी की एकता का प्रदर्शन किया। नए जिला अध्यक्ष विक्रम पांडे ने सभी का धन्यवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और संगठन को आगे बढ़ाने में पूरा योगदान देंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>जिस विभाग को संभाल रहे थे पंजाब के मंत्री उसका अस्तित्व ही नहीं&#8230;21 महीने बाद टूटी AAP सरकार की नींद</title>
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		<pubDate>Sun, 23 Feb 2025 00:35:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आपने ऐसी खबरें खूब पढ़ीं होंगी कि कोई स्कूल सिर्फ कागजों में चल रहा था, कोई सड़क या पुल सिर्फ कागजों में बना दिया गया था, और कोई अस्पताल केवल नाम के लिए खुला था। लेकिन पंजाब से अब एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। पंजाब की आम ... <a title="जिस विभाग को संभाल रहे थे पंजाब के मंत्री उसका अस्तित्व ही नहीं&#8230;21 महीने बाद टूटी AAP सरकार की नींद" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%aa/" aria-label="Read more about जिस विभाग को संभाल रहे थे पंजाब के मंत्री उसका अस्तित्व ही नहीं&#8230;21 महीने बाद टूटी AAP सरकार की नींद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/punjab-minister-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-482929" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/punjab-minister-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/punjab-minister-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/punjab-minister-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/punjab-minister-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>


<p>आपने ऐसी खबरें खूब पढ़ीं होंगी कि कोई स्कूल सिर्फ कागजों में चल रहा था, कोई सड़क या पुल सिर्फ कागजों में बना दिया गया था, और कोई अस्पताल केवल नाम के लिए खुला था। लेकिन पंजाब से अब एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल से मई 2023 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान कृषि और किसान कल्याण विभाग ले लिया गया था और उन्होंने प्रशासनिक सुधार विभाग दिया गया था। साथ ही, उनके पास पहले से मौजूद एनआरआई मामलों के विभाग को बरकरार रखा गया था। यानी करीब 21 महीनों से धालीवाल के पास प्रशासनिक सुधार विभाग का कार्यभार था।</p>
<h3>प्रशासनिक सुधार विभाग का नहीं था अस्तित्व</h3>
<p>अब पंजाब सरकार ने शुक्रवार (21 फरवरी) को एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि जिस प्रशासनिक सुधार विभाग का जिम्मा धालीवाल 21 महीने से संभाल रहे थे असल में पंजाब में वो विभाग मौजूद ही नहीं है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अब धालीवाल के पास केवल एनआरआई मामलों का विभाग ही रहेगा। यह बदलाव 7 फरवरी 2025 से मान्य माना जाएगा। ऐसा सिर्फ मई 2023 में ही नहीं हुआ था बल्कि इसके अगले साल सितंबर 2024 के मंत्रिमंडल पुनर्गठन में धालीवाल के पास दो विभागों को बरकरार रखा जिनमें प्रशासनिक सुधार विभाग भी शामिल था।</p>
<figure class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://pbs.twimg.com/media/GkUCpGTbgAAuiKa?format=png&amp;name=900x900" alt="Image" width="320" height="352" data-pin-no-hover="true" />
<figcaption class="wp-caption-text"><strong>पंजाब सरकार द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन</strong></figcaption>
</figure>
<p>पंजाब सरकार के सीनियर मंत्रियों में शामिल कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जाहिर है कि अगर धालीवाल के पास यह विभाग इतने लंबे समय से था तो उन्होंने उसकी कोई मीटिंग की योजना बनाई होगी, कुछ बजट का पूछा होगा और अगर धालीवाल ने ऐसा किया होता तो ज़रूर उन्हें पता चलता कि यह विभाग नहीं है। पंजाब सरकार के सूत्रों ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया <a href="https://www.tribuneindia.com/news/punjab/for-20-months-punjab-minister-headed-dept-that-never-existed/" target="_blank" rel="noopener nofollow">है</a> कि प्रशासनिक सुधार विभाग के लिए मंत्री को ना तो कोई स्टाफ आवंटित किया गया और ना ही इसकी कोई बैठक आयोजित की गई थी।</p>
<h3>बीजेपी ने बोला हमला</h3>
<p>यह मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने पंजाब सरकार पर जमकर हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने <a href="https://x.com/pradip103/status/1893148643147890781" target="_blank" rel="noopener nofollow">कहा</a>, “AAP ने पंजाब में शासन को मज़ाक बना दिया है! AAP के मंत्री ने 20 महीने तक ऐसा विभाग चलाया जो कभी अस्तित्व में ही नहीं था! कल्पना कीजिए कि 20 महीने तक मुख्यमंत्री को यह भी नहीं पता था कि एक मंत्री एक ‘अस्तित्वहीन विभाग’ चला रहे हैं।”</p>
<p>वहीं, बीजेपी की पंजाब इकाई के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा, “यह कैसी सरकार चल रही है। जोकरों को बना तो दिया है लेकिन इनके पास पंजाब को चलाने की कोई काबिलियत ही नहीं है। सुधारों का हाल ऐसा है कि सुधार वाला मंत्री ही फर्जी है।”</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#WATCH</a> | Chandigarh | On Punjab Minister Kuldeep Singh Dhaliwal ran &#39;non-existent&#39; department, BJP leader Fatehjung Singh Bajwa says, &quot;&#8230; Kuldeep Singh Dhaliwal is one of the most senior leaders of the Cabinet and he was leading a non-existent Department, which means no meeting… <a href="https://t.co/40JgXGWkpk">pic.twitter.com/40JgXGWkpk</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1893215494108479642?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 22, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>कांग्रेस ने भी उठाए सवाल</h3>
<p>पंजाब कांग्रेस के प्रमुख और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी AAP पर सवाल उठाए हैं। राजा वड़िंग ने <a href="https://x.com/ANI/status/1893220610601558322" target="_blank" rel="noopener nofollow">कहा</a>, “मुझे आश्चर्य है कि जो मंत्रालय धालीवाल को दिया गया था, वह अस्तित्व में ही नहीं था तो उन्होंने तब इस्तीफा क्यों नहीं दिया था?” उन्होंने कहा, “यह एक गंभीर विषय है कि सरकार और नौकरशाही किस तरह काम कर रही है जिनको यह भी नहीं पता कि जिस मंत्रालय के नाम की चिट्ठी उन्होंने राज्यपाल के यहां दी है वो मंत्रालय है ही नहीं।” राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब की सरकार केवल राम भरोसे चल रही है और पता नहीं पंजाब का आगे क्या होगा।</p>
<h3>हरसिमरत कौर का दिल्ली वाला तंज़</h3>
<p>बठिंडा की सांसद और शिरोमणी अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने भी AAP सरकार पर तंज़ कसा है। हरसिमरत ने ‘X’ पर एक पोस्ट में धालीवाल से जुड़ी खबर शेयर करते हुए लिखा, “यह आम आदमी पार्टी की स्टाइल वाला शासन है।” उन्होंने आगे लिखा, “मंत्रियों को ऐसे विभाग आवंटित किए गए जो अस्तित्व में ही नहीं हैं और मंत्रियों को खुद भी नहीं पता कि उनके पास कौन से विभाग हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मंत्रियों की शासन में कोई भूमिका नहीं है क्योंकि सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चल रही है।”</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">Governance <a href="https://twitter.com/AAPPunjab?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">@AAPPunjab</a> style. Allocate non existent departments to ministers who themselves are ignorant of the portfolios they hold. All this is happening because ministers have no role in governance as the govt is being run in remote control from Delhi. <a href="https://t.co/LNGyYfwGZX">pic.twitter.com/LNGyYfwGZX</a></p>&mdash; Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) <a href="https://twitter.com/HarsimratBadal_/status/1893158300675416121?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 22, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि पंजाब की AAP सरकार के शासन में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। मंत्री को 21 महीने तक एक ऐसे विभाग का कार्यभार मिलना जो अस्तित्व में ही नहीं है पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता को दिखाता है। अगर एक विभाग की प्रक्रिया में इतनी लापरवाही हो सकती है तो यह सवाल उठता है कि अन्य विभागों में क्या स्थिति होगी? विपक्ष के आरोपों का पंजाब सरकार को जवाब देना चाहिए और किसी भी ज़िम्मेदारी से भागने के बजाय मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bihar Assembly Election 2025: बिहार के सियासी दंगल की शुरु, कांग्रेस ने बदली योजना, जानिए क्या है राहुल गांधी की रणनीति</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/bihar-assembly-election-2025-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2025 08:49:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार विधानसभा चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[लालू यादव]]></category>
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					<description><![CDATA[पटना । बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी रणनीति बदल रही है। देश की सबसे पुरानी पार्टी और लालू यादव के नेतृत्व वाला दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) बिहार में गठबंधन में चुनाव लड़ता आ रहा है। एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार के साथ भी यह दोनों पार्टियां चुनाव लड़ चुकी है। ... <a title="Bihar Assembly Election 2025: बिहार के सियासी दंगल की शुरु, कांग्रेस ने बदली योजना, जानिए क्या है राहुल गांधी की रणनीति" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bihar-assembly-election-2025-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95/" aria-label="Read more about Bihar Assembly Election 2025: बिहार के सियासी दंगल की शुरु, कांग्रेस ने बदली योजना, जानिए क्या है राहुल गांधी की रणनीति">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1890" height="1064" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news.jpg" alt="" class="wp-image-482740" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news.jpg 1890w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news-1536x865.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/5JCTjP2uwXkBDeS_100102_news-150x84.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1890px) 100vw, 1890px" /></figure>



<p>पटना । बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपनी रणनीति बदल रही है। देश की सबसे पुरानी पार्टी और लालू यादव के नेतृत्व वाला दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) बिहार में गठबंधन में चुनाव लड़ता आ रहा है। एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार के साथ भी यह दोनों पार्टियां चुनाव लड़ चुकी है।</p>



<p>90 के दशक के बाद कांग्रेस का अस्तित्व बिहार में कमजोर हुआ है, वह राजद के भरोसे ही चुनाव लड़ती है। कांग्रेस ने हाल के दिनों में अपनी रणनीति में बदलाव किया है। दिल्ली चुनाव में इसकी झलक देखने को मिली।</p>



<p><br>बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ेगी लेकिन घटक दलों के बीच सीट बंटवारे में पार्टी इस बार ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ने की जिद्द के बजाय जीत की संभावना वाली सीट हासिल करने की कोशिश करेगी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सीट बंटवारे पर राजद और दूसरे घटक दलों के साथ बातचीत से पहले पार्टी ने सर्वे कराया है। सर्वे के मुताबिक पार्टी को सीट की संख्या के बजाय जीत की संभावना वाली सीट पर चुनाव लड़ना है।</p>



<p>करीब पांच दर्जन सीट पर पार्टी के पास संगठन और बेहतर उम्मीदवार हैं। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी गठबंधन के सहयोगियों के साथ कुछ सीट की अदला-बदली भी करेगी। पार्टी ने 2020 चुनाव में 70 सीट पर चुनाव लड़ा था पर इनमें ज्यादातर सीट सिर्फ गिनती बढ़ाने के लिए थी।</p>



<p>उन्होंने कहा कि गठबंधन के घटकदलों के साथ सीट बंटवारे पर कोई चर्चा नहीं हुई है, इतना साफ है कि कांग्रेस इस बार सीट की संख्या बढ़ाने के बजाय जीत पर ज्यादा ध्यान देगी। 2020 में कांग्रेस सिर्फ 19 सीट जीत सकी थी पार्टी को गठबंधन में पसंदीदा सीट मिलती है, तो कम सीट पर चुनाव लड़ सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कर्नाटक में तख्तापलट की तारीख नजदीक, क्या नवंबर तक CM रह पाएंगे सिद्दारमैया?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Feb 2025 00:37:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[D.K. Shivakumar]]></category>
		<category><![CDATA[karnataka]]></category>
		<category><![CDATA[Shivakumar vs Siddaramaiah]]></category>
		<category><![CDATA[siddaramaiah]]></category>
		<category><![CDATA[कर्नाटक]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[डी के शिवकुमार]]></category>
		<category><![CDATA[मैसूर घोटाला]]></category>
		<category><![CDATA[शिवकुमार vs सिद्दारमैया]]></category>
		<category><![CDATA[सिद्दरमैया]]></category>
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					<description><![CDATA[कर्नाटक में कांग्रेस के अंदरखाने दो गुटों के बीच की लड़ाई फिर खुलकर सामने आ गई है। सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के खेमे फिर आमने-सामने आ गए हैं। डिनर पार्टियों की इस राजनीति ने शीर्ष नेतृत्व के भी कान खड़े कर दिए हैं। इसकी शुरूआत हुई बीते महीने, जब 8 जनवरी को बेंगलुरु के ... <a title="कर्नाटक में तख्तापलट की तारीख नजदीक, क्या नवंबर तक CM रह पाएंगे सिद्दारमैया?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a4%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4/" aria-label="Read more about कर्नाटक में तख्तापलट की तारीख नजदीक, क्या नवंबर तक CM रह पाएंगे सिद्दारमैया?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/sidda-1684906339.jpg" alt="" class="wp-image-482046" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/sidda-1684906339.jpg 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/sidda-1684906339-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/sidda-1684906339-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/sidda-1684906339-150x84.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p>कर्नाटक में कांग्रेस के अंदरखाने दो गुटों के बीच की लड़ाई फिर खुलकर सामने आ गई है। सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के खेमे फिर आमने-सामने आ गए हैं। डिनर पार्टियों की इस राजनीति ने शीर्ष नेतृत्व के भी कान खड़े कर दिए हैं। इसकी शुरूआत हुई बीते महीने, जब 8 जनवरी को बेंगलुरु के रेडिसन ब्लू होटल में एससी-एसटी समुदाय के मंत्रियों की एक पार्टी रखी गई, लेकिन अचानक दिल्ली से एक फोन आया और इस पार्टी को रद्द कर दिया गया। बताया गया कि ये फ़ोन कांग्रेस के एक महासचिव (रणदीप सुरजेवाला) की तरफ़ से किया गया था। सूत्रों के मुताबिक सुरजेवाला ने कर्नाटक इकाई को आलाकमान का मैसेज दिया और बताया कि शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहता कि ऐसी कोई मीटिंग हो।</p>



<p>हालांकि ये बैठक रद्द क्यों हुई? इसकी वजह थे डी.के शिवकुमार। रिपोर्ट्स की मानें तो शिवकुमार ने दिल्ली दरबार पहुंचकर शिकायत की और कहा कि सिद्दारमैया अलग-अलग वर्गों के मंत्रियों की डिनर पार्टी कर रहे हैं, लेकिन उन्हे भरोसे में लिए बिना।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&nbsp;</h3>



<p>डी.के. शिवकुमार ने पार्टी आलाकमान से स्पष्ट कहा कि ऐसी बैठकों से पार्टी में फूट का गलत संदेश जा रहा है, साथ ही मीडिया को निगेटिव रिपोर्टिंग का मौका भी मिल रहा है। 8 जनवरी को आयोजित जिस बैठक को लेकर ये विवाद हुआ था वो गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुलाई थी, जिन्हें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया का दाहिना हाथ माना जाता है। दलित मंत्रियों-विधायकों की मीटिंग से पहले 2 जनवरी को ओबीसी वर्ग के मंत्रियों की भी ऐसी ही एक डिनर मीटिंग की जा चुकी थी। 2 जनवरी को हुई ये बैठक मंत्री सतीश जरकिलो के आवास पर आयोजित हुई थी।</p>



<p>माना जा रहा है कि ये बैठकें सिद्दारमैया गुट इसलिए आयोजित कर रहा था ताकि सरकार में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके, वो भी बिना डी.के. शिवकुमार को भरोसे में लिए। इन बैठकों के बाद से ही कर्नाटक कांग्रेस में ताजा राजनीतिक संकट पैदा हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को ख़ुद सामने आकर एक बयान जारी करना पड़ा, और पहली बार ये स्वीकार करना पड़ा कि मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला ढाई-ढाई साल के लिए ही तय हुआ था और वो इस समझौते से बंधे हुए हैं।</p>



<p>अब जब सिद्दारमैया ने सार्वजनिक रूप से इस समझौते को स्वीकार कर लिया है, तो फिर सवाल उठने लगा है कि क्या ढाई साल बिता लेने के बाद सिद्दारमैया, डीके शिवकुमार के लिए कुर्सी छोड़ेंगे? क्योंकि सिद्दारमैया ने18 मई 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इस नाते उनके ढाई साल इसी नवंबर में पूरे हो जाएंगे।</p>



<p>लेकिन कर्नाटक कांग्रेस की कहानी इतनी भी सीधी-सपाट नहीं है, क्योंकि इसी बीच मागड़ी विधायक एचसी बालकृष्ण ने दो टूक कह दिया कि डीके शिवकुमार जल्द ही मुख्यमंत्री बनने वाले हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मुख्यमंत्री बनने से क्यों चूक गए डीके शिवकुमार&nbsp;</strong></h3>



<p>कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कुर्सी की लड़ाई कब से और क्यों चल रही है? डी.के मुख्यमंत्री बनने से क्यों चूक गए? इसकी तह तक जाएं तो 2023 के विधानसभा चुनाव में जब 135 सीटों के साथ बहुमत से कांग्रेस सत्ता में आई तो मुख्यमंत्री बनने को लेकर सिद्दरमैया और डीके शिवकुमार के बीच होड़ देखने को मिली। डी.के के समर्थक उन्हें इसलिए मुख्यमंत्री देखना चाहते थे, क्योंकि पूरे चुनाव में उन्होंने चाणक्य की भूमिका निभाई। शानदार चुनाव प्रबंधन कर पार्टी को जीत दिलाई और पार्टी की चुनावी फंडिंग का भी ध्यान रखा। दरअसल डी.के की गिनती देश के सबसे अमीर नेताओं में होती है, जिनके पास 800 करोड की तो घोषित संपत्ति हैं…बाकी का भगवान जाने…. उधर, पार्टी के रणनीतिकारों का मानना रहा कि डीके जनाधार वाले नेता नहीं सिर्फ इलेक्शन मैनेजर हैं, जबकि सिद्दारमैया जनाधार के मामले में शिवकुमार से 21 ठहरते हैं।</p>



<p>सिद्दरमैया के समर्थकों के मुताबिक़ कर्नाटक में उनकी पिछड़ी जाति और मुस्लिम गठजोड़ की राजनीति बेहद कामयाब रही है। राज्य की पिछड़ा- कुरबा जाति से आने वाले सिद्दरमैया के साथ पिछड़े, मुस्लिम और दलित तीनों हैं। इतना ही नहीं राज्य में मुख्यमंत्री बनने की लालसा लिए हुए दो और सीनियर नेताओं- सतीश जरकिहोली और जी परमेश्वरा का समर्थन भी सिद्दारमैया के साथ है। शिवकुमार की बात करें तो उनके साथ उनकी जाति के वोक्कालिगा नेता और साथ में लिंगायत नेता भी जुड़े हैं। लेकिन कांग्रेस आलाकमान का मानना था कि लिंगायत मतदाता परंपरागत रूप से भाजपा के वोटर रहे हैं, और वोक्कालिगा ने भी भले ही इस बार कांग्रेस को वोट किया लेकिन हर बार ऐसा ही हो- कहा नहीं जा सकता।</p>



<p>खैर सिद्दारमैया गुट आलाकमान को समझाने में सफल रहा कि डी.के नहीं बल्कि सिद्दारमैया को सीएम बनने से ही कर्नाटक के जातीय समीकरण अच्छी तरह साधे जा सकेंगे। पहले तो सिद्धारमैया गुट का मकसद सिर्फ इतना था कि डी.के शिवकुमार को किसी भी तरह मुख्यमंत्री बनने से रोका जाए। इसमें सफलता मिली तो फिर सिद्दारमैया गुट डी.के शिवकुमार को और कमजोर करने में जुट गया, ताकि भविष्य में भी वे सिर न उठा सकें और उनकी दावेदारी को कमजोर किया जा सके। इसके बाद सिद्दारमैया गुट ने एक व्यक्ति-एक पद का फॉर्मूले का शोर मचाना शुरू कर दिया। क्योंकि डी.के डिप्टी सीएम होने के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। सिद्दारमैया गुट का मानना है कि मुख्यमंत्री के सामने डिप्टी सीएम की कोई बड़ी हैसियत नहीं होती। यहां तक कि उनकी फाइलों को भी CMO में रोका जा सकता है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की ताकत को रोक पाना मुश्किल है। क्योंकि सरकार भले ही सिद्दारमैया चला रहे हैं, लेकिन संगठन में तो डी.के के ही चल रही है। ऐसे में डी.के को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए अभियान भी चलाया जाने लगा।</p>



<p>इस अभियान के बाद अब डी.के शिवकुमार के समर्थक भी कहां चुप बैठने वाले थे। उन्होंने सिद्दारमैया को अपने नेता का त्याग गिनाना शुरू कर दिया। डी.के समर्थकों ने दलील दी कि वो तब से पार्टी के लिए त्याग करते आ रहे हैं, जब एन. धरम सिंह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने और वो चाहते तो वर्ष 2023 में ही टॉप लीडरशिप को ब्लैकमेल कर मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने सिद्दारमैया की राह में कांटे नहीं बिछाए बल्कि उन्हे सीएम बनने दिया। डी.के शिवकुमार के समर्थकों के मुताबिक़ ये भी पार्टी के लिए उनका बड़ा त्याग था। इसी बीच नए साल की शुरुआत होते ही कर्नाटक में कांग्रेस में लॉबिंग तेज हो गई। हालात इतने बिगड़े कि सिद्दारमैया को भी झुकना पड़ा और उन्होंने सत्ता हस्तांतरण यानी पॉवर ट्रांसफर की बात भी स्वीकार की और यह भी कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को लेना है। इस बीच सिद्दारमैया के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार बीआर पाटिल ने एक फरवरी को इस्तीफा दिया तो राजनीतिक संकट और गहरा गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कलबुर्गी जिले के अलांद से चार बार के विधायक हैं बी.आर पाटिल</strong></h3>



<p>सूत्रों के मुताबिक पाटिल पार्टी की आंतरिक गुटबाजी के शिकार हो गए, जिसके कारण सिद्दारमैया सरकार में उन्हें मंत्री बनने का मौका नहीं मिला। सिद्दरमैया जब उन्हें मंत्री बनाने में सफल नहीं हुए तो दिल रखने के लिए उन्हें अपना राजनीतिक सलाहकार बना लिया। लेकिन, मंत्री रहने का भौकाल अलग ही होता है। सलाहकार का महत्व तो तभी है, जो उसकी सलाह पर अमल भी हो। बस क्या था कि पाटिल ने उचित महत्व नहीं मिलने के कारण इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में अंदरखाने की लडाई फिर तेज हो गई है।</p>



<p>बताया जाता है कि पाटिल कलबुर्गी की जिस सीट से विधायक है, वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन&nbsp;खरगे&nbsp;का इलाका है। कलबुर्गी से ही खरगे के बेटे प्रियांक खरगे उनकी राजनीतिक विरासत संभाल रहे हैं। लेकिन पाटिल और प्रियांग खरगे में पटती नहीं है। कहा जाता है कि खरगे के वीटो लगा देने के कारण ही पाटिल मंत्री नहीं बन सके। दरअसल, कलबुर्गी में प्रियांक का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते मुख्यमंत्री के क़रीबी होने के बावजूद पाटिल ख़ुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं। वर्ष 2023 में सरकार बनने के बाद पाटिल को मंत्री बनाने की बात हुई थी, लेकिन उनकी जगह कलबुर्गी से प्रियांक और एक अन्य विधायक शरन प्रकाश को मंत्री पद मिल गया। यहां पूरी कोशिश के बाद भी सिद्दारमैया की नहीं एक नहीं चली।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सिद्दरमैया के घोटाले में फंसते ही डी.के &amp; कंपनी हुई मजबूत</strong></h3>



<p>पिछले साल 4000 करोड़ के मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी भूमि घोटाले में मुख्यमंत्री के फंसते ही डी.के एंड कंपनी की मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी और मजबूत हो गई। सिद्दारमैया के खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है। वो इस केस को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट भी पहुंचे, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। MUDA केस की वजह से सिद्दरमैया की अब तक रही बेदाग छवि को गहरा धक्का लगा है। इसीलिए माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व इस साल नवंबर में सिद्दारमैया का ढाई साल पूरा होते ही डीके शिवकुमार पर दांव खेल सकता है या फिर दोनों की लड़ाई में किसी तीसरे के हाथ बाजी लग सकती है।</p>



<p>एक और अहम बात है कि कुछ ऐसा ही फॉर्मला छत्तीसगढ़ में भी तय हुआ था, जहां भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव को ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री बनाने की बात तय हुई थी, लेकिन भूपेश बघेल पूरे पांच साल तक बने रहे और सिंहदेव को साइडलाइन कर दिया गया। बाद में चुनाव में कांग्रेस को इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी थी। कांग्रेस नेतृत्व ने इस घटना को सबक के तौर पर लिया होगा तो फिर कर्नाटक में परिवर्तन हो सकता है।</p>



<p>वैसे सिद्दारमैया और शिवकुमार के बीच मतभेद कोई नया नहीं है। सिद्दारमैया के पहले कार्यकाल में भी मतभेद रहा है। साल 2015 में सिद्दारमैया ने पहले कार्यकाल में जाति जनगणना भी कराई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। इसकी वजह भी डी.के शिवकुमार का विरोध ही था। बहरहाल, अब सवाल उठता है कि कर्नाटक में सिद्दारमैया कितने दिनों के मेहमान रह गए हैं? क्या ढाई साल पूरा होने पर ही वो गद्दी से उतरेंगे? या फिर घमासान रोकने के लिए कांग्रेस आलाकमान पहले ही चेहरा बदलेगा या फिर डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया की लड़ाई में जरकिहोली या जी परमेश्वर या फिर किसी दूसरे की लॉटरी निकलेगी?</p>
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