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	<title>जनगणना 2027 &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>जनगणना 2027 &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>जनगणना 2027: परिवार के मुखिया को देने होंगे 33 अहम सवालों के जवाब, नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें पूरी डिटेल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 02:36:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[केंद्र सरकार ने गुरुवार को जनगणना 2027 से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें जनगणना में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट है, जिसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी। इससे पहले सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी। पहला ... <a title="जनगणना 2027: परिवार के मुखिया को देने होंगे 33 अहम सवालों के जवाब, नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें पूरी डिटेल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/census-2027-family-heads-will-have-to-answer-33-important-questions-notification-issued-read-full-details/" aria-label="Read more about जनगणना 2027: परिवार के मुखिया को देने होंगे 33 अहम सवालों के जवाब, नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें पूरी डिटेल">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/census-2027-1765550343518-16_9-1024x576.webp" alt="" class="wp-image-509617" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/census-2027-1765550343518-16_9-1024x576.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/census-2027-1765550343518-16_9-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/census-2027-1765550343518-16_9-768x432.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/census-2027-1765550343518-16_9.webp 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="http://dainikbhaskarup.com">केंद्र सरकार</a> ने गुरुवार को <a href="http://dainikbhaskarup.com">जनगणना 2027</a> से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें जनगणना में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट है, जिसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इससे पहले सरकार ने बताया था कि जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें घरों की लिस्टिंग और घरों का डेटा जुटाया जाएगा। दूसरा फेज फरवरी 2027 से आबादी की गिनती से शुरू होगा।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://voiceofindia.online/wp-content/uploads/2026/01/jan1-435x1024.jpg" alt="Jan1" class="wp-image-8411"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पहला फेज 1 अप्रैल 2026 से</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 8 जनवरी को बताया था कि देश में होने वाली जनगणना 2027 का पहला फेज 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच किया जाएगा। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने यहां 30 दिनों में यह काम पूरा करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार ने यह भी कहा कि घरों की लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले लोगों को खुद से जानकारी भरने (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा। दरअसल जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था, जो अब 2027 में पूरी होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. आपदा में सटीक राहत-</strong> जियो टैगिंग से बना डिजिटल लेआउट मैप बादल फटने, बाढ़ या भूकंप जैसी आपदा के समय उपयोगी साबित होगा। सुदूर हिमालयी क्षेत्र में बसे किसी गांव में बादल फटने जैसी घटना के समय इस मैप से तुरंत पता चल जाएगा कि किस घर में कितने लोग रहते हैं। होटलों में क्षमता के हिसाब से कितने लोग रहे होंगे। इस ब्योरे से बचाव के लिए जरूरी तमाम नौका, हेलिकॉप्टर, फूड पैकेट आदि की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. परिसीमन में मदद मिलेगी-</strong> राजनीतिक सीमाएं जैसे संसदीय या विधानसभा क्षेत्रों का युक्तिसंगत तरीके से निर्धारण करने में भी इससे मदद मिलेगी। जियो टैगिंग से तैयार मैप से यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्षेत्र में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का संतुलित बंटवारा कैसे हो। समुदायों को ऐसे न बांट दिया जाए कि एक मोहल्ला एक क्षेत्र में और दूसरा मोहल्ला किसी अन्य क्षेत्र में शामिल हो जए। घरों के डिजी डॉट से डिलिमिटेशन की प्रक्रिया में आसानी होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. शहरी प्लानिंग में आसानी-</strong> शहरों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों या पार्कों की प्लानिंग करने में भी यह मैप उपयोगी साबित होगा। अगर किसी जगह के घरों के डिजिटल लेआउट में बच्चों की अधिकता होगी तो पार्क और स्कूल प्राथमिकता से बनाने की योजना तैयार की जा सकेंगी। यदि किसी बस्ती में कच्चे मकानों या खराब घरों की अधिकता दिखेगी तो वहां किसी मेडिकल इमरजेंसी के समय तत्काल मोबाइल राहत वैन भेजी जा सकेंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. शहरीकरण और पलायन दर का डेटा मिलेगा-</strong> इस जनगणना के दस साल बाद होनी वाली जनगणना में डिजिटल मैप के परिवर्तन आसानी से दर्ज किए जा सकेंगे। देश के विभिन्न हिस्सों में शहरीकरण की दर और पलायन के क्षेत्रों की मैपिंग की तुलना सटीक ढंग से की जा सकेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. मतदाता सूची से डुप्लीकेट नाम हट जाएंगे-</strong> आधार की पहचान के साथ जियो टैगिंग मतदाता सूची को सटीक और मजबूत बनाने में सहायक होगी। जब वोटर किसी भौगोलिक स्थान से डिजिटली जुड़ा होगा तो दोहरे पंजीकरण के समय उसके मूल निवास का पता भी सामने आएगा।</p>
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		<title>सरकार ने बताया कैसे होगी जनगणना, यहाँ जानें हर महत्वपूर्ण जानकारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 01:37:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली । केंद्र सरकार 11,718.24 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ जनगणना 2027 कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इसके मुताबिक पहली बार जनगणना में जातिगत गणना भी शामिल होगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण ... <a title="सरकार ने बताया कैसे होगी जनगणना, यहाँ जानें हर महत्वपूर्ण जानकारी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-government-has-explained-how-the-census-will-be-conducted-find-all-the-important-information-here/" aria-label="Read more about सरकार ने बताया कैसे होगी जनगणना, यहाँ जानें हर महत्वपूर्ण जानकारी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="768" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/untitled-5_1755000848-1024x768.jpg" alt="" class="wp-image-507532" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/untitled-5_1755000848-1024x768.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/untitled-5_1755000848-300x225.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/untitled-5_1755000848-768x576.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/untitled-5_1755000848.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली । केंद्र सरकार 11,718.24 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ जनगणना 2027 कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इसके मुताबिक पहली बार जनगणना में जातिगत गणना भी शामिल होगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा- पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा। पहली बार जनगणना में जातिगत गणना भी शामिल होगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा इकट्ठा किया जाएगा और केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। जनगणना को विभिन्न मंत्रालयों को विविध उद्देश्यों के लिए स्पष्ट, मशीन रीडेबल और एक्शनेबल फॉर्मेट में उपलब्ध भी कराया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण- हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलाया जाएगा। दूसरा चरण, यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। हालांकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों और हिमाचल एवं उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में यह चरण सितंबर 2026 में संचालित किया जाएगा। पूरे देश में इस विशाल अभियान को पूरा करने के लिए लगभग 30 लाख फील्ड कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें शिक्षक, पर्यवेक्षक और विभिन्न स्तरों के अधिकारी शामिल होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि यह पहली जनगणना होगी जिसमें मोबाइल ऐप, डिजिटल प्रश्नावली और केंद्रीय मॉनिटरिंग पोर्टल (सीएमएमएस) का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल डाटा संग्रह की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि रीयल-टाइम निगरानी भी आसान होगी। जनता को स्वयं अपनी जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा। सुरक्षा के लिए विशेष डिजिटल प्रावधान किए गए हैं। जनगणना 2027 के लिए विकसित ‘एचएलबी क्रिएटर’ वेब मैप एप्लिकेशन अधिकारियों को ब्लॉक मैपिंग में मदद करेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैष्णव ने एक सवाल पर बताया कि जनगणना की प्रश्वावली और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से एक अधिसूचना जारी की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं मंत्रिमंडल के इस साल 30 अप्रैल को लिए गए निर्णय के तहत इस बार जनगणना में जाति आधारित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि देश की सामाजिक विविधता को समझने और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह कदम जरूरी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना 2027 से जुड़े कामों के लिए लगभग 18,600 तकनीकी कर्मचारियों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी, जिससे करीब 1.02 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार उत्पन्न होगा। डिजिटल डेटा प्रबंधन और विश्लेषण से जुड़े कार्यों में लगी यह टीम भविष्य में भी बेहतर रोजगार अवसरों के लिए सक्षम होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। यह गांव, वार्ड और शहर स्तर तक विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगी। इसमें आवास, सुविधाएं, धर्म, भाषा, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रवासन और प्रजनन जैसे कई महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का विस्तृत डाटा एकत्र किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 के परिणामों को पहले की तुलना में काफी कम समय में जारी किया जाए और इसे “क्लिक पर उपलब्ध सेवा” के रूप में राज्यों और मंत्रालयों तक पहुंचाया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उल्लेखनीय है कि हर दस साल में देश में जनगणना कराई जाती है। इस हिसाब से 2021 में जनगणना की जानी थी लेकिन कोविड के कारण नहीं हो पायी। 16 जून को सरकार ने जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी की थी। जनगणना की तारीख एक मार्च 2027 होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली, 12 दिसंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार 11,718.24 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ जनगणना 2027 कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। इसके मुताबिक पहली बार जनगणना में जातिगत गणना भी शामिल होगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य दो चरणों में किया जाएगा- पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा। पहली बार जनगणना में जातिगत गणना भी शामिल होगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा इकट्ठा किया जाएगा और केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। जनगणना को विभिन्न मंत्रालयों को विविध उद्देश्यों के लिए स्पष्ट, मशीन रीडेबल और एक्शनेबल फॉर्मेट में उपलब्ध भी कराया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का पहला चरण- हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलाया जाएगा। दूसरा चरण, यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। हालांकि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों और हिमाचल एवं उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में यह चरण सितंबर 2026 में संचालित किया जाएगा। पूरे देश में इस विशाल अभियान को पूरा करने के लिए लगभग 30 लाख फील्ड कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें शिक्षक, पर्यवेक्षक और विभिन्न स्तरों के अधिकारी शामिल होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि यह पहली जनगणना होगी जिसमें मोबाइल ऐप, डिजिटल प्रश्नावली और केंद्रीय मॉनिटरिंग पोर्टल (सीएमएमएस) का उपयोग किया जाएगा। इससे न केवल डाटा संग्रह की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि रीयल-टाइम निगरानी भी आसान होगी। जनता को स्वयं अपनी जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा। सुरक्षा के लिए विशेष डिजिटल प्रावधान किए गए हैं। जनगणना 2027 के लिए विकसित ‘एचएलबी क्रिएटर’ वेब मैप एप्लिकेशन अधिकारियों को ब्लॉक मैपिंग में मदद करेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैष्णव ने एक सवाल पर बताया कि जनगणना की प्रश्वावली और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से एक अधिसूचना जारी की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं मंत्रिमंडल के इस साल 30 अप्रैल को लिए गए निर्णय के तहत इस बार जनगणना में जाति आधारित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि देश की सामाजिक विविधता को समझने और नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह कदम जरूरी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना 2027 से जुड़े कामों के लिए लगभग 18,600 तकनीकी कर्मचारियों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी, जिससे करीब 1.02 करोड़ मानव-दिवस का रोजगार उत्पन्न होगा। डिजिटल डेटा प्रबंधन और विश्लेषण से जुड़े कार्यों में लगी यह टीम भविष्य में भी बेहतर रोजगार अवसरों के लिए सक्षम होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। यह गांव, वार्ड और शहर स्तर तक विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगी। इसमें आवास, सुविधाएं, धर्म, भाषा, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रवासन और प्रजनन जैसे कई महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का विस्तृत डाटा एकत्र किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जनगणना 2027 के परिणामों को पहले की तुलना में काफी कम समय में जारी किया जाए और इसे “क्लिक पर उपलब्ध सेवा” के रूप में राज्यों और मंत्रालयों तक पहुंचाया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उल्लेखनीय है कि हर दस साल में देश में जनगणना कराई जाती है। इस हिसाब से 2021 में जनगणना की जानी थी लेकिन कोविड के कारण नहीं हो पायी। 16 जून को सरकार ने जनगणना 2027 की अधिसूचना जारी की थी। जनगणना की तारीख एक मार्च 2027 होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इस बार होगी डिजिटल जनगणना</strong><br>सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड बिल्कुल सटीक रहे।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>जाति आधारित गणना भी शामिल&nbsp;</strong><br>राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने जाति आधारित डाटा को भी जनगणना में शामिल करने का फैसला किया है। यह पहली बार होगा कि जाति की गणना को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से शामिल किया जाएगा। इससे सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के निर्माण में सटीक और व्यापक डेटा मिलेगा। सरकार का कहना है कि भारत जैसे विविधता वाले देश में जाति संबंधी जानकारी सार्वजनिक योजनाओं की टारगेटिंग और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।<br><br><strong>30 लाख कर्मियों की होगी तैनाती</strong><br>जनगणना 2027 में करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी लगाए जाएंगे। इनमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर और कई तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। यह जनगणना अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल ऑपरेशन होगा। इस दौरान लगभग 1.02 करोड़ मानव-दिन का रोजगार भी पैदा होगा। फील्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को उनके नियमित काम के अलावा यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इसके लिए मानदेय भी तय किया गया है।<br><br><strong>घर-घर जाकर होगा डिजिटल सर्वे</strong><br>जनगणना करने वाले गणनाकार (एन्यूमरेटर), जो आमतौर पर सरकारी शिक्षक होते हैं, अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप में घर-घर जाकर सभी जानकारी दर्ज करेंगे। हर घर का लोकेशन, सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की शिक्षा, भाषा, धर्म, रोजगार, विकलांगता, प्रवासन और अन्य जरूरी विवरण रिकॉर्ड किए जाएंगे। ऐप में डाले जाने वाले डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी फीचर जोड़े गए हैं, ताकि कोई डेटा लीक या गड़बड़ी न हो।<br><br><strong>लोग खुद भी भर सकेंगे फॉर्म</strong><br>सरकार इस बार लोगों को स्वयं-गणना यानी सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प भी देगी। लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे। इससे प्रक्रिया तेज होगी और सिस्टम का भार कम होगा। जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट नहीं है, उनके लिए फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा दर्ज करेंगे।<br><br><strong>जनगणना का आर्थिक प्रभाव&nbsp;</strong><br>सरकार ने कहा है कि डिजिटल जनगणना से डेटा बेहद तेज और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध होगा। यह डेटा सेंसस-एस-ए-सर्विस (सीएएएस) के रूप में मंत्रालयों और राज्यों को दिया जाएगा, ताकि एक क्लिक में जानकारी मिल सके। इसमें डैशबोर्ड, ग्राफ और मशीन रीडेबल फॉर्मेट शामिल होंगे। इससे योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी क्षेत्र की जरूरत के अनुसार तुरंत फैसले लिए जा सकेंगे।<br><br><strong>सरकार ने बताया जनगणना क्यों जरूरी</strong><br>सरकार का कहना है कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इससे पता चलता है कि देश में कितने लोग, किस जगह, किस हालात में, किन सुविधाओं के साथ रहते हैं। इसका उपयोग पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सभी योजनाओं में किया जाता है। यही डेटा लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायत क्षेत्रों के आरक्षण और परिसीमन के लिए भी जरूरी है।<br><br><strong>इससे पहले कब हुई थी जनगणना</strong><br>भारत में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 की जनगणना कोविड महामारी के कारण स्थगित करनी पड़ी थी। अब 2027 में यह प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 इस काम की कानूनी आधारशिला हैं। जनगणना भारत की सबसे पुरानी, भरोसेमंद और व्यापक डेटा स्रोत है, जिस पर देश की सभी प्रमुख सरकारी योजनाएं और नीतियां आधारित रहती हैं।</p>
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		<title>2027 में दो चरणों में होगी डिजिटल जनगणना&#8230;जानें प्रोसेस और क्या जानकारियां जुटाई जाएंगी</title>
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		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 08:40:56 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1308" height="722" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census.webp" alt="" class="wp-image-494786" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census.webp 1308w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-300x166.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-768x424.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/06/census-150x83.webp 150w" sizes="(max-width: 1308px) 100vw, 1308px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">देश में एक लंबे अंतराल के बाद अब जनगणना की तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। केंद्र सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना के लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा करते हुए बताया कि यह जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी और इसे पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। यानी अब जनगणना परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर तकनीक की मदद से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन का भी उपयोग किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना प्रक्रिया का पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जिसमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके बाद दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से देश के बाकी हिस्सों में शुरू होगा। खास बात यह है कि इस बार की जनगणना में जातिगत विवरण भी दर्ज किया जाएगा, जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस विशाल सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए केंद्र सरकार करीब 34 लाख फील्ड वर्कर्स और सुपरवाइज़र नियुक्त करेगी, जो घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इसके अलावा 1.3 लाख जनगणना अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी और डेटा प्रोसेसिंग का काम संभालेंगे।&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://pbs.twimg.com/media/Gti3qbCXwAAg9aQ?format=jpg&amp;name=large" alt="नोटिफिकेशन "/><figcaption class="wp-element-caption">नोटिफिकेशन</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">गरतलब है कि भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी, और अब लगभग 16 वर्षों बाद यह प्रक्रिया एक बार फिर से शुरू होने जा रही है लेकिन इस बार नए स्वरूप, नई तकनीक और जातिगत आँकड़ों के साथ। यह केवल एक गणना नहीं, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति का डिजिटल आईना बनने जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जनगड़ना के दो चरण</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">2027 में होने जा रही जनगणना को लेकर सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और यह अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत जनगणना मानी जा रही है। इस प्रक्रिया में डोर-टु-डोर जाकर जानकारी जुटाने के लिए देशभर में करीब 34 लाख फील्ड सर्वे कर्मी और सुपरवाइज़र तैनात किए जाएंगे, जो सीधे लोगों से संपर्क कर ज़मीनी स्तर पर आंकड़े इकट्ठा करेंगे। इनके साथ-साथ लगभग 1.3 लाख जनगणना पदाधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे, जो फील्ड से लेकर डेटा प्रोसेसिंग तक की जिम्मेदारी निभाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी और इसमें मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा, ताकि डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बन सके। इस बार जातिगत जानकारी भी पूछी जाएगी, जो कि कई सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के लिए महत्त्वपूर्ण डेटा का आधार बनेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मकानों की&nbsp;सूचीकरण&nbsp;और गणना (House Listing Operation – HLO) की जाएगी, जिसमें हर परिवार के आवास की स्थिति, संपत्ति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में जनगणना (Population Enumeration – PE) के तहत हर घर के प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी सूचनाएं ली जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जनगणना के दौरान स्व-गणना (self-enumeration) का विकल्प भी लोगों को दिया जाएगा, यानी कोई व्यक्ति चाहे तो खुद भी अपनी जानकारी मोबाइल ऐप के ज़रिए दर्ज कर सकेगा। बता दें कि यह स्वतंत्र भारत की आठवीं और कुल सोलहवीं जनगणना होगी। सरकार ने लोगों की निजता और डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता में रखा है। डेटा संग्रह से लेकर उसके ट्रांसफर और स्टोरेज तक हर स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी का दुरुपयोग या लीक न हो सके।</p>
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