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	<title>डोनाल्ड ट्रम्प &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>किसने किसको दिया धोखा! ट्रंप से अलग हुए एलन मस्क, कहा- छोड़ रहा हूं वाशिंगटन</title>
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		<pubDate>Thu, 29 May 2025 07:36:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन। आखिर जिस बात का डर था, वही हुआ। कुछ समय से ट्रंप प्रशासन की कछ नीतियों से नाराज चल रहे टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सरकार से अलग गए। वह सरकारी दक्षता विभाग का राजपाट छोड़कर अपने कारोबार की दुनिया में लौट गए। इस साल जनवरी में एक अंतराल के बाद दूसरी बार राष्ट्रपति ... <a title="किसने किसको दिया धोखा! ट्रंप से अलग हुए एलन मस्क, कहा- छोड़ रहा हूं वाशिंगटन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/betrayed-elon-musk-separated-from-trump-washington/" aria-label="Read more about किसने किसको दिया धोखा! ट्रंप से अलग हुए एलन मस्क, कहा- छोड़ रहा हूं वाशिंगटन">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="900" height="506" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-29T130424.471.jpg" alt="" class="wp-image-493417" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-29T130424.471.jpg 900w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-29T130424.471-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-29T130424.471-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-29T130424.471-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वाशिंगटन। आखिर जिस बात का डर था, वही हुआ। कुछ समय से ट्रंप प्रशासन की कछ नीतियों से नाराज चल रहे टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सरकार से अलग गए। वह सरकारी दक्षता विभाग का राजपाट छोड़कर अपने कारोबार की दुनिया में लौट गए। इस साल जनवरी में एक अंतराल के बाद दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने सरकारी दक्षता विभाग का गठन कर उसकी जिम्मेदारी मस्क को सौंपी थी। इस विभाग के गठन का मकसद सरकारी खर्चों में कटौती करना था। मस्क ने कहा कि वह वाशिंगटन छोड़ रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, एलन मस्क ने कहा कि वे अपनी कंपनियों पर अधिक समय बिताने के लिए अब सरकार से अलग हो रहे हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार मस्क और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अभी भी अच्छे संबंध हुए हैं। लेकिन उन्होंने (मस्क) यह स्पष्ट कर दिया है कि वे वाशिंगटन और संघीय नौकरशाही को उलटने के दौरान आई बाधाओं से निराश हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मस्क ने राष्ट्रपति ट्रंप के घरेलू नीति कानून पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्रीय घाटा बढ़ेगा। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से एक कंपनी की शिकायत की। इस कंपनी से मध्य पूर्व में एक कृत्रिम-बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर बनाने के लिए एक समझौता किया गया था। इस कंपनी ने ट्रंप की राजनीति के संचालन के लिए 100 मिलियन डॉलर का वादा किया था। ट्रंप का आरोप है कि इस कंपनी ने यह रकम अब तक नहीं दी। कभी खुद को ट्रंप का भरोसेमंद दोस्त बताने वाले मस्क ने अब उनसे कुछ फासला बना लिया है। उनका कहना है कि वे अब अपनी कंपनियों पर ध्यान देंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से खुद को अलग करने की घोषणा बुधवार को एक्स पर की। पिछले दिनों मस्क ने ट्रंप के &#8216;बिग ब्यूटीफुल&#8217; टैक्स बिल की खुलकर आलोचना की थी। मस्क ने एक्स पर लिखा कि उनका विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में निर्धारित समय समाप्त हो रहा है। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्यर्थ व्यय को कम करने के अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। यह मिशन समय के साथ और मजबूत होगा। यह आने वाली सरकारों में जीवन का एक तरीका बन जाएगा। सनद रहे राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान दोनों के बीच अच्छे संबंध बने। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मस्क ने ट्रंप की उम्मीदवारी का समर्थन ही नहीं किया बल्कि 25 करोड़ डॉलर का योगदान दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका के इस घटनाक्रम से राष्ट्रपति और दुनिया के सबसे अमीर आदमी के बीच गठबंधन की गांठ इतनी जल्द छूट जाएगी, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी पढ़े : <a href="https://bhaskardigital.com/jammu-and-kashmir-two-lashkar-terrorists-surrendered-shopian/" target="_blank" rel="noopener"><strong>जम्मू-कश्मीर : शोपियां में लश्कर के दो आतंकियों ने किया आत्मसमर्पण, सुरक्षबलों के सामने डाले हथियार</strong></a><br></p>
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		<title>VIDEO : ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में तीखी बहस, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- आप तीसरी वर्ल्ड वॉर की&#8230; </title>
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		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 00:36:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई। ट्रम्प ने अकड़कर जेलेंस्की से कहा कि वे अमेरिकी मदद के प्रति शुक्रगुजार नहीं हैं। ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरी वर्ल्ड वॉर ... <a title="VIDEO : ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में तीखी बहस, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- आप तीसरी वर्ल्ड वॉर की&#8230; " class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/video-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80/" aria-label="Read more about VIDEO : ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में तीखी बहस, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- आप तीसरी वर्ल्ड वॉर की&#8230; ">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="512" height="341" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t170319z1474232311rc2s3da67mr0rtrmadp3_1740765682.webp" alt="" class="wp-image-484226" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t170319z1474232311rc2s3da67mr0rtrmadp3_1740765682.webp 512w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t170319z1474232311rc2s3da67mr0rtrmadp3_1740765682-300x200.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t170319z1474232311rc2s3da67mr0rtrmadp3_1740765682-150x100.webp 150w" sizes="(max-width: 512px) 100vw, 512px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई। ट्रम्प ने अकड़कर जेलेंस्की से कहा कि वे अमेरिकी मदद के प्रति शुक्रगुजार नहीं हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरी वर्ल्ड वॉर की संभावना के साथ जुआ खेल रहे हैं। या तो आप डील करें या हम इस समझौते से बाहर हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ओवल ऑफिस आकर मीडिया के सामने अपनी बात रखना और हम पर दबाव बनाने की कोशिश करना अपमान की बात है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पर जेलेंस्की ने वेंस से पूछा कि क्या आप यूक्रेन गए हैं, वहां की समस्याएं देखने के लिए? इस युद्ध का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प ने झुंझलाते हुए कहा कि ​​​&#8217;हमें मत बताओ कि हमें क्या महसूस करना चाहिए। तुम हमें यह बताने की स्थिति में नहीं हो कि हम क्या महसूस करेंगे। हम बहुत मजबूत और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बहस के बाद जेलेंस्की व्हाइट हाउस से रवाना हो गए। ट्रम्प और उनके बीच मिनरल्स को लेकर डील नहीं हुई।</p>

<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">Trump just told Zelensky to SHUT HIS MOUTH<br>“No no. You’ve done a lot of talking.”<br>“Your country is in big trouble. You&#39;re not winning &#8230; You have a damn good chance of coming out okay because of us.” <a href="https://t.co/hYSDLp3GBL">pic.twitter.com/hYSDLp3GBL</a></p>&mdash; 𝐓𝐲𝐜𝐨𝐨𝐧𝐬<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2122.png" alt="™" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> (@J_BPeterson) <a href="https://twitter.com/J_BPeterson/status/1895538742632595673?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 28, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच बातचीत होते-होते बहस होने लगी&#8230;</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>ओवल ऑफिस में ट्रम्प से बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने युद्धविराम का विरोध किया और कहा, &#8216;कोई समझौता नहीं करेंगे। शांति की डील में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।&#8217;</li>



<li>इस पर ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा, &#8216;हम चाहते हैं ये जंग जल्द से जल्द खत्म हो जाए। उम्मीद है कि हमें ज्यादा सेना नहीं भेजनी पड़ेगी।&#8217;</li>



<li>ट्रम्प ने आगे कहा, &#8216;मैं खनिज समझौते की सराहना करता हूं, क्योंकि हमें उसकी जरूरत थी। हमारे देश के साथ अब उचित व्यवहार किया जा रहा है।&#8217;</li>



<li>इस बीच जेलेंस्की, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रम्प के बीच तीखी बहस हुई।</li>



<li>वेंस ने जेलेंस्की पर अपमानजनक बातचीत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मीडिया के सामने अपनी बात रखना और हम पर दबाव बनाने की कोशिश करना अपमान की बात है।</li>



<li>ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरे विश्व युद्ध का जुआ खेल रहे हैं। आपके लोग बहुत बहादुर हैं, लेकिन, या तो आप सौदा करने जा रहे हैं, या फिर हम बाहर हो जाएंगे। और अगर हम बाहर हो गए, तो आप लड़ेंगे।</li>



<li>ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि वह अमेरिकी मदद के बहुत शुक्रगुजार नहीं हैं। जिस तरह की बातचीत उन्होंने की है, वो मीडिया में काफी चलेगी।</li>



<li>जेलेंस्की ने वेंस से कहा कि क्या आप हमारी समस्याओं को देखने के लिए यूक्रेन आए हैं। वेंस ने कहा, मैंने इस बारे में पढ़ा है और देखा है। इस पर जेलेंस्की ने अपना सिर हिलाया और दूसरी ओर देखने लगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी आखिरकार जंग के परिणामों को महसूस करेगा।</li>



<li>इस बीच ट्रम्प निराश दिखाई दिए। उन्होंने जेलेंस्की को बीच में टोकते हुए कहते हैं कि हमें मत बताओ कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं। आप यह तय करने की स्थिति में नहीं हैं कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं। हम बहुत अच्छा और बहुत मजबूत महसूस करने जा रहे हैं।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जेलेंस्की ने ट्रम्प को जंग की तस्वीरें दिखाईं</strong></p>



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</figure>



<p class="wp-block-paragraph">इससे पहले ट्रम्प जेलेंस्की को रिसीव करने व्हाइट हाउस के गेट पर पहुंचे। उन्होंने जेलेंस्की से हाथ मिलाते वक्त मीडिया से कहा, &#8216;ये आज अच्छे से तैयार होकर आए हैं।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसे बाद दोनों व्हाइट हाउस के ओवल हाउस में बातचीत करने पहुंचे। ट्रम्प ने कहा कि अगर वे और जेलेंस्की मिलकर रूस और यूक्रेन के बीच जंग को रोक देंगे तो ये बहुत अच्छा होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पर जेलेंस्की ने ट्रम्प को जंग की तस्वीरें दिखाई और कहा कि शांति की डील में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा, &#8216;मुझे लगता है कि ट्रम्प हमारे साथ हैं।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जेलेंस्की को बिना चुनाव का तानाशाह कहकर पलटे ट्रम्प</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस मुलाकात से पहले ट्रम्प से जेलेंस्की को &#8216;तानाशाह&#8217; बताने वाले अपने बयान से पलट गए। ट्रम्प ने पिछले सप्ताह कहा था कि जेलेंस्की बिना चुनाव वाले तानाशाह हैं। उन्होंने सिर्फ अपनी जिद में देश को लड़ाई में झोंक दिया और लाखों जानें ले लीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शुक्रवार को जब व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने उनसे इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा &#8220;क्या मैंने ऐसा कहा? मुझे यकीन नहीं है कि मैंने ऐसा कहा।&#8221;</p>



<p class="wp-block-paragraph">इतना ही नहीं, ट्रम्प ने जेलेंस्की से मुलाकात को लेकर कहा कि जेलेंस्की को लेकर उनके मन में बहुत इज्जत है। उन्होंने कहा,</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>मुझे लगता है कि कल हमारी बहुत अच्छी मुलाकात होने वाली है। हम बहुत अच्छे से मिलजुलकर काम करेंगे। हम एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बहुत बहादुरी से लड़ाई लड़ी है।</em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद रूस-यूक्रेन जंग के तीन साल पूरे होने पर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि वे शांति की खातिर कुछ भी करने को तैयार हैं। अगर इस्तीफा देने से शांति आती है या यूक्रेन को NATO की सदस्यता मिलती है, तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Trump Zelensky Hot Talk:  ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में &#8216;तू-तू, मैं-मैं&#8217; का यहाँ पढ़िए पूरा किस्सा</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/trump-zelensky-hot-talk-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87/</link>
		
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		<pubDate>Sat, 01 Mar 2025 00:36:10 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[वोलोडिमर ज़ेलेंस्की]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई। ट्रम्प ने अकड़कर जेलेंस्की से कहा कि वे अमेरिकी मदद के प्रति शुक्रगुजार नहीं हैं। ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरी वर्ल्ड वॉर ... <a title="Trump Zelensky Hot Talk:  ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में &#8216;तू-तू, मैं-मैं&#8217; का यहाँ पढ़िए पूरा किस्सा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/trump-zelensky-hot-talk-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87/" aria-label="Read more about Trump Zelensky Hot Talk:  ट्रंप और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में &#8216;तू-तू, मैं-मैं&#8217; का यहाँ पढ़िए पूरा किस्सा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="512" height="368" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t165221z1454209734rc2s3da5tjmdrtrmadp3_1740763623-1.webp" alt="" class="wp-image-484229" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t165221z1454209734rc2s3da5tjmdrtrmadp3_1740763623-1.webp 512w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t165221z1454209734rc2s3da5tjmdrtrmadp3_1740763623-1-300x216.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t165221z1454209734rc2s3da5tjmdrtrmadp3_1740763623-1-150x108.webp 150w" sizes="auto, (max-width: 512px) 100vw, 512px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच यूक्रेन जंग पर व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई। ट्रम्प ने अकड़कर जेलेंस्की से कहा कि वे अमेरिकी मदद के प्रति शुक्रगुजार नहीं हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरी वर्ल्ड वॉर की संभावना के साथ जुआ खेल रहे हैं। या तो आप डील करें या हम इस समझौते से बाहर हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ओवल ऑफिस आकर मीडिया के सामने अपनी बात रखना और हम पर दबाव बनाने की कोशिश करना अपमान की बात है।</p>

<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">Trump just told Zelensky to SHUT HIS MOUTH<br>“No no. You’ve done a lot of talking.”<br>“Your country is in big trouble. You&#39;re not winning &#8230; You have a damn good chance of coming out okay because of us.” <a href="https://t.co/hYSDLp3GBL">pic.twitter.com/hYSDLp3GBL</a></p>&mdash; 𝐓𝐲𝐜𝐨𝐨𝐧𝐬<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2122.png" alt="™" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> (@J_BPeterson) <a href="https://twitter.com/J_BPeterson/status/1895538742632595673?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 28, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

<p class="wp-block-paragraph">इस पर जेलेंस्की ने वेंस से पूछा कि क्या आप यूक्रेन गए हैं, वहां की समस्याएं देखने के लिए? इस युद्ध का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प ने झुंझलाते हुए कहा कि ​​​’हमें मत बताओ कि हमें क्या महसूस करना चाहिए। तुम हमें यह बताने की स्थिति में नहीं हो कि हम क्या महसूस करेंगे। हम बहुत मजबूत और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बहस के बाद जेलेंस्की व्हाइट हाउस से रवाना हो गए। ट्रम्प और उनके बीच मिनरल्स को लेकर डील नहीं हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच बातचीत होते-होते बहस होने लगी…</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>ओवल ऑफिस में ट्रम्प से बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने युद्धविराम का विरोध किया और कहा, ‘कोई समझौता नहीं करेंगे। शांति की डील में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।’</li>



<li>इस पर ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा, ‘हम चाहते हैं ये जंग जल्द से जल्द खत्म हो जाए। उम्मीद है कि हमें ज्यादा सेना नहीं भेजनी पड़ेगी।’</li>



<li>ट्रम्प ने आगे कहा, ‘मैं खनिज समझौते की सराहना करता हूं, क्योंकि हमें उसकी जरूरत थी। हमारे देश के साथ अब उचित व्यवहार किया जा रहा है।’</li>



<li>इस बीच जेलेंस्की, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रम्प के बीच तीखी बहस हुई।</li>



<li>वेंस ने जेलेंस्की पर अपमानजनक बातचीत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मीडिया के सामने अपनी बात रखना और हम पर दबाव बनाने की कोशिश करना अपमान की बात है।</li>



<li>ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि आप कोई भी डील करने की स्थिति में नहीं हैं। आप तीसरे विश्व युद्ध का जुआ खेल रहे हैं। आपके लोग बहुत बहादुर हैं, लेकिन, या तो आप सौदा करने जा रहे हैं, या फिर हम बाहर हो जाएंगे। और अगर हम बाहर हो गए, तो आप लड़ेंगे।</li>



<li>ट्रम्प ने जेलेंस्की से कहा कि वह अमेरिकी मदद के बहुत शुक्रगुजार नहीं हैं। जिस तरह की बातचीत उन्होंने की है, वो मीडिया में काफी चलेगी।</li>



<li>जेलेंस्की ने वेंस से कहा कि क्या आप हमारी समस्याओं को देखने के लिए यूक्रेन आए हैं। वेंस ने कहा, मैंने इस बारे में पढ़ा है और देखा है। इस पर जेलेंस्की ने अपना सिर हिलाया और दूसरी ओर देखने लगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी आखिरकार जंग के परिणामों को महसूस करेगा।</li>



<li>इस बीच ट्रम्प निराश दिखाई दिए। उन्होंने जेलेंस्की को बीच में टोकते हुए कहते हैं कि हमें मत बताओ कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं। आप यह तय करने की स्थिति में नहीं हैं कि हम क्या महसूस करने जा रहे हैं। हम बहुत अच्छा और बहुत मजबूत महसूस करने जा रहे हैं।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जेलेंस्की ने ट्रम्प को जंग की तस्वीरें दिखाईं</strong></p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://bhaskardigital.com/wp-content/uploads/2025/03/582025-02-28t165219z1582727312rc2s3daczxxirtrmadp3_1740763596.webp" alt="" class="wp-image-491802"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">इससे पहले ट्रम्प जेलेंस्की को रिसीव करने व्हाइट हाउस के गेट पर पहुंचे। उन्होंने जेलेंस्की से हाथ मिलाते वक्त मीडिया से कहा, ‘ये आज अच्छे से तैयार होकर आए हैं।’</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसे बाद दोनों व्हाइट हाउस के ओवल हाउस में बातचीत करने पहुंचे। ट्रम्प ने कहा कि अगर वे और जेलेंस्की मिलकर रूस और यूक्रेन के बीच जंग को रोक देंगे तो ये बहुत अच्छा होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पर जेलेंस्की ने ट्रम्प को जंग की तस्वीरें दिखाई और कहा कि शांति की डील में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा, ‘मुझे लगता है कि ट्रम्प हमारे साथ हैं।’</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जेलेंस्की को बिना चुनाव का तानाशाह कहकर पलटे ट्रम्प</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस मुलाकात से पहले ट्रम्प से जेलेंस्की को ‘तानाशाह’ बताने वाले अपने बयान से पलट गए। ट्रम्प ने पिछले सप्ताह कहा था कि जेलेंस्की बिना चुनाव वाले तानाशाह हैं। उन्होंने सिर्फ अपनी जिद में देश को लड़ाई में झोंक दिया और लाखों जानें ले लीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शुक्रवार को जब व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने उनसे इस टिप्पणी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा “क्या मैंने ऐसा कहा? मुझे यकीन नहीं है कि मैंने ऐसा कहा।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">इतना ही नहीं, ट्रम्प ने जेलेंस्की से मुलाकात को लेकर कहा कि जेलेंस्की को लेकर उनके मन में बहुत इज्जत है। उन्होंने कहा,</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong><em>मुझे लगता है कि कल हमारी बहुत अच्छी मुलाकात होने वाली है। हम बहुत अच्छे से मिलजुलकर काम करेंगे। हम एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बहुत बहादुरी से लड़ाई लड़ी है।</em></strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद रूस-यूक्रेन जंग के तीन साल पूरे होने पर पर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि वे शांति की खातिर कुछ भी करने को तैयार हैं। अगर इस्तीफा देने से शांति आती है या यूक्रेन को NATO की सदस्यता मिलती है, तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/briberys-trump-card-no-legal-action-against-american-companies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Feb 2025 07:18:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[DAINIK BHASKAR]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रंप]]></category>
		<category><![CDATA[डोनाल्ड ट्रम्प]]></category>
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					<description><![CDATA[अमरीका ने मान लिया है कि रिश्वत व्‍यवसाय के लिए जरूरी है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमरीकी कंपनियों को साफ-साफ संकेत दिया है, रिश्वत दे दो – ठेके ले लो, अमरीका में उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने जिस विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) पर रोक लगाई ... <a title="रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/briberys-trump-card-no-legal-action-against-american-companies/" aria-label="Read more about रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="545" height="307" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-483893" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM.jpeg 545w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM-300x169.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM-150x84.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 545px) 100vw, 545px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीका ने मान लिया है कि रिश्वत व्&#x200d;यवसाय के लिए जरूरी है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमरीकी कंपनियों को साफ-साफ संकेत दिया है, रिश्वत दे दो – ठेके ले लो, अमरीका में उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने जिस विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) पर रोक लगाई है, वह अमेरिका से जुड़ी फर्मों और लोगों को विदेश में अपने व्यापार को सुरक्षित करने के लिए विदेशी अधिकारियों को पैसे या उपहार या किसी भी तरह की रिश्वत देने से प्रतिबंधित करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने करीब 50 साल पुराने इस कानून को निलंबित कर दिया है। इस कानून पर रोक लग जाने के बाद अमरीकियों के लिए विदेशों में व्यापार के लिए रिश्वत देना अपराध नहीं रहेगा। ट्रम्प ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को इस कानून के तहत दिए गए फैसलों की समीक्षा करने के लिए गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का कहना है कि यह कानून अमरिकी कंपनियों के लिए ‘एक आपदा’ है। ट्रंप का कहना है कि जब अन्य देशों की कंपनियां आसानी से रिश्वत देकर व्यापार कर रही है ऐसे में यह कानून अमरिकी व्यापारियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्द्धा में कमजोर बना रहा है। ट्रंप ने इस कानून को ‘जिम्मी कार्टर की बेकार योजना’ बताया और कहा कि इससे अमेरिकी कंपनियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। अब अमरीकी कंपनियों के खिलाफ एफसीपीए के तहत मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे। यानी अब अमेरिकी कंपनियां विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देकर अपने सौदे पक्के कर सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीकी राष्&#x200d;ट्रपति इस समय महाशक्ति होने के नाते दुनिया के सामने स्&#x200d;वयं को आदर्श के रूप में प्रस्&#x200d;तुत करने के बजाय व्&#x200d;यापार और व्&#x200d;यवसाय के क्षेत्र में अपने देश का वर्चस्&#x200d;व स्&#x200d;थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, अपने इन प्रयासों के तहत वे अपने देश के व्&#x200d;यापारियों को आश्&#x200d;वस्&#x200d;त कर रहे हैं कि अगर वे दुनिया के अन्&#x200d;य देशों में रिश्&#x200d;वत देकर व्&#x200d;यवसाय हासिल करते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। ट्रम्प के इस निर्णय का सीधा-सीधा संकेत समझा जा सकता है कि रिश्वतखोरी और रिश्वतखोरों को सुधारा नहीं जा सकता, इसलिए रिश्वत-रिश्वतखोरी-रिश्वतखोरों का रोना रोने से अच्छा है कि रिश्वत को मान्यता ही दे दी जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प के इस ट्रम्प कार्ड ने बिटवीन द लाइन्स बहुत सारी बात कह दी है। जो लोग रिश्वत खाकर खुद को व्हाइट कॉलर होने का दिखावा करते हैं, उन पर भी सीधी-सीधी चोट कर दी गई है। महाशक्ति ने स्वीकार कर लिया है कि रिश्वतखोरी होती ही है, ऐसे में कोई दिखावा करने वाली बात है ही नहीं। आम जनता तो बोलती ही है, अब संवैधानिक पद पर चुने हुए नेता भी बोल रहे हैं तो उसके मायने साफ हैं, डील अब सीधी-सीधी कर लो। ट्रम्प के संकेत स्पष्ट हैं कि सारे काम इसी तरह हो रहे हैं, फिर शर्माना कैसा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन, ट्रम्प ने अपने देश के व्&#x200d;यापारियों को रिश्&#x200d;वत का ट्रम्प कार्ड अमरीका से बाहर खेलने के संकेत दिए हैं। अमरीका के भीतर रिश्वतखोरी को ट्रम्प शायद ही बर्दाश्त करें। इसकी बानगी उनके पीछे-पीछे आए मस्क के बयान से भी समझी जा सकती है। अमरीका में डिपार्टमेंटऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क ने ट्रम्प के रिश्वत वाले निर्णय के एक दिन बाद व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर हावी नौकरशाही को कठघरे में खड़ा किया। मस्क ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार के स्थान पर वास्तव में ब्यूरोक्रेसी सरकार चलाती रही है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बाद पावरफुल माने जाने वाले एलन मस्क का यह बयान भी बड़े संकेत दे गया है। जब अमरीका में ही शीर्ष नेतृत्व ने ब्यूरोक्रेसी को लेकर ऐसी धारणा बयां की है, तब अन्य देशों की स्थिति पर चर्चा शुरू होनी ही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब तक आम आदमी ही पीड़ा में इस तरह की बातें करता रहा है, इस देश को जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि ईस्ट इंडिया कम्पनी के बाद आईएएस और आरएएस नाम की कम्पनियां चला रही हैं। रियासतकाल में सिर्फ 565 रियासतों के राजा ही वीआईपी होते थे, अब तो हर छोटा-मोटा अफसर वीआईपी है। अफसर तो अफसर, उनका परिवार भी वीआईपी ही होता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है किसी बड़े मंदिर में लगी दर्शनार्थियों की कतार के बीच अफसरों के परिवारजनों का पुलिस सुरक्षा में बेधड़क आगे पहुंच जाना। आम आदमी यह नजारा आए दिन देखता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शायद इन्हीं परिस्थितियों को विश्व की महाशक्ति के नेताओं ने समझा और रिश्वतखोरी और नौकरशाही को चर्चा के केन्द्र में ला दिया है। समझना मुश्किल नहीं है कि अब रिश्वतखोर को आम आदमी खुलेआम भ्रष्ट कह दे तो आश्चर्य नहीं होगा, आम आदमी यह तर्क दे सकता है कि भई, कष्ट क्यों हो रहा है, अब तो अमरीका ने खुले आम रिश्वत देने की बात कह दी है। अब तक अंडर द टेबल की इबारत यूज की जाती थी, अब तो टेबल के ऊपर ही डील हो जाएगी। लेकिन, ऊपर द टेबल में मजा यह भी आ सकता है कि रिश्वत की बोली लगे। मसलन किसी ठेके को लेने के लिए न्यूनतम रिश्वत निर्धारित कर दी जाए और उसके बाद ठेका प्राप्त करने के इच्छुक आवेदक उसके ऊपर बोली लगाएं, जिसकी सबसे ज्यादा होगी, उसे ठेका दे दिया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैसे, यदि इस परम्परा को ओपन करने के साथ अधिकतम बोली को कार्यादेश की अनुमानित लागत में अतिरिक्त जोड़ने की नीति बना ली जाए तो और भी अच्छा रहेगा, कम से कम किए जाने वाली कार्य की गुणवत्ता बरकरार रहेगी। इससे अब तक जो जनतो को दोहरा नुकसान हो रहा था वह नहीं होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दोहरे नुकसान को भी समझ लीजिये। कहावत तो सुनी ही होगी, तेल तो तिलों में से ही निकलता है। रिश्वत देने वाला कार्य की गुणवत्ता के साथ समझौता करके ही इसकी भरपाई करता था। रिश्वत भी जनता के आयकर से दिया जाने वाला हिस्सा होती है और उसी आयकर से बनने वाली सड़क, पुल या अन्य वस्तु की गुणवत्ता में समझौता भी जनता ही भुगतती है। अब यदि, रिश्वत को ओपन डोमेन में ला दिया जाए और अनुमानित लागत में जोड़ने का प्रावधान कर दिया जाए तो गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं होगा और जनता को रिश्वत और गुणवत्ता दोनों के बजाय सिर्फ रिश्वत का ही भार झेलना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प एक महाशक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्होंने कोई भी बात ऐसे ही नहीं कह दी होगी। साफ जाहिर है कि उन्हें पता होगा कि वेतन और रिश्वतखोरी में क्या अंतर्सम्बंध हैं। अचानक कोई सामान्य से सरकारी वेतन वाला कुछ ही वर्षों में एसयूवी, बंगले का मालिक कैसे बन रहा है। कैसे एक सामान्य से सरकारी वेतन वाले के बच्चे लाखों की फीस वाले महंगे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। बात इतनी ही नहीं है, संवैधानिक नियमावली की पालना करना सामान्य नागरिक का ही कर्तव्य बन गया है, सरकारी कार्मिक से लेकर सरकार तक के पास उस नियमावली में गली निकालने की पूरी छूट है। और तो और अब पब्लिक डोमेन में विजिलेंस डिपार्टमेंट पर ही एक और गोपनीय विजिलेंस विभाग की आवश्यकता की बातें होने लगी है, लेकिन नैतिकता की गारंटी यहां भी कहां है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और एलन मस्क के रिश्वत व हावी ब्यूरोक्रेसी पर बयानों को सामान्य समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह रिश्वतखोरी और नौकरशाही पर बड़ा प्रहार साबित हो या न हो, भारत जैसे देशों के लिए यह आंखें खोलने का वक्त है। भारत में भी रिश्वतखोरी के मामलों की कोई कमी नहीं है। यदि अमरीकी कम्पनियों को छूट मिल गई है तो वे भारत में भी रिश्वत देकर अपना काम निकालने का प्रयास करेंगी ही, ऐसे में अगर भारत में भी ऐसे कानूनों को कमजोर किया गया, तो भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका के साथ देश के व्यापार जगत को नुकसान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे जैसी स्थिति बन सकती है। यूरोपीय संघ ने भी इस फैसले की आलोचना की है और कहा कि यह वैश्विक व्यापार के लिए खतरनाक हो सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पूरे प्रकरण से भी यदि वैश्विक स्तर पर रिश्वतखोरी के खिलाफ नौकरशाही में नैतिकता जाग जाए तो बेहतर है, इस पर वृहद चर्चा का समय आ गया है। आम आदमी भी यही चाहता है कि रिश्वतखोरी और इंस्पेक्टर राज पर सरकार बोलने वालों को अभयदान दे, वर्ना सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों के व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगते देर नहीं लगेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पाक में जन्मा, कनाडाई नागरिक, 26/11 का मास्टरमाइंड… कौन है तहव्वुर हुसैन राणा, जिसे भारत को सौंप रहे हैं ट्रम्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Feb 2025 08:55:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[26/11 terror attack]]></category>
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		<category><![CDATA[कौन है तहव्वुर राणा]]></category>
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		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी अमरीकी दौरा]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं, जहां गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस वार्ता में न केवल व्यापार और रक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई , बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ दिया। राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने मुंबई के 26/11 ... <a title="पाक में जन्मा, कनाडाई नागरिक, 26/11 का मास्टरमाइंड… कौन है तहव्वुर हुसैन राणा, जिसे भारत को सौंप रहे हैं ट्रम्प" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0/" aria-label="Read more about पाक में जन्मा, कनाडाई नागरिक, 26/11 का मास्टरमाइंड… कौन है तहव्वुर हुसैन राणा, जिसे भारत को सौंप रहे हैं ट्रम्प">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/PM-Modi-In-USA-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-482305" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/PM-Modi-In-USA-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/PM-Modi-In-USA-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/PM-Modi-In-USA-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/PM-Modi-In-USA-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं, जहां गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी ऐतिहासिक द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस वार्ता में न केवल व्यापार और रक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई , बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ दिया। राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और पाकिस्तान में जन्मे आतंकवादी तहव्वुर हुसैन राणा को भारत प्रत्यर्पित करने का ऐलान किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 26/11 हमलों के गुनहगार तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी है। अब वह भारत की धरती पर अपने कुकर्मों का हिसाब देगा।” वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक फैसले पर राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताते हुए कहा, “मैं राष्ट्रपति जी का आभारी हूं कि 2008 में जिसने भारत में नरसंहार किया था, उस मुल्जिम को भारत के हवाले करने का निर्णय किया गया है. भारत की अदालतें उचित कार्रवाई करेंगी.”</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1920" height="1080" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928.webp" alt="" class="wp-image-482306" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928.webp 1920w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928-768x432.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928-1536x864.webp 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/l1220250214102928-150x84.webp 150w" sizes="auto, (max-width: 1920px) 100vw, 1920px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>लम्बे समय से है इन्तजार&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की लंबी और कठिन लड़ाई आखिरकार भारत के पक्ष में समाप्त हुई। 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को भारत लाने की वर्षों पुरानी मांग पर अब अमेरिका ने सहमति जताकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। फिलहाल राणा अमेरिका की एक जेल में बंद है, लेकिन अब वह भारत की अदालतों में अपने घिनौने अपराधों का जवाब देगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी 2024 को राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी देते हुए उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका को भी खारिज कर दिया था। इससे पहले, अमेरिकी अदालत ने राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की अनुमति भी दी थी। हालांकि, पिछले साल नवंबर में राणा ने इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने खारिज कर दिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2009 में FBI द्वारा गिरफ्तार किए गए राणा को लेकर यह फैसला भारत की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और अमेरिका के साथ उसकी मजबूत साझेदारी की एक बड़ी जीत मानी जा रही है। अब भारत उस साजिशकर्ता को अपने न्याय तंत्र के कठघरे में खड़ा करेगा जिसने निर्दोषों की जान लेकर देश की धरती को लहूलुहान किया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>26/11 के साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा का पूरा कच्चा चिट्ठा</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">26 नवंबर 2008 की वह भयावह रात, जब 10 आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला कर 164 निर्दोषों की जान ले ली, आज भी हर भारतीय के दिल में जख्म छोड़ गई है। इस हमले के पीछे जो नाम उभरा, वह है तहव्वुर हुसैन राणा। पाकिस्तान में जन्मा यह कनाडाई नागरिक आतंकवाद का एक ऐसा चेहरा है, जिसने अपने षड्यंत्रों से भारत में दहशत फैलाने में मदद की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुंबई हमले के दौरान 9 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया, जबकि अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। 2012 में कसाब को फांसी दी गई, लेकिन इस आतंकी साजिश की जड़ें गहरी थीं। जांच के दौरान अमेरिकी-पाकिस्तानी नागरिक डेविड हेडली का नाम सामने आया, जिसने&nbsp;साजिश&nbsp;को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई। हेडली से पूछताछ के बाद तहव्वुर राणा का नाम भी सामने आया, जो इस नरसंहार का एक और बड़ा किरदार निकला।</p>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>पाकिस्तान से कनाडा तक का सफर</strong></h5>



<p class="wp-block-paragraph">तहव्वुर हुसैन राणा का जन्म और परवरिश पाकिस्तान में हुई। मेडिकल की पढ़ाई के बाद उसने पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर में काम किया। लेकिन 1997 में वह अपनी पत्नी के साथ कनाडा चला गया और 2001 में कनाडा की नागरिकता हासिल कर ली। बाद में उसने अमेरिका के शिकागो में इमिग्रेशन और ट्रैवल एजेंसी खोली। लेकिन यह एजेंसी आतंक की योजनाओं का मुखौटा साबित हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शिकागो में उसने डेविड हेडली से अपने पुराने संबंध फिर जोड़े। हेडली ने मुंबई हमलों की साजिश रचने के दौरान 2006 से 2008 तक कई बार भारत की यात्राएं कीं। शक से बचने के लिए हेडली ने राणा की ट्रैवल&nbsp;<a href="https://www.hindustantimes.com/india-news/donald-trump-approves-extradition-of-26-11-mumbai-attack-accused-tahawwur-rana-101739488705363.html" rel="noreferrer noopener" target="_blank">एजेंसी</a>&nbsp;की मदद ली और इसकी एक शाखा मुंबई में खोली। अदालत में यह साबित हुआ कि राणा लश्कर-ए-तैय्यबा के इशारों पर काम कर रहा था।</p>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>गिरफ्तारी और आतंक का पर्दाफाश&nbsp;</strong></h5>



<p class="wp-block-paragraph">अक्टूबर 2009 में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने राणा और हेडली को शिकागो एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। उनकी योजना डेनमार्क के जिलैंड्स-पोस्टेन अखबार पर हमला करने की थी, जिसने पैगंबर मोहम्मद के विवादास्पद कार्टून प्रकाशित किए थे। पूछताछ के दौरान मुंबई हमलों में इनकी भूमिका भी उजागर हुई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राणा को 12 गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया गया, जिसमें मुंबई हमलों के दौरान छह अमेरिकी नागरिकों की हत्या में मदद करना भी शामिल था। अदालत में यह भी सामने आया कि हेडली ने पाकिस्तान में लश्कर के प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था और राणा ने उसे हर संभव मदद दी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आतंक के खिलाफ सख्त संदेश&nbsp;</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तहव्वुर राणा ने न केवल मुंबई हमलों की साजिश में मदद की, बल्कि पाकिस्तान में पलने वाले आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की कोशिश की। अब जब अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला किया है, जिसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। अब भारत की धरती पर राणा को उसके अपराधों का जवाब देना होगा, और यह हर भारतीय के लिए आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की जीत का प्रतीक है।</p>
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		<title>हाथ-पाँव बाँध कर अप्रवासियों को भगा रहा अमेरिका&#8230;देश भर में फैले हैं लाखों बांग्लादेशी, इनमें ISI की भी पैठ&#8230;भारत के लिए भी खतरा है&#8230;.</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Feb 2025 01:35:12 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-481836" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका ने हाल ही में (5 फ़रवरी 2025, बुधवार) 104 भारतीय नागरिकों को अवैध प्रवास के आरोप में डिपोर्ट कर भारत भेजा। इन नागरिकों को लेकर अमेरिकी सेना का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा ऐसे में अमरीका से भारत आए हरविंदर सिंह ने बताया, “40 घंटों तक हमें हथकड़ियों में जकड़ा गया, हमारे पैरों में जंजीरें बंधी थीं और हमें अपनी सीट से हिलने की भी इजाजत नहीं थी। बार-बार अनुरोध करने के बाद, हमें खुद को घसीटते हुए वॉशरूम तक जाने की अनुमति मिली। क्रू वॉशरूम का दरवाजा खोलता और हमें अंदर धकेल देता।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह मुद्दा संसद में भी जोर-शोर से उठाया गया। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की विदेश नीति और भारतीय नागरिकों के अधिकारों से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “अमेरिका को निर्वासन का अधिकार है, लेकिन उन्हें जिस तरह मिलिट्री प्लेन में वापस भारत भेजा गया वो अमानवीय है. वे अपराधी नहीं हैं. भारत को कहना चाहिए कि यह उचित नहीं है।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि, विपक्ष को यह समझना होगा कि इस मुद्दे को केवल भावनात्मक दृष्टिकोण से देखने के बजाय एक व्यापक दृष्टि से समझने की जरूरत है। हर देश को अपनी सीमाओं और संसाधनों की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवास पर कार्रवाई करनी पड़ती है। अवैध प्रवासियों की उपस्थिति केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह देश के सीमित संसाधनों पर भी दबाव डालती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यहां तक की भारत, जो पहले से ही रोजगार, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना कर रहा है, इस बढ़ते बोझ को नजरअंदाज नहीं कर सकता। यह मुद्दा केवल राजनीतिक दलों के बीच बहस का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे भारतीय नागरिकों के अधिकारों और देश के संसाधनों की रक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। ऐसे में क्या प्रधानमंत्री मोदी इस चुनौती का सामना करने के लिए अमेरिकी मॉडल से प्रेरणा लेते हुए अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के लिए सख्त कदम उठाएंगे?</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत के लिए भी खतरा है अवैध प्रवासन</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अवैध प्रवासन: भारत के लिए बढ़ती चुनौती</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत में अवैध प्रवासन एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो देश की सीमाओं, सामाजिक संतुलन और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में, अमेरिका से 104 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर भारत भेजा गया। इस घटना ने संसद में तीखी बहस छेड़ दी। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विषय पर 2022 की प्यू रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका में बिना दस्तावेजों के रह रहे भारतीयों की संख्या 6.75 लाख तक है। यही नहीं Bolts की रिपोर्ट के अनुसार, U.S. Immigration &amp; Customs Enforcement (ICE) हर रात औसतन 37,000 प्रवासियों को<a href="https://boltsmag.org/the-past-and-present-of-immigration-detention-your-questions-answered/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">&nbsp;हिरासत</a>&nbsp;में रखता है। इस प्रक्रिया में वे स्थानीय शेरिफ कार्यालयों के साथ साझेदारी करते हैं, जो अपने स्थानीय जेलों में प्रवासियों को रखने के बदले मुनाफा कमाते हैं। यह नेटवर्क पिछले सौ वर्षों से अमेरिका में ऑपरेट कर रहा है और इसके संचालन में काफी कम निगरानी होती है। इसके अलावा, निजी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे अन्य डिटेंशन सेंटर्स की संख्या भी बढ़ी है। ट्रंप प्रशासन ने इस नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बनाई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में आप समझ सकते हैं जब अमेरिका जैसे विकसित देश के लिए अवैध प्रवासन एक बड़ी और गंभीर चुनौती बन चुका है, तो यह सोचना लाजिमी है कि भारत जैसे विकासशील देश पर इसका कितना गंभीर असर हो सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>भारत-बांग्लादेश सीमा: समस्याओं का केंद्र</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">भारत और बांग्लादेश की 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा से हर साल बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी भारत में प्रवेश करते हैं। यह सीमा घने जंगलों, पहाड़ों और नदियों से होकर गुजरती है, जिससे इसकी निगरानी बेहद कठिन हो जाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन प्रवासियों की पहुंच अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही; ये दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु जैसे शहरों के अलावा उत्तर-पूर्वी राज्यों तक फैल चुके हैं। सिलीगुड़ी कॉरिडोर में इनकी बढ़ती उपस्थिति भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, खासकर जब पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ बांग्लादेश के संबंधों में बदलाव हो रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति पर प्रभाव&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अवैध प्रवासन केवल सामाजिक और आर्थिक दबाव तक सीमित नहीं है; यह राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करता है। 2003-04 में आयी एक रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रभाव 25 लोकसभा सीटों और 120 विधानसभा सीटों तक फैला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा, इन प्रवासियों द्वारा भारतीय पहचान पत्र हासिल करने से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2003 तक दिल्ली में लगभग 6 लाख बांग्लादेशी अवैध प्रवासी भारतीय पहचान पत्र प्राप्त कर चुके थे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>आईएसआई का षड्यंत्र और अवैध घुसपैठ का बढ़ता खतरा</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बांग्लादेश में अपनी गतिविधियां और तेज कर दीं, खासकर भारत विरोधी षड्यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए। 2002 में कोलकाता में कई आईएसआई एजेंट पकड़े गए, जो बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे। यह गिरफ्तारी आईएसआई की गहरी साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए काफी थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तत्कालीन विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने उस समय संसद में स्पष्ट रूप से कहा था, “ढाका में पाकिस्तानी हाई कमीशन आईएसआई का नर्व सेंटर है, जो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में लिप्त है।” उन्होंने यह भी बताया था कि कई उग्रवादी संगठनों ने बांग्लादेश में ट्रेनिंग कैंप स्थापित कर लिए हैं और भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक बड़ी संख्या में मदरसे भी बनाए जा चुके हैं। इन गतिविधियों ने आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का काम किया।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>अवैध घुसपैठ लंबे समय से एक गंभीर राष्ट्रीय संकट&nbsp;</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ लंबे समय से एक गंभीर राष्ट्रीय संकट बना हुआ है। यह न केवल भारत की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए खतरा है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित कर रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2000 में, तत्कालीन गृह सचिव माधव<a href="https://navbharattimes.indiatimes.com/india/illegal-migrants-from-bangladesh-are-dangerous-for-india-serious-challenges-to-our-economy-politics-and-security-analysis/articleshow/116613198.cms" target="_blank" rel="noreferrer noopener">&nbsp;गोडबोले</a>&nbsp;ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें खुलासा किया गया था कि उस समय लगभग 1.5 करोड़ बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इसके साथ ही, हर साल 3 लाख से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध तरीकों से भारत में प्रवेश कर रहे थे। यह आंकड़े केवल समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं, लेकिन बीते वर्षों में यह संकट और विकराल हो गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही, 4 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिसमें 13 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 94 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। लेकिन यह कदम विरोध प्रदर्शन को रोकने में विफल रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">6 अगस्त 2024 को, प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारी विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा, और वह बांग्लादेश छोड़कर चली गईं। इस राजनीतिक अस्थिरता का फायदा कट्टरपंथी ताकतों ने उठाया, जिसके चलते बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और अधिक बढ़ गए। इसने एक नई लहर पैदा की, जिसमें बांग्लादेशी बड़ी संख्या में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने लगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>राजधानी दिल्ली पर मंडराता खतरा</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या दिल्ली सहित भारत के अन्य हिस्सों की जनसांख्यिकी और संसाधनों पर गहरा प्रभाव डाल रही है। हाल ही में जेएनयू और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस द्वारा तैयार की गई 114 पन्नों की रिपोर्ट, ‘<a href="https://www.dw.com/hi/jnu-report-claims-illegal-immigration-is-disrupting-delhis-economy/a-71505470" target="_blank" rel="noreferrer noopener">दिल्ली</a>&nbsp;में अवैध प्रवासी: सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिणामों का विश्लेषण,’ इस गंभीर समस्या को विस्तार से उजागर करती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस रिपोर्ट के अनुसार, अवैध प्रवासियों ने दिल्ली की जनसांख्यिकी को बदलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दबाव डाला है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध प्रवासन से मुस्लिम आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, आपराधिक नेटवर्क मजबूत हुए हैं, और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>बॉर्डर सुरक्षा और पहचान पत्र का दुरुपयोग&nbsp;</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">सीमा पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनाने वाले नेटवर्क्स भारत की सुरक्षा को और कमजोर कर रहे हैं। बांग्लादेश से आने वाले कई प्रवासी फर्जी दस्तावेजों के सहारे न केवल सीमावर्ती इलाकों में, बल्कि दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं। यह सामाजिक-आर्थिक संसाधनों पर भारी दबाव डालने के साथ-साथ अपराध और राजनीतिक अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत को चाहिए ठोस कदम&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आज, जब अमेरिका जैसे विकसित देश अवैध प्रवासन के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं, तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले से मोदी जी क्या सीख लेंगे? क्या&nbsp;समय आ गया है कि लम्बे समय से अवैध प्रवासन जैसी गंभीर सुविधाओं से जूझते भारत को भी संधान मिलेगा यह अभी भारत को और इन्तजार करना होगा</p>
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		<title>डोनाल्ड ट्रम्प के बिगड़े बोल, कहा-प्रवासियों का आना देश के लिए राष्ट्रीय आपातकाल</title>
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		<pubDate>Tue, 23 Oct 2018 09:01:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[डोनाल्ड ट्रम्प]]></category>
		<category><![CDATA[पेंटागन]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय आपातकाल]]></category>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन।  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने सेना एवं संघीय सीमा प्रशासन को सचेत किया है कि मध्य अमेरिका से अा रहा प्रवासियों का काफिला एक ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ है ।  ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि प्रवासियों की इस भीड़ में कईं अपराधी और अन्य लोग भी हैं और ... <a title="डोनाल्ड ट्रम्प के बिगड़े बोल, कहा-प्रवासियों का आना देश के लिए राष्ट्रीय आपातकाल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/migrants-come-to-the-united-states-national-emergency-trump/" aria-label="Read more about डोनाल्ड ट्रम्प के बिगड़े बोल, कहा-प्रवासियों का आना देश के लिए राष्ट्रीय आपातकाल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने सेना एवं संघीय सीमा प्रशासन को सचेत किया है कि मध्य अमेरिका से अा रहा प्रवासियों का काफिला एक ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ है ।  ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि प्रवासियों की इस भीड़ में कईं अपराधी और अन्य लोग भी हैं और प्रवासन सुधार की दिशा में काेई भी काम नहीं करने के लिए विपक्षी दल डेमोक्रेट दोषी हैं। उन्हाेंने यह चेतावनी दी है कि अमेरिका प्रवासियों को शरण देने और सहायता कार्यों में कटौती करेगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://static.politico.com/dims4/default/a4e4423/2147483647/resize/1160x%3E/quality/90/?url=https%3A%2F%2Fstatic.politico.com%2Ff5%2Fbd%2F93ff8a574390b18edefaead541f8%2F181022-trump-ap-773.jpg" alt="Image result for donald trump" width="1006" height="670" /></p>
<ul>
<li>उन्होंने ट्वीट किया,“हर बार जब आप एक प्रवासियों का काफिला देखते हैं, या अवैध रूप से आने वाले लोग आते हैं, या हमारे देश में अवैध रूप से आने का प्रयास करते हैं, तो डेमोक्रेट सांसदों के बारे में सोचें और उन्हें दोष दें क्योंकि वह हमारे दयनीय प्रवासी कानूनों को बदलने के लिए समर्थन नहीं दे रहे हैं। जो लोग कानूनी रूप से आने वाले है उन लोगों के लिए यह अनुचित हैं।”</li>
<li>मैक्सिको की संघीय पुलिस प्रवासियों के हुजूम को रोकने में असमर्थ रही है। मेक्सिको के अधिकारी प्रवासियों की भीड़ पर निगरानी कर रहे है फिर भी भीड़ ने मेक्सिको-ग्वाटेमाला सीमा पर शुक्रवार को सीमा पर लगी बाड़े को तोड़ दिया और गश्ती दल के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की।</li>
<li>राष्ट्रपति ने ग्वाटेमाला, होंडुरास और अल सल्वाडोर की सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये देश अपने लोगों के पलायन को रोकने में नाकाम साबित हो रहे है। उन्होंने इन देशों को दी जा रही सहायता में कटौती करने की धमकी दी है।</li>
<li>इस बीच पेंटागन के एक प्रवक्ता ने बताया कि सीमा सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सैनिकों को उपलब्ध कराने के लिए कोई नया आदेश नहीं मिला है।</li>
</ul>
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