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	<title>धनतेरस पर सौ साल बाद बना महासंगम &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>धनतेरस पर सौ साल बाद बना महासंगम, बाजारों में लोगों की उमड़ने लगी भीड़&#8230;</title>
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					<description><![CDATA[आज त्रयोदशी यानी धनतेरस को लेकर स्वर्णकारों और बर्तन विक्रेताओं ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। सुबह से ही बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी। साथ ही दुकानों पर सजावट भी शुरू हो गई है। साथ ही बाजारों में लोगों की भीड़ भी उमड़ने लगी। इस बार सौ साल बाद धनतेरस पर अजब संयोग बना ... <a title="धनतेरस पर सौ साल बाद बना महासंगम, बाजारों में लोगों की उमड़ने लगी भीड़&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8c-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9/" aria-label="Read more about धनतेरस पर सौ साल बाद बना महासंगम, बाजारों में लोगों की उमड़ने लगी भीड़&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज त्रयोदशी यानी धनतेरस को लेकर स्वर्णकारों और बर्तन विक्रेताओं ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। सुबह से ही बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी। साथ ही दुकानों पर सजावट भी शुरू हो गई है। साथ ही बाजारों में लोगों की भीड़ भी उमड़ने लगी। इस बार सौ साल बाद धनतेरस पर अजब संयोग बना है।  <img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-38115" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/FDUYTGUJ.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/FDUYTGUJ.jpg 650w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/FDUYTGUJ-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>दीपावली से दो दिन पहले कुबेर और धनवंतरि, देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता  है कि हर साल धनतेरस पर लोग जमकर खरीदारी करते है। आचार्य संतोष खंडूरी ने बताया कि धनतेरस पर नया सामान खरीदकर घर लाने से पूरे साल मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस दिन शाम को यम के नाम के दीये भी जलाए जाते हैं। माना जाता है कि यम के नाम के दीये जलाने से अकाल मृत्यु से बचा जा सकता है।</p>
<p><strong>धनतेरस पर सौ साल बाद बना महासंगम</strong></p>
<p>पंडित वंशीधर नौटियाल ने बताया कि सौ साल बाद इस बार धनतेरस पर अजब संयोग बन रहा है। इस दिन शुक्र प्रदोष व्रत भी रहेगा, जिस कारण से शुक्र प्रदोष और धनत्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। साथ ही इस दिन ब्रह्म और सिद्धि योग भी बन रहा है। इस दौरान भगवान शिव की आराधना करने से भाग्योदय हो सकता है। उनके अनुसार धनतेरस पर यह संयोग सौ साल बाद बन रहा है।</p>
<p><strong>कुछ ऐसी है मान्यता</strong></p>
<p>धनतेरस पर धनवंतरि देव की पूजा होती है। यह मां लक्ष्मी के भाई माने जाते हैं। जब समुद्र मंथन हो रहा था, तब सागर की गहराइयों से चौदह रत्न निकाले गए थे। धनवंतरि इन्हीं रत्नों में से एक हैं। ऐसा माना जाता है कि धनतेरस पर मनोकामना के अनुसार खरीदारी करने से लाभ मिलता है।</p>
<p>आर्थिक लाभ के लिए लोग बर्तन, कारोबार विस्तार और उन्नति के लिए धातु का दीपक, संतान संबंधी समस्या के लिए थाली और कटोरी, स्वास्थ्य और आयु के लिए धातु की घंटी और घर में सुख-शांति और प्रेम के लिए खाना पकाने के बर्तन की खरीदारी करते हैं।</p>
<p><img decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/mardeep.jpg" alt="" width="650" height="488" /></p>
<p><strong>खरीदारी का शुभ मुहूर्त</strong></p>
<p>दोपहर बारह बजे से डेढ़ बजे तक, रात नौ बजे से साढ़े दस बजे तक खरीदारी का शुभ मुहूर्त है। वहीं पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह साढ़े दस बजे से बारह बजे तक का है। इस दौरान खरीदारी करने से बचना चाहिए।</p>
<p><img decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/marketfire.jpg" alt="" width="650" height="488" /></p>
<p><strong>स्वर्णकार और बर्तन विक्रेताओं ने जल्द खोली दुकानें </strong></p>
<p>धनतेरस को लेकर दून के व्यापारियों में भी उत्साह है। सुबह सात बजे से ही दून शहर के मुख्य बाजारों में दुकानें सजनी शुरू हो गई। धीरे-धीरे बाजार में खरीदार भी उमड़ने लगी। राजपुर रोड स्थित काशी ज्वेलर्स से मोहित मैसोन ने बताया कि अधिक भीड़ होने के कारण इस बार धनतेरस पर सुबह सात बजे से खरीदारी के लिए दुकानें खोल दी गई। उनकी दुकानें रात आठ बजे तक खरीदारी के लिए खुली रहेंगी। बताया कि चार सौ ग्राम सोने और चांदी की ग्राहकों की ओर से एडवांस बुकिंग कर ली गई है। ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े और बिना भीड़ में घूमे उन्हें घर पर ही सामान पहुंच जाए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/marketshop.jpg" alt="" width="650" height="488" /></p>
<p><strong>दून में सजी पटाखों की दुकानें</strong></p>
<p>दीपावली के लिए दून का बाजार पूरी तरह सज गया है और इस क्रम में लाइसेंस जारी कर दिए जाने के बाद निर्धारित क्षेत्रों में पटाखों की दुकानें भी सज गई हैं। दून में पटाखों की दुकानों के लिए करीब 450 लाइसेंस जारी किए गए हैं।</p>
<p>अच्छी बात यह है कि व्यस्ततम क्षेत्रों को छोड़कर खुले स्थानों पर अधिकतर दुकानें लगाई गई हैं। हालांकि, कुछ स्थान ऐसे भी मिले, जहां अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम न होने के बाद भी पटाखे की दुकानें सजी मिलीं। इसके अलावा बड़ी संख्या में सजावटी लड़ियां व प्रकाश के तमाम उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="lazy aligncenter" src="https://www.jagranimages.com/images/newimg/articleimage/marfen.jpg" alt="" width="650" height="488" /></p>
<p><strong>मिठाइयां भी हैं खास </strong></p>
<p>मिठाईयों के बिना हर पर्व अधूरा है। मौज मस्ती के साथ पकवान और मिठाईयां ही त्योहार को खास बनाते हैं। लोग गिफ्ट पैक के उपहार के साथ मेवा रहित मिठाईयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।</p>
<p><strong>छुआरे के लड्डू की ग्राहकों ने कराई  बुकिंग </strong></p>
<p>घंटाघर स्थित बंगाली स्वीट्स शाप के मालिक जगदीश ने बताया कि ग्राहकों ने छुआरे के लड्डू, मिल्क केक, मंगू की बर्फी, बेसन की बर्फी, बाल मिठाई, चॉकलेट मिठाई, आटे की पिन्नी की एडवांस बुकिंग कराई हैं। उन्होंने बताया कि मिठाई की गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखा जाता है प्रत्येक मिठाई का मूल्य अलग-अलग हैं।</p>
<div class="relativeNews"></div>
<p><strong>बडे संस्थानों की सबसे अधिक बुकिंग</strong></p>
<p>कुमार स्वीट्स के कृष्णा ने बताया कि उनके पास फिलहाल सबसे अधिक बुकिंग बड़े संस्थानों और फैक्ट्री से आ रही है। उन्होंने बताया कि भले ही बाजार में वैरायटी की कमी न हो। लेकिन उनकी मिठाई की क्वालिटी अलग है इसलिए लोग आज भी उनकी मिठाई के दीवाने हैं। मिल्क केक उनके खास मिठाई है।</p>
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