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	<title>पूजा विधि &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>पूजा विधि &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>दो दिन की है महाशिवरात्रि जानेें क्या है सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि</title>
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		<pubDate>Fri, 21 Feb 2020 06:53:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है. इसी तरह मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाती है. शिवरात्रि का मुख्य पर्व साल में दो बार व्यापक रुप से मनाया जाता है. एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में. फाल्गुन ... <a title="दो दिन की है महाशिवरात्रि जानेें क्या है सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf/" aria-label="Read more about दो दिन की है महाशिवरात्रि जानेें क्या है सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p align="justify"><strong>महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है. इसी तरह मासिक शिवरात्रि भी मनाई जाती है. शिवरात्रि का मुख्य पर्व साल में दो बार व्यापक रुप से मनाया जाता है. एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में. फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. महाशिवरात्रि के दिन लोग व्रत रखते हैं और पूरे विधि विधान से शंकर भगवान की पूजा करते हैं. हालांकि महाशिवरात्रि के पर्व की तिथि को लेकर कुछ लोग दुविधा में हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की सही तिथि क्या है.</strong></p>
<p align="justify"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-55187" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2020/02/lord-shiva-6_20180740912.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2020/02/lord-shiva-6_20180740912.jpg 800w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2020/02/lord-shiva-6_20180740912-300x225.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2020/02/lord-shiva-6_20180740912-768x576.jpg 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p align="justify"><strong>कब मनाई जाएगी महाशिवरात्रि? </strong></p>
<p align="justify"><strong>इस बार जो महाशिवरात्रि पड़ रही है वो 21 फरवरी को है. 21 तारीख को शाम को 5 बजकर 20 मिनट से त्रयोदशी तिथि समाप्त हो जाएगी और चतुर्दशी तिथि शुरू होगी. चतुर्दशी तिथि को ही शिवरात्रि मनाई जाती है. शिवरात्रि तिथि रात्रि में जब होगी तभी मनाई जाएगी.</strong></p>
<p align="justify"><strong>महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त </strong></p>
<p align="justify"><strong>21 फरवरी को ये शिवरात्रि शाम को 5 बजकर 20 मिनट से शुरु होकर शनिवार 22 फरवरी को शाम 7 बजकर 2 मिनट तक रहेगी. रात्रि की पूजा शाम को 6 बजकर 41 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 52 मिनट तक होगी. शिवरात्रि में जो रात का समय होता है उसमें चार पहर की पूजा होती है.</strong></p>
<p align="justify"><strong>व्रत खोलने का समय </strong></p>
<p><strong>चतुर्दशी तिथि भगवान शिव की ही तिथि मानी जाती है. चतुर्दशी तिथि को ही शिवरात्रि होती है. 21 फरवरी को त्रयोदशी के दिन जो लोग पूजन नहीं कर पा रहे हैं तो वो 22 फरवरी को भी चतुर्दशी के समय तक शिव का पूजन कर सकते हैं. मंदिरों में 22 फरवरी को भी धूमधाम से शिव का पूजन किया जाएगा. शिवरात्रि तभी मनानी चाहिए जिस रात्रि में चतुर्दशी तिथि हो. शिवरात्री का व्रत रखने वाले अगले दिन 22 फरवरी को सुबह 6 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक पारण कर सकते हैं.</strong></p>
<p><strong>महाशिवरात्रि की पूजा विधि </strong></p>
<p><strong>शिव रात्रि को भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान करा कराएं. केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं. पूरी रात्रि का दीपक जलाएं. चंदन का तिलक लगाएं.</strong></p>
<p><strong>तीन बेलपत्र, भांग धतूर, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं. सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें.</strong></p>
<p><strong>– पूजा में सभी उपचार चढ़ाते हुए ॐ नमो भगवते रूद्राय, ॐ नमः शिवाय रूद्राय् शम्भवाय् भवानीपतये नमो नमः मंत्र का जाप करें.</strong></p>
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		<title>करवा चौथ :  जानिए किस वक्त होगा सुहागिनो को चाँद का दीदार, जाने पूजा विधि, शुभ मुहर्त..</title>
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		<pubDate>Sat, 27 Oct 2018 03:34:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[करवा चौथ]]></category>
		<category><![CDATA[करवा चौथ की एक कथा]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[सौभाग्य प्रदान]]></category>
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					<description><![CDATA[करवा चौथ की तैयारियों इस समय जोरों पर है। महिलाएं इस दिन पति की लंबी और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं। करवा चौथ के दिन महिलाएं पूरे दिन श्रृंगार और पूजा-पाठ की तैयारी में व्यस्त रहती है। शाम को चांद के दर्शन कर अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करेंगी। पूजा का ... <a title="करवा चौथ :  जानिए किस वक्त होगा सुहागिनो को चाँद का दीदार, जाने पूजा विधि, शुभ मुहर्त.." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/karwa-chauth-know-what-will-happen-to-suhaginos-moon-jaan-worship-method-auspicious-time-news/" aria-label="Read more about करवा चौथ :  जानिए किस वक्त होगा सुहागिनो को चाँद का दीदार, जाने पूजा विधि, शुभ मुहर्त..">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="entry-title"><strong><img decoding="async" class="aligncenter  wp-image-307824" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%8C%E0%A4%A5-1.jpg" sizes="(max-width: 646px) 100vw, 646px" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/करवा-चौथ-1.jpg 646w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/करवा-चौथ-1-320x206.jpg 320w" alt="इस समय होगा करवा चौथ के चांद का दीदार, जानिए अर्घ्य देने का सही समय" width="912" height="587" /></strong></h1>
<p>करवा चौथ की तैयारियों इस समय जोरों पर है। महिलाएं इस दिन पति की लंबी और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखती हैं। करवा चौथ के दिन महिलाएं पूरे दिन श्रृंगार और पूजा-पाठ की तैयारी में व्यस्त रहती है। शाम को चांद के दर्शन कर अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करेंगी।</p>
<p>पूजा का शुभ मुहूर्त- 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक<br />
चंद्रोदय का समय- शाम 7 बजकर 38 मिनट<br />
चांद को अर्घ्य देने का शुभ मुहूर्त-  7 बजकर 55 मिनट से 8 बजकर 19 मिनट तक<br />
चतुर्थी तिथि का आरंभ- 27 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट से</p>
<p>पूरे देश में लगभग इसी समय पर चांद के दर्शन होंगे। व्रत में महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी के साथ करवा माता की पूजा करेंगी। सुहागिन महिलाएं करवा माता की कथा सुनकर अपने पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत खोलेंगी। इस बार करवा चौथ पर वर्षो बाद एक साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस बार के करवा चौथ पर राजयोग का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इसके अलावा इस बार सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग भी बनेंगे। इसके साथ ही इस दिन चंद्रमा शुक्र की राशि वृष में रहेगा और गुरु की दृष्टि चंद्रमा पर होगी। ज्योतिष गणना के आधार पर कई शुभ संयोग के मेल से इस साल का करवा चौथ सौभाग्यशाली और फलदायी रहने वाला होगा। इस व्रत से पति-पत्नी के बीच में मधुर संबंध बनेगे।</p>
<h4 class="entry-title">इस व्रत में पूजन सामग्री होती है सबसे खास</h4>
<p><strong>करवा चौथ की पूजा सामग्री </strong></p>
<p><strong><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-307419" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/married-women-perform-rituals-during-karva-chauth-festival-14462679526399.jpg" sizes="(max-width: 580px) 100vw, 580px" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/married-women-perform-rituals-during-karva-chauth-festival-14462679526399.jpg 580w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/married-women-perform-rituals-during-karva-chauth-festival-14462679526399-320x240.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/married-women-perform-rituals-during-karva-chauth-festival-14462679526399-90x68.jpg 90w" alt="करवा चौथ 2018: जानिए, इस व्रत में कौन सी पूजन सामग्री होती है सबसे खास" width="580" height="435" /></strong></p>
<p>सौभाग्य प्रदान करने वाले सुहागिन महिलाआें के विशेष व्रत करवा चौथ में कुछ पूजन सामग्रियों का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके बिना पूजन पूर्ण होना दूर प्रारंभ भी नहीं हो सकता है। जाने कौन सी हैं वे सर्वाधिक जरूरी चीजें। रोली, अक्षत, मौलि, आरती के लिए शुद्घ घी, दिया बाती, फूल, जल के लिए एक लोटा, बायने के लिए थाली, कम से कम दो करवे, बायने के लिए परंपरा के अनुसार फीकी आैर मीठी मठ्ठी, मिठार्इ, मेंहदी, श्रंगार आैर सुहाग की सामग्री आैर पाटा दया पटरा।</p>
<p><strong>क्या है करवा चौथ का पर्व </strong></p>
<p>कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला पर्व करवा चौथ भारत में सौभाग्यवती महिलाआें का प्रमुख त्योहार है। यह व्रत सुबह सूर्योदय से पूर्व प्रात: 4 बजे प्रारंभ होकर रात में चंद्रमा दर्शन के बाद पूर्ण होता है। किसी भी आयु, जाति, वर्ण, संप्रदाय की स्त्री को इस व्रत को करने का अधिकार है। अपने पति की आयु, स्वास्थ्य व सौभाग्य की कामना से स्त्रियां इस व्रत को करती हैं । इस वर्ष ये पर्व शनिवार 27 अक्टूबर 2018 को पड़ रहा है। इस दिन श्री गणेश की पूजा विशेष रूप से की जाती है। करवाचौथ में भी संकष्टी या गणेश चतुर्थी की तरह दिन भर उपवास रखकर रात में चन्द्रमा को अ‌र्घ्य देने के बाद भोजन करने का विधान है।</p>
<p><strong>ये भी है करवा चौथ की एक कथा </strong></p>
<p>कहते हैं कि स्वयं शंकर जी ने माता पार्वती को करवा चौथ के व्रत की ये कथा सुनाते हुए इस उसका महत्व समझाया था। इस व्रत को करने से स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी। प्राचीनकाल में एक ब्राह्मण था। उसके चार लड़के एवं एक गुणवती लड़की थी। एक बार लड़की मायके में थी, तब करवा चौथ का व्रत पड़ा। उसने व्रत को विधिपूर्वक किया। पूरे दिन निर्जला रही। कुछ खाया-पीया नहीं, पर उसके चारों भाई परेशान थे कि बहन को प्यास लगी होगी, भूख लगी होगी, पर बहन चंद्रोदय के बाद ही जल ग्रहण करेगी। भाइयों से न रहा गया, उन्होंने शाम होते ही बहन को पीपल की पेड़ पर छलनी लेकर दीपक जलाया आैर नकली चंद्रोदय कर के बहन को आवाज दी कि देखो चंद्रमा निकल आया है, पूजन कर भोजन ग्रहण करो। बहन ने पूजा की आैर भोजन ग्रहण कर लिया। भोजन ग्रहण करते ही उसके पति की मृत्यु हो गई। वह दुःखी हो विलाप करने लगी। उसी समय वहां से इंद्र की पत्नी इंद्राणी निकल रही थीं।</p>
<p>उनसे उसका दुःख न देखा गया। ब्राह्मण कन्या ने उनके पैर पकड़ लिए और अपने दुःख का कारण पूछा, तब इंद्राणी ने बताया कि उसने बिना चंद्र दर्शन किए करवा चौथ का व्रत तोड़ दिया इसलिए यह कष्ट मिला है। अगर वो वर्ष भर की चौथ का व्रत नियमपूर्वक करे तो उसका पति जीवित हो जाएगा। उसने इंद्राणी के कहे अनुसार चौथ व्रत किया तो पुनः सौभाग्यवती हो गई। इसलिए प्रत्येक स्त्री को अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करना चाहिए। तभी से हिन्दू महिलायें अपने अखंड सुहाग के लिए करवा चौथ व्रत करती हैं।</p>
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		<title>अगर आपके घर में भी लगा है ये पौधा, तो जान लीजिये इसके ख़ास नियम…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Oct 2018 03:36:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[इन नियमों का पालन अवश्य करें]]></category>
		<category><![CDATA[कैसे करे तुलसी माँ का पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[तुलसी पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
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					<description><![CDATA[तुलसी पूजा के नियम:  हिंदू धर्म में घरों में तुलसी रखने की परंपरा आज से ही नहीं बल्कि प्राचीन काल से चली आ रही है, आपने देखा होगा तकरीबन सभी घरों में आंगन में एक तुलसी का छोटा पौधा जरूर रहता है फिर चाहे वह घर किसी राजा का हो या किसी सामान्य व्यक्ति का। ... <a title="अगर आपके घर में भी लगा है ये पौधा, तो जान लीजिये इसके ख़ास नियम…" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/house-is-planted-in-this-plant-then-know-its-special-rules-news/" aria-label="Read more about अगर आपके घर में भी लगा है ये पौधा, तो जान लीजिये इसके ख़ास नियम…">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>तुलसी पूजा के नियम:</strong>  हिंदू धर्म में घरों में तुलसी रखने की परंपरा आज से ही नहीं बल्कि प्राचीन काल से चली आ रही है, आपने देखा होगा तकरीबन सभी घरों में आंगन में एक तुलसी का छोटा पौधा जरूर रहता है फिर चाहे वह घर किसी राजा का हो या किसी सामान्य व्यक्ति का। आपको बता दें की हमेशा से ऐसा माना जाता है कि तुलसी का पौधा सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी बहुत ही लाभकारी होता है।</p>
<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-298925" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/6c8252c4a3725a1eb2e392555d21dd25.jpg" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/6c8252c4a3725a1eb2e392555d21dd25.jpg 640w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/6c8252c4a3725a1eb2e392555d21dd25-320x170.jpg 320w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/6c8252c4a3725a1eb2e392555d21dd25-310x165.jpg 310w" alt="अगर आपके घर में भी लगी है तुलसी तो जान लीजिये तुलसी पूजा के ये ख़ास नियम..." width="821" height="435" /></strong></p>
<p>हम सभी ने कई जगह किताबों में भी पढ़ा होगा कि तुलसी एक आयुर्वेदिक पौधा भी है साथ ही साथ शास्त्रों के अनुसार तुलसी को बहुत ही पवित्र पूजनीय और मां लक्ष्मी का रूप माना गया है इसलिए किसी भी घर में तुलसी का होना बहुत ही जरूरी है ऐसा कहा जाता है जिस घर में तुलसी होती हैं वहाँ नारायण भगवान का वास रहते हैं।</p>
<p>हालांकि आपको बता की पूजा करने से ना सिर्फ मन की शांति होती है बल्कि भगवान भी आपसे प्रसन्न रहते हैं, हालांकि पूजा करने के अपने कुछ नियम होते हैं जिनको पालन करने से घर में संपन्नता बनी रहती है। बताना चाहेंगे कि तुलसी पूजा के नियम और विधि भी होती हैं जिसके बारे में हर किसी को नहीं जानकारी होती है और आज हम आपको इस इस बारे में बताएंगे की तुलसी की पूजा कैसे करें और तुलसी पूजा के किन दौरान नियमों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<h2><strong>तुलसी पूजा के नियम</strong></h2>
<p>सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि जब कभी भी आप तुलसी पूजा के लिए जाए तो एक साफ बर्तन में और एक कलश या लोटा जिसमे शुद्ध गंगाजल भरा हो, अगरबत्ती, धूप, घी का दीपक, सिंदूर आदि इकट्ठा कर ले। इसके बाद अपने घर के आंगन में मौजूद तुलसी जी की पूजा करने से पहले यह मंत्र पढ़ना चाहिए “महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्य वर्धनी आधी व्याधि हरा नित्यं तुलसी तुम नमोस्तुते।” मंत्र पढ़ने के बाद तुलसी जी को सिंदूर और सिंदूर चढ़ाएं और अगरबत्ती दिखाएं, ऐसा करना तुलसी जी का श्रृंगार करना माना जाता है और इसके पश्चात उनके समक्ष जी का दीपक और धूप बत्ती आदि जलाना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<h2><strong>घर में तुलसी जी है तो इन नियमों का पालन अवश्य करें</strong></h2>
<ul>
<li>शास्त्रों में बताया गया है कि एकादशी के दिन यार रविवार के दिन अथवा सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।</li>
<li>यदि घर में तुलसी है तो नियमित रूप से तुलसी की पूजा होनी चाहिए और शाम के समय तुलसी के समक्ष दीपक अवश्य प्रज्वलित करना चाहिए इससे घर में हमेशा लक्ष्मी जी की कृपा रहती है।</li>
<li>यदि आप एक घर के आंगन में तुलसी जी हैं तो इससे घर घर के सभी वास्तु दोष दूर होते हैं साथ ही साथ परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूर बनी रहती हैं।</li>
<li>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तुलसी का पौधा यदि आपके घर में होता है तो वह इससे आपको और आपके घर के किसी भी सदस्य को बुरी नजर नहीं लगती है साथ ही साथ आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।</li>
<li>इस बात का विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए कि घर में कभी भी सूखा पौधा नहीं होना चाहिए यदि तुलसी का पौधा सूख जाए उसे फ्री बहते हुए पानी में या नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए क्योंकि घर में सूखा पौधा रखना बहुत ही अशुभ माना जाता है।</li>
</ul>
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		<title>नवरात्रि : पहली बार बन रहा ये खास योग, इन राशियों को होगा बड़ा लाभ&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/first-time-serpent-yoga-in-navaratri-news/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Oct 2018 03:27:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[कालसर्प योग]]></category>
		<category><![CDATA[नवरात्री]]></category>
		<category><![CDATA[नवरात्री माँ दुर्गा]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
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					<description><![CDATA[आज हम आपको उन राशियों के बारे में बताने वाले है जिनमे कालसर्प योग बन रहा है ,ज्योतिष के ज्ञाताओ के अनुसार इस नवरात्रि में पहली बार काल सर्प योग कुछ राशियों में बन रहा है जिससे इन राशियों को बड़ा लाभ हो सकता है,इनके सभी बिगड़ते हुए काम बन जायेंगे और खुशियाँ ही खुशियाँ ... <a title="नवरात्रि : पहली बार बन रहा ये खास योग, इन राशियों को होगा बड़ा लाभ&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/first-time-serpent-yoga-in-navaratri-news/" aria-label="Read more about नवरात्रि : पहली बार बन रहा ये खास योग, इन राशियों को होगा बड़ा लाभ&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/10/ssd.jpg" width="905" height="530" /></p>
<p>आज हम आपको उन राशियों के बारे में बताने वाले है जिनमे कालसर्प योग बन रहा है ,ज्योतिष के ज्ञाताओ के अनुसार इस नवरात्रि में पहली बार काल सर्प योग कुछ राशियों में बन रहा है जिससे इन राशियों को बड़ा लाभ हो सकता है,इनके सभी बिगड़ते हुए काम बन जायेंगे और खुशियाँ ही खुशियाँ इनको मिलने वाली है जिन राशियों में यह योग बन रहा है वो राशियाँ और होने वाले बदलाव के बारे ने हम आपको नीचे बता रहे है !</p>
<h4>इन राशि वालो को जीवन में कई बड़ी खुशियाँ मिलने वाली है</h4>
<p>इस समय के दौरान इनका अधिकतम समय धार्मिक कार्यो में गुजरेगा और आपको भविष्य में कई बड़ी खुशियाँ मिल सकती है,आज आप एक बार फिर समय में पीछे जाकर शादी के शुरुआती दिनों के प्यार और रुमानियत को महसूस कर सकते हैं,आपके घर में किसी मांगलिक कार्य की शुरुआत हो सकती है जिसके कारण घर में ख़ुशी का माहौल रहेगा ,आपके कई वर्षों से चल रहे नौकरी के क्षेत्र में प्रयास सफल रहेंगे क्योकि आपके परिश्रम का फल आपको मिलने वाला है,आपको अपने दैनिक जीवन में अनेक बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे,लव पार्टनर से बहुत प्रेम करते हैं तथा अपने पार्टनर के लिए हीं अपनी जिंदगी जीते होशियारी से निपटें !</p>
<p><strong>करे ये उपाय </strong></p>
<p>धन सम्बन्धी सभी समस्याओं का अंत हो जायेगा,इस समय के दौरान आपको कई बड़े लाभ हो सकते है !आने वाला समय आपके लिए बहुत ही शुभ होगा, छोटी अवधि के लिये किये गये निवेश, आपके लिए फ़ायदेमंद रहेंगे,परिवार के साथ जाने के लिए एक धार्मिक स्थान पर जा सकेंगे,सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन समय है,इन राशि वालो की किस्मत खुल जाएगी और इनकी किस्मत पलट जाएगी ,आपके जीवन में ख़ुशियाँ रहेंगी हालांकि किसी कारण वश आपको अपने जीवनसाथी से दूर भी रहना पड़ सकता है जिन राशियों में यह योग बन है वो राशियाँ कर्क ,मीन ,तुला और कुम्भ राशि है !</p>
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		<title>इस मंदिर में होती है भक्तो की सभी मनोकामनाए पूरी, सिर्फ 40 दिन तक हाजिरी लगा कर देखे&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Sep 2018 03:23:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[दनिनिक भास्कर]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा उपासना]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[माता रानी दर्शन]]></category>
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					<description><![CDATA[जब व्यक्ति मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाता है तो वह अपने मन में कोई ना कोई इच्छा जरूर रखता है वह अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए भगवान से प्रार्थना करता है इसके अलावा लोग मंदिर के चक्कर लगाने के साथ साथ तरह-तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करवाते हैं परंतु इतना सब ... <a title="इस मंदिर में होती है भक्तो की सभी मनोकामनाए पूरी, सिर्फ 40 दिन तक हाजिरी लगा कर देखे&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/in-this-temple-desires-are-fulfilled-news/" aria-label="Read more about इस मंदिर में होती है भक्तो की सभी मनोकामनाए पूरी, सिर्फ 40 दिन तक हाजिरी लगा कर देखे&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="entry-title">जब व्यक्ति मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाता है तो वह अपने मन में कोई ना कोई इच्छा जरूर रखता है वह अपनी इच्छाओं को पूरी करने के लिए भगवान से प्रार्थना करता है इसके अलावा लोग मंदिर के चक्कर लगाने के साथ साथ तरह-तरह के धार्मिक अनुष्ठान भी करवाते हैं परंतु इतना सब कुछ करने के बावजूद भी व्यक्ति को मालूम नहीं होता कि उसकी मनोकामना आखिर कब पूरी होगी वह अपने मन में भगवान के प्रति श्रद्धा रखता है और उनसे अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करता है,</p>
<p class="entry-title">परंतु आज हम आपको इस लेख के माध्यम से एक ऐसे मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिसमें सिर्फ 40 दिन लगातार माता के दर्शन करने से आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती हैं जी हां, आप बिल्कुल सही सुन रहे हैं मात्र 40 दिन तक लगातार माता के दर्शन करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो जाएंगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-167611 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/09/Mansa-devi-temple-22-09-2018-e1537612510790.jpg" alt="" width="600" height="500" /></p>
<p>आप सभी लोग इस जानकारी को सुनने के बाद आश्चर्यचकित अवश्य हो गए होंगे और आपको विश्वास भी नहीं हो रहा होगा, परंतु हरियाणा के पंचकूला में मनसा देवी मंदिर स्थित है जहां 40 दिन हाजिरी लगाने वाले भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं ऐसा माना जाता है कि जब माता सती अपने पिता राजा दक्ष के घर अश्वमेघ यग में बिना बुलाए पहुंची थी तो वहां किसी ने उनका सत्कार नहीं किया था और माता ने अग्नि कुंड में कूद कर आत्मदाह कर लिया था।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-167612 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/09/mansa-22-09-2018-e1537612588216.jpg" alt="" width="600" height="416" /></p>
<p>जब माता सती ने अग्निकुंड में आत्मदाह कर लिया तो इसकी जानकारी पाकर भगवान शिव जी यज्ञ स्थान पर पहुंचे और सती का शरीर लेकर तांडव नृत्य करते हुए भटकने लगे भगवान शिव जी के इस उग्र रूप को देखकर सभी देवता काफी चिंतित होने लगे तब जाकर भगवान विष्णु जी ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंड खंड कर दिया था भगवान विष्णु जी द्वारा सुदर्शन चक्र के प्रहार से कई जगह पर सती के शरीर के अंग गिरे थे जहां जहां सती के शरीर के अंग गिरे उन सभी स्थानों पर शक्तिपीठों की स्थापना हुई और शिव जी ने कहा कि इन स्थानों पर भगवती की भक्ति भाव से आराधना करने पर हर इच्छाएं पूरी हो जाएंगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-167613 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/09/Mansa-devi-22-09-2018-e1537612652524.jpg" alt="" width="600" height="334" /></p>
<p>दरअसल, पंचकूला शिवालिक गिरिमालाओं पर देवी माता के सिर का हिस्सा गिरा था जिसकी वजह से यहां पर मनसा देवी शक्ति पीठ की स्थापना हुई थी और माता के दर्शन करने के लिए सभी लोग माता के दरबार में आने लगे थे ऐसा माना जाता है कि जो भक्त अपने सच्चे मन से लगातार 40 दिन तक यहां आकर पूजा-अर्चना करता है उसकी सभी इच्छाएं माता रानी अवश्य पूरी करती हैं।</p>
<p>अगर आप यहां पर चैत्र नवरात्र और आश्विन मास के नवरात्र में आएंगे तो आपको यहां बहुत रौनक देखने को मिलेगी इस समय भारी संख्या में भक्त माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगाने आते हैं आप माता के इस मंदिर में बहुत ही आसानी से पहुंच सकते हैं खासकर नवरात्र के समय आने वाले भक्तों के लिए विशेष बसें चलाई जाती हैं यह मंदिर चंडीगढ़ से लगभग 10 किलोमीटर और हरियाणा के पंचकूला से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यहां पर लोकल बसें और ऑटो रिक्शा की भी सुविधा उपलब्ध है।</p>
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		<item>
		<title>गणेश चतुर्थी : आज अपनी राशि के अनुसार करें बप्पा का पूजन, पूरी होगी हर मनोकामना…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Sep 2018 19:06:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[गजानन का पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[गणेश चतुर्थी]]></category>
		<category><![CDATA[पूजन]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
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					<description><![CDATA[इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सिंतबर से 23 सितम्बर तक मनाया जायेगा । मान्यताओं के अनुसार लोग इस दिन बड़ी धूम-धाम से गजानन को अपने घर लेकर आते हैं और पूरे 10 दिन तक अपने घर में रखते हैं। इन दिनों के दौरान हर कोई गणेश की पूरे विधिवत पूजा करता है। लेकिन ज्योतिष ... <a title="गणेश चतुर्थी : आज अपनी राशि के अनुसार करें बप्पा का पूजन, पूरी होगी हर मनोकामना…" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ganesh-chaturthi-today-according-to-your-zodiac-worship-of-bappa-will-be-fulfilled-every-mokkamana-news/" aria-label="Read more about गणेश चतुर्थी : आज अपनी राशि के अनुसार करें बप्पा का पूजन, पूरी होगी हर मनोकामना…">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सिंतबर से 23 सितम्बर तक मनाया जायेगा । मान्यताओं के अनुसार लोग इस दिन बड़ी धूम-धाम से गजानन को अपने घर लेकर आते हैं और पूरे 10 दिन तक अपने घर में रखते हैं। इन दिनों के दौरान हर कोई गणेश की पूरे विधिवत पूजा करता है। लेकिन ज्योतिष की मानेंं तो व्यक्ति अपनी राशि अनुसार इनकी पूजा-अर्चना करता है तो उस पर भगवान गणेश अपनी अपार कृपा बरसाते हैं। गणेशोत्सव में श्री गणेश जी का पूजन राशि अनुसार करने से मनोवांछित लाभ प्राप्त होगा।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-275484" src="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll.jpg" sizes="auto, (max-width: 938px) 100vw, 938px" srcset="https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll.jpg 938w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll-300x201.jpg 300w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll-768x516.jpg 768w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll-640x430.jpg 640w, https://ujjawalprabhat.com/wp-content/uploads/2018/09/14_12_151679840ganesha-ll-110x75.jpg 110w" alt="अपनी राशि के अनुसार करें गणपति का पूजन, होगी हर इच्छा पूरी..." width="938" height="630" /></p>
<p><strong>मेष राशि</strong><br />
इस राशि वाले वक्रतुंड गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ वक्रतुण्डाय हुं।<br />
भोग- छुआरा और गुड़ के लड्डू का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>वृष राशि</strong><br />
इस राशि के लोग विनायक गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं।<br />
भोग- मिश्री, शक्कर, नारियल से बने लड्डू का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>मिथुन राशि</strong><br />
मिथुन राशि वाले लोग लक्ष्मी-गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ श्रीं गं लक्ष्मी गणपतेय वरवरदं सर्वजनं में वशमानयं स्वाहा<br />
भोग- मूंग के लड्डू, हरे फल का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>कर्क राशि</strong><br />
एकदंत गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ एकदंताय हुं।<br />
भोग- मोदक के लड्डू, मक्खन, खीर का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>सिंह राशि</strong><br />
सौभाग्य गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतेय वरवरदं सर्वजनं में वशमानाय स्वाहा॥<br />
भोग- गु़ड़ से बने मोदक के लड्डू व लाल फल, छुआरा का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>कन्या राशि</strong><br />
विघ्न विनाशक गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ गं गणपतयै नमः॥ ॐ श्रीं श्रियैः नमः॥<br />
भोग- हरे फल, मूंग की दाल के लड्डू व किशमिश का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>तुला राशि</strong><br />
तुला राशि वाले जातक शक्तिविनायक गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ ह्रीं, ग्रीं, ह्रीं॥<br />
भोग- मिश्री, लड्डू और केला का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि</strong><br />
इस राशि के जातक उमापुत्राय गणेश का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ ह्रीं उमापुत्राय नम:<br />
भोग- छुआरा और गु़ड़ के लड्डू का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>धनु राशि</strong><br />
हरिद्रा रूप गणेश की आराधना करें।<br />
मंत्र- हरिद्रारूप हुं गं ग्लौं हरिद्रागणपतयै वरवरद दुष्ट जनहृदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा॥<br />
भोग- मोदक व केला का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>मकर राशि</strong><br />
इस राशि के लोग लम्बोदर रूप की आराधना करें।<br />
मंत्र- ॐ लम्बोदराय नमः।<br />
भोग- मोदक के लड्डू, किशमिश, तिल के लड्डू का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>कुंभ राशि</strong><br />
इस राशि के व्यक्ति सर्वेश्वराय रूप का पूजन करें।<br />
मंत्र- ॐ सर्वेश्वराय नमः।<br />
भोग- गु़ड़ के लड्डू व हरे फल का भोग लगाएं।</p>
<p><strong>मीन राशि</strong><br />
इस राशि के लोग सिद्धि विनायक गणेश की उपासना करें।<br />
मंत्र- ॐ सिद्धि विनायकाय नमः।<br />
भोग- बेसन के लड्डू, केला, बादाम।</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>बड़े से बड़े बाहुबली भी इस पत्थर को हिला नहीं पाए, उठाना तो बहुत दूर की बात है&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/stone-in-the-temple-news/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Aug 2018 04:30:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[मंदिर का पत्थर]]></category>
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					<description><![CDATA[बचपन में जब हम मेला देखने जाते थे, तो वहां पानी में एक पत्थर रखा होता था और हा उसे जितनी बार पानी में डूबोने की कोशिश करते वो पत्थर ऊपर ही आ जाता. वो पत्थर पानी में कुछ इस तरह से तैरता जैसे वो पत्थर नहीं बल्कि किसी पेड़ का पत्ता हो. उसे देखकर ... <a title="बड़े से बड़े बाहुबली भी इस पत्थर को हिला नहीं पाए, उठाना तो बहुत दूर की बात है&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/stone-in-the-temple-news/" aria-label="Read more about बड़े से बड़े बाहुबली भी इस पत्थर को हिला नहीं पाए, उठाना तो बहुत दूर की बात है&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बचपन में जब हम मेला देखने जाते थे, तो वहां पानी में एक पत्थर रखा होता था और हा उसे जितनी बार पानी में डूबोने की कोशिश करते वो पत्थर ऊपर ही आ जाता. वो पत्थर पानी में कुछ इस तरह से तैरता जैसे वो पत्थर नहीं बल्कि किसी पेड़ का पत्ता हो.</p>
<p>उसे देखकर बच्चे हैरान होते थे और उन्हें ये बताया जाता था कि ये पत्थर कोई साधारण पत्थर नहीं है. ये तो वो पत्थर है जिसे भगवान् राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए समुद्र में रखकर पुल बनाया था. हम बड़े ही आश्चर्य से वो कहानी सुनते थे.</p>
<p>आज कुछ वैसी ही कहानी फिर सुनने में आ रही है. असल में इसका जीता-जगाता प्रमाण भी है. आप इसे जाकर देख सकते हैं. पिथौरागढ़ के मोस्टा मानो मंदिर का पत्थर जो भी उसे कमर से ऊपर तक उठा ले, उसकी किस्मत चमक जाती है. हैरत तो दावे के दूसरे पहलू में है, जिसके मुताबिक लोग इस मंदिर का पत्थर को हिला तक नहीं पाते. उसे महादेव का नाम लेकर उंगलियों पर आसानी से उठाया जा सकता है.</p>
<p><a class="wp-img-bg-off" href="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2018/07/2016_4image_20_56_302530997stone1-ll.jpg" rel="mygallery noopener" target="_blank"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-80426" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2018/07/2016_4image_20_56_302530997stone1-ll.jpg" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" srcset="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2018/07/2016_4image_20_56_302530997stone1-ll.jpg 600w, https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2018/07/2016_4image_20_56_302530997stone1-ll-300x200.jpg 300w" alt="मंदिर का पत्थर" width="719" height="479" /></a></p>
<p>आप सोच रहे होंगे की ये सच है. जी हाँ ये बिलकुल सच है. बिना भगवान शिव का नाम लिए आप उसे हिला तक नहीं सकते. बड़े बड़े शूरमा भी ऐसा नहीं कर पे. और एक नन्हा सा बालक महज़ शिव को याद कर उसे उठा लेता है. ये सबको हैरान कर देती है बात. ये वाकई कोई करिश्मा है या लोगों ने विज्ञान के किसी सिद्धांत को चमत्कार का नाम दे दिया है. जिस पत्थर को उठाने में बड़ों-बड़ों के पसीने छूट जाते हैं. आखिर कैसे महादेव का नाम लेकर उंगलियों से उठ जाता है.</p>
<p><strong>आपको मंदिर का पत्थर एक कोने में दिखाई देगा. </strong></p>
<p>आपको लगेगा की शायद कोई इसे आराम से उठा सकता है. इस पत्थर की बनावट बड़ी अजीब है. इसकी लंबाई 2 फीट है और गोलाई करीब 1 फिट है. इसमें पकड़ बनाने के लिए कोई जगह नहीं है. लोगों का कहना है कि जो इस पत्थर को हटा देगा, उसकी किस्मत बदल जाएगी और वह धनी हो जाएगा. ऐसा माना जाता है. वहां के लोग इसे मानते हैं. उनके पास ऐसे कई उदाहरण हैं.</p>
<p>वहां के लोगों का कहना है कि ये पत्थर यहाँ का नहीं है इसे नेपाल से लाया गया है. उस समय एक नेपाली डोका में इस पत्थर को लाया गया था. नेपाल से लाकर इसे जहां रखा गया, वहां से आज तक कोई भी उस पत्थर को हिला नहीं सका है.</p>
<p>वैसे मंदिर का पत्थर जाने वाला हर शख्स ये कोशिश करता है कि वो उसे थोड़ा भी उठा ले तो उसकी किस्मत बदल सकती है, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता. हर किसी के बस की बात नहीं इसे हिलाना. वैसे ये पत्थर भले ही देखने में छोटा लगता है लेकिन इसका वज़न एक कुंतल तक बताया जाता है.</p>
<p>सही कहा है किसी ने किसी की श्रद्धा पर सवाल नहीं उठाना चाहिए और न ही किसी के भगवान का मज़ाक उड़ाना चाहिए. कण-कण में भगवान् हैं. आज भी इस बात को कई जगह आप सिद्ध होता देख सकते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>कभी भी घर के मंदिर में ना रखें यह मूर्तियां, वरना बनी रहेगी परिवार में कलह..</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/do-not-keep-it-in-the-temple-of-the-house-4-statues-news/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Jul 2018 03:58:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[टोटका]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा उपासना]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
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					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है ज्यादातर लोग देवी देवताओं की मूर्तियों की पूजा करते हैं शास्त्रों के अनुसार देवी देवताओं कि किन मूर्तियों की पूजा करने से क्या लाभ प्राप्त होता है इस तरह की बहुत सी बातों का उल्लेख किया गया है जैसे कि अगर आप भगवान श्री कृष्ण ... <a title="कभी भी घर के मंदिर में ना रखें यह मूर्तियां, वरना बनी रहेगी परिवार में कलह.." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/do-not-keep-it-in-the-temple-of-the-house-4-statues-news/" aria-label="Read more about कभी भी घर के मंदिर में ना रखें यह मूर्तियां, वरना बनी रहेगी परिवार में कलह..">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है ज्यादातर लोग देवी देवताओं की मूर्तियों की पूजा करते हैं शास्त्रों के अनुसार देवी देवताओं कि किन मूर्तियों की पूजा करने से क्या लाभ प्राप्त होता है इस तरह की बहुत सी बातों का उल्लेख किया गया है जैसे कि अगर आप भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप को माखन खाते हुए मूर्ति की पूजा करते हैं तो इससे व्यक्ति को संतान सुख की प्राप्ति होती है अगर आप महाबली हनुमान जी के संजीवनी बूटी पर्वत वाले रूप की पूजा करते हैं तो इससे आपको बल प्राप्त होता है इसी प्रकार से मूर्ति किस धातु की हो यह भी महत्वपूर्ण माना गया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-153041 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/ghar-ka-mandir-25-07-2018-e1532510801708.jpg" alt="" width="600" height="437" /></p>
<p>वैसे देखा जाए तो हर हिंदू घर में आपको घर के मंदिर में अलग-अलग तरह की मूर्तियां रखी हुई नजर आ जाएंगी इन मूर्तियों को लोग अपनी अपनी पसंद या फिर धार्मिक कारणों से अपने घर के मंदिर में स्थापित करते हैं परंतु बहुत से व्यक्ति मूर्तियों का चयन करते समय बहुत सी गलतियां कर बैठते हैं जो आने वाले समय में इनको बहुत ही भारी पड़ सकता है वास्तु शास्त्र में पूजा करने से संबंधित बहुत से नियमों के बारे में बताया गया है</p>
<p>अगर हम इन नियमों का पालन करते हैं तो हम अपने जीवन में आने वाली समस्याओं से काफी हद तक छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं वास्तु शास्त्र में मंदिर की साफ सफाई, अंधेरा ना होना, टूटी-फूटी मूर्तियां ना होना इन सभी बातों के विषय में बताया गया है इसके अतिरिक्त भी ऐसी कुछ मूर्तियों के बारे में बताया गया है जिनको अपने घर के पूजा के स्थान पर नहीं रखना चाहिए आज हम आपको इस लेख के माध्यम से कौन सी मूर्तियां घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।</p>
<h2>आइए जानते हैं किन मूर्तियों को घर के पूजा स्थल में रखना वर्जित होता है</h2>
<h2>नटराज</h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-153042 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/natraj-25-07-2018-e1532510855385.jpg" alt="" width="600" height="516" /></p>
<p>भगवान भोलेनाथ का रूप नटराज माना जाता है अगर भगवान शिवजी की पूजा की जाए और अपने घर के मंदिर में भगवान भोलेनाथ की मूर्तियों को स्थापित करके पूजा की जाए तो इसे बहुत ही शुभ माना गया है परंतु नटराज भगवान शिव जी का रौद्र रूप है जब भगवान शिव जी को अधिक क्रोध आता है तब वह नटराज रूप का धारण करते हैं अगर आप शिवजी के नटराज रूप को अपने घर में स्थापित करते हैं तो इससे आपके घर परिवार में अशांति फैलती है।</p>
<h2>भैरव देव</h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-153043 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/bhairav-dev-25-07-2018.jpg" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" srcset="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/bhairav-dev-25-07-2018.jpg 600w, https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/bhairav-dev-25-07-2018-300x206.jpg 300w, https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/bhairav-dev-25-07-2018-130x90.jpg 130w" alt="" width="600" height="412" /></p>
<p>भैरव देव भी भगवान शिवजी का ही रूप है परंतु भैरव देव तंत्र मंत्र विद्या के देवता माने जाते हैं इनकी उपासना घर के अंदर नहीं करनी चाहिए आप भोलेनाथ के इस रूप को अपने घर के मंदिर में भूलकर भी स्थापित मत कीजिए।</p>
<h2>शनि देव</h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-153044 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/shanidev_25-07-2018-e1532510951309.jpeg" alt="" width="600" height="337" /></p>
<p>शनि महाराज सूर्य पुत्र है और इनका पूजा का स्थान मंदिर के अन्य पूजास्थलों से बिल्कुल अलग होता है इनकी पूजा करने के भी बहुत से नियम होते हैं सूर्यास्त होने के पश्चात इनकी पूजा की जाती है कभी भी इनकी पूजा घर के अंदर नहीं की जानी चाहिए इनकी पूजा हमेशा घर के बाहर ही होती है इसीलिए आप भूलकर भी शनिदेव की मूर्तियों को अपने घर में स्थापित मत कीजिए अगर आप इनकी पूजा करना चाहते हैं तो घर के बाहर इनकी मूर्ति को स्थापित करके पूजा कर सकते हैं।</p>
<h2>राहु-केतु</h2>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone wp-image-153045 size-full" src="https://www.newstrend.news/wp-content/uploads/2018/07/rahu-ketu-25-07-2018-e1532511020828.jpg" alt="" width="600" height="431" /></p>
<p>अगर हम ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक देखे तो शनि राहु केतु तीनों ही पापी ग्रह के रूप में माने गए हैं अगर किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में इनकी अशुभ छाया हो तो इनकी पूजा करने से कष्ट कम होते हैं परंतु इनको अपने घर में लेकर आना अशुभ माना गया है इनकी पूजा हमेशा घर के बाहर ही करनी चाहिए।</p>
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		<title>इस दिन के ये अचूक टोटके, फिर देखे कैसे बनता है आप का दिन शुभ !</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 25 Jul 2018 02:55:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[उपाय]]></category>
		<category><![CDATA[टोटके]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा उपासना]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[शनि देव]]></category>
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					<description><![CDATA[शनिदेव और शनिवार से अधिकतर लोग डरते है. क्योंकि शनिवार को अशुभ दिन समझते है. इसलिए कोई भी कार्य इस दिन करने से हिचकिचाते हैं. जबकि शनिवार से ज्यादा शुभ दिन और कोई दिन नहीं होता. शनिवार एक मात्र ऐसा दिन है, जब सारे देवता एक साथ बैठकर वार्तालाप करते है. शनिवार के ये 5 ... <a title="इस दिन के ये अचूक टोटके, फिर देखे कैसे बनता है आप का दिन शुभ !" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/precise-tricks-of-this-day-then-see-how-it-is-your-day-auspicious-news/" aria-label="Read more about इस दिन के ये अचूक टोटके, फिर देखे कैसे बनता है आप का दिन शुभ !">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शनिदेव और शनिवार से अधिकतर लोग डरते है. क्योंकि शनिवार को अशुभ दिन समझते है. इसलिए कोई भी कार्य इस दिन करने से हिचकिचाते हैं. जबकि शनिवार से ज्यादा शुभ दिन और कोई दिन नहीं होता. शनिवार एक मात्र ऐसा दिन है, जब सारे देवता एक साथ बैठकर वार्तालाप करते है.</p>
<p><strong>शनिवार के ये 5 अचूक टोटके जो आपके शनिवार को शुभ बना देंगे !</strong></p>
<p>शनिवार को सारे ग्रहों की सभा होती है और शनिवार को ही कई देवी देवताओं का वार होता है. ऐसे में शनिवार का दिन अशुभ कैसे हो सकता है. फिर भी शनिवार को लेकर मन में कोई भ्रम है, तो हम आपको ऐसे अचूक उपाय बताएँगे कि आपका शनिवार शुभ दिन बन जाएगा.</p>
<p>तो आइये जानते है क्या है शनिवार के टोटके जो शनिवार को शुभ और फलदायक बना देंगे.</p>
<p><strong>शनिवार के टोटके –</strong></p>
<p>1 – शनि देव की पूजा</p>
<p>हर शनिवार सुबह स्नान करके काले रंग के कपडे पहने. शनि मंदिर जाकर सरसों तेल का दिया जलाकर, सरसों का तेल शनि देवपर अर्पण करें. लोहे की किल, काला तिल, काला उड़द और काला कपडा शनिदेव को चढ़ाकर किसी गरीब को दान में दें .</p>
<p><strong>2 – काले जानवार को भोजन</strong></p>
<p>शनिवार को जो भी काला जानवर दिखाई दे. जैसे भैस, काली गाय, काली बकरी, काले कुत्ते को कुछ न कुछ खाने को जरुर दे.</p>
<p><strong>3 – गरीबों को दान</strong></p>
<p>शनिवार को गरीबों को अन्न, लोहा, तेल, सिक्के, काला कपडा, भोजन , पानी दान में जरुर दें. इससे शनि की कृपा मिलती है और सारे दोष दूर होते हैं.</p>
<p><strong>4 – मीठा भोजन दें.</strong></p>
<p>{ पढ़ें :- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 10 ज्योतिष उपाय }<br />
छोटे जीव जैसे चीटी, चिटा, काला कौवा, कीड़े मकोडो को शक्कर या काला गुड खाने को दे. यदि यह जीव न मिले तो किसी पेड़ के नीचे जड़ो पर काला गुड रखकर आ जाएँ.</p>
<p><strong>5 – पाठ करें</strong></p>
<p>प्रतिदिन सुबह उठकर स्नानकर पूजा पाठ के बाद आसान लगाकर बैठ जाएँ और शनि चालीसा, हनुमान चालीसा, और दुर्गा चालीसा का कम से कम 7 बार पाठ करें.</p>
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		<title>इस साल हनुमान बाबा की केवल इन 4 राशिओ पर बरसेगी कृपा, बाकी रखे इन बातो का ध्यान&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Jul 2018 04:37:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[आज का राशिफल]]></category>
		<category><![CDATA[पूजा विधि]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
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					<description><![CDATA[इन चार खास राशियों के बारे में जिन पर भगवान श्री बजरंगबली की विशेष कृपा दृष्टि बनी रहेगी। यह कृपा दृष्टि साल 2018 में ही पहली बार इन पर बनी है। तो चलिए जानते हैं, इन राशियों के बारे में। भगवान हनुमान जी बच्चों पर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बनाए रखेंगे। आपको इन 2 महीने ... <a title="इस साल हनुमान बाबा की केवल इन 4 राशिओ पर बरसेगी कृपा, बाकी रखे इन बातो का ध्यान&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/hanuman-babas-only-blessings-on-these-4-zodiacal-blessings-rest-of-the-attention-of-these-things-news/" aria-label="Read more about इस साल हनुमान बाबा की केवल इन 4 राशिओ पर बरसेगी कृपा, बाकी रखे इन बातो का ध्यान&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इन चार खास राशियों के बारे में जिन पर भगवान श्री बजरंगबली की विशेष कृपा दृष्टि बनी रहेगी। यह कृपा दृष्टि साल 2018 में ही पहली बार इन पर बनी है। तो चलिए जानते हैं, इन राशियों के बारे में।</p>
<p><img decoding="async" src="https://www.youngisthan.in/hindi/wp-content/uploads/2017/03/Hanuman-ji.jpg" alt="Image result for à¤¹à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨" /></p>
<p>भगवान हनुमान जी बच्चों पर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बनाए रखेंगे। आपको इन 2 महीने में अपने जीवनसाथी से भरपूर प्रेम का सहयोग प्राप्त होगा। जून और जुलाई का महीना आपके लिए हर दिन नई खुशियां और उमंग लेकर आएगा। आपको सदैव अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। सदैव ईमानदारी को अपनाते हुए अपने कर्तव्य और निष्ठा से अपने कार्य को पूर्ण करते रहें। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। इससे आपके परिवार के मध्य सहयोग और साथ बढ़ेगा। हनुमान जी की कृपा दृष्टि होने से आप को कभी भी धन की कमी का महसूस नहीं होगा।</p>
<p><img decoding="async" src="http://media.webdunia.com/_media/hi/img/article/2016-05/25/full/1464164887-1059.jpg" alt="Image result for à¤¹à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨" /></p>
<p>2018 में पहली बार तुला, सिंह, मेष और कन्या राशि आदि पर भगवान श्री हनुमान जी की विशेष कृपा दृष्टि बनी रहेगी।</p>
<p>इन राशियों के लिए यह महीना प्यार के मामले में बहुत ही अच्छा व्यतीत होगा। आप को निजी संबंधों से मधुरता प्राप्त होगी। आपका विवाहित जीवन सुखमय बनेगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कभी भी कोई भी निर्णय सोच समझकर ही करें अन्यथा आप को हानि भी उठानी पड़ सकती है। रुपए पैसे के लेनदेन में थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है और कभी भी जोखिम भरे कदम ना उठाएं।</p>
<p>दोस्तों अगर आपको हमारी यह खबर अच्छी लगे तो कमेंट करके बताएं और लाइक और शेयर जरूर कीजिए और आगे भी ऐसे ही खबर पढ़ते रहने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें, क्योंकि हम हर रोज ऐसी खबर आपके लिए लाते रहते हैं।</p>
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