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	<title>फ्रांस &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>ग्रीनलैंड पर डोनाल्ड ट्रंप की जिद : क्या है इस विवाद के पीछे की असली वजह?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Jan 2026 06:26:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां वे ईरान को खुली धमकियां दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रीनलैंड को हासिल करने को लेकर उनके हालिया बयान ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराते हुए कहा ... <a title="ग्रीनलैंड पर डोनाल्ड ट्रंप की जिद : क्या है इस विवाद के पीछे की असली वजह?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/donald-trumps-insistence-on-greenland-what-is-the-real-reason-behind-this-controversy/" aria-label="Read more about ग्रीनलैंड पर डोनाल्ड ट्रंप की जिद : क्या है इस विवाद के पीछे की असली वजह?">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="585" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/डोनाल्ड-ट्रंप-ग्रीनलैंड-विवाद-2-1024x585-1.webp" alt="" class="wp-image-509185" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/डोनाल्ड-ट्रंप-ग्रीनलैंड-विवाद-2-1024x585-1.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/डोनाल्ड-ट्रंप-ग्रीनलैंड-विवाद-2-1024x585-1-300x171.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/डोनाल्ड-ट्रंप-ग्रीनलैंड-विवाद-2-1024x585-1-768x439.webp 768w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर जहां वे ईरान को खुली धमकियां दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रीनलैंड को हासिल करने को लेकर उनके हालिया बयान ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं”। ट्रंप के इस बयान के बाद यूरोपीय देशों में नाराजगी साफ दिखाई देने लगी है। डेनमार्क के बाद अब फ्रांस भी खुलकर विरोध में उतर आया है और ग्रीनलैंड की संप्रभुता को लेकर कड़ी चेतावनी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीनलैंड से कम कुछ मंजूर नहीं: ट्रंप</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाल ही में ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने से जुड़ा एक विधेयक अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया गया था। इसके अगले ही दिन ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए बेहद अहम है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का दावा है कि यदि अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं किया, तो रूस या चीन इस रणनीतिक द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं। उन्होंने नाटो से भी इस दिशा में पहल करने की अपील की और कहा कि ग्रीनलैंड के शामिल होने से नाटो और अधिक मजबूत होगा। ट्रंप इससे पहले यह भी संकेत दे चुके हैं कि जरूरत पड़ने पर ताकत के इस्तेमाल से भी पीछे नहीं हटेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फ्रांस की चेतावनी: संप्रभुता से खिलवाड़ खतरनाक</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप के बयानों के बाद यूरोप के कई देश मुखर हो गए हैं, जिनमें फ्रांस सबसे आगे है। कैबिनेट बैठक के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी यूरोपीय और सहयोगी देश की संप्रभुता से खिलवाड़ के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मैक्रों ने ग्रीनलैंड के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि यूरोप इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रेड डील पर भी संकट के बादल</p>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर ट्रंप की आक्रामक नीति से यूरोपीय संघ और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। यूरोपीय संसद के कुछ सदस्य अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर अपना रुख नहीं बदलता, तो अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाने से जुड़े कानून को रोकने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इसके जवाब में ट्रंप यूरोपीय उत्पादों पर और ज्यादा टैरिफ लगाने की चेतावनी दे सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आखिर ग्रीनलैंड के पीछे क्यों पड़ा है अमेरिका?</p>



<p class="wp-block-paragraph">डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी के लिए बेहद जरूरी है। उनका दावा है कि इस क्षेत्र में रूसी और चीनी जहाजों की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका का मानना है कि ग्रीनलैंड रूस और चीन से संभावित खतरों के खिलाफ एक स्ट्रैटेजिक बफर (रणनीतिक सुरक्षा कवच) की तरह काम कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दुर्लभ खनिजों का खजाना है ग्रीनलैंड</p>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार यहां **यूरेनियम, लिथियम, कोबाल्ट और ग्रेफाइट जैसे कई दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ये खनिज रक्षा तकनीक, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) जैसी भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के लिए बेहद जरूरी हैं। इसी वजह से अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अहम मान रहा है।</p>
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		<title>बिजनेस ट्रिप पर कर्मचारी की शारीरीक संबंध बनाते हुए मौत, कोर्ट ने बोली ये बात&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 13 Sep 2019 06:36:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#160; ये हैरान कर देने वाला मामला फ्रांस से सामने आया है. जहाँ कोर्ट ने एक कर्मचारी की शारीरीक संबंध के दौरान हुई मौत के लिए उसकी कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया है. दरअसल जेवियर X नाम के शख्स को रेलवे सेवा कंपनी ने साल 2013 में सेंट्रल फ्रांस के ... <a title="बिजनेस ट्रिप पर कर्मचारी की शारीरीक संबंध बनाते हुए मौत, कोर्ट ने बोली ये बात&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/employee-dies-on-business-trip-making-physical-connections-court-says-this-news/" aria-label="Read more about बिजनेस ट्रिप पर कर्मचारी की शारीरीक संबंध बनाते हुए मौत, कोर्ट ने बोली ये बात&#8230;">Read more</a>]]></description>
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<p><img decoding="async" class="alignnone wp-image-164343" src="http://janman.tv/wp-content/uploads/2019/09/SEX-300x187-300x187.jpg" alt="" width="1016" height="633" /></p>
<p>ये हैरान कर देने वाला मामला फ्रांस से सामने आया है. जहाँ कोर्ट ने एक कर्मचारी की शारीरीक संबंध के दौरान हुई मौत के लिए उसकी कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया है. दरअसल जेवियर X नाम के शख्स को रेलवे सेवा कंपनी ने साल 2013 में सेंट्रल फ्रांस के एक होटल में एक बिजनेस मीटिंग के लिए भेजा था. हालांकि, होटल में शारीरीक संबंध के दौरान एंप्लायी को कार्डियक अरेस्ट आया जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी. छह सालों तक चले केस के बाद अब अदालत ने अब अपना फैसला सुनाया है.</p>
<p>मीडिया सूत्रों की रिपोर्ट ने मुताबिक फ्रांस की एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी सीपीएएम ने इस दुर्घटना को वर्कप्लेस एक्सीडेंट करार दिया है. बता से साल 2016 में अदालत  ने अपने एक आदेश में कहा था कि संबंध बनाना भी नहाने या खाना खाने की तरह सामान्य जिंदगी का ही हिस्सा है. हालांकि कंपनी ने कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि उसकी मौत पूरी तरह से अजनबी शख्स के साथ विवाहेतर संबंध बनाने का नतीजा था.</p>
<p>आगे बताते चले यहां तक की कंपनी ने अदालत  के सामने यह भी तर्क दिया कि कर्मचारी कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए होटल में भी नहीं ठहरा था.  रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने पैरिस की अपील कोर्ट से कहा कि कर्माचारी की मौत के लिए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उसने अपनी निजी रुझानों के लिए जानबूझकर अपने कामकाज को रोका और यह उसके पेशे से अलग था. लेकिन कोर्ट ने कंपनी की दलील को खारिज करते हुए कहा शख्स के परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जजो ने अपने फैसले में कहा है कि बिजनेस ट्रिप पर किसी भी कर्मचारी को अपने मिशन की पूरी अवधि के लिए सुरक्षा मिलनी चाहिए.</p>
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		<item>
		<title>राफेल पर फैसला आने के बाद जमकर बरसे शाह, बोले-देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/after-the-decision-came-on-rafael-barsha-shah/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Dec 2018 10:13:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में कथित घोटाले को लेकर लगातार निशाने पर रही मोदी सरकार को उच्चतम न्यायालय से शुक्रवार को उस वक्त बड़ी राहत मिली, जब इसने सभी छह याचिकाएं खारिज कर दी। इसके बाद  राफेल मामले पर अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि चौकीदार को चोर उन्हीं ... <a title="राफेल पर फैसला आने के बाद जमकर बरसे शाह, बोले-देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/after-the-decision-came-on-rafael-barsha-shah/" aria-label="Read more about राफेल पर फैसला आने के बाद जमकर बरसे शाह, बोले-देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नयी दिल्ली।</strong> राफेल लड़ाकू विमान की खरीद में कथित घोटाले को लेकर लगातार निशाने पर रही मोदी सरकार को उच्चतम न्यायालय से शुक्रवार को उस वक्त बड़ी राहत मिली, जब इसने सभी छह याचिकाएं खारिज कर दी। इसके बाद  राफेल मामले पर अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि चौकीदार को चोर उन्हीं लोगों ने कहा जिन्हें नरेंद्र मोदी से डर है। जब 2001 में एयरफोर्स ने विमानों की डिमांड रखी थी तो 2007 से 2014 तक यह सौदा क्यों फाइनल नहीं हुआ? राहुल गांधी को देश को यह जवाब देना चाहिए। इससे पहले मामले पर संसद में राजनाथ सिंह ने कहा कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल की, राहुल को माफी मांगना चाहिए। राफेल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राफेल विमान खरीद की प्रक्रिया में शक की कोई गुंजाइश नहीं है। इसमें कारोबारी पक्षपातों जैसी कोई बात सामने नहीं आई।</p>
<p><img decoding="async" class="" src="http://jaihindmaithilinews.com/wp-content/uploads/2018/07/201802071952178750_randeep-surjewala-questions-modi-on-Rafale-Deal_SECVPF.jpg" alt="Image result for RAFEL" width="905" height="679" /></p>
<p><strong>देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल: अमित शाह </strong></p>
<p>अमित शाह ने कहा की  राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत करता हूं। आज सत्य की जीत हुई है। देश की जनता को गुमराह करने का इससे बड़ा प्रयास पहले कभी नहीं हुआ और वो भी यह प्रयास कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह प्रयास तत्काल फायदा लेने के लिए किया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से साबित कर दिया कि झूठ के पैर नहीं होते। भाजपा अध्यक्ष ने कहा- सुप्रीम कोर्ट की जांच में तीन मुद्दों पर सवाल उठाए गए थे। तीनों ही मुद्दों पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने स्पष्टता से अपना फैसला कोर्ट में सुनाया। डिसीजन मेकिंग के प्रति रिकॉर्ड की जांच कर सेट असाइड करने की कोशिश को कोर्ट ने नकार दिया। कोर्ट ने साफ किया कि पड़ोसी देश जब फोर्थ और फिफ्थ जेनरेशन के विमानों से सुसज्जित हो तो नए विमानों की खरीदी में देरी करना ठीक नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई कि विमान की खरीदी देश के आर्थिक फायदे के तहत ही हुई। भारत सरकार का ऑफसेट पार्टनर चुनने में कोई रोल नहीं है। यह हम पर आरोप लगाने वालों के मुंह पर चांटा है। शाह के मुताबिक- कोर्ट ने कहा कि किसी को आर्थिक फायदा पहुंचाने का कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है। अखबारी निवेदनों और परसेप्शन के आधार पर कोर्ट किसी फैसले पर नहीं पहुंच सकता। जिन लोगों ने भी इस मामले पर देश को गुमराह करने का प्रयास किया, उन्हें देश की जनता और सेना के जवानों से माफी मांगनी चाहिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://c.ndtvimg.com/2018-09/7tq9nlbs_amit-shah-telangana-twitter_625x300_15_September_18.jpg" alt="Image result for RAFAEL à¤à¤®à¤¿à¤¤ à¤¶" width="856" height="527" /></p>
<p><strong>राफेल पर इतनी जानकारी कहां से लाए?</strong><br />
अमित शाह ने कहा- राहुल गांधी से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। राफेल पर उनके पास इतनी इन्फॉर्मेशन का सोर्स क्या था? उन्हें देश को यह बताना चाहिए। जब 2001 में एयरफोर्स ने प्लेन की डिमांड रख दी तो 2007 से 2014 तक यह सौदा क्यों फाइनल नहीं हुआ? कांग्रेस ने जितने भी सौदे किए सब में कमीशनखोरों और बिचौलियों की जगह रखी। कभी क्वात्रोची तो कभी किसी मिशेल को बिचौलिया रखा। मोदी सरकार ने सीधे गवर्मेंट टू गवर्मेंट डील की। शाह ने कहा- कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में रहती है तो करप्शन और घोटालों की लड़ छूटती है। 10 सालों में साढ़े 12 लाख करोड़ रुपए के घोटाले करने वाली कांग्रेस जब मोदीजी पर आरोप लगाती है तो उन्हें अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। आज साबित हो गया कि जो चोर-चोर की गूंज लगाते हैं उनके खुद के मन में खुद ही भय होता है। मेरी राहुल को सलाह है कि सूरज पर चाहे जितनी भी मिट्टी उछालो, वह गिरती अपने मुंह पर ही है।</p>
<p>ये भी पढ़ें  &#8230;.</p>
<p>http://www.dainikbhaskarup.com/2018/12/14/rafale-deal-opposition-demands-joint-parliamentary-committee-news/</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>विपक्ष ने फिर उठाया राफेल का मुद्दा</strong><br />
शुक्रवार को विराफेल मामले पर शुक्रवार को अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि चौकीदार को चोर उन्हीं लोगों ने कहा जिन्हें नरेंद्र मोदी से डर है। जब 2001 में एयरफोर्स ने विमानों की डिमांड रखी थी तो 2007 से 2014 तक यह सौदा क्यों फाइनल नहीं हुआ? राहुल गांधी को देश को यह जवाब देना चाहिए। इससे पहले मामले पर संसद में राजनाथ सिंह ने कहा कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि धूमिल की, राहुल को माफी मांगना चाहिए। राफेल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राफेल विमान खरीद की प्रक्रिया में शक की कोई गुंजाइश नहीं है। इसमें कारोबारी पक्षपातों जैसी कोई बात सामने नहीं आई।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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