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	<title>महिला आरक्षण बिल &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>महिला आरक्षण बिल पर संग्राम: लखनऊ की सड़कों पर उतरे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस के खिलाफ &#8216;जन आक्रोश&#8217; का&#8230; </title>
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		<pubDate>Tue, 21 Apr 2026 07:46:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ: महिला आरक्षण बिल को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब सड़कों पर आ गया है। संसद में बिल के अटकने और विपक्ष के कड़े रुख के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। आज राजधानी लखनऊ में सीएम योगी की अगुवाई में एक विशाल &#8216;जन आक्रोश महिला पदयात्रा&#8217; निकाली गई, ... <a title="महिला आरक्षण बिल पर संग्राम: लखनऊ की सड़कों पर उतरे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस के खिलाफ &#8216;जन आक्रोश&#8217; का&#8230; " class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0/" aria-label="Read more about महिला आरक्षण बिल पर संग्राम: लखनऊ की सड़कों पर उतरे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस के खिलाफ &#8216;जन आक्रोश&#8217; का&#8230; ">Read more</a>]]></description>
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<h2 data-path-to-node="0"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-513219" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/cm-yogi-padyatra-1776750580835-1280x720-1.webp" alt="" width="1280" height="720" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/cm-yogi-padyatra-1776750580835-1280x720-1.webp 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/cm-yogi-padyatra-1776750580835-1280x720-1-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/cm-yogi-padyatra-1776750580835-1280x720-1-1024x576.webp 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/cm-yogi-padyatra-1776750580835-1280x720-1-768x432.webp 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></h2>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">लखनऊ:</b> महिला आरक्षण बिल को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब सड़कों पर आ गया है। संसद में बिल के अटकने और विपक्ष के कड़े रुख के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाल लिया है। आज राजधानी लखनऊ में सीएम योगी की अगुवाई में एक विशाल &#8216;जन आक्रोश महिला पदयात्रा&#8217; निकाली गई, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री ने न केवल पैदल मार्च किया, बल्कि विपक्ष को &#8216;महिला विरोधी&#8217; करार देते हुए तीखा हमला भी बोला।</p>
<h3 data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">सीएम आवास से विधान भवन तक शक्ति प्रदर्शन</b></h3>
<p data-path-to-node="3">शुक्रवार सुबह 5 कालीदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास का नजारा बदला हुआ था। भारी संख्या में जुटी महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने पदयात्रा शुरू की। यह पदयात्रा हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची। इस दौरान सीएम योगी के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के अलावा यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कदम से कदम मिलाकर चलते नजर आए। लखनऊ की सड़कों पर निकली इस पदयात्रा को विपक्ष के खिलाफ एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<h3 data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">&#8220;सपा-कांग्रेस का चेहरा अलोकतांत्रिक और महिला विरोधी&#8221;</b></h3>
<p data-path-to-node="5">पदयात्रा के समापन पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ का रुख बेहद हमलावर रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन दलों का चरित्र हमेशा से महिला विरोधी रहा है। सीएम ने कहा, &#8220;कांग्रेस हो या सपा, इनका चेहरा अलोकतांत्रिक है। पीएम मोदी ने इन्हें अपनी महिला विरोधी छवि सुधारने का मौका दिया था, लेकिन इन्होंने उसका दुरुपयोग किया। आज देश की आधी आबादी इनके आचरण के खिलाफ सड़कों पर है।&#8221; योगी ने साफ तौर पर कहा कि देश में केवल चार प्रमुख जातियां हैं—महिला, गरीब, युवा और किसान—और सरकार इन्हीं के उत्थान के लिए समर्पित है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">लखनऊ में आयोजित &#39;जन आक्रोश महिला पदयात्रा&#39; में&#8230; <a href="https://t.co/PRaCFx2oGS">https://t.co/PRaCFx2oGS</a></p>
<p>&mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) <a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2046443624301236510?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">April 21, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3 data-path-to-node="6"><b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">2029 में आरक्षण लागू करने के विजन पर अड़ी सरकार</b></h3>
<p data-path-to-node="7">मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि साल 2029 तक महिला आरक्षण बिल पूरी तरह प्रभावी हो जाए। उन्होंने कहा कि आज का यह आक्रोश मार्च सपा, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके की उन नीतियों के खिलाफ है जो महिलाओं को उनका हक मिलने से रोक रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस तरह केंद्र में मोदी सरकार और यूपी में &#8216;डबल इंजन&#8217; की सरकार महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, विपक्ष उसे पचा नहीं पा रहा है।</p>
<h3 data-path-to-node="8"><b data-path-to-node="8" data-index-in-node="0">विपक्ष मोदी विरोध में अंधा हो चुका है: पंकज चौधरी</b></h3>
<p data-path-to-node="9">इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल से किसी वर्ग का नुकसान नहीं होने वाला था, बल्कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सिर्फ मोदी विरोध की राजनीति के कारण देश के विकास और महिलाओं के अधिकारों में रोड़ा अटका रहा है। चौधरी ने कहा कि विपक्ष अंधा हो चुका है, इसलिए उन्हें सरकार की हर अच्छी पहल में भी खामी नजर आती है।</p>
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		<title>महिला आरक्षण पर &#8216;आर-पार&#8217; के मूड में कांग्रेस: पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर पुराना बिल लागू करने की मांग, विपक्ष ने चला मास्टरस्ट्रोक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 07:56:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। देश की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) लाए जाने के बाद अब कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ने जवाबी दांव चल दिया है। शनिवार को हुई विपक्षी दिग्गजों की एक अहम बैठक में निर्णय लिया ... <a title="महिला आरक्षण पर &#8216;आर-पार&#8217; के मूड में कांग्रेस: पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर पुराना बिल लागू करने की मांग, विपक्ष ने चला मास्टरस्ट्रोक" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/congress-in-a-do-or-die-mood-over-womens-reservation-writes-to-pm-modi-demanding-implementation-of-the-old-bill-opposition-executes-a-masterstroke/" aria-label="Read more about महिला आरक्षण पर &#8216;आर-पार&#8217; के मूड में कांग्रेस: पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर पुराना बिल लागू करने की मांग, विपक्ष ने चला मास्टरस्ट्रोक">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h2 data-path-to-node="0"><b> <img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-513059" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/yr0TXyXSaqV3Vzz_100104_news.jpg" alt="" width="709" height="455" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/yr0TXyXSaqV3Vzz_100104_news.jpg 709w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/yr0TXyXSaqV3Vzz_100104_news-300x193.jpg 300w" sizes="(max-width: 709px) 100vw, 709px" /></b></h2>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">नई दिल्ली।</b> देश की राजनीति में महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) लाए जाने के बाद अब कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ने जवाबी दांव चल दिया है। शनिवार को हुई विपक्षी दिग्गजों की एक अहम बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पुराने महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त के तत्काल लागू करने की मांग की जाएगी।</p>
<p data-path-to-node="2">विपक्ष का आरोप है कि सरकार &#8216;परिसीमन&#8217; और &#8216;जनगणना&#8217; जैसी शर्तों की आड़ में इस कानून को लंबे समय तक टालना चाहती है।</p>
<h3 data-path-to-node="3"><b data-path-to-node="3" data-index-in-node="0">सोनिया और प्रियंका गांधी ने संभाली कमान</b></h3>
<p data-path-to-node="4">महिला आरक्षण के मुद्दे पर भावी रणनीति बनाने के लिए शनिवार को विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत गठबंधन के तमाम बड़े चेहरे शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार की घेराबंदी करना था। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि 2010 वाले पुराने प्रावधानों के आधार पर ही आरक्षण को प्रभावी बनाया जाए, ताकि महिलाओं को इसका लाभ मिलने में वर्षों का इंतजार न करना पड़े।</p>
<h3 data-path-to-node="5"><b data-path-to-node="5" data-index-in-node="0">&#8216;परिसीमन&#8217; को बताया राजनीतिक पैंतरा</b></h3>
<p data-path-to-node="6">विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार इस विधेयक की आड़ में ‘परिसीमन’ जैसे पैंतरे अपनाकर देश के राजनीतिक संतुलन को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही है। बैठक में चर्चा हुई कि सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन के जरिए राज्यों के प्रतिनिधित्व के साथ छेड़छाड़ करने की योजना बनाई जा रही है, जो लोकतांत्रिक ढांचे के लिए घातक साबित हो सकती है। विपक्ष ने साफ किया कि वह आरक्षण के पक्ष में तो है, लेकिन इसके पीछे छिपे किसी भी गुप्त राजनीतिक एजेंडे का कड़ा विरोध करेगा।</p>
<h3 data-path-to-node="7"><b data-path-to-node="7" data-index-in-node="0">ओबीसी आरक्षण और जातीय जनगणना पर प्रहार</b></h3>
<p data-path-to-node="8">इससे पहले सदन में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर ओबीसी समाज के साथ धोखाधड़ी कर रही है। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि जब 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व में राज्यसभा से यह बिल पारित हो चुका था, तो अब 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की शर्त क्यों थोपी जा रही है? उन्होंने कहा कि सरकार नई जातीय जनगणना से घबरा रही है क्योंकि इससे पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आ जाएगी।</p>
<h3 data-path-to-node="9"><b data-path-to-node="9" data-index-in-node="0">देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता को बताएगा विपक्ष</b></h3>
<p data-path-to-node="10">बैठक में यह भी रणनीति बनी कि गठबंधन के नेता अब देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके जरिए जनता को यह बताया जाएगा कि सरकार का वर्तमान बिल केवल चुनावी स्टंट है और इसमें ओबीसी वर्ग के हितों की अनदेखी की गई है। विपक्ष का कहना है कि जब तक सभी वर्गों (OBC, SC, ST) को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।</p>
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		<title>महिला आरक्षण पर सपा का &#8216;यू-टर्न&#8217; या पुरानी राह? मुलायम के बाद अब अखिलेश के स्टैंड ने बढ़ाई सियासी हलचल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 01:37:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली/लखनऊ: भारतीय राजनीति में महिला आरक्षण विधेयक हमेशा से एक ऐसा मुद्दा रहा है जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़े हैं। हाल ही में लोकसभा में दो दिनों की भारी बहस के बाद महिला आरक्षण बिल के गिरने और उस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के रुख ने एक नई बहस छेड़ दी है। ... <a title="महिला आरक्षण पर सपा का &#8216;यू-टर्न&#8217; या पुरानी राह? मुलायम के बाद अब अखिलेश के स्टैंड ने बढ़ाई सियासी हलचल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/sps-u-turn-on-womens-reservation-or-a-return-to-the-old-path-after-mulayam-akhileshs-stance-now-sparks-political-turmoil/" aria-label="Read more about महिला आरक्षण पर सपा का &#8216;यू-टर्न&#8217; या पुरानी राह? मुलायम के बाद अब अखिलेश के स्टैंड ने बढ़ाई सियासी हलचल">Read more</a>]]></description>
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<h2 data-path-to-node="0"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-513023" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/7pqn9n6k_akhilesh-yadav_625x300_17_April_26.webp" alt="" width="932" height="576" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/7pqn9n6k_akhilesh-yadav_625x300_17_April_26.webp 932w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/7pqn9n6k_akhilesh-yadav_625x300_17_April_26-300x185.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/7pqn9n6k_akhilesh-yadav_625x300_17_April_26-768x475.webp 768w" sizes="(max-width: 932px) 100vw, 932px" /></h2>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">नई दिल्ली/लखनऊ:</b> भारतीय राजनीति में महिला आरक्षण विधेयक हमेशा से एक ऐसा मुद्दा रहा है जिसने बड़े-बड़े राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़े हैं। हाल ही में लोकसभा में दो दिनों की भारी बहस के बाद महिला आरक्षण बिल के गिरने और उस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के रुख ने एक नई बहस छेड़ दी है। कभी नेताजी मुलायम सिंह यादव ने जिस मुखरता से इस बिल का विरोध किया था, अब उनके बेटे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी उसी राह पर चलते दिख रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या महिला सशक्तिकरण के दौर में सपा की &#8216;साइकिल&#8217; इस मुद्दे पर खुद ही फंस गई है?</p>
<h3 data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">अखिलेश यादव का PDA दांव और अग्निपरीक्षा</b></h3>
<p data-path-to-node="3">सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए यह बिल उनके नए राजनीतिक फॉर्मूले &#8216;PDA&#8217; (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की असली अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। सदन में चर्चा के दौरान अखिलेश ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी पार्टी ने विरोध में वोट किया। अखिलेश का सबसे बड़ा तर्क यह है कि आरक्षण का लाभ देश की 95% आबादी वाली पिछड़ी, दलित और मुस्लिम महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। उनका मानना है कि &#8216;कोटा के भीतर कोटा&#8217; सुनिश्चित किए बिना यह बिल केवल एक दिखावा बनकर रह जाएगा।</p>
<h3 data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">मुलायम सिंह यादव का वो ऐतिहासिक विरोध और विरासत</b></h3>
<p data-path-to-node="5">महिला आरक्षण बिल का विरोध सपा के लिए कोई नया नहीं है। अखिलेश के पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने भी हमेशा यह कहकर इसका रास्ता रोका था कि इसमें OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान नहीं है। साल 2010 में उनके तीखे विरोध की वजह से ही सपा पर &#8216;महिला विरोधी&#8217; होने का ठप्पा लगा था। अब अखिलेश भी उसी पुरानी मांग को दोहरा रहे हैं कि पहले सरकार जातिगत जनगणना कराए और फिर जनसंख्या के सही आंकड़ों के आधार पर आरक्षण दिया जाए।</p>
<h3 data-path-to-node="6"><b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">भाजपा का नैरेटिव और सपा के सामने खड़ी चुनौतियां</b></h3>
<p data-path-to-node="7">सपा द्वारा बिल के विरोध में वोट किए जाने के बाद अब बीजेपी को एक बड़ा राजनीतिक हथियार मिल गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अब अखिलेश यादव को &#8216;महिला विरोधी&#8217; और &#8216;प्रगति का दुश्मन&#8217; साबित करने के लिए नैरेटिव सेट करेगी। उत्तर प्रदेश में महिला साइलेंट वोटर्स का झुकाव पिछले कुछ चुनावों से भाजपा की तरफ रहा है, ऐसे में अखिलेश का यह फैसला इस बड़े वोट बैंक को उनसे और दूर कर सकता है, जिसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों पर पड़ने की आशंका है।</p>
<h3 data-path-to-node="8"><b data-path-to-node="8" data-index-in-node="0">परिसीमन का डर और बदलता राजनीतिक समीकरण</b></h3>
<p data-path-to-node="9">अखिलेश यादव के विरोध के पीछे एक बड़ा कारण परिसीमन भी माना जा रहा है। बिल लागू होने के बाद यदि परिसीमन होता है और यूपी में सीटों की संख्या बदलती है, तो पूरे राज्य का राजनीतिक समीकरण उलट-पुलट हो सकता है। सपा को डर है कि इस प्रक्रिया से भाजपा को मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक बढ़त मिल सकती है। कुल मिलाकर, &#8216;सामाजिक न्याय&#8217; की दुहाई और &#8216;महिला अधिकारों&#8217; के बीच फंसी सपा के लिए आने वाली राह काफी चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।</p>
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		<title>नारी शक्ति वंदन अधिनियम: संसद में क्यों फेल हुआ मोदी सरकार का &#8216;मास्टरस्ट्रोक&#8217;? समझें वो 4 वजहें जिससे बिगड़ा गणित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 01:36:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार के लिए शुक्रवार का दिन संसदीय इतिहास में एक बड़े झटके की तरह रहा। भारी गहमागहमी के बीच पेश किया गया &#8216;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&#8217; (महिला आरक्षण बिल) लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ... <a title="नारी शक्ति वंदन अधिनियम: संसद में क्यों फेल हुआ मोदी सरकार का &#8216;मास्टरस्ट्रोक&#8217;? समझें वो 4 वजहें जिससे बिगड़ा गणित" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/nari-shakti-vandan-adhiniyam-why-did-the-modi-governments-masterstroke-fail-in-parliament-understand-the-4-reasons-that-upset-the-math/" aria-label="Read more about नारी शक्ति वंदन अधिनियम: संसद में क्यों फेल हुआ मोदी सरकार का &#8216;मास्टरस्ट्रोक&#8217;? समझें वो 4 वजहें जिससे बिगड़ा गणित">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-path-to-node="0"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-513030" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/sabdan.jpg" alt="" width="1200" height="675" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/sabdan.jpg 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/sabdan-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/sabdan-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/sabdan-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></p>
<p data-path-to-node="0"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">नई दिल्ली:</b> केंद्र की मोदी सरकार के लिए शुक्रवार का दिन संसदीय इतिहास में एक बड़े झटके की तरह रहा। भारी गहमागहमी के बीच पेश किया गया &#8216;नारी शक्ति वंदन अधिनियम&#8217; (महिला आरक्षण बिल) लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण गिर गया। यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसी महत्वपूर्ण विधेयक को सदन में पास कराने में विफल रही। जो भाजपा अपनी सटीक रणनीति के लिए जानी जाती है, आखिर वहां चूक कहां हुई? आइए जानते हैं उन प्रमुख कारणों को जिन्होंने सरकार का समीकरण बिगाड़ दिया।</p>
<h3 data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">1. दो-तिहाई बहुमत का &#8216;जादुई आंकड़ा&#8217; पड़ा भारी</b></h3>
<p data-path-to-node="3">संसद में किसी सामान्य विधेयक को पास कराना और संविधान संशोधन विधेयक को पास कराने में बड़ा अंतर होता है। महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान में बदलाव की आवश्यकता थी, जिसके लिए सदन में <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="185">&#8216;विशेष बहुमत&#8217;</b> यानी उपस्थित सदस्यों के दो-तिहाई वोटों की जरूरत होती है। हालांकि NDA के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई का आंकड़ा उनके पास अकेले नहीं था। विपक्षी दलों के कड़े रुख के कारण सरकार यह संख्या बल नहीं जुटा सकी।</p>
<h3 data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">2. जनगणना और परिसीमन की &#8216;शर्त&#8217; पर फंसा पेंच</b></h3>
<p data-path-to-node="5">इस बिल के साथ जुड़ी सबसे बड़ी शर्त यह थी कि आरक्षण तभी प्रभावी होगा जब देश में अगली जनगणना और उसके बाद सीटों का <b data-path-to-node="5" data-index-in-node="112">&#8216;परिसीमन&#8217; (Delimitation)</b> होगा। सरकार का तर्क था कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे &#8216;चुनावी जुमला&#8217; बताने लगा। कांग्रेस और इंडिया (INDIA) गठबंधन के दलों का आरोप है कि सरकार इस बहाने आरक्षण को 2029 या उससे भी आगे टालना चाहती है। विपक्ष की मांग थी कि आरक्षण को बिना किसी शर्त के तुरंत लागू किया जाए।</p>
<h3 data-path-to-node="6"><b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">3. &#8216;कोटा के भीतर कोटा&#8217; की उठती मांग</b></h3>
<p data-path-to-node="7">सदन में चर्चा के दौरान &#8216;सामाजिक न्याय&#8217; का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया रहा। विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मांग की कि 33% आरक्षण के भीतर <b data-path-to-node="7" data-index-in-node="156">OBC और मुस्लिम महिलाओं</b> के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित किया जाए। विपक्ष इसे जाति जनगणना से जोड़ने पर अड़ा रहा। दूसरी ओर, सरकार ने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान नहीं है और OBC कोटे की मांग पर भी असहमति बनी रही, जिससे वोटिंग के दौरान विपक्ष एकजुट होकर विरोध में खड़ा हो गया।</p>
<h3 data-path-to-node="8"><b data-path-to-node="8" data-index-in-node="0">4. दक्षिण बनाम उत्तर: सीटों के नुकसान का डर</b></h3>
<p data-path-to-node="9">बिल के गिरते ही एक नया क्षेत्रीय विवाद भी गहरा गया है। दक्षिण भारतीय राज्यों (जैसे तमिलनाडु की DMK) का मानना है कि यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है, तो उनकी सीटें कम हो सकती हैं क्योंकि उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम किया है। इसके उलट, उत्तर भारत के राज्यों का दबदबा संसद में बढ़ जाएगा। दक्षिण के दलों ने इसे अपनी राजनीतिक ताकत के खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया, जिसने बिल के खिलाफ माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।</p>
<p data-path-to-node="11">
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		<title>महिला आरक्षण बिल पास होने पर जश्न में डूबा BJP कार्यालय, PM मोदी के संग महिलाओं ने ली सेल्फी</title>
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		<pubDate>Fri, 22 Sep 2023 06:23:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थिति भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया और धन्यवाद दिया। भाजपा दफ्तर पहुंचते ही प्रधानमंत्री ने महिला कार्यकर्ताओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं ... <a title="महिला आरक्षण बिल पास होने पर जश्न में डूबा BJP कार्यालय, PM मोदी के संग महिलाओं ने ली सेल्फी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bjp-office-immersed-in-celebration-after-passing-of-womens-reservation-bill-women-welcomed-pm-modi-with-flowers-and-garlands-news-in-hindi/" aria-label="Read more about महिला आरक्षण बिल पास होने पर जश्न में डूबा BJP कार्यालय, PM मोदी के संग महिलाओं ने ली सेल्फी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-194.png" alt="" class="wp-image-399553" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-194.png 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-194-768x432.png 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-194-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली स्थिति भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया और धन्यवाद दिया। भाजपा दफ्तर पहुंचते ही प्रधानमंत्री ने महिला कार्यकर्ताओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं आज देश की हर माता-बहन और बेटी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। कल और परसों 20 और 21 सितंबर को हम सबने एक नया इतिहास बनते देखा है। हम सबका सौभाग्य है कि ये अवसर हमें मिला है। आने वाली हर पीढ़ी तक इस दिवस की और इस निर्णय की चर्चा होगी।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">सुबह से ही बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर मौजूद हैं। वे गुलाल लगाकर और मिठाई बांटकर बिल के पास होने का जश्न मना रही हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मोदी के स्पीच की बड़ी बातें; कहा- आज हर नारी का आत्मविश्वास आसमान छू रहा</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;कभी-कभी किसी निर्णय में देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है। हम ऐसे ही निर्णय के साक्षी हैं। जिस बात को देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था। वो सपना अब साकार हुआ है। यह देश के लिए खास समय है। यह भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए भी खास है। आज हर नारी का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। पूरे देश की माताएं, बहनें बेटियां खुशी मना रही हैं। हमें आशीर्वाद दे रही हैं। करोड़ों माताओं बहनों के सपनों को साकार करने का आशीर्वाद हम भाजपा के कार्यकर्ताओं को मिला है। यह हमारे लिए गौरव करने का दिन है।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह कोई सामान्य कानून नहीं है। यह नए भारत का उद्घोष है। यह बहुत बड़ा और मजबूत कदम है। महिलाओं का जीवन सुधारने के लिए जो गारंटी मोदी ने दी थी, उसका यह प्रत्यक्ष प्रमाण है। मेरे देश की हर माता,बहन और बेटी को मैं फिर से बहुत-बहुत बधाई देता हूं।&#8217; &#8216;इस कानून के जरिए भाजपा महिलाओं की भागीदारी के लिए 3 दशक से प्रयास कर रही थी। </p>



<p class="wp-block-paragraph">यह हमारा कमिटमेंट था। आज हमनें इसे पूरा कर दिया है। इसमें कई बाधाएं थीं,, लेकिन जब नीयत पवित्र हो तो परेशानियों को पार करके भी परिणाम लाती है।&#8217; यह अपने आप में रिकॉर्ड है कि इस कानून को संसद के दोनों सदनों में व्यापक समर्थन मिला। पक्ष-विपक्ष ने भी राजनीति से उठकर इसका समर्थन किया। मैं सबको धन्यवाद देता हूं।&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">संसद के विशेष सत्र में पास हुआ बिल</p>



<p class="wp-block-paragraph">केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया था। 20 सितंबर को लोकसभा में 7 घंटे की चर्चा के बाद यह बिल पास हो गया। इसके पक्ष में 454 और विरोध में 2 वोट पड़े। 21 सितंबर को बिल राज्यसभा में पेश हुआ। सदन में मौजूद सभी 214 सांसदों ने बिल का समर्थन किया और बिल पास हो गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब ये बिल विधानसभाओं में भेजा जाएगा। 50% विधानसभाओं से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनके हस्ताक्षर से यह कानून बन जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक दिन पहले ही खत्म हुआ विशेष सत्र</p>



<p class="wp-block-paragraph">22 सितंबर को खत्म होने वाल ये विशेष सत्र 21 सितंबर को राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल के पास होते ही खत्म हो गया। बिल के पास होने पर PM मोदी ने कहा- इस विधेयक के प्रति देश के सभी राजनीतिक दलों की सकारात्मक सोच होना, ये हमारे देश की नारी शक्&#x200d;ति को एक नई ऊर्जा देने वाली है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेष सत्र के आखिरी और चौथे दिन महिला सांसदों ने पीएम मोदी के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">महिला आरक्षण से जुड़ी ये खबरें</p>



<p class="wp-block-paragraph">4 प्रधानमंत्री, 11 कोशिशें, 27 साल: महिला आरक्षण विधेयक की पूरी राजनीतिक कहानी</p>



<p class="wp-block-paragraph">पहली बार प्रस्तावित होने के 14 साल बाद महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया। उसके बाद से 13 साल हो गए, ये बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। अब 2023 में मोदी सरकार ने भी इसे लोकसभा में पेश कर दिया है। अगर ये पारित हो गया तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित हो जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े 11 सवालों के जवाब</p>



<p class="wp-block-paragraph">मोदी सरकार ने नए संसद भवन की पहली कार्यवाही में मंगलवार को &#8216;नारी शक्ति वंदन विधेयक&#8217; पेश किया। महिला आरक्षण पारित कराने के लिए पिछले 27 साल में मौजूदा सरकार समेत 4 सरकारों की ये 11वीं कोशिश है।</p>
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		<title>महिला आरक्षण बिल पर सांसद रंजन बोले- महिलाओं को वंदन नहीं, समानता चाहिए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Sep 2023 09:31:07 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[महिला आरक्षण बिल]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली । संसद के विशेष सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पर चर्चा हो रही है। सबसे पहले अर्जुनराम मेघवाल ने बिल पेश किया। इसके बाद कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने बिल के नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि महिलाओं को ... <a title="महिला आरक्षण बिल पर सांसद रंजन बोले- महिलाओं को वंदन नहीं, समानता चाहिए" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mp-ranjan-said-on-womens-reservation-bill-women-do-not-need-worship-they-need-equality-news-in-hindi/" aria-label="Read more about महिला आरक्षण बिल पर सांसद रंजन बोले- महिलाओं को वंदन नहीं, समानता चाहिए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1000" height="563" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-167.png" alt="" class="wp-image-399350" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-167.png 1000w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-167-768x432.png 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-167-390x220.png 390w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली । संसद के विशेष सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पर चर्चा हो रही है। सबसे पहले अर्जुनराम मेघवाल ने बिल पेश किया। इसके बाद कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने बिल के नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि महिलाओं को वंदन नहीं, समानता चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा- ये बिल महिलाओं पर अहसान नहीं, बल्कि उनका वंदन और अभिनंदन है। अगर ये बिल आज पास होता है तो 2029 तक 33% महिलाएं सांसद बनकर आ जाएंगी। वहीं, खड़गे ने कबीर का दोहा ‘काल करे सो, आज कर’ सुनाया और तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग की।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1242" height="710" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-166.png" alt="" class="wp-image-399349" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-166.png 1242w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/image-166-768x439.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1242px) 100vw, 1242px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जेपी नड्डा ने जवाब दिया कि भाजपा का उद्देश्य राजनीतिक फायदा लेने का नहीं है। सरकार नियमों से काम करती है और पक्का काम करने में विश्वास रखती है। इस पर विपक्षी सांसद ‘नो-नो’ करने लगे तो नड्डा ने कहा कि कि ‘नो-नो’ करने वालों को शासन करना नहीं आया। अगर शासन करना आता तो पता होता कि नियम-कानून भी कोई चीज है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सिल्वर स्पून के साथ पैदा होते हैं, उन्हें गरीबों की परेशानियां नहीं पता होतीं। एक लीडर को लीडर बनना पड़ता है, सिखाए हुए बयान देने से काम नहीं चलता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">PM ने लोकसभा में कहा- इस बिल के लिए सभी हकदार हैं</p>



<p class="wp-block-paragraph">लोकसभा में सुबह 11 बजे जब कार्यवाही शुरू हुई तो सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कल भारत की संसदीय यात्रा का एक स्वर्णिम पल था। उस पल के हकदार इस सदन के सभी सदस्य हैं। सभी दल के सदस्य हैं। सभी दल के नेता भी हैं। सदन हों या सदन के बाहर हों, वे भी उतने ही हकदार हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा, &#8216;मैं आज इस बहुत महत्वपूर्ण निर्णय में और देश की मातृशक्ति में एक नई ऊर्जा भरने में कल का निर्णय और आज राज्यसभा के बाद जब हम अंतिम पड़ाव भी पूरा कर लेंगे। यह पवित्र कार्य को करने के लिए आप सबने जो योगदान दिया है, समर्थन दिया है, सार्थक चर्चा की है। सदन के नेता के रूप में मैं आज आप सबका सच्चे दिल से आदरपूर्वक अभिनंदन करता हूं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राजनाथ बोले- सीना चौड़ा कर चीन पर चर्चा के लिए तैयार</p>



<p class="wp-block-paragraph">PM मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा हुई। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से सदन को मिशन के बारे में बताया। इसके बाद राजनाथ सिंह बोलने के लिए खड़े हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राजनाथ से पूछा कि क्या उनमें चीन मुद्दे पर चर्चा करने की हिम्मत है। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरी हिम्मत है, मैं चीन पर चर्चा करने के लिए तैयार हूं और सीना चौड़ा करके चर्चा करने के लिए तैयार हूं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संसद की चौथे दिन की कार्यवाही के बड़े अपडेट्स…</p>



<p class="wp-block-paragraph">कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल आज लोकसभा में एडवोकेट्स अमेंडमेंट बिल 2023 पेश करेंगे। राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने वाइस-चेयरपर्सन का पैनल पुनर्गठित किया है। इसमें 13 महिला सांसदों को जगह दी गई। ये सांसद जगदीप धनखड़ की अनुपस्थिति में राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन करेंगी। सरकार आज राज्यसभा में रिपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल पेश कर सकती है। इस बिल में ऐसे 65 कानूनों को निरस्त करने का प्रावधान है, जो प्रचलन से बाहर हो गए हैं या दूसरे कानूनों की वजह से निरर्थक हो गए हैं। यह बिल पिछले साल जुलाई में लोकसभा में पास हो गया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लोकसभा में बिल पर चर्चा में 60 सांसदों ने अपने विचार रखे। राहुल गांधी ने कहा कि OBC आरक्षण के बिना यह बिल अधूरा है। इस पर अमित शाह ने कहा कि यह आरक्षण सामान्य, SC और ST में समान रूप से लागू होगा। चुनाव के बाद तुरंत ही जनगणना और डिलिमिटेशन होगा और महिलाओं की भागीदारी जल्द ही सदन में बढ़ेगी। विरोध करने से रिजर्वेशन जल्दी नहीं आएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नई संसद में कामकाज के पहले दिन पेश हुआ था बिल</p>



<p class="wp-block-paragraph">नई संसद में कामकाज के पहले दिन यानी 19 सितंबर को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पेश किया गया। इस बिल के मुताबिक, लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन लागू किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लोकसभा की 543 सीटों में से 181 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ये रिजर्वेशन 15 साल तक रहेगा। इसके बाद संसद चाहे तो इसकी अवधि बढ़ा सकती है। यह आरक्षण सीधे चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए लागू होगा। यानी यह राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों पर लागू नहीं होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">परिसीमन के बाद ही लागू होगा बिल</p>



<p class="wp-block-paragraph">नए विधेयक में सबसे बड़ा पेंच यह है कि यह डीलिमिटेशन यानी परिसीमन के बाद ही लागू होगा। परिसीमन इस विधेयक के पास होने के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर होगा। 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले जनगणना और परिसीमन करीब-करीब असंभव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस फॉर्मूले के मुताबिक विधानसभा और लोकसभा चुनाव समय पर हुए तो इस बार महिला आरक्षण लागू नहीं होगा। यह 2029 के लोकसभा चुनाव या इससे पहले के कुछ विधानसभा चुनावों से लागू हो सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तीन दशक से पेंडिंग था महिला आरक्षण बिल</p>



<p class="wp-block-paragraph">संसद में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव करीब 3 दशक से पेंडिंग है। यह मुद्दा पहली बार 1974 में महिलाओं की स्थिति का आकलन करने वाली समिति ने उठाया था। 2010 में मनमोहन सरकार ने राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित करा लिया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तब सपा और राजद ने बिल का विरोध करते हुए तत्कालीन UPA सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दे दी थी। इसके बाद बिल को लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संसद के विशेष सत्र में ये 4 बिल भी पेश होने हैं…</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, शर्तें और पद अवधि) बिल, 2023: यह बिल चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) और अन्य इलेक्शन कमिश्नर (ECs) की नियुक्ति को रेगुलेट करने से जुड़ा है। बिल के मुताबिक आयुक्तों की नियुक्ति तीन सदस्यों का पैनल करेगा। जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। एडवोकेट्स अमेंडमेंट बिल 2023: इस बिल के जरिए 64 साल पुराने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 में संशोधन करना है। बिल में लीगल प्रैक्टिशनर्स एक्ट, 1879 को निरस्त करने का भी प्रस्ताव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रेस एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियॉडिकल्स बिल 2023: यह बिल किसी भी न्यूजपेपर, मैग्जीन और किताबों के रजिस्ट्रेशन और पब्लिकेशंस से जुड़ा है। बिल के जरिए प्रेस और पुस्तक पंजीकरण अधिनियम, 1867 को निरस्त कर दिया जाएगा। पोस्ट ऑफिस बिल, 2023: यह बिल 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को खत्म कर देगा। इस बिल के जरिए पोस्ट ऑफिस के काम को और आसान बनाने के साथ ही पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों को अतिरिक्त पावर देने का काम करेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पहली बार प्रस्तावित होने के 14 साल बाद महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया। उसके बाद से 13 साल हो गए, ये बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। अब 2023 में मोदी सरकार ने भी इसे लोकसभा में पेश कर दिया है। अगर ये पारित हो गया तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित हो जाएंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े 11 सवालों के जवाब</p>



<p class="wp-block-paragraph">मोदी सरकार ने नए संसद भवन की पहली कार्यवाही में मंगलवार को &#8216;नारी शक्ति वंदन विधेयक&#8217; पेश किया। महिला आरक्षण पारित कराने के लिए पिछले 27 साल में मौजूदा सरकार समेत 4 सरकारों की ये 11वीं कोशिश है।</p>
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