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	<title>यमुना &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>प्रयागराज: नए यमुना पुल पर ट्रकों की लापरवाही से लग रहा जाम, यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां</title>
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		<pubDate>Wed, 02 Apr 2025 09:33:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[प्रयागराज। जिले के नैनी नए यमुना पुल पर इन दिनों ट्रक चालक कि मनमानी की वजह से लग रहा भीषड़ जाम, लोग हो रहें है परेशान, स्थानी लोगों की माने तो नो एंट्री के बाद ट्रक चालक मनमानी तरीके से ट्रक चलाते हैं इसके बाद ट्रक गलत तरीके से निकलने के चक्कर में भीषण जाम ... <a title="प्रयागराज: नए यमुना पुल पर ट्रकों की लापरवाही से लग रहा जाम, यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/prayagraj-due-to-the-negligence-of-trucks-there-is-a-jam-on-the-new-yamuna-bridge-traffic-rules-are-being-flouted/" aria-label="Read more about प्रयागराज: नए यमुना पुल पर ट्रकों की लापरवाही से लग रहा जाम, यातायात नियमों की उड़ रही धज्जियां">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1611" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353.jpg" alt="" class="wp-image-488390" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353.jpg 1611w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353-300x168.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353-768x429.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353-1536x858.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-02T145945.353-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 1611px) 100vw, 1611px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रयागराज। </strong>जिले के नैनी नए यमुना पुल पर इन दिनों ट्रक चालक कि मनमानी की वजह से लग रहा भीषड़ जाम, लोग हो रहें है परेशान, स्थानी लोगों की माने तो नो एंट्री के बाद ट्रक चालक मनमानी तरीके से ट्रक चलाते हैं इसके बाद ट्रक गलत तरीके से निकलने के चक्कर में भीषण जाम लग जा रहा है। वही क्षेत्रीय यातायात प्रशासन को इस पर ध्यान देने कि सख्त आवश्यकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रास्ते से गुजर रहें ऑटो चालक अरुण तिवारी के कहा कि नए पुल पर प्रतिदिन इस तरह का जाम देखने को मिलता है ऐसे में एम्बुलेंस से जा रहें मरीज जाम से ना निकल पाने पर अपना दम भी तोड़ देते है, दो &#8211; दो लाइन से ट्रक जाने लगती है। यातायात के इस नियम को शासन प्रशासन के द्वारा चुस्त व दुरुस्त करनी चाहिए।</p>



<figure class="wp-block-video"><video height="478" style="aspect-ratio: 848 / 478;" width="848" controls src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Video-2025-04-02-at-133.mp4"></video></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वही मंगलवार देर रात एक यात्री मुंबई जाने के लिए ई रिक्से से नए पुल से छिवकी जा रहा था। जैसे ही पुल के आगे पहुंचा तो जाम लग गया, जाम कभी देर तक लगे होने कि वज़ह से उसकी ट्रेन छूट सकती थी पर भगवान का शुक्र था कि वही बाईक से एक पत्रकार उसी रास्ते से गुजर रहें थे तो उन्हें सहारा मिल गया और लिफ्ट लेकर किसी तरह स्टेशन पहुंच गए।</p>
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		<title>फतेहपुर: पट्टाधारक ने बांध दी यमुना की जलधारा, प्रतिबंधित मशीनों से जारी है अवैध खनन</title>
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		<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 16:51:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[फतेहपुर । अवैध खनन और परिवहन को लेकर जनपद हमेशा से सुर्खियों में रहा है। यहां दर्जनो अधिकारियों के निलंबन से लेकर सीबीआई जांच तक अवैध खनन में हो चुकी है मगर काली कमाई के आगे विभागीय अफसर भी नतमस्तक हो गए। कभी कभार कुछ अधिकारियों ने अवैध खनन व परिवहन रोकने के लिए प्रतिबद्धता ... <a title="फतेहपुर: पट्टाधारक ने बांध दी यमुना की जलधारा, प्रतिबंधित मशीनों से जारी है अवैध खनन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/fatehpur-the-leaseholder-blocked-the-yamunas-water-stream-illegal-mining-continues-with-banned-machines/" aria-label="Read more about फतेहपुर: पट्टाधारक ने बांध दी यमुना की जलधारा, प्रतिबंधित मशीनों से जारी है अवैध खनन">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1831" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977.jpg" alt="" class="wp-image-485985" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977.jpg 1831w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977-300x147.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977-768x377.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977-1536x755.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/image-2025-03-12T221907.977-150x74.jpg 150w" sizes="(max-width: 1831px) 100vw, 1831px" /></figure>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>अवैध खनन पर लगाम लगाने में खनिज महकमा नाकाम </strong></li>



<li><strong>खदानों से खुलेआम हो रहा ओवरलोड परिवहन </strong></li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>फतेहपुर ।</strong> अवैध खनन और परिवहन को लेकर जनपद हमेशा से सुर्खियों में रहा है। यहां दर्जनो अधिकारियों के निलंबन से लेकर सीबीआई जांच तक अवैध खनन में हो चुकी है मगर काली कमाई के आगे विभागीय अफसर भी नतमस्तक हो गए। कभी कभार कुछ अधिकारियों ने अवैध खनन व परिवहन रोकने के लिए प्रतिबद्धता जरूर दिखाई मगर वह भी सिंडिकेट के मायाजाल में फंस गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि जनपद की अढ़ावल कंपोजिट वन खदान पर बड़ी कार्रवाई होने के बाद से अफसर आंख बंद किए हैं जिले की ओती 4, कोर्रा, अढावल की खदानों में जमकर अराजकता जारी है, माफिया व विभागीय जिम्मेदारों का ऐसा संगम है कि नियम कानून को दरकिनार कर अवैध खनन जारी है। सड़कें ओवरलोड से ध्वस्त हो रही हैं खदानों में शासन के सर्वर को फेलकर धर्मकांटे शोपीस बन गए हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">खदानों से खुलेआम ओवरलोड संचालन जारी है। ओती खंड 4 के जीपीएस वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं जिसमें जलधारा को बांधकर धड़ल्ले से अवैध खनन जारी है। प्रतिबंधित मशीनों से यमुना की जलधारा से मोरंग निकाली जा रही है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">चर्चा है कि पट्टेधारक संजय पांडे को खनिज अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है जिससे बेखौफ होकर खनन कारोबारी अवैध तरीके से खनन कर रहे हैं। इस बाबत एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने कहा कि खनिज अधिकारी को खदान की जांच के लिए निर्देशित किया है अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>केजरीवाल ने यमुना के जहर पर दिया बचाव का गोलमोल जवाब, चुनाव आयोग ने फिर दिखाया आईना, भेजा&#8230;.</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 09:50:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-03-at-14.43.34-1-1140x570-2.jpeg" alt="" class="wp-image-481584" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-03-at-14.43.34-1-1140x570-2.jpeg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-03-at-14.43.34-1-1140x570-2-300x150.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-03-at-14.43.34-1-1140x570-2-768x384.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-03-at-14.43.34-1-1140x570-2-150x75.jpeg 150w" sizes="(max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि यमुना से हमको वोट नहीं मिलता यह मैं समझ गया हूं तब उन्हें इसका आभास नहीं रहा होगा कि यमुना का पानी भी दिल्ली विधानसभा चुनाव का बड़ा मुद्दा हो सकता है। स्वयं उन्हीं के अकल्पनीय वक्तव्य से दिल्ली में यमुना का पानी इस समय बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है। उन्हें अपने भयावह वक्तव्य के वर्तमान परिणतियों की भी आशंका नहीं रही होगी। भाजपा द्वारा शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने उनसे नोटिस जारी कर विस्तृत विवरण मांगा और उनके उत्तर से स्वाभाविक ही संतुष्ट होने का कोई कारण नहीं था तो फिर दोबारा नोटिस भेजा गया है। इनमें अनेक प्रश्नों का उत्तर उनके लिए देना कठिन है।&nbsp; &nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">चुनाव आयोग ने साफ-साफ कहा है कि गोलमोल जवाब देने की बजाय सीधे-सीधे उत्तर दें अन्यथा उन्हें पता है कि उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई हो सकती है। इसी तरह हरियाणा में भी उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। केजरीवाल और उनकी पार्टी चुनाव आयोग भाजपा कांग्रेस को ही कह रही है कि वह अमोनिया वाला पानी पीकर दिखाएं मानो दिल्ली में यमुना पानी की उनकी नहीं, इन सबकी जिम्मेवारी है । निश्चित रूप से उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो सकता है। मुकदमे की परिणति जो भी हो उन्होंने जिस तरह की बातें कीं वैसा स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी नेता ने नहीं किया। इस आरोप से कि दिल्ली में आने वाले यमुना के पानी में हरियाणा सरकार ने जहर मिला दिया है पूरे देश में सनसनी फैल गई। उन्होंने डिजिटल पेनिट्रेशन और उनके पार्टी ने इसे बायोलॉजिकल वीपन या जैव हथियारों से तुलना करते हुए जल आतंकवाद तक कह दिया।&nbsp;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>यमुना में जहर डालने के आरोप की राजनीति डरावनी</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">राजनीति में नेता और पार्टियां एक दूसरे के विरुद्ध आरोप लगाते हैं, नेताओं की आपसी दुश्मनी भी हुई किंतु कभी ऐसा आरोप नहीं लगा कि एक प्रदेश की सरकार दूसरे प्रदेश में चुनाव न जीतने के कारण पानी में जहर मिलाकर वहां के लोगों को मारना चाहती है। बाद में भले आम आदमी पार्टी और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतीशी ने पानी में अमोनिया की अधिकता की बात की, लेकर केजरीवाल के वक्तव्य में अमोनिया का नाम तक नहीं था। अगर वे कहते कि हरियाणा से दिल्ली आ रहे पानी में अमोनिया की मात्रा ज्यादा है और उनसे जानलेवा भयानक बीमारियां दिल्ली के लोगों को हो सकती है तो इसका उत्तर दूसरे तरीके से दिया जा सकता था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली जल बोर्ड की ओर से इसका खंडन करते हुए बताया गया कि यमुना में इस मौसम में अमोनिया की मात्रा हमेशा ज्यादा रही है। चूंकि यहां उसके शोध की क्षमता नहीं है इसलिए पानी को दिल्ली आने से रोका जाता है। पहले आप की ओर से कहा गया कि जल बोर्ड ने राज्यपाल के दबाव में इस तरह खंडन किया है। अचानक उनकी रणनीति बदली और आप के नेता और प्रवक्ता जल बोर्ड के खंडन को ही अपने पक्ष में प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करने लगे। तर्क यह दिया गया कि देखो अरविंद केजरीवाल जी ने गलत तो कुछ कहा नहीं है जल बोर्ड भी वही कह रहा है जबकि जल बोर्ड ने इस समय हरियाणा द्वारा जहर डालने और उसके कारण पानी की कमी के आरोपों का खंडन किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सच है कि केजरीवाल के आरोपों और दिल्ली के यमुना जल में अमोनिया की उपलब्धता की कोई तुलना नहीं है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसकी आलोचना करते हुए आपराधिक मानहानि के मुकदमे के कारण भी दांव उल्टा पड़ा है। वैसे इसे अच्छा ही मनाना चाहिए कि लोगों के बीच यमुना जल की स्वच्छता निर्मलता आदि पर इसके कारण बहस चल रही है और लोग उसमें भाग ले रहे हैं। नायब सिंह सैनी ने पहले चुनौती दी कि मैं यमुना का जल पी कर दिखाऊंगा, केजरीवाल दिल्ली के यमुना जल को पीकर दिखाएं। सैनी ने पिया। आम आदमी पार्टी ने आधा वीडियो निकाल कर बताना शुरू किया कि ये तो मुंह में डालकर फेंक रहे हैं। पूरा वीडियो देखने वाले बता सकते हैं कि पहले पानी को उन्होंने कुल्ला किया और उसके बाद पीकर शरीर पर छिड़का है। कोई भी नेता दिल्ली के यमुना जल को मुंह में भी डालने का साहस नहीं दिखा सकता।यह कहना गलत नहीं होगा कि अरविंद केजरीवाल जैसे चालाक और क्षण में हावभाव बदलकर हर विषय को अपने प्रति सहानुभूति में बदलने में माहिर केजरीवाल को इस समय लेने के देने पड़ते दिख रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विधानसभा चुनाव में किसकी जीत या हार होगी यह अलग विषय है। पर क्या इस तरह के जघन्य और घृणित आरोपों की राजनीति होनी चाहिए? क्या कोई भी पार्टी या सरकार इस कारण किसी राज्य की जनता को मारना चाहेगी कि उनका बहुमत उसे वोट नहीं दे रहा? इसी दिल्ली की जनता ने लोकसभा चुनाव में सभी सातों सीट भाजपा को दिया है। अगर दिल्ली की जनता को जहर दिया जाएगा तो उसमें बीजेपी के सदस्य, नेता और कार्यकर्ता भी मरेंगे। दिल्ली में हरियाणा के लोग भी भारी संख्या में होंगे। केजरीवाल की शैली ऐसी है कि वह जो बोलेंगे तो कुछ ऐसे लोग हैं जो उनकी बातों पर विश्वास कर लेते हैं। दुखद सच है कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को काम करना नहीं आता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जब आपको काम करना नहीं आता तो आप अपने दायित्व से पल्ला झाड़ने के लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं। आरोप लगाते हैं कि उपराज्यपाल काम करने नहीं देता, केंद्र काम करने नहीं देता, हमारे पैसे नहीं देते, हमको झूठे मुकदनों में फंसा कर जेल में डालती है आदि -आदि। अभी कह रहे हैं कि चुनाव आयोग भी अब हमको जेल में डालने वाला है। समूची दिल्ली की सड़कें गड्ढों में बदल चुकी है। लूटियन दिल्ली को छोड़ दें तो शायद ही दिल्ली में कोई सड़क हो जहां आपकी गाड़ी या सवारी सरपट चल सके। इस कारण ट्रैफिक जाम से लेकर गाड़ी के मेंटेनेंस के खर्च पड़ रहा है एवं प्रदूषण वृद्धि में भी इसका योगदान है। पानी की हालत यह है कि बहुत बड़ा वर्ग पानी खरीद कर पी रहा है। झोपड़ियां तक पानी के बड़े-बड़े कैन आ रहे हैं। 10 वर्ष के कार्यकाल में दिल्ली में किसी एक फ्लाईओवर और फुट ओवर ब्रिज की मरम्मत तो छोड़िए पेंटिंग भी नहीं हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>दिल्ली में यमुना की लंबाई 2%, लेकिन प्रदूषण का 80%</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह तो नहीं माना जा सकता हरियाणा या उत्तर प्रदेश या पंजाब की नदियां पूरी तरह स्वच्छ व निर्मल हैं । हरियाणा के यमुना जल में कारखाने से निकलने वाले कचरे नहीं गिरते हैं यह भी नहीं कह सकते, पर दिल्ली जैसी यमुना में सड़ांध कहीं नहीं है। दिल्ली में पूरी यमुना की<a href="https://www.jansatta.com/jansatta-special/what-is-the-plan-of-kejriwal-government-to-clean-yamuna-river/2454601/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">&nbsp;लंबाई</a>&nbsp;का 2% है लेकिन इसके प्रदूषण का 80% अंशदान इसी का होता है। इसके लिए हम किसी दूसरे सरकार को जिम्मेदार नहीं मान सकते। यमुना शुद्धिकरण की योजना पर तरीके से काम नहीं किया गया। यमुना स्वच्छता से लेकर नमामि गंगे आदि के तहत दिल्ली सरकार को पूरे पैसे और सहयोग मिले हैं। यहां निर्धारित 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित होकर चालू नहीं हुए। इसके लिए किसे दोषी माना जाएगा?</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://pbs.twimg.com/media/Fs7RnQNaQAE2DMH?format=jpg&amp;name=small" alt="दिल्ली में यमुना की लंबाई 2%, लेकिन प्रदूषण का 80%"/><figcaption class="wp-element-caption">दिल्ली में यमुना की लंबाई 2%, लेकिन प्रदूषण का 80%(Image Source: X)</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जहां के जल का मुख्य स्रोत यमुना नदी हो वहां किस तरह का पीने का पानी और वातावरण मिल रहा होगा इसकी कल्पना करिए। उन्होंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली की सड़कों और यमुना के पानी को स्वच्छ करने के अपने वायदे को पूरा न करने के लिए लोगों से क्षमा याचना का बयान दिया था। उनको लगता था कि यह मुद्दा बन रहा है, इसलिए माफी मांग कर मुद्दे को कमजोर करने की रणनीति अपनाई। किसी परिस्थिति में दूसरी पार्टी और सरकार को पूरे राज्य की जनता की हत्या की कोशिश करने बाला बता देना क्षमा योग्य राजनीति नहीं है। इससे हिंसा हो सकती है। आम लोग भाजपा के कार्यकर्ताओं के वृद्धि हिंसा कर सकते हैं, हरियाणा के लोगों पर हमले हो सकते हैं और हिंसक अराजकता का माहौल बन सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चुनाव आयोग निश्चित रूप से इस मामले को जांच के लिए देगा और हरियाणा में भी मुकदमा चलेगा। अगर आपने आरोप लगाया है तो आपको प्रमाण देना होगा किस स्थान पर कहां कितना जहर मिलाया गया और जहर मिलाने वाले कौन हैं? यमुना को पूरी तरह सड़ा देने की अपनी जिम्मेवारी को दूसरे के सिर डालकर वोट पाने की राजनीति किसी भी तरह स्वीकार नहीं हो सकती। इससे ऐसी घातक राजनीति के दौड़ की शुरुआत होगी जिसका अंत भयावह होगा। नदी के पानी में लोगों को मारने के साजिश के तहत जहर डालने जैसे आरोपों की राजनीति की हर स्तर से निंदा तथा इसके विरुद्ध सभी संभव कानूनी कार्रवाई होनी ही चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>इस नदी को है यमराज का वरदान, नहाने से पास नहीं आएगी मौत</title>
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		<pubDate>Mon, 15 Oct 2018 11:05:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भारत की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना की गणना गंगा नदी के साथ की जाती है। ब्रजमंडल की तो यमुना एक मात्र महत्त्वपूर्ण नदी है। जहाँ तक ब्रज संस्कृति का संबंध है, यमुना को केवल नदी कहना ही पर्याप्त नहीं है। वस्तुतः यह ब्रज संस्कृति की सहायक, इसकी दीर्घ कालीन परम्परा की प्रेरक ... <a title="इस नदी को है यमराज का वरदान, नहाने से पास नहीं आएगी मौत" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/special-story-of-yamuna-nadi-in-india/" aria-label="Read more about इस नदी को है यमराज का वरदान, नहाने से पास नहीं आएगी मौत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की सर्वाधिक पवित्र और प्राचीन नदियों में यमुना की गणना गंगा नदी के साथ की जाती है। ब्रजमंडल की तो यमुना एक मात्र महत्त्वपूर्ण नदी है। जहाँ तक ब्रज संस्कृति का संबंध है, यमुना को केवल नदी कहना ही पर्याप्त नहीं है। वस्तुतः यह ब्रज संस्कृति की सहायक, इसकी दीर्घ कालीन परम्परा की प्रेरक और यहाँ की धार्मिक भावना की प्रमुख आधार रही है। यमुना नदी को गंगा की ही तरह पवित्र माना जाता है। यमुना को श्रीकृष्ण की परम भक्त माना जाता है।</p>
<p><img decoding="async" src="http://indiadarshan.newsyojana.com/wp-content/uploads/2017/10/mathura-me-yamuna-1024x576.jpg" /></p>
<p>यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री से हुआ है। यमुनोत्री उत्तरांचल में स्थित है। गंगा के समानांतर बहते हुए यह नदी प्रयाग में गंगा में मिल जाती है। भारत के उत्तर में हिमालय पर्वत है। इसकी एक चोटी का नाम बन्दरपुच्छ है। यह चोटी उत्तरप्रदेश के टिहरी-गढ़वाल ज़िले में है। बड़ी ऊंची है, 20,731 फुट। इसे सुमेरु भी कहते हैं। इसके एक भाग का नाम ‘कलिंद’ है। यहीं से यमुना निकलती है।</p>
<p><strong>कालिंदी के नाम से भी जाना जाता है </strong></p>
<p>इसी से यमुना का नाम ‘कलिंदजा’ और कालिंदी भी है। दोनों का मतलब ‘कलिंद की बेटी’ होता है। यह जगह बहुत सुन्दर है, पर यहाँ पहुंचना बहुत कठिन है। अपने उद्गम से आगे कई मील तक विशाल हिमगारों और हिंम मंडित कंदराओं में अप्रकट रूप से बहती हुई तथा पहाड़ी ढलानों पर से अत्यन्त तीव्रतापूर्वक उतरती हुई इसकी धारा यमुनोत्तरी पर्वत 20,731 फीट ऊँचाई से प्रकट होती है। वहां इसके दर्शनार्थ हज़ारों श्रद्धालु यात्री प्रतिवर्ष भारतवर्ष के कोने-कोने से पहुँचते हैं। ब्रजभाषा के भक्त कवियों और विशेषतया वल्लभ सम्प्रदायी कवियों ने गिरिराज गोवर्धन की भाँति यमुना के प्रति भी अतिशय श्रद्धा व्यक्त की है।</p>
<p><img decoding="async" src="http://indiadarshan.newsyojana.com/wp-content/uploads/2017/10/yamuna-gokul-1024x576.jpg" /></p>
<p><strong>यमुना है यमराज बहन </strong></p>
<p>शास्त्रों के अनुसार यमुना नदी को यमराज की बहन माना गया है। यमराज और यमुना दोनों का ही स्वरूप काला बताया जाता है जबकि यह दोनों ही परम तेजस्वी सूर्य की संतान है। फिर भी इनका स्वरूप काला है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य की एक पत्नी छाया थी, छाया दिखने में भयंकर काली थी इसी वजह से उनकी संतान यमराज और यमुना भी श्याम वर्ण पैदा हुए। यमुना से यमराज से वरदान ले रखा है कि जो भी व्यक्ति यमुना में स्नान करेगा उसे यमलोक नहीं जाना पड़ेगा। दीपावली के दूसरे दिन यम द्वितीया को यमुना और यमराज के मिलन बताया गया है। इसी वजह से इस दिन भाई-बहन के लिए ‘भाई दूज’ के रूप में मनाया जाता है।</p>
<p><img decoding="async" src="http://indiadarshan.newsyojana.com/wp-content/uploads/2017/10/yamuna-nadhi-1024x768.jpg" /></p>
<p><strong>यमुना नदी का इतिहास</strong><br />
करीब सात करोड़ साल पहले सुपर महाद्वीप गोंडवाना यानी इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट उत्तर की ओर बढ़ी और यूरेशियन प्लेट से टकराई. इससे ज़मीन का काफी हिस्सा उठ गया. यही उभरी हुई ज़मीन हिमालय है. इस टकराव को पूरा होने में करीब दो करोड़ साल लगे. जिस इलाके में कभी समुद्र था वहाँ दुनिया के सबसे ऊँचे पहाड़ बन गए. यह बात अब से करीब पाँच करोड़ साल पहले की है. इसके दो करोड़ साल बाद पहला हिमयुग आया.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://da27k6hnkwdnx.cloudfront.net/gall_content/2018/7/2018_7$largeimg28_Jul_2018_153810736.jpg" alt="Image result for à¤¯à¤®à¥à¤¨à¤¾ à¤¨à¤¦à¥" width="1139" height="759" /></p>
<p>हिमयुगों अंतिम दौर करीब 20 हजार साल पहले तक चला. ग्लेशियरों के पिघलने के साथ ही नदियों का जन्म भी हुआ. यमुना नदी यमुनोत्री से निकलती है, पर उसके काफी पहले ग्लेशियरों की पिघली बर्फ का पानी सतह पर या ज़मीन के नीचे से होता हुआ यमुनोत्री तक आता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यमुना सूर्य की पुत्री और यमराज की बहन हैं. जिस पहाड़ से निकलतीं हैं उसका एक नाम कालिंद है इसलिए यमुना को कालिंदी भी कहते हैं.</p>
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