<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>यूपी वोटर लिस्ट &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 19 Oct 2026 11:59:17 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.1.3</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>यूपी वोटर लिस्ट &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>UP SIR के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स पर सवाल, 100 सीटों की सूची लेकर चुनाव आयोग पहुंची सपा; CEO ने क्या कहा?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/questions-persist-regarding-the-up-sir-the-stituencies-what-did-the-ceo-say/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/questions-persist-regarding-the-up-sir-the-stituencies-what-did-the-ceo-say/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Digital Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:59:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Duplicate Voters UP]]></category>
		<category><![CDATA[ECINET]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[EPIC Number]]></category>
		<category><![CDATA[Form 6]]></category>
		<category><![CDATA[Form 9]]></category>
		<category><![CDATA[Mohd Zubair]]></category>
		<category><![CDATA[Samajwadi Party]]></category>
		<category><![CDATA[UP Election 2027]]></category>
		<category><![CDATA[UP SIR]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh news]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[डुप्लीकेट वोटर्स]]></category>
		<category><![CDATA[नवदीप रिणवा]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी वोटर लिस्ट]]></category>
		<category><![CDATA[समाजवादी पार्टी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=530535</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स का मामला सामने आने से चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम की कई एंट्री होने का दावा किया ... <a title="UP SIR के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स पर सवाल, 100 सीटों की सूची लेकर चुनाव आयोग पहुंची सपा; CEO ने क्या कहा?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/questions-persist-regarding-the-up-sir-the-stituencies-what-did-the-ceo-say/" aria-label="Read more about UP SIR के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स पर सवाल, 100 सीटों की सूची लेकर चुनाव आयोग पहुंची सपा; CEO ने क्या कहा?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-530536" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313-300x169.jpg" alt="" width="1118" height="630" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313-1536x864.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/10/image-2026-10-19T172402.313.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1118px) 100vw, 1118px" /></p>
<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स का मामला सामने आने से चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम की कई एंट्री होने का दावा किया है। पार्टी ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को ज्ञापन सौंपकर जांच और डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग की है।</p>
<p>इसी बीच, फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक व्यक्ति के नाम से कई वोटर आईडी कार्ड बनने का मामला उठाया। इस पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक एक्स हैंडल ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित व्यक्ति ने दो नहीं, बल्कि चार आवेदन जमा किए थे। साथ ही आयोग ने माना कि एक ही व्यक्ति के कई आवेदन जमा करने पर एक से अधिक EPIC नंबर बनने की समस्या लंबे समय से मौजूद है। आयोग के अनुसार, ऐसी एंट्री की पहचान के लिए ECINET के जरिए समय-समय पर डुप्लीकेशन की जांच की जाती है।</p>
<h3>सपा ने 100 विधानसभा सीटों पर डुप्लीकेट वोटर्स का दावा किया</h3>
<p>13 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को सात पन्नों का ज्ञापन सौंपा। पार्टी का दावा है कि उसने प्रदेश की 100 विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच की, जिसमें कई जगह एक ही व्यक्ति का नाम दो, तीन और कुछ मामलों में 10 बार तक दर्ज मिला।</p>
<p>सपा ने अपने ज्ञापन के साथ बूथवार उदाहरण और संबंधित दस्तावेज भी सौंपे। पार्टी ने चुनाव आयोग से सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों की जांच कराने और सत्यापन के बाद डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग की है।</p>
<p>पार्टी का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना और दोहराव वाली प्रविष्टियों को हटाना था। ऐसे में प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कथित तौर पर एक ही व्यक्ति के नाम की कई एंट्री मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, सपा की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच और आयोग की ओर से संबंधित प्रविष्टियों का सत्यापन होना बाकी है।</p>
<h3>एक व्यक्ति के नाम पर चार वोटर आईडी का मामला</h3>
<p>17 अक्टूबर 2026 को मोहम्मद जुबैर ने एक्स पर एक व्यक्ति के नाम से चार वोटर आईडी कार्ड बनने का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि SIR की 6 जनवरी 2026 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुछ लोगों के नाम नहीं थे। इसके बाद नाम जुड़वाने के लिए Form 6 जमा किए गए और एक व्यक्ति के मामले में कई वोटर आईडी कार्ड जारी होने का सवाल सामने आया।</p>
<p>जुबैर ने यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध Form 9 के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सुंदर नाम के एक व्यक्ति का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, संबंधित व्यक्ति ने 6 जनवरी और फिर 14 जनवरी को Form 6 जमा किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक ही व्यक्ति की ओर से कई आवेदन किए जा रहे हैं, तो सिस्टम आवेदन जमा करते समय ही उनकी पहचान क्यों नहीं कर पाता।</p>
<p>उन्होंने आयोग से वेबसाइट पर उपलब्ध Form 9 के बाकी रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने की मांग की।</p>
<h3>चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?</h3>
<p>जुबैर की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के आधिकारिक एक्स हैंडल ने कहा कि संबंधित मतदाता ने दो नहीं, बल्कि चार आवेदन जमा किए थे। आयोग ने जुबैर से उन दो आवेदनों के रेफरेंस नंबर साझा करने को कहा, जिनका वह हवाला दे रहे थे। आयोग के मुताबिक, इसके बाद बाकी आवेदनों के रेफरेंस नंबर भी साझा किए जा सकते हैं।</p>
<p>इस जवाब में आयोग ने यह भी स्वीकार किया कि किसी व्यक्ति की ओर से कई फॉर्म जमा किए जाने पर एक से अधिक EPIC नंबर बनने की समस्या लंबे समय से मौजूद है। EPIC यानी Electors Photo Identity Card मतदाता पहचान पत्र का आधिकारिक नंबर होता है।</p>
<p>आयोग ने बताया कि वह ECINET के माध्यम से समय-समय पर डुप्लीकेशन की जांच करता है। उसका लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें एक ही व्यक्ति की ओर से कई आवेदन जमा किए जाने पर उन्हें आवेदन के स्तर पर ही पहचाना जा सके। आयोग ने कहा कि वह इस दिशा में काम कर रहा है और इस व्यवस्था को जल्द लागू करने की उम्मीद है।</p>
<p>इस तरह आयोग ने कई आवेदन जमा होने पर कई EPIC नंबर बनने की समस्या को स्वीकार किया, लेकिन जुबैर के इस दावे को चुनौती दी कि संबंधित व्यक्ति ने केवल दो आवेदन किए थे और उसे चार वोटर आईडी जारी कर दी गईं।</p>
<h3>UP में कब शुरू हुआ था SIR और कितने नाम घटे?</h3>
<p>उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। इस सूची में करीब 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जबकि SIR शुरू होने से पहले राज्य की मतदाता सूची में लगभग 15.44 करोड़ मतदाता थे। इस तरह ड्राफ्ट सूची में शुरुआती आंकड़े के मुकाबले करीब 2.88 करोड़ नाम कम थे।</p>
<p>दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। इसमें कुल 13,39,84,792 मतदाता दर्ज किए गए। SIR शुरू होने से पहले के आंकड़े से तुलना करने पर करीब 2.04 करोड़ नाम कम हुए। वहीं, ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम सूची में लगभग 84.28 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई।</p>
<p>इसका मतलब है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुछ नाम हटाए गए और कुछ नए नाम जोड़े गए। हालांकि, कुल मतदाताओं की संख्या में बदलाव और किसी व्यक्ति के नाम की डुप्लीकेट एंट्री दो अलग-अलग मुद्दे हैं। किसी नाम का एक से अधिक जगह दर्ज होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित व्यक्ति ने एक से अधिक बार मतदान किया है।</p>
<h3>SIR के बाद अब डुप्लीकेट एंट्री की जांच पर नजर</h3>
<p>उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची की शुद्धता राजनीतिक बहस का अहम मुद्दा बन गई है। सपा ने 100 विधानसभा सीटों पर कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियों का मुद्दा उठाया है, जबकि आयोग ने कई आवेदन जमा होने से एक से अधिक EPIC नंबर बनने की समस्या को स्वीकार किया है।</p>
<p>अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सपा की ओर से दिए गए बूथवार दस्तावेजों की जांच में क्या सामने आता है और चुनाव आयोग डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने के लिए क्या कदम उठाता है। मतदाता सूची में सुधार के साथ यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से न हटें और किसी व्यक्ति की एक से अधिक प्रविष्टियों का उचित सत्यापन हो।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/questions-persist-regarding-the-up-sir-the-stituencies-what-did-the-ceo-say/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-10-19 19:17:57 by W3 Total Cache
-->