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	<title>यूपी सरकार &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>यूपी सरकार &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>Jalaun : पंचनद धाम में पांच पवित्र नदियों की भव्य प्रतिमाओं का लोकार्पण, जल संरक्षण का लिया महा-संकल्प &#8211; स्वतंत्र देव सिंह।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:00:39 +0000</pubDate>
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<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-520035" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-300x225.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-768x576.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong>Jalaun </strong>: जनपद के ऐतिहासिक एवं पावन पंचनद धाम में प्रदेश के मा0 जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जी ने पांच पवित्र नदियों यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी एवं पहुज की भव्य प्रतिमाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचनद की पुण्यभूमि को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल प्रतिमाओं के अनावरण का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और जल संरक्षण के राष्ट्रीय संकल्प का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की त्रिवेणी की तरह पंचनद भी प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है, जहां पांच पवित्र नदियां एक साथ मिलकर भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक विरासत का अनुपम स्वरूप प्रस्तुत करती हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सदियों से वेदों और पुराणों में जिन नदियों की महिमा का वर्णन किया गया, आज उनकी प्रतिमाओं की स्थापना जन-जन को जल और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराएगी। मा0 जल शक्ति मंत्री जी ने कहा कि भारत की संस्कृति में नदियों को कभी मात्र जलधारा नहीं माना गया, बल्कि उन्हें मां का स्वरूप दिया गया है। ऋग्वेद और अथर्ववेद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जल जीवन, आनंद और समस्त सृष्टि का आधार है तथा पृथ्वी हमारी माता है तो उसकी गोद में बहने वाली नदियां हमारी जीवनदायिनी माताएं हैं। गंगा ने हमें आध्यात्मिकता, यमुना ने भक्ति, सरस्वती ने ज्ञान, गोदावरी ने तपस्या और नर्मदा ने साधना का संदेश दिया है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-520038" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1-1.jpeg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1-1.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1-1-300x225.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1-1-1024x768.jpeg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1-1-768x576.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>पंचनद हमें विविधता में एकता का ऐसा संदेश देता है, जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाली नदियां अपनी पहचान खोए बिना एक बड़े उद्देश्य के लिए एक हो जाती हैं और यही भारत की सांस्कृतिक शक्ति है।उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जल संकट पर चिंतित है, लेकिन भारत हजारों वर्षों पुरानी उस परंपरा को पुनर्जीवित कर रहा है जिसमें जल को केवल संसाधन नहीं, बल्कि संस्कार माना गया है। यदि जल को उपभोग की वस्तु माना जाएगा तो संकट बढ़ेगा, लेकिन यदि उसे परिवार का सदस्य समझा जाएगा तो उसका संरक्षण स्वतः होगा। इसी सोच के साथ मा0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में कैच द रेन, जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर तथा जल जीवन मिशन जैसे अभियान देशभर में जनआंदोलन बने हैं।</p>
<p>वहीं मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जल संरक्षण को शासन की योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान बनाया गया है, जिसका मूल संकल्प &#8220;हर घर जल और हर खेत को पानी&#8221; है।उन्होंने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड की पहचान केवल सूखे और पेयजल संकट से होती थी, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। लगभग 99.79 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंच चुका है और बुंदेलखंड पूर्ण &#8220;हर घर जल&#8221; की ओर अग्रसर है। जिन क्षेत्रों में कभी आर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन और नाइट्रेट जैसे तत्व लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने हुए थे, वहां अब सतही जल आधारित पाइपलाइन नेटवर्क और आधुनिक जल शोधन संयंत्रों के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे जलजनित रोगों और दिमागी बुखार जैसी गंभीर समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आई है।</p>
<p>मा0 जल शक्ति मंत्री जी ने कहा कि सरकार के व्यापक जल संरक्षण प्रयासों के परिणामस्वरूप बुंदेलखंड के अनेक ब्लॉक, जो कभी डार्क जोन घोषित थे, अब सुरक्षित श्रेणी में लौट रहे हैं। मानसून के बाद भूजल स्तर में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है तथा रिचार्ज संरचनाओं के कारण गर्मी के मौसम में भी कुओं और हैंडपंपों में पानी उपलब्ध रह रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 15 हजार से अधिक अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं, जिनमें से 6200 से अधिक बुंदेलखंड के सात जिलों में निर्मित या पुनर्जीवित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 5800 से अधिक चेकडैम बनाए गए हैं तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से लगभग ढाई लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई से जोड़ा गया है, जिससे जल की 40 से 50 प्रतिशत तक बचत हो रही है।उन्होंने कहा कि पंचनद क्षेत्र केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि जैव विविधता की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-520039" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1.jpeg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1-300x225.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1-1024x768.jpeg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.20-PM-1-768x576.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>यहां चंबल और सिंध नदियों का स्वच्छ जल दुर्लभ गंगा डॉल्फिन और घड़ियाल जैसे वन्य जीवों का सुरक्षित आवास है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि सभी लोग नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने, जल की प्रत्येक बूंद को प्रसाद समझकर बचाने तथा वृक्षारोपण और जल संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लें। यही इन पवित्र नदियों की सच्ची पूजा और सनातन संस्कृति के प्रति वास्तविक श्रद्धा होगी। मा0 जल शक्ति मंत्री जी ने उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की 64 छोटी-बड़ी नदियों का सफल पुनर्जीवन किया जा चुका है तथा वर्षों से विलुप्त हो चुकी 110 नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। &#8220;एक जनपद-एक नदी&#8221; अभियान के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक विलुप्त या प्रदूषित नदी को पुनर्जीवित करने का कार्य आधुनिक तकनीकों, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, ड्रोन मैपिंग तथा आईआईटी कानपुर, बीएचयू और रुड़की जैसे संस्थानों के वैज्ञानिक सहयोग से किया जा रहा है।</p>
<p>कानपुर की नून नदी, पीलीभीत की गोमती, बुलंदशहर की नीम नदी, संभल की सोत नदी, रामपुर की मौसमी नदियों, बिजनौर की मालिन तथा श्रावस्ती की बूढ़ी राप्ती सहित अनेक नदियों के पुनर्जीवन से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 152 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं, 6627 से अधिक चेकडैम बनाए गए हैं, 1417 से अधिक तालाबों का निर्माण कराया गया है तथा 34 हजार से अधिक सरकारी भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। पिछले वर्षों में 29 जनपदों में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2017 के बाद सिंचाई क्षमता 82 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 105 लाख हेक्टेयर तक पहुंची है। प्रदेश में 3869 किलोमीटर लंबे 523 तटबंधों के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को बाढ़ से सुरक्षा प्रदान की जा रही है।</p>
<p>औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण हेतु विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है तथा राष्ट्रीय नदी डॉल्फिन रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 2397 डॉल्फिन दर्ज होना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की नदियों का इकोसिस्टम लगातार बेहतर हो रहा है। मा0 जल शक्ति मंत्री जी ने कहा कि जब तक राजशक्ति के साथ जनशक्ति नहीं जुड़ेगी, तब तक कोई भी संकल्प पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, नदी संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए जल की प्रत्येक बूंद और प्रत्येक नदी की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-520040" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM.jpeg" alt="" width="1280" height="960" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM.jpeg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-300x225.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-1024x768.jpeg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-12-at-5.56.21-PM-768x576.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, जिलाधकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, परमार्थ संस्था से संजय कुमार, वरुण आदि सहित सम्बंधित अधिकारी व जनप्रतिधि व बड़ी सख्यां में जल सहेली आदि मौजूद रहे।</p>
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		<title>लखनऊ: UP New Cab Policy: यूपी में Ola-Uber पर सख्ती, बुकिंग रद्द करने पर ड्राइवर देगा पूरा किराया, यात्री पर ₹100 जुर्माना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 12:50:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार कैब एग्रीगेटर सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई एग्रीगेटर (कैब) पॉलिसी लागू करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत Ola, Uber समेत सभी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना, मनमाने किराए पर रोक ... <a title="लखनऊ: UP New Cab Policy: यूपी में Ola-Uber पर सख्ती, बुकिंग रद्द करने पर ड्राइवर देगा पूरा किराया, यात्री पर ₹100 जुर्माना" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/lucknow-up-new-cab-policy-crackdown-on-ola-uber-in-up-drivers-to-pay-full-fare-for-cancelling-bookings-passengers-to-face-%e2%82%b9100-fine/" aria-label="Read more about लखनऊ: UP New Cab Policy: यूपी में Ola-Uber पर सख्ती, बुकिंग रद्द करने पर ड्राइवर देगा पूरा किराया, यात्री पर ₹100 जुर्माना">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-519756" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1.avif" alt="" width="1600" height="900" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1.avif 1600w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1-300x169.avif 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1-1024x576.avif 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1-768x432.avif 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/07/taxi-1-1536x864.avif 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" />लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार कैब एग्रीगेटर सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई एग्रीगेटर (कैब) पॉलिसी लागू करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत Ola, Uber समेत सभी कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना, मनमाने किराए पर रोक लगाना और ड्राइवरों व कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।</p>
<p>नई पॉलिसी के अनुसार, यदि कोई ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद उसे रद्द करता है, तो उसे पूरी ट्रिप का किराया भुगतान करना होगा। वहीं, यदि यात्री बुकिंग रद्द करता है, तो उस पर ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, तय समय पर पिकअप पॉइंट पर नहीं पहुंचने वाले ड्राइवर पर भी ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा।</p>
<h3>पीक आवर्स में भी किराए पर रहेगी सीमा</h3>
<p>नई पॉलिसी के तहत कैब कंपनियां पीक आवर्स के दौरान भी बेस फेयर से 50 प्रतिशत से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी। किराए की सीमा परिवहन विभाग तय करेगा, जिससे यात्रियों को मनमाने किराए से राहत मिलेगी और किराया प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।</p>
<h3>ड्राइवरों को मिलेगा बीमा सुरक्षा</h3>
<p>सरकार ने ड्राइवरों के हितों का भी ध्यान रखा है। नई नीति के तहत प्रत्येक ड्राइवर को कम से कम ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और ₹10 लाख का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, ड्यूटी के दौरान शराब या नशीले पदार्थों के सेवन पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h3>नियम तोड़ने पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द</h3>
<p>परिवहन विभाग के मुताबिक, तय मानकों का उल्लंघन करने या नियमों का पालन न करने पर कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में उनका लाइसेंस या परमिट भी रद्द किया जा सकता है।</p>
<h3>लाइसेंस लेना होगा अनिवार्य</h3>
<p>नई नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में संचालित सभी कैब एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए ₹5 लाख की लाइसेंस फीस, ₹50 लाख तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट और ₹25,000 की लाइसेंस नवीनीकरण फीस निर्धारित की गई है।</p>
<p>परिवहन विभाग का कहना है कि नई एग्रीगेटर पॉलिसी लागू होने से यात्रियों की शिकायतों में कमी आएगी, किराया प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और कैब सेवाएं पहले से अधिक सुरक्षित एवं भरोसेमंद बनेंगी। साथ ही, कंपनियों और ड्राइवरों दोनों की जवाबदेही भी तय होगी।</p>
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		<title>यूपी में 68,000 कर्मचारियों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, वेतन पर लगी रोक, क्यों उठाया गया यह कदम?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/the-yogi-government-in-uttar-pradesh-has-taken-major-action-against-68000-employees-freezing-their-salaries-why-was-this-step-taken/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 06:09:17 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत योगी सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।&#160;मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने में आनाकानी करने वाले 68 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। शासन ने स्पष्ट कर दिया ... <a title="यूपी में 68,000 कर्मचारियों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, वेतन पर लगी रोक, क्यों उठाया गया यह कदम?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-yogi-government-in-uttar-pradesh-has-taken-major-action-against-68000-employees-freezing-their-salaries-why-was-this-step-taken/" aria-label="Read more about यूपी में 68,000 कर्मचारियों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, वेतन पर लगी रोक, क्यों उठाया गया यह कदम?">Read more</a>]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"> </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="614" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/02/MpBreakingNews21272989-1024x614.jpg" alt="" class="wp-image-509943" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/02/MpBreakingNews21272989-1024x614.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/02/MpBreakingNews21272989-300x180.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/02/MpBreakingNews21272989-768x461.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/02/MpBreakingNews21272989.jpg 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत योगी सरकार ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है।&nbsp;मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने में आनाकानी करने वाले 68 हजार से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ये कर्मचारी अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज नहीं करते, तब तक उन्हें वेतन जारी नहीं किया जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://voiceofindia.online/wp-content/uploads/2026/02/up-luc-01-dm-order-7203805_02022026083454_0202f_1770001494_1016-768x1024.jpg" alt="Up luc 01 dm order 7203805 02022026083454 0202f 1770001494" class="wp-image-8687"/></figure>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम 24 के अनुसार, प्रदेश के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य था।&nbsp;इसके बावजूद, 68,236 कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा तक अपनी संपत्ति का ब्योरा अपलोड नहीं किया।[इनमें समूह &#8216;ग&#8217; के 34,926, समूह &#8216;घ&#8217; के 22,624, समूह &#8216;ख&#8217; के 7,204 और समूह &#8216;क&#8217; के 2,628 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>इन विभागों के कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">जिन कर्मचारियों का वेतन रोका गया है, वे कई प्रमुख विभागों से संबंधित हैं। इनमें लोक निर्माण, राजस्व, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, सहकारिता, आबकारी, खाद्य एवं रसद, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अभियंत्रण, उद्यान, पशुधन और परिवहन जैसे विभाग शामिल हैं।&nbsp;लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने भी आदेश जारी कर कहा है कि वेतन बिलों के साथ संपत्ति विवरण का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही वेतन जारी किया जाएगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>क्यों उठाया गया यह कदम?</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का मानना है कि जो कर्मचारी अपनी संपत्ति की घोषणा करने से बच रहे हैं, उनकी आय के स्रोतों में कुछ गड़बड़ी हो सकती है।&nbsp;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संदेश देने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।इस कार्रवाई को इसी दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि कर्मचारी जल्द ही अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।[<a href="https://www.google.com/url?sa=E&amp;q=https%3A%2F%2Fvertexaisearch.cloud.google.com%2Fgrounding-api-redirect%2FAUZIYQE4OT7bSr8jD38bIernuizcThRlzqCc6L4eGkhOK45pNYYGXZWfsQT05hzO_zv2FEJS9Frgtc8Jx0zGN0IdSTcW231bC2wBVth4oClPCpS0Ac9wO97JdA-fAtwdH9MdEg95DiDG8_fb1Q4HEobyrZWe5FpWNFgLT2dXO3yFxGXL31pEfVuyMr4A5TfraEjNiefExgrwKBzdwrwePyyH02p5pACJO9Zy-_XLZQWwe3uIDl-_DaM8YIAEygQfmApzaPZJOnomG5xscf0zKa6mCX7llnQXFUHibUNEnErhqRFO3Fpu9WVDkadhSQ%3D%3D" target="_blank" rel="noreferrer noopener">2</a>]</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity"/>



<h3 class="wp-block-heading">&nbsp;</h3>
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		<title>कानपुर :  नशे ने धुत पुलिसकर्मी का शिकार हुआ युवक, जीप से कुचलकर मौत</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-the-death-of-a-young-man-crushed-with-a-jeep-of-a-drunken-policeman-the-crowd-did-the-stone-throwing-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Jun 2019 10:28:43 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[कानपुर । कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस की बेकाबू जीप ने घर के बाहर बैठे युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव के बाद हंगामा किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करते हुए स्थिति को संभालने की कवायद शुरु की गई। ... <a title="कानपुर :  नशे ने धुत पुलिसकर्मी का शिकार हुआ युवक, जीप से कुचलकर मौत" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kanpur-the-death-of-a-young-man-crushed-with-a-jeep-of-a-drunken-policeman-the-crowd-did-the-stone-throwing-news/" aria-label="Read more about कानपुर :  नशे ने धुत पुलिसकर्मी का शिकार हुआ युवक, जीप से कुचलकर मौत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://hindusthansamachar.in/uploads/videos/b7e891f50a5fc28970dfb14a6f8267ff6d9fe6244c15dd5c661a8c7de6819576_1.jpg" width="949" height="533" /></p>
<div>कानपुर । कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस की बेकाबू जीप ने घर के बाहर बैठे युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना से गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव के बाद हंगामा किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करते हुए स्थिति को संभालने की कवायद शुरु की गई। एसएसपी ने एक दरोगा को निलम्बित करते हुए दो होमगार्डों को सेवा से निष्कासित कर दिया।</div>
<div></div>
<div>कल्याणपुर के रावतपुर गांव स्थित मथुरा नगर में रहने वाले रजत वर्मा उर्फ बिट्टू (24) घर के बाहर ही दुकान है। रजत सात बहनों में अकेला था। मंगलवार देर रात बिजली चले जाने पर रजत घर के बाहर चारपाई डालकर सो रहा था। इस दौरान वहां गश्त कर रही कल्याणपुर थाने की पुलिस जीप बेकाबू होकर सड़क किनारे गुमटी को तोड़ते हुए बिजली के खम्भे से टकराते हुए चबूतरे पर सो रहे रजत पर चढ़ गई। घटना के बाद जीप चला रहे दरोगा व पुलिस कर्मी भाग निकले। इस बीच इलाके में घटना को लेकर भीड़ जमा हो गई। घटना का पता चलते ही यूपी 100 की गाड़ी पहुंची और आनन-फानन युवक को हैलट अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।</div>
<div></div>
<div><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://hindusthansamachar.in/uploads/videos/b7e891f50a5fc28970dfb14a6f8267ff6d9fe6244c15dd5c661a8c7de6819576_2.jpg" width="844" height="475" /></div>
<div></div>
<div>इसकी जानकारी लगते ही भीड़ भड़क गई और पुलिस पर पथराव व जीप में आगजनी का प्रयास किया। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव, पुलिस अधीक्षक पश्चिम संजीव सुमन सर्किल पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।</div>
<div></div>
<div>एसएसपी अनंत देव ने बताया कि प्रथम दृष्टया जीप चला रहे उपनिरीक्षक जावेद को निलम्बित करते हुए सिपाही व दो होमगार्डों को सेवा से निष्कासित करते हुए जांच शुरु कर दी गई है। एसएसपी की कार्रवाई के बावजूद भीड़ व मृतक के परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बुधवार को परिजनों के साथ भीड़ की पुलिस से फिर नोकझोंक हो गई और भीड़ ने फिर से पुलिस पर पथराव करते हुए बवाल शुरु कर दिया। तनाव बढ़ता देख नमाज अता होते ही जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव के साथ भारी पुलिस व प्रशासनिक अमला पहुंचा। यहां पर लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी व मुआवजा दिये जाने की मांग शुरु कर दी।</div>
<div></div>
<div>जिलाधिकारी ने मृतक के परिजनों को प्रशासन की ओर से दी जाने वाली हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। कई घंटों की बातचीत के बाद परिजनों व भीड़ का गुस्सा शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>SC ने सरकार से पूछा-CM योगी पर मुक़दमा क्यों नहीं चलना चाहिए</title>
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		<pubDate>Mon, 20 Aug 2018 09:40:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। साल 2007 के योगी आदित्यनाथ के भड़काऊ भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार ने योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी थी। कोर्ट ने इसकी वजह पूछी है। सुप्रीम कोर्ट की यह आदेश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ सकता है। ... <a title="SC ने सरकार से पूछा-CM योगी पर मुक़दमा क्यों नहीं चलना चाहिए" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/yogi-adityanath-hate-speech-case-sc-issues-notice-to-up-govt-asks-why-he-should-not-be-prosecuted-news/" aria-label="Read more about SC ने सरकार से पूछा-CM योगी पर मुक़दमा क्यों नहीं चलना चाहिए">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली। साल 2007 के योगी आदित्यनाथ के भड़काऊ भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया। राज्य सरकार ने योगी के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी थी। कोर्ट ने इसकी वजह पूछी है। सुप्रीम कोर्ट की यह आदेश उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और पुलिस को नोटिस जारी करके उस वक्त योगी द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण मामले में जवाब मांगा है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दिया है जिसमें योगी पर मुकदमा रद्द कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में सरकार को चार हफ्ते का समय दिया है। दरअसल, इस मामले में यूपी सरकार ने कानूनी कार्रवाई के लिए इजाजत नहीं दी थी और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी थी।</p>
<p>बता दें कि 2007 में गोरखपुर से तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ को शांतिभंग और हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने समर्थकों के साथ मिलकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में एक युवक की मौत के बाद जुलूस निकाला था।</p>
<p>जिसके बाद तत्कालीन गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ को गिरफ्तार कर 11 दिनों की पुलिस कस्टडी में भी रखा गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर 2008 में गोरखपुर के कैन्ट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तत्कालीन सरकार ने योगी पर मुकदमा चलाने की अनुमति से यह कहते हुए इनकार कर दिया गया था कि उनके कथित भड़काऊ भाषण की विडियो रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ की गई है।  1 फरवरी 2018 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले की अर्जी खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता परवेज परवाज सुप्रीम कोर्ट गए थे।</p>
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			</item>
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		<title>BRD मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों की इस घातक बीमारी से लगातार हो रही है मौते&#8230;.</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/encephalitis-continues-to-kill-children-at-brd-medical-college-at-higher-rate-news/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Aug 2018 06:02:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[गोरखपुर.    बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निओ-नेटल यानी नवजात बच्चों के आईसीयू और इंसेफेलाइटिस वार्ड में पिछले साल एक के बाद एक कई बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से ज्यादा की आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने वाले इस मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्था इस कदर खराब है कि, ... <a title="BRD मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों की इस घातक बीमारी से लगातार हो रही है मौते&#8230;." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/encephalitis-continues-to-kill-children-at-brd-medical-college-at-higher-rate-news/" aria-label="Read more about BRD मेडिकल कॉलेज में भर्ती बच्चों की इस घातक बीमारी से लगातार हो रही है मौते&#8230;.">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गोरखपुर.    बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निओ-नेटल यानी नवजात बच्चों के आईसीयू और इंसेफेलाइटिस वार्ड में पिछले साल एक के बाद एक कई बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो करोड़ से ज्यादा की आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने वाले इस मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्था इस कदर खराब है कि, पिछले साल यहां 24 घंटे के भीतर 20 नवजात शिशुओं की मौत सिर्फ इसलिए हो गई थी क्योंकि अस्पताल प्रशासन उन्हें समय पर ऑक्सीजन की सुविधा नहीं दे सका था. तब इस अस्पताल की चर्चा चारों तरफ होने लगी थी.</p>
<p>आज उस घटना के एक साल बाद फ़र्स्टपोस्ट एक बार फिर से उस बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचा है, ताकि वहां की व्यवस्था का रिएलिटी चेक कर सके. हम इस कड़ी में कहानियों की एक सीरिज लेकर आएंगे ताकि मौके पर हालात का जाएजा लिया जा सके. इस ग्राउंड रिपोर्ट में जो सामने आया है वो सरकारी दावों की पोल खोलता, बेहद ही बदसूरत और निर्दयी चेहरा है. अस्पताल में फैली यह अव्यवस्था यूपी सरकार के उन बड़े-बड़े और खोखले दावों को झूठा साबित करता है जिसमें बच्चों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने की बात कही गई थी.</p>
<p>हम सभी को ऐसा लगता होगा कि, पिछले साल गोरखपुर के बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में जिस अनुपात में दर्दनाक घटना हुई थी, उसको देखते हुए बीते एक साल में वहां के हालात सुधरे होंगे. वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में कुछ कारगर कदम उठाए गए होंगे.</p>
<p>पिछले साल पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस अस्पताल में कम से कम 60 नवजात बच्चों ने कुछ ही दिनों के अंतराल में दम तोड़ दिया था, ऐसा अस्पताल में ऑक्सिजन की कमी होने के कारण हुआ. ऑक्सिजन की सप्लाई में जो दिक्कत आई उसकी वजह सप्लायर के बिल का भुगतान न होना था. इनमें से ज्यादातर मौतें इंसेफेलाइटिस और नेओ-नेटल वार्ड में हुईं थीं.</p>
<p>उस वक्त इस घटना को लेकर जितना शोर मचा था, उसके बाद आज इस सरकारी अस्पताल की जो हालत है उसे देखकर कोई भी सकते में आ सकता है. उदाहरण के लिए इसे देखें:</p>
<p>योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने इंसेफेलाइटिस की जानलेवा बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए दस्तक टीकाकरण कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू कर दिया है, लेकिन इसी बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या पिछले साल यानी 2017 के मुकाबले कम से कम 6 प्रतिशत ज्यादा है.</p>
<p>मेडिकल कॉलेज का पिडियाट्रिक डिपार्टमेंट, जो हर साल जून से अक्टूबर महीने में यहां होने वाली सबसे ज्यादा मौतों का गवाह बनता है, वो दयनीय हालत में है.</p>
<p>बीआरडी मेडिकल कॉलेज और इंस्टीट्यूट इस इलाके या जिले की 130 किलोमीटर की परिधि में आने वाला एकमात्र अस्पताल है. इतना ही नहीं यह अस्पताल राज्य के पूर्वी भाग के कम से कम 2 करोड़ की आबादी को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए जिम्मेदार है. इनमें देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, महाराजगंज, कुशीनगर और पड़ोसी राज्य बिहार के भी कुछ जिले शामिल हैं.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-135191" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/2018/08/BRD-Hospital-Waiting-Hall.jpg" alt="BRD Hospital (Waiting Hall)" width="1002" height="564" /></p>
<div class="csmpn-phtslid-tgln"><strong>बीआरडी अस्पताल का वेटिंग रूम अक्सर मरीजों की भीड़ से भरा रहता है</strong></div>
<p><strong>‘</strong><strong>अस्पताल किसी भी तरह की स्थिती के लिए पूरी तरह से तैयार है</strong><strong>’</strong></p>
<p>कॉलेज की इंसेफेलाइटिस और पिडियाट्रिक वार्ड की प्रमुख, डॉ. महिमा मित्तल इंसेफेलाइटिस नाम की इस जानलेवा बीमारी के सिंड्रोम (एईएस) से होने वाली नवजात बच्चों की मौतों की संख्या को कम करने की नाकाम कोशिश में लगी हैं, उनका यह संघर्ष जारी है.</p>
<p>वो इस बात से थोड़ी संतुष्ट नजर आती हैं कि अस्पताल में इस साल पिछले साल के मुकाबले इंसेफेलाइटिस के कम मरीजों की भर्ती हुई है. उन्होंने कहा, इस साल अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या न सिर्फ पिछले साल बल्कि पिछले कई वर्षों की तुलना में काफी कम है. ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने समाज के कई समूहों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अच्छा काम किया है. हालांकि, मरीजों की कम संख्या होने की एक वजह देर से होने वाली बारिश भी हो सकती है.&#8217; उन्होंने यह जोर देते हुए कहा, &#8216;अस्पताल किसी भी तरह के हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.&#8217;</p>
<p><strong>कम केस, ज्यादा मौतें</strong></p>
<p>सीएमओ, गोरखपुर के दफ्तर और अस्पताल से इस रिपोर्टर को जो रिपोर्ट मिले हैं, उसके मुताबिक इस साल जून से जुलाई महीने के बीच में अस्पताल के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती कराए गए 245 बच्चों में से 80 की मौत हो गई है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-47009" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/2017/08/PTI8_11_2017_000220B.jpg" alt="गोरखपुर में बीते पांच दिन में इनसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से 63 बच्चों की मौत हो चुकी है" width="1002" height="564" /></p>
<div class="csmpn-phtslid-tgln">पिछले साल अगस्त महीने में अस्पताल में भर्ती इंसेफेलाइटिस पीड़ित दर्जनों बच्चों की आॉक्सिजन की कमी से मौत हो गई थी</div>
<p>यदि इसकी तुलना पहले के आंकड़ों से करें तो पाएंगे कि, साल 2016 में मृत्यु दर 25.80 प्रतिशत था, जबकि साल 2017 में यह आंकड़ा 26.98 प्रतिशत. इस साल यह आंकड़ा 32.65 प्रतिशत है.</p>
<p><strong>तीन चार्ट संलग्न</strong></p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td><strong>महीना     </strong></td>
<td><strong>2016 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में  इंसेफेलाइटिस केस </strong></td>
<td><strong>मृत्यु</strong><strong>                 </strong></td>
</tr>
<tr>
<td>जनवरी</td>
<td>26</td>
<td>10</td>
</tr>
<tr>
<td>फरवरी</td>
<td>47</td>
<td>9</td>
</tr>
<tr>
<td>मार्च</td>
<td>35</td>
<td>14</td>
</tr>
<tr>
<td>अप्रैल</td>
<td>25</td>
<td>11</td>
</tr>
<tr>
<td>मई</td>
<td>38</td>
<td>16</td>
</tr>
<tr>
<td>जून</td>
<td>46</td>
<td>13</td>
</tr>
<tr>
<td>जुलाई<strong>कुल   </strong></td>
<td>155<strong>372</strong></td>
<td>23<strong>96</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td><strong>महीना</strong></td>
<td><strong>2017 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस</strong><strong> केस</strong></td>
<td><strong>मृत्यु</strong><strong>               </strong></td>
</tr>
<tr>
<td>जनवरी</td>
<td>31</td>
<td>9</td>
</tr>
<tr>
<td>फरवरी</td>
<td>35</td>
<td>6</td>
</tr>
<tr>
<td>मार्च</td>
<td>38</td>
<td>18</td>
</tr>
<tr>
<td>अप्रैल</td>
<td>33</td>
<td>10</td>
</tr>
<tr>
<td>मई</td>
<td>43</td>
<td>12</td>
</tr>
<tr>
<td>जून</td>
<td>49</td>
<td>14</td>
</tr>
<tr>
<td>जुलाई<strong>कुल      </strong></td>
<td>149<strong>378</strong></td>
<td>33<strong>102</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
<table>
<tbody>
<tr>
<td><strong>महीना</strong></td>
<td><strong>2018 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में  इंसेफेलाइटिस केस</strong></td>
<td><strong>मृत्यु</strong><strong>            </strong></td>
</tr>
<tr>
<td>जनवरी</td>
<td>21</td>
<td>6</td>
</tr>
<tr>
<td>फरवरी</td>
<td>32</td>
<td>9</td>
</tr>
<tr>
<td>मार्च</td>
<td>31</td>
<td>18</td>
</tr>
<tr>
<td>अप्रैल</td>
<td>45</td>
<td>7</td>
</tr>
<tr>
<td>मई</td>
<td>38</td>
<td>18</td>
</tr>
<tr>
<td>जून</td>
<td>48</td>
<td>15</td>
</tr>
<tr>
<td>जुलाई<strong>Total</strong></td>
<td>30<strong>245</strong></td>
<td>7<strong>80</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
<p>एक तरफ जहां राज्य सरकार ने लगातार अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सोशल मडिया में डींगें हांकी हैं, वहीं जमीन पर दिखता नहीं है कि इसे लेकर कुछ खास काम किया गया है, जिससे कि वेक्टर जनित इस रोग से दम तोड़ते बच्चों की जिंदगी बचाई जा सके. खासकर, नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्रों में. सिर्फ- दस्तक कार्यक्रम शुरू करने के अलावा.</p>
<p>सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय पत्रकार मनोज कुमार सिंह के अनुसार बीआरडी मेडिकल कॉलेज और ऐसे अन्य इंस्टीट्यूट्स में कई समस्याएं हैं जिन्हें एक दिन में ठीक नहीं किया जा सकता है.</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-47473" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/2017/08/gorakhpure.jpg" alt="gorakhpur" width="1002" height="563" /></p>
<div class="csmpn-phtslid-tgln">अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि इस साल इंसेफेलाइटिस की वजह से यहां मृत्यु दर बढ़ी है</div>
<p>उन्होंने कहा, &#8216;यहां डॉक्टरों की कमी है. इलाके में जरूरत भर के अस्पताल भी नहीं हैं, उसके अलावा लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की भी कमी है. बड़ी संख्या में अनाड़ी और बिना पढ़े-लिखे (झोला छाप) चिकित्सक भी हैं, जो एक तरह से ताबूत में लगी अंतिम कील का काम करते हैं. सरकार ने इस साल इन मौतों को रोकने के लिए दो चरण में दस्तक टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की थी, लेकिन इसके नतीजे आने में वक्त लग जाएंगे.&#8217;</p>
<p>डॉक्टरों की कमी पूरे उत्तर प्रदेश की समस्या है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में इस समय प्रति 19 हजार लोगों के लिए मात्र एक डॉक्टर है.</p>
<p>सिंह ने यह भी दावा किया कि मौजूदा योगी सरकार की पूरी कोशिश मृतकों की संख्या छिपाने में है, न कि गोरखपुर के मेडिकल कॉलेड की सुविधा और व्यवस्था सुधारने में. उस विधानसभा क्षेत्र जो लंबे समय से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का गढ़ रहा है.</p>
<p><strong>‘अस्पताल में सब कुछ मौजूद है’</strong></p>
<p>डॉ. महिमा मित्तल की तरह, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. गणेश प्रसाद ने भी पूरे आत्मविश्वास से कहा, अस्पताल में इंसेफेलाइटिस से नवजात बच्चों की मौत रोकने के लिए पर्याप्त उपाय किए जा रहे हैं. उन्हें पूरा भरोसा है कि इस साल वो इस बीमारी से होने वाली मौतों की संख्या को पहले से कम कर देंगे.</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8216;हर किसी को यह समझना होगा कि इन मौतों की संख्या कम करने का एकमात्र रास्ता बचाव है, लेकिन लोग उस दिशा में काम करते ही नहीं हैं. गरीबी और अशिक्षा इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है.&#8217;</p>
<p>उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आम लोगों को कोसना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, &#8216;सरकार के बार-बार शौचालय की जरूरत पर बल देने के बावजूद, लोग आज भी खुले में शौच के लिए जाते हैं. न तो वो पानी उबाल कर पीते हैं और न ही मच्छरदानी का इस्तेमाल करते हैं. हम डॉक्टर सिर्फ उन्हें अच्छा इलाज दे सकते हैं. उन्हें कैसे जीना चाहिए यह बता सकते हैं, लेकिन लोग हमारी कही बातों को मानते नहीं है.&#8217;</p>
<p>उन्होंने बताया कि अस्पताल में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित ‘बच्चों की सेवा’ के लिए 300 से भी ज्यादा बेड उपलब्ध है. इसके अलावा ‘दो नए वार्ड बनकर तैयार हैं जिनका उद्घाटन होना बाकी है. जरूरत पड़ने पर हम उनका भी इस्तेमाल करेंगे.’</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-47237" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/2017/08/yogi-adityanath.jpg" alt="RPT--Gorakhpur: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath and Union Health Minister J P Nadda during a press conference after visiting BRD Medical College in Gorakhpur on Sunday. More than 30 children have died at the hospital in the span of 48 hours. PTI Photo (PTI8_13_2017_000174B)" width="1002" height="563" /></p>
<div class="csmpn-phtslid-tgln">जिस गोरखपुर में इंसेफेलाइटिस की समस्या दशकों से बनी हुई है वो लंबे समय तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र और मजबूत गढ़ रहा है</div>
<p>डॉ. प्रसाद ने कहा, &#8216;कोई भी डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके मरीज की मौत हो, लेकिन हमें मरीज उसी हालत में मिलते हैं जब उनकी हालत पूरी तरह से बिगड़ चुकी होती है और तब उसे संभालना मुश्किल होता है. लेकिन, फिर भी हमारे डॉक्टर बच्चों की जान बचाने की पूरी कोशिश करते हैं.&#8217; उन्होंने जोर देते हुए कहा कि &#8216;हमारे अस्पताल में कोई कमी नहीं है.&#8217;</p>
<p>पिछले साल डाटा जर्नलिज्म करने वाली पोर्टल इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए किया जाने वाला खर्च महज 452 रुपए है, जो देश के राष्ट्रीय औसत का 70 ही प्रतिशत है.</p>
<p>पब्लिक हेल्थ पॉलिसी एक्सपर्ट और सपोर्ट फॉर एडवोकेसी एंड ट्रेनिंग टू हेल्थ इनिशिएटिव्स के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. अभय शुक्ला ने भी, राज्य में मेडिकल सुविधाओं की खराब हालत को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है.</p>
<p>फ़र्स्टपोस्ट से बात करते हुए उन्होंने कहा, &#8216;साल 2016-2017 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जो बजट प्रपोजल दिया गया था उसमें 30.4 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, जिसमें से सिर्फ 10.19 करोड़ रुपए केंद्र द्वारा पारित हुआ था. साल 2017-18 में, यह मांग घटकर 20.01 करोड़ की हो गई थी लेकिन केंद्र ने उसे और कम कर के 5.78 करोड़ रुपए तक पहुंचा दिया- जो प्रस्तावित राशि का मात्र 29 प्रतिशत है.&#8217;</p>
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		<title>देवर‍िया सेक्स रैकेट मामला: खुद पुलिस ने भेजी थीं संस्था में 450 मासूम बच्चियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Aug 2018 15:58:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[UP Shelter Home Case]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी शेल्टर होम केस]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[रीता बहुगुणा जोशी]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ : यूपी सरकार ने माना है कि देवरिया जिले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस संरक्षण गृह (मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह) का लाइसेंस रद्द होने के बावजूद उसे एक साल तक बंद नहीं करा पाए। इस संरक्षण गृह चलाने वाले दबंग लोग बच्चियों और लड़कियों का शोषण करवाते रहे। लेकिन एक और चौंकाने वाली बात सामने ... <a title="देवर‍िया सेक्स रैकेट मामला: खुद पुलिस ने भेजी थीं संस्था में 450 मासूम बच्चियां" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/deoria-case-police-send-235-girls-to-ban-shelter-home-news/" aria-label="Read more about देवर‍िया सेक्स रैकेट मामला: खुद पुलिस ने भेजी थीं संस्था में 450 मासूम बच्चियां">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ : </strong>यूपी सरकार ने माना है कि देवरिया जिले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस संरक्षण गृह (मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह) का लाइसेंस रद्द होने के बावजूद उसे एक साल तक बंद नहीं करा पाए। इस संरक्षण गृह चलाने वाले दबंग लोग बच्चियों और लड़कियों का शोषण करवाते रहे। लेकिन एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि संस्था का रजिस्ट्रेशन कैंसल होने के बावजूद भी पुलिस और प्रशासन बच्चियों को इसी संरक्षण गृह में भेजते रहे। कहा जा रहा है कि बैन लगने के बाद 235 बच्चियों को भेजा गया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://static.langimg.com/thumb/msid-65316446,width-600,resizemode-4/-.jpg" width="782" height="585" /></p>
<p>वहीं इस मामले में दूसरी आरोपी संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी और अधीक्षिका ‘छोटी मैम’ कंचनलता त्रिपाठी को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में ले लिया। आरोपी होने के बाद भी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई। अधिकारियों का कहना है कि बाकी आरोपियों के बारे में उससे पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस शेल्टर होम में मिली सभी बच्चियों के 161 के तहत बयान दर्ज करा रही है। बुधवार को बच्चियों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान होंगे।इस बीच लापता 18 बच्चियों को तलाशने के लिए चार पुलिस टीमों ने गहन तलाशी करती रहीं, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला।</p>
<p><strong>मेडिकल रिपोर्ट पर चुप्पी</strong><br />
बच्चियों की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर आला अफसरों ने चुप्पी साध ली है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बच्चियों के किसी तरह की चोट की पुष्टि नहीं हुई है। यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए बच्चियों की स्लाइड जांच के लिए लखनऊ भेजी गई हैं।</p>
<p><strong>उम्र का कॉलम खाली</strong><br />
बच्चियों के मेडिकल के दौरान उनके उम्र के कॉलम खाली रखे गए हैं। डॉक्टरों के पैनल ने बच्चियों की उम्र की जांच नहीं की है। लड़कियां अपनी उम्र भी नहीं बता पा रही हैं।</p>
<p><strong>कमाया खूब पैसा</strong><br />
संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने 20 साल के दौरान देवरिया में संरक्षण गृह और अन्य संस्थाओं के जरिए खासा रसूख और पैसा कमाया। पड़ोसियां ने बताया कि गिरिजा त्रिपाठी की संपत्ति तेजी से बढ़ती चली गई। मूलरूप से नूनखार निवासी मोहन त्रिपाठी भटनी चीनी मिल में काम करते थे।</p>
<div>
<div class="image"><img decoding="async" src="https://static.langimg.com/img/65316349/Master.jpg" alt="" /></p>
<div class="imagecaption"><strong>पुल&#x200d;िस की ग&#x200d;िरफ्त में शेल्&#x200d;टर होम संचाल&#x200d;िका ग&#x200d;िर&#x200d;िजा</strong></div>
</div>
</div>
<p><strong>ट्रेन में र&#x200d;िजर्वेशन खोज रहा मह&#x200d;िला आयोग </strong><br />
देवरिया मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश महिला आयोग की बैठक मंगलवार को लखनऊ में हुई। इसमें तय हुआ कि देवरिया में तीन सदस्यीय समिति भेजी जाएगी। लेकिन मंगलवार देर शाम तक किसी भी सदस्य को इसलिए नहीं भेजा जा सका है क्योंकि ट्रेनों में रिजर्वेशन ही नहीं मिल पाया। इंतजार किया जा रहा है कि रिजर्वेशन मिले तो सदस्यों को भेजा जाए। अध्यक्ष विमला बॉथम ने कहा कि वह भी जाना चाहती हैं, लेकिन कब जाएंगी यह फ्लाइट के टिकट पर निर्भर करेगा।</p>
<p>देवरिया कांड पर मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, &#8216;नेता बयानबाजी कर रहे हैं जिनकी सरकार के दौरान अवैध शेल्टर होम बढ़े। इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।</p>
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