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	<title>राष्ट्रीय सुरक्षा &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>हनी ट्रैप में फंसा यूपी के इस जिले का शख्स, पाक एजेंट को भेजा गगनयान से जुड़ी गोपनीय जानकारी&#8230; जब ATS ने किया गिरफ्तार तो&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 14 Mar 2025 12:37:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Agra News: उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) ने फिरोजाबाद की हजरतपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) को संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज भेज रहा था. एटीएस को कुछ दिनों पहले सूचना मिली थी कि एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर, जिसे ‘नेहा शर्मा’ नाम से पहचाना गया, भारतीय सरकारी ... <a title="हनी ट्रैप में फंसा यूपी के इस जिले का शख्स, पाक एजेंट को भेजा गगनयान से जुड़ी गोपनीय जानकारी&#8230; जब ATS ने किया गिरफ्तार तो&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ab%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87/" aria-label="Read more about हनी ट्रैप में फंसा यूपी के इस जिले का शख्स, पाक एजेंट को भेजा गगनयान से जुड़ी गोपनीय जानकारी&#8230; जब ATS ने किया गिरफ्तार तो&#8230;">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/हनीट्रैप-honey-trap.jpg" alt="" class="wp-image-486142" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/हनीट्रैप-honey-trap.jpg 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/हनीट्रैप-honey-trap-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/हनीट्रैप-honey-trap-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/हनीट्रैप-honey-trap-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>


<p><b>Agra News: </b>उत्तर प्रदेश एटीएस <b>(UP ATS) </b>ने फिरोजाबाद की हजरतपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई<b> (ISI)</b> को संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज भेज रहा था. एटीएस को कुछ दिनों पहले सूचना मिली थी कि एक पाकिस्तानी महिला हैंडलर, जिसे ‘नेहा शर्मा’ नाम से पहचाना गया, भारतीय सरकारी संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों को लालच देकर उनसे महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर रही है. इसी जांच के दौरान एटीएस ने फिरोजाबाद ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी रविंद्र कुमार को हिरासत में लिया.</p>
<p><b><img decoding="async" class="alignnone size-large wp-image-56194" src="http://voiceofindia.online/wp-content/uploads/2025/03/116061-up-ats-arrested-paksitani-isi-agent-from-agra-1024x576.webp" alt="" width="618" height="348" /></b></p>
<p>13 मार्च 2025 को आगरा एटीएस यूनिट ने रविंद्र कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि वह कई बार महत्वपूर्ण दस्तावेज ‘नेहा’ नामक आईएसआई एजेंट को भेज चुका था. रविंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि 2024 में वह फेसबुक के जरिए ‘नेहा’ के संपर्क में आया. इसके बाद, वे व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल और अन्य माध्यमों से बातचीत करने लगे. &#8216;नेहा&#8217; ने उसे लालच देकर भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की संवेदनशील जानकारी मांगनी शुरू की, जिसे उसने समय-समय पर शेयर भी किया.</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">Lucknow | UP ATS issues a press release regarding a person named Ravindra Kumar, who was sharing all the sensitive information with the Pak ISI handler. The said person is under interrogation at present.<br><br>(The press release also contains the picture of Ravindra Kumar) <a href="https://t.co/CbbyNWNTNi">https://t.co/CbbyNWNTNi</a> <a href="https://t.co/W1jD61eN9i">pic.twitter.com/W1jD61eN9i</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1900481480578810227?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 14, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><b>गोपनीय जानकारी हासिल करना चाहती है पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी</b></h3>
<p>यूपी एटीएस के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से यह जानकारी मिल रही थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलरों द्वारा छद्म नामों के जरिए विदेश मंत्रालय और भारत सरकार के कर्मचारियों को बहला फुसलाकर और धन का लालच देकर भारतीय सेना और अन्य सरकारी संगठन और कार्यालयों से संबंधित गोपनीय जानकारी और दस्तावेज हासिल किए जा रहे हैं. इससे भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है. इसी कड़ी में रविंद्र कुमार, जो फिरोजाबाद के हजरतपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम करता है, को गिरफ्तार किया गया है. वह फेसबुक से दोस्त बनी एक पाकिस्तानी एजेंट को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी भेजता था.</p>
<h3><b>2006 से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम कर रहा रविंद्र कुमार</b></h3>
<p>रविंद्र कुमार 2006 से ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में काम कर रहा है. वह 2009 से हजरपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में चार्जमैन के पद पर तैनात है. पिछले साल जून-जुलाई में उसकी दोस्ती पाकिस्तानी एंजेंट या हैंडलर नेहा शर्मा से फेसबुक के जरिए हुई. धीरे-धीरे रविंद्र की नेहा से वाट्सएप पर बात होने लगी. दोनों ऑडियो और वीडियो कॉल करने लगे. नेहा ने उसे मालामाल करने का लालच दिया, जिससे वह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की गोपनीय जानकारियां उसे भेजने लगा.</p>
<h3><b>रविंद्र कुमार के पास से क्या बरामद हुआ?</b></h3>
<p>गिरफ्तारी के बाद, एटीएस ने रविंद्र कुमार के पास से 1 मोबाइल फोन, 1 आधार कार्ड, 1 वोटर कार्ड, 1 पैन कार्ड, 3 एटीएम/डेबिट कार्ड, 6,220 रुपये की नकद राशि और मोबाइल फोन से 5 गोपनीय दस्तावेज बरामद किए. बरामद गोपनीय दस्तावेज में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री हजरतपुर फिरोजाबाद की 2025 की ‘डेली प्रोडक्शन रिपोर्ट’ , जिसमें इसरो का महत्वाकांक्षी गगनयान प्रोजेक्ट, गोपनीय जानकारी और स्टोर की रिसीप्ट (प्राप्ति) शामिल है.</p>
<h3><b>रविंद्र कुमार के खिलाफ लखनऊ में केस दर्ज</b></h3>
<p>रविंद्र कुमार के खिलाफ थाना एटीएस, लखनऊ में मु.अ.सं. 01/2025 , धारा 148 बीएसएस 2023, 3/4/5 शासकीय गोपनीयता अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है. अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया जाएगा. आगे की जांच जारी है.</p>
<h3><b>एडीजी नीलाब्जा चौधरी ने क्या कहा?</b></h3>
<p>एडीजी यूपी एटीएस नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि यूपी एटीएस और उनकी सहयोगी एजेंसियों को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति, रविंद्र कुमार, अपने पाकिस्तानी आईएसआई हैंडलर के साथ विभिन्न गोपनीय और संवेदनशील जानकारियाँ साझा कर रहा था. इस सूचना के आधार पर हमारी आगरा इकाई ने प्रारंभिक पूछताछ की और फिर उसे विस्तृत पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय बुलाया गया. पूछताछ में यह साबित हुआ कि उसने &#8216;नेहा&#8217; नामक एक हैंडलर के माध्यम से अत्यंत संवेदनशील जानकारी साझा की थी.</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#WATCH</a> | Lucknow | ADG UP ATS Nilabja Choudhary says, &quot;ATS UP and their associate agencies got info that there is a person named Ravindra Kumar was sharing different confidential and sensitive information with his Pak ISI handler. So, working on this, our Agra unit did a… <a href="https://t.co/kzZBxUuKkM">pic.twitter.com/kzZBxUuKkM</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1900484472166044074?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 14, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><b>&#8216;आईएसआई मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय है&#8217;</b></h3>
<p>नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि यह आईएसआई मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय है और लोगों को जाल में फंसाकर उनसे महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होता है. पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने समय-समय पर संवेदनशील जानकारी साझा की, जिसमें उस ऑर्डनेंस फैक्ट्री (जहाँ वह कार्यरत था) की दैनिक उत्पादन रिपोर्ट, स्टोर की प्राप्ति, गोपनीय दस्तावेज, आने वाले स्टॉक की जानकारी और विभिन्न आवश्यकताओं से जुड़ी जानकारी शामिल थी.</p>
<p>एडीजी एटीएस ने सभी संवेदनशील संस्थानों से अनुरोध किया कि वे अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं और एसओपी (SOPs) को अपडेट करें और हमारे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के सभी अधिकारियों को सतर्क करें. साथ ही, अपने कर्मचारियों की न्यूनतम सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>हाथ-पाँव बाँध कर अप्रवासियों को भगा रहा अमेरिका&#8230;देश भर में फैले हैं लाखों बांग्लादेशी, इनमें ISI की भी पैठ&#8230;भारत के लिए भी खतरा है&#8230;.</title>
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		<pubDate>Fri, 07 Feb 2025 01:35:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अमेरिका ने हाल ही में (5 फ़रवरी 2025, बुधवार) 104 भारतीय नागरिकों को अवैध प्रवास के आरोप में डिपोर्ट कर भारत भेजा। इन नागरिकों को लेकर अमेरिकी सेना का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा ऐसे में अमरीका से भारत आए हरविंदर सिंह ने बताया, “40 घंटों तक हमें हथकड़ियों में जकड़ा गया, हमारे पैरों में ... <a title="हाथ-पाँव बाँध कर अप्रवासियों को भगा रहा अमेरिका&#8230;देश भर में फैले हैं लाखों बांग्लादेशी, इनमें ISI की भी पैठ&#8230;भारत के लिए भी खतरा है&#8230;." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%b5-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf/" aria-label="Read more about हाथ-पाँव बाँध कर अप्रवासियों को भगा रहा अमेरिका&#8230;देश भर में फैले हैं लाखों बांग्लादेशी, इनमें ISI की भी पैठ&#8230;भारत के लिए भी खतरा है&#8230;.">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1140" height="570" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1.jpg" alt="" class="wp-image-481836" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1.jpg 1140w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-300x150.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-768x384.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/JOIN-OUR-TEAM-1140x570-1-150x75.jpg 150w" sizes="(max-width: 1140px) 100vw, 1140px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका ने हाल ही में (5 फ़रवरी 2025, बुधवार) 104 भारतीय नागरिकों को अवैध प्रवास के आरोप में डिपोर्ट कर भारत भेजा। इन नागरिकों को लेकर अमेरिकी सेना का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा ऐसे में अमरीका से भारत आए हरविंदर सिंह ने बताया, “40 घंटों तक हमें हथकड़ियों में जकड़ा गया, हमारे पैरों में जंजीरें बंधी थीं और हमें अपनी सीट से हिलने की भी इजाजत नहीं थी। बार-बार अनुरोध करने के बाद, हमें खुद को घसीटते हुए वॉशरूम तक जाने की अनुमति मिली। क्रू वॉशरूम का दरवाजा खोलता और हमें अंदर धकेल देता।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह मुद्दा संसद में भी जोर-शोर से उठाया गया। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की विदेश नीति और भारतीय नागरिकों के अधिकारों से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “अमेरिका को निर्वासन का अधिकार है, लेकिन उन्हें जिस तरह मिलिट्री प्लेन में वापस भारत भेजा गया वो अमानवीय है. वे अपराधी नहीं हैं. भारत को कहना चाहिए कि यह उचित नहीं है।”</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि, विपक्ष को यह समझना होगा कि इस मुद्दे को केवल भावनात्मक दृष्टिकोण से देखने के बजाय एक व्यापक दृष्टि से समझने की जरूरत है। हर देश को अपनी सीमाओं और संसाधनों की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवास पर कार्रवाई करनी पड़ती है। अवैध प्रवासियों की उपस्थिति केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह देश के सीमित संसाधनों पर भी दबाव डालती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यहां तक की भारत, जो पहले से ही रोजगार, स्वास्थ्य, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना कर रहा है, इस बढ़ते बोझ को नजरअंदाज नहीं कर सकता। यह मुद्दा केवल राजनीतिक दलों के बीच बहस का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे भारतीय नागरिकों के अधिकारों और देश के संसाधनों की रक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। ऐसे में क्या प्रधानमंत्री मोदी इस चुनौती का सामना करने के लिए अमेरिकी मॉडल से प्रेरणा लेते हुए अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के लिए सख्त कदम उठाएंगे?</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत के लिए भी खतरा है अवैध प्रवासन</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अवैध प्रवासन: भारत के लिए बढ़ती चुनौती</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत में अवैध प्रवासन एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो देश की सीमाओं, सामाजिक संतुलन और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में, अमेरिका से 104 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर भारत भेजा गया। इस घटना ने संसद में तीखी बहस छेड़ दी। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विषय पर 2022 की प्यू रिसर्च रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका में बिना दस्तावेजों के रह रहे भारतीयों की संख्या 6.75 लाख तक है। यही नहीं Bolts की रिपोर्ट के अनुसार, U.S. Immigration &amp; Customs Enforcement (ICE) हर रात औसतन 37,000 प्रवासियों को<a href="https://boltsmag.org/the-past-and-present-of-immigration-detention-your-questions-answered/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">&nbsp;हिरासत</a>&nbsp;में रखता है। इस प्रक्रिया में वे स्थानीय शेरिफ कार्यालयों के साथ साझेदारी करते हैं, जो अपने स्थानीय जेलों में प्रवासियों को रखने के बदले मुनाफा कमाते हैं। यह नेटवर्क पिछले सौ वर्षों से अमेरिका में ऑपरेट कर रहा है और इसके संचालन में काफी कम निगरानी होती है। इसके अलावा, निजी कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे अन्य डिटेंशन सेंटर्स की संख्या भी बढ़ी है। ट्रंप प्रशासन ने इस नेटवर्क को और मजबूत करने की योजना बनाई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में आप समझ सकते हैं जब अमेरिका जैसे विकसित देश के लिए अवैध प्रवासन एक बड़ी और गंभीर चुनौती बन चुका है, तो यह सोचना लाजिमी है कि भारत जैसे विकासशील देश पर इसका कितना गंभीर असर हो सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>भारत-बांग्लादेश सीमा: समस्याओं का केंद्र</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">भारत और बांग्लादेश की 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा से हर साल बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी भारत में प्रवेश करते हैं। यह सीमा घने जंगलों, पहाड़ों और नदियों से होकर गुजरती है, जिससे इसकी निगरानी बेहद कठिन हो जाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन प्रवासियों की पहुंच अब केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही; ये दिल्ली, मुंबई, और बेंगलुरु जैसे शहरों के अलावा उत्तर-पूर्वी राज्यों तक फैल चुके हैं। सिलीगुड़ी कॉरिडोर में इनकी बढ़ती उपस्थिति भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, खासकर जब पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ बांग्लादेश के संबंधों में बदलाव हो रहे हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति पर प्रभाव&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">अवैध प्रवासन केवल सामाजिक और आर्थिक दबाव तक सीमित नहीं है; यह राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करता है। 2003-04 में आयी एक रिपोर्ट में बताया गया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का प्रभाव 25 लोकसभा सीटों और 120 विधानसभा सीटों तक फैला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा, इन प्रवासियों द्वारा भारतीय पहचान पत्र हासिल करने से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की संभावना बढ़ जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, 2003 तक दिल्ली में लगभग 6 लाख बांग्लादेशी अवैध प्रवासी भारतीय पहचान पत्र प्राप्त कर चुके थे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>आईएसआई का षड्यंत्र और अवैध घुसपैठ का बढ़ता खतरा</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बांग्लादेश में अपनी गतिविधियां और तेज कर दीं, खासकर भारत विरोधी षड्यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए। 2002 में कोलकाता में कई आईएसआई एजेंट पकड़े गए, जो बांग्लादेश सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे। यह गिरफ्तारी आईएसआई की गहरी साजिशों का पर्दाफाश करने के लिए काफी थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तत्कालीन विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने उस समय संसद में स्पष्ट रूप से कहा था, “ढाका में पाकिस्तानी हाई कमीशन आईएसआई का नर्व सेंटर है, जो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में लिप्त है।” उन्होंने यह भी बताया था कि कई उग्रवादी संगठनों ने बांग्लादेश में ट्रेनिंग कैंप स्थापित कर लिए हैं और भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक बड़ी संख्या में मदरसे भी बनाए जा चुके हैं। इन गतिविधियों ने आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का काम किया।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>अवैध घुसपैठ लंबे समय से एक गंभीर राष्ट्रीय संकट&nbsp;</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ लंबे समय से एक गंभीर राष्ट्रीय संकट बना हुआ है। यह न केवल भारत की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए खतरा है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित कर रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2000 में, तत्कालीन गृह सचिव माधव<a href="https://navbharattimes.indiatimes.com/india/illegal-migrants-from-bangladesh-are-dangerous-for-india-serious-challenges-to-our-economy-politics-and-security-analysis/articleshow/116613198.cms" target="_blank" rel="noreferrer noopener">&nbsp;गोडबोले</a>&nbsp;ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें खुलासा किया गया था कि उस समय लगभग 1.5 करोड़ बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। इसके साथ ही, हर साल 3 लाख से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठिए अवैध तरीकों से भारत में प्रवेश कर रहे थे। यह आंकड़े केवल समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं, लेकिन बीते वर्षों में यह संकट और विकराल हो गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके साथ ही, 4 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिसमें 13 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 94 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। लेकिन यह कदम विरोध प्रदर्शन को रोकने में विफल रहा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">6 अगस्त 2024 को, प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारी विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा, और वह बांग्लादेश छोड़कर चली गईं। इस राजनीतिक अस्थिरता का फायदा कट्टरपंथी ताकतों ने उठाया, जिसके चलते बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और अधिक बढ़ गए। इसने एक नई लहर पैदा की, जिसमें बांग्लादेशी बड़ी संख्या में भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने लगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>राजधानी दिल्ली पर मंडराता खतरा</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या दिल्ली सहित भारत के अन्य हिस्सों की जनसांख्यिकी और संसाधनों पर गहरा प्रभाव डाल रही है। हाल ही में जेएनयू और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस द्वारा तैयार की गई 114 पन्नों की रिपोर्ट, ‘<a href="https://www.dw.com/hi/jnu-report-claims-illegal-immigration-is-disrupting-delhis-economy/a-71505470" target="_blank" rel="noreferrer noopener">दिल्ली</a>&nbsp;में अवैध प्रवासी: सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिणामों का विश्लेषण,’ इस गंभीर समस्या को विस्तार से उजागर करती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस रिपोर्ट के अनुसार, अवैध प्रवासियों ने दिल्ली की जनसांख्यिकी को बदलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दबाव डाला है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अवैध प्रवासन से मुस्लिम आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, आपराधिक नेटवर्क मजबूत हुए हैं, और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>बॉर्डर सुरक्षा और पहचान पत्र का दुरुपयोग&nbsp;</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">सीमा पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनाने वाले नेटवर्क्स भारत की सुरक्षा को और कमजोर कर रहे हैं। बांग्लादेश से आने वाले कई प्रवासी फर्जी दस्तावेजों के सहारे न केवल सीमावर्ती इलाकों में, बल्कि दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों तक पहुंच रहे हैं। यह सामाजिक-आर्थिक संसाधनों पर भारी दबाव डालने के साथ-साथ अपराध और राजनीतिक अस्थिरता को भी बढ़ावा दे रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत को चाहिए ठोस कदम&nbsp;</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">आज, जब अमेरिका जैसे विकसित देश अवैध प्रवासन के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं, तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि अपने दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले से मोदी जी क्या सीख लेंगे? क्या&nbsp;समय आ गया है कि लम्बे समय से अवैध प्रवासन जैसी गंभीर सुविधाओं से जूझते भारत को भी संधान मिलेगा यह अभी भारत को और इन्तजार करना होगा</p>
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		<title>राहुल जी जायदा परेशान होनी की जरुरत नहीं, 2022 तक भारत को मिल जायेंगे 36 राफेल विमान</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/36-rafale-aircraft-will-be-available-to-india-by-2022-sitharaman-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Jan 2019 12:40:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली.  वायुसेना के लिये फ्रांस से खरीदे गये 36 राफेल लड़ाकू विमान 2022 तक भारत को मिल जायेंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में राफेल मसले पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि पहला विमान इस वर्ष सितंबर में आयेगा तथा सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2022 तक पूरी ... <a title="राहुल जी जायदा परेशान होनी की जरुरत नहीं, 2022 तक भारत को मिल जायेंगे 36 राफेल विमान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/36-rafale-aircraft-will-be-available-to-india-by-2022-sitharaman-news/" aria-label="Read more about राहुल जी जायदा परेशान होनी की जरुरत नहीं, 2022 तक भारत को मिल जायेंगे 36 राफेल विमान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नयी दिल्ली.  वायुसेना के लिये फ्रांस से खरीदे गये 36 राफेल लड़ाकू विमान 2022 तक भारत को मिल जायेंगे। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में राफेल मसले पर हुयी चर्चा का जवाब देते हुये कहा कि पहला विमान इस वर्ष सितंबर में आयेगा तथा सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2022 तक पूरी हो जायेगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि फ्रांस से अग्रिम पीढ़ी के बहुद्देश्यीय लड़ाकू विमान खरीदने के लिये 2016 में हुये समझौते में यह व्यवस्था की तीन वर्ष में पहले विमान की आपूर्ति कर दी जायेगी। इसी के अनुरूप पहला विमान आगामी सितंबर में हमें मिल जायेगा तथा अंतिम विमान 2022 में उपलब्ध हो जायेगा।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा को अनदेखा करने का आरोप लगाते हुये कहा कि उसके नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार दस वर्ष इस विमान की खरीद समझौते की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकी। वहीं हमने बातचीत प्रक्रिया को 14 माह में पूरी कर समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये।</p>
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