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	<title>विहिप &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>राम मंदिर मामला : धर्मसभा को लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट, अतिरिक्त फोर्स की मांग&#8230;.</title>
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		<pubDate>Sat, 24 Nov 2018 07:33:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अयोध्या । विहिप की 25 नवंबर को प्रस्तावित धर्मसभा और शिवसेना के कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में तनाव के हालात भी दिखाई देने लगे हैं। जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद किया गया है। ताजा हाताल को देखते हुए शुक्रवार से सुरक्षा व्यवस्था में भी इजाफा कर दिया गया है। अधिगृहीत परिसर से सटे इलाके ... <a title="राम मंदिर मामला : धर्मसभा को लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट, अतिरिक्त फोर्स की मांग&#8230;." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ram-temple-case-high-alert-in-ayodhya-demand-for-additional-force-regarding-dharma-sabha-news/" aria-label="Read more about राम मंदिर मामला : धर्मसभा को लेकर अयोध्या में हाई अलर्ट, अतिरिक्त फोर्स की मांग&#8230;.">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या । विहिप की 25 नवंबर को प्रस्तावित धर्मसभा और शिवसेना के कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में तनाव के हालात भी दिखाई देने लगे हैं। जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद किया गया है। ताजा हाताल को देखते हुए शुक्रवार से सुरक्षा व्यवस्था में भी इजाफा कर दिया गया है। अधिगृहीत परिसर से सटे इलाके हाई सिक्योरिटी जोन में बदल गए हैं। दो एडीजी और एक डीआइजी अतिरिक्त रूप से अयोध्या भेजे गए हैं। भीड़ को अधिगृहीत परिसर से दूर रखने के लिए परिसर व उससे सटे इलाके हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिए गए हैं। विहिप व शिवसेना के कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में जैसे-जैसे मंदिर समर्थकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। प्रशासन सुरक्षा कर्मियों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर रहा है। अयोध्या में शांति व्यवस्था बनाए रखने व भीड़ नियंत्रण के लिए 47 कंपनी पीएसी सहित 55 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स उपलब्ध कराई गई है। पुलिस मॉनीटरिंग के लिए शासन से दो एडीजी व एक डीआइजी अतिरिक्त रूप से अयोध्या पहुंच रहे हैं। इनमें एडीजी तकनीकी आशुतोष पांडेय व डीआइजी झांसी सुभाष सिंह बघेल पहले बतौर एसएसपी इस जिले में तैनात रह चुके हैं।</p>
<h2>अयोध्या में धर्मसभा के लिए प्रान्त के अनुसार रहेगी वाहन पार्किंग व्यवस्था, प्लान तैयार</h2>
<p>अयोध्या । अयोध्या में विराट धर्मसभा में पहुंचने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। गाड़ियों के पर्किंग की व्यवस्था आरएसएस(संघ) की प्लानिंग के अनुसार हर प्रान्त की अलग-अलग स्थानों पर की गई है। जिसमें मोटर साइकिल पार्किंग रामसेवपुरम गोशाला परिसर में होगा। जहां फैजाबाद-अयोध्या बाईपास पर बालूघाट बूथ नं0-3 से बायें हाथ सड़क पर प्रवेश करके सड़क के दायीं ओर है। यहां की व्यवस्था सुभाष चन्द्र भट्ट सम्भाल रहे हैं।<br />
छोटी गाड़ियों को सत्यदेव पुरम् पर बस्ती-अयोध्या सरयू ओवरब्रिज के नीचे पश्चिमी दिशा में बनाया गया है। मोटर साइकिल पार्किंग की विवेक सृष्टि, बालू घाट बूथ नं0-3 से रामघाट चैराहे के मध्य रामसेवकपुरम् के पास, अयोध्या में किया जाएगा। प्रवीण दूबे,सतीश सोनी, विनोद तिवारी उपस्थित रहेंगे। मोटर साइकिल पार्किंग में ही कारसेवकपुरम्, जानकीघाट, परिक्रमा मार्ग पर विपिन कुमार प्रजापति रहेंगे।<br />
मोटर साइकिल पार्किंग महर्षि वेद विज्ञान केन्द्र परिसार फैज़ाबाद-अयोध्या बाईपास पर बूथ नंबर 4 से बाएं हाथ सड़क पर प्रवेश करके दाएं हाथ परिक्रमा मार्ग पर अयोध्या की ओर मुड़ना है। यहां की व्यवस्था विजय कुमार मिश्र तथा कमल सिंह देखेंगे।<br />
गोरक्ष प्रान्त, गोण्डा विभाग, सीतापुर विभाग से आने वाली छोटी गाडियाॅं-कार, जीप आदि की पार्किंग बिजली घर के पास, रामकथा पार्क के सामने, नयाघाट, होगी।<br />
गोरक्ष प्रान्त, बहराइच विभाग, सीतापुर विभाग से आने वाली छोटी गाडियों (कार, जीप आदि) की पार्किंग रामसेवकपुरम् परिसार फैज़ाबाद-अयोध्या बाईपास पर बालू घाट बूथ नंबर 3 से बाएं हाथ सड़क पर प्रवेश करके दाएं तथा बाएं हाथ पार्किंग स्थल पर होगी यहां पर प्रमोद मौर्या व्यवस्था में रहेंगे।<br />
काशी प्रान्त, कानपूर प्रान्त, उन्नाव विभाग, लखनऊ विभाग, रायबरेली विभाग, अयोध्या विभाग से आने वाली कार जीप आदि गाड़ियां पार्किंग की व्यवस्था मौनी बाबा रेलवे अण्डरपास के उत्तर पूर्व, फैजाबाद-अयोध्या बाईपास बूथ नं0-4 से प्रवेश करके परिक्रमा मार्ग पर दायी ओर किया गया है। यहां बृजेश कुमार वमा, सचिन साहू रहेंगे।<br />
काशी प्रान्त, कानपूर प्रान्त, उन्नाव विभाग, लखनऊ विभाग, रायबरेली विभाग, अयोध्या विभाग से आने वाली कार जीप आदि गाड़ियां पार्किंग महर्षि वेद विज्ञान केन्द्र परिसार फैज़ाबाद-अयोध्या बाईपास पर बूथ नंबर 4 से बाएं हाथ सड़क पर प्रवेश कर के दाएं हाथ परिक्रमा मार्ग पर अयोध्या की ओर मुड़ना रहेगा। यहां विजय कुमार मिश्र, कमल सिंह से सम्पर्क किया जा सकता है।<br />
सूत्रों की मानें तो विहिप व संघ की ओर से की पार्किंग व्यवस्था की रुट प्लॉन सभी प्रान्तों के पदाधिकारियों को भेज दी है। संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह रामकुमार ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि अयोध्या में धर्मसभा में भाग लेने आने वाले रामभक्तों की ओर से शासन-प्रशासन से कोई दिक्कत नहीं होगी। रामभक्त कानून व्यवस्था बनाने में मदद करेंगे। रामभक्तों की एक ही अपेक्षा है कि श्रीरामजन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण अतिशीघ्र हो।<br />
&#8212;<br />
<strong>उद्धव ठाकरे सपरिवार अयोध्या रवाना, संतों से करेंगे बात</strong></p>
<p>शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे शनिवार को सुबह 11 बजे विशेष विमान से सपरिवार अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं। उनके साथ उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे व पुत्र आदित्य ठाकरे हैं। दोपहर में सपरिवार उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंचेंगे ,जहां वे संतों से मिलकर पुणे स्थित शिवनेरी किले से लाए गए कलश को संतों को सुपुर्द करने वाले हैं।<br />
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को सुबह 10 बजे उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी रश्मि व पुत्र आदित्य के साथ मुंबई विमानतल के लिए वाहन से निकले थे। इसके बाद उद्धव ठाकरे सपरिवार विशेष विमान से अयोध्या के लिए रवाना हुए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार उद्धव शनिवार को 2 बजे फैजाबाद विमानतल पर उतरेंगे। इसके बाद वह तय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। बता दें कि उद्धव ठाकरे दूसरी बार उत्तर प्रदेश जा रहे हैं। इससे पहले एक बार वह सहाराश्री सुब्रत राय के लड़के की शादी में शामिल होने के लिए उत्तरप्रदेश गए थे।<br />
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को अयोध्या में उद्धव ठाकरे का विभिन्न समाज की ओर से सत्कार किया जाने वाला है। इसके बाद लक्ष्मण किले पर भी उद्धव ठाकरे का साधु-संतों के साथ सत्कार कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद उद्धव ठाकरे सरयु तट पर महाआरती में शामिल होंगे। रविवार को उद्धव ठाकरे को सुबह सवा नौ बजे सपरिवार रामलला का दर्शन करेंगे। दोपहर में उद्धव ठाकरे 12 बजे पत्रकारों को संबोधित करेंगे। दोपहर 1 बजे वह यहां लोगों से मिलने वाले हैं। उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को सफल बनाने के लिए शिवसेना सांसद संजय राउत, अरविंद सावंत, राजन विचारे अयोध्या में हर कार्यक्रमों की देखरेख कर रहे हैं। इसके साथ ही रेलवे, बस ,बाईक तथा अन्य साधनों से हजारों की संख्या में शिवसैनिक अयोध्या पहुंच रहे हैं। मुंबई में भी शिवसेना की ओर से पूरे माहौल को राममय करने के लिए महाआरती का कार्यक्रम किया जाने वाला है।</p>
<h2 class="storyheadline">परमहंस, अवैद्यनाथ व सिंघल की गैरमौजूदगी में हो रही विहिप की धर्म सभा की तैयारियां</h2>
<p><span class="storydetails"> । राम मंदिर आंदोलन के शलाका पुरुष रहे परमहंस रामचंद्र दास, महंत अवैद्यनाथ और अशोक सिंघल की गैरमौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की रविवार को होने वाली धर्म सभा में राम भक्तों का जत्था अयोध्या पहुंचने लगा है।<br />
रामचंद्र दास, अवैद्यनाथ और सिंघल राम मंदिर आंदोलन के पर्याय बन गए थे, लेकिन अब यह तीनों ही इस दुनिया में नहीं हैं। इनकी अनुपस्थिति में विहिप का यह पहला बड़ा कार्यक्रम है।<br />
धर्मसभा कल 11 बजे से शुरू होने की जानकारी दी गई है, लेकिन राम भक्तों का जत्था अयोध्या पहुंचना शुरू हो गया है। परिषद के एक पदाधिकारी के अनुसार आज ही हजारों की संख्या में राम भक्त पहुंच गए हैं। हालांकि कल तक यह संख्या लाखों में पहुंच जाने की संभावना है। सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त के बीच भक्तमाल की बगिया परिक्रमा परिक्रमा मार्ग पर आयोजित धर्म सभा की तैयारियां लगभग पूरी हो गई है। पानी का छिड़काव तीन दिन से चल रहा है। धर्म सभा स्थल बड़ा होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है।<br />
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए परिषद के उपाध्यक्ष और अशोक सिंघल के सहयोगी रह चुके चंपत राय कार्यक्रम स्थल पर ही रह रहे हैं। अयोध्या के महत्वपूर्ण संतो को धर्म सभा में लाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। उन्हें मंच पर पहुंचने में कोई दिक्कत न हो इसका खासतौर पर ख्याल रखा जा रहा है।<br />
धर्मसभा को हर हाल में सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूरी ताकत झोंक दी है। संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी स्वयं सभी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। विप सूत्रों के अनुसार जोशी कल धर्म सभा में भी रह सकते हैं।</p>
<p>विश्व हिंदू परिषद ने 26 वर्ष बाद कोई बड़ा आयोजन किया है इससे पहले 6 दिसंबर 1992 को विश्व हिंदू परिषद ने लाखों लोगों को अयोध्या बुलाया था। परिषद ने उसके बाद भी कई कार्यक्रम अयोध्या में आयोजित किए लेकिन रविवार को होने वाली धर्म सभा सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है।<br />
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम स्थल पर 80 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा विशाल मंच बनकर लगभग तैयार है। 80 फीट लंबे मंच से साधु-संत मंदिर निर्माण के लिए हुंकार भरेंगे। मैदान में धूल से लोगों को बचाने के लिए लगातार पानी का छिड़काव हो रहा है। टेंट व्यवस्था में करीब 125 मजदूर लगातार काम कर रहे हैं। मैदान की विशालता को देखते हुए कई जगह स्क्रीन लगाए जा रहे हैं ताकि मंच साफ ना देख पाने वाले लोगों को कोई दिक्कत ना हो।</span></p>
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		<title>VIDEO : 25 को नहीं कल ही भारी संख्या में अयोध्या पहुंचेंगे राम भक्त, तैयारियां पूरी</title>
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		<pubDate>Fri, 23 Nov 2018 07:12:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अयोध्या । विहिप की 25 नवम्बर को धर्मसभा में शामिल होने वाले लाखों राम भक्त 24 नवम्बर को ही अयोध्या पहुंचेंगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर इस पूरे आयोजन में धर्मसभा के तैयार किये जा रहे मंच को विशेष आकर्षण ढंग से तैयार किया जा रहा है। विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अयोध्या में धर्मसभा के ... <a title="VIDEO : 25 को नहीं कल ही भारी संख्या में अयोध्या पहुंचेंगे राम भक्त, तैयारियां पूरी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ram-devotees-will-reach-ayodhya-on-a-large-scale-tomorrow-25-news/" aria-label="Read more about VIDEO : 25 को नहीं कल ही भारी संख्या में अयोध्या पहुंचेंगे राम भक्त, तैयारियां पूरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div dir="ltr"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="" src="https://i0.wp.com/satyodaya.com/wp-content/uploads/2018/11/3z.jpg" alt="Image result for à¤°à¤¾à¤®à¤®à¤à¤¦à¤¿à¤° à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£: à¤à¤¯à¥à¤§à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥ à¤à¥ à¤¬à¥à¤¨à¤°-à¤ªà¥à¤¸à¥à¤à¤°à¥à¤ à¤¸à¥ à¤ªà¤à¥ à¤°à¤¾à¤à¤§à¤¾à¤¨à¥..." width="772" height="514" /></div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr">अयोध्या । विहिप की 25 नवम्बर को धर्मसभा में शामिल होने वाले लाखों राम भक्त 24 नवम्बर को ही अयोध्या पहुंचेंगे। राम मंदिर निर्माण को लेकर इस पूरे आयोजन में धर्मसभा के तैयार किये जा रहे मंच को विशेष आकर्षण ढंग से तैयार किया जा रहा है।</div>
<div dir="ltr">विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अयोध्या में धर्मसभा के आयोजन को लेकर बड़ा भक्त महल के बगिया में लाखों राम भक्तों को जुटाने के लिए तैयारियां तेज हैं।</div>
<div dir="ltr">विहिप प्रांतीय मिडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि अयोध्या में आयोजित होनेवाले धर्म सभा के लिए विशेष रूप से मंच तैयारी की जा रही है। मंच तीन सेट में बनाया जा रहा है। जो कि 35 चौड़ा और 75 फुट लंबा 6 फुट 7 फुट और 8 फुट का मंच होगा। मंच पर पूर्व में राम मंदिर आन्दोलन से जुड़े हुए स्थानों और स्मृतियों को उकेरा जा रहा है। इस धर्म सभा में आ रहे राम भक्तों की सुरक्षा को लेकर 5 द्वार बनाये जा रहे हैं।</div>
<div dir="ltr">अयोध्या में 25 नवंबर को आयोजित धर्मसभा को लेकर तैयारियां जोरों पर है। बड़ा भक्तमाल बगिया के मैदान में मंच निर्माण के साथ सुरक्षा के दृष्टी से बैरीकेटिंग और दूर दराज से आने वाले राम भक्तों के लिए बैठने की व्यवस्था सुचारु रुप से कैसे हो, इसकी तैयारी विशेष रुप से हो रहा है। 24 नवम्बर को ही आसपास के क्षेत्र में रहने वाले राम भक्तों को लाने के लिए वाहन के साथ रहने व भोजन के लिए पूरी तरह प्रबंध किया जा रहा है। इसके साथ ही उन राम भक्तों को धर्मसभा आयोजन के बाद गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए भी वाहनों की पूरी व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए विहिप के सभी कार्यकर्ता व्यवस्था में लगे हुए हैं।</div>
<div dir="ltr">&#8212;</div>
<div dir="ltr">
<h2 dir="ltr">धर्मसभा में भीड़ जुटाने के लिए निकाली बाइक रैली</h2>
</div>
<p><img decoding="async" class="" src="https://images.hindi.news18.com/ibnkhabar/uploads/459x306/jpg/2018/11/VHP-bike-rally-1.jpg" alt="Image result for 25 à¤¨à¤µà¤®à¥à¤¬à¤° à¤à¥ à¤à¤¯à¥à¤§à¥à¤¯à¤¾" width="842" height="561" /></p>
<div dir="ltr">
<div dir="ltr"> अयोध्या के विराट धर्मसभा में रामभक्तों की भीड़ जुटाने के लिये गुरुवार को शहर में बाइक रैली व पदयात्रा निकाली गयी।</div>
<div dir="ltr">यह बाइक रैली व पदयात्रा नयाघाट श्रंगार हाट से टेढ़ी बाजार होते हुये बड़ा भक्तमाल बगिया पंहुची। इसी प्रकार निंयावा चौराहा से बाइक यात्रा रिकाबगंज, चौक घंटाघर, बजाजा, सुभाष नगर व नाका होते हुये यह यात्रा बड़ा भक्तमाल पर पंहुच कर समाप्त हुई।</div>
<div dir="ltr">बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख महेश मिश्र के मार्गदर्शन में अयोध्या तथा फैजाबाद में जिला कार्याध्यक्ष प्रमाणिक कौशिक के संयोजन में निकली जनजागरण यात्रा में पूर्व जिलाध्यक्ष रामलाल जायसवाल, विभाग मंत्री धीरेश्वर वर्मा, जिलामंत्री अभिषेक सिंह, रामजी निषाद व आशीष कौशल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल हुए।</div>
</div>
<h2><strong>अयोध्या चलो के बैनर-पोस्टरों से पटी राजधानी</strong></h2>
<p><img decoding="async" src="https://www.thelucknowtribune.com/wp-content/uploads/2018/11/IMG-20181120-WA0024.jpg" alt="Image result for à¤°à¤¾à¤®à¤®à¤à¤¦à¤¿à¤° à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£: à¤à¤¯à¥à¤§à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥ à¤à¥ à¤¬à¥à¤¨à¤°-à¤ªà¥à¤¸à¥à¤à¤°à¥à¤ à¤¸à¥ à¤ªà¤à¥ à¤°à¤¾à¤à¤§à¤¾à¤¨à¥..." /></p>
<div>लखनऊ । राममंदिर निर्माण के लिये अयोध्या में 25 नवम्बर को आयोजित धर्मसभा की तैयारियां साल 1992 में हुये आंदोलन की याद ताजा कर रही है। लखनऊ से अयोध्या तक के रास्ते में जगह-जगह भगवान राम के चित्र वाले पोस्टर लग गये हैं। पोस्टर पर अयोध्या चलो लिखकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में धर्मसभा में शामिल होने की अपील की जा रही है।</div>
<div><img decoding="async" class="" src="https://www.sanjeevnitoday.com/resources/uploads/NEWALLNEWS/21112018/ayodhya-lets-bannerlesser-capital-city_181713.jpg" alt="Image result for à¤°à¤¾à¤®à¤®à¤à¤¦à¤¿à¤° à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¾à¤£: à¤à¤¯à¥à¤§à¥à¤¯à¤¾ à¤à¤²à¥ à¤à¥ à¤¬à¥à¤¨à¤°-à¤ªà¥à¤¸à¥à¤à¤°à¥à¤ à¤¸à¥ à¤ªà¤à¥ à¤°à¤¾à¤à¤§à¤¾à¤¨à¥..." width="757" height="566" /></div>
<div>साल 1992 के आंदोलन का जिम्मा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्कालीन सरकार्यवाह शेषाद्रि ने संभाल रखा था। इस बार जिम्मेदारी संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी को सौंपी गयी है। भैयाजी जोशी तैयारियों का आकलन करने अयोध्या का दौरा कर चुके हैं। धर्मसभा को सफल बनाने के लिये राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी है।</div>
<div>भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी अयोध्या के 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा में 25 नवम्बर को आने के लिये पर्चे बांटते देखे गये। लखनऊ के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को बैनरों और पोस्टरों से पाट दिया गया है। विश्व हिन्दू परिषद का दावा है कि धर्मसभा में दो लाख लोग आयेंगे। धर्मसभा में मंदिर निर्माण के लिये सरकार पर विधेयक लाने का दबाव बनाया जा सकता है।</div>
<div></div>
<h2>कसम खुदा की खायेंगे,मंदिर वहीं बनवायेंगे</h2>
<div>कसम खुदा की खायेंगे,मंदिर वहीं बनवायेंगे। इस नारे के साथ मुसलमानों की टोलियां भी 25 नवम्बर को अयोध्या में आयोजित धर्मसभा को सफल बनाने में जुटी नजर आ रही हैं।</div>
<div>राष्ट्रीय मुस्लिम मंच से जुड़े सैकड़ों मुसलमान अयोध्या जाने की तैयारी में हैं। मंच के प्रदेश संयोजक मैहरध्वज ने कहा कि आज बारावफात है। मुहम्मद साहब के जन्मदिन पर अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिये मंच के लोग संकल्प लेंगे। उन्होंने बताया कि वह चाहते हें कि 25 नवम्बर को आयोजित सभा में दो या इससे अधिक मुस्लिम वक्ता भी बोलें।</div>
<div>उन्होंने बताया कि 15 दिन में उत्तर प्रदेश में 150 सभायें और देश भर में 400 से अधिक सभायें कर मंदिर निर्माण के पक्ष में माहौल तैयार किया जायेगा। सरकार पर दबाव बनाया जायेगा कि वह मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को जल्द से जल्द दूर कराये।</div>
<div>उन्होंने कहा कि मंदिर आन्दोलन के के पहले चरण में ताला खुला,दूसरे चरण में शिलान्यास हुआ और तीसरे चरण में ढांचा टूटा। अगले चरण में सरकार और कुछ अन्य संस्थाओं को जनता की ताकत का एहसास होगा।</div>
<div>वहीं मंच के सक्रिय कार्यकर्ता रजा कहते हैं कि उनका स्पष्ट मत है कि अब भगवान राम का मंदिर बन जाना चाहिये क्योंकि इससे करोड़ों हिन्दुओं की आस्था जुड़ी है। देश की एकता अखण्डता ओर सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने के लिये अयोध्या में राम का मंदिर जल्द से जल्द बन जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके साथ सैकड़ों मुसलमान &#8221;कसम खुदा की खाते हैं, मंदिर वहीं बनवायेंगे&#8221; नारा लगाते हुये अयोध्या जायेंगे</div>
<div></div>
<h2><strong>राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में शुरू होगा अश्वमेध महायज्ञ</strong></h2>
<div>
<div> राम मन्दिर के निर्माण के संकल्प के साथ विश्व वेदांत संस्थान आगामी एक दिसम्बर से अयोध्या में अश्वमेध महायज्ञ का आयोजन किया जायेगा। आयोजन की जानकारी देते हुये संस्थान के संस्थापक आनन्द महाराज ने बुधवार को बताया कि राम मंदिर निर्माण का आंदोलन दिन प्रतिदिन प्रबल होता जा रहा है। अब इसे जन आंदोलन बनने से कोई रोक नहीं सकता। अयोध्या में राम मंदिर तो बनकर रहेगा। साधुसंत और भारत की आम जनता इसके लिए कमर कस चुकी है।</div>
<div>आनन्द महाराज ने बताया कि अश्वमेध महायज्ञ राम मन्दिर की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा त्रेता युग के बाद कलयुग में पहली बार पवित्र भारत भूमि में अयोध्या की धरती पर, जहां भगवान श्रीराम ने जन्म लिया था, अश्वमेघ यज्ञ होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व वेदांत संस्थान सभी संतों को जोड़कर राम मंदिर का निर्माण करेगा। अब राम मंदिर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार नहीं किया जा सकता।</div>
<div>संतों को भव्य राम मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठाना होगा। मंदिर का विषय राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा है। जिस व्यक्ति का अतीत नहीं होता उसका वर्तमान और भविष्य भी नहीं होता। हर हिंदू धर्म के मतावंलबी को अपने पूर्वजों का सम्मान करना चाहिए और मंदिर निर्माण में यथासंभव योगदान देना चाहिए।</div>
<div>विश्व वेदांत संस्थान के संस्थापक ने कहा श्रीराम का मंदिर बनने से कोई रोक नहीं सकता। हमारे देश में विभिन्न मत या संप्रदाय के लोग रहते हैं, लेकिन सबके भगवान श्री राम ही पूर्वज है। हर हिंदू को अपने पूर्वज भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। महायज्ञ के संयोजक स्वामी आनंदजी महाराज ने बताया कि विश्व वेदांत संस्थान का केन्द्र नीदरलैड में हैं। भारत के 21 प्रदेश में करीब 10 लाख सदस्य अब तक संस्थान से जुड़ चुके हैं।</div>
<div>उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं के निवारण के लिए ही महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। अनुष्ठान का उद्देश्य राम मंदिर निर्माण में आ रही बाधाओं के निवारण के साथ-साथ संतों में जागृति भी पैदा करना है। राम मंदिर के लिए हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के इंतजार की जरूरत नहीं है। राम मंदिर का निर्माण संतों के आदेश और निर्देशन में ही होगा। संतों का काम हिंदू समाज की रक्षा और धर्म का प्रचार-प्रसार करना है।</div>
<div>राम जन्म भूमि मामले में भी मोदी सरकार को अध्यादेश लाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें प्रधानमंत्री को मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि संतों के चलते ही राष्ट्रभक्त व्यक्ति प्रधानमंत्री बना। अब उन्हें मंदिर निर्माण की तारीख बतानी होगी। भारत में हरेक व्यक्ति मंदिर निर्माण के पक्ष में है।</div>
</div>
<div></div>
<div>
<p>https://youtu.be/UMzXgbw4JLw</p>
</div>
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		<title>गोरखपुर: 25 की सुबह बसों-निजी वाहनों से अयोध्या कूच करेंगे हिन्दूवादी कार्यकर्ता</title>
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		<pubDate>Wed, 14 Nov 2018 10:00:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[गोरखपुर। राममंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर गोरखपुर से 25 नवम्बर की सुबह हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता अयोध्या कूच करेंगे। आरएसएस, विहिप, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच, किसान संघ, मजदूर संघ, अभाविप और सक्षम सहित विभिन्न संगठनों से 50 हजार कार्यकर्ताओं को अयोध्या ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।   बजरंग ... <a title="गोरखपुर: 25 की सुबह बसों-निजी वाहनों से अयोध्या कूच करेंगे हिन्दूवादी कार्यकर्ता" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/gorakhpur-ayodhya-will-travel-by-buses-and-private-vehicles-in-the-morning-of-25th/" aria-label="Read more about गोरखपुर: 25 की सुबह बसों-निजी वाहनों से अयोध्या कूच करेंगे हिन्दूवादी कार्यकर्ता">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><strong>गोरखपुर।</strong> राममंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर गोरखपुर से 25 नवम्बर की सुबह हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता अयोध्या कूच करेंगे। आरएसएस, विहिप, बजरंग दल, हिन्दू जागरण मंच, किसान संघ, मजदूर संघ, अभाविप और सक्षम सहित विभिन्न संगठनों से 50 हजार कार्यकर्ताओं को अयोध्या ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।   बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि अयोध्या में ‘बडेे भक्तमाल की बगिया के पीछे स्थित स्थान पर धर्मसंसद आयोजित की गई है।</div>
<div><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/886x498/jpg/2017/05/vhp-1.jpg" alt="Image result for à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µ à¤¹à¤¿à¤¨à¥à¤¦à¥ à¤ªà¤°à¤¿à¤·à¤¦" width="825" height="465" /></div>
<div></div>
<div>अयोध्या में गोरक्ष प्रांत, काशी प्रांत, अवध और कानपुर प्रांत के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में इसकी रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा कि देश भर से हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता धर्मसंसद में शामिल होंगे। यहां से संत समाज राममंदिर निर्माण का एलान करेगा। आरएसएस सूत्रों ने बताया कि भाजपा सहित सभी समान विचारधारा के संगठनों को 25 नवम्बर को अयोध्या पहुंचने को कहा गया है। गोरखपुर से ज्यादातर कार्यकर्ता 25 नवम्बर की ही सुबह सात से नौ बजे के बीच बसों और अपने निजी वाहनों से अयोध्या के लिए रवाना होंगे।</div>
<div></div>
<div><strong>सोशल मीडिया से किया जा रहा आह्वान</strong></div>
<div><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2016/08/08/vishwa-hindu-parishad-warns-pm-modi_1470633993.jpeg" alt="Image result for à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µ à¤¹à¤¿à¤¨à¥à¤¦à¥ à¤ªà¤°à¤¿à¤·à¤¦" /></div>
<div>25 नवम्बर के कार्यक्रम के लिए हिन्दूवादी संगठन सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप सहित सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर राममंदिर निर्माण को लेकर चल रही गतिविधियों की फोटो, खबरें जमकर शेयर की जा रही हैं। इसके साथ ही लोगों से अधिक से अधिक संख्या में 25 नवम्बर को अयोध्या चलने की अपील की जा रही है।</div>
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		<title>यादों में अटल जी: बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते थे राम जन्मभूमि विवाद</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Aug 2018 08:10:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[अटल]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी]]></category>
		<category><![CDATA[भारत रत्न]]></category>
		<category><![CDATA[विहिप]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीराम जन्मभूमि विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि विवाद आपसी बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री रहते काफी प्रयत्न भी किया। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी जयेन्द्र सरस्वती को उन्होंने मध्यस्थ बनाया था। हिन्दू व मुस्लिम पक्षकारों की ओर से कई दौर की वार्ताएं हुईं ... <a title="यादों में अटल जी: बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते थे राम जन्मभूमि विवाद" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/atal-ji-in-memories-ram-janmabhoomi-controversy-wanted-to-resolve-through-dialogue-news/" aria-label="Read more about यादों में अटल जी: बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते थे राम जन्मभूमि विवाद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि विवाद आपसी बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री रहते काफी प्रयत्न भी किया। कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी जयेन्द्र सरस्वती को उन्होंने मध्यस्थ बनाया था। हिन्दू व मुस्लिम पक्षकारों की ओर से कई दौर की वार्ताएं हुईं लेकिन नतीजा सिफर निकला।<br />
</span></p>
<p><img decoding="async" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/886x498/jpg/2017/12/babri-atal-advani.jpg" alt="Image result for à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤ à¤®à¥à¤ à¤à¤à¤² à¤à¥: à¤¬à¤¾à¤¤à¤à¥à¤¤ à¤à¥ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¥ à¤¸à¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¤¾à¤¹à¤¤à¥ à¤¥à¥ à¤°à¤¾à¤® à¤à¤¨à¥à¤®à¤­à¥à¤®à¤¿ à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦" /></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में एक अयोध्या विभाग शुरू किया था। इस विभाग का काम विवाद को सुलझाने के लिए हिन्दुओं और मुसलमानों से बातचीत करना था। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को हिन्दू और मुसलमान नेताओं के साथ बातचीत के लिए नियुक्त किया गया था।<br />
अटल बिहारी बाजपेई के ही कार्यकाल में पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने खुदाई शुरू की। मुस्लिम पक्षकार यह कह रहे थे कि अगर खुदाई में यह सिद्ध हो जाए कि वहां पर मंदिर था तब हम दावा छोड़ देंगे। विशेषज्ञों ने बताया कि मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष होने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं, लेकिन मुस्लिम पक्ष तैयार नहीं हुआ।<br />
</span></p>
<p><img decoding="async" src="https://4.bp.blogspot.com/-5Jora8nYC1k/Wi4UOgtk18I/AAAAAAAAG-8/oePz0yW1TI0x54E9UeIrUNRfB4C1LmaMQCLcBGAs/s1600/580116-pic2.jpg" alt="Image result for à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤ à¤®à¥à¤ à¤à¤à¤² à¤à¥: à¤¬à¤¾à¤¤à¤à¥à¤¤ à¤à¥ à¤à¤°à¤¿à¤¯à¥ à¤¸à¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¤¾à¤¹à¤¤à¥ à¤¥à¥ à¤°à¤¾à¤® à¤à¤¨à¥à¤®à¤­à¥à¤®à¤¿ à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦" /></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय (2002) श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष परमहंस रामचंद्र दास ने अधिग्रहीत क्षेत्र में शिलादान का कार्यक्रम घोषित किया था। तब उन्हें न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए ऐसा न करने के लिए राजी किया गया था।<br />
</span></p>
<p><img decoding="async" src="http://bhaskarworld.com/wp-content/uploads/2018/08/DkyB9ofU8AAJq71.jpg" alt="Image result for à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤ à¤®à¥à¤ à¤à¤à¤² à¤à¥:" /></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">अटल के कार्यकाल में वार्ताओं के क्रम से लग रहा था कि विवाद का समाधान हो जायेगा। अन्ततः विवाद नहीं सुलझ सका।<br />
वहीं विकास के नक्शे पर अयोध्या की पहचान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। वे सरयू नदी पर बने रेल पुल के लोकार्पण के लिए अयोध्या-फैजाबाद खुद आए। यहां के लिए यह उनकी अंतिम यात्रा साबित हुई। हवाई पट्टी के मैदान में जनता ने उनका ओजस्वी भाषण सुना। दोपहर में सभा होने के बावजूद मैदान में एक लाख के आसपास भीड़ जमा थी।<br />
अटल ने प्रधानमंत्री रहते न केवल रेल पुल का लोकार्पण किया, बल्कि लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ अयोध्या में फोरलेन पुल देकर यहां के विकास को नया आयाम दिया था।</span></p>
<p><img decoding="async" src="https://static.hindi.firstpost.com/static-hindi-firstpost/uploads/886x498/jpg/2017/10/atal_adwani.jpg" alt="Image result for à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤ à¤®à¥à¤ à¤à¤à¤² à¤à¥:" /></p>
<h3 class="m_1578140990146207924gmail-storyheadline">अयोध्या मसले पर विहिप से बढ़ी थी तल्खी</h3>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व काल में राम मंदिर के मसले को लेकर उनके और विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं के बीच तल्खी बढ़ गयी थी। कारण था कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में विहिप की दखल बिल्कुल नहीं चाहते थे। विहिप सरकार से मंदिर निर्माण का विधेयक संसदने की मांग कर रही थी। अटल की मजबूरी थी कि सरकार में कई दलों के लोग शामिल थे। वह बातचीत के जरिए विवाद निपटाना चाहते थे। जानकारों की मानें तो 2004 में भाजपा की पराजय का प्रमुख कारण विहिप का सरकार के प्रति आक्रामक रवैया अपनाना था। तत्कालीन विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 2004 के लोकसभा चुनाव से पहले कई सभाओं में कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो नये राजनीतिक दल का गठन भी किया जा सकता है। हालांकि आरएसएस की वजह से नया राजनीतिक दल अस्तित्व में नहीं आया लेकिन अटल के प्रति वह नरम नहीं पड़े।<br />
</span></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">अटल बिहारी वाजपेयी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ना चाह रहे थे। अशोक सिंहल स्पष्ट कह रहे थे कि विकास के मुद्दे पर आप चुनाव नहीं जीत सकते हैं। जनता राम मंदिर का निर्माण चाहती है। अटल नहीं माने और चुनाव में भाजपा की पराजय हुई। यहां तक कि अशोक सिंहल व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बीच बातचीत भी बन्द हो गयी थी।<br />
विहिप के प्रान्तीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा के मुताबिक श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत रामचन्द्र दास परमहंस के निधन पर सरयू तट पर अटल का पूरा मंत्रिमण्डल उपस्थित था। श्रद्धांजलि सभा के मंच पर आयोजकों ने प्रधानमंत्री अटल व विहिप अध्यक्ष अशोक सिंहल की कुर्सी एकदम बगल में लगाई गयी। इसके बावजूद अशोक सिंहल ने अटल की तरफ देखा तक नहीं।</span></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails"><img decoding="async" src="https://i0.wp.com/satyodaya.com/wp-content/uploads/2018/08/bajpei.jpg" alt="Image result for à¤à¤à¤² à¤µ à¤µà¤¿à¤¹à¤¿à¤ª à¤à¥ à¤¬à¥à¤ à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤" /></p>
<p><strong>इन कारणों से बढ़ी अटल व विहिप के बीच दूरियां</strong><br />
</span></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 फरवरी,2002 को कहा कि दोनों पक्षों के रवैये के कारण हल अब कोर्ट के जरिए ही संभव होगा। विहिप ने शिलादान कार्यक्रम की घोषणा कर रखी थी। अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मार्च,2002 को संसद को आश्वस्त किया कि विवादित भूमि पर सांकेतिक पूजा के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करेगी। प्रधानमंत्री अटल से मुलाकात के बाद भी शंकराचार्य ने 26 जून,2002 को कहा कि वाजपेयी सरकार ने कुछ नहीं किया। परमहंस रामचंद्र दास ने कहा अगर मुझे रोका गया तो मैं प्राण त्याग दूंगा लेकिन मैं राम के दर्शन और पूजन के लिए अवश्य जाउंगा। परमहंस का कहना है कि राजनीति, संसद या अदालत से उनका कोई लेना-देना नहीं है, वे राम के सिवा किसी और को नहीं मानते।<br />
</span></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">शिलादान कार्यक्रम की घोषणा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल वाजपेयी सरकार ने परमहंस रामचन्द्र दास से सुप्रीम कोर्ट के अधिग्रहीत परिसर में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश का हवाला देते हुए शिला को परिसर या उसके आसपास नहीं ले जाने का आग्रह किया था।<br />
</span></p>
<p><span class="m_1578140990146207924gmail-storydetails">सरकार की ओर से सांसद विनय कटियार, भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी नवनीत सहगल, राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और लखनऊ जोन के तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक हरभजन सिंह ने परमहंस रामचन्द्र दास को अधिग्रहीत परिसर में शिलादान नहीं करने के लिए अंतिम समय तक मनाने में लगे रहे। तय तारीफ को लाखों कारसेवक अयोध्या पहुंचे और सरकार ने शिलादान कार्यक्रम नहीं होने दिया। यहां तक कि विहिप के अध्यक्ष अशोक सिंहल और महंत रामचन्द्र दास परमहंस के साथ पुलिस ने धक्कामुक्की की और रामभक्तों पर लाठीचार्ज किया। केन्द्र में भाजपा सरकार होने के बावजूद रामभक्तों पर लाठीचार्ज होने से अयोध्या के संत महंत और विहिप पदाधिकारी बहुत नाराज हुए। अंततः अयोध्या के दिगम्बर अखाड़ा मंदिर में प्रधानमंत्री कार्यालय में स्थापित अयोध्या प्रकोष्ठ के प्रभारी और आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने शिला को ले लिया था। </span></p>
<p>&nbsp;</p>
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