<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>शक्तिकांता दास &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B8/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 06 Jun 2019 08:21:07 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>शक्तिकांता दास &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, जानिए कर्जधारकों को EMI में कैसे और कितना मिलेगा फायदा</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/mpc-cuts-the-repo-rate-0-25-know-how-and-how-much-will-the-borrowers-get-in-emi-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Jun 2019 08:21:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[Auto Loan]]></category>
		<category><![CDATA[CRR]]></category>
		<category><![CDATA[EMI]]></category>
		<category><![CDATA[GDP]]></category>
		<category><![CDATA[Home Loan]]></category>
		<category><![CDATA[inflation]]></category>
		<category><![CDATA[Interest Rate]]></category>
		<category><![CDATA[Monetary Policy]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Credit Policy]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Policy]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Repo Rate]]></category>
		<category><![CDATA[Repo Rate]]></category>
		<category><![CDATA[reserve bank of india]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktikanta Das]]></category>
		<category><![CDATA[SLR]]></category>
		<category><![CDATA[आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी]]></category>
		<category><![CDATA[आरबीआई रेपो रेट]]></category>
		<category><![CDATA[ईएमआई]]></category>
		<category><![CDATA[एसएलआर]]></category>
		<category><![CDATA[ऑटो लोन]]></category>
		<category><![CDATA[जीडीपी]]></category>
		<category><![CDATA[ब्याज दर]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[महंगाई]]></category>
		<category><![CDATA[रिजर्व बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[रिजर्व बैंक क्रेडिट पॉलिसी]]></category>
		<category><![CDATA[रिजर्व बैंक पॉलिसी]]></category>
		<category><![CDATA[रेपो रेट]]></category>
		<category><![CDATA[शक्तिकांता दास]]></category>
		<category><![CDATA[सीआरआर]]></category>
		<category><![CDATA[होम लोन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=31102</guid>

					<description><![CDATA[मुम्बई । भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने गुरुवार को ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला लिया है। तीन जून से छह जून तक चली एमपीसी की बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की गई है। रेपो रेट की दर मौजूदा 6 फीसदी से घटकर 5.75 फीसदी कर ... <a title="एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, जानिए कर्जधारकों को EMI में कैसे और कितना मिलेगा फायदा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mpc-cuts-the-repo-rate-0-25-know-how-and-how-much-will-the-borrowers-get-in-emi-news/" aria-label="Read more about एमपीसी ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, जानिए कर्जधारकों को EMI में कैसे और कितना मिलेगा फायदा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="" src="https://img.timesnownews.com/story/1559801804-RBI_Governor_Shaktikanta_Das.jpg?d=600x450" alt="RBI Credit Policy" width="880" height="660" /></p>
<div>मुम्बई । भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) ने गुरुवार को ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला लिया है। तीन जून से छह जून तक चली एमपीसी की बैठक में रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की गई है। रेपो रेट की दर मौजूदा 6 फीसदी से घटकर 5.75 फीसदी कर दी गई है। हालांकि केन्द्रीय बैंक ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर को घटाकर सरकार को झटका दिया है। बेरोजगारी और मंहगाई के मोर्चे पर भी सरकार को ठोस कदम उठाने की नसीहत दी है।</div>
<div></div>
<div>
<div>रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मौद्रिक समीक्षा बैठक में 0.25 बेस प्&#x200d;वाइंट की कटौती की गई है। मौजूदा सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक थी। आरबीआई की पिछली दो बैठकों में भी एमपीसी सदस्यों ने रेपो रेट में क्रमश: 0.25  फीसदी की कटौती करने का फैसला किया था। जून में लगातार तीसरी बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट घटाया है। रिजर्व बैंक के इतिहास में पहली बार हुआ है जब आरबीआई गवर्नर की नियुक्&#x200d;ति के बाद लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कमी आई है। पिछले साल दिसम्बर महीने में आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्&#x200d;तीफे के बाद शक्तिकांता दास को सरकार ने गवर्नर नियुक्&#x200d;त किया था।</div>
<div></div>
<div>उल्लेखनीय है कि  30 मई को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश की जीडीपी की ग्रोथ घटकर 5 साल के निचले स्तर पर आ गई है। इसके साथ ही निवेश में कमी आई है। ऑटो सेक्टर की डिमांड कम होने से जीडीपी में कमी आई है। आरबीआई ने अप्रैल 2019 के द्वि-मासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद सीपीआई मुद्रास्फीति की अनुमानित दर वित्त वर्ष 2018-19 के आखिरी तिमाही के लिए 2.4 फीसदी का अनुमान लगाया है। जबकि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही के लिए 2.9-3.0 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही के लिए 3.5-3.8 प्रतिशत का अनुमान लगाया है।</div>
<div></div>
<div>आरबीआई ने संभावना जताई है कि कंजम्पशन घटने से देश की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ धीमी हो सकती है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2020 के लिए जीडीपी ग्रोथ घटाकर 7.1 फीसदी कर दिया है। अपने पिछले पॉलिसी रिव्यू में आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था। मुद्रास्फीति (इनफ्लेशन) के मामले में आरबीआई ने कहा है कि इस बार सरकार को राहत है। महंगाई दर 4 फीसदी मीडियम टर्म टारगेट के नीचे है।</div>
</div>
<div></div>
<div>
<table>
<tbody>
<tr>
<td>लोन की कुल राशि</td>
<td>30,00,000 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>लोन चुकाने का समय</td>
<td>20 साल</td>
</tr>
<tr>
<td>मौजूदा ब्याज दर</td>
<td>8.6 पर्सेंट</td>
</tr>
<tr>
<td>ईएमआई</td>
<td>26,225 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>नई ब्याज दर</td>
<td>8.35 फीसदी</td>
</tr>
<tr>
<td>नई ईएमआई</td>
<td>25,751 रुपये</td>
</tr>
<tr>
<td>ईएमआई में कुल राहत</td>
<td>474 रुपये मासिक</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
<div>
<div></div>
<div></div>
<div>इसके   साथ केंद्रीय बैंक ने स्मॉल फाइनेंस सेक्टर की बैंकों के लिए अगस्त 2019 तक नए दिशा निर्देश जारी करने की बात कही है। आरबीआई मुख्यालय में आयोजित तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में एमपीसी के सभी सदस्य डॉ. चेतन घाटे, डॉ. पामी दुआ, डॉ. रवींद्र एच. ढोलकिया, डॉ. माइकल देवव्रत पात्रा, डॉ. विरल वी. आचार्य और गवर्नर शक्तिकांता दास मौजूद थे। सर्वसम्मति से पॉलिसी रेपो दर को 25 बेसिस पॉइंट कम करने फैसला किया गया।</div>
</div>
<div></div>
<div>
<p><b>ऑनलाइन ट्रांजेक्&#x200d;शन करने वालों को तोहफा</b></p>
<p>इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजेक्&#x200d;शन करने वालों को भी आरबीआई की बैठक से खुशखबरी मिली है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने RTGS और NEFT लेनदेन पर लगाए गए शुल्क को हटा दिया है. इसका मतलब यह हुआ कि अब RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजेक्&#x200d;शन करने वाले लोगों को किसी भी तरह का एक्&#x200d;स्&#x200d;ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।</p>
</div>
<p><b>क्&#x200d;या है RTGS और NEFT</b></p>
<p>रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम के तहत मनी ट्रांसफर का काम तुरंत होता है. आरटीजीएस का उपयोग मुख्यत: बड़ी राशि को ट्रांसफर करने के लिए होता है। इसके तहत न्यूनतम 2 लाख रुपये भेजे जा सकते हैं और अधिकतम राशि भेजने की कोई सीमा नहीं है. अलग-अलग बैंकों का आरटीजीएस चार्ज अमाउंट के हिसाब से अलग-अलग होता है.वहीं नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) में ट्रांसफर के लिए न्यूनतम और अधिकतम पैसे की सीमा नहीं है. यह चार्ज भी अमाउंट के हिसाब से बढ़ता जाता है।</p>
<p><b>ATM ट्रांजेक्&#x200d;शन चार्ज पर भी जल्&#x200d;द फैसला संभव</b></p>
<p>RBI की ओर से एटीएम ट्रांजेक्&#x200d;शन चार्ज को लेकर भी बड़े फैसले लेने के संकेत दिए गए हैं। केंद्रीय बैंक ने बैठक में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया है।  इस समिति के जरिए ATM शुल्क से जुड़े मामलों की समीक्षा की जाएगी। यह समिति अपनी पहली बैठक के दो महीने के भीतर अपनी सिफारिशें आरबीआई को बताएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने पदभार संभाला,  नोटबंदी के दौरान आर्थिक मामलों के थे सचिव</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/new-rbi-governor-shakti-dak-took-over/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Dec 2018 11:20:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[बिज़नेस]]></category>
		<category><![CDATA[new RBI Governor]]></category>
		<category><![CDATA[rbi]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Governor]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktikanta Das RBI governor]]></category>
		<category><![CDATA[urjit patel]]></category>
		<category><![CDATA[Who is Shaktikanta Das]]></category>
		<category><![CDATA[आरबीआई]]></category>
		<category><![CDATA[उर्जित पटेल]]></category>
		<category><![CDATA[रिजर्व बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[रिजर्व बैंक के नए गवर्नर]]></category>
		<category><![CDATA[शक्तिकांता दास]]></category>
		<category><![CDATA[शक्तिकांता दास कौन है]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=17938</guid>

					<description><![CDATA[मुंबई. पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांता दास ने आज रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर का पदभार सँभाल लिया है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे के बाद मंगलवार को श्री दास को इस पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने एक ट्वीट कर बताया “रिजर्व ... <a title="नए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने पदभार संभाला,  नोटबंदी के दौरान आर्थिक मामलों के थे सचिव" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/new-rbi-governor-shakti-dak-took-over/" aria-label="Read more about नए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने पदभार संभाला,  नोटबंदी के दौरान आर्थिक मामलों के थे सचिव">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई. पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं आर्थिक मामलों के विभाग के पूर्व सचिव शक्तिकांता दास ने आज रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर का पदभार सँभाल लिया है।</p>
<p><img decoding="async" class="" src="https://ansrepo.s3.eu-central-1.amazonaws.com/nayaindia/image_20181211190025.jpg" alt="Image result for à¤¶à¤à¥à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤à¤¤à¤¾ à¤¦à¤¾à¤¸" width="968" height="553" /></p>
<ul>
<li>आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफे के बाद मंगलवार को श्री दास को इस पद पर नियुक्त किया गया था।</li>
<li>उन्होंने एक ट्वीट कर बताया “रिजर्व बैंक के गवर्नर का पदभार सँभाल लिया। आपकी शुभकामनाओं के लिए सभी का धन्यवाद।”श्री दास की नियुक्ति तीन साल के लिए की गयी है।</li>
<li>वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1980 बैच के तमिलनाडु कैडर के अधिकारी थे और नोटबंदी के दौरान वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के सचिव रहे रहे थे।</li>
<li>उन्हें 15 वें वित्त आयोग का सदस्य और जी 20 में भारत के शेरपा भी नियुक्त किया गया था। वर्ष 2016 में उन्हें आर्थिक मामलों का सचिव बनाया गया था।</li>
<li>वह केंन्द्रीय उर्वरक सचिव रहने के साथ ही तमिलनाडु सरकार के कई प्रमुख पदों पर भी रहे हैं।उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने व्यक्तिगत कारण से सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।</li>
<li>केन्द्रीय बैंक में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ने के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य के बयान के बाद से रिजर्व बैंक और सरकार के बीच तनाव चल रहा था और श्री पटेल के गत 19 नवंबर को केन्द्रीय बोर्ड की बैठक के दौरान ही इस्तीफा देने की आशंका जतायी जा रही थी।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-05-29 17:57:19 by W3 Total Cache
-->