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	<title>Anna cattle &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>फतेहपुर : अन्ना मवेशियो से तंग आकर किसानों ने उठाया बड़ा कदम</title>
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		<pubDate>Mon, 04 Sep 2023 10:19:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दैनिक भास्कर ब्यूरो फतेहपुर । चौडगरा में मलवां विकासखंड के आशापुर अभयपुर गांव के किसान अन्ना मवेशियों द्वारा फसलें चट करने से परेशान है। इन गांव के काश्तकारों की अधिकतर खेती तराई क्षेत्र में है। करीब 90 प्रतिशत फसलें बाढ़ से नष्ट हो चुकी है। बांगर क्षेत्र में बची फसलों को बचाने के लिए किसानों ... <a title="फतेहपुर : अन्ना मवेशियो से तंग आकर किसानों ने उठाया बड़ा कदम" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/fatehpur-fed-up-with-anna-cattle-farmers-took-a-big-step-news-in-hindi/" aria-label="Read more about फतेहपुर : अन्ना मवेशियो से तंग आकर किसानों ने उठाया बड़ा कदम">Read more</a>]]></description>
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<p>दैनिक भास्कर ब्यूरो</p>



<p>फतेहपुर । चौडगरा में मलवां विकासखंड के आशापुर अभयपुर गांव के किसान अन्ना मवेशियों द्वारा फसलें चट करने से परेशान है। इन गांव के काश्तकारों की अधिकतर खेती तराई क्षेत्र में है। करीब 90 प्रतिशत फसलें बाढ़ से नष्ट हो चुकी है। बांगर क्षेत्र में बची फसलों को बचाने के लिए किसानों के द्वारा कैटल वाहन में अन्ना मवेशियों को लादकर निकटवर्ती गौशाला पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इस दौरान अन्ना मवेशियों को लादने में कोई अनुभवी न होने के कारण उनको जबरदस्ती बुरी तरह से वाहन में लादा जाता है जिससे वह चोटहिल भी हो जाते हैं।</p>



<p>अन्ना मवेशियों को गौशाला तक पहुंचाने के लिए नहीं है वाहन</p>



<p>आसपास संचालित चार गौशालाओं में अन्ना मनवेशियों को ले जाने के लिए कैटिल गाड़ी नहीं है। ग्रामीणों ने कानपुर नगर के ब्लॉक सरसौल गौशाला से कैटिल गाड़ी मंगवाई है। अन्ना मवेशियों को पकड़ने के लिए सम्बन्धित कर्मचारी तथा स्थानीय ग्रामीण मिलकर इस अभियान को अंजाम दे रहे हैं। इन मवेशियों को कानपुर नगर की सरसौल गौशाला ले जाया जाएगा। शनिवार को अन्ना मवेशियों से फसलें बचाने के लिए किसान अभियान के तहत जुटे रहे। पूर्व ग्राम प्रधान राजेश सिंह चौहान के साथ गांव के लोगों ने भरपूर सहयोग किया।</p>
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		<title>बांदा : अन्ना मवेशियों से निजात न मिली तो किसान करेंगे जल सत्याग्रह</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/banda-if-anna-does-not-get-rid-of-cattle-farmers-will-do-water-satyagraha-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Mar 2023 11:29:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[दैनिक भास्कर न्यूज बांदा। प्रदेश की योगी सरकार भले ही अन्ना मवेशियों को संरक्षित करने और किसानों को अन्ना प्रथा से निजात दिलाने के तमाम दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से ठीक उलट ही हैं। खेतों से लेकर सड़कों तक अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी और उनके परेशान किसानों व वाहन चालकों ... <a title="बांदा : अन्ना मवेशियों से निजात न मिली तो किसान करेंगे जल सत्याग्रह" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/banda-if-anna-does-not-get-rid-of-cattle-farmers-will-do-water-satyagraha-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बांदा : अन्ना मवेशियों से निजात न मिली तो किसान करेंगे जल सत्याग्रह">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1141" height="695" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/10bp02.jpeg" alt="" class="wp-image-331637" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/10bp02.jpeg 1141w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/10bp02-768x468.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1141px) 100vw, 1141px" /></figure>



<p>दैनिक भास्कर न्यूज</p>



<p>बांदा। प्रदेश की योगी सरकार भले ही अन्ना मवेशियों को संरक्षित करने और किसानों को अन्ना प्रथा से निजात दिलाने के तमाम दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से ठीक उलट ही हैं। खेतों से लेकर सड़कों तक अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी और उनके परेशान किसानों व वाहन चालकों की समस्या जगह जगह देखने को मिल जाती है। हालांकि सरकारी तंत्र ने गांव-गांव स्थाई-अस्थाई गौशाला स्थापित करके गाैवंश को संरक्षित करने का प्रयास किया है, लेकिन गौशालाएं भी सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार का शिकार होकर दम तोड़ रही हैं और वहीं गौवंश दर-दर भटक कर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। कहीं गौवंश बीमारी और भूख से दम तोड़ रहा है, तो कहीं गौशालाओं में अव्यवस्था के चलते जानवरों की हालत खराब है।</p>



<p>किसानों ने डीएम से लगाई गुहार, अन्ना मवेशियों से दिलाई जाए निजात</p>



<p>ऐसा ही एक मामला पैलानी तहसील के अलोना गांव का सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करके जल सत्याग्रह आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब दो हजार हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य जमीन है, लेकिन अन्ना मवेशियों के दंश के चलते करीब एक दशक से आधी भूमि परती पड़ी है, जबकि जिस खेत में फसल बोई गई है, वह भी 60 फीसदी तक अन्ना मवेशियों से बर्बाद कर दिया है। ऐसे में किसान की मेहनत पर पानी फिर जाता है और किसान बर्बादी की कगार पर पहुंचता जा रहा है। कई बार शासन प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई लोग अन्ना मवेशियों के हमले से घायल भी हो चुके हैं।</p>



<p>पैलानी तहसील के अलोना के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किया धरना प्रदर्शन</p>



<p>किसानों ने अन्ना प्रथा से निजात दिलाने के लिए शासन या एनजीओ से संचालित स्थाई गौशला स्थापित कराने और जंगली गौवंशों को पकड़ कर गौशाला में संरक्षित कराने की मांग बुलंद की है। कहा है कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो गांव के किसान गांव के बस स्टैंड में आगामी 17 मार्च से कृषि कार्याें का बहिष्कार करते हुए तीन दिवसीय भूख हड़ताल करने को विवश होंगे। </p>



<p>इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर किसान केन नदी में जल सत्याग्रह और जल समाधि लेने का काम करेंगे। इस मौके पर अंकुर सोनी, कमला सिंह गौर, पुष्पेंद्र सिंह, योगेंद्र कुमार, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनिरुद्ध गुप्ता, अर्जुन सिंह, भरत सिंह, मुलायम सिंह, श्यामू पाल, रामबाबू पाल, चंद्रशेखर यादव, राहुल सिंह, विकास सिंह, रामसिया समेत करीब आधा सैकड़ा किसान शामिल रहे।</p>
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		<title>फतेहपुर : अन्ना मवेशियों को टैग काटकर छोड़ रहे हैं पशु पालक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Apr 2022 06:05:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भास्कर ब्यूरो बकेवर/फतेहपुर । टैग युक्त जानवरो को भी लोग टैग काट कर छोड़ रहे है। मामला देवमई विकासखण्ड के मुसाफा ग्राम पंचायत का है। एक ओर सड़कों को निराश्रित मवेशियों से मुक्त करने का दबाव तो दूसरी ओर नेताओं व अधिकारियों से मांग है कि निराश्रित पशु किसी सरकार की देन नहीं बल्कि यह ... <a title="फतेहपुर : अन्ना मवेशियों को टैग काटकर छोड़ रहे हैं पशु पालक" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/fatehpur-animal-keepers-are-leaving-anna-cattle-by-cutting-tags-news-in-hindi/" aria-label="Read more about फतेहपुर : अन्ना मवेशियों को टैग काटकर छोड़ रहे हैं पशु पालक">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="720" height="406" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/04/Screenshot_2022-04-07-18-54-27-02.jpg" alt="" class="wp-image-188426" /></figure>



<p><strong>भास्कर ब्यूरो</strong></p>



<p><strong>बकेवर/फतेहपुर । </strong>टैग युक्त जानवरो को भी लोग टैग काट कर छोड़ रहे है। मामला देवमई विकासखण्ड के मुसाफा ग्राम पंचायत का है। एक ओर सड़कों को निराश्रित मवेशियों से मुक्त करने का दबाव तो दूसरी ओर नेताओं व अधिकारियों से मांग है कि निराश्रित पशु किसी सरकार की देन नहीं बल्कि यह मवेशी खुद उन पशुपालन करने वाले लोगो के है जिन्होंने उन पशुओं को आवारा बना दिया है। आज सड़को पर जो मवेशी घूमते नजर आते है उसमें सबसे बड़ा कारण उन जानवरो पर लगे टैग को काटकर छोड़ा जा रहा है।</p>



<p><strong>कान में पड़े टैग से पशुपालक का आसानी से लगा सकते हैं पता</strong></p>



<p>आवारा मवेशियों से कई बार सड़क पर हादसे होते रहते है। लेकिन सरकार इस पर कोई स्थायी हल नही निकाल पा रही है। पशुओं के कान में पड़े टैग से अब उसके मालिक का पता आसानी से चल जाएगा। सरकार की ओर से आधार की तरह सभी पशुओं को भी 12 डिजिट की विशिष्ट पहचान संख्या दी जा रही है।</p>



<p>इससे पशु चोरी या गुम होने पर तो उसका तुरंत पता चल जाएगा। साथ ही अगर किसी ने पशु को सड़क पर छोड़ रखा है तो इससे उसका पता लगाया जा सकेगा। इस विशिष्ट पहचान संख्या के जरिए ही पशुओं का टीकाकरण व अन्य सुविधाएं पशुपालकों को दी जा सकेंगी लेकिन इसके बावजूद भी अन्ना जानवरों पर लगाम नही लग पा रही है।</p>
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