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	<title>audit report &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>पीलीभीत : आयुक्त ग्राम्य विकास ने तलब की ऑडिट रिपोर्ट, सात बीडीओ का रोका वेतन</title>
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		<pubDate>Tue, 22 Aug 2023 06:11:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[दैनिक भास्कर ब्यूरो पीलीभीत। विगत कई बरसों से ऑडिट रिपोर्ट में खेल करते आ रहे अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू होने से हड़कम्प मचा है। आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश के सख्त रवैया के चलते जिला विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों के साथ आंकिक का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा एक सप्ताह के अंदर ... <a title="पीलीभीत : आयुक्त ग्राम्य विकास ने तलब की ऑडिट रिपोर्ट, सात बीडीओ का रोका वेतन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/pilibhit-commissioner-rural-development-summoned-audit-report-salary-of-seven-bdos-withheld-news-in-hindi/" aria-label="Read more about पीलीभीत : आयुक्त ग्राम्य विकास ने तलब की ऑडिट रिपोर्ट, सात बीडीओ का रोका वेतन">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/download.png" alt="" class="wp-image-389250" width="842" height="842" /></figure>



<p>दैनिक भास्कर ब्यूरो</p>



<p>पीलीभीत। विगत कई बरसों से ऑडिट रिपोर्ट में खेल करते आ रहे अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू होने से हड़कम्प मचा है। आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश के सख्त रवैया के चलते जिला विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों के साथ आंकिक का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। ब्लॉक स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की ऑडिट रिपोर्ट में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। जनपद के सातों विकास खंडों में विगत वर्ष 2010- 11 से 2015-16 में हुए विकास कार्यों की ऑडिट रिपोर्ट पर अधिकारी फंसते दिखाई दे रहे हैं।</p>



<p>वित्तीय वर्ष 2010-16 तक के विकास कार्यों के ऑडिट में फंसा मामला</p>



<p>बता दें कि आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तर प्रदेश शासन से लगातार पत्राचार के बाद भी अधिकारियों ने लेखा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। पूरे मामले पर आयुक्त ग्राम्य विकास ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए रोष प्रकट किया, इसके बाद जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह ने जनपद के सातों विकास खंड में कार्रवाई का लेटर जारी कर दिया है। इतना ही नहीं सभी बीडीओ व आंकिक का अगस्त माह के वेतन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सभी अकाउंटेंट और अधिकारियों में खलबली मची हुई है। जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह की ओर से की गई कार्रवाई में विकासखंड पूरनपुर, बीसलपुर, बिलसंडा, अमरिया, बरखेड़ा, ललौली खेड़ा, मरौरी के बीडीओ व अकाउंटेंट शामिल है।</p>



<p>कई अधिकारी बदले, पर नहीं भेजी लेखा रिपोर्ट</p>



<p>वर्ष 2010-11 से 2015-16 की लेखा रिपोर्ट के लिए शासन की शक्ति के बाद अब अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। इससे पहले लेखा रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेशों को लगातार नजरअंदाज किया गया और इस बीच कई अधिकारी बदले। लेकिन आयुक्त ग्राम विकास उत्तर प्रदेश शासन को ऑडिट आख्या प्रस्तुत नहीं की गई। ब्लॉक स्तर पर क्षेत्र पंचायत निधि, सांसद निधि और विधायक निधि से होने वाले करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की ऑडिट रिपोर्ट पर लगातार खाना पूरी होने के बाद अब मामला विभाग में ही फंसता दिखाई दे रहा है।</p>
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		<title>गायों के चारा का पैसा खा गये अधिकारी, CAG ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल</title>
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		<pubDate>Sat, 12 Mar 2022 12:15:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। नगर निगम में तय राशि से महंगे दर पर कान्हा उपवन के जानवरों के लिए चारा खरीदने का मामला सामने आया है।CAG ऑडिट रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ऑडिट में सवाल खड़ा किया गया है कि चोकर और भूसा खरीद पर ठेकेदार को 29.04 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। ... <a title="गायों के चारा का पैसा खा गये अधिकारी, CAG ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/officers-ate-money-for-cows-fodder-cag-audit-report-uncovered-news-in-hindi/" aria-label="Read more about गायों के चारा का पैसा खा गये अधिकारी, CAG ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल">Read more</a>]]></description>
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<p></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1800" height="1800" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/1605943253.jpg" alt="" class="wp-image-178434" /></figure>



<p><strong>लखनऊ।</strong> नगर निगम में तय राशि से महंगे दर पर कान्हा उपवन के जानवरों के लिए चारा खरीदने का मामला सामने आया है।CAG ऑडिट रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। ऑडिट में सवाल खड़ा किया गया है कि चोकर और भूसा खरीद पर ठेकेदार को 29.04 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया है। अब इसके बाद शासन की तरफ से नगर निगम अधिकारियों से जवाब भी मांग लिया गया है। हालांकि अधिकारी इसको गलत करार दे रहे हैं।</p>



<p><strong>2018-2019 में चारा का कराया गया था टेंडर</strong></p>



<p>लखनऊ का कान्हा उपवन पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर माना जाता है। बीजेपी सरकार से पहले से यहां पर 10 हजार से ज्यादा गायों के रहने और उनके खाने का इंतजाम है। ऑडिट में बताया गया है कि चारा के लिए 2018-2019 में टेंडर कराया गया था।</p>



<p>उस दौरान भूसे की दर करीब 500 रुपए तथा चोकर की दर 1850 रुपए कुंतल तय हुआ था। संबंधित फॅर्म के ठेकेदार ने उसी हिसाब से वर्क ऑर्डर भी जारी किया था। लेकिन ऑडिट के अनुसार ठेकेदार को अधिक दर से भुगतान किया गया, जिससे विभाग को 29.04 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा है। अब इसी आधार पर शासन से जवाब मांगा गया है।</p>



<p><strong>जाना-माना लखनऊ का कान्हा उपवन</strong></p>



<p>लखनऊ का कान्हा उपवन काफी बेहतर और आधुनिक सुविधाओं वाला माना जाता है। यहां नेता से लेकर हाईकोर्ट के जज तक व्यवस्था देखने के लिए आते हैं। रोजाना करीब 10 से 11 हजार गाय और बछड़ों का खाना नगर निगम की तरफ से दिया जाता है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा जब लखनऊ के मेयर थे तो उन्होंने यह व्यवस्था शुरू की थी। उसके बाद आने वाली सभी सरकार ने इसके विकास पर ध्यान दिया था।</p>



<p><strong>आरोप है कि गड़बड़ी नहीं हुई</strong></p>



<p>इस मामले में नगर निगम के संयुक्त निदेशक डॉ. एके राव का कहना है कि चारा खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया हमेशा अपनाई जाती है। सीएजी की तरफ से कोई आपत्ति लगाई गई है, उसका जवाब शासन को दे दिया गया है, विभाग की तरफ से कोई गड़बड़ी नहीं की गई है।</p>
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