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	<title>auspicious time &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>सदियों का इंतजार होगा खत्म : भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा की आ गई शुभ घड़ी, जानें कब विराजमान होंगे ‘रामलला’</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/the-wait-of-centuries-will-end-the-auspicious-moment-has-come-for-the-consecration-of-lord-rams-life-know-when-ramlala-will-be-seated-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Nov 2023 07:21:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दैनिक भास्कर ब्यूरो , अयोध्या। 22 जनवरी को दोपहर 12:20 पर रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होगी 48 मिनट का यह शुभ मुहूर्त दोपहर 11:36 से 12:24 तक है पीएम नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। रविवार को संघ परिवार की बैठक हुई बैठक में उपयोग जानकारी दी गई अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए ... <a title="सदियों का इंतजार होगा खत्म : भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा की आ गई शुभ घड़ी, जानें कब विराजमान होंगे ‘रामलला’" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-wait-of-centuries-will-end-the-auspicious-moment-has-come-for-the-consecration-of-lord-rams-life-know-when-ramlala-will-be-seated-news-in-hindi/" aria-label="Read more about सदियों का इंतजार होगा खत्म : भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा की आ गई शुभ घड़ी, जानें कब विराजमान होंगे ‘रामलला’">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/34af718be69cf817b22810e3019ff4e61669382944361575_original.webp" alt="" class="wp-image-423915" width="840" height="631" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दैनिक भास्कर ब्यूरो ,</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अयोध्या। 22 जनवरी को दोपहर 12:20 पर रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होगी 48 मिनट का यह शुभ मुहूर्त दोपहर 11:36 से 12:24 तक है पीएम नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। रविवार को संघ परिवार की बैठक हुई बैठक में उपयोग जानकारी दी गई अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए इस अभियान को कई चरणों में बांटकर तैयारी की जा रही हैं प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ संचालक डॉ मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे प्राण प्रतिष्ठा समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगा प्राण प्रतिष्ठा से पहले सरयू पूजन करके उसके जल से रामलाल का अभिषेक किया जाएगा।  </p>



<p class="wp-block-paragraph">फिर उन्हें रथ पर नगर भ्रमण कराया जाएगा इससे पहले रामलाल की मूर्ति को जल फल और अन्य के बीच में एक-एक दिन रखा जाएगा, 9 दिवसीय समारोह के लिए श्री राम यंत्र की स्थापना की जाएगी कार्यक्रम के समापन के बाद इसे सरयू नदी में विसर्जित कर दिया जाएगा समारोह में हवन के लिए 9 कुंड बनाए गए हैं पूरा कार्यक्रम काशी के विद्वानों की देखरेख में संपन्न होगा रामलाल के पुजारी के संबंध में बताया जाता है रामलाल के पुजारी वही होंगे जिनका जन्म अयोध्या में हुआ है पुजारी को जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है अभी तक पहले से चली आ रही परंपरा के अनुसार रामलाल की पूजा होती थी अब मंदिर के निर्माण और राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद यह सब नए सिरे तय किया जा रहा है। पुरानी व्यवस्था के अनुसार अभी तक रामलाल के पूजन के लिए एक मुख्य पुजारी और 4 सहायक पुजारी होते हैं अब इनकी संख्या में भी बदलाव किया जा सकता है इसके साथ ही राम जन्मभूमि परिसर में बनने वाले अन्य मंदिरों के लिए भी पुजारी की नियुक्त की जानी है इसके लिए सबसे अधिक वैदिक छात्रों का चयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">22 जनवरी को दोपहर 12:20 पर रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा होगी 48 मिनट का यह शुभ मुहूर्त दोपहर 11:36 से 12:24 तक है पीएम नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। रविवार को संघ परिवार की बैठक हुई बैठक में उपयोग जानकारी दी गई अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए इस अभियान को कई चरणों में बांटकर तैयारी की जा रही हैं प्राण प्रतिष्ठा आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ संचालक डॉ मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे प्राण प्रतिष्ठा समारोह 16 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगा प्राण प्रतिष्ठा से पहले सरयू पूजन करके उसके जल से रामलाल का अभिषेक किया जाएगा फिर उन्हें रथ पर नगर भ्रमण कराया जाएगा इससे पहले रामलाल की मूर्ति को जल फल और अन्य के बीच में एक-एक दिन रखा जाएगा।  </p>



<p class="wp-block-paragraph">9 दिवसीय समारोह के लिए श्री राम यंत्र की स्थापना की जाएगी कार्यक्रम के समापन के बाद इसे सरयू नदी में विसर्जित कर दिया जाएगा समारोह में हवन के लिए 9 कुंड बनाए गए हैं पूरा कार्यक्रम काशी के विद्वानों की देखरेख में संपन्न होगा रामलाल के पुजारी के संबंध में बताया जाता है रामलाल के पुजारी वही होंगे जिनका जन्म अयोध्या में हुआ है पुजारी को जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है अभी तक पहले से चली आ रही परंपरा के अनुसार रामलाल की पूजा होती थी अब मंदिर के निर्माण और राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के बाद यह सब नए सिरे तय किया जा रहा है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">पुरानी व्यवस्था के अनुसार अभी तक रामलाल के पूजन के लिए एक मुख्य पुजारी और 4 सहायक पुजारी होते हैं अब इनकी संख्या में भी बदलाव किया जा सकता है इसके साथ ही राम जन्मभूमि परिसर में बनने वाले अन्य मंदिरों के लिए भी पुजारी की नियुक्त की जानी है इसके लिए सबसे अधिक वैदिक छात्रों का चयन प्रशिक्षण के लिए किया गया है</p>



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		<title>दीपावली की पूजा के लिए मुहूर्त का रखे खास ध्यान, जानिए विधि-विधान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Nov 2023 11:56:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[auspicious time]]></category>
		<category><![CDATA[Deepawali]]></category>
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					<description><![CDATA[कल दीपावली है। इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए 6 मुहूर्त हैं, जो दोपहर 1.15 से रात 2.32 तक रहेंगे। इनमें हर वर्ग के लोग (घर, दुकान, ऑफिस और कारखाने में) अपने हिसाब से खास मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। दीपावली पर कई ऐसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो लक्ष्मी पूजन से ... <a title="दीपावली की पूजा के लिए मुहूर्त का रखे खास ध्यान, जानिए विधि-विधान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/pay-special-attention-to-the-auspicious-time-for-diwali-worship-know-the-rules-and-regulations-news-in-hindi/" aria-label="Read more about दीपावली की पूजा के लिए मुहूर्त का रखे खास ध्यान, जानिए विधि-विधान">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-202.png" alt="" class="wp-image-421302" width="844" height="474" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-202.png 730w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-202-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 844px) 100vw, 844px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कल दीपावली है। इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए 6 मुहूर्त हैं, जो दोपहर 1.15 से रात 2.32 तक रहेंगे। इनमें हर वर्ग के लोग (घर, दुकान, ऑफिस और कारखाने में) अपने हिसाब से खास मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। दीपावली पर कई ऐसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो लक्ष्मी पूजन से लेकर नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ रहेंगे। दीपावली पर आठ शुभ योग बन रहे हैं। इनमें पांच राजयोग और अन्य 3 शुभ योग रहेंगे। ऐसा संयोग पिछले 700 साल में नहीं बना।</p>



<p class="wp-block-paragraph">समृद्धिदायक अष्टमहायोग में लक्ष्मी पूजन</p>



<p class="wp-block-paragraph">दीपावली पर गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के पांच राजयोग बन रहे हैं। जो शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु की स्थिति से बनेंगे। इनके अलावा महालक्ष्मी, आयुष्मान और सौभाग्य भी बन रहे हैं। लक्ष्मी पूजा के वक्त ऐसा संयोग सदियों में बना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उद्योगपति-व्यापारियों के लिए शुभ</p>



<p class="wp-block-paragraph">दीपावली पर बन रहे शुभ योग उद्योगपति और व्यापारियों के लिए बेहद शुभ माने जा रहे हैं। आज बन रही ग्रह-स्थिति समृद्धि देने वाली होगी। जिससे दूरसंचार, शेयर मार्केट, सर्राफा, कपड़ा, तेल और लोहे से जुड़े मशीनरी काम करने वालों को फायदा होगा। चंद्रमा और बुध राहु-शनि के नक्षत्र में रहेंगे। जिससे उद्योग और टेली-कम्युनिकेशन फील्ड वालों के लिए बड़े बदलाव वाला समय रहेगा और उम्मीद से ज्यादा मिलने के भी योग बनेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पुराणों में दीपावली का जिक्र</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्कंद और पद्म पुराण के मुताबिक इस दिन दीपदान करना चाहिए। ब्रह्म पुराण कहता है कि कार्तिक अमावस्या की आधी रात में लक्ष्मी अच्छे लोगों के घर आती हैं इसलिए घर की सफाई और सजावट के बाद दीपावली मनाने की परंपरा है। श्रीमद्भागवत और विष्णुधर्मोत्तर पुराण के मुताबिक समुद्र मंथन से कार्तिक महीने की अमावस्या पर लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसके बाद लक्ष्मी पूजन की परंपरा शुरू हुई। ब्रह्म पुराण की कथा के मुताबिक महाराज पृथु ने पृथ्वी दोहन कर इसे धन-धान्य से समृद्ध बनाया, इसलिए दीपावली मनाते हैं। मार्कंडेय पुराण कहता है, जब धरती पर सिर्फ अंधेरा था तब एक तेज प्रकाश के साथ कमल पर बैठी देवी प्रकट हुईं। वो लक्ष्मी थीं। उनके प्रकाश से ही संसार बना इसलिए इस दिन लक्ष्मी पूजा की परंपरा हैं। वहीं, श्रीराम के अयोध्या लौटने के स्वागत में दीपावली मनाने की परंपरा है।</p>
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		<title>700 साल बाद दीवाली पर बना ये 5 राजयोग, जानिए किस मुहूर्त में माता लक्ष्मी जी की होगी पूजा-अर्चना</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/these-5-rajyoga-formed-on-diwali-after-700-years-know-in-which-time-goddess-lakshmi-ji-will-be-worshipped-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Nov 2023 07:53:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[12 नवंबर 2023 रविवार के दिन दीवाली का पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन 700 साल बाद 5 राजयोग, 3 शुभ योग, और 1 सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में माता लक्ष्मी जी की पूजा होगी। यानी कुल 8 दुर्लभ संयोग और एक मुहूर्त में पूजा करने से स्थायी रूप से घर में ... <a title="700 साल बाद दीवाली पर बना ये 5 राजयोग, जानिए किस मुहूर्त में माता लक्ष्मी जी की होगी पूजा-अर्चना" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/these-5-rajyoga-formed-on-diwali-after-700-years-know-in-which-time-goddess-lakshmi-ji-will-be-worshipped-news-in-hindi/" aria-label="Read more about 700 साल बाद दीवाली पर बना ये 5 राजयोग, जानिए किस मुहूर्त में माता लक्ष्मी जी की होगी पूजा-अर्चना">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-165.png" alt="" class="wp-image-420754" width="841" height="562" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">12 नवंबर 2023 रविवार के दिन दीवाली का पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन 700 साल बाद 5 राजयोग, 3 शुभ योग, और 1 सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में माता लक्ष्मी जी की पूजा होगी। यानी कुल 8 दुर्लभ संयोग और एक मुहूर्त में पूजा करने से स्थायी रूप से घर में माता लक्ष्मी जी का वास होगा, इसके लिये स्थिर लग्न में पूजा करना भी उत्तम माना गया है।   </p>



<p class="wp-block-paragraph">दीपावली 12 नवंबर को है। इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए 6 मुहूर्त हैं, जो दोपहर 1.15 से रात 2.32 तक रहेंगे। इनमें हर वर्ग के लोग (घर, दुकान, ऑफिस और कारखाने में) अपने हिसाब से खास मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। इस बार दीपावली पर कई ऐसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो लक्ष्मी पूजन से लेकर नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ रहेंगे। दीपावली पर आठ शुभ योग बन रहे हैं। इनमें पांच राजयोग और अन्य 3 शुभ योग रहेंगे। ऐसा संयोग पिछले 700 साल में नहीं बना।</p>



<p class="wp-block-paragraph">समृद्धिदायक अष्टमहायोग में लक्ष्मी पूजन</p>



<p class="wp-block-paragraph">दीपावली पर गजकेसरी, हर्ष, उभयचरी, काहल और दुर्धरा नाम के पांच राजयोग बन रहे हैं। जो शुक्र, बुध, चंद्रमा और गुरु की स्थिति से बनेंगे। इनके अलावा महालक्ष्मी, आयुष्मान और सौभाग्य भी बन रहे हैं। लक्ष्मी पूजा के वक्त ऐसा संयोग सदियों में बना है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उद्योगपति-व्यापारियों के लिए शुभ</p>



<p class="wp-block-paragraph">दीपावली पर बन रहे शुभ योग उद्योगपति और व्यापारियों के लिए बेहद शुभ माने जा रहे हैं। आज बन रही ग्रह-स्थिति समृद्धि देने वाली होगी। जिससे दूरसंचार, शेयर मार्केट, सर्राफा, कपड़ा, तेल और लोहे से जुड़े मशीनरी काम करने वालों को फायदा होगा। चंद्रमा और बुध राहु-शनि के नक्षत्र में रहेंगे। जिससे उद्योग और टेली-कम्युनिकेशन फील्ड वालों के लिए बड़े बदलाव वाला समय रहेगा और उम्मीद से ज्यादा मिलने के भी योग बनेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पुराणों में दीपावली का जिक्र</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्कंद और पद्म पुराण के मुताबिक इस दिन दीपदान करना चाहिए। ब्रह्म पुराण कहता है कि कार्तिक अमावस्या की आधी रात में लक्ष्मी अच्छे लोगों के घर आती हैं इसलिए घर की सफाई और सजावट के बाद दीपावली मनाने की परंपरा है। श्रीमद्भागवत और विष्णुधर्मोत्तर पुराण के मुताबिक समुद्र मंथन से कार्तिक महीने की अमावस्या पर लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसके बाद लक्ष्मी पूजन की परंपरा शुरू हुई। ब्रह्म पुराण की कथा के मुताबिक महाराज पृथु ने पृथ्वी दोहन कर इसे धन-धान्य स‌े समृद्ध बनाया, इसलिए दीपावली मनाते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मार्कंडेय पुराण कहता है, जब धरती पर सिर्फ अंधेरा था तब एक तेज प्रकाश के साथ कमल पर बैठी देवी प्रकट हुईं। वो लक्ष्मी थीं। उनके प्रकाश से ही संसार बना इसलिए इस दिन लक्ष्मी पूजा की परंपरा हैं। वहीं, श्रीराम के अयोध्या लौटने के स्वागत में दीपावली मनाने की परंपरा है।</p>
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