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	<title>Bahujan Samaj Party &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>Bahujan Samaj Party &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>मायावती की पार्टी के सामने अस्तित्व का संकट, संसद में शून्य हो सकती है BSP की मौजूदगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Dec 2025 09:01:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[-राज्यसभा में बसपा के एकलौते सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल हो रहा समाप्त नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी का सियासी सिमटता जा रहा है और विधानसभा से लेकर संसद तक कमजोर होती जा रही है। यूपी की विधानसभा में बसपा का सिर्फ एक ही विधायक है जबकि विधान परिषद में कोई भी सदस्य नहीं ... <a title="मायावती की पार्टी के सामने अस्तित्व का संकट, संसद में शून्य हो सकती है BSP की मौजूदगी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mayawatis-party-faces-an-existential-crisis-bsps-presence-in-parliament-could-be-reduced-to-zero/" aria-label="Read more about मायावती की पार्टी के सामने अस्तित्व का संकट, संसद में शून्य हो सकती है BSP की मौजूदगी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP-1024x576.jpg" alt="" class="wp-image-508060" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP-1024x576.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP-1536x864.jpg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/12/BSP.jpg 1600w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">-राज्यसभा में बसपा के एकलौते सदस्य रामजी गौतम का कार्यकाल हो रहा समाप्त</p>



<p class="wp-block-paragraph">नई दिल्ली । बहुजन समाज पार्टी का सियासी सिमटता जा रहा है और विधानसभा से लेकर संसद तक कमजोर होती जा रही है। यूपी की विधानसभा में बसपा का सिर्फ एक ही विधायक है जबकि विधान परिषद में कोई भी सदस्य नहीं है। संसद में लोकसभा के बाद अब 2026 में राज्यसभा में बसपा का कोई भी सांसद नहीं रह जाएगा। इस तरह बसपा की आवाज नवंबर 2026 में संसद में सुनाई नहीं देगी?</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें बसपा का 2024 के लोकसभा चुनाव में खाता नहीं खुल सका था। संसद में बसपा के एकलौते सदस्य रामजी गौतम हैं, जो राज्यसभा में हैं। रामजी गौतम का कार्यकाल 2026 में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद संसद में बसपा का एक भी सदस्य नहीं रह जाएगा। बसपा के राजनीतिक इतिहास में पहली बार होगा जब संसद के दोनों सदनों में बसपा के सदस्य की संख्या शून्य हो जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूपी के 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है। इन 10 राज्यसभा सांसदों में बीजेपी के 8, सपा और बसपा के एक-एक सदस्य हैं, जिनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। 2026 में रिटायर होने वाले राज्यसभा सांसदों में बीजेपी से बृजलाल, सीमा द्विवेदी, चंद्रप्रभा उर्फ गीता, हरदीप सिंह पुरी, दिनेश शर्मा, नीरज शेखर, अरुण सिंह और बीएल वर्मा शामिल हैं। सपा से प्रोफेसर रामगोपाल यादव हैं तो बसपा से रामजी गौतम हैं।<br>बसपा के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम फिलहाल बसपा के एकलौते राज्यसभा सदस्य हैं, जो 2019 में बीजेपी के समर्थन से सांसद बने थे। रामजी गौतम साल 2026 के आखिर में रिटायर हो रहे हैं यानि उनका छह साल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। रामजी गौतम का राज्यसभा टर्म पूरा होने के साथ ही बसपा संसद में जीरो हो जाएगी। बसपा के वापसी का आसार भी कहीं से नहीं दिख रहा है।<br>बसपा 18वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में कोई सीट नहीं जीत पाई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस चुनाव में उसे केवल 2.04 फीसदी वोट ही मिले हैं। इस तरह वह राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा रखने के पहले दो मानकों पर खरी नहीं उतरती है। हालांकि लोकसभा चुनाव के अंतिम आंकड़े अभी तक प्रकाशित नहीं हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तीसरा मानक है पार्टी को चार या उससे ज्यादा राज्यों में क्षेत्रीय दल के रूप में मान्यता हो, लेकिन बसपा इस मानक को पूरा नहीं करती है। देश में 2019 के बाद से अब तक हुए चुनाव में बसपा ने केवल यूपी में इस मानक को पूरा किया है। वहां उसने 2022 के विधानसभा चुनाव में 12.88 फीसदी वोट हासिल किया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने राज्य स्तरीय पार्टी के मानक को पूरा किया है। वहां उसने 9.39 फीसदी वोट हासिल किया है। ऐसे में बसपा के लिए सियासी संकट गहरा गया है।</p>
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		<title>बहराइच : बहुजन समाज पार्टी सहित चार 4 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Apr 2023 13:21:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[बहराइच l नगर निकाय चुनाव मिहींपुरवा में 16 अप्रेल को राजनीतिक पार्टियों में सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशी का टिकट जारी किया जिसके तहत बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने समर्थकों सहित अस्थाई तहसील नामांकन स्थल पर पहुंचकर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया l इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था ... <a title="बहराइच : बहुजन समाज पार्टी सहित चार 4 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bahraich-four-independent-candidates-including-bahujan-samaj-party-nominated-for-the-post-of-president-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बहराइच : बहुजन समाज पार्टी सहित चार 4 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद के लिए किया नामांकन">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1080" height="1320" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/04/चित्र-संख्या-006-7.jpg" alt="" class="wp-image-346299" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/04/चित्र-संख्या-006-7.jpg 1080w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/04/चित्र-संख्या-006-7-768x939.jpg 768w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">बहराइच l नगर निकाय चुनाव मिहींपुरवा में 16 अप्रेल को राजनीतिक पार्टियों में सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशी का टिकट जारी किया जिसके तहत बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी ने समर्थकों सहित अस्थाई तहसील नामांकन स्थल पर पहुंचकर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया l इस दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस क्षेत्राधिकारी राहुल पांडे थाना प्रभारी मुकेश कुमार सिंह क्राइम इंस्पेक्टर मोहम्मद अफजल सहित पुलिस जवान मौजूद रहे। इसी क्रम में ग्राम प्रधान मोतीपुर अजय कुमार वर्मा ने व आलोक कुमार वर्मा ने नामांकन किया तथा कौशल कुमार वर्मा एवं फुल केसरा पत्नी कौशल वर्मा ने अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया l</p>



<p class="wp-block-paragraph">नामांकन कक्ष में रिटर्निंग ऑफिसर उप जिलाधिकारी संजय कुमार, खंड विकास अधिकारी अजीत सिंह, एवं नायब तहसीलदार अस्सलाम रसीद को नामांकन पत्र सौंपा। मालूम हो कि नगर निकाय चुनाव में नगर पंचायत में ही पुरवा में नामांकन दाखिल करने की 1 दिन पहले तक सिर्फ राजनीतिक पार्टी बहुजन समाज पार्टी की तरफ से दाखिला हुआ है l अभी अन्य पार्टियों का दाखिला नहीं हुआ है लेकिन समाचार लिखने तक भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना प्रत्याशी जितेंद्र कुमार मद्धेशिया को घोषित किया है l इसी तरह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने नफीस अहमद हाशमी को मिहींपुरवा नगर पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी घोषित किया है ऐसे में आज अंतिम दिन 17 अप्रैल को राजनीतिक पार्टियों सहित अन्य निर्दलीय उम्मीदवारों के द्वारा भी नामांकन करने की तेजी रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>सुल्तानपुर : बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव बने डॉ0 ओमप्रकाश त्रिपाठी</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/sultanpur-dr-omprakash-tripathi-became-the-state-general-secretary-of-bahujan-samaj-party-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Apr 2022 12:31:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[सुलतानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Bahujan Samaj Party]]></category>
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					<description><![CDATA[सुल्तानपुर। बसपा सुप्रिमों मायावती ने ओम प्रकाश त्रिपाठी के ऊपर भरोसा जताते हुए खोए जनाधार को फिर से वापस लाने की उन्हें जिम्मेदारी दी है। प्रदेश महासचिव बनाये जाने पर समर्थकों में खुशी की लहर है। सूत्रो की माने तो डा0 त्रिपाठी पर बसपा सुप्रीमो का पूर्ण भरोसा रहता है। बताते चलें कि डा0ओ0पी0 त्रिपाठी ... <a title="सुल्तानपुर : बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव बने डॉ0 ओमप्रकाश त्रिपाठी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/sultanpur-dr-omprakash-tripathi-became-the-state-general-secretary-of-bahujan-samaj-party-news-in-hindi/" aria-label="Read more about सुल्तानपुर : बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव बने डॉ0 ओमप्रकाश त्रिपाठी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="740" height="592" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/04/1552120741-7923.jpg" alt="" class="wp-image-195401" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सुल्तानपुर। </strong>बसपा सुप्रिमों मायावती ने ओम प्रकाश त्रिपाठी के ऊपर भरोसा जताते हुए खोए जनाधार को फिर से वापस लाने की उन्हें जिम्मेदारी दी है। प्रदेश महासचिव बनाये जाने पर समर्थकों में खुशी की लहर है। सूत्रो की माने तो डा0 त्रिपाठी पर बसपा सुप्रीमो का पूर्ण भरोसा रहता है। बताते चलें कि डा0ओ0पी0 त्रिपाठी बसपा शासन काल में इमानदारी वफादारी के बल पर ओएसडी, एमएलसी जैसे महत्वपूर्ण पदों से नवाजे गये थे। जों एक बार फिर बसपा की डूब रही नईया के खेवनहार बनाऐ गये हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डूबे हुऐ बसपा के जनाधार को वापस लाना डा0त्रिपाठी के लिए बडी चुनौती होगी। बसपा से मोह भंग कर, मुख मोडने वाले वेस वोटरों को फिर से डा0 त्रिपाठी बसपा के पाले में कितना कर पाते हैं यह तो भविष्य के गर्भ में है। जबकि हाल के हुए विधानसभा चुनाव में कभी सूबे में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली पार्टी के उम्मीदवार जमानत नही बचा पाए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>माया का सिपहसलारो को तगड़ा झटका, पूर्व मंत्री-विधायक सहित 7 नेताओं को किया बाहर</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/bsp-supremos-strong-blow-to-siphalsaro-ex-minister-mla-seven-leaders-removed-from-party-news/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Nov 2019 15:40:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA["bsp chief]]></category>
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					<description><![CDATA[बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सात वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये सभी आगरा से ताल्लुक रखते हैं और इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पार्टी ने जिन नेताओं को निष्कासित किया है, उनमें पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार चित्तौड़, ... <a title="माया का सिपहसलारो को तगड़ा झटका, पूर्व मंत्री-विधायक सहित 7 नेताओं को किया बाहर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bsp-supremos-strong-blow-to-siphalsaro-ex-minister-mla-seven-leaders-removed-from-party-news/" aria-label="Read more about माया का सिपहसलारो को तगड़ा झटका, पूर्व मंत्री-विधायक सहित 7 नेताओं को किया बाहर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone  wp-image-40017" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/download-37.jpg" alt="" width="1109" height="924" /></p>
<p>बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सात वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ये सभी आगरा से ताल्लुक रखते हैं और इन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। पार्टी ने जिन नेताओं को निष्कासित किया है, उनमें पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार चित्तौड़, पूर्व मंत्री नारायण सिंह सुमन, उनके पुत्र पूर्व एमएलसी स्वदेश कुमार ऊर्फ वीरू सुमन, पूर्व विधायक कालीचरण सुमन, पूर्व जिलाध्यक्ष भारतेंदु अरुण, मलखान सिंह व्यास और विक्रम सिंह शामिल हैं।</p>
<p>बसपा के मुताबिक इन नेताओं के बारे में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की दी गई रिपोर्ट की विभिन्न सूत्रों से छानबीन करने के बाद आज इन लोगों को निष्कासित किया गया है। इससे पहले कई बार इन्हें चेतावनी भी दी जा चुकी थी लेकिन इन नेताओं की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। इसलिए पार्टी हित में इन नेताओं पर कार्रवाई की है। आगरा से पूर्व विधायक और बसपा सरकार में उद्यान मंत्री रहे नारायण सिंह सुमन और उनके पुत्र पूर्व एमएलसी वीरू सुमन को वर्ष 2016 में भी मायावती ने निष्कासित कर दिया था।</p>
<p>इस वर्ष लोकसभा चुनाव के बाद दोनों ने एक बार पार्टी में वापसी की, लेकिन उन्हें फिर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उपचुनाव में करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्रवान किया है। इसलिए जहां पार्टी में सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं को चेतावनी देने से लेकर विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। वहीं विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारी नये सिरे से परिभाषित की जा रही है। हाल ही में वह कोऑर्डिनेटर, मंडल व जोन व्यवस्था भंग कर सेक्टर व्यवस्था लागू कर चुकी हैं।</p>
<p>इसके तहत पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के 18 मंडलों को चार सेक्टरों में बांट दिया गया है, जिसमें दो सेक्टरों में पांच-पांच मंडल तथा दो सेक्टरों में चार-चार मंडल शामिल किए गये हैं। पांच मंडलों वाले सेक्टरों में से एक मंडल में लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर तथा मेरठ मंडल को और दूसरे सेक्टर में आगरा, अलीगढ़, कानपूर, चित्रकूट और झांसी मंडल को शामिल किया गया है। इसी तरह चार मंडल वाले सेक्टरों में एक सेक्टर में इलाहबाद, मिर्जापुर, फैजाबाद तथा देवीपाटन मंडल शामिल हैं तो दूसरे सेक्टर में वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर तथा बस्ती मंडल को शामिल किया गया है</p>
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		<title>राजस्थान में उलटफेर: बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल, देखे पूरी लिस्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Sep 2019 05:29:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA["Rajasthan]]></category>
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		<category><![CDATA[Bahujan Samaj Party]]></category>
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					<description><![CDATA[राजस्थान में बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है. बता दे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सभी छह विधायको ने  सोमवार की देर रात कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए है। इसके बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 100 बढ़कर 106 हो गई है। इससे पहले राज्य में कांग्रेस सरकार को बसपा ... <a title="राजस्थान में उलटफेर: बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल, देखे पूरी लिस्ट" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/reversal-in-rajasthan-all-6-bsp-mlas-join-congress-see-full-list-news/" aria-label="Read more about राजस्थान में उलटफेर: बसपा के सभी 6 विधायक कांग्रेस में शामिल, देखे पूरी लिस्ट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="http://cloud.jantakiawaz.org/19241nncQcAg6k1bydGCsrDYDRZgJbi6fSJDG3965899/mayawati4jpg.jpg" alt="Image result for à¤°à¤¾à¤à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤®à¥à¤ à¤¬à¤¸à¤ªà¤¾ à¤¸à¥à¤ªà¥à¤°à¥à¤®à¥ à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¤µà¤¤à¥ à¤à¥ à¤¬à¥à¤¾ à¤à¤à¤à¤¾ à¤²à¤à¤¾ à¤¹à¥" /></p>
<p>राजस्थान में बसपा सुप्रीमो मायावती को बड़ा झटका लगा है. बता दे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सभी छह विधायको ने  सोमवार की देर रात कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए है। इसके बाद विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 100 बढ़कर 106 हो गई है। इससे पहले राज्य में कांग्रेस सरकार को बसपा का बाहर से समर्थन था। विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि सभी विधायकों का कांग्रेस में विलय पत्र मिल चुका है। अब इसमें किसी प्रकार की कानूनी अड़चन नहीं है।  बता दे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमने यह राज्य हित में फैसला लिया है।  बसपा विधायकों ने सोमवार देर रात कांग्रेस की सदस्यता ली।   रात 10:30 बजे सभी विधायक विधानसभा पहुंचे।</p>
<p><strong>देखे पूरी लिस्ट </strong></p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Joginder Singh Awana: So considering the development of our constituencies and welfare of the people of our state we have taken this step. <a href="https://t.co/H4qrF1nja7">https://t.co/H4qrF1nja7</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1173680729659588608?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">September 16, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://smedia2.intoday.in/aajtak/images/stories/042019/mla_1568659042_618x347.jpeg" alt="à¤à¤¾à¤à¤à¥à¤°à¥à¤¸ à¤®à¥à¤ à¤¶à¤¾à¤®à¤¿à¤² à¤¹à¥à¤ à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤¯à¤ (à¤«à¥à¤à¥- à¤¶à¤°à¤¤ à¤à¥à¤®à¤¾à¤°)" width="956" height="537" /></p>
<p>इन विधायकों में राजेन्द्र गुढा (विधायक, उदयपुरवाटी), जोगेंद्र सिंह अवाना (विधायक, नदबई), वाजिब अली (विधायक, नगर), लाखन सिंह मीणा (विधायक, करोली), संदीप यादव (विधायक, तिजारा) और बसपा विधायक दीपचंद खेरिया शामिल हैं।</p>
<p>कांग्रेस की सरकार अब बहुमत से छह विधायक ज्यादा हो गई है।  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फोन पर यह जानकारी दी कि राज्य हित में हमने फैसला किया है कि बहुजन समाज पार्टी के सभी 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया जाए।</p>
<p>बहुजन समाज पार्टी के विधायक कांग्रेस को अब तक बाहर से समर्थन दे रहे थे।  इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला था।  वह 200 विधानसभा सीटों में से 99 पर आकर रुक गई थी, मगर उपचुनाव में 100 का आंकड़ा छुआ था. अब तक सरकार पर तलवार लटकती रहती थी, मगर अब बहुजन समाज पार्टी के सभी 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर अशोक गहलोत ने राजस्थान में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।</p>
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		<title>मायावती ने दक्षिण के कार्यकर्ताओं से कहा, सर्व समाज को बसपा से ही बची है उम्मीद</title>
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		<pubDate>Fri, 30 Aug 2019 05:41:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दक्षिण भारत के पाँच राज्यों तमिलनाडू, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के वरिष्ठ व जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक कर  पार्टी संगठन के कार्यकलापों की गहन समीक्षा की। इस दौरान मायावती ने  कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों को भी यूपी के पैटर्न पर ... <a title="मायावती ने दक्षिण के कार्यकर्ताओं से कहा, सर्व समाज को बसपा से ही बची है उम्मीद" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mayawati-told-the-activists-of-the-south-that-all-society-has-hope-from-the-bsp-news/" aria-label="Read more about मायावती ने दक्षिण के कार्यकर्ताओं से कहा, सर्व समाज को बसपा से ही बची है उम्मीद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने दक्षिण भारत के पाँच राज्यों तमिलनाडू, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के वरिष्ठ व जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक कर  पार्टी संगठन के कार्यकलापों की गहन समीक्षा की। इस दौरान मायावती ने  कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों को भी यूपी के पैटर्न पर ही कैडर के आधार पर चलकर अपनी शक्ति बढ़ाकर पहले बैलेन्स आफ पावर बनने की कोशिश करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बसपा ही एकमात्र पार्टी है जो देश के सर्वसमाज के करोड़ों गरीबों, मजदूरों व अन्य मेहनतकश लोगों के साथ-साथ दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों आदि की उम्मीद की किरण है। इन दक्षिणी भारत के राज्यों में बाढ़ के कारण भयानक तबाही का उल्लेख करते हुए मायावती ने पार्टी के लोगों से कहा कि उनसे जहाँ तक हो सके वे गरीबों व अति-जरूरतमन्दों की हर प्रकार से मदद करने की कोशिश करें।</p>
<p>बसपा एक राजनीतिक पार्टी के साथ-साथ आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का एक अम्बेडकरवादी मूवमेन्ट भी है, जिसके लिए पूरे जी-जान से लगातार काम करते रहने की जरूरत है, बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के मिशनरी लक्ष्यों को इस देश की उपेक्षित व तिरस्कृत ’बहुजनों’ के हित में प्राप्त किया जा सके। इसके लिए सर्वसमाज का सहयोग व उनकी भागीदारी जरूरी है। जिसके तहत ही बसपा हर स्तर पर ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त पर कार्यरत है।<br />
पाँच राज्यों तमिलनाडू, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना राज्यों का प्रतिनिधिमण्डल बसपा की केन्द्रीय कार्यसमिति आदि की आल-इण्डिया की बैठक में खासकर भाग लेने के लिए इन दिनों यहाँ लखनऊ आया हुआ है और उस अति-महत्वपूर्ण बैठक की समाप्ति के बाद मायावती द्वारा की जा रही राज्यवार समीक्षाओं के दौरान गुरुवार को दक्षिण भारत के राज्यों की समीक्षा बैठक हुई।</p>
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		<title>एक्शन में मायावती, बाहुबली गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश शर्मा को पार्टी से किया बाहर, जानिए क्या है वजह</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/in-the-action-mayawati-bahubali-guddu-pandit-and-her-brother-mukesh-sharma-have-been-out-of-the-party-know-what-is-the-reason-news/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 28 Jun 2019 09:46:51 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[17वे लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा पार्टी ने यूपी की फतेहपुर सीकरी सीट से बाहुबली पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित को कांग्रेस के दिग्गज नेता राजबब्बर के सामने चुनावी मैदान में उतारा था। अब पार्टी ने बाहुबली पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश शर्मा को बीएसपी से निष्कासित ... <a title="एक्शन में मायावती, बाहुबली गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश शर्मा को पार्टी से किया बाहर, जानिए क्या है वजह" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/in-the-action-mayawati-bahubali-guddu-pandit-and-her-brother-mukesh-sharma-have-been-out-of-the-party-know-what-is-the-reason-news/" aria-label="Read more about एक्शन में मायावती, बाहुबली गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश शर्मा को पार्टी से किया बाहर, जानिए क्या है वजह">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://static.punjabkesari.in/multimedia/2019_6image_08_49_157891380mayawati-ll.jpg" alt="Image result for à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¤µà¤¤à¥" width="924" height="550" /></p>
<p>17वे लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा पार्टी ने यूपी की फतेहपुर सीकरी सीट से बाहुबली पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित को कांग्रेस के दिग्गज नेता राजबब्बर के सामने चुनावी मैदान में उतारा था। अब पार्टी ने बाहुबली पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश शर्मा को बीएसपी से निष्कासित कर दिया है। दोनों विधायक बंधुओं पर चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार, अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं बसपा जिलाध्यक्ष ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी कर दी है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/06/28/guddu_pandit_news_4766005-m.jpeg" alt="nn" /></p>
<p>सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पार्टी की जिला गौतमबुद्ध नगर इकाई के जिलाध्यक्ष लख्मी सिंह ने इस संबंध में पार्टी की तरफ से आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की है। विज्ञप्ति में उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हुई अभद्रता की पार्टी हाईकमान ने अपने स्तर से जांच कराई। इसमें यह बात सही पाई गई। इसके बाद ही पार्टी हाईकमान ने दोनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गौतमबुद्ध नगर की जिला इकाई को अधिकृत किया। उसी के तहत पार्टी ने यह कार्रवाई की है।</p>
<p>जानकारी के लिए बताते चले नोएडा के गिझौड गांव के मूल निवासी श्रीभगवान उर्फ गुड्डू पंडित बुलंदशहर के डिबाई से और मुकेश शर्मा शिकारपुर से बीएसपी के विधायक रह चुके हैं। वे 2007 से 2012 तक बीएसपी में और 2012 से 17 तक समाजवादी पार्टी के विधायक रहे। 2017 के चुनाव से पहले विधान परिषद चुनाव में बीजेपी के पक्ष में वोट करने की वजह से उन्हें समाजवादी पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।</p>
<p>इससे पहले 2012 के बाद उन्हें बसपा से भी निकाला गया था। 2017 के बाद उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की कोशिश की, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। इस बीच 2019 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी ने गुड्डू पंडित को फतेहपुर सीकरी से टिकट दे दिया। वहां भी वह अपने विवादास्पद बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे।</p>
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		<title>क्या बुआ-बबुआ की इस गलती के चलते अमेठी में चुनाव हारे राहुल गाँधी?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/do-rahul-gandhi-lose-the-election-in-amethi-due-to-this-mistake-of-bu-babu-news/</link>
		
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		<pubDate>Sat, 01 Jun 2019 18:23:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मचा हुआ है. लोकसभा चुनाव में  यूपी की अमेठी सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार ने कांग्रेस पार्टी को हिलाकर रख दिया था। कांग्रेस पार्टी की परंपरागत सीट मानी जाने वाली अमेठी से बीजेपी की स्मृति इरानी ने तकरीबन 55 ... <a title="क्या बुआ-बबुआ की इस गलती के चलते अमेठी में चुनाव हारे राहुल गाँधी?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/do-rahul-gandhi-lose-the-election-in-amethi-due-to-this-mistake-of-bu-babu-news/" aria-label="Read more about क्या बुआ-बबुआ की इस गलती के चलते अमेठी में चुनाव हारे राहुल गाँधी?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://cdn1.newsstate.com/images/2019/05/23/rahul-gandhi-scared-41-5-28_5.jpg" alt="Image result for à¤à¤®à¥à¤ à¥ à¤®à¥à¤ à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤² à¤à¥ à¤¹à¤¾à¤°" width="854" height="532" /></p>
<p>लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मचा हुआ है. लोकसभा चुनाव में  यूपी की अमेठी सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार ने कांग्रेस पार्टी को हिलाकर रख दिया था। कांग्रेस पार्टी की परंपरागत सीट मानी जाने वाली अमेठी से बीजेपी की स्मृति इरानी ने तकरीबन 55 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी।   यूपी की अमेठी से राहुल गांधी की करारी हार की वजहों की तलाश कर रही कांग्रेस पार्टी की दो सदस्यीय कमिटी ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (एसपी) के &#8216;असहयोग&#8217; को इसका जिम्मेदार बताया है। कमिटी ने कहा कि दोनों ही पार्टियों की स्थानीय यूनिट ने कांग्रेस का पर्याप्त साथ नहीं दिया था और उनके वोट भाजपा के खाते में चले गए थे।</p>
<p><strong>भाजपा के खाते में चले गए बुआ-बबुआ  के वोट</strong></p>
<p>मिली जानकारी के मुताबिक बताते चले समिति के सदस्य कांग्रेस सचिव जुबैर खान और केएल शर्मा ने पार्टी मीटिंग में  स्पष्ट तौर पर कहा कि कांग्रेस की परंपरागत सीट अमेठी में मायावती और अखिलेश की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस पार्टी  को सहयोग नहीं दिया और इस वजह से इन पार्टियों के अधिकांश वोट भाजपा के खाते में चले गए। इस बात को थोड़ा और ठीक से समझाते हुए अमेठी के एक स्थानीय कांग्रेसी ने कहा, &#8216;राहुल गांधी को साल 2014 के मुकाबले इस बार ज्यादा वोट मिले थे। पिछले लोकसभा चुनाव में जहां उन्हें 4.08 लाख वोट मिले थे, वहीं इस बार उन्हें 4.13 लाख लोगों ने वोट दिया था।&#8217;</p>
<p>खबरों की मने तो कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले चुनाव में यहां से बीएसपी पार्टी के उम्मीदवार को को चुनाव में 57 हजार वोट मिले थे और 2019 के चुनाव में राहुल गांधी की हार 55 हजार वोटों से हुई है। अगर BSP (बीएसपी) का वोट कांग्रेस पार्टी  के खाते में आ जाता तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार नहीं होती। अमेठी के कांग्रेस प्रमुख योगेंद्र मिश्रा भी इस बात का समर्थन करते हैं। उन्होंने भी कहा कि एसपी-बीएसपी का असहयोग ही राहुल की हार का प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने अमेठी में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया था, लेकिन फिर भी कांग्रेस को उनका साथ नहीं मिला।</p>
<p><strong>पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के बेटे ने भाजपा उमीदवार स्मृति के लिए किया प्रचारः मिश्रा</strong><br />
कांग्रेस प्रमुख योगेंद्र मिश्रा ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि एसपी नेता और पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के बेटे अनिल प्रजापति ने खुलेआम भाजपा उमीदवार  स्मृति इरानी के लिए प्रचार किया था। इसके अलावा गौरीगंज से एसपी विधायक राकेश सिंह ने अपने ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत सदस्यों को बचाने के लिए बीजेपी का साथ दिया। हालांकि, राकेश सिंह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। बता दें कि गौरीगंज विधानसभा में राहुल गांधी 18 हजार वोटों से स्मृति इरानी से पीछे रहे थे। वह केवल अमेठी विधानसभा से लीड पोजिशन में थे जबकि जगदीशपुर, तिलोई और सलोन विधानसभा में भी उन्हें बीजेपी से कम वोट मिले।</p>
<p><strong>कमिटी अगले हफ्ते सौंपेगी फाइनल रिपोर्ट</strong><br />
राहुल के हार के कारणों की तलाश कर रही दो सदस्यीय समिति ने गौरीगंज और तिलोई विधानसभा के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया है। इसके अलावा वह अगले दो दिनों में जगदीशपुर, सलोन और अमेठी के कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे। कमिटी अपनी फाइनल रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को अगले हफ्ते तक भेज सकती है।</p>
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		<title>लोकसभा चुनाव से पहले मायावती ने ली सोशल मीडिया पर एंट्री, तेजस्वी ने बोली ये बात..</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/prior-to-the-lok-sabha-elections-mayawati-has-given-the-entry-on-le-social-media-news/</link>
		
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		<pubDate>Wed, 06 Feb 2019 07:41:34 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/02/06/mayawati_1_4091323_835x547-m.jpg" alt="à¤¸à¥à¤¶à¥à¤°à¥ à¤®à¤¾à¤¯à¤¾à¤µà¤¤à¥ à¤à¤¬ à¤à¥à¤µà¤¿à¤à¤° à¤à¤à¤¾à¤à¤à¤ à¤ªà¤° à¤­à¥, à¤à¤ à¤à¤£à¥à¤à¥ à¤®à¥à¤ à¤¹à¥ à¤¹à¥ à¤à¤¯à¥ à¤à¤¤à¤¨à¥ à¤«à¥à¤²à¥à¤µà¤°à¥à¤¸" /></p>
<p>आगामी लोक सभा चुनाव के पहले सियासी माहौल गरमा गया है. सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. हाल में ही सपा-बासप गठबंधन के बाद यूपी में भाजपा के लिए एक बड़ी परेशानियो का दौर शुरू हो गया है. इस बीच एक बड़ी खबर ये भी आ रही है बासपा सुप्रीमो मायावती लोकसभा चुनाव को लेकर एक्टिव हो गई है। इसी सिलसिले में बसपा सुप्रीमो पहली बार सोशल मीडिया पर आ गई हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने ट्विटर पर अपना एकाउंट बना लिया है।@SushriMayawati नाम से ये एकाउंट बना है जिसे लोग तेजी से फॉलो कर रहे हैं। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मायावती ट्विटर पर आ गई हैं। हालांकि अभी तक ये ट्विटर हैंडल वैरीफाई नहीं था लेकिन फॉलोअर्स की संख्या बढ़ते ही ये एकाउंट अब वेराफाइड हो गया है</p>
<p><img decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/2019/02/06/m1_4091323-m.jpg" alt="lucknow" /></p>
<p><strong>मायावती ने खुद दी सूचना</strong></p>
<p>मायावती ने ट्विटर पर आने की सूचना भी दी है। उनके ट्विटर हैंडल पर तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर बधाई भी दी है। साथ ही उन्होंने ट्विटर से जुड़ने के अनुरोध को स्वीकार करने को लेकर खुशी भी जतायी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि &#8216;नमस्कार भाइयों और बहनों। आदर के साथ मैं ट्विटर परिवार में अपना परिचय दे रही हूं। इसकी शुरुआत करते हुए उद्घाटन कर रही हूं। मेरे आधिकारिक ट्विटर हैंडल @sushrimayawati पर मेरे सभी भावी विचार-विमर्श, टिप्पणियों और अपडेट होंगे। हार्दिक शुभकामनाओं सहित। धन्यवाद।&#8217;</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Hello brothers and sisters. With due respect let me introduce myself to the Twitter family. This is my opening and inauguration. <a href="https://twitter.com/SushriMayawati?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">@sushrimayawati</a> is my official Twitter handle for all my future interactions, comments and updates. With warm regards. Thank you.</p>
<p>&mdash; Mayawati (@Mayawati) <a href="https://twitter.com/Mayawati/status/1087699563773902849?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">January 22, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>तेजस्वी यादव ने जताई खुशी</strong></p>
<p>सुश्री मायावती के ट्वीट करने के बाद तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि &#8216;अंतत: आपको यहां देख कर खुशी हुई।&#8217; साथ ही उन्होंने कहा है कि &#8217;13 जनवरी को लखनऊ में हुई हमारी बैठक के दौरान ट्विटर से जुड़ने के मेरे अनुरोध को आपने स्वीकार किया। नमस्कार।&#8217;</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Finally glad to see you here. Happy that you acknowledged and respected my request of joining twitter during our meeting in Lucknow on 13th January. Warm Regards <a href="https://t.co/SzHlRkBPAB">https://t.co/SzHlRkBPAB</a></p>
<p>&mdash; Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) <a href="https://twitter.com/yadavtejashwi/status/1092840395656945666?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 5, 2019</a></p></blockquote>
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<p><strong>विपक्षी भी कर रहे फॉलो</strong></p>
<p>@SushriMayawati के फॉलोअर्स लगातार बढ़ रहे हैं। इसमें कांग्रेस और बीजेपी के भी कई नेता शामिल हैं। यही नहीं जयंत चौधरी और तेजस्वी यादव भी उन्हें फॉलो कर रहे हैं। जिस तरह बहुत सारे वैरीफाइड अकाउंट वाले लोग, वरिष्ठ पत्रकार और नेता इस हैंडल को फॉलो कर रहे हैं उससे साफ है कि ये हैंडल मायावती का ही है। अभी तक इस हैंडल से 11 ट्वीट किए गए हैं जिनमें अधिकतर प्रेस विज्ञप्ति ही हैं। खबर लिखे जाने तक 7185 लोग इस अकाउंट को फॉलो कर रहे थे। जबकि एक फॉलोइंग है। अभी तक मायावती प्रेस कॉन्फ्रेस और विज्ञप्ति के जरिए ही संवाद करती रहीं। इसके अलावा वो लोगों के साथ सीधा संवाद रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से करती रहीं। अब वेये ट्वीटर के माध्यम से भी सक्रीय रहेंगी।</p>
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		<title>यूपी में &#8220;गठबंधन&#8221; तैयार : मायावती + अखिलेश -राहुल, अब एक क्लिक में जानिए आगे क्या होगा&#8230;</title>
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		<pubDate>Mon, 07 Jan 2019 12:12:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आगामी लोक सभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गयी है. इस बीच मायावती अखिलेश के गठबंधन से ये चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने ही उम्मीद है. यहाँ एक तरह सपा-बसपा चुनाव की जीत के लिए प्रयास कर रही है वाही दूसरी तरह भाजपा भी अपनी कमर कस चुकी है. बताते चले इस बीच  भारतीय ... <a title="यूपी में &#8220;गठबंधन&#8221; तैयार : मायावती + अखिलेश -राहुल, अब एक क्लिक में जानिए आगे क्या होगा&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mahagathbandhan-sp-bsp-congress-mayawati-akhilesh-yadav-rahul-gandhi-uttar-pradesh-bjp-lok-sabha-elections-news/" aria-label="Read more about यूपी में &#8220;गठबंधन&#8221; तैयार : मायावती + अखिलेश -राहुल, अब एक क्लिक में जानिए आगे क्या होगा&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आगामी लोक सभा चुनाव से पहले सियासत गरमा गयी है. इस बीच मायावती अखिलेश के गठबंधन से ये चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने ही उम्मीद है. यहाँ एक तरह सपा-बसपा चुनाव की जीत के लिए प्रयास कर रही है वाही दूसरी तरह भाजपा भी अपनी कमर कस चुकी है. बताते चले इस बीच  भारतीय राजनीति में एक बात बड़े ही भरोसे से कही जाती है- प्रधानमंत्री बनने का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर जाता है.</p>
<p>इस भरोसे की सबसे बड़ी वजह तो यही है कि भारत में सबसे ज़्यादा &#8211; जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चंद्रशेखर, अटल बिहारी वाजपेयी और तो और नरेंद्र मोदी भी(NKB) &#8211; प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से चुनाव जीतकर आते रहे.</p>
<p>दूसरी वजह देखनी हो तो 2014 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए इस राज्य ने सबसे ज़्यादा 73 सांसदों को जिताया,</p>
<p>ये सवाल पिछले साल हुए गोरखपुर, फूलपुर और कैराना के उपचुनाव के नतीजों के बाद से ही तैरने लगे थे, जिसमें विपक्ष के महागठबंधन ने बीजेपी के उम्मीदवारों को हरा दिया था.<br />
शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्ष मायावती की मुलाकात ने नई दिल्ली की ठिठुराती सर्दी में राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है.</p>
<p>माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान 2019 के आम चुनावों के लिए बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में सहमति बन गई है, हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन दोनों पार्टी में कई नेताओं का दावा है कि कुछ दिनों में तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो जाएगी.</p>
<p><strong>गठबंधन पर सहमति</strong></p>
<p>अखिलेश यादव के भाई और बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव का कहना है, &#8220;यूपी में गठबंधन के लिए शीर्ष स्तर पर लगातार बात हो रही है, समय आने पर गठबंधन की घोषणा कर दी जाएगी. &#8221;<br />
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हफ़ीज गांधी बताते हैं, &#8220;गठबंधन को लेकर आपसी सहमति बन गई है.&#8221;<br />
राहुल गांधी- सोनिया गांधी</p>
<p><strong>मायावती ने ऐसा क्या कह दिया कि मोदी की नींद उड़ जाएगी?</strong></p>
<p><strong>क्यों बोलीं मायावती, &#8216;फिर होगी बीजेपी की हालत ख़राब&#8217;</strong></p>
<p>हालांकि अभी ये पूरी तरह तय नहीं है कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इसको लेकर तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अभी ये भी तय नहीं है कि गठबंधन में कौन कौन से दूसरे दल शामिल होंगे.<br />
अब्दुल हफ़ीज कहते हैं, &#8220;कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा या फिर गठबंधन में और कौन से दल शामिल होंगे, इसके बारे में अंतिम फ़ैसला दोनों पार्टी के अध्यक्ष तय करेंगे.&#8221;<br />
वैसे गठबंधन के भविष्य को लेकर कुछ सवाल सहयोगी दलों को लेकर भी बने हुए हैं, मसलन समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन में कांग्रेस शामिल होगी या नहीं, ये सस्पेंस बना हुआ है.</p>
<p>मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के दो सांसद हैं- सोनिया गांधी और राहुल गांधी. ये भी कहा जा रहा है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इन्हीं दोनों सीटों को कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार हैं.<br />
जबकि दूसरी ओर राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने से कांग्रेस पार्टी का मनोबल बढ़ा हुआ है. लेकिन कांग्रेस के गठबंधन में शामिल होने की संभावना अभी भी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है.</p>
<p><strong>कांग्रेस का क्या होगा?</strong></p>
<p>कांग्रेस विधानमंडल के नेता अजय कुमार लल्लू ने बताया, &#8220;महागठबंधन के लिए शीर्ष नेताओं के स्तर पर लगातार बातचीत जारी है. अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.&#8221; हालांकि कांग्रेस राज्य की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने के प्लान बी पर भी काम शुरू कर चुकी है.</p>
<p>समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के खेमे में भी कुछ लोगों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की</p>
<p>स्थिति में भारतीय जनता पार्टी का नुक़सान बढ़ेगा.<br />
वैसे, समाजवादी पार्टी- बहुजन समाज पार्टी अपने गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल के अलावा कुछ अन्य दलों को भी साथ लेने पर विचार कर रही है, इसमें सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (अभी एनडीए में शामिल) और अन्य छोटे छोटे दल शामिल हैं.</p>
<p>कयास लगाए जा रहे हैं कि इस गठबंधन का एलान मायावती के जन्मदिन पर यानी 15 जनवरी को किया जा सकता है, वैसे दिलचस्प ये है कि इसी दिन अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का भी जन्म दिन पड़ता है.<br />
औपचारिक एलान होने से पहले ही, अखिलेश यादव और मायावती की मुलाकात ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. मुलाकात की ख़बर आने के कुछ ही घंटों के बाद उत्तर प्रदेश में अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच की ख़बर भी सामने आई है.<br />
इस मामले में उत्तर प्रदेश में सीबीआई ने 12 जगह छापे मारे हैं, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में अखिलेश यादव से भी पूछताछ हो सकती है, क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए 2012-13 के दौरान कुछ समय के लिए खनन विभाग उनके अधीन रहा है.</p>
<p><strong>सीबीआई की जांच</strong></p>
<p>वैसे तो ये जांच इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से हो रही है जिसके तहत सीबीआई राज्य के पांच ज़िलों शामली, हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया और सिद्धार्थ नगर में अवैध रेत खनन के मामलों की जांच कर रही है. लेकिन गठबंधन की ख़बर सामने आने के बाद जिस तरह से जांच में तेजी देखने को मिली है, उसे देखते हुए इस जांच की टाइमिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं.</p>
<p><strong>महागठबंधन बना तो होगा कितना दमदार</strong></p>
<p>समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अब्दुल हफ़ीज गांधी कहते हैं, &#8220;हम सीबीआई जांच का स्वागत करते हैं. लेकिन यूपी में उभरते गठबंधन की ख़बर आने के एक दिन बाद ही सीबीआई रेड डालना कहीं ना कहीं केंद्र सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है.&#8221;<br />
वैसे भी जिस तरह से भारत में विपक्षी दलों को डराने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल होता रहा है, उसे देखते हुए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि ये जांच राजनीतिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, कम-से-कम टाइमिंग से यही आशंका उभरती है.</p>
<p>ये आशंका पहले भी जताई जा रही थी कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों और जांच एजेंसियों के रहते, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के किसी गठबंधन की कोशिशों को प्रभावित करना आसान होगा.<br />
वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार अंबिकानंद सहाय कहते हैं, &#8220;जांच की टाइमिंग पर तो सवाल उठेंगे ही लेकिन इससे अखिलेश यादव को कोई राजनीतिक नुकसान नहीं होने वाला है क्योंकि परसेप्शन तो यही बनेगा कि गठबंधन के चलते ही जांच में तेजी आई है. तो चुनावी फ़ायदा उनको मिलने की संभावना ज़्यादा होगी.&#8221;</p>
<p><strong>वोट बैंक में किसका पलड़ा भारी?</strong></p>
<p>दरअसल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के एक साथ चुनाव मैदान में आने से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदों को नुक़सान पहुँचना तय है, इसकी सबसे बड़ी वजह दोनों पार्टियों का अपना-अपना वोट बैंक है जिसके एक साथ आने पर राजनीतिक तौर पर वह विनिंग कॉम्बिनेशन बनाते हैं.<br />
2014 के चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी 73 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही थी, तब बीजेपी को 42.6 फ़ीसदी वोट मिले थे. उस वक्त समाजवादी पार्टी को 22.3 फ़ीसदी और बहुजन समाज पार्टी को 20 फ़ीसदी के करीब वोट मिले थे.<br />
वहीं 2017 के विधानसभा चुनावों में 312 सीटें जीतने वाली बीजेपी को 39.7 फ़ीसदी वोट मिले थे जबकि बहुजन समाज पार्टी को 22 और समाजवादी पार्टी को 22 फ़ीसदी वोट मिले थे.<br />
ज़ाहिर है समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का अपना वोट बैंक मिलकर बीजेपी के मुक़ाबले बीस बैठता है, इसके अलावा दोनों पार्टी अपने कैडर वोट के सीधे ट्रांसफ़र कराने का दावा करती रही है.</p>
<p>समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव कहते हैं, &#8220;एक महीने पहले भी हमारे कार्यकर्ताओं को मालूम हो जाए कि गठबंधन हो गया है तो उससे कोई गफ़लत नहीं होगी, हालांकि इस बार हमलोग चुनाव में तैयारी के साथ जाएंगे तो कार्यकर्ताओं को बहुत पहले से सब मालूम रहेगा.&#8221;<br />
समाजवादी पार्टी के वोट बैंक को शिवपाल यादव के मोर्चे के अलग चुनाव लड़ने से नुक़सान भी उठाना पड़ेगा. इसके अलावा सीटों के बंटवारे से दोनों पार्टियों को कुछ सीटों पर बाग़ी उम्मीदवारों का सामना करने की आशंका भी है, बावजूद इसके समाजवादी पार्टी- बहुजन समाज पार्टी के मतदाताओं का गणित भारतीय जनता पार्टी की मुसीबतों को बढ़ा सकता है.</p>
<p><strong>क्या मंच पर लागू नहीं होता योगी का क़ानून राज?</strong><br />
<strong>राजनीतिक भूकंप के वो तीन घंटे जिसमें टूट गया महागठबंधन</strong></p>
<p>इसकी झलक गोरखपुर, फूलपुर और कैराना के उपचुनावों के दौरान समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के आपसी गठबंधन के दौरान बीजेपी के नेताओं के बयानों से झलकता है. गोरखपुर उपचुनाव की एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था, &#8216;जब तूफ़ान आता है तो सांप और छुछूंदर एक साथ खड़े हो जाते हैं.&#8217;</p>
<p><strong>मोदी-योगी के नाम का भरोसा</strong></p>
<p>लेकिन बीजेपी को भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता उसकी नैया को पार लगा देगी. हालांकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया है. नड्डा के अलावा गोरधन झपाड़िया, दुष्यंत गौतम और नरोत्तम मिश्रा को सह-प्रभारी बनाया है.</p>
<p>दुष्यंत गौतम ने बीबीसी से बताया, &#8220;सपा-बसपा के जिस गठबंधन की बात हो रही है, वो स्वार्थ पर आधारित गठबंधन होगा, इन लोगों के पास राज्य के लोगों के लिए कोई योजना नहीं है. जबकि बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लोगों के लिए काम कर रही हैं. हमें मोदी जी और योगी जी के कामों का फ़ायदा मिलेगा.&#8221;</p>
<p>दुष्यंत गौतम ये भी दावा करते हैं कि सपा-बसपा गठबंधन का बहुत ज़्यादा असर इसलिए भी नहीं होगा क्योंकि देश का युवा प्रधानमंत्री मोदी में अपना भविष्य देख रहा है. वे कहते हैं कि लोगों को मालूम है कि 2019 का चुनाव प्रधानमंत्री पद के लिए होना है और इस रेस में मोदी जी के सामने कोई है ही नहीं.</p>
<p>हालांकि राज्य में बीजेपी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और अपना दल भी नाराज चल रहे हैं, इन दोनों दलों का पूर्वी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर अच्छा प्रभाव है, ऐसे में बीजेपी की कोशिश अपने कुनबे को संभालने की भी है. ऐसा करके ही बीजेपी अपने सवर्ण वोट बैंक के अलावा पिछड़ों और दलितों के कुछ तबके का वोट हासिल कर पाएगी.<br />
लेकिन वोटों के गणित में पलड़ा सपा-बसपा गठबंधन का भारी दिख रहा है. ठीक 25 साल पहले, 1993 में मुलायम सिंह यादव ने कांशीराम से हाथ मिलाकर राम मंदिर आंदोलन की लहरों पर सवार बीजेपी को पछाड़ कर सरकार बनाने का करिश्मा कर दिखाया था.</p>
<p><strong>25 साल पुराना इतिहास</strong></p>
<p>अंबिकानंद सहाय कहते हैं, &#8220;जब जब चुनाव में विकास का मुद्दा पिछड़ेगा, चुनाव जाति आधारित होगा, तब तब यही तस्वीर उभरेगी. 1993 में तो नारा लगा था, मिले मुलायम-कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम.&#8221;<br />
यही वो भरोसा है कि मार्च, 2018 में राज्यसभा सीट के अपने उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर की हार के बाद भी गठबंधन पर भरोसा जताते हुए मायावती ने कहा था, &#8220;जीत के बाद रात भर लड्डू खा रहे होंगे लेकिन मेरी प्रेस कांफ्रेंस के बाद बीजेपी वालों को फिर नींद नहीं आएगी.&#8221;</p>
<p>अब जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी एक साथ आकर गठबंधन पर सहमत हो गए हैं, ऐसे में नरेंद्र मोदी और अमित शाह को उत्तर प्रदेश के अंदर अपनी रणनीति को चाक चौबंद करना होगा, क्योंकि यूपी में अगर खेल बिगड़ा तो फिर केंद्र में वापसी नामुमकिन होगी.</p>
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