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	<title>Bhagat Singh &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>Bhagat Singh &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>बहराइच : भगत सिंह की जयंती पर रक्तवीरों ने किया रक्तदान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Sep 2023 12:54:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[मिहीपुरवा/बहराइच l बदलाव  डी एच ओ एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग के संयुक्त तत्वाधान में निःशुल्क रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें रक्तवीरों ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया l इस आयोजन के लिए संस्था ने गौरव शिवांश आई हॉस्पिटल को चुना आयोजक समाजसेवी चंद्रशेखर विश्वकर्मा और कमलेश मौर्या ने बताया की महान क्रांतिकारी सरदार भगत ... <a title="बहराइच : भगत सिंह की जयंती पर रक्तवीरों ने किया रक्तदान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bahraich-raktaveers-donated-blood-on-the-birth-anniversary-of-bhagat-singh-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बहराइच : भगत सिंह की जयंती पर रक्तवीरों ने किया रक्तदान">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1080" height="446" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-006-1-4.jpg" alt="" class="wp-image-403042" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-006-1-4.jpg 1080w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-006-1-4-768x317.jpg 768w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मिहीपुरवा/बहराइच l</strong> बदलाव  डी एच ओ एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग के संयुक्त तत्वाधान में निःशुल्क रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया जिसमें रक्तवीरों ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया l इस आयोजन के लिए संस्था ने गौरव शिवांश आई हॉस्पिटल को चुना आयोजक समाजसेवी चंद्रशेखर विश्वकर्मा और कमलेश मौर्या ने बताया की महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह की 117 वीं जयंती पर इस कार्क्रम का आयोजन किया गया है l </p>



<p class="wp-block-paragraph">लगभग 100 रक्तवीरों को इस आयोजन हेतु सूचित किया गया है, जिसमें लगभग 35 लोगों का आगमन हो चुका है l कुछ लोगों द्वारा 15 अगस्त को रक्तदान किया गया था जिनको रक्तदान करने से मना कर दिया गया रक्तदान लेने बहराइच मेडिकल कालेज से डॉ कमलेश्वर वर्मा के साथ लैब टेक्निशियन ज्ञानेंद्र वर्मा वैभव मिश्रा राजीव उपाध्याय अनिल कुमार श्रीवास्तव सुधांशु सहायक ओमप्रकाश अपनी रक्तदान वैन लेकर आये थे रक्तवीरों में नियमित रक्तदाता प्रेमप्रकाश सिंह प्रधानाध्यापक एवं समाजसेवी , राजेश जोशी ,कमलेश मौर्या ,कमल मौर्या , चंद्र शेखर , कुलदीप सिंह मौर्य ,रामनारायण मौर्य ,सुनील मौर्य इत्यादि लोगों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं भगत सिंह का प्रतीक चित्र देकर सम्मानित किया गया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>Saheed Diwas : आज मनाया जा रहा है Saheed Diwas, जानें भगत सिंह से जुड़े कुछ अनसुने फैक्ट्स</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/saheed-diwas-martyrs-day-is-being-celebrated-today-know-some-unheard-facts-related-to-bhagat-singh-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2022 11:25:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[Bhagat Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Saheed Diwas]]></category>
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					<description><![CDATA[आज ही के दिन स्वतंत्रता की लड़ाई में भारत के तीन सपूतों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसकर फांसी की सजा को गले लगाया था. शहीदों की इस शहादत को याद करने के लिए हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है. यह वही दिन था जब भगत सिंह के साथ सुखदेव ... <a title="Saheed Diwas : आज मनाया जा रहा है Saheed Diwas, जानें भगत सिंह से जुड़े कुछ अनसुने फैक्ट्स" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/saheed-diwas-martyrs-day-is-being-celebrated-today-know-some-unheard-facts-related-to-bhagat-singh-news-in-hindi/" aria-label="Read more about Saheed Diwas : आज मनाया जा रहा है Saheed Diwas, जानें भगत सिंह से जुड़े कुछ अनसुने फैक्ट्स">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="640" height="360" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/shaheed_diwas_1647999428.webp" alt="" class="wp-image-181296" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">आज ही के दिन स्वतंत्रता की लड़ाई में भारत के तीन सपूतों भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसकर फांसी की सजा को गले लगाया था. शहीदों की इस शहादत को याद करने के लिए हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस मनाया जाता है. यह वही दिन था जब भगत सिंह के साथ सुखदेव था और शिवराम राजगुरु ने भी भारत की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था. आज से करीबन 90 साल पहले भारत के महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भगत सिंह को ब्रिटिश सरकार द्वारा फांसी दी गई. उनके इस जज्बे को देखते हुए कई लोगों ने क्रांतिकारी मार्ग को अपनाया. 23 साल की युवा उम्र में ही भगत सिंह ने मां भारती की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">भारत की आजादी के पीछे स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत संघर्ष किया है. भारत की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान निभाने वाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को आज ही के दिन यानी 23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दी थी, जिसके बाद देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते उन्होंने अपने प्राण देश पर न्योछावर कर दिए थे. देश के बहादुर क्रांतिकारियों और महान सपूतों द्वारा दिए गए बलिदान की याद में हर साल 23 मार्च को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. बताया जाता है कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने महात्मा गांधी से अलग रास्ते पर चलते हुए अंग्रेजों से लड़ाई शुरू की थी. भारत के इन तीन सपूतों ने बहुत कम उम्र में देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया था. इस दिन का मकसद वीरता के साथ लड़ने वाले सेनानियों की वीर गाथाओं को लोगों के बीच लाना है. इनकी याद में और इन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आज का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है.</p>


<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">शहीद दिवस पर भारत माता के अमर सपूत वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि के लिए मर मिटने का उनका जज्बा देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। जय हिंद!</p>
<p>— Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1506458856712404999?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2022</a></p>
</blockquote>


<p class="wp-block-paragraph">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने &#8216;शहीद दिवस&#8217; के अवसर पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा, &#8216;देश के लिए मर मिटने का उनका जज्बा देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा.&#8217; पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, &#8216;शहीद दिवस पर भारत माता के अमर सपूत वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को कोटि-कोटि नमन. मातृभूमि के लिए मर मिटने का उनका जज्बा देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा. जय हिंद!&#8217;</p>


<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी देशभक्ति व मातृभूमि के प्रति समर्पण ने न सिर्फ जीते जी जन-जन में विदेशी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध स्वाधीनता की अलख जगाई बल्कि उनका बलिदान आज भी हर भारतीय को राष्ट्रसेवा हेतु प्रेरित करता है। <a href="https://t.co/pudX87Bmlw">pic.twitter.com/pudX87Bmlw</a></p>
<p>— Amit Shah (@AmitShah) <a href="https://twitter.com/AmitShah/status/1506456450503446528?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2022</a></p>
</blockquote>


<p class="wp-block-paragraph">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक ट्वीट में कहा कि, &#8216;तीनों की देशभक्ति ने विदेशी शासन के दौरान स्वतंत्रता की भावना जगाई और आज भी हर भारतीय को प्रेरित करती है.&#8217;</p>


<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु वो विचार हैं जो सदा अमर रहेंगे।</p>
<p>जब-जब अन्याय के ख़िलाफ़ कोई आवाज़ उठेगी, उस आवाज़ में इन शहीदों का अक्स होगा।</p>
<p>जिस दिल में देश के लिए मर-मिटने का जज़्बा होगा, उस दिल में इन तीन वीरों का नाम होगा। <a href="https://twitter.com/hashtag/ShaheedDiwas?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#ShaheedDiwas</a> <a href="https://t.co/NCh6RCM7ZL">pic.twitter.com/NCh6RCM7ZL</a></p>
<p>— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1506465853377703936?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2022</a></p>
</blockquote>
<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, &#8216;भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ऐसे विचार हैं, जो हमेशा अमर रहेंगे.&#8217;</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">देश के स्वतंत्रता आंदोलन के अमर प्रतीक शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के शहीदी दिवस पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूँ। देश के इन वीरों के अमर बलिदान का हर देशवासी सदा ऋणी रहेगा।</p>
<p>— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) <a href="https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1506457596253052930?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2022</a></p>
</blockquote>


<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लिखा, &#8216;देश के स्वतंत्रता आंदोलन के अमर प्रतीक शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर मैं उन्हें नमन करता हूं. देश के इन वीरों के अमर बलिदान का हर देशवासी सदैव ऋणी रहेगा.&#8217;<a rel="noreferrer noopener" href="mailto:?subject=Shaheed+Diwas+2022%3A+%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6+%E0%A4%95%E0%A5%80+%E0%A4%86%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82+%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE+%E0%A4%B9%E0%A5%88+%E0%A4%87%E0%A4%B8+%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8+%E0%A4%95%E0%A4%BE+%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%A8%2C+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%82+%E0%A4%AD%E0%A4%97%E0%A4%A4+%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%B9+%E0%A4%B8%E0%A5%87+%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87+%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B+%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A8%E0%A5%87+%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B8&amp;body=Check%20out%20this%20link%20Check%20out%20this%20link%20https://ndtv.in/zara-hatke/shaheed-diwas-why-martyrs-day-celebrated-on-23-march-know-unknow-fact-about-bhagat-singh-sukhdev-and-rajguru-martyr-day-10-unknown-facts-about-shaheed-2837815" target="_blank"></a></p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भगत सिंह जुड़े कुछ अनसुने फैक्ट्स</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह ने सुखदेव के साथ मिलकर एक योजना बनाई और लाहौर में पुलिस अधीक्षक जेम्स स्कॉट को मारने की साजिश रची थी, लेकिन सही पहचान ना होने के कारण सहायक पुलिस अधीक्षक जॉन सॉन्डर्स को गोली मार दी गई थी.</p>



<p class="wp-block-paragraph">जलियांवाला बाग हत्याकांड से भगत सिंह इतने परेशान थे कि उन्होंने घटनास्थल का दौरा करने के लिए स्कूल तक बंक किया था. बताया जाता है कि कॉलेज के समय वह एक शानदार एक्टर थे.</p>



<p class="wp-block-paragraph">सिख होने के बावजूद भगत सिंह ने अपनी दाढ़ी मुंडवा ली और बाल कटवा लिए थे, ताकि जॉन सॉन्डर्स की हत्या को लेकर होने वाली गिरफ्तारी के समय उनकी पहचान ना हो सके. इस बीच वे लाहौर से कलकत्ता निकल गए थे.</p>



<p class="wp-block-paragraph">भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने मिलकर दिल्ली के सेंट्रल असेंबली हॉल में बम फेंके और &#8216;इंकलाब जिंदाबाद!&#8217; के नारे लगाए. उन्होंने इस दौरान भी अपनी गिरफ्तारी का विरोध नहीं किया था.</p>



<p class="wp-block-paragraph">गिरफ्तारी के बाद जब भगत सिंह से पुलिस ने पूछताछ शुरू की, तब जाकर उन्हें पता चला कि जॉन सॉन्डर्स की हत्या में भगत सिंह का हाथ था.</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं भगत सिंह ने बचाव के लिए अपने मुकदमे के समय कोई पेशकश नहीं की थी. उन्होंने इस अवसर का इस्तेमाल भारत की आजादी के विचार को प्रचारित करने के लिए किया था.</p>



<p class="wp-block-paragraph">7 अक्टूबर 1930, यह वही दिन था जब भगत सिंह को मौत की सजा सुनाई गई, जिसे उन्होंने साहस के साथ सुना था. जेल में रहते समय भी उन्होंने विदेशी मूल के कैदियों के लिए बेहतर इलाज की नीति के खिलाफ भूख हड़ताल की थी.</p>



<p class="wp-block-paragraph">24 मार्च 1931, जब भगत सिंह को फांसी दी जानी थी, लेकिन उन्हें 11 घंटे पहले ही 23 मार्च 1931 को शाम 7.30 फांसी पर चढ़ा दिया गया था. कहा जाता है कि कोई भी मजिस्ट्रेट फांसी की निगरानी करने को तैयार नहीं था.</p>



<p class="wp-block-paragraph">बताया जाता है कि फांसी के समय भी भगत सिंह के चेहरे पर मुस्कान बरकरार थी. कहा जाता है कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए फांसी के फंदे को चूमा था.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Shaheed Diwas : जानिए अब तक भगत सिंह को क्यों नहीं मिला शहीद का दर्जा, कौन सा क़ानून रोक रहा सरकार को?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/shaheed-diwas-know-why-bhagat-singh-has-not-got-martyr-status-till-now-which-law-is-stopping-the-government-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2022 07:49:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[भास्कर +]]></category>
		<category><![CDATA[Bhagat Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[आख़िर भगत सिंह को इंसाफ़ कब तक? भगत सिंह कौन थे? आज की तारीख में अगर किसी से ये सवाल पूछा जाए तो वो आपको निहायत ही मूर्ख समझेगा? और आपके सवाल पूछते ही वो आपको अपने ज्ञान की गंगा में गोते लगाने को मजबूर कर देगा। लेकिन उसके ज्ञान का सागर निचुड़ते ही अगर ... <a title="Shaheed Diwas : जानिए अब तक भगत सिंह को क्यों नहीं मिला शहीद का दर्जा, कौन सा क़ानून रोक रहा सरकार को?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/shaheed-diwas-know-why-bhagat-singh-has-not-got-martyr-status-till-now-which-law-is-stopping-the-government-news-in-hindi/" aria-label="Read more about Shaheed Diwas : जानिए अब तक भगत सिंह को क्यों नहीं मिला शहीद का दर्जा, कौन सा क़ानून रोक रहा सरकार को?">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1280" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/collage-img-71.jpg" alt="" class="wp-image-181190" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>आख़िर भगत सिंह को इंसाफ़ कब तक?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">भगत सिंह कौन थे? आज की तारीख में अगर किसी से ये सवाल पूछा जाए तो वो आपको निहायत ही मूर्ख समझेगा? और आपके सवाल पूछते ही वो आपको अपने ज्ञान की गंगा में गोते लगाने को मजबूर कर देगा। लेकिन उसके ज्ञान का सागर निचुड़ते ही अगर एक बार फिर आप उससे पूछ बैठें कि भगत सिंह कौन थे?</p>



<p class="wp-block-paragraph">तो आपका सवाल सुनकर वो सकपका सकता है। और अगर थोड़ा भी समझदार हुआ तो यकीनन आपके इस सवाल के बाद रुक जाएगा और सोचने लगेगा कि आखिर इस सवाल का असली मतलब क्या है? भारत में बच्चा बच्चा जानता है कि कहानी और किताबों में भगत सिंह को शहीद-ए-आज़म भी कहा जाता है। हिन्दुस्तान में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ छिड़ी आज़ादी की लड़ाई में भगत सिंह को शहीदों की फेहरिस्त में बहुत ऊपर का दर्जा हासिल है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हर तबके और हर वर्ग के लोग भगत सिंह को हिन्दुस्तान की आज़ादी की लड़ाई का सबसे बड़ा सिपाही भी मानते हैं लेकिन.. और ये लेकिन बहुत बड़ा है। क्योंकि भगत सिंह के बारे में ये सारी बातें अपनी जगह सही हैं लेकिन क़िस्से और कहानियों से निकलकर जब हम दस्तावेज़ की हक़ीक़त पर उतरते हैं तो वहां हमें भगत सिंह कहीं भी नज़र नहीं आते। क्योंकि हमारे देश में आज भी क्रांतिकारी भगत सिंह को शहीद का आधिकारिक दर्जा हासिल नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>91 साल बाद भी हक़ की तलाश</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>23 MARCH BALIDAN DIVAS: </strong>23 मार्च 1931 को अंग्रेजों ने आज़ादी के तीन मतवालों, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी के फंदे पर लटका दिया था। इतना ही नहीं फांसी पर चढ़ाने के बाद तीनों के शवों को उनके परिवार को न देकर व्यास नदी के किनारे लावारिस हालत में जला भी दिया गया था। इस वाकये को 91 साल बीत चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत को अंग्रेजों की ग़ुलामी से निकले हुए भी 75 साल से ज़्यादा का वक़्त हो चुका है। हम सभी 23 मार्च को तीनों क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए इस दिन को बलिदान दिवस के तौर पर मनाते भी हैं, बावजूद इसके बीते कई सालों से ये रिवाज़ बन चुका है कि हर बलिदान दिवस पर ये बात उठती है कि आखिर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को शहीद का दर्जा कागज़ों पर कब दिया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कौन सा क़ानून रोक रहा सरकार को?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल यही उठता है कि भारत सरकार की ऐसी वो कौन सी मजबूरी है जिसकी वजह से शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की शहीद का दर्जा पाने की फाइल अब भी मंत्रालय से मंत्रालय तक भटक रही है। क्या इसके पीछे कोई क़ानूनी पचड़े हैं? क्या कोई क़ानून ऐसा करने से रोक रहा है? आखिर क्यों भगत सिंह को ये मुल्क़ उसका असली हक़ तक नहीं दे पा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ये बात यूं ही सामने नहीं आई। न ही किसी की ख़ामाख्याली है, बल्कि एक सरकारी दस्तावेज़ के जरिए इस बात ने अपना सिर उठाया है, जब सरकारी महकमों से ये जानने की कोशिश की गई, सूचना के अधिकार यानी RTI के ज़रिए तो पता चला कि राष्ट्रपति भवन ने इस तरह के आवेदन को गृहमंत्रालय के पास भेजा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गृह मंत्रालय ने इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए नेशनल आर्काइव ऑफ इंडिया यानी NATIONAL ARCHIVE OF INDIA को ये जिम्मेदारी सौंप दी है। मगर फाइलों को इधर से उधर भटकने के बावजूद अभी तक इस सवाल का कोई भी संतोष जनक जवाब सामने नहीं आ सका।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये ठप्पा कब तक यूं ही लगा रहेगा?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">जब हम छोटे थे तब भी और जब आज हमारे बच्चे छोटे हैं तब भी यही पढ़ाया जा रहा है कि भगत सिंह ने 23 साल की उम्र में हंसते हंसते फांसी का फंदा चूम लिया था और शहीद हो गए थे। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर क्रांति की नई मशाल जलाई थी। जिस उम्र में नौजवान अपने हक़ के बारे में सोचते हैं अपनी ज़रूरतों के लिए इधर उधर दौड़ते फिरते हैं उस 23 साल की उम्र में भगत सिंह ने देश और आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इतिहास की किताबों में लिखा है कि 15 अगस्त 1947 को भारत में TRANSFER OF POWER हुआ था। देश की सत्ता अंग्रेजों के हाथ से हिन्दुस्तानियों के हाथ में आ गई थी। लेकिन इतने बरस बीत जाने के बावजूद ऐसे अनगिनत भारतीय हैं जिन्हें उनका ज़रूरी सम्मान नहीं मिल सका। और उन लोगों की तरफ किसी ने तवज्जो नहीं दी जिन्होंने अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी और लड़ते लड़ते और हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कुछ इतिहास की किताबों में तो ये भी लिखा हुआ है कि जिन लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत का सामना बम और पिस्तौल से किया और इसी ज़ोर से भारत को आज़ाद कराने का सपना देखा उन क्रांतिकारियों को आतंकवादी तक कहा गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में सवाल उन तमाम नेताओं की नीयत पर खड़ा हो जाता है कि जो इन क्रांतिकारियों का नाम लेकर चुनाव तो लड़ते हैं और जीत भी जाते हैं लेकिन उसके बाद इन क्रांतिकारियों और शहीदों को उनका हक़ तक नहीं दिला पाते या दिलाने की कोई कोशिश तक करते नहीं दिखाई देते। आज़ाद भारत में कितनी सरकारें आईं और चली गईं लेकिन शहीदे आज़म भगत सिंह के माथे पर जो ठप्पा अंग्रेज लगाकर चले गए थे उसे हटाने या मिटाने की कोशिश किसी ने भी नहीं की।</p>
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		<title>शहीद दिवस पर कांग्रेस ने कराई अपनी फजीहत, यूजर्स ने किया ट्रोल, कहा- तारीख तो सही लिखो</title>
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		<pubDate>Sat, 23 Mar 2019 07:46:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को शहीद दिवस के मौके पर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका त्याग और संघर्ष हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा है, आजादी के अमर ... <a title="शहीद दिवस पर कांग्रेस ने कराई अपनी फजीहत, यूजर्स ने किया ट्रोल, कहा- तारीख तो सही लिखो" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/congress-shaheed-diwas-viral-tweet-date-troll-news/" aria-label="Read more about शहीद दिवस पर कांग्रेस ने कराई अपनी फजीहत, यूजर्स ने किया ट्रोल, कहा- तारीख तो सही लिखो">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="secArticleTitle">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को शहीद दिवस के मौके पर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका त्याग और संघर्ष हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा है, आजादी के अमर सेनानी वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीद दिवस पर शत-शत नमन। भारत माता के इन पराक्रमी सपूतों के त्याग, संघर्ष और आदर्श की कहानी इस देश को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। जय हिन्द! इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।</p>
<p>इस बीच जहाँ  पूरा देश आज शहीद दिवस मना रहा है। 23 मार्च 1931 को शाम करीब 7 बजकर 33 मिनट पर शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस मौके पर कांग्रेस का एक ट्वीट खूब वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में फांसी देने की तारीख गलत लिखी है।</p>
<p><strong>कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा  </strong></p>
<p>तीनों क्रांतिकारि  शहीद भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव को 24 तारीख को लाहौर  फांसी दी गई थी। जबकि उन्हें 23 मार्च को फांसी दी गई थी। इस ट्वीट को लेकर कांग्रेस सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रहे है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">जिन भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को कांग्रेस ने कभी शहीद नहीं माना और न उचित सम्मान दिया आज उन्हीं शहीदों को मजबूरी में श्रद्धांजलि देनी पड़ रही हो तो तारिखों में चूक होना स्वाभाविक है। <a href="https://t.co/TGV2uezxUl">pic.twitter.com/TGV2uezxUl</a></p>
<p>&mdash; Nikhil Dadhich (Vishweshwar Suntwal) (@nikhildadhich) <a href="https://twitter.com/nikhildadhich/status/1109293371271438336?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p><strong>एक ट्वीटर यूजर ने ट्रोल करते हुए लिखा </strong></p>
<p>जिन भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को कांग्रेस ने कभी शहीद नहीं माना और न उचित सम्मान दिया आज उन्हीं शहीदों को मजबूरी में श्रद्धांजलि देनी पड़ रही हो तो तारिखों में चूक होना स्वाभाविक है।</p>
<p>हालांकि ट्रोल होने के थोड़े ही देर बाद ने कांग्रेस ने ट्वीट डिलीट कर दिया और  ट्वीट डाला जिसमे सही तारीख लिखी है। लेकिन इसके बावजूत सोशल मीडिया पर कांग्रेस की खिल्लियां उड़ाई जा रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Today we honour the lives of Shaheed Bhagat Singh, Shaheed Sukhdev &amp; Shaheed Rajguru. They sacrificed their lives for our nation&#39;s freedom &amp; fought bravely against the British. The liberties we enjoy today are largely owed to their courageous acts. Jai Hind. <a href="https://t.co/krfNJEbV64">pic.twitter.com/krfNJEbV64</a></p>
<p>&mdash; Congress (@INCIndia) <a href="https://twitter.com/INCIndia/status/1109314203049840640?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">March 23, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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	</channel>
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