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	<title>Biden &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>राष्ट्रपति बाइडेन ने शी जिनपिंग को कहा तानाशाह, चीन को लगी मिर्ची</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Nov 2023 12:34:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बुधवार को बैठक हुई। दोनों वर्ल्ड लीडर्स के बीच लगभग चार घंटे तक हुई बातचीत पर दुनियाभर की नजरें थीं, लेकिन इसी बैठक के बाद बाइडेन ने जिनपिंग को तानाशाह कह दिया, जिस पर अब चीन भड़क गया है। बाइडेन और जिनपिंग की बहुप्रतीक्षित ... <a title="राष्ट्रपति बाइडेन ने शी जिनपिंग को कहा तानाशाह, चीन को लगी मिर्ची" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/president-biden-called-xi-jinping-a-dictator-china-got-angry-news-in-hindi/" aria-label="Read more about राष्ट्रपति बाइडेन ने शी जिनपिंग को कहा तानाशाह, चीन को लगी मिर्ची">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-237.png" alt="" class="wp-image-422396" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-237.png 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-237-768x432.png 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-237-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बुधवार को बैठक हुई। दोनों वर्ल्ड लीडर्स के बीच लगभग चार घंटे तक हुई बातचीत पर दुनियाभर की नजरें थीं, लेकिन इसी बैठक के बाद बाइडेन ने जिनपिंग को तानाशाह कह दिया, जिस पर अब चीन भड़क गया है। बाइडेन और जिनपिंग की बहुप्रतीक्षित बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में जब बाइडेन से पूछा गया कि क्या वह अभी भी शी जिनपिंग को तानाशाह समझते हैं? तो इस पर बाइडेन ने कहा कि वह यकीनन हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बाइडेन ने कहा था कि वह एक ऐसे देश की अगुवाई कर रहे हैं, जो कम्युनिस्ट है। इस संदर्भ में वह तानाशाह हैं। चीन की सरकार का कामकाज हमारी सरकार से बिल्कुल अलग है। यह पूछने पर कि उनका इशारा किसकी तरफ है? इस पर निंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच खटास बढ़ाने और दरार डालने की जो भी कोशिश करता है, मुझे लगता है कि वह जानता है। बता दें कि बाइडेन ने जिनपिंग के साथ मुलाकात के बाद कहा था कि मैंने राष्ट्रपति शी के साथ बैठकें की। मुझे लगता है कि ये हमारे बीच हुई अब तक की सबसे अधिक निर्णायक और सफल चर्चाएं थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बाइडेन के बयान पर भड़का चीन</p>



<p class="wp-block-paragraph">शी जिनपिंग को तानाशाह कहने के अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के बयान को चीन ने पूरी तरह से गलत बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि इस तरह का बयान पूरी तरह से गलत है, जिसे बहुत ही गैरजिम्मेदारी से राजनीतिक मंशा से दिया गया है। चीन इसका पुरजोर विरोध करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि मैं यह बताना चाहती हूं कि ऐसे कुछ लोग हमेशा होते हैं, जो अपने फायदे के लिए संबंधों को खराब करने की कोशिश करते हैं। वे इस तरह चीन और अमेरिका के संबंधों को नष्ट करने की कोशिश करते हैं लेकिन वे सफल नहीं होंगे। यह पूछने पर कि उनका इशारा किसकी तरफ है? इस पर निंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच खटास बढ़ाने और दरार डालने की जो भी कोशिश करता है, मुझे लगता है कि वह जानता है। बता दें कि बाइडेन ने जिनपिंग के साथ मुलाकात के बाद कहा था कि मैंने राष्ट्रपति शी के साथ बैठकें की। मुझे लगता है कि ये हमारे बीच हुई अब तक की सबसे अधिक निर्णायक और सफल चर्चाएं थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारी के मुताबिक अमे&#x200d;र&#x200d;िका और चीन के बीच लंबे समय से संबंधों में खटास बनी हुई है। दोनों देशों के बीच कुछ तनाव और दूर&#x200d;ियों को कम करने के मकसद से इस साल पहली बार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सैन फ्रांसिस्को में मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों राष्&#x200d;ट्रध्&#x200d;यक्षों ने जहां आपसी सौहार्द को बढ़ाने से लेकर इजरायल-हमास युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और ताइवान के तनाव आद&#x200d;ि जैसे खास मुद्दों पर बातचीत की लेक&#x200d;िन इस मुलाकात को ताइवान के ल&#x200d;िए अच्&#x200d;छा नहीं माना जा रहा हैय़।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस मुलाकात के दौरान यूएस प्रेजि&#x200d;डेंट बाइडेन ने अपने चीनी समकक्ष शी के साथ कई वैश्विक मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की। इन नेताओं की द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता पर भारत समेत पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थीं। दु&#x200d;न&#x200d;िया के अलग-अलग देशों इस रणनीत&#x200d;िक वार्ता के अलग-अलग मायने भी न&#x200d;िकाले हैं। वैश्विक तनावों और क्षेत्रीय सुरक्षा व शांति की स्थिरता के मद्देनजर इस वार्ता को खास माना गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन ताकतवर नेताओं के बीच हुई वार्ता को ताइवान के मुद्दे को लेकर अलग नजर&#x200d;िये से देखा जा रहा है। ताइवान के मुद्दे को शी जिनपिंग ने भी अमेरिका-चीन संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। चीन ने अमेरिका से ताइवान की स्वतंत्रता के संबंध में प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने का आग्रह किया। शी जिनपिंग ने ताइवान के साथ शांतिपूर्ण पुनर्मिलन का समर्थन तो किया लेकिन ताइवान पर बल प्रयोग से इंकार नहीं किया। दूसरी तरफ यूएस राष्&#x200d;ट्रपत&#x200d;ि बाइडेन ने क्षेत्रीय शांति के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता पर बल द&#x200d;िया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;बाइडेन का चीन से ताइवन के लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने का आग्रह&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेर&#x200d;िकी राष्&#x200d;ट्रपत&#x200d;ि बाइडेन ने शी से भी कहा कि हम एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। मैं हमारी बातचीत को महत्व देता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह सर्वोपरि है कि बिना किसी गलतफहमी आप और मैं एक-दूसरे को स्पष्ट रूप से समझें। बाइडन ने चीनी राष्&#x200d;ट्रपत&#x200d;ि से कहा कि वे ताइवन के लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ताइवान में जनवरी माह में चुनाव होने की उम्&#x200d;मीद</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बीच देखा जाए तो अमेरिका चीन पर इस द्वीप की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने का पूरा दवाब बनाए हुए है। दरअसल, ताइवान में आगामी जनवरी माह में चुनाव होना प्रस्&#x200d;ताव&#x200d;ित है। मौजूदा हाल में ताइवान के पास चीनी सेना की जबरदस्त उपस्थिति बनी है। बावजूद इसके ताइवान पर तत्काल किसी आक्रमण का खतरा नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;दुन&#x200d;िया के दो बड़े देशों का एक-दूसरे से मुंह मोड़ना कोई विकल्प नहीं&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">बाइडन का कहना है क&#x200d;ि पिछले 50 सालों या उससे अधिक समय में चीन-अमेरिका संबंध कभी भी सुचारू नहीं रहे हैं। दोनों को हमेशा किसी न किसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता रहा है। बावजूद इसके उतार-चढ़ाव के बीच आगे बढ़ता रहे. दुन&#x200d;िया के दो बड़े देशों का एक-दूसरे से मुंह मोड़ना कोई विकल्प नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन ने कहा- ताइवान का शांत&#x200d;िपूर्ण पुनर्म&#x200d;िलन उसकी प्राथम&#x200d;िकता</p>



<p class="wp-block-paragraph">उधर, चीनी राज्&#x200d;य मीड&#x200d;िया श&#x200d;िन्&#x200d;हुआ की र&#x200d;िपोर्ट में शी के हवाले से कहा गया है क&#x200d;ि ताइवान पर अमेर&#x200d;िकी रूख को यूएस-चीन संबंधों को सबसे अहम ओर खतरानाक मुद्दा बताया गया। शी ने अपने अमेर&#x200d;िकी समकक्ष को स्&#x200d;पष्&#x200d;ट किया क&#x200d;ि ताइवान का शांत&#x200d;िपूर्ण पुनर्म&#x200d;िलन चीन की प्राथम&#x200d;िकता है। उन्&#x200d;होंने यह भी कहा कि किन पर&#x200d;िस्&#x200d;थ&#x200d;ित&#x200d;ियों में वो बल प्रयोग के ल&#x200d;िए बाध्&#x200d;य होंगे। वहीं, यूएस प्रेज&#x200d;िडेंट ने शांत&#x200d;ि और स्&#x200d;थ&#x200d;िरता बनाए रखने की प्रत&#x200d;िबद्धता को दोहराया।</p>
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		<title>गाजा अस्पताल पर रॉकेट अटैक, 500 लोगों की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने जताया दुख</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/on-gaza-hospital-500-people-killed-us-president-bidens-meeting-canceled-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Oct 2023 06:13:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[तेल अवीव। इजराइल और हमास जंग में मंगलवार देर रात सबसे बड़े हमले की खबर आई। गाजा सिटी के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर रॉकेट हमले में 500 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हॉस्पिटल पर हुए ... <a title="गाजा अस्पताल पर रॉकेट अटैक, 500 लोगों की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने जताया दुख" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/on-gaza-hospital-500-people-killed-us-president-bidens-meeting-canceled-news-in-hindi/" aria-label="Read more about गाजा अस्पताल पर रॉकेट अटैक, 500 लोगों की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने जताया दुख">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1200" height="636" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-457.png" alt="" class="wp-image-411960" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-457.png 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-457-768x407.png 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">तेल अवीव। इजराइल और हमास जंग में मंगलवार देर रात सबसे बड़े हमले की खबर आई। गाजा सिटी के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर रॉकेट हमले में 500 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हॉस्पिटल पर हुए हमले में उसका हाथ नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इजराइल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे, उन्हीं में से एक रॉकेट दिशा भटककर अस्पताल पर गिर गया। हमास के दावे पर इजराइली PM नेतन्याहू ने X पर लिखा- पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि गाजा में इजराइली सेना ने नहीं, बल्कि हमास के खूंखार आतंकियों ने हमला किया है। जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बेरहमी से हत्या की, वे अपने बच्चों के भी हत्यारे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अहम अपडेट्स…</p>



<p class="wp-block-paragraph">जंग की शुरूआत से अब तक 304 इजराइली सैनिकों की मौत हो चुकी है।<br>गाजा अस्पताल पर हमले के बाद जॉर्डन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ शिखर सम्मेलन रद्द कर दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति बुधवार तड़के इजराइल के लिए रवाना हुए। गाजा हॉस्पिटल हमले के बाद बाइडेन की जॉर्डन यात्रा भी रद्द हो गई है।<br>UN चीफ एंतोनियो गुतेरेस गुरुवार को मिडिल ईस्ट दौरे पर जा रहे हैं। वो इस इलाके के सभी देशों के प्रमुखों के साथ इजराइल-हमास जंग को रोकने के लिए सीधी बातचीत करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इजराइल के मिलिट्री चीफ हेर्जेल हेलेवी ने ईरान के समर्थन वाले हिज्बुल्लाह ग्रुप को वॉर्निंग दी है। वीडियो मैसेज में चीफ ऑफ स्टाफ ने कहा- अगर हिज्बुल्लाह ने हमले की गलती की तो सिर्फ एक चीज होगी…तबाही, तबाही और सिर्फ तबाही। इजराइल से 286 भारतीयों और 18 नेपाली नागरिकों को लेकर पांचवीं फ्लाइट मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंची। इन सभी का केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने स्वागत किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सायरन अलर्ट के बाद जर्मन चांसलर स्कोल्ज को इवैक्यूएट किया गया</p>



<p class="wp-block-paragraph">इजराइल को मदद का भरोसा दिलाने के लिए जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज मंगलवार रात तेल अवीव पहुंचे थे। उन्होंने इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू और प्रेसिडेंट इसाक हर्जोग से मुलाकात की थी। इसके बाद जर्मनी के उन परिवारों से भी मिले, जिनके परिजन हमास के कब्जे में हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज मिस्र जाने के लिए रवाना होने वाले ही थे कि तभी तेल अवीव में सायरन अलर्ट हुआ। इसके बाद स्कोल्ज को विमान से बाहर निकाला गया और तेल अवीव एयरपोर्ट पर बने बॉम्ब शेल्टर में ले जाया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गाजा में जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे लोग</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक रिपोर्ट के मुताबिक- गाजा के लोग अब सिर्फ जिंदा बचने की कोशिश कर रहे हैं। ज्यादातर लोगों के पास घर नहीं बचे हैं, वो गलियों में रात गुजार रहे हैं। वॉटर सप्लाई करीब-करीब बंद है। लोगों के पास पैसे तो हैं और न ही बेकरीज और दुकानों में सामान ही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">फ्रांस ने पहली बार बताई हमले में मरने वाले नागरिकों की संख्या</p>



<p class="wp-block-paragraph">फ्रांस ने मंगलवार को पहली बार हमास के हमले में मारे गए लोगों की तादाद बताई। उसके मुताबिक- 21 फ्रांसीसी नागरिक मारे गए और 11 लापता हैं। इनमें से ज्यादातर के हमास के बंधक होने की आशंका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सऊदी अरब के अखबार ने कहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों बहुत जल्द इजराइल दौरे पर जा सकते हैं। मंगलवार को मैक्रों ने कहा- बंधकों को छुड़ाने के लिए बहुत गंभीर राजनयिक प्रयास किए जा रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हेल्थ मिनिस्ट्री की अपील- एक लीटर डीजल भी है तो हॉस्पिटल को दें</p>



<p class="wp-block-paragraph">फिलिस्तीन की हेल्थ मिनिस्ट्री ने मंगलवार रात आम लोगों के लिए अपील जारी की। कहा- अगर आपके पास एक लीटर डीजल भी है तो अस्पताल जाकर डोनेट कर दें। यहां जेनरेटर चलाने के लिए इसकी बेहद जरूरत है। हो सकता है आपकी मदद से किसी इंसान की जान बचाई जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इजराइली सेना ने एक और हमास कमांडर को ढेर किया</p>



<p class="wp-block-paragraph">इजराइली सेना ने कहा है कि उसने हमास के कमांडर अयमान नोफाल को मार गिराया है। खुद हमास ने भी नोफाल के मारे जाने की पुष्टि की है। नोफाल ने इजराइली सेना और आम लोगों पर कई हमलों को अंजाम दिया। 2006 में इजराइली सैनिक गिलाड शालित को किडनैप किया गया था। नोफाल इसका मास्टरमाइंड था। अब तक हमास के कुल 7 बड़े कमांडर मारे गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके पहले 14 अक्टूबर को इजराइली सेना ने हमास के दो बड़े कमांडरों को मार गिराया। सेना ने बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले को लीड करने वाले कमांडर अली कादी को मार गिराया है। अली कादी को मारने का काम इजराइल की इंटरनल इटेलिजेंस एजेंसी शिन बेत ने किया है। इसी तरह, हमास का एयरफोर्स हेड मुराद अबु मुराद भी इजराइली हमले में मारा गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गाजा के अस्पतालों में न दवाइयां न बिजली, 1 हजार बच्चों की मौत</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुताबिक- गाजा में इस वक्त 5 हजार महिलाएं प्रेग्नेंट हैं और इन्हें इलाज की जरूरत है। हॉस्पिटल और क्लीनिक्स में न तो दवाइयां बची हैं और न बिजली है। इनमें से कुछ तो पहले ही बमबारी में घायल हैं। UN ने भी इस रिपोर्ट की पुष्टि कर दी है। ग्लोबल चैरिटी एजेंसी ‘सेव द चिल्ड्रन’ के मुताबिक- जंग में अब तक 1 हजार फिलिस्तीनी बच्चे मारे जा चुके हैं। अगर अब भी कुछ नहीं किया गया तो हालात बद से बदतर हो जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका ने इजराइल में सैनिकों की तैयारी की, ईरान ने धमकाया</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका अपने 11 हजार सैनिक इजराइल में तैनात कर सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक सीधे युद्ध नहीं लड़ेंगे, बल्कि इजराइल की सेनाओं को टेक्निकल और मेडिकल सपोर्ट देंगे। इस बीच अमेरिकी आर्मी के चीफ माइकल एरिक कुरिला भी इजराइल पहुंच चुके हैं।दूसरी तरफ ईरान ने इजराइल और उसका समर्थन करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खुमैनी ने मंगलवार को कहा कि अगर इजराइल ने गाजा में बमबारी बंद नहीं की, तो दुनिया मुस्लिम फोर्सेज को रोक नहीं पाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>बाइडेन देंगे जेलेंस्‍की को घातक हथियार, यूक्रेन क्या रूस को दे पाएगा शिकस्त?</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/biden-will-give-deadly-weapon-to-zelensky-will-ukraine-be-able-to-defeat-russia/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jun 2022 09:38:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Biden]]></category>
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		<category><![CDATA[Lethal Weapon]]></category>
		<category><![CDATA[Ukraine]]></category>
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					<description><![CDATA[मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जंग भीषण दौर से गुजर रही है और तीन महीने होने के बाद इसके रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं। एक तरफ यूक्रेन है जिसके हाथों में पश्चिम के दिए हथियार हैं तो वहीं दूसरी ओर रूस है जिसकी गद्दी पर पुतिन बैठे हैं जो जंग में जीत ... <a title="बाइडेन देंगे जेलेंस्‍की को घातक हथियार, यूक्रेन क्या रूस को दे पाएगा शिकस्त?" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/biden-will-give-deadly-weapon-to-zelensky-will-ukraine-be-able-to-defeat-russia/" aria-label="Read more about बाइडेन देंगे जेलेंस्‍की को घातक हथियार, यूक्रेन क्या रूस को दे पाएगा शिकस्त?">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="970" height="545" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/06/683697-joe-biden-family.webp" alt="" class="wp-image-220512" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/06/683697-joe-biden-family.webp 970w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/06/683697-joe-biden-family-300x169.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/06/683697-joe-biden-family-768x432.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/06/683697-joe-biden-family-390x220.webp 390w" sizes="(max-width: 970px) 100vw, 970px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मॉस्को। </strong>रूस और यूक्रेन के बीच जंग भीषण दौर से गुजर रही है और तीन महीने होने के बाद इसके रुकने के आसार नहीं दिख रहे हैं। एक तरफ यूक्रेन है जिसके हाथों में पश्चिम के दिए हथियार हैं तो वहीं दूसरी ओर रूस है जिसकी गद्दी पर पुतिन बैठे हैं जो जंग में जीत हासिल करने की कसम खा चुके हैं। हालांकि आने वाले दिनों में भी यह पुतिन के लिए आसान नहीं होगा। अमेरिका ने घोषणा की है कि वह यूक्रेन को आधुनिक मिसाइल सिस्टम देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 700 मिलियन डॉलर के नए हथियार पैकेज के रूप में यूक्रेन को नया मिसाइल सिस्टम देने पर सहमति जताई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या नया अमेरिकी हथियार यूक्रेन में गेम-चेंजर साबित होगा? अमेरिका के नए हथियार का नाम एचआईएमएआरएस मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम या एमएलआरएस है जो लंबी दूरी के टारगेट पर सटीकता से हमला कर सकता है। अमेरिका ने एचआईएमएआरएस (एम142 हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) को 1990 के देशक के अंत में अपनी सेना के लिए विकसित किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एचआईएमएआरएस लाइट मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर है जिसे एम1140 ट्रक फ्रेम पर लगाया गया था। एचआईएमएआरएस सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी, अपेक्षाकृत सस्ता और मजबूत व टिकाऊ मिसाइल सिस्टम है। यह सैकड़ों किलोमीटर तक एक साथ कई रॉकेट दाग सकता है। यूक्रेन की ओर से युद्ध में इस्तेमाल किए जा रहे सभी हथियारों की तुलना में एचआईएमएआरएस की मारक क्षमता सबसे ज्यादा है। यही वजह से यूक्रेन इन हथियारों को गेम चेंजर कह रहा है। यह दूसरे मल्टीपल रॉकेट सिस्टम की तरह ही हमला करता है। खास बात यह कि पहिये लगे होने के चलते इसे एक से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका की ओर से दिए जा रहे सिस्टम की मारक क्षमता 80 किमी होगी जो अमेरिका की ओर से दिए गए एम777 होविज्टर की रेंज से करीब दोगुनी है। लेकिन अमेरिका ने यूक्रेन के आगे रूस के अंदर हमला करने के लिए इन मिसाइलों का इस्तेमाल न करने की शर्त रखी है। एचआईएमएआरएस की हर यूनिट में छह जीपीएस गाइडेड रॉकेट लोड हो सकते हैं जिसे रीलोड करने में करीब एक मिनट का समय लगता है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को कितने रॉकेट सिस्टम दिए जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिका का एचआईएमएआरएस पहले ही यूरोप और नाटो सदस्य पोलैंड और रोमानिया के पास है। अमेरिका यूक्रेन को ATACMS टैक्टिकल मिसाइलों की सप्लाई नहीं करेगा जिसकी क्षमता 300 किमी है। कुछ विश्लेषक एचआईएमएआरएस को &#8216;गेम चेंजर&#8217; बता रहे हैं। वहीं कुछ का कहना है कि यह हथियार तीन महीने से चल रहे युद्ध का रुख तत्काल मोड़ने में सक्षम नहीं होगा। कीव के समर्थन में अमेरिका फूंक-फूंक कदम रख रहा है। उसे डर है कि यूक्रेन को अमेरिका का सैन्य समर्थन युद्ध को और भड़का सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>बाइडेन ने शी जिनपिंग को दी चेतावनी, कहा- रूस की मदद पर भुगतने के लिये तैयार हो जाओं अंजाम</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/biden-warns-xi-jinping-says-if-you-help-russia-be-ready-to-face-the-consequences-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Mar 2022 06:25:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[be ready to face the consequences]]></category>
		<category><![CDATA[Biden]]></category>
		<category><![CDATA[helped Russia]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Russia]]></category>
		<category><![CDATA[warned]]></category>
		<category><![CDATA[xi jinping]]></category>
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					<description><![CDATA[रूस और यूक्रेन का महायुद्ध आज 24वां दिन में प्रवेश कर चुका है। बता दे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा यूक्रेन पर किये जा रहे रूस हमले और रूस पर लगाये गये सभी प्रतिबंधों को लेकर वार्तालाफ की है। वहीं, जो बाइडेन ने ... <a title="बाइडेन ने शी जिनपिंग को दी चेतावनी, कहा- रूस की मदद पर भुगतने के लिये तैयार हो जाओं अंजाम" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/biden-warns-xi-jinping-says-if-you-help-russia-be-ready-to-face-the-consequences-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बाइडेन ने शी जिनपिंग को दी चेतावनी, कहा- रूस की मदद पर भुगतने के लिये तैयार हो जाओं अंजाम">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="525" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/bidenn.jpg" alt="" class="wp-image-180069" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस और यूक्रेन का महायुद्ध आज 24वां दिन में प्रवेश कर चुका है। बता दे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा यूक्रेन पर किये जा रहे रूस हमले और रूस पर लगाये गये सभी प्रतिबंधों को लेकर वार्तालाफ की है। वहीं, जो बाइडेन ने रूस को किसी भी प्रकार की चीनी मदद मिलने की स्थिति में अंजाम भुगतने की भी चेतावनी दी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली- बाइडन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बाइडेन ने दोहराया कि ताइवान पर अमेरिकी नीति नहीं बदली है और वह मौजूदा स्थिति में किसी भी एकतरफा बदलाव का विरोध करना जारी रखेगा। दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका के बीच कम्युनिकेशन चैनल बनाए रखने के महत्व पर भी सहमति व्यक्त की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारी के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा- दो प्रमुख देशों के नेताओं के तौर पर हमें (चीन-अमेरिका) यह सोचने की जरूरत है कि वैश्विक मुद्दों को कैसे पेश किया जाए। इससे भी जरूरी बात यह है कि वैश्विक स्थिरता और करोड़ों लोगों के काम और जीवन को ध्यान में रखा जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>24 मार्च को यूक्रेन पर रूस हमले को लेकर चर्चा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">G7 नेता 24 मार्च को ब्रसेल्स में यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर चर्चा करेंगे। वहीं व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिका की ओर से यूक्रेन को भेजे गए सभी वेपन्स डिफेंस के लिए ही बनाए गये है। इनका इस्तेमाल किसी दूसरे देश पर हमला करने के लिए नहीं किया जा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मैक्रों ने मारियुपोल की स्थिति पर चिंता जताई</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पुतिन से फोन पर बातचीत में कहा कि यूक्रेन के मारियुपोल की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। यहां 3 लाख से अधिक लोग बिजली, पानी और गैस सप्लाई के बिना जीने को मजबूर हैं। मारियुपोल शहर के एक थियेटर पर 16 मार्च को हुए रूसी हमले के बाद 1,300 से अधिक लोग थिएटर के नीचे फंसे हुए हैं। इन्होंने यहां शरण ली थी। हमले से तबाह हुए मारियुपोल थिएटर से अब तक 130 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>32 लाख लोगों को छोड़ना पड़ा देश</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">UN के मुताबिक, करीब 65 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए। वहीं, हमले की वजह से करीब 32 लाख लोगों को देश छोड़ना पड़ा है। एक सीनियर अमेरिकी डिफेंस ऑफिसर के मुताबिक, रूस ने हमले की शुरूआत से अब तक यूक्रेन पर 1,080 मिसाइलें दागी हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डोनेट्स्क के अवद्रिव्का में रूसी सेना की गोलाबारी में 2 यूक्रेनी मारे गए हैं। वहीं जपोरिजिया शहर में एक यूक्रेनी नागरिक की मौत हुई है। कीव एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, अब तक राजधानी कीव में 60 सिविलियंस सहित 222 लोग मारे गए हैं। इनमें 4 बच्चे भी शामिल थे। वहीं 889 लोग घायल हुए, जिनमें 241 नागरिक और 18 बच्चे शामिल थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मेडिकल स्टडीज के लिए दान किया जाएगा SS अस्पताल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन के खार्किव शहर में युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले MBBS छात्र नवीन शेखरप्पा का पार्थिव देह 21 मार्च को बेंगलुरु पहुंचेगी। नवीन के पिता शंकरप्पा ने बताया- गांव में वीरा शैव परम्परा से पार्थिव शरीर का पूजन करके उसे दावणगेरे के SS अस्पताल को मेडिकल स्टडीज के लिए दान किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूसी लोगों को पुतिन ने किया संबोधित</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पुतिन ने बीत शुक्रवार को अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई। रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन ने मॉस्को के सबसे बड़े लुज्निकी स्टेडियम में हजारों रूसी लोगों को संबोधित किया। मंच पर पहुंचते ही पुतिन ने कहा कि रूसी लोगों ने लंबे समय से ऐसी एकता नहीं देखी थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ये स्टेडियम पोस्टरों से ढका हुआ था। पोस्टरों पर &#8216;नाजीवाद मुक्त दुनिया के लिए’ जैसे स्लोगन लिखे हुए थे। मॉस्को पुलिस के मुताबिक, पुतिन को सुनने के लिए स्टेडियम और उसके आसपास 2 लाख से अधिक लोग जमा हुए थे। इनके हाथ में रूसी झंडे थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूरोप के पॉवर प्लांट में बिजली बहाल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन के जपोरिजिया में मौजूद यूरोप के सबसे बड़े पॉवर प्लांट में बिजली लाइन बहाल हो गई है। दो हफ्ते पहले ही रूसी सेना ने इस प्लांट के पास एयर स्ट्राइक की थी और प्लांट पर कब्जा कर लिया था। रूसी कब्जे के दौरान पॉवर प्लांट की पांच बिजली लाइनों में से तीन को काट दिया गया था। यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, क्षतिग्रस्त लाइनों में से एक की मरम्मत की जा चुकी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रॉयटर्स के मुताबिक, इटली ने यूक्रेन से विस्थापित 1.75 लाख लोगों को देश में शरण देने के लिए एक योजना तैयार किया है। इस योजना को शुक्रवार को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। 24 फरवरी को रूसी हमले के बाद 27,000 महिलाओं और 21,600 बच्चों सहित 53,600 यूक्रेनी नागरिक अब तक इटली जा चुके हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>रूस ने अमेरिका को दिखाई आंख- कहा- यूक्रेन की जैविक को बाइडन कर रहे फंडिंग</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/russia-showed-an-eye-to-america-said-funding-is-bidding-ukraines-organic-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Mar 2022 06:45:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Biden]]></category>
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		<category><![CDATA[Russia]]></category>
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					<description><![CDATA[युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. रूस का कहना है कि यूक्रेन की जैविक परियोजना को अमेरिका फंडिंग कर रहा है. रूस के इस आरोप पर अमेरिका के जवाब का इंतजार किया जा रहा है. रूस ने यूक्रेन में जैविक प्रयोगशालाओं के मुद्दे ... <a title="रूस ने अमेरिका को दिखाई आंख- कहा- यूक्रेन की जैविक को बाइडन कर रहे फंडिंग" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/russia-showed-an-eye-to-america-said-funding-is-bidding-ukraines-organic-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस ने अमेरिका को दिखाई आंख- कहा- यूक्रेन की जैविक को बाइडन कर रहे फंडिंग">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/ruasia.jpg" alt="" class="wp-image-178187" width="696" height="522" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. रूस का कहना है कि यूक्रेन की जैविक परियोजना को अमेरिका फंडिंग कर रहा है. रूस के इस आरोप पर अमेरिका के जवाब का इंतजार किया जा रहा है. रूस ने यूक्रेन में जैविक प्रयोगशालाओं के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलायी. जिस पर भारत ने कहा है कि जैविक और विषाक्त हथियार सम्मेलन के तहत दायित्वों से जुड़े विषयों को संबद्ध पक्षों के बीच परामर्श एवं सहयोग के जरिये सुलझाया जाना चाहिए. मॉस्को ने शुरू में दावा किया था कि उसके आक्रमणकारी बलों को यूक्रेन में जैविक हथियारों के अनुसंधान को छिपाने के जल्दबाजी में किए गए प्रयासों के सबूत मिले हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जो बाइडन ने दावों को किया खारिज </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने दावा किया था कि यूक्रेन, अमेरिका की मदद से रासायनिक और जैविक प्रयोगशालाएं चला रहा है. हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा था कि रूस के दावे अनर्गल हैं. उन्होंने बुधवार को चेतावनी दी थी कि रूस, यूक्रेन के खिलाफ रासायनिक या जैविक हथियारों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">साकी ने ट्वीट किया था, यह रूस द्वारा यूक्रेन पर अपने पूर्व नियोजित, अकारण और अनुचित हमले को सही ठहराने का एक हथकंडा मात्र है. संयुक्त राष्ट्र में एक अन्य रूसी उप राजदूत दिमित्री चमाकोव ने बुधवार को एक बार फिर वही आरोप लगाते हुए, पश्चिमी मीडिया से ‘‘यूक्रेन में चल रहीं गुप्त जैविक प्रयोगशालाओं के बारे में खबरें’’ दिखाने का आग्रह किया था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मास्को के दावे पर चर्चा करने के लिए रूस के अनुरोध पर शुक्रवार को एक बैठक निर्धारित की।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ओलिविया डाल्टन का बड़ा बयान</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">संयुक्त राष्ट्र बैठक में अमेरिकी मिशन प्रवक्ता ओलिविया डाल्टन ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इसे ‘उनके दुष्प्रचार को बढ़ावा देने का स्थान’’ नहीं बनने देगा. वहीं, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, हमने यूक्रेन में मौजूद स्थिति पर बार-बार गंभीर चिंता व्यक्त की है. यूक्रेन के जैविक कार्यक्रमों की रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को उन्होंने कहा कि भारत ने संबंधित देशों के हालिया बयानों और यूक्रेन से संबंधित जैविक गतिविधियों के बारे में व्यापक जानकारी पर गौर किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तिरुमूर्ति ने कहा, इस संदर्भ में हम जैविक और विषाक्त हथियार सम्मेलन को एक प्रमुख वैश्विक और गैर-भेदभावपूर्ण निरस्त्रीकरण सम्मेलन के रूप में भारत द्वारा दिए गए महत्व को रेखांकित करना चाहते हैं, जो जनसंहार के हथियारों की एक पूरी श्रेणी को प्रतिबंधित करता है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि जैविक और विषाक्त हथियार सम्मेलन के तहत सही भावना और दृष्टिकोण के साथ इसके प्रावधानों को लागू किया जाना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चीन ग्लोबल वेबसाइट पर इस दावे को दे रहा बढ़ावा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं, चीन चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क की वेबसाइट पर इस दावे को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है. इसका शीर्षक है, रूस ने यूक्रेन में अमेरिकी वित्त पोषित जैव-कार्यक्रम के साक्ष्य का खुलासा किया और चीन ने अमेरिका से यूक्रेन में जैव प्रयोगशाला के बारे में अधिक जानकारी का खुलासा करने का आग्रह किया. चीन कम्युनिस्ट पार्टी के ‘ग्लोबल टाइम्स’ अखबार ने बृहस्पतिवार को एक स्टोरी प्रकाशित की जिसका शीर्षक था ‘‘अमेरिका ने यूक्रेन में अपने जैवप्रयोगशाला के बारे में अफवाहों का खंडन करने की कोशिश की, लेकिन क्या हम इस पर विश्वास कर सकते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन में तेजी से फैल रहा जैव दावा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन में जैव प्रयोगशाला होने के रूसी दावे को फैला रहा है चीनरूस द्वारा यूकेन पर हमला तेज किए जाने के बीच क्रेमलिन के इस भड़काऊ और निराधार दावे को फैलाने में चीन से मदद मिल रही है कि अमेरिका यूक्रेन में जैविक हथियार प्रयोगशालाओं का वित्तपोषण कर रहा है.अमेरिका ने रूस के षड्यंत्रकारी सिद्धांत का खंडन करने के लिए तत्परता दिखायी है. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जो दावे का समर्थन करे। रूस और चीन के बीच साझेदारी का उद्देश्य रूसी आक्रमण के तर्क को और मजबूत करना है. दोनों देशों ने कुछ सप्ताह पहले कहा था कि उनके बीच साझेदारी की कोई सीमा नही हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसे सूचना युद्ध कहा है. चीन के विदेश मंत्रालय ने रूसी दावे को कई बार दोहराते हुए और इसकी जांच की मांग की है. मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने बृहस्पतिवार को कहा, इस रूसी सैन्य अभियान ने यूक्रेन में अमेरिकी प्रयोगशालाओं के रहस्य को उजागर कर दिया है और यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे बेपरवाह तरीके से निपटा जा सके.उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे वे यह कहकर उलझा सकें कि चीन का बयान और रूस की खोज दुष्प्रचार है और बेतुका और हास्यास्पद है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दरअसल, पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने रूसी दावे को बेतुका कहा था, लेकिन सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के समक्ष सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने इसको लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की कि हो सकता है कि रूस खुद से एक रासायनिक या जैविक हमले के लिए आधार तैयार कर रहा हो जिसे वह फिर अमेरिका या यूक्रेन पर मढ़ देगा. उन्होंने कहा, ‘‘यह कुछ ऐसा है, जैसा कि आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं, रूस के हथकंडों का हिस्सा है. बर्न्स ने कहा, ‘‘उन्होंने अपने ही नागरिकों के खिलाफ इन हथियारों का इस्तेमाल किया है, उन्होंने सीरिया और अन्य जगहों पर इनके उपयोग को प्रोत्साहित किया है, इसलिए यह कुछ ऐसा है जिसे हम बहुत गंभीरता से लेते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस, चीन और अमेरिका रासायनिक या जैविक हथियारों के इस्तेमाल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संधि के हस्ताक्षरकर्ता हैं. हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आकलन है कि रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दुश्मनों के खिलाफ हत्या के प्रयासों को अंजाम देने में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है. रूस सीरिया में असद सरकार का भी समर्थन करता है,</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक दशक लंबे गृहयुद्ध में अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया.रूस का दावा मॉस्को ने शुरू में दावा किया था कि उसके आक्रमणकारी बलों को यूक्रेन में जैविक हथियारों के अनुसंधान को छिपाने के जल्दबाजी में किए गए प्रयासों के सबूत मिले हैं. रूसी सेना के विकिरण, रासायनिक और जैविक सुरक्षा बल के प्रमुख इगोर किरिलोव ने बृहस्पतिवार को कहा कि कीव, खारकीव और ओडेसा में अमेरिकी प्रायोजित प्रयोगशालाएं ऐसे खतरनाक रोगाणुओं पर काम कर रही थीं जिन्हें विशेष तौर पर रूसियों और अन्य स्लाव लोगों को लक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किरिलोव ने कहा, हम एक उच्च संभावना के साथ कह सकते हैं कि अमेरिका और उसके सहयोगियों का एक लक्ष्य विभिन्न जातीय समूहों को चुनिंदा रूप से संक्रमित करने में सक्षम जैव एजेंटों का निर्माण करना है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसी तरह का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि यूक्रेन में ‘‘अमेरिकी निर्देशित प्रयोगशालाएं जातीय रूप से लक्षित जैविक हथियारों को विकसित करने’’ के लिए काम कर रही थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मास्को के दावे पर चर्चा करने के लिए रूस के अनुरोध पर शुक्रवार को एक बैठक निर्धारित की. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन प्रवक्ता ओलिविया डाल्टन ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इसे उनके दुष्प्रचार को बढ़ावा देने का स्थान नहीं बनने देगा.चीन चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क’ की वेबसाइट पर इस दावे को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है. इसका शीर्षक है, रूस ने यूक्रेन में अमेरिकी वित्त पोषित जैव-कार्यक्रम के साक्ष्य का खुलासा किया और चीन ने अमेरिका से यूक्रेन में जैव प्रयोगशाला के बारे में अधिक जानकारी का खुलासा करने का आग्रह किया. चीन कम्युनिस्ट पार्टी के ‘ग्लोबल टाइम्स’ अखबार ने बृहस्पतिवार को एक स्टोरी प्रकाशित की जिसका शीर्षक था ‘‘अमेरिका ने यूक्रेन में अपने जैवप्रयोगशाला के बारे में अफवाहों का खंडन करने की कोशिश की, लेकिन क्या हम इस पर विश्वास कर सकते हैं।</p>
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