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	<title>caste equation &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>औरैया : जातीय समीकरण और नोट का भार बन सकता है जीत का हार</title>
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		<pubDate>Wed, 10 May 2023 10:36:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[औरैया। बिधूना नगर पंचायत में इस बार जातीय समीकरण बेहद हावी रहने के साथ ही मतदाताओं को बड़े पैमाने पर पटाने के लिए नोट की चोट दिए जाने से अध्यक्ष पद का मुकाबला काफी रोमांचक होने के साथ ही त्रिकोणीय होने के आसार है। नगर पंचायत बिधूना में अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार काफी ... <a title="औरैया : जातीय समीकरण और नोट का भार बन सकता है जीत का हार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/auraiya-caste-equation-and-weight-of-notes-can-become-defeat-of-victory-news-in-hindi/" aria-label="Read more about औरैया : जातीय समीकरण और नोट का भार बन सकता है जीत का हार">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/05/WhatsApp-Image-2023-05-10-at-4.05.31-PM-2.jpeg" alt="" class="wp-image-355253" width="836" height="468"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">औरैया। बिधूना नगर पंचायत में इस बार जातीय समीकरण बेहद हावी रहने के साथ ही मतदाताओं को बड़े पैमाने पर पटाने के लिए नोट की चोट दिए जाने से अध्यक्ष पद का मुकाबला काफी रोमांचक होने के साथ ही त्रिकोणीय होने के आसार है। नगर पंचायत बिधूना में अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार काफी रोमांचक होने के साथ ही अंतिम दौर में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बनाता नजर आ रहा है। इस चुनाव में सपा प्रत्याशी प्रदीप कश्यप को सपा के वागी एवं निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अमित कुमार बाथम के कारण चुनाव में कड़ी चुनौती मिलती नजर आ रही है वही सपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार भी अपनी जन सेवा के साथ ही जातीय जोड गणित के आधार पर जीत की जुगते भिड़ा रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बिधूना नगर पंचायत का चुनावी सार त्रिकोणीय मुकाबले के बनते आसार</p>



<p class="wp-block-paragraph">इतना ही नहीं भाजपा प्रत्याशी वैभव गुप्ता भी अपने स्वजातियों व सर्व समाज के बल पर जीत का तानाबाना बुनने का प्रयास करते दिख रहे हैं वही भाजपा प्रत्याशी को भाजपा के देश व प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने का भी कुछ लाभ मिलता दिख रहा है। बसपा प्रत्याशी अवनीश गुप्ता विक्की जयहिंद बसपा के कोर वोट बैंक के साथ युवाओं को रोजगार दिलाने के नाम पर अपनी जीत की कवायद करते दिख रहे हैं। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं निर्दलीय प्रत्याशी आदर्श मिश्रा भी अपने स्वजातीय लोगों के व्यापक समर्थन के साथ सर्व समाज के बलबूते अपनी चुनावी वैतरणी पार करने के लिए हर हथकंडे अपनाने में लगे हुए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बार के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए खासकर मुस्लिम व क्षत्रिय बिरादरी से कोई प्रत्याशी मैदान में न होने के कारण इन दोनों ही समाजों के मतदाता चुनावी हार-जीत के निर्णायक भूमिका अदा करने की स्थिति में होने से सभी प्रत्याशियों की निगाहें खासकर क्षत्रिय व समाज पर टिकी हुई हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph">वैसे इस बार के चुनाव में जातीय समीकरण सबसे ज्यादा हावी होने के साथ नोट की चोट के भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभाने के आसार नजर आ रहे हैं। हालांकि इस बार यहां पर चुनावी मामला राजनीतिक दलों के साथ कुछ निर्दलीयों के बीच त्रिकोणीय होने के भी प्रबल आसार दिख रहे हैं हालांकि मतदान के बाद ही पता चलेगा कि जीत का सेहरा किसके सिर पर सजेगा।</p>
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		<title>औरैया : निकाय चुनाव में मुद्दों पर भारी पड़ते दिख रहे जातिगत समीकरण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 May 2023 09:41:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Auraiya]]></category>
		<category><![CDATA[body elections]]></category>
		<category><![CDATA[caste equation]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
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					<description><![CDATA[औरैया । स्थानी नगर निकाय चुनाव में जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद के साथ ही सभी छह नगर पंचायतों में स्थानीय मुद्दे समस्याएं जातीयता की आंधी के आगे गौण नजर आ रहे हैं। तमाम ज्वलंत समस्याओं के मकड़जाल में फंसकर परेशानियां झेलने के बावजूद इन समस्याओं पर जातीयता भारी पड़ती नजर आ रही है ... <a title="औरैया : निकाय चुनाव में मुद्दों पर भारी पड़ते दिख रहे जातिगत समीकरण" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/auraiya-caste-equation-seems-to-be-overshadowing-the-issues-in-civic-elections-news-in-hindi/" aria-label="Read more about औरैया : निकाय चुनाव में मुद्दों पर भारी पड़ते दिख रहे जातिगत समीकरण">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/05/images-6.jpg" alt="" class="wp-image-353293" width="838" height="575" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/05/images-6.jpg 271w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/05/images-6-220x150.jpg 220w" sizes="(max-width: 838px) 100vw, 838px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">औरैया । स्थानी नगर निकाय चुनाव में जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद के साथ ही सभी छह नगर पंचायतों में स्थानीय मुद्दे समस्याएं जातीयता की आंधी के आगे गौण नजर आ रहे हैं। तमाम ज्वलंत समस्याओं के मकड़जाल में फंसकर परेशानियां झेलने के बावजूद इन समस्याओं पर जातीयता भारी पड़ती नजर आ रही है और किसी का फायदा उठाकर चुनाव मैदान में डटे प्रत्याशी जातीयता के सहारे ही चुनावी वैतरणी पार करने हैं के प्रयासों में जूते नजर आ रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्थानीय नगर निकाय चुनाव में नगर पालिका परिषद औरैया के साथ ही बिधूना अजीतमल बाबरपुर अछल्दा फफूंद दिबियापुर अटसू आदि नगर पंचायतों में यूं तो अतिक्रमण जलभराव कीचड़ गंदगी पेयजल जैसी तमाम ज्वलंत समस्याएं लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है और इन ज्वलंत समस्याओं के बावजूद नगर निकाय चुनावों में यह सभी स्थानीय समस्याएं व मुद्दे जातीयता के खुले खेल में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। चुनाव में देखने में आ रहा है कि प्रत्याशी अपनी अपनी जाति के मतदाताओं को जातियता की दुहाई देकर एकजुट करने के प्रयासों में जुटे दिख रहे हैं वहीं दूसरी ओर अन्य जातियों के मतदाताओं को साधने के लिए भी प्रत्याशियों द्वारा उन जातियों के ही अपने चहेते समर्थकों को लगाया जाते देखा जा रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले कई चुनावों से देखने में आ रहा है इस जिले की इकलौती नगर पालिका परिषद के साथ ही सभी छह नगर पंचायतों में अब तक के सभी निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दों की अपेक्षा जाति समीकरण ही चुनाव की हार जीत में निर्णायक साबित होते नजर आए हैं और यही कारण है कि सभी प्रत्याशियों का जोर जातिगत समीकरणों को भुनाने के साथ ही अन्य जातियों के मतदाताओं को लुभाने के लिए हर हथकंडे अपनाने के भी प्रयास किए जाते देखे जा रहे हैं</p>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन इतना जरूर है कि स्थानीय मुद्दे व समस्याओं के सवाल इस चुनाव में कहीं दूर दूर तक उभरते नजर नहीं आ रहे हैं।<br>प्रत्याशी जातीयता के सहारे अपने चुनावी वैतरणी पार करने के लिए जी जान लगाए हुए हैं वहीं ऐसे में जिले के बुद्धिजीवियों का मानना है कि चुनाव में जातीयता के खेल के चलते समस्याओं के निराकरण की बात सोचना भी बेमानी होगा।</p>
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