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	<title>Gaganyaan mission &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>21 अक्टूबर को गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट होगी लॉन्च, ISRO ने की ये प्लानिंग</title>
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		<pubDate>Mon, 16 Oct 2023 11:05:50 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[बेंगलुरु। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) 21 अक्टूबर को सुबह 7 से 9 बजे के बीच गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट (TV-D1) लॉन्च करेगा। TV-D1 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। टेस्ट फ्लाइट में रॉकेट क्रू मॉड्यूल को अंतरिक्ष तक भेजेगा। फिर इसे अंतरिक्ष से वापस लाया जाएगा। हालांकि ... <a title="21 अक्टूबर को गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट होगी लॉन्च, ISRO ने की ये प्लानिंग" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-first-test-flight-of-gaganyaan-mission-will-be-launched-on-october-21-isro-made-this-planning-news-in-hindi/" aria-label="Read more about 21 अक्टूबर को गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट होगी लॉन्च, ISRO ने की ये प्लानिंग">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-392.png" alt="" class="wp-image-411198" width="843" height="553" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">बेंगलुरु। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) 21 अक्टूबर को सुबह 7 से 9 बजे के बीच गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट (TV-D1) लॉन्च करेगा। TV-D1 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। टेस्ट फ्लाइट में रॉकेट क्रू मॉड्यूल को अंतरिक्ष तक भेजेगा। फिर इसे अंतरिक्ष से वापस लाया जाएगा। हालांकि क्रू मॉड्यूल की साइज और अंदर का वातावरण अभी वैसा नहीं है जैसा मैन्ड मिशन में होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">14 अक्टूबर को ISRO के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया था कि कुल चार टेस्ट फ्लाइट भेजी जानी हैं। 21 अक्टूबर को पहली टेस्ट व्हीकल डेवलपमेंट फ्लाइट (TV-D1) के बाद हमने D2, D3 और D4 की प्लानिंग भी पूरी कर ली है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस टेस्ट में क्रू मॉड्यूल को आउटर स्पेस में लॉन्च करना, पृथ्वी पर वापस लाना और बंगाल की खाड़ी में टचडाउन के बाद इसे रिकवर करना शामिल है। क्रू मॉड्यूल गगनयान मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को आउटर स्पेस में ले जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अगले साल अनमैन्ड और मैन्ड मिशन लॉन्च करने की योजना</p>



<p class="wp-block-paragraph">गगनयान मिशन के तहत इसरो ने अगले साल की शुरुआत में गगनयान मिशन का पहला अनमैन्ड मिशन प्लान किया है। अनमैन्ड मिशन के सफल होने के बाद मैन्ड मिशन होगा, जिसमें इंसान स्पेस में जाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गगनयान के लिए इसरो ने की थी पैराशूट की टेस्टिंग</p>



<p class="wp-block-paragraph">इससे पहले ISRO ने गगनयान मिशन के लिए ड्रैग पैराशूट का सफल परीक्षण 8 से 10 अगस्त के बीच चंडीगढ़ में किया था। ये पैराशूट एस्ट्रोनॉट्स की सेफ लैंडिंग में मदद करेगा। यह क्रू मॉड्यूल की स्पीड को कम करेगा, साथ ही उसे स्थिर भी रखेगा। इसके लिए एस्ट्रोनॉट्स की लैंडिंग जैसी कंडीशन्स टेस्टिंग के दौरान क्रिएट की गई थीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तीन एस्ट्रोनॉट 400 KM ऊपर जाएंगे, 3 दिन बाद लौटेंगे</p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;गगनयान&#8217; में 3 दिनों के मिशन के लिए 3 सदस्यों के दल को 400 KM ऊपर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा। इसके बाद क्रू मॉड्यूल को सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड कराया जाएगा। अगर भारत अपने मिशन में कामयाब रहा तो वो ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इसे पहले अमेरिका, चीन और रूस ऐसा कर चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">12 अप्रैल 1961 को सोवियत रूस के यूरी गागरिन 108 मिनट तक स्पेस में रहे।<br>5 मई 1961 को अमेरिका के एलन शेफर्ड 15 मिनट स्पेस में रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">PM मोदी ने 2018 में गगनयान मिशन की घोषणा की थी</p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2018 में, PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में गगनयान मिशन की घोषणा की थी। 2022 तक इस मिशन को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि कोविड महामारी के कारण इसमें देरी हुई। अब 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत तक इसके पूरा होने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">15 अक्टूबर 2003 को चीन के यांग लिवेड 21 घंटे स्पेस में रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बेंगलुरु में स्थापित ट्रेनिंग फैसिलिटी में एस्ट्रोनॉट की ट्रेनिंग</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसरो इस मिशन के लिए चार एस्टोनॉट्स को ट्रेनिंग दे रहा है। बेंगलुरु में स्थापित एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग फैसिलिटी में क्लासरूम ट्रेनिंग, फिजिकल फिटनेस ट्रेनिंग, सिम्युलेटर ट्रेनिंग और फ्लाइट सूट ट्रेनिंग दी जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसरो भविष्य के मानव मिशनों के लिए टीम का विस्तार करने की योजना भी बना रहा है। गगनयान मिशन के लिए करीब 90.23 अरब रुपए का बजट आवंटित किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गगनयान मिशन में रॉकेट में गड़बड़ी होने पर एस्ट्रोनॉट कैसे निकलेंगे इसका टेस्ट किया जाएगा</p>



<p class="wp-block-paragraph">इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) भारत के पहले ह्यूमन स्पेस फ्लाइट मिशन &#8216;गगनयान&#8217; के क्रू एस्केप सिस्टम की टेस्टिंग करने जा रहा है। इसके लिए फ्लाइट टेस्ट व्हीकल अबॉर्ट मिशन-1 भेजने की तैयारी चल रही है। क्रू एस्केप सिस्टम का मतलब है कि मिशन के दौरान कोई परेशानी आती है तो रॉकेट में मौजूद एस्ट्रोनॉट पृथ्वी पर सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ISRO पर रोज 100 से ज्यादा साइबर अटैक:सोमनाथ बोले- रॉकेट में यूज होने वाली चिप का सॉफ्टवेयर चुराने की कोशिश</p>



<p class="wp-block-paragraph">इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) के सॉफ्टवेयर पर हर दिन 100 से ज्यादा साइबर अटैक होते हैं। ISRO चीफ एस सोमनाथ ने शनिवार को केरल के कोच्चि में दो दिवसीय इंटरनेशनल साइबर कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चंद्रयान-3 के फिर जागने की उम्मीद:साउथ पोल पर सूरज की रोशनी पहुंचने लगी</p>



<p class="wp-block-paragraph">चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर के एक बार फिर जागने की उम्मीद है। 14 दिनों की रात के बाद चांद के दक्षिण ध्रुवीय हिस्से पर एक बार फिर सूरज की रोशनी पहुंचने लगी है। इसरो स्लीप मोड पर डाले गए विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से 22 सितंबर को संपर्क करने की कोशिश करेगा।</p>



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		<title>भारत बनायेगा अपना अंतरिक्ष केंद्र, शुक्र पर भेजेगा मिशन</title>
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		<pubDate>Thu, 13 Jun 2019 13:03:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली.  भारत ने दो-तीन साल में शुक्र पर मिशन भेजने और अगले एक दशक में अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है जिससे अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश के लिए एक नये युग की शुरुआत होगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, ... <a title="भारत बनायेगा अपना अंतरिक्ष केंद्र, शुक्र पर भेजेगा मिशन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/india-will-make-its-space-center-mercury-will-be-sent-to-venus-news/" aria-label="Read more about भारत बनायेगा अपना अंतरिक्ष केंद्र, शुक्र पर भेजेगा मिशन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="" src="https://i10.dainikbhaskar.com/thumbnails/730x548/web2images/www.bhaskar.com/2019/06/13/0521_isro.jpg" alt="à¤¸à¤¿à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤ à¤«à¥à¤à¥à¥¤" width="865" height="649" /></p>
<p>नयी दिल्ली.  भारत ने दो-तीन साल में शुक्र पर मिशन भेजने और अगले एक दशक में अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है जिससे अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश के लिए एक नये युग की शुरुआत होगी।</p>
<p>भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. के. शिवन ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, “हम अपना खुद का अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।” इस संबंध में आगे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि यह बहुत बड़ा अंतरिक्ष केंद्र नहीं होगा। यह 20 टन वजन का छोटा अंतरिक्ष केंद्र होगा।</p>
<p>डॉ. शिवन ने कहा, “हमारा उद्देश्य वहाँ स्थायी रूप से वैज्ञानिकों को रखना नहीं है। हम प्रयोग को अंजाम देने के लिए अपना मॉड्यूल भेजेंगे। गगनयान मिशन के बाद हम सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे।” उन्होंने बताया कि अगले एक दशक में भारत का अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित हो सकता है।</p>
<p>अंतरिक्ष केंद्र की लागत के बारे में पूछे जाने पर इसरो प्रमुख ने कहा कि अभी उसका आकलन नहीं किया गया है। अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभी यह परिकल्पना बेहद शुरुआती दौर में है। दिसंबर 2020 में गगनयान मिशन के बाद इस पर फोकस किया जायेगा और इसलिए अभी इसके बारे में ज्यादा जानकारी देना संभव नहीं है। डॉ. शिवन ने बताया कि इसरो अगले दो-तीन साल में शुक्र पर भी एक मिशन भेजेगा।</p>
<p><strong>तीसरा स्पेस स्टेशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा चीन</strong></p>
<p>इसके अलावा चीन भी 2 स्पेस स्टेशन लॉन्च कर चुका है। चीन ने 2011 में अपना पहला स्पेस स्टेशन तियांगोंग-1 लॉन्च किया था। इसे दो साल के लिए तैयार किया गया था। यह 1 अप्रैल 2018 को धरती पर गिरकर नष्ट हो गया था। चीन ने 2016 में तियांगोंग-2 लॉन्च किया। यह अभी भी मौजूद है। चीन 2022 तक तियांगोंग-3 को लॉन्च करने की भी योजना बना रहा है।</p>
<p><strong>मौजूदा समय में सिर्फ दो स्पेस स्टेशन</strong><br />
मौजूदा समय में सिर्फ दो स्पेस स्टेशन हैं। अमेरिका और रूस ने साझा प्रोजेक्ट के तौर पर 1998 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) बनाया था। कई अन्य देश भी बाद में इसके निर्माण में जुड़ते गए। हालांकि, ज्यादातर कंट्रोल्स और मॉड्यूल्स का खर्च अमेरिका ही उठाता है। 18 देशों के 230 लोग आईएसएस में जा चुके हैं। यह धरती से लगभग 400 किमी ऊंचाई पर स्थित है। यह 28 हजार किमी की गति से घूमता है।</p>
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