<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Kanpur Kidney Racket &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/kanpur-kidney-racket/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 16 Apr 2026 22:58:38 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.1</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>Kanpur Kidney Racket &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>ड्रोन से बदमाश पकड़ने वाली पुलिस को गच्चा&#8230;.किडनी कांड के चर्चित किरदार डॉ. अली ने कोर्ट में किया समर्पण&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/police-outwitted-despite-using-drones-to-nab-criminals-dr-ali-a-key-figure-in-the-infamous-kidney-scandal-surrenders-in-court/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/police-outwitted-despite-using-drones-to-nab-criminals-dr-ali-a-key-figure-in-the-infamous-kidney-scandal-surrenders-in-court/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 01:35:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[Fake Doctor Kidney Transplant]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Kidney Racket]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur police]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney Smuggling India]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Fraud News]]></category>
		<category><![CDATA[Mudassar Ali Siddiqui Surrender]]></category>
		<category><![CDATA[Rohit Tiwari Arrest]]></category>
		<category><![CDATA[up crime news]]></category>
		<category><![CDATA[अवैध किडनी रैकेट कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[ओटी टेक्निशियन बना डॉक्टर.]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर पुलिस किडनी गिरोह]]></category>
		<category><![CDATA[किडनी तस्करी मामला]]></category>
		<category><![CDATA[फर्जी डॉक्टर किडनी कांड]]></category>
		<category><![CDATA[मुदस्सर अली सिद्दीकी सरेंडर]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी क्राइम न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[रोहित तिवारी गिरफ्तार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=512970</guid>

					<description><![CDATA[&#8211; टोपी और मास्क लगाकर अदालत पहुंचा था डॉक्टर अली &#8211; जाल बिछाने में जुटी पुलिस को सरेंडर की भनक भी नहीं &#8211; 25 हजार के इनामी को कई जिलों में खोज रही थी खाकी &#8211; ओटी टेक्निशियन अली की पहचान एक डॉक्टर के रूप में कानपुर। ड्रोन के जरिए बदमाशों की गिरफ्तारी का दावा ... <a title="ड्रोन से बदमाश पकड़ने वाली पुलिस को गच्चा&#8230;.किडनी कांड के चर्चित किरदार डॉ. अली ने कोर्ट में किया समर्पण&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/police-outwitted-despite-using-drones-to-nab-criminals-dr-ali-a-key-figure-in-the-infamous-kidney-scandal-surrenders-in-court/" aria-label="Read more about ड्रोन से बदमाश पकड़ने वाली पुलिस को गच्चा&#8230;.किडनी कांड के चर्चित किरदार डॉ. अली ने कोर्ट में किया समर्पण&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-512971" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/kanour.jpg" alt="" width="1308" height="1076" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/kanour.jpg 1308w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/kanour-300x247.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/kanour-1024x842.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/kanour-768x632.jpg 768w" sizes="(max-width: 1308px) 100vw, 1308px" /></p>
<p>&#8211; टोपी और मास्क लगाकर अदालत पहुंचा था डॉक्टर अली<br />
&#8211; जाल बिछाने में जुटी पुलिस को सरेंडर की भनक भी नहीं<br />
&#8211; 25 हजार के इनामी को कई जिलों में खोज रही थी खाकी<br />
&#8211; ओटी टेक्निशियन अली की पहचान एक डॉक्टर के रूप में</p>
<p>कानपुर। ड्रोन के जरिए बदमाशों की गिरफ्तारी का दावा करने वाली कमिश्नरेट पुलिस को किडनी रैकेट के चर्चित किरदार मुदस्सर अली सिद्दीकी ने आइना दिखा दिया। यूपी, उत्तराखंड, मध्य़प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अली की तलाश में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस खाक छानती रही। दावा था कि, करीबियों तक शिकंजा टाइट है, जल्द ही डॉ. अली भी गिरफ्त में होगा। खाकी की तफ्तीश से अली बेचैन था, बावजूद पुलिस को चकमा देकर गुरुवार को एसीजेएम-6 की अदालत में हाजिर होकर जेल पहुंच गया। अली पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। डॉक्टर अली के रूप में विख्यात मुदस्सर अली सिद्दीकी दरअसल ओटी टेक्निशियन है, जोकि अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में बतौर डॉक्टर ऑपरेशन करता था। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि, किडनी गिरोह में कथित तौर पर डॉक्टर के रूप में शामिल कई अभियुक्त असली डॉक्टर भी नहीं हैं।</p>
<p><strong>कचहरी में सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क</strong><br />
किडनी रैकेट के सरगना रोहित तिवारी की गिरफ्तारी के बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन करने वाले डॉ. अली की जोर-शोर से तलाश थी। इसी दरमियान, गुरुवार को खाकी की घेराबंदी को गच्चा देकर डॉ. अली ने अदालत में समर्पण कर दिया। अली के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी का कहना है कि, उनके मुवक्किल का नाम एफआईआर में नहीं था। पुलिस की जांच में अली का नाम सामने आने के बाद सोमवार को अदालत में अर्जी लगाई थी। 16 मई को विवेचक ने अदालत को बताया कि, अली भी एफआईआर में वांछित हैं। ऐसे में मुदस्सिर अली सिद्दीकी ने गुरुवार को एसीजेएम-6 की कोर्ट में समर्पण कर दिया, जिसके बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क लगाकर कोर्ट परिसर पहुंचे डॉ. अली को कोई भी पुलिसकर्मी पहचान नहीं पाया।</p>
<p><strong>इंटर पास ‘डॉक्टर’ के गिरोह में अली भी फर्जी</strong><br />
किडनी रैकेट में गिरफ्तार असली डॉक्टरों की भूमिका फिलहाल सिर्फ किराये पर अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर मुहैया कराने तक नजर आई है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य सभी कथित डॉक्टर फर्जी हैं। रैकेट का मास्टरमाइंड डॉ. रोहित तिवारी भी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं था, बल्कि वह 12वीं पास वार्ड-ब्वाय निकला। गिरोह का अहम किरदार डॉ. अली का असली नाम मुदस्सिर अली सिद्दीकी है, जोकि दिल्ली के द्वारिका का निवासी है। नोयडा-मेरठ के अस्पताल में ओटी टेक्निशियन की नौकरी करने वाले अली ने कुछ साल पहले दिल्ली में ऑपरेशन की ट्रेनिंग लेने के बाद खुद को डॉक्टर घोषित कर दिया और किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में बतौर ऑपरेशन स्पेशलिस्ट की हैसियत से जुड़ गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि, रैकेट में शामिल रोहित और अली के अलावा डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अमित चौधरी और डॉ. अफजल भी असली डॉक्टर नहीं हैं।</p>
<p><strong>तीन सहायकों के साथ अली करता था ऑपरेशन</strong><br />
रैकेट के सरगना रोहित की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हुआ है कि, ओटी टेक्निशियन मुदस्सिर अली सिद्दीकी ऑपरेशन थियेटर के अंदर मुख्य भूमिका में रहता था। वह डोनर और रिसीवर के पेट में सर्जिकल कट लगाने के बाद किडनी निकालकर मरीज के पेट में शिफ्ट करता था। ऑपरेशन के दौरान अली के साथ एक जूनियर डॉक्टर और दो ओटी सहायक रहते थे। ऑपरेशन के बाद दो लोग लखनऊ निकल जाते थे, जबकि शेष दो लोग गाजियाबाद। गाजियाबाद से गिरफ्तार हुए ओटी टेक्निशियन राजेश कुमार का दावा है कि, इस वर्ष जनवरी से अप्रैल के दरमियान, कानपुर में पांच किडनी ट्रांसप्लांट हुए थे। सभी मामलों में अली ने ऑपरेशन के दौरान मुख्य भूमिका निभाई थी।</p>
<p><strong>गर्लफ्रैंड के चक्कर में पकड़ा गया रोहित</strong><br />
रैकेट के मास्टरमाइंड रोहित तिवारी की गिरफ्तारी के बाद मुदस्सिर अली सिद्दीकी काफी घबरा गया था। इसी नाते उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्म-समर्पण की योजना बनाई। पुलिस का दावा था कि, मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली व डॉ. अफजल अहमद के करीबियों को पुलिस ने रडार पर लिया है। इनके मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं, ऐसे में किसी भी वक्त गिरफ्तारी संभव है। इस दावे के इतर अली ने पुलिस को गच्चा देकर समर्पण कर दिया। गौरतलब है कि, अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फरार मास्टरमाइंड पुलिस ने रोहित तिवारी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। रोहित अपनी गर्लफ्रेंड और दिल्ली के नर्सिंग होम संचालक से वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए जुड़ा हुआ था। उसकी यही गलती भारी पड़ गई। पुलिस पहले उसकी गर्लफ्रेंड और नर्सिंग होम संचालक तक पहुंची। गर्लफ्रेंड से रोहित तिवारी के बारे में जानकारी मिल गई। मास्टरमाइंड रोहित तिवारी सोमवार को कल्याणपुर के इंदिरानगर में वकील से मिलने निकला था, इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/police-outwitted-despite-using-drones-to-nab-criminals-dr-ali-a-key-figure-in-the-infamous-kidney-scandal-surrenders-in-court/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कानपुर किडनी कांड : मेरठ में दबिश से पहले ठिकाने से भाग निकले अफजल और अमित&#8230;.सीडीआर के जरिए सामने आएंगे सिंडिकेट मेंबर</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-kidney-racket-afzal-and-amit-flee-hideout-just-before-raid-in-meerut-syndicate-members-to-be-identified-via-cdr-analysis/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-kidney-racket-afzal-and-amit-flee-hideout-just-before-raid-in-meerut-syndicate-members-to-be-identified-via-cdr-analysis/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 01:36:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[Ahuja Hospital Scam]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Afzal Meerut]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Rohit Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[Ghaziabad Crime News]]></category>
		<category><![CDATA[Human Organ Trafficking India]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Kidney Racket]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Police Raid]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney Donor Group Telegram]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney Smuggling UP]]></category>
		<category><![CDATA[OT Technician Arrested]]></category>
		<category><![CDATA[Shivam Agarwal Agent]]></category>
		<category><![CDATA[UP Crime News Today]]></category>
		<category><![CDATA[आहूजा अस्पताल किडनी रैकेट]]></category>
		<category><![CDATA[ओटी टेक्नीशियन गिरफ्तार]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर किडनी कांड]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर पुलिस रेड]]></category>
		<category><![CDATA[किडनी डोनर ग्रुप]]></category>
		<category><![CDATA[किडनी तस्करी यूपी]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ अफजल मेरठ]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ रोहित कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी क्राइम न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[शिवम अग्रवाल दलाल]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=512660</guid>

					<description><![CDATA[&#8211; मास्टरमाइंड डॉ. रोहित के दोनों नंबर स्विच-ऑफ &#8211; सीडीआर के जरिए सामने आएंगे सिंडिकेट मेंबर &#8211; रिसीवर पारुल के पति को पुलिस ने भेजा न्योता कानपुर। खाकी वर्दी के गद्दारों के कारण किडनी के सौदागर कानून की गिरफ्त में आने से बच निकले। लोकेशन की सटीक सूचना पर सर्विलांस टीम मेरठ के ठिकाने पर ... <a title="कानपुर किडनी कांड : मेरठ में दबिश से पहले ठिकाने से भाग निकले अफजल और अमित&#8230;.सीडीआर के जरिए सामने आएंगे सिंडिकेट मेंबर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kanpur-kidney-racket-afzal-and-amit-flee-hideout-just-before-raid-in-meerut-syndicate-members-to-be-identified-via-cdr-analysis/" aria-label="Read more about कानपुर किडनी कांड : मेरठ में दबिश से पहले ठिकाने से भाग निकले अफजल और अमित&#8230;.सीडीआर के जरिए सामने आएंगे सिंडिकेट मेंबर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-512661" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/hq720-67.jpg" alt="" width="686" height="386" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/hq720-67.jpg 686w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/hq720-67-300x169.jpg 300w" sizes="(max-width: 686px) 100vw, 686px" /></p>
<p>&#8211; मास्टरमाइंड डॉ. रोहित के दोनों नंबर स्विच-ऑफ<br />
&#8211; सीडीआर के जरिए सामने आएंगे सिंडिकेट मेंबर<br />
&#8211; रिसीवर पारुल के पति को पुलिस ने भेजा न्योता</p>
<p>कानपुर। खाकी वर्दी के गद्दारों के कारण किडनी के सौदागर कानून की गिरफ्त में आने से बच निकले। लोकेशन की सटीक सूचना पर सर्विलांस टीम मेरठ के ठिकाने पर पहुंच गई थी, लेकिन चंद मिनट पहले गद्दारों की सूचना के कारण डॉ. अफजल और अमित भाग निकले। कुछ घंटों बाद दोनों की लोकेशन गाजियाबाद में मिली तो पुलिस टीम ने पड़ोसी जिले में डेरा डाल दिया है। संभावित ठिकानों में दबिश जारी है। दूसरी ओर, पुलिस की गिरफ्त में आए ओटी टेक्निशियन के जरिए किडनी ट्रांसप्लांट के मास्टरमाइंड डॉ. रोहित के दो मोबाइल नंबरों की जानकारी हासिल हुई थी, लेकिन दोनों मोबाइल स्विच-ऑफ हैं। ऐसे में रोहित के मोबाइल नंबरों की सीडीआर के जरिए किडनी सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों की शिनाख्त की कोशिश होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>खाकी को विभाग के गद्दार की तलाश</strong><br />
किडनी कांड में आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा के साथ दलाल शिवम अग्रवाल, राम प्रकाश, राजेश व नरेंद्र सिंह को पुलिस पहले ही दिन जेल भेज चुकी है। बीते दिवस किडनी ट्रांसप्लांट में शामिल ओटी टेक्निशियन राजेश कुमार और कुलदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद कमिश्नरेट पुलिस को लखनऊ के डॉ. रोहित, मेरठ के डॉ. अफजल, डॉ. अमित उर्फ अनुराग और डॉ. वैभव की तलाश है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए संभावित इलाकों में दबिश जारी है। सर्विलांस टीम लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, मेरठ, देहरादून में डेरा जमाए है। इसी दौरान सटीक सूचना मिली कि, मेरठ के अमुक इलाके में डॉ. अफजल और डॉ. अमित मौजूद हैं। सर्विलांस टीम लोकेशन ट्रैस करते हुए मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस एक्शन की सूचना अफजल तक पहुंच गई थी। ऐसे में अफजल और अमित कुछ देर पहले ही ठिकाना छोड़कर निकल गए थे। कुछ घंटे बाद अफजल और अमित की लोकेशन पड़ोसी जिले गाजियाबाद में मिली थी। लोकेशन के आधार पर संभावित जगहों पर दबिश जारी है। इसी दौरान पुलिस को किडनी सिंडिकेट में शामिल गाजियाबाद के एक अन्य डाक्टर के बारे में भी जानकारी हासिल हुई है। चर्चा है कि, पुलिस एक्शन की सूचना को अफजल तक पहुंचाने वाले विभागीय गद्दार की शिनाख्त में आला अफसर जुटे हैं।</p>
<p><strong>रोहित की सीडीआर से बेनकाब होंगे चेहरे</strong><br />
बीते दिवस गिरफ्त में आए ओटी टेक्निशियन कुलदीप सिंह और राजेश कुमार ने पुलिस को तमाम पुख्ता जानकारियां मुहैया कराई हैं। हापुड़ के पिलखुआ निवासी कुलदीप सिंह वर्ष 2012 से गाजियाबाद के शांति गोपाल हास्पिटल में 42 हजार रुपए की तनख्वाह पर ओटी टेक्नीशियन है, जबकि गाजियाबाद का राजेश कुमार नोएडा के सर्वोदय हास्पिटल में ओटी मैनेजर है। उसका वेतन 70 हजार रुपये था। उसने ओटी का दो साल का कोर्स किया है। लगभग डेढ़ साल पहले राजेश और कुलदीप की मुलाकात गाजियाबाद के वैशाली स्थित अस्पताल में आयोजित सेमिनार में 35 वर्षीय डॉ. रोहित से हुई थी। धीरे-धीरे रिश्ते पुख्ता हुए और तीनों किडनी की खरीद-बिक्री और ट्रांसप्लांट के रैकेट में शामिल हो गए। इस रैकेट में डॉ. सैफ, अखिलेश और शैलेंद्र नामक तीन नए चेहरों के शामिल होने की जानकारी मिली है। सिंडिकेट के अन्य किरदारों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने डॉ. रोहित के मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, पुलिस जल्द ही आहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. प्रीति आहूजा और डॉ. सुरजीत आहूजा की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी में जुटी है।</p>
<p><strong>पुलिस के बुलावे पर नहीं आया पारुल का पति</strong><br />
किडनी डोनर आयुष चौधरी का कहना है कि, उसे किडनी दान करने के एवज में साढ़े नौ लाख रुपए का ऑफर था, जबकि सिर्फ छह लाख रुपए दिए गए। पुलिस को इनपुट मिला है कि, आयुष को देने के लिए पारुल के पति से दलाल शिवम ने 15 लाख रुपए वसूले थे। चर्चा है कि, किडनी ट्रांसप्लांट का सौदा डॉ. अफजल और डॉ. रोहित के रैकेट ने शिवम के साथ मिलकर पारुल के पति से 60 लाख में किया था। ऐसे में सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी पारुल के पति स्कूल संचालक विकास तोमर को पूछताछ के लिए बुलाया है, लेकिन वह अभी तक नहीं आय़ा है। डीसीपी-पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, पारुल के पति को बुलाने के लिए दोबारा नोटिस भेजी जाएगी।</p>
<p><strong>उस रात होने थे दो किडनी ट्रांसप्लांट !</strong><br />
गिरफ्तार ओटी टेक्निशियन के हासिल जानकारी के आधार पर मालूम हुआ है कि, 29 मार्च की रात केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में एक नहीं, बल्कि दो किडनी ट्रांसप्लांट होने थे। दोनों केस में सर्जरी की जिम्मेदारी डॉ. अफजल के जिम्मे थे, जबकि एनेस्थीसिया के लिए डॉ. रोहित मौजूद था। पारुल का ऑपरेशन होने के दौरान सिंडिकेट को पुलिस की सुगबुगाहट लग गई थी, जिसकी वजह से सिंडिकेट एक ही किडनी ट्रांसप्लांट करने के बाद भाग निकला था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि रोहित एनेस्थीसिया का डाक्टर होने के चलते किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद सबसे आखिरी में जाता था, जबकि उसकी पूरी टीम पहले ही चली जाती थी। मरीज को होश आने के बाद ही डॉ. रोहित अस्पताल छोड़ता था। ओटी टेक्निशियन के मुताबिक, होली के बाद भी वे सभी शहर आए थे और एक रेलवे क्रासिंग के पास अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट किया था, हालांकि रात होने के चलते अस्पताल का नाम नहीं मालूम है।</p>
<p><strong>व्हाट्सएप ग्रुप से मरीज फंसाता था दलाल शिवम</strong><br />
कानपुर। टेलीग्राम पर किडनी डोनर ग्रुप से पहले शिवम ने ‘मदद 24 इन टू सेवन’ नामक वाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में कल्याणपुर, रावतपुर के कई अस्पतालों के संचालकों को जोड़ा था। पहले ग्रुप बनाने का उद्देश्य एंबुलेंस की जरूरत को पूरा करना था, लेकिन बाद में उसके जरिए मरीजों को भर्ती कराने के नाम पर दलाली और बाद में किडनी ट्रांसप्लांट व खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा। इसी ग्रुप के जरिए दलाल शिवम आहूजा अस्पताल के दंपती से मिला था। एलएलआर अस्पताल आने वाले मरीजों को भी वह अच्छे व सस्ते इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराता था, जिसके एवज में अस्पताल से दलाली मिलती थी। उसी ग्रुप में मरीज की डिटेल शेयर करता था, जिस अस्पताल संचालक का संदेश ग्रुप में पहले आता। वह मरीज उसी अस्पताल में पहुंचाता था।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-kidney-racket-afzal-and-amit-flee-hideout-just-before-raid-in-meerut-syndicate-members-to-be-identified-via-cdr-analysis/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा: 8 गिरफ्तार, रडार पर आधा दर्जन अस्पताल; डॉक्टर रोहित और अली की तलाश में जुटी पुलिस</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/major-revelation-in-kanpur-kidney-racket-8-arrested-half-a-dozen-hospitals-under-scanner-police-launch-manhunt-for-doctors-rohit-and-ali/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/major-revelation-in-kanpur-kidney-racket-8-arrested-half-a-dozen-hospitals-under-scanner-police-launch-manhunt-for-doctors-rohit-and-ali/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanu]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 01:36:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Dr Rohit Indirapuram]]></category>
		<category><![CDATA[Hospital Raid Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[Human Organ Trafficking News]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Kidney Transplant UP]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Crime News Today]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Kidney Racket]]></category>
		<category><![CDATA[Kidney Smuggling India]]></category>
		<category><![CDATA[Rawatpur Police Action]]></category>
		<category><![CDATA[SM Qasim Abidi DCP]]></category>
		<category><![CDATA[up police news]]></category>
		<category><![CDATA[अवैध किडनी ट्रांसप्लांट]]></category>
		<category><![CDATA[एसएम कासिम आबिदी]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर अस्पताल जांच]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर किडनी कांड]]></category>
		<category><![CDATA[किडनी रैकेट का भंडाफोड़]]></category>
		<category><![CDATA[डॉक्टर अली कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[डॉक्टर रोहित गाजियाबाद]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी क्राइम न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[रावतपुर पुलिस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=512657</guid>

					<description><![CDATA[कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रावतपुर थाना क्षेत्र से शुरू हुआ अवैध किडनी खरीद-फरोख्त का काला कारोबार अब दिल्ली-एनसीआर तक फैल गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 आरोपितों को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि जांच की तपिश अब 7 से 8 बड़े अस्पतालों तक पहुंच गई है। ... <a title="कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा: 8 गिरफ्तार, रडार पर आधा दर्जन अस्पताल; डॉक्टर रोहित और अली की तलाश में जुटी पुलिस" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/major-revelation-in-kanpur-kidney-racket-8-arrested-half-a-dozen-hospitals-under-scanner-police-launch-manhunt-for-doctors-rohit-and-ali/" aria-label="Read more about कानपुर किडनी कांड में बड़ा खुलासा: 8 गिरफ्तार, रडार पर आधा दर्जन अस्पताल; डॉक्टर रोहित और अली की तलाश में जुटी पुलिस">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="model-response-message-contentr_fa45b71e1219b7cd" class="markdown markdown-main-panel enable-updated-hr-color" dir="ltr" aria-live="polite" aria-busy="false">
<h2 data-path-to-node="0"><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-512658" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/51424fa6269de2f4bc838ffe161f9d21_423719753.jpg" alt="" width="1280" height="853" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/51424fa6269de2f4bc838ffe161f9d21_423719753.jpg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/51424fa6269de2f4bc838ffe161f9d21_423719753-300x200.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/51424fa6269de2f4bc838ffe161f9d21_423719753-1024x682.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/04/51424fa6269de2f4bc838ffe161f9d21_423719753-768x512.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></h2>
<p data-path-to-node="1"><b data-path-to-node="1" data-index-in-node="0">कानपुर।</b> उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रावतपुर थाना क्षेत्र से शुरू हुआ अवैध किडनी खरीद-फरोख्त का काला कारोबार अब दिल्ली-एनसीआर तक फैल गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक <b data-path-to-node="1" data-index-in-node="171">8 आरोपितों</b> को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि जांच की तपिश अब <b data-path-to-node="1" data-index-in-node="234">7 से 8 बड़े अस्पतालों</b> तक पहुंच गई है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एसएम कासिम आबिदी ने शुक्रवार को बताया कि इस गिरोह के तार बेहद गहरे हैं और जल्द ही कुछ बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।</p>
<h3 data-path-to-node="2"><b data-path-to-node="2" data-index-in-node="0">गाजियाबाद का डॉक्टर रोहित और &#8216;संदिग्ध&#8217; डॉक्टर अली रडार पर</b></h3>
<p data-path-to-node="3">किडनी ट्रांसप्लांट के इस अवैध खेल में गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="69">डॉक्टर रोहित</b> का नाम प्रमुखता से उभरा है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली-एनसीआर में लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं, एक अन्य संदिग्ध <b data-path-to-node="3" data-index-in-node="214">डॉक्टर अली</b> की भूमिका को लेकर भी सस्पेंस गहरा गया है। जब पुलिस अली के घर पहुंची, तो परिजनों ने उसे डॉक्टर मानने से इनकार करते हुए &#8216;टेक्नीशियन&#8217; बताया। हालांकि, ऑपरेशन थिएटर (OT) के अन्य कर्मचारियों ने पूछताछ में दावा किया है कि अली ही अवैध सर्जरी को अंजाम देता था। पुलिस अब इन विरोधाभासी बयानों की कड़ियां जोड़ रही है।</p>
<h3 data-path-to-node="4"><b data-path-to-node="4" data-index-in-node="0">अस्पतालों में चल रहा था मौत का सौदा</b></h3>
<p data-path-to-node="5">जांच के दौरान कानपुर और आसपास के इलाकों के लगभग आधा दर्जन नामी अस्पतालों के नाम सामने आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन अस्पतालों की मिलीभगत से ही अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे थे। पुलिस इन संस्थानों के रिकॉर्ड खंगाल रही है और वहां के मैनेजमेंट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है। ओटी टेक्नीशियनों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने लोगों की किडनी निकाली जा चुकी है और इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है।</p>
<h3 data-path-to-node="6"><b data-path-to-node="6" data-index-in-node="0">गरीबों को निशाना बना रहा था गिरोह</b></h3>
<p data-path-to-node="7">प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर उनकी किडनी निकाल लेता था और फिर उसे ऊंचे दामों पर रसूखदार मरीजों को बेच दिया जाता था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, पिछले दो दिनों से पुलिस लगातार साक्ष्य संकलन (Evidence Collection) में जुटी है। बरामद किए गए दस्तावेजों और मोबाइल कॉल डिटेल्स से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने में मदद करेंगे।</p>
<h3 data-path-to-node="8"><b data-path-to-node="8" data-index-in-node="0">पुलिस की सख्त कार्रवाई और भविष्य की रणनीति</b></h3>
<p data-path-to-node="9">कानपुर पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों के आधार पर जो भी अस्पताल या डॉक्टर दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फरार संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है और निजी अस्पतालों के ट्रांसप्लांट लाइसेंस की समीक्षा की जा रही है।</p>
<p data-path-to-node="11">
</div>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/major-revelation-in-kanpur-kidney-racket-8-arrested-half-a-dozen-hospitals-under-scanner-police-launch-manhunt-for-doctors-rohit-and-ali/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-07-15 05:05:22 by W3 Total Cache
-->