<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Kumbh Mela 2019 &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/kumbh-mela-2019/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Sun, 10 Feb 2019 08:29:34 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>Kumbh Mela 2019 &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>बसंत पंचमी: तीसरे शाही स्नान में दोपहर तक दो करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी, देंखे PHOTOS</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/basant-panchami-twenty-two-million-people-dip-in-the-third-shahi-bath-by-afternoon-see-photos-photos/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 Feb 2019 08:29:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA["कुंभ 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Allahabad]]></category>
		<category><![CDATA[basant panchami]]></category>
		<category><![CDATA[Basant Panchami 2019]]></category>
		<category><![CDATA[juna akhada]]></category>
		<category><![CDATA[Juna akhara]]></category>
		<category><![CDATA[kumbh]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh mela]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh Mela 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh mela region]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh Shahi Snan in Prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[Security arrangements]]></category>
		<category><![CDATA[Shahi Snan]]></category>
		<category><![CDATA[third Shahi Snan]]></category>
		<category><![CDATA[vasant panchami]]></category>
		<category><![CDATA[Vasant Panchami 2019]]></category>
		<category><![CDATA[अंतिम शाही स्नान]]></category>
		<category><![CDATA[कुंभ]]></category>
		<category><![CDATA[तीसरा शाही स्नान]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज]]></category>
		<category><![CDATA[प्रयागराज कुंभ मेला]]></category>
		<category><![CDATA[बसंत पंचमी]]></category>
		<category><![CDATA[बसंत पंचमी 2019]]></category>
		<category><![CDATA[शाही स्नान]]></category>
		<category><![CDATA[शाही स्नान लाइव अपडेट्स]]></category>
		<category><![CDATA[शुभ मुहूर्त शाही स्नान]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=23592</guid>

					<description><![CDATA[कुम्भ नगर.  भाषा, संस्कृति, आध्यात्म के साथ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम कुंभ मेले में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर तीसरा और अंतिम शाही स्नान आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के चाकचौबंद इंतजामों के बीच तड़के पारम्परिक तरीके में शुरू हो गया।  तड़के से ... <a title="बसंत पंचमी: तीसरे शाही स्नान में दोपहर तक दो करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी, देंखे PHOTOS" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/basant-panchami-twenty-two-million-people-dip-in-the-third-shahi-bath-by-afternoon-see-photos-photos/" aria-label="Read more about बसंत पंचमी: तीसरे शाही स्नान में दोपहर तक दो करोड़ लोगों ने लगाई डुबकी, देंखे PHOTOS">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुम्भ नगर. </strong> भाषा, संस्कृति, आध्यात्म के साथ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम कुंभ मेले में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर तीसरा और अंतिम शाही स्नान आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के चाकचौबंद इंतजामों के बीच तड़के पारम्परिक तरीके में शुरू हो गया।  तड़के से ही संगम की विस्तीर्ण रेती पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778641.jpeg" alt="Naga Sadhu" /></p>
<p>‘हर हर गंगे और गंगा तेरा पानी अमृत झर-झर बहता जाये’ के कर्ण प्रिय स्वर लहरियां मन को आस्था से सराबोर कर रही थीं। श्रद्धालु कई-कई किलाेमीटर की पैदल यात्रा कर तीर्थराज त्रिवेणी गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने शनिवार की रात से आस्था की डुबकी लगानी शरू कर दी। दोपहर तक लगभग दो करोड़ लोगो ने स्नान किया।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2019/02/10/16_9/16_9_1/_1549768326.jpg" alt="à¤à¥à¤¨à¤¾ à¤à¤à¤¾à¥à¤¾ à¤à¥ à¤¨à¤¾à¤à¤¾ à¤¸à¥à¤¨à¤¾à¤¨ à¤à¥ à¤ªà¤¹à¥à¤à¤à¥" /><br />
ज्योतिषियों के अनुसार बसंत पंचमी स्नान का मुहूर्त शनिवार सुबह 8.55 बजे से रविवार सुबह 10 बजे तक है। ग्रह-नक्षत्रों की खास स्थिति बनने से नहान और दान करने वाले श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी का स्नान मनोवांछित फल प्रदान करने वाला होगा। रेवती नक्षत्र, साध्य योग का विशेष संयोग बसंत पंचमी की पुण्य बेला में संगम में स्नान करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778286.jpeg" alt="Naga Sadhu" /><br />
शनिवार की सुबह से श्रद्धालुओं का स्नान करने का क्रम बना रहा जिसकी कड़ी देर शाम जाकर टूटी। उसके बाद मध्य रात्रि से पुन: श्रद्धालुओं का रेला त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाने लगा। शनिवार को दिन में सर्द तेज हवा मानो श्रद्धालुओं की आस्था की परीक्षा ले रहा हो।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778511.jpeg" alt="Naga Sadhu" /></p>
<p>रात जैसे-जैसे गहराती गई सर्द हवा अपना दामन फैलाती गयी। संगम की विस्तीर्ण रेती पर खुले अम्बर के नीचे चादर ओढ़े कंप कंपी लगाते श्रद्धालु भोर की प्रतीक्षा कर रहे थे। श्रद्धालुओं के आस्था के सामने सर्द हवा के झोंके को उस समय हार माननी पड़ी जब उन्होंने घाट पर त्रिवेणी में उतरने से पहले मां गंगा का आचमन किया और “ हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय” जपते हुए आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2019/02/10/16_9/16_9_1/shahi_snan_1549766366.jpg" alt="shahi snan" /></p>
<p>करीब 3200 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में फैले मेला क्षेत्र में जिधर नजर घुमाओ, वहां श्रद्धालु ही नजर आ रहा है। इस दौरान चप्पे चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी के साथ भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे दिखायी दे रहे हैं। पुलिस के जवानो की मदद के लिये आरपीएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, और आईटीबी समेत अर्ध सैनिक बलों की टुकड़ियां मुस्तैदी के साथ अपने काम को अंजाम देने में जुटी हुयी है। इसके अलावा 500 रेकरूट 10 इंसपेक्टर समेत सुरक्षा बल (बीएसएफ) की दो और कंपनियां मेला क्षेत्र में तैनात की गयी हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2019/02/10/16_9/16_9_1/shahi_snan_1549765418.jpg" alt="shahi snan" /><br />
कुम्भ के तीसरे शाही स्नान पर्व की शुरूआत परम्परा के मुताबिक श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा ने की। इसके साथ श्री पंचायती अटल अखाड़ा ने भी संगम में डुबकी लगायी। दोनों अखाड़े सेक्टर 16 स्थित शिविर से तड़के 5.15 बजे शाही जुलूस के साथ निकले। भोर 5 :35 बजे पहला शाही स्नान महानिर्वाणी अखाड़ा ने किया। उसके साथ अटल अखाड़ा भी था।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2019/02/10/16_9/16_9_1/shahi_snan_1549765080.jpg" alt="shahi snan" /><br />
बाद में सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा और तपोनिधि श्री पंचायती आनन्द अखाड़ा ने शाही स्नान किया। आठ बजे श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा ने एक साथ शाही स्नान किया। इसके बाद बैरागी अखाड़ों के शाही स्नान का क्रम शुरु होगा। इसमें सबसे पहले अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा 10.40 बजे शाही स्नान करेगा। उसके बाद अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा 11.20 बजे और अखिल भारतीय पंच निर्मोही अनी अखाड़ा 12.20 बजे शाही स्नान करेगा।<br />
<img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549777965.jpeg" alt="Naga Sadhu" /><br />
उदासीन अखाड़े सबसे अंत में स्नान करने आयेंगे। इसमें सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन 1.15 बजे, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन 2.20 बजे और श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला 3.40 बजे शाही स्नान करेगा जबकि प्रशासन से हुई बातचीत के बाद अखाड़ों ने शाही स्नान के जुलूस में बड़े वाहन न ले जाने पर सहमति भी दे दी है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778080.jpeg" alt="Naga Sadhu" /><br />
इस बीच संगम में आठ किलोमीटर के दायरे में स्नान के लिए बनाए गए 40 विभिन्न घाटों पर भोर आठ बजे तक 43 लाख श्रद्धालुओ ने आस्था की डुबकी लगा चुके थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिये सुरक्षा बलों के साथ स्वयं सेवक भी लगाये गये है। बाहर के जिलों से आने वाले वाहनो का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित कर दिया गया है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2019/02/10/16_9/16_9_1/shahi_snan_1549766559.jpg" alt="shahi snan" /><br />
सरकारी बसों और अन्य निजी वाहनो के लिये शहर के बाहरी छोरों पर अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गयी है जबकि वहां से सिविल लाइंस तक के लिये कुंभ शटल में मुफ्त यात्रा का इंतजाम किया गया है। सिविल लाइंस से संगम तक जाने के लिये केवल पैदल लोगों को इजाजत दी जा रही है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778560.jpeg" alt="Naga Sadhu" /></p>
<p>सुरक्षा की दृष्टि से मेला परिसर में करीब 400 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं जबकि 96 फायर वाच टावर में तैनात जवान भीड़ को नियंत्रित करने के साथ साथ अवांछनीय तत्वों पर पैनी नजर बनाये हुये हैं। मेला क्षेत्र को 10 जोन में बांट कर सुरक्षा बलों की 37 कंपनियां तैनात की गयी है। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये इसके अलावा 10 कंपनी एनडीआरएफ की तैनाती की गयी है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778006.jpeg" alt="Naga Sadhu" /><br />
बड़ी संख्या में लोगों को रात खुले आसमान के नीचे सोकर गुजारनी पड़ रही है। बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों से आस्थावानों के आने का सिलसिला लगातार बना हुआ है। ग्रामीण इलाके से आने वाले लोगों की संख्या अधिक है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/basant-panchami_1549778046.jpeg" alt="basant panchami" /><br />
कुंभ के आकर्षण ने हजारों की संख्या में अमेरिका, आस्ट्रेलिया, रूस, फ्रांस और कनाडा समेत अन्य देशों के सैलानियों को भी डेरा डालने पर मजबूर कर दिया है। भारी भीड़ को देखते हुए बाहर से आने वाले वाहनों को शहरी सीमा के बाहर फाफामऊ, नैनी, झूंसी और सुलेमसराय आदि इलाकों में बनी पार्किंग में ही रोक दिया जा रहा है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2019/02/10/750x506/naga-sadhu_1549778206.jpeg" alt="Naga Sadhu" /><br />
कुंभ मेला के बसंत पंचमी स्नान पर्व के अवसर पर तीसरे और अंतिम शाही स्नान के बाद धीरे-धीरे मेला की चमक फीकी पड़ने लगेगी। इसके बाद 19 फरवरी को माघी पूर्णिमा और मेला का अंतिम स्नान चार मार्च महाशिवरात्रि पर होगा। सुरक्षा व्यवस्था अखिरी स्नान तक बनी रहेगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="hi" dir="ltr">प्रयागराज कुंभ में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर तृतीय शाही स्नान के पुण्य अवसर पर पधारे समस्त संत महात्माओं, धर्माचार्यों एवं श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं।</p>
<p>&mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) <a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/1094431715743825920?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 10, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कुंभ: शाही स्नान के साथ कुंभ का आगाज, इतिहास में पहली बार हो रही हैं ये 10 चीजें,</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kumbha-kumbha-beginning-with-imperial-bath-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Jan 2019 06:13:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[devotees at kumbh shahi snan]]></category>
		<category><![CDATA[kumbh]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh mela]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh Mela 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh mela news]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh prayagraj 2019]]></category>
		<category><![CDATA[kumbh shahi snan]]></category>
		<category><![CDATA[kumbh snan]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh snan Prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[Mahakumbh shahi snan 2019]]></category>
		<category><![CDATA[pilgrimage at Kumbh mela]]></category>
		<category><![CDATA[prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[prayagraj kumbh mela]]></category>
		<category><![CDATA[Prayagraj news]]></category>
		<category><![CDATA[shahi snan 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Shahi snan at pryagraj]]></category>
		<category><![CDATA[Triveni Sangam shaahi snaan]]></category>
		<category><![CDATA[unesco]]></category>
		<category><![CDATA[UP Government Kumbh]]></category>
		<category><![CDATA[world heritage]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath Kumbh news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=21246</guid>

					<description><![CDATA[कुंभनगर(प्रयागराज) । तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के अवसर पर अखाड़ों के प्रथम शाही स्नान के साथ मंगलवार को कुंभ का आगाज हो गया । सुबह के छह बजते ही अखाड़ों के सन्यासी पुरी शान शौकत के साथ पवित्र संगम में पुण्य की डुबकी लगाने लगे। शाही स्नान का यह सिलसिला शाम करीब पांच बजे ... <a title="कुंभ: शाही स्नान के साथ कुंभ का आगाज, इतिहास में पहली बार हो रही हैं ये 10 चीजें," class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kumbha-kumbha-beginning-with-imperial-bath-news/" aria-label="Read more about कुंभ: शाही स्नान के साथ कुंभ का आगाज, इतिहास में पहली बार हो रही हैं ये 10 चीजें,">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कुंभनगर(प्रयागराज) । तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के अवसर पर अखाड़ों के प्रथम शाही स्नान के साथ मंगलवार को कुंभ का आगाज हो गया । सुबह के छह बजते ही अखाड़ों के सन्यासी पुरी शान शौकत के साथ पवित्र संगम में पुण्य की डुबकी लगाने लगे। शाही स्नान का यह सिलसिला शाम करीब पांच बजे तक जारी रहेगा।</p>
<p>अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और कुंभ मेला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से तय समय के अनुसार सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के सन्यासियों ने शाही स्नान किया। दोनों अखाड़ा के साधु संत अपनी छावनी से सज धजकर शाही सवारी के साथ प्रातः 5:15 बजे प्रस्थान किये। अखाड़ों के महामण्डलेश्वर अलग-अलग रथों पर सवार हैं। महानिर्वाणी व अटल अखाड़े के बाद निरंजनी अखाड़े के सन्यासी शाही स्नान के लिए संगम तट पर पहुँचेगें। इसके बाद आवाहन, अग्नि और किन्नर अखाड़े के साथ जूना अखाड़े के सन्यासी शाही स्नान करेंगे। इस तरह कुल 13 अखाड़ों के शाही स्नान का यह सिलसिला शाम करीब पांच बजे तक जारी रहेगा। अखाड़ों का जत्था जैसे ही संगम तट पर पहुँच रहा है मेला प्रशासन के अधिकारी परम्परागत फूल व माला से सन्यासियों व महामण्डलेश्वरों का स्वागत कर रहे हैं। कुंभ के प्रथम शाही स्नान के अवसर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2019/01/13/kumbh________cover_154738.jpg" alt="Image result for à¤à¥à¤à¤­: à¤¶à¤¾à¤¹à¥ à¤¸à¥à¤¨à¤¾à¤¨ à¤à¥ à¤¸à¤¾à¤¥ à¤à¥à¤à¤­ à¤à¤¾ à¤à¤à¤¾à¤, à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸ à¤®à¥à¤ à¤ªà¤¹à¤²à¥ à¤¬à¤¾à¤° à¤¹à¥ à¤°à¤¹à¥ à¤¹à¥à¤ à¤¯à¥ 10 à¤à¥à¤à¥à¤," /></p>
<h3>कुम्भ क्षेत्र: श्रद्धालुओं ने खुले आसमान के नीचे बितायी रात, फिर लगायी डुबकी</h3>
<p>कुम्भ नगरी (प्रयागराज)। कुम्भ क्षेत्र में मकर संक्रांति के स्नान पर देश-प्रदेश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने खुले आसमान के नीचे रात्रि बितायी। बीती रात दो बजकर तीस मिनट के बाद संक्रांति की तिथि शुरु होते ही श्रद्धालुओं ने विभिन्न घाटों पर डुबकी लगायी। मकर संक्रांति के स्नान को पावन माना जाता है। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान कर पुण्य की प्राप्ति की जाती है। मंगलवार को मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विभिन्न घाटों पर भोर से ही डुबकी लगानी शुरु कर दी। इसके पहले रात्रि पहर कुम्भ क्षेत्र में आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने खुले आसमान के नीचे टाट या कम्बल बिछाकर अपनी नींद पूरी की। ठंडी हवाओं के चलने के बाद भी श्रद्धालुओं की श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी और जैसे ही उनकी नींद टूटी, वे घाट की ओर बढ़ चले। श्रद्धालुओं ने पुरे आनन्द भाव से स्नान किया। खुले आसमान में सोये प्रतापगढ़ जिले से कुम्भ क्षेत्र में पधारे श्रद्धालुओं रवि और आकाश ने बताया कि वे मोटरसाइकिल से प्रयागराज पहुंचें और वाहन को खड़ा कर खुले में बिछाकर सो गए।</p>
<p><img decoding="async" src="https://i10.dainikbhaskar.com/thumbnails/891x770/web2images/www.bhaskar.com/2019/01/13/0521_01_1-1_1547384754.jpg" alt="Image result for à¤à¥à¤à¤­: à¤¶à¤¾à¤¹à¥ à¤¸à¥à¤¨à¤¾à¤¨ à¤à¥ à¤¸à¤¾à¤¥ à¤à¥à¤à¤­ à¤à¤¾ à¤à¤à¤¾à¤, à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸ à¤®à¥à¤ à¤ªà¤¹à¤²à¥ à¤¬à¤¾à¤° à¤¹à¥ à¤°à¤¹à¥ à¤¹à¥à¤ à¤¯à¥ 10 à¤à¥à¤à¥à¤," /></p>
<p>इसके बाद भोर में उठकर स्नान के लिए जा रहें है। स्नान करने के बाद वे वापस हो जाएंगे। बिहार के भभुआ जिले से स्नान के लिए आए प्रभुराम ने बताया कि वह भभुआ से वाराणसी आए और वहां से रेलगाड़ी से प्रयागराज पहुंचें। फिर रेलवे स्टेशन से पैदल कुम्भ क्षेत्र में पहुंचें। सेक्टर चार में वह खुले मैदान में कम्बल बिछाकर और ओढ़कर सो गए। मकर संक्रांति की तिथि लगते ही उन्होंने स्नान किया। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से आए सूरजभान सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि मकर संक्रांति पर प्रतिवर्ष उनका परिवार संगम नहाने आता है। इस बार कुम्भ लगा है तो वे रेलगाड़ी से एक बजे रात्रि में प्रयागराज के कुम्भ क्षेत्र में पहुंच गए। फिर दो घंटे रुककर स्नान करने के लिए जा रहें है। उन्होंने बताया कि रात्रि पहर ठंडक है। इसके लिए वे अपने साथ कम्बल लेकर चले थे। जिसे ओढ़कर दो घंटे तक इंतजार किया। स्नान करने के बाद वे साधु संतों के दर्शन के बाद वापस हो जाएंगे। प्रयागराज जिले के नैनी के निवासी शिवानन्द मिश्रा ने बताया कि मकर संक्रांति पर उनके परिवार के सदस्य बारी-बारी से संगम स्नान करते हैं। अभी भोर में वह आए हैं। इसके बाद सुबह तक उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे आएंगे। उनके परिवार के सदस्य हमेशा से ही संगम में स्नान करते रहें है।</p>
<p><img decoding="async" src="https://images.hindi.news18.com/ibnkhabar/uploads/2019/01/laxmi.jpg" alt="Image result for à¤à¥à¤à¤­: à¤¶à¤¾à¤¹à¥ à¤¸à¥à¤¨à¤¾à¤¨ à¤à¥ à¤¸à¤¾à¤¥ à¤à¥à¤à¤­ à¤à¤¾ à¤à¤à¤¾à¤, à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸ à¤®à¥à¤ à¤ªà¤¹à¤²à¥ à¤¬à¤¾à¤° à¤¹à¥ à¤°à¤¹à¥ à¤¹à¥à¤ à¤¯à¥ 10 à¤à¥à¤à¥à¤," /></p>
<h2>ये 10 चीजें,</h2>
<p><strong>आजादी के बाद पहली बार ऐसा योग</strong></p>
<p>ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कुंभ में कुछ ऐसा योग बना है जो आजादी के बाद से अब तक इससे पहले कभी नहीं बना। उनका कहना है कि 71 सालों के बाद कुंभ में इस बार महोदय योग जैसा दुर्लभ संयोग बना है। इस दिन श्रवण नक्षत्र, व्यतिपात योग, सर्वार्थसिद्धि योग और शुरुआती दिन सोमवार होने से इस दिन महोदय योग बन रहा है। इस लिए इस दिन के शाही स्नान को काफी खास माना जा रहा है।</p>
<p><strong>यूनेस्को ने सांस्कृतिक धरोहरों में किया शामिल</strong></p>
<p>इस आयोजन के आस्था, विश्वास और विश्व भर में फैली इसकी लोकप्रियता को देखते हुए वैश्विक संगठन यूनेस्को ने इसे विश्व की सांसकृतिक धरोहरों में शामिल कर लिया है। यही कारण है कि केंद्र और राज्य सरकार ने इस आयोजन की भव्यता को दुनियाभर में दिखाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी।</p>
<p><strong>हवाई मार्ग से जोड़ा प्रयागराज</strong></p>
<p>इतिहास गवाह है कि कुंभ मेले के विहंगम आयोजन का हिस्सा बनने के लिए देश-दुनियाभर से लोग आते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यातायात सुविधा का भी बेहद सुचारु इस्तेमाल किया है। बताया जा रहा है कि प्रयागराज को देश के 14 शहरों से सीधे हवाई मार्ग से जोड़ा है। वहीं कुंभ मेले में मार्गों पर महापुरुषों के नाम पर गेटों का निर्माण किया गया है।</p>
<p><strong>सभी रास्तों पर होगी सुरक्षा</strong></p>
<p>सुविधा और सुरक्षा का ऐसा इस्तेमाल किया गया है जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। इस बार कुंभ में में करीब 5000 अस्थायी शौचालय बनाए गए हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है। करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए लगभग सभी मार्गों पर कड़े सुरक्षा के इंतजामात किए गए हैं।</p>
<p><strong>सभी गांव को मिला न्योता</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश में आयोजित कुंभ मेला को खासमखास बनाने के लिए योगी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए राज्य सरकार ने देश के लगभग हर गांव को न्योता भेजा है इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को खासतौर पर व्यक्तिगत न्योता भेजा है।</p>
<p><strong>अबतक का सबसे बड़ा पार्किंग स्थल</strong></p>
<p>एक अन्य मामले में कुंभ 2019 ने एक रिकॉर्ड कायम किया है। इस बार अब तक का सबसे बड़ा पार्किंग स्थल का निर्माण किया गया है। करीब 6 लाख वाहनों की पार्किंग के लिए लगभग 1193 हेक्टेयर जमीन पर 120 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।</p>
<p><strong>संत करने जा रहे हैं ये नई परंपरा शरू</strong></p>
<p>इस कुंभ की खास बात ये है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब यहां जुटे साधु- संतों नेदेहदान की घोषणा कर इस नई परंपरा की शुरुआत की है। उन्होंने कहा है कि वे चिकित्सा विज्ञान के लिए अपना देहदान करेंगे जिससे मानवता का कल्याण हो सके।</p>
<p><strong>किन्नर अखाड़े की निकाली गई पेशवाई</strong></p>
<p>बता दें कि इससे पहले 13 अखाड़ों को ही पेशवाई का अधिकार था जिसमें किन्नर नहीं शामिल थे, लेकिन ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि इस बार किन्नर अखाड़ों की भी पेशवाई निकाली गई है। किन्नर अखाड़े को जूना अखाड़े में निकाला गया है जिसकी महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी हैं।</p>
<p><strong>कुंभ गान किया जाएगा तैयार</strong></p>
<p>कुंभ की भव्य गाथा को दुनियाभर में पहुंचाने के लिए इस बार पहली बार एक कुंभ गान तैयार किया जाएगा। इस गाने के माध्यम से भारतीय संसृक्ति, कुंभ का इतिहास, इसकी महत्ता को बताने की कोशिश की जाएगी।</p>
<p><strong>अत्याधुनिक कुंभ संग्रहालय बनेगा</strong></p>
<p>कुंभ आयोजन को दुनियाभर तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार ने एक अत्याधुनिक संग्रहालय बनाने की कवायद शुरू की है। इसके माध्यम से डिजिटल स्क्रीन पर कुंभ की ऐतिहासिक विशेषता और इसका धार्मिक महत्व को तस्वीरों और वीडियोज के माध्यम से दिखाया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कुंभ: सरकार का बड़ा फैसला, कानपुर में गंगा को &#8216;प्रदूषित&#8217; कर रहीं 91 टेनरियां होंगी बंद</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kumbh-the-governments-major-decision-91-tanneries-will-be-polluted-in-ganga-in-kanpur/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 08 Jan 2019 09:46:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Ganges Pollution]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Leather Factory]]></category>
		<category><![CDATA[Kumbh Mela 2019]]></category>
		<category><![CDATA[Leather Tanneries]]></category>
		<category><![CDATA[prayagraj]]></category>
		<category><![CDATA[Tanneries Closed]]></category>
		<category><![CDATA[UPPCB]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=20641</guid>

					<description><![CDATA[कानपुर। प्रयागराज में 14 जनवरी से कुंभ मेला शुरू होने से कुछ दिन पहले प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कानपुर प्रशासन ने शहर की 91 चमड़े की टेनरियों को &#8216;तत्काल बंद&#8217; करने का आदेश दिया है, जो गंगा नदी में अपने कचरे बहा रही हैं जिससे बड़े पैमाने पर जल प्रदूषित होता है। एक ... <a title="कुंभ: सरकार का बड़ा फैसला, कानपुर में गंगा को &#8216;प्रदूषित&#8217; कर रहीं 91 टेनरियां होंगी बंद" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kumbh-the-governments-major-decision-91-tanneries-will-be-polluted-in-ganga-in-kanpur/" aria-label="Read more about कुंभ: सरकार का बड़ा फैसला, कानपुर में गंगा को &#8216;प्रदूषित&#8217; कर रहीं 91 टेनरियां होंगी बंद">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कानपुर।</strong> प्रयागराज में 14 जनवरी से कुंभ मेला शुरू होने से कुछ दिन पहले प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कानपुर प्रशासन ने शहर की 91 चमड़े की टेनरियों को &#8216;तत्काल बंद&#8217; करने का आदेश दिया है, जो गंगा नदी में अपने कचरे बहा रही हैं जिससे बड़े पैमाने पर जल प्रदूषित होता है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, &#8220;इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गंगा प्रदूषण मुक्त रहे और सबसे बड़े धार्मिक महोत्सव में जाने वाले भक्तों को शुद्ध और साफ पानी मिलता रहे।&#8221;</p>
<p><img decoding="async" src="https://img.timesnownews.com/story/1546935702-tenries.jpg?d=600x450" alt="Image result for à¤à¥à¤¨à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤¹à¥à¤à¤à¥ à¤¬à¤à¤¦" /></p>
<p>सूत्रों ने कहा कि छबीलापुरवा इलाके में शेष 28 टेनरियों को बंद करने का आदेश मंगलवार को जारी किए जाने की संभावना है।पड़ोसी क्षेत्र उन्नाव में 15 से अधिक टेनरियों को कुंभ के चलते पहले ही बंद कर दिया गया है।<br />
कुछ टेनरियों को छोड़ दिया गया है क्योंकि उनके पास अपने खतरनाक कचरे के लिए ट्रीटमेंट संयंत्र थे और वे नदी में इनका पानी नहीं छोड़ रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि गंगा का पानी शुद्ध हो।</p>
<p><img decoding="async" src="https://spiderimg.amarujala.com/assets/images/2017/07/27/750x506/demo_1501143822.jpeg" alt="Image result for à¤à¥à¤¨à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤¹à¥à¤à¤à¥ à¤¬à¤à¤¦" /></p>
<p>गौरतलब है कि प्रयागराज में आस्था का ऐसा जमघट लगने जा रहा है जिसे देखने के लिए न सिर्फ भारत बल्कि सात समंदर पार से सैलानी आयेंगे। रोशनी से नहाई हुई पंडालों की नगरी और घंटा-घड़ियालों के साथ गूंजते वैदिक मंत्र और धूप-दीप की सुगंध से पूरा प्रयागराज महक उठेगा। आस्था के इस महामेले में कुछ खास तिथियों पर शाही स्नान और अन्य तमाम आयोजन होंगे। भव्य पंडाल, भंडारे, धार्मिक अनुष्ठान कुंभ मेले होंगे और ऐसा धार्मिक-आध्यामिक अनुभव शायद ही कहीं मिले।</p>
<p><img decoding="async" src="https://www.jagranimages.com/images/27_12_2018-tennery_water1_18792556.jpg" alt="Image result for à¤à¥à¤¨à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤¹à¥à¤à¤à¥ à¤¬à¤à¤¦" /></p>
<p>प्रयागराज में कुंभ 14 जनवरी 2019 से शुरू होकर मार्च 2019 तक चलेगा। कुंभ में 8 प्रमुख स्नान तिथियां पड़ेंगी। कुम्भ की शुरुआत मकर संक्रान्ति से शुरू हो कर 4 मार्च महा शिवरात्रि तक चलेगा। अर्धकुम्भ करीब 50 दिन चलेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-12 19:52:05 by W3 Total Cache
-->