<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Laddakh &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/laddakh/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Thu, 31 Oct 2019 06:58:10 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>Laddakh &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>लद्दाख हुआ जम्मू-कश्मीर से अलग, पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर ने ली शपथ</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/ladakh-becomes-separate-from-jammu-and-kashmir-radhakrishna-mathur-sworn-in-as-first-lieutenant-governor-news/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/ladakh-becomes-separate-from-jammu-and-kashmir-radhakrishna-mathur-sworn-in-as-first-lieutenant-governor-news/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Oct 2019 06:58:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Laddakh]]></category>
		<category><![CDATA[Lt governor RK Mathur]]></category>
		<category><![CDATA[News in Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[RK Mathur sworn in as Lt Governor of Ladakh]]></category>
		<category><![CDATA[आरके माथुर]]></category>
		<category><![CDATA[आरके माथुर ने उपराज्यपाल की शपथ ली]]></category>
		<category><![CDATA[लद्दाख के उपराज्यपाल बने आरके माथुर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dainikbhaskarup.com/?p=38621</guid>

					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर और लद्दाख गुरुवार को औपचारिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश बन गए। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने सुबह लेह स्थित सिंधु संस्कृति केंद्र में समारोहपूर्वक लद्दाख के पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ लद्दाख, जम्मू-कश्मीर से अलग हो गया। ... <a title="लद्दाख हुआ जम्मू-कश्मीर से अलग, पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर ने ली शपथ" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ladakh-becomes-separate-from-jammu-and-kashmir-radhakrishna-mathur-sworn-in-as-first-lieutenant-governor-news/" aria-label="Read more about लद्दाख हुआ जम्मू-कश्मीर से अलग, पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर ने ली शपथ">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="" src="https://hindusthansamachar.in/uploads/videos/7044e6c1f1806359e5d9a72aa155d930346db85d1ea6b4a2cc4d6ad95394ad1b_1.jpg" width="896" height="576" /></p>
<p>जम्मू-कश्मीर और लद्दाख गुरुवार को औपचारिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश बन गए। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने सुबह लेह स्थित सिंधु संस्कृति केंद्र में समारोहपूर्वक लद्दाख के पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ लद्दाख, जम्मू-कश्मीर से अलग हो गया। जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्यपाल के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू श्रीनगर स्थित राजभवन में दोपहर बाद शपथ ग्रहण करेंगे।</p>
<p>पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के प्रधान सचिव उमंग नरूला को उप राज्यपाल माथुर का सलाहकार नियुक्त किया गया है। नरूला 1965 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह जम्मू प्रांत के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं। लद्दाख में पुलिस प्रशासन की कमान 1995 बैच के आईपीएस एसएस खंडारे को सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों ने भी कार्यभार संभाल लिया है। इसके साथ 70 साल की लंबी जद्दोजहद के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल का पूरे हिंदुस्तान में एक देश, एक विधान और एक निशान का सपना साकार हो गया।</p>
<p>सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जम्मू-कश्मीर राज्य अतीत का हिस्सा बन गया और दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के नक्शे पर उभर कर आ गए। दोनों की अपनी प्रशासनिक व्यवस्था होगी। प्रशासन की कमान राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर उप राज्यपाल संभालेंगे। जीसी मुर्मू बुधवार को श्रीनगर पहुंच गए थे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/ladakh-becomes-separate-from-jammu-and-kashmir-radhakrishna-mathur-sworn-in-as-first-lieutenant-governor-news/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बन गया नया कश्मीर, 2 नए केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ हुए ये बड़े बदलाव, पढ़े पूरी खबर&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/new-kashmir-has-become-these-big-changes-happened-with-the-formation-of-2-new-union-territories-read-full-news-news/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/new-kashmir-has-become-these-big-changes-happened-with-the-formation-of-2-new-union-territories-read-full-news-news/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 31 Oct 2019 06:31:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[31 october]]></category>
		<category><![CDATA[Jammu and kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[Jammu and Kashmir bifurcated]]></category>
		<category><![CDATA[Jammu and Kashmir bifurcation]]></category>
		<category><![CDATA[jammu and kashmir news]]></category>
		<category><![CDATA[Jammu and Kashmir union territory]]></category>
		<category><![CDATA[Kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[Ladakh]]></category>
		<category><![CDATA[ladakh union territory]]></category>
		<category><![CDATA[Laddakh]]></category>
		<category><![CDATA[new union territories]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dainikbhaskarup.com/?p=38615</guid>

					<description><![CDATA[देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के जयंती के मौके पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आधिकारिक तौर पर दो केंद्र शासित प्रदेश बन गये। केंद्र सरकार ने गत पांच अगस्त को कश्मीर से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादात्तर प्रावधानों को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में ... <a title="बन गया नया कश्मीर, 2 नए केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ हुए ये बड़े बदलाव, पढ़े पूरी खबर&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/new-kashmir-has-become-these-big-changes-happened-with-the-formation-of-2-new-union-territories-read-full-news-news/" aria-label="Read more about बन गया नया कश्मीर, 2 नए केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ हुए ये बड़े बदलाव, पढ़े पूरी खबर&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-38616" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/b1_5292239-m.png" alt="" width="850" height="550" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/b1_5292239-m.png 850w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/b1_5292239-m-300x194.png 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/10/b1_5292239-m-768x497.png 768w" sizes="(max-width: 850px) 100vw, 850px" /></p>
<p>देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के जयंती के मौके पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आधिकारिक तौर पर दो केंद्र शासित प्रदेश बन गये।</p>
<p>केंद्र सरकार ने गत पांच अगस्त को कश्मीर से संबंधित संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादात्तर प्रावधानों को हटाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के रूप में विभाजित करने का ऐलान किया था।</p>
<p>गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार देर रात जारी अधिसूचना में मंत्रालय के जम्मू-कश्मीर संभाग ने राज्य में केंद्रीय कानूनों को लागू करने समेत कई कदमों की घोषणा की थी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों की अगुवाई उपराज्यपाल (एलजी) गिरीश चंद्र मुर्मू और आर. के. माथुर करेंगे।</p>
<p><img decoding="async" class="" src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/sites/aajtak/resources/embed/201910/jk1_103119072431.jpg" alt="jk1_103119072431.jpg" width="850" height="1045" /></p>
<p>यह पहली बार होगा जब किसी राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है। इसके साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान और रणबीर दंड संहिता का अस्तित्व गुरुवार से समाप्त हो जाएगा। राज्य में सूचना का अधिकार (आरटीआई) , शिक्षा का अधिकार का नियम तथा सीएजी का नियम लागू हो जाएगा।</p>
<p>वहीं, माना जा रहा है कि गत पांच अगस्त से हिरासत में बंद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, श्री उमर अब्दुल्ला और डॉ. फारुक अबदुल्ला को अपने-अपने सरकारी बंगले खाली करने पड़ेंगे। मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से मुफ्ती और उमर को एक नवंबर तक बंगला खाली करने का नोटिस दे दिया गया है जबकि कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद से उनका बंगला खाली करा लिया गया है। अभी तक इन सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुरक्षा का हवाला देकर श्रीनगर के अति सुरक्षा वाली जगह गुपकर रोड में आवास आवंटित किया गया था।</p>
<p>ये सभी बंगले इन नेताओं को आजीवन के लिए आवंटित किये गये थे। फिलहाल इन सभी को विकल्प के तौर पर यह भी कहा गया है कि जिन लोगों के पास जम्मू और श्रीनगर दोनों जगहों पर सरकारी बंगले हैं, वह दोनों में से किसी एक जगह सरकारी बंगला ले सकते हैं।</p>
<p>अब जम्मू-कश्मीर में अन्य राज्यों के लोग भी जमीन खरीद सकेंगे। विशेष राज्य के दर्जे की वजह से अभी तक वहां दूसरे राज्य का व्यक्ति किसी भी तरह की जमीन नहीं खरीद सकता था। इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिक कश्मीर की लड़की से शादी करने के बाद अब भारत की नागरिकता नहीं पा सकेंगे।</p>
<p>केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुडुचेरी की तरह ही विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख चंडीगढ़ की तर्ज पर बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा। गुरुवार को केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा, जबकि भूमि वहां की निर्वाचित सरकार के अधीन होगी। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में होगा।<br />
आजादी के वक्त 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक मजबूत भारत बनाने वाले लौह पुरुष सरदार पटेल के जन्मदिन पर जम्मू-कश्मीर का लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर अस्तित्व में आना ऐतिहासिक है।</p>
<p>जम्मू-कश्मीर में अब तक राज्यपाल पद था लेकिन अब दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में उप-राज्यपाल होंगे। जम्मू-कश्मीर के लिए गिरीश चंद्र मुर्मू तो लद्दाख के लिए राधा कृष्ण माथुर को उपराज्यपाल बनाया गया है। फिलहाल दोनों राज्यों का एक ही उच्च न्यायालय होगा लेकिन दोनों राज्यों के महाधिवक्ता अलग-अलग होंगे। सरकारी कर्मचारियों के सामने दोनों केंद्र शासित राज्यों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।</p>
<p>राज्य में अधिकतर केंद्रीय कानून लागू नहीं होते थे, अब केंद्र शासित राज्य बन जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों में कम से कम 106 केंद्रीय कानून लागू हो पाएंगे। इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का कानून, सूचना अधिकार कानून, एनमी प्रॉपर्टी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाला कानून शामिल है।</p>
<p>जमीन और सरकारी नौकरी पर सिर्फ राज्य के स्थाई निवासियों के अधिकार वाले 35-ए के हटने के बाद केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में जमीन से जुड़े कम से कम सात कानूनों में बदलाव होगा। राज्य पुनर्गठन कानून के तहत जम्मू-कश्मीर के करीब 153 ऐसे कानून खत्म हो जाएंगे, जिन्हें राज्य स्तर पर बनाया गया था। हालांकि 166 कानून अब भी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लागू रहेंगे।</p>
<p>राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य की प्रशासनिक और राजनैतिक व्यवस्था भी बदल रही है। जम्मू-कश्मीर में जहां केंद्र शासित प्रदेश बनाने के साथ-साथ विधानसभा बरकरार रहेगी, लेकिन अभ विधानसभा का कार्यकाल छह साल की जगह देश के बाकी हिस्सों की तरह पांच वर्षाें का ही होगा। विधानसभा में अनुसूचित जाति के साथ-साथ अब अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित होंगी। पहले कैबिनेट में 24 मंत्री बनाए जा सकते थे, अब दूसरे राज्यों की तरह कुल सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत से ज़्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते हैं।</p>
<p>जम्मू कश्मीर विधानसभा में पहले विधान परिषद भी होती थी, वो अब नहीं होगी। राज्य से आने वाली लोकसभा और राज्यसभा की सीटों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से पांच और केंद्र शासित लद्दाख से एक लोकसभा सांसद ही चुने जाएंगे। इसी तरह से केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर से पहले की तरह ही राज्यसभा के चार सांसद ही निर्वाचित होंगे।</p>
<p>इसके अलावा 31 अक्टूबर के बाद चुनाव आयोग राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है जिसमें आबादी के साथ भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक बिंदुओं पर ध्यान रखा जाएगा। जम्मू-कश्मीर में अब तक 87 सीटों पर चुनाव होते थे जिनमें चार लद्दाख की, 46 कश्मीर की और 37 जम्मू की सीटें थीं। लद्दाख की चार सीटें हटाकर अब केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की 83 सीटों के साथ परिसीमन होना है।<br />
प्रस्तावित परिसीमन के मुताबिक केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में सात सीटें बढ़ सकती हैं और इन सीटों के बढ़ने पर केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में 90 सीटें हो जाएंगी।</p>
<p align="justify"><b>आज से जम्मू-कश्मीर में क्या बदल गया?</b></p>
<p align="justify">1.  अब तक पूर्ण राज्य रहा जम्मू-कश्मीर गुरुवार यानी 31 अक्टूबर से दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में बदल गया। जम्मू-कश्मीर का इलाका अलग और लद्दाख का इलाका अलग-अलग दो केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं।</p>
<p align="justify">2.  जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन कानून के तहत लद्दाख अब बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर विधानसभा सहित केंद्र शासित प्रदेश बन गया है।</p>
<p align="justify">3.  अब तक जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल पद था लेकिन अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उप-राज्यपाल होंगे. जम्मू-कश्मीर के लिए गिरीश चंद्र मुर्मू तो लद्दाख के लिए राधा कृष्ण माथुर को उपराज्यपाल बनाया गया है।</p>
<p align="justify">4.  अभी दोनों राज्यों का एक ही हाईकोर्ट होगा लेकिन दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल अलग होंगे. सरकारी कर्मचारियों के सामने दोनों केंद्र शासित राज्यों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा।</p>
<p align="justify">5.  राज्य में अधिकतर केंद्रीय कानून लागू नहीं होते थे, अब केंद्र शासित राज्य बन जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों राज्यों में कम से कम 106 केंद्रीय कानून लागू हो पाएंगे।</p>
<p align="justify">6.  इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का कानून, सूचना अधिकार कानून, एनमी प्रॉपर्टी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाला कानून शामिल है।</p>
<p align="justify">7.  जमीन और सरकारी नौकरी पर सिर्फ राज्य के स्थाई निवासियों के अधिकार वाले 35-ए के हटने के बाद केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में जमीन से जुड़े कम से कम 7 कानूनों में बदलाव होगा।</p>
<p align="justify">8.  राज्य पुनर्गठन कानून के तहत जम्मू-कश्मीर के करीब 153 ऐसे कानून खत्म हो जाएंगे, जिन्हें राज्य के स्तर पर बनाया गया था।हालांकि 166 कानून अब भी दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में लागू रहेंगे।</p>
<p align="justify"><img decoding="async" title="jk2_103119072444.jpg" src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/sites/aajtak/resources/embed/201910/jk2_103119072444.jpg" alt="jk2_103119072444.jpg" width="100%" height="" align="left" /><b>भारत का राजपत्र</b></p>
<p align="justify"><b>प्रशासनिक और राजनैतिक व्यवस्था में भी बदलाव</b></p>
<p align="justify">9.  राज्य के पुनर्गठन के साथ राज्य की प्रशासनिक और राजनैतिक व्यवस्था भी बदल रही है. जम्मू-कश्मीर में जहां केंद्र शासित प्रदेश बनाने के साथ साथ विधानसभा भी बनाए रखी गई है। वहां पहले के मुकाबले विधानसभा का कार्यकाल 6 साल की जगह देश के बाकी हिस्सों की तरह 5 साल का ही होगा।</p>
<p align="justify">10. विधानसभा में अनुसूचित जाति के साथ साथ अब अनुसूचित जनजाति के लिए भी सीटें आरक्षित होंगी।</p>
<p align="justify">11.  पहले कैबिनेट में 24 मंत्री बनाए जा सकते थे, अब दूसरे राज्यों की तरह कुल सदस्य संख्या के 10% से ज़्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते हैं।</p>
<p align="justify">12. जम्मू कश्मीर विधानसभा में पहले विधान परिषद भी होती थी, वो अब नहीं होगी. हालांकि राज्य से आने वाली लोकसभा और राज्यसभा की सीटों की संख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</p>
<p align="justify">13. केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर से 5 और केंद्र शासित लद्दाख से एक लोकसभा सांसद ही चुन कर आएगा. इसी तरह से केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर से पहले की तरह ही राज्यसभा के 4 सांसद ही चुने जाएंगे।</p>
<p align="justify"><img decoding="async" title="jk3_103119072502.jpg" src="https://akm-img-a-in.tosshub.com/sites/aajtak/resources/embed/201910/jk3_103119072502.jpg" alt="jk3_103119072502.jpg" width="100%" height="" align="left" /><b>भारत का राजपत्र</b></p>
<p align="justify"><b>परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है चुनाव आयोग</b></p>
<div class=" 508">
<div></div>
</div>
<p align="justify">14. एक बड़ी बात ये भी है कि 31 अक्टूबर के बाद चुनाव आयोग राज्य में परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है. जिसमें आबादी के साथ भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक बिंदुओं पर ध्यान रखा जा सकता है।</p>
<p align="justify">15. जम्मू कश्मीर में अब तक 87 सीटों पर चुनाव होते थे. जिनमें 4 लद्दाख की, 46 कश्मीर की और 37 जम्मू की सीटें थीं. लद्दाख की 4 सीटें हटाकर अब केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में 83 सीटें बची हैं, जिनमें परिसीमन होना है।</p>
<p align="justify"><b>जम्मू-कश्मीर में बढ़ सकती हैं विधानसभा की सीटें</b></p>
<p align="justify">प्रस्तावित परिसीमन के मुताबिक केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में 7 सीटें बढ़ सकती हैं। 7 सीटें बढ़ने पर केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में 90 सीटें हो जाएंगी. माना जा रहा है कि जम्मू के इलाके की सीटें बढ़ेंगी, क्योंकि हमेशा से ये कहा जाता रहा है कि जम्मू को पूरा प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है। जम्मू संभाग की आबादी 69 लाख है, और वहां से 37 सीटें हैं जबकि कश्मीर घाटी की आबादी 53 लाख है, और वहां से 43 सीटें हैं।</p>
<p align="justify">जिस नए कश्मीर का नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दे चुके हैं, अब उसका शुभारंभ हो गया है। उम्मीद यही है कि जम्मू-कश्मीर को उस खूनखराबे से मुक्ति मिलेगी जिसमें पाकिस्तान और उसके एजेंटों ने कश्मीर को झोंक रखा है। साथ ही चुनौती भी है कि खासतौर पर कश्मीर घाटी के लोगों के इस बदलाव से जुड़ने में कितना समय लगेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/new-kashmir-has-become-these-big-changes-happened-with-the-formation-of-2-new-union-territories-read-full-news-news/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-12 18:42:23 by W3 Total Cache
-->