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	<title>murshidabad voilence &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>मुर्शिदाबाद हिंसा में फंसी TMC : हाई कोर्ट की समिति की रिपोर्ट से मची खलबली, चुनाव पर पड़ेगा असर</title>
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		<pubDate>Thu, 22 May 2025 05:56:08 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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		<category><![CDATA[मुर्शिदाबाद हिंसा]]></category>
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<p>कोलकाता। मुर्शिदाबाद हिंसा की जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। रिपोर्ट में जहां राज्य पुलिस की लापरवाही को उजागर किया गया है, वहीं, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं को इस हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।</p>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने हिंसा पर काबू पाने के लिए समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती से पहले तक स्थिति बेकाबू बनी रही। समिति ने स्थानीय टीएमसी पार्षद महबूब आलम और नेता अमीरुल इस्लाम को हिंसा के पीछे मुख्य भूमिका में बताया है। यानी राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की देखरेख में मुर्शिदाबाद में हिंदुओं को चुन चुन कर निशाना बनाया गया, घर जलाए गए, मारे गए और पुलिस सब कुछ जानकर भी खामोश बनी रही।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जनता में नाराजगी, चुनाव पर पड़ेगा असर</h2>



<p>भरतपुर से तृणमूल विधायक हमायूं कबीर ने रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद हिंसा से जुड़े कुल 65 मामले दर्ज किए गए हैं और कई गिरफ्तारियां हुई हैं। दर्जनों परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। इसका असर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में साफ दिखेगा।</p>



<p>उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आम लोग जिले के कई जनप्रतिनिधियों से नाराज़ हैं। साथ ही राज्य प्रशासन की भूमिका पर भी लोगों में असंतोष है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हिंसा में भूमिका पर सीधे आरोप</h2>



<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 अप्रैल को दोपहर दो बजे के बाद शुरू हुई हिंसा में महबूब आलम खुद नेतृत्व कर रहे थे। वहीं, अमीरुल इस्लाम घटनास्थल पर पहुंचकर उन घरों की पहचान कर रहे थे जिन्हें अब तक नहीं जलाया गया था, और इसके बाद उन घरों को जलाने की कार्रवाई की गई।</p>



<p>महबूब आलम ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे, जबकि अमीरुल इस्लाम से इस पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">राज्य सरकार पर विपक्ष का निशाना</h2>



<p>इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने ममता सरकार पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि सरकार ने शुरुआत में हिंसा को बाहरी तत्वों की साजिश बताने की कोशिश की थी, लेकिन समिति की रिपोर्ट ने यह थ्योरी खारिज कर दी है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि स्थानीय मुस्लिम पड़ोसियों ने नकाब पहन लिया ताकि पहचान में ना आए और चुन चुन कर हिंदू घरों में हमले, लूटपाट और आगजनी की। राज्य सरकार अब भी असली साजिशकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही है।</p>



<p>भाजपा के प्रदेश महासचिव जगन्नाथ चटर्जी ने दावा किया कि मुर्शिदाबाद की यह हिंसा पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसके पीछे एक बड़ी साजिश है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हाई कोर्ट की टिप्पणी से मेल खाती है रिपोर्ट</h2>



<p>मुर्शिदाबाद के धूलियन, सूती और शमशेरगंज इलाकों में आठ अप्रैल से हिंसा शुरू हुई थी, जो 12 अप्रैल तक जारी रही। अंततः हाई कोर्ट के विशेष खंडपीठ न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी के आदेश पर 12 अप्रैल की रात सीएपीएफ ( बीएसएफ और सीआरपीएफ) की तैनाती की गई।</p>



<p>खंडपीठ ने यह भी कहा था कि अगर केंद्रीय बलों की तैनाती पहले की जाती, तो स्थिति इतनी गंभीर और विस्फोटक नहीं होती। अब जो समिति की रिपोर्ट सामने आई है, वह विशेष खंडपीठ की उस समय की टिप्पणी की पुष्टि करती है।</p>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की जड़ में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन की आड़ में हिंदू समुदाय को निशाना बनाना था, जिसे रोकने में राज्य सरकार नाकाम रही। अब इस रिपोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।</p>



<p>यह भी पढ़े : <a href="https://bhaskardigital.com/ammu-and-kashmir-encounter-army-and-terrorists-in-kishtwar/" target="_blank" rel="noopener"><strong>जम्मू-कश्मीर : किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़ जारी, दोनों ओर से हो रही फायरिंग</strong></a><br></p>
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		<title>मुर्शिदाबाद हिंसा : रात भर गश्त करते रहें अर्द्धसैनिक बल, तीन की मौत, 150 से अधिक गिरफ्तार</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/murshidabad-violence-pthree-dead-150-arrested/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Apr 2025 06:12:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[DAINIK BHASKAR]]></category>
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		<category><![CDATA[मुर्शिदाबाद हिंसा]]></category>
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					<description><![CDATA[मुर्शिदाबाद हिंसा। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ शुक्रवार और शनिवार को लगातार हुई दो दिनों तक हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि अब तक 138 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मृतकों में एक पिता-पुत्र की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या की गई ... <a title="मुर्शिदाबाद हिंसा : रात भर गश्त करते रहें अर्द्धसैनिक बल, तीन की मौत, 150 से अधिक गिरफ्तार" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/murshidabad-violence-pthree-dead-150-arrested/" aria-label="Read more about मुर्शिदाबाद हिंसा : रात भर गश्त करते रहें अर्द्धसैनिक बल, तीन की मौत, 150 से अधिक गिरफ्तार">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="948" height="533" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-13T113222.437.jpg" alt="" class="wp-image-489278" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-13T113222.437.jpg 948w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-13T113222.437-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-13T113222.437-768x432.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-13T113222.437-150x84.jpg 150w" sizes="(max-width: 948px) 100vw, 948px" /></figure>



<p>मुर्शिदाबाद हिंसा। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ शुक्रवार और शनिवार को लगातार हुई दो दिनों तक हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि अब तक 138 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मृतकों में एक पिता-पुत्र की भीड़ द्वारा निर्मम हत्या की गई और एक युवक की सुरक्षा बलों की फायरिंग में मौत होना बताया जा रहा है। हालात को काबू में करने के लिए शनिवार रातभर अर्धसैनिक बलों ने सूती और शमशेरगंज समेत कई संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाया और रविवार सुबह भी रूट मार्च जारी रहा।</p>



<p>कलकत्ता हाईकोर्ट ने शनिवार देर शाम को स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आदेश दिया था कि मुर्शिदाबाद समेत राज्य के अन्य संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बल तैनात किए जाएं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि वह राज्य में हो रही तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं पर आंख मूंदकर नहीं बैठ सकती। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के अनुरोध पर स्थानीय स्तर पर पहले से मौजूद बीएसएफ के लगभग 300 जवानों के अतिरिक्त पांच और कंपनियों को तैनात किया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>रात भर गश्त करती रही अर्द्धसैनिक बल की टीमें</strong></h2>



<p>उधर शनिवार रातभर अर्द्धसैनिक बल की टीमें हिंसा प्रभावित इलाकों में गश्त करती रहीं। बलों ने न सिर्फ निगरानी की, बल्कि पीड़ित परिवारों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों ने रविवार सुबह नौ बजे से संयुक्त रूट मार्च की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य लोगों में विश्वास बहाल करना और दोबारा किसी प्रकार की अफरा-तफरी को रोकना है। हालांकि मुर्शिदाबाद में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं, लेकिन अर्धसैनिक बलों की तैनाती, पुलिस की सक्रियता और हाईकोर्ट की सख्ती के चलते स्थिति पर धीरे-धीरे नियंत्रण पाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी असामाजिक तत्व की गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।</p>



<p>तृणमूल सांसद खलीलुर रहमान ने जंगीपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक को इलाके के संवेदनशील क्षेत्रों की सूची सौंपी है, जिससे केंद्र और राज्य की संयुक्त टीमें समय रहते उचित कार्रवाई कर सकें। वहीं पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार स्वयं हालात का जायजा लेने शमशेरगंज पहुंचे और रात को खुद रूट मार्च में शामिल हुए।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>डरे-सहमे लोग मालदा पहुंचे, बनाए गए राहत शिविर</strong></h2>



<p>धुलियान इलाके में फैली हिंसा से डरकर हिंदू समुदाय के कई लोग रात के अंधेरे में नदी के रास्ते से भागकर मालदा जिले के पल्लारपुर गांव पहुंचे। वहां एक अस्थायी राहत शिविर में उन्हें ठहराया गया है। इनकी संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है। राहत शिविर में रह रहे लोगों का कहना है कि वे अभी भी डरे हुए हैं और वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>राज्य पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल</strong></h2>



<p>हिंसा प्रभावित इलाकों के लोगों का कहना है कि शुक्रवार की दोपहर से लेकर रात तक पुलिस कहीं नजर नहीं आई। सुजीत घोषाल ने बताया कि दंगाइयों ने खुद मुझे कहा कि यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म अब शुरू होगी। रात 11 बजे तक हम वहीं थे, लेकिन कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिली।धुलियान के एक दुकानदार ने कहा कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद भीड़ सड़कों पर उतरी और शनिवार तक हिंसा जारी रही। मेरी दुकान को दंगाइयों ने जला दिया। मेरी पत्नी और बच्चे डरे हुए थे। उन्होंने मुझसे बाहर न निकलने की गुहार लगाई। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस भी डर के मारे घरों में छिप गई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>मुख्यमंत्री ने दी अफवाहों से बचने की सलाह</strong></h2>



<p>राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं और राज्य में अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>लगातार हिंसा का शिकार बन रहे हैं हिंदू </strong>: <strong>भाजपा </strong></h2>



<p>राज्य में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन के नाम पर हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि धुलियान में शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कम से कम 35 हिंदू दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। मजूमदार ने ममता बनर्जी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। मुख्यमंत्री के अधीन काम कर रही पुलिस दंगाइयों को खुली छूट दे रही है।</p>
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