<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Muslim women &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/muslim-women/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 14 Aug 2023 08:03:04 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>Muslim women &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कानपुर : मुस्लिम महिलाओं ने निकाली हर घर तिरंगा यात्रा</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-muslim-women-take-out-tiranga-yatra-in-every-house-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Aug 2023 08:03:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[house]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim women]]></category>
		<category><![CDATA[took out every]]></category>
		<category><![CDATA[travel]]></category>
		<category><![CDATA[tricolor]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=387577</guid>

					<description><![CDATA[कानपुर। इफ्तखाराबाद क्षेत्र की मुस्लिम महिलाओ ने प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर डॉ. रोहित सक्सेना राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री / प्रवक्ता अखिल भारतीय सनातन परिषद के नेतृत्व में अफसाना इरफान के देखरेख मे 300 मुस्लिम महिलाओंं ने हर घर तिरंगा के तहत विशाल तिरंगा य़ात्रा निकाली। इस यात्रा ने दिखा दिया मुस्लिम वर्ग किसी की जागीर ... <a title="कानपुर : मुस्लिम महिलाओं ने निकाली हर घर तिरंगा यात्रा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kanpur-muslim-women-take-out-tiranga-yatra-in-every-house-news-in-hindi/" aria-label="Read more about कानपुर : मुस्लिम महिलाओं ने निकाली हर घर तिरंगा यात्रा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/०1.png" alt="" class="wp-image-387580" width="841" height="542" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कानपुर। इफ्तखाराबाद क्षेत्र की मुस्लिम महिलाओ ने प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर डॉ. रोहित सक्सेना राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री / प्रवक्ता अखिल भारतीय सनातन परिषद के नेतृत्व में अफसाना इरफान के देखरेख मे 300 मुस्लिम महिलाओंं ने हर घर तिरंगा के तहत विशाल तिरंगा य़ात्रा निकाली। इस यात्रा ने दिखा दिया मुस्लिम वर्ग किसी की जागीर नहीं, महिलाओ ने यह भी कहा जब से योगी आये वो किसी से नहीं डरती और समाज मे सम्मान पा रही हैं, हर कदम वो योगी और मोदी के साथ हैं।आगामी 2024 लोकसभा चुनावो मे बढ़ चढकर हिस्सा लेकर यूपी मेंं 80 सीटे ज़िताने के सारी मुस्लिम महिलाएं बाहर निकल कर सरकार बनाने मे साथ देंगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जब हमारी बहनो ने बीजेपी के साथ कमर कस ली तो हम कहा पीछे रहने वाले।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. सक्सेना ने कहा मुस्लिम महिलाओ का मोदी के कहने पर निकालना सभी उन पार्टियो के लिए मुंह पर तमाचा है, ज़िन्होने मुसलिमोंं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। मसीरा ने कहा हमे योगी मोदी पर विश्वास हैं,जब तक ये रहेंगे हमारा कोई बाल बांका नहीं कार सकता, देश मे तीन तलाक का दंश झेल रही महिलाए कानून आने के बाद बहुत खुश हैं। इरफान ने कहा, मैने अपनी पत्नी को देश को समर्पित कर दिया अब अफसाना लोगो के काम आयेगी। वसीम ने कहा, जब से डॉ. सक्सेना क्षेत्र मे आये हैं सभी मुस्लिम भाइयो का विश्वास भाजपा मे बढ़ा हैं। हम सभी BJP के साथ हैं जब हमारी बहनो ने कमर कस ली तो हम कहा पीछे रहने वाले।सखावत अली ने कहा जब भी हम लोग डॉ. सक्सेना को अपनी समस्यो के लिए बुलाते हैं वो हमेशा किसी भी समय खड़े रहते हैं। सबसे बड़ी बात अभी तक हमारे जितने नेता होते थे काम पड़ने पर पैसे लगने की बात करते थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तीन तलाक का दंश झेल रही महिलाए कानून आने के बाद बहुत खुश हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. सक्सेना के आने के बाद पैसे की दलाली खत्म हो गयी, सभी के काम फ्री मे होते हैं, चाहें थाने का काम हो अस्पतालो का काम हो य़ा किसी सरकारी विभाग मे कही कोई पैसे नही खर्च होते,भाजपा की यही शैली सबको पसंद आ रही हैं। इस अवसर पर भाजपा नेता मो. इरफान, भाजपा नेत्री अफसाना इरफान, मसीरा, आसमा मरियम, शानिया, सूफिया, शबनम, सबा, फार्जना, चन्दा, शहाना, शैफी, इब्रा, उम्रा, माही, अक्शा, शाहीबा, शाहिमा, राजबिया, अनम, रूबी, शहनाज, कामरान, अबू जैद, ताशकेन, अमान, इरफान, तौफीक बरकती, अश्वेन्द्र सोनकर, शिवम सोनकर आदि लोग मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होली रंग में डूबे सभी धर्मो के लोग, मुस्लिम महिलाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द का दिया परिचय</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/people-of-all-religions-immersed-in-holi-colours-muslim-women-introduced-communal-harmony-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Mar 2022 09:22:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Holi colours]]></category>
		<category><![CDATA[introduction of communal harmony]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim women]]></category>
		<category><![CDATA[people of all religions]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=180296</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ। होली एक ऐसा त्योहार है जो भाईचारे का प्रतीक होता है, आज भी सभी धर्मों के लोग होली के रंग में रंग जाते है जो गिले सिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते है। खास बात तो यह है कि होली के दिन हिंदू भाईयों के साथ होली के रंग गुलाल में मुस्लिम भाई भी ... <a title="होली रंग में डूबे सभी धर्मो के लोग, मुस्लिम महिलाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द का दिया परिचय" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/people-of-all-religions-immersed-in-holi-colours-muslim-women-introduced-communal-harmony-news-in-hindi/" aria-label="Read more about होली रंग में डूबे सभी धर्मो के लोग, मुस्लिम महिलाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द का दिया परिचय">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="720" height="647" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/WhatsApp-Image-2022-03-20-at-2.05.07-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-180300" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ। </strong>होली एक ऐसा त्योहार है जो भाईचारे का प्रतीक होता है, आज भी सभी धर्मों के लोग होली के रंग में रंग जाते है जो गिले सिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते है। खास बात तो यह है कि होली के दिन हिंदू भाईयों के साथ होली के रंग गुलाल में मुस्लिम भाई भी जात-पात को भूल इस त्योंहार की खुशियों को गले लगाते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आपको बता दें कि लखनऊ के हजरत गंज चौराहे पर चंद्र शेखर आजाद पार्क में होली खेलने के लिये एक्टर / डायरेक्टर &#8211; अजय प्रजापति, अभिनेत्री &#8211; मुस्कान खान , यूट्यूबर / एडिटर &#8211; अंकित जैन , कॉस्ट्यूम डिजाइनर &#8211; अरविंद , प्रांजल , उपासना , खुशी , लकी , निखिल समेत डिजाइनर आशीष शामिल रहे इस सभी ने कई धर्म के लोगों के संग होली खेल कर गंगा-जमुना की तहजीब की मिसाल कायम की ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दे एक्टर / डायरेक्टर &#8211; अजय प्रजापति 8 साल से थिएटर , शॉर्ट फिल्म व बॉलीवुड फिल्म में काम कर रहे है। इसी के साथ ही वे युवाओं की प्रतिभाओं को फिल्म में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित भी करने का कार्य करते है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तीन तलाक संबंधी ऐतिहासिक विधेयक लोकसभा से पारित, बिल के पक्ष में पड़े 245 वोट</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/historical-bill-of-teen-taalaq-passed-from-the-lok-sabha-245-votes-in-favor-of-bill-news/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 27 Dec 2018 16:03:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA['मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[congress whip]]></category>
		<category><![CDATA[lok sabha session]]></category>
		<category><![CDATA[muslim law]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim women]]></category>
		<category><![CDATA[ravishankar prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Triple talaq]]></category>
		<category><![CDATA[winter session]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रिपल तलाक]]></category>
		<category><![CDATA[ट्रिपल तलाक बिल]]></category>
		<category><![CDATA[तीन तलाक]]></category>
		<category><![CDATA[तीन तलाक लोकसभा चर्चा]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी]]></category>
		<category><![CDATA[मुस्लिम महिलाये]]></category>
		<category><![CDATA[लोकसभा]]></category>
		<category><![CDATA[शीतकालीन सत्र]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=19526</guid>

					<description><![CDATA[The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Bill, 2018 passed in Lok Sabha #LokSabha #TripleTalaqBill #WinterSession pic.twitter.com/v0R4YXqeOT &#8212; Lok Sabha TV (@loksabhatv) December 27, 2018 नई दिल्ली।। लोकसभा ने गुरुवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से निजात दिलाने वाला मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 ... <a title="तीन तलाक संबंधी ऐतिहासिक विधेयक लोकसभा से पारित, बिल के पक्ष में पड़े 245 वोट" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/historical-bill-of-teen-taalaq-passed-from-the-lok-sabha-245-votes-in-favor-of-bill-news/" aria-label="Read more about तीन तलाक संबंधी ऐतिहासिक विधेयक लोकसभा से पारित, बिल के पक्ष में पड़े 245 वोट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="https://smedia2.intoday.in/aajtak/images/stories/122017/triple_talaq_a_1514345285_618x347.jpeg" alt="Image result for à¤²à¥à¤à¤¸à¤­à¤¾ à¤¤à¥à¤¨ à¤¤à¤²à¤¾à¤" /></p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Bill, 2018 passed in Lok Sabha<br /> <a href="https://twitter.com/hashtag/LokSabha?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#LokSabha</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/TripleTalaqBill?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#TripleTalaqBill</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WinterSession?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#WinterSession</a> <a href="https://t.co/v0R4YXqeOT">pic.twitter.com/v0R4YXqeOT</a></p>
<p>&mdash; Lok Sabha TV (@loksabhatv) <a href="https://twitter.com/loksabhatv/status/1078285194577104897?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">December 27, 2018</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>नई दिल्ली।। लोकसभा ने गुरुवार को ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की कुप्रथा से निजात दिलाने वाला मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 पारित कर दिया।</p>
<p>सदन में चर्चा के बाद हुए मतदान में यह विधेयक 11 के मुकाबले 245 मतों से पारित हो गया।विपक्ष के सभी संशोधन भी खारिज कर दिए गए । विधेयक इस वर्ष 19 सितम्बर को जारी अध्यादेश के स्थान पर लाया गया था। लोकसभा ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने वाले विधेयक को एक वर्ष पहले भी पारित किया था जो इस समय राज्यसभा में लंबित है। सरकार की ओर से नया विधेयक पुराने विधेयक में तीन मुख्य संशोधन शामिल करते हुए लाया गया था।</p>
<p>नए विधेयक में प्रावधान है कि पति के खिलाफ केवल पीड़ित महिला और उसके रक्त संबंधी ही शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पति को मजिस्ट्रेट जमानत दे सकता है बशर्ते पीड़ित महिला की सहमति हो। मजिस्ट्रेट के सामने पति-पत्नी सुलह भी कर सकते हैं। मत विभाजन के पहले कांग्रेस के नेतृत्व में लगभग समूचे विपक्ष ने सदन से बहिष्कार किया। विपक्ष के केवल गिने-चुने सदस्य ही सदन बैठे रहे जिन्हें विधेयक के विरोध में संशोधन पेश करने थे। उनके संशोधनों को सदन ने नामंजूर कर दिया। मतविभाजन के बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने 11के मुकाबले 245 मतों से विधेयक के पारित होने की घोषणा की।</p>
<p>तकरीबन पांच घंटे चली चर्चा का उत्तर देते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह विधेयक किसी मजहब या समुदाय के खिलाफ नही है बल्कि यह मुस्लिम महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि विधेयक के पीछे कोई राजनीति नही है तथा यह मोदी सरकार के महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने के उद्देश्य से प्रेरित है। विधेयक में दंड के प्रावधान की हिमायत करते हुए उन्होंने कहा कि संसद द्वारा बनाए गए बलात्कार विरोधी, दहेज विरोधी, घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न विरोधी कानूनों में सजा का प्रावधान है। अपराधों को रोकने के लिए दंड की व्यवस्था प्रभावी सिद्ध होती है इसीलिए एकतरफा तरीके से तलाक देने वाले व्यक्ति के लिए सजा का प्रावधान किया गया है।</p>
<p>कानून मंत्री ने विपक्ष के इन तर्कों का खंडन किया कि तीन तलाक को गैर कानूनी करार देते समय उच्चतम न्यायालय ने कानून बनाने के लिए संसद को कोई निर्देश नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि पांच सदस्यीय उच्चतम न्यायालय की पीठ के दो न्यायाधीशों ने कानून बनाने के पक्ष में फैसला सुनाया था। एक तीसरे न्यायाधीश न्यायमूर्ति कूरियन ने भी कहा था कि जो चीज कुरान में गलत मानी गई है वह कानून में सही कैसे हो सकती है। इसी फैसले के अनुरुप सरकार विधेयक के रुप में कानून बना रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि संसद अपने आप में संप्रभु है तथा किसी भी मुद्दे पर कानून बनाने के लिए अधिकृत है। कानून की गैरमौजूदगी के कारण अब तक पुलिस को यह अधिकार नही था कि वह पीड़ित महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए दोषी पति के खिलाफ कोई कार्रवाई कर सके।</p>
<p>कानून बनने के बाद तीन तलाक की शिकार कोई भी महिला पुलिस थाने में गुहार कर सकती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पक्षों से सुझाव मिलने के बाद सरकार ने पुराने विधेयक में संशोधन करते हुए नया विधेयक पेश किया है। इसमें दोनों पक्षों में सुलह की व्यवस्था है तथा महिला की सहमति पर पति को जमानत मिलने का प्रावधान है। दोषी पति को सजा मुकद्दमे की सुनवाई होने के बाद ही मिलेगी। तलाकशुदा महिला औऱ उसके बच्चों को गुजारा भत्ता दिए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि यह मजिस्ट्रेट के विवेकाधिकार पर निर्भर होगा। पति की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही मजिस्ट्रेट गुजारे भत्ते की धनराशि तय करेगा।</p>
<p>यह पूरा काम न्याय की समुचित प्रक्रिया का पालन करते हुए मजिस्ट्रेट द्वारा ही किया जाएगा। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दंडात्मक व्यवस्था अपराध को रोकने में प्रभावी सिद्ध होती है। यही कारण है कि सितम्बर में अध्यादेश जारी होने के बाद तीन तलाक के मामलों में कमी आई है। कानून मंत्री ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने की पहल की गूंज अब इस्लामी देशों में भी हो रही है। पाकिस्तान की इस्लामी कानून परिषद ने भारत की इस पहल को अपने देश के लिए भी एक अच्छी सीख करार दिया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्हें आशा थी कि विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से कोई ठोस सुझाव आएगा लेकिन ऐसा नही हुआ।</p>
<p>यह विडंबना है कि विपक्षी सदस्य तीन तलाक को गलत मानते हैं लेकिन दंड की व्यवस्था का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय और गरिमा दिलाने के लिए संसद में उठाए जा रहे आज के प्रयास से इसका कद भी ऊंचा हुआ है। विधेयक पारित होने से पहले सदन में रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एमके प्रेमचंद्रन, एआईएमआईएम के असद्दुदीन ओवैसी और बीजू जनता दल के भर्तृहरि माहताब के संशोधनों को नामंजूर कर दिया। जिसमें दोषी पति के लिए दंड का प्रावधान था।</p>
<p>चर्चा के दौरान समूचे विपक्ष ने विधेयक को संसद की संयुक्त संसदीय समिति को सौंपे जाने की मांग की। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्ष का कहना था की यह विधेयक बहुत महत्वपूर्ण है तथा इसे संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार प्रभावित होते हैं। पूरे मसले पर संयुक्त प्रवर समिति को विचार करना चाहिए तथा 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सदन को सौंपनी चाहिए। सरकार ने प्रवर समिति की मांग को नामंजूर करते हुए कहा कि इस प्रकरण में तात्कालिक कार्रवाई की जाने की जरुरत है जिसके मद्देनजर अध्यादेश जारी किया गया था और अब विधेयक लाया गया है।</p>
<p>तीन तलाक बिल से मुस्लिमों का कोई लेना देना नहीं- आजम खान</p>
<p>समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री व वरिष्ठ नेता आजम खान ने गुरुवार को तीन तलाक को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बिल से मुसलमानों का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि मुसलमान कुरान और हदीस के अनुसार चलता है। इसमें पूरी प्रक्रिया दी गयी है। ऐसे में हमारे लिए कुरान के अलावा कोई कानून मान्य नहीं है। तलाक के मामले में हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया के मुसलमान कुरान के कानून को मानते हैं।सपा नेता ने कहा कि पहले सरकार उन महिलाओं को न्याय दिलाए। जिन्हें उनके शोहरों ने स्वीकार नहीं किया। उन्हें न्याय दिलाए जिन्हें गुजरात और अन्य जगह के दंगों में मार दिया था। कुरान के कानून के अलावा किसी कानून को मान्य नहीं है। हिन्दुस्तान के मुसलमान सिर्फ कुरान के कानून को ही मानते हैं।</p>
<p>आजम खान ने कहा, ‘जो लोग इस्लामिक शरह के ऐतबार के तहत तलाक नहीं लेते वो तलाक नहीं माना जाता। तलाक पर कानून बने या न बने अल्लाह के कानून से बड़ा कोई कानून नहीं है।&#8217; पर्सनल ला है कैसे तलाक देगा&#8217; यह हमारा मजहबी मामला है। वहीं योगी सरकार के तीन मंत्रियों के निजी सचिवों के स्टिंग ऑपरेशन के सवाल पर आजम खांन ने कहा, &#8216;सब जानते हैं कि देश का खजाना किसने लूटा। स्टिंग का कोई फायदा नहीं है। जिस दिन सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इंसाफ मांगा था, उसी दिन पूरे देश को सड़कों पर आ जाना चाहिए था। गौरतलब है कि तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाया गया विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश किया जाना था, लेकिन हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई।</p>
<h3>इंसानियत व नारी गरिमा के लिए है तीन तलाक संबंधी विधेयकः रविशंकर प्रसाद</h3>
<p>। शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने संबंधी विधेयक पर गुरुवार को लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 को सदन में चर्चा के लिए पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक किसी धर्म, संप्रदाय के खिलाफ नहीं बल्कि नारी सम्मान और उसकी गरिमा के लिए है।</p>
<p>उन करोड़ों बहनों को उनका अधिकार दिलाने के लिए है जो तीन तलाक की तलवार के नीचे जीवन यापन कर रही हैं। प्रसाद ने कहा कि यह विधेयक इंसानियत के लिए है। विधेयक पहले भी लोकसभा में चर्चा के बाद पारित हो चुका है किंतु राज्यसभा में यह कुछ कारणों से अटक गया। उस वक्त विपक्ष के सदस्यों ने विधेयक को लेकर कुछ सुझाव दिए थे, जिनका इस नए विधेयक में ख्याल रखा गया है। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) के मामले को गैर जमानती अपराध माना गया है लेकिन इस नए विधेयक में अब न्यायाधीश के पास पीड़ित का पक्ष सुनने के बाद सुलह कराने और जमानत देने का अधिकार होगा।</p>
<p>नए विधेयक में किए गए संशोधनों के अनुसार मुकदमे से पहले पीड़ित का पक्ष सुनकर न्यायाधीश आरोपित को जमानत दे सकता है। इसके अलावा अब पीड़ित, उससे खून का रिश्ता रखने वाले और शादी के बाद बने उसके संबंधी ही पुलिस में मामला दर्ज करा स। संशोधित विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि न्यायाधीश के पास पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर उनकी शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा । इसके साथ ही एक बार में तीन तलाक की पीड़ित महिला मुआवजे का अधिकार दिया गया है। प्रसाद ने सदन से आग्रह किया कि वह इस विधेयक पर चर्चा करें और उनके जो भी सुझाव उचित होंगे उस पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार तीन तलाक से संबंधित विधेयक पहले भी संसद में पेश कर चुकी है। लोकसभा से पारित होने के बाद वह विधेयक राज्यसभा में रुका पड़ा है।</p>
<p>राज्यसभा में उक्त विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है और विपक्ष विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने विपक्ष की ओर से सुझाए गए कुछ संशोधनों को स्वीकार करते हुए गत सितम्बर माह में तीन तलाक को गैरकानूनी बताते हुए एक अध्यादेश जारी किया था। यह अध्यादेश अभी अस्तित्व में है। सरकार ने इस अध्यादेश के आधार पर ही आधारित एक नया विधेयक शीतकालीन सत्र में लोकसभा में पेश किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ससुर से हलाला के बाद मां बनी महिला, अब शौहर साथ में रखने को तैयार नहीं&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/woman-who-became-a-mother-after-halala-with-father-in-law-news/</link>
					<comments>https://dainikbhaskarup.com/woman-who-became-a-mother-after-halala-with-father-in-law-news/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Aug 2018 09:12:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[bareilly-city-common-man-issues]]></category>
		<category><![CDATA[Common Man Issues]]></category>
		<category><![CDATA[Father in law]]></category>
		<category><![CDATA[Halala]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim women]]></category>
		<category><![CDATA[National News Bareilly City Uttar Pradesh hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[state]]></category>
		<category><![CDATA[Teen talaq]]></category>
		<category><![CDATA[UP CommonManIssues]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[हलाला]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://www.dainikbhaskarup.com/?p=6516</guid>

					<description><![CDATA[यूपी  के बरेली से एक बार फिर शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहा हलाला के नाम पर शरीयत के सारे कायदों को तोड़कर हवस पूरी करने का मामला है। यहां एक मुस्लिम महिला को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। फिर दोबारा निकाह करने के लिए उसे ससुर (महिला के पति ... <a title="ससुर से हलाला के बाद मां बनी महिला, अब शौहर साथ में रखने को तैयार नहीं&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/woman-who-became-a-mother-after-halala-with-father-in-law-news/" aria-label="Read more about ससुर से हलाला के बाद मां बनी महिला, अब शौहर साथ में रखने को तैयार नहीं&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div align="left">
<p dir="ltr">यूपी  के बरेली से एक बार फिर शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहा हलाला के नाम पर शरीयत के सारे कायदों को तोड़कर हवस पूरी करने का मामला है। यहां एक मुस्लिम महिला को उसके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। फिर दोबारा निकाह करने के लिए उसे ससुर (महिला के पति के पिता) के साथ हलाला करवाया गया। इसके बाद पहले पति से फिर से महिला की शादी हुई। लेकिन इस दौरान महिला गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। शौहर को शक है कि महिला ने जिस बच्चे को जन्म दिया है, वह उसका नहीं, बल्कि उसके बाप कहा है। अब शौहर महिला को रखने को तैयार नहीं है। महिला ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया है।</p>
</div>
<p dir="ltr"><strong>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार</strong></p>
<p dir="ltr">पीड़िता की शादी 30 सितंबर 2015 को संभल के रहने वाले एक ट्रांसपोर्टर से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। प्रताड़ना से तंग आकर महिला अपने मायके चली आई। इस दौरान महिला के पति ने फोन पर उसे तलाक दे दिया। उसने अदालत में मुकदमा किया तो वह समझौते के लिए दबाव डालने लगा। एक साल बाद समझौता हुआ तो वह दोबारा ससुराल आ गई।मुफ्तियों से राय ली तो उन्होंने कहा कि बगैर हलाला के वह अपने शौहर के साथ नहीं रह सकती। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद ससुराल वालों ने 24 दिसम्बर 2016 को उसके दूसरे निकाह का इंतजाम किया। उसे पता ही नहीं था कि उसका निकाह किसके साथ हो रहा है। निकाह के वक्त जब काजी ने नाम लिया तब उसे पता चला कि उसका निकाह तो उसके ससुर मोहम्मद शुएब के ही साथ कराया जा रहा है। उसने निकाह से इंकार किया लेकिन ससुराल वालों ने दबाव बनाकर उसका ससुर से ही निकाह करा दिया। इसके बाद वह रात भर ससुर के साथ रही। सुबह ससुर ने तलाक दे दिया। इसके बाद इद्दत का वक्त गुजारने के लिए उसे ससुराल के बराबर में ही एक मकान दे दिया गया। इद्दत के दौरान उसके शौहर मोहम्मद नूर ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया। लेकिन इद्दत के दौरान ही उसके शौहर ने जबरन संबंध बनाए। इद्दत का समय पूरा होने के बाद फिर से 5 अप्रैल 2017 को महिला ने फिर से अपने पहले पति के साथ शादी कर ली।</p>
<p dir="ltr"><strong>अब महिला की असली मुसीबत शुरू हुई</strong></p>
<p dir="ltr">महिला को कुछ दिनों बाद पता चला कि वह गर्भवती है। जब उसने यह बात अपने पति को बताई तो उसने बच्चा गिराने का दबाव बनाया। बच्चे गिराने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि, घर में कैद कर उसे खाना पीना भी नहीं दिया जाता था। इस बीच उसने किसी तरह पुलिस को इसी सूचना दी जिसके बाद उसे और उसके शौहर को थाने लाया गया। थाना में शौहर ने उसे साथ रखने को कहा। लेकिन बेटे के जन्म के बाद अब उसका शौहर न उसे साथ रख रहा है और न हीं बेटे को अपना मान रहा है। वह डीएन टेस्ट कराने को भी तैयार है।” इस पूरे मामले को लेकर पीडि़ता केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी से मिली और अपने उपर हुए अत्याचार की पूरी कहानी सुनाई। फरहत नकवी ने भी महिला को हर संभव सहायता करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को महिला आयोग के सामने रखा जाएगा।</p>
<p dir="ltr"><strong>उच्च शिक्षित है यह हलाला पीड़ित</strong><br />
संभल की यह हलाला पीड़ित उच्च शिक्षित है। उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसने उर्दू से एमए किया है, हलाला की रस्म उसे मन से कबूल नहीं थी लेकिन उसके मायके के लोग गरीब हैं और बमुश्किल दो जून की रोटी का बंदोबस्त कर पाते हैं। इसी वजह से मजबूरी और दबाव में उसे हलाला करना पड़ा। शर्म की वजह से यह घटना किसी को बताई भी नहीं, लेकिन बरेली में उसके जैसी कई और पीड़िताओं के एकजुट होने की बात पता चली तो उसने भी लड़ाई लड़ने की हौसला जुटा लिया। फरहत नकवी ने कहा कि वह उसका केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगी। फिलहाल वह उसे राज्य अल्पसंख्यक आयोग की आठ अगस्त को लखनऊ में होने जा रही बैठक में लेकर जाएंगी। इस बैठक में वह अपनी आपबीती सुनाकर इंसाफ के लिए गुहार करेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://dainikbhaskarup.com/woman-who-became-a-mother-after-halala-with-father-in-law-news/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-12 21:50:42 by W3 Total Cache
-->