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		<title>मतदान आकड़ों ने बढ़ाई नेताओं की धड़कनें, जानने के लिए पढ़े ये खबर</title>
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		<pubDate>Sat, 18 Nov 2023 13:45:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को हुए मतदान की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। कहीं कम तो कहीं अधिक मतदान हुआ है। इस ट्रेंड ने नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राज्य के औसत मतदान में वृद्धि को देखें तो यह भी अपेक्षाकृत कम रहा है। भाजपा 51 प्रतिशत वोट शेयर ... <a title="मतदान आकड़ों ने बढ़ाई नेताओं की धड़कनें, जानने के लिए पढ़े ये खबर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/voting-figures-increased-the-heartbeats-of-leaders-read-this-news-to-know-news-in-hindi/" aria-label="Read more about मतदान आकड़ों ने बढ़ाई नेताओं की धड़कनें, जानने के लिए पढ़े ये खबर">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-288.png" alt="" class="wp-image-423651" width="839" height="471" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-288.png 460w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-288-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 839px) 100vw, 839px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को हुए मतदान की तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। कहीं कम तो कहीं अधिक मतदान हुआ है। इस ट्रेंड ने नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। राज्य के औसत मतदान में वृद्धि को देखें तो यह भी अपेक्षाकृत कम रहा है। भाजपा 51 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त करने के लिए मतदान बढ़ाने पर जोर दे रही थी तो कांग्रेस भी बूथ, सेक्टर और मंडलम इकाइयों के माध्यम से इसी प्रयास में थी कि मतदान बढ़े पर ऐसा नहीं हुआ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2018 के मुकाबले 31 सीटों पर घटा मतदान</p>



<p class="wp-block-paragraph">आदिवासियों यानी एसटी वर्ग के लिए आरक्षित 47 सीटों में से 31 पर मतदान वर्ष 2018 के मुकाबले घटा है तो एक सीट पर यथास्थिति रही है। 15 सीटों पर अधिक मतदान हुआ। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार राज्य के औसत मतदान में वृद्धि को देखा जाए तो यह पिछले तीन चुनावों की तुलना में कम है। परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में 69.52 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का उपयोग किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भाजपा ने घर-घर जाकर अभियान चलाया</p>



<p class="wp-block-paragraph">वर्ष 2013 के चुनाव में 3.17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 72.69 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था। वर्ष 2018 में यह 2.94 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 75.63 प्रतिशत पर पहुंच गया था, लेकिन इस वर्ष मात्र 0.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि, भाजपा और कांग्रेस को उम्मीद थी कि इस बार मतदान साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक बढ़ेगा। भाजपा ने मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए बूथ सशक्तीकरण अभियान चलाकर घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मतदान के दिन मतदाताओं को घर से निकालने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लगाए। कांग्रेस ने भी बूथ, सेक्टर और मंडलम समितियां बनाईं ताकि अधिक से अधिक मतदान हो सके। पहली बार बूथ लेवल एजेंट लगभग सभी मतदान केंद्रों पर नियुक्त किए गए। इन सभी प्रयासों के बाद भी 96 सीटों पर मतदान पिछले चुनाव के मुकाबले कम रहा है। प्रयास काम नहीं आए यानी जनता के मन में क्या है, यह समझ पाना और मुश्किल हो गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस वजह से नेताओं की बढ़ी धड़कनें</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसी वजह से नेताओं की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। छिंदवाड़ा में बढ़ा और बुदनी में घटा मतदान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने छिंदवाड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ा। यहां मतदान वर्ष 2018 के 80.78 प्रतिशत से बढ़कर 81.5 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्वाचन क्षेत्र बुदनी में मतदान का प्रतिशत 2018 में 83.69 था, जो इस बार घटकर 81.59 प्रतिशत रह गया। छिंदवाड़ा जिला, जहां सभी सातों विधानसभा सीटें कांग्रेस के कब्जे में थीं, वहां भी मतदान प्रतिशत तुलनात्मक रूप से कम रहा है। जिले के परासिया को छोड़कर अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदान प्रतिशत घटा है।</p>
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		<title>राजस्थान में भाजपा का घोषणा पत्र जारी, 5 साल में देगी ढाई लाख नौकरियां, जानने के लिए पढ़े ये खबर</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Nov 2023 13:36:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[जयपुर । राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने वादा किया है कि गेहूं की फसल 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। इसके साथ ही जिन किसानों की जमीन कुर्क हो गई है, उन्हें मुआवजा देने के लिए एक कमेटी बनवाई जाएगी। महिलाओं की ... <a title="राजस्थान में भाजपा का घोषणा पत्र जारी, 5 साल में देगी ढाई लाख नौकरियां, जानने के लिए पढ़े ये खबर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bjps-manifesto-released-in-rajasthan-will-provide-2-5-lakh-jobs-in-5-years-read-this-news-to-know-news-in-hindi/" aria-label="Read more about राजस्थान में भाजपा का घोषणा पत्र जारी, 5 साल में देगी ढाई लाख नौकरियां, जानने के लिए पढ़े ये खबर">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1230" height="756" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-242.png" alt="" class="wp-image-422470" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-242.png 1230w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/11/image-242-768x472.png 768w" sizes="(max-width: 1230px) 100vw, 1230px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जयपुर । राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने वादा किया है कि गेहूं की फसल 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। इसके साथ ही जिन किसानों की जमीन कुर्क हो गई है, उन्हें मुआवजा देने के लिए एक कमेटी बनवाई जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर शहर में एंटी रोमियो फोर्स तैयार की जाएगी और हर थाने में एक महिला डेस्क बनाई जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">भाजपा ने गुरुवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसे &#8216;आपणो अग्रणी राजस्थान संकल्प पत्र 2023&#8217; नाम दिया गया है। इस पत्र में हर वर्ग को खुश रखने की कोशिश की गई है। लेकिन सबसे बड़ी घोषणा कांग्रेस राज में हुए घोटालों की जांच के लिए &#8216;एसआईटी&#8217; गठन की है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि हमारी सरकार आने पर पेपर लीक मामलों की त्वरित जांच एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार के साथ मिलकर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पार्टी ने घोषणा की है कि आगे किसानों की जमीन नीलाम ना हो एवं इसके लिए एक नोटिफिकेशन लाएंगे। साथ ही पांच साल की सरकार में ढाई लाख नौकरियों का भी वादा किया है। इसी तरह लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म पर 2 लाख के सेविंग बॉन्ड से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 21 साल की उम्र तक बच्चियों को यह पैसा दिया जाएगा। इसके अलावा केजी से पीजी त मुफ़्त शिक्षा, 12वीं पास करने पर मेधावी छात्राओं को स्कूटी, लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 6 लाख से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ ही पीएम उज्जवला योजना की सभी महिलाओं को 450 प्रति सिलेंडर सब्सिडी दी जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मानगढ़ धाम बनेगा &#8216;ट्राइबल डेस्टिनेशन&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">मानगढ़ धाम को भाजपा ट्राइबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करेगी। साथ ही पर्यटन कौशल कोष बनाकर 5 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। एम्स की तर्ज पर हाई डिवीजन में राजस्थान इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी एवं राजस्थान इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस स्थापित करेंगे। 40 हजार करोड़ के निवेश के साथ भामाशाह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन शुरू किया जाएगा। 15000 डॉक्टर और 20000 पैरामेडिकल स्टाफ की नई नियुक्तियां की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्षेत्रीय विरासत केंद्र देंगे पर्यटन को बढ़ावा</p>



<p class="wp-block-paragraph">संकल्प पत्र में कलर फॉर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शेखावाटी, ढूंढाड़, ब्रज, हाडौती, मेवाड़, मारवाड़, अजमेर और बीकानेर में 800 करोड़ के निवेश के साथ क्षेत्रीय विरासत केंद्र स्थापित किए जाएंगे। लॉ एंड ऑर्डर की तरफ विशेष ध्यान देने के साथ ही महिलाओं को सशक्त किया जाएगा।</p>
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		<title>शरद पूर्णिमा के दिन लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, जानने के लिये पढ़े ये खबर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Oct 2023 10:39:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण है। इस पूर्णिमा की रात चंद्र की रोशनी में खीर बनाने और खाने की परंपरा है। इस बार रात में चंद्र ग्रहण रहेगा, इसका सूतक दोपहर से ही शुरू हो जाएगा, इस वजह से शरद पूर्णिमा की रात खीर कब बनाई जाए, इसको लेकर कन्फ्यूजन है। इस ... <a title="शरद पूर्णिमा के दिन लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, जानने के लिये पढ़े ये खबर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/l-lunar-eclipse-will-take-place-on-the-day-of-sharad-purnima-read-this-news-to-know-news-in-hindi/" aria-label="Read more about शरद पूर्णिमा के दिन लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, जानने के लिये पढ़े ये खबर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-656.png" alt="" class="wp-image-415383" width="842" height="474" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-656.png 600w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-656-390x220.png 390w" sizes="(max-width: 842px) 100vw, 842px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण है। इस पूर्णिमा की रात चंद्र की रोशनी में खीर बनाने और खाने की परंपरा है। इस बार रात में चंद्र ग्रहण रहेगा, इसका सूतक दोपहर से ही शुरू हो जाएगा, इस वजह से शरद पूर्णिमा की रात खीर कब बनाई जाए, इसको लेकर कन्फ्यूजन है। इस कन्फ्यजून को दूर करने के लिए हमने बद्रीनाथ, उज्जैन और वृंदावन के ज्योतिषियों और धर्म के जानकारों से बात की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बद्रीनाथ और उज्जैन सहित देश के कई शहरों में आज (शुक्रवार, 27 अक्टूबर) रात ही शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा। वहीं, वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में रविवार, 29 अक्टूबर की रात शरद पूर्णिमा की खीर बनाई जाएगी, लेकिन बांके बिहारी मंदिर में इस साल शरदोत्सव नहीं होगा। 28 अक्टूबर की रात 1.05 बजे से आंशिक चंद्र ग्रहण की शुरुआत होगी। रात 1.44 बजे ग्रहण का मध्य रहेगा और 2.24 बजे ग्रहण खत्म हो जाएगा। ग्रहण का समय करीब 1 घंटा 19 मिनट रहेगा। 2023 के बाद अगला चंद्र ग्रहण 2024 में 17-18 सितंबर की रात होगा, जो भारत में दिखेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; 28 अक्टूबर की रात पूरे भारत में एक साथ चंद्र ग्रहण देखा जा सकेगा। भारत के साथ ही पूरे एशिया में, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, पैसेफिक, हिन्द महासागर में दिखाई देगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; शरद पूर्णिमा पर कौन-कौन से शुभ काम किए जाते हैं?</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-657.png" alt="" class="wp-image-415385" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-657.png 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-657-768x576.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; शरद पूर्णिमा से जुड़ी कई परंपरा हैं, जैसे इस पर्व की रात श्रीकृष्ण की विशेष पूजा होती है, खीर बनाई जाती है, देवी लक्ष्मी का अभिषेक किया जाता है, विष्णु जी के ग्रंथ का पाठ और मंत्र किया जाता है, भगवान सत्यनारायण की कथा की जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और तीर्थ दर्शन करने की भी परंपरा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; शरद पूर्णिमा की रात ग्रहण रहेगा तो इस पर्व से जुड़ी परंपराएं कब निभाएं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; उत्तराखंड के चार धाम में से एक बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल कहते हैं, शरद पूर्णिमा पर ग्रहण होने से इसका सूतक दोपहर 4.05 से ही शुरू हो जाएगा। शास्त्रों में सूतक के समय पूजा-पाठ करना, मंदिर में दर्शन करना, खाना बनाना और खाना मना किया गया है। इस वजह शरद पूर्णिमा से जुड़े शुभ काम 28 की दोपहर के बाद करना संभव नहीं है। वही इसलिए शरद पूर्णिमा से जुड़ी परंपराएं एक रात पहले यानी आश्विन शुक्ल चतुर्दशी (27 अक्टूबर) की रात निभा सकते हैं। बद्रीनाथ धाम में भी शरद पूर्णिमा से जुड़ी पूजा-पाठ 27 तारीख को ही की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उज्जैन के ज्योतिषी और पंचांगकर्ता पं. आनंद शंकर व्यास कहते हैं, ‘’पूर्णिमा पर ग्रहण होने से रात में इस पर्व से जुड़ी पूजा-पाठ नहीं हो सकेंगे, न ही खीर नहीं बनाई जा सकेगी। 27 अक्टूबर को चतुर्दशी तिथि पर चंद्रमा की पूर्णिमा से सिर्फ एक कला कम रहेगी, इसलिए पूर्णिमा से एक रात पहले खीर बनानी चाहिए और भगवान को भोग लगाना चाहिए। हमारे यहां उज्जैन के बड़ा गणपति मंदिर में भी 27 अक्टूबर की रात शरद पूर्णिमा के आयोजन होंगे। वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर, इस्कॉन के पीआर श्याम किशोर दास ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर ग्रहण होने से हमारे यहां एक दिन बाद यानी 29 अक्टूबर को इस पर्व से जुड़ी पूजा-पाठ की जाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा क्यों कहते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, इस पर्व से जुड़ी कई मान्यता हैं। शरद पूर्णिमा को महारास की रात भी कहते हैं। माना जाता है कि द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने इस रात में गोपियों के साथ महारास किया था। ऐसा भी माना जाता है कि इस पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी घूमने आती हैं और भक्तों से पूछती हैं, को जागृति यानी कौन जाग रहा है। इस मान्यता की वजह से से इस तिथि को कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; शरद पूर्णिमा खीर क्यों बनाते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; शरद पूर्णिमा का जिक्र धर्म ग्रंथों के साथ ही आयुर्वेद में भी है। इस रात में चंद्र की रोशनी खीर बनाने की परंपरा है। रात में खीर बनाई जाती है, भगवान को भोग लगाया जाता है और फिर इस खीर का सेवन किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उज्जैन के डॉ. राम अरोरा (एमडी, आयुर्वेद) कहते हैं, शरद पूर्णिमा की रात चंद्र की किरणें औषधीय गुणों वाली होती हैं। जब ये किरणें खीर पर पड़ती हैं तो खीर में भी औषधीय गुण आ जाते हैं। ये खीर मौसमी बीमारियों से लड़ने की ताकत देती है। खीर में दूध, चावल, शकर, ड्रायफ्रूट्स डाले जाते हैं, ये सभी चीजें हमारी सेहत के लिए बहुत लाभदायक हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; चंद्र ग्रहण के सूतक के समय क्या करें और क्या न करें?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ग्रहण खत्म होने तक रहता है। इस समय में पूजा-पाठ, मंदिर दर्शन, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, व्यापार प्रारंभ जैसे शुभ काम नहीं किए जाते हैं। इसी वजह से सूतक शुरू होते ही सभी मंदिर बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर की शुद्धि होती है, इसके बाद भक्तों के लिए मंदिर खोले जाते हैं। सूतक काल में देवी देवताओं के मंत्रों का जप करना चाहिए। दान-पुण्य कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; चंद्र ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं- पूर्ण, आंशिक और मांद्य। पूर्ण चंद्र ग्रहण में चंद्र लाल दिखने लगता है। आंशिक चंद्र ग्रहण में चंद्र का कुछ हिस्सा दिखना बंद हो जाता है। इन दोनों ग्रहण की धार्मिक मान्यता होती है और सूतक भी रहता है। मांद्य चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की हल्की सी छाया चंद्र पर पड़ती है, इसका धार्मिक महत्व नहीं होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल &#8211; चंद्र ग्रहण कैसे होता है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब &#8211; जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्र, ये तीनों ग्रह एक सीधी लाइन में आ जाते हैं और चंद्र पर पृथ्वी की छाया पड़ने लगती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस संबंध में धार्मिक मान्यता ये है कि समय-समय पर राहु सूर्य और चंद्र को ग्रसता है, इस वजह से ग्रहण होते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>मृत्यु के बाद भी ये आंखें देख रही दुनिया, जानने के लिए पढ़े ये खबर</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/even-after-death-the-world-is-seeing-these-eyes-read-this-news-to-know-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Oct 2022 07:33:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
		<category><![CDATA[After death]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[read this news to know]]></category>
		<category><![CDATA[the world is seeing eyes]]></category>
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					<description><![CDATA[कुछ दिनों पहले एक्टर वैशाली ठक्कर ने इंदौर में अपने ही घर में आत्महत्या कर ली। वैशाली को अपनी आंखें बेहद पसंद थीं। वो अपने घर वालों से अक्सर कहा करती थीं कि मरने से पहले, मैं अपनी आंखें डोनेट करना चाहती हूं। अब परिवार ने उनकी आंखे जिला अस्पताल में दान में दे दीं। ... <a title="मृत्यु के बाद भी ये आंखें देख रही दुनिया, जानने के लिए पढ़े ये खबर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/even-after-death-the-world-is-seeing-these-eyes-read-this-news-to-know-news-in-hindi/" aria-label="Read more about मृत्यु के बाद भी ये आंखें देख रही दुनिया, जानने के लिए पढ़े ये खबर">Read more</a>]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">कुछ दिनों पहले एक्टर वैशाली ठक्कर ने इंदौर में अपने ही घर में आत्महत्या कर ली। वैशाली को अपनी आंखें बेहद पसंद थीं। वो अपने घर वालों से अक्सर कहा करती थीं कि मरने से पहले, मैं अपनी आंखें डोनेट करना चाहती हूं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब परिवार ने उनकी आंखे जिला अस्पताल में दान में दे दीं। आपको पता है कि एक्सपर्ट कहते हैं कि एक इंसान अंगदान यानी ऑर्गन डोनेट करके 7 लोगों का जीवन बचा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल- ऑर्गन डोनेशन यानी अंग दान क्या है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- एक व्यक्ति यानी ऑर्गन डोनर की सर्जरी कर, उसके किसी ऑगर्न या टिश्यू को निकालकर दूसरे यानी जरूरतमंद व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट करने के प्रोसेस को ऑर्गन डोनेशन कहते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल- क्या ऑर्गन डोनेट मरने के बाद ही किया जाता है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- नहीं। इसे एक जीवित व्यक्ति भी कर सकता है, लेकिन हर ऑर्गन के साथ यह संभव नहीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लिविंग डोनर : जीवित रहते हुए व्यक्ति शरीर के कुछ हिस्से जैसे किडनी, बोन मैरो डोनेट कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ब्रेन डेड : ब्रेन डेड घोषित होने पर किडनी, लिवर, फेफड़े, पेंक्रियाज, ओवरी, आंखें, बोन और त्वचा को दूसरे शरीर में ट्रांसप्लांट करते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जीवित और मृत व्यक्ति के ऑर्गन डोनेशन में अंतर है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल- अच्छा तो क्या कोई भी जीवित व्यक्ति ऑर्गन डोनट कर सकता है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- नहीं, 18 साल से कम उम्र के लोग ऑर्गन डोनेट नहीं कर सकते हैं। यह एक ऐसा काम है, जिसमें जाति और धर्म का कोई लेना देना नहीं। वहीं ब्रेन डेड के केस में गार्जियन से पूछना जरूरी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सामान्य तौर से इन ऑर्गन को किया जा सकता है डोनेट</p>



<p class="wp-block-paragraph">1- फेफड़े</p>



<p class="wp-block-paragraph">2- हार्ट</p>



<p class="wp-block-paragraph">3- लिवर</p>



<p class="wp-block-paragraph">4- पैंक्रियाज</p>



<p class="wp-block-paragraph">5- किडनी</p>



<p class="wp-block-paragraph">6- स्मॉल इंटेस्टाइन</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन टिश्यू को कर सकते हैं डोनेट..</p>



<p class="wp-block-paragraph">1- कॉर्निया, हड्डी</p>



<p class="wp-block-paragraph">2- हार्ट वॉल्व</p>



<p class="wp-block-paragraph">3- स्किन</p>



<p class="wp-block-paragraph">4- आइलेट्स, तंत्रिकाएं</p>



<p class="wp-block-paragraph">5- नसें</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल-क्या ऑर्गन डोनेशन की कोई शर्तें भी होती हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- बिल्कुल। शर्तें यह है कि…</p>



<p class="wp-block-paragraph">जो व्यक्ति ऑर्गन डोनेट करने जा रहा है, उसका हेल्दी होना जरूरी है।<br>जो व्यक्ति HIV, कैंसर, हार्ट और फेफड़ों की बीमारी जैसी किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित नहीं है, वही अपना ऑर्गन डोनेट कर सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल- ऑर्गन और टिश्यू डोनेशन में क्या अंतर है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- ऑर्गन शरीर का वह अंग है, जिसका काम करना किसी भी इंसान के जीवित रहने के लिए जरूरी है। जैसे हार्ट या दिल, फेफड़े, किडनी आदि। वहीं टिश्यू, जिन्हें ऊत्तक भी कहते हैं, वो कोशिकाएं कॉर्निया, त्वचा, हार्ट वॉल्व जैसे अंगों का हिस्सा होती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सवाल- ऑर्गन डोनेशन कहां करें?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- अंगदान के लिए angdaanmahadaan.com, www.nos.org, www.notto.nic.in , mohanfoundation.org, mfjcfnavjeevan.info इन वेबसाइट्स पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या टोल फ्री नंबर 1800114770, 18001037100 पर संपर्क कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रजिस्ट्रेशन के बाद जारी कार्ड की जानकारी परिजनों को दें, ताकि वो ब्रेन डेड होने पर जानकारी हॉस्पिटल को दे सकें। रजिस्ट्रेशन न होने पर भी इन नंबर पर संपर्क कर अंगदान करा सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 1- अगर आपने ऑर्गन डोनेट किया है, तो माता-पिता बनने में परेशानी आएगी?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- किडनी डोनेट करने के मामले में ये बात अक्सर कही जाती है। महिलाएं कई बार किडनी इस डर से डोनेट करने से हिचकती हैं। यह स्टेटमेंट पूरी तरह से गलत है। आप किडनी दूसरे को देने के बाद भी पेरेंट बन सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हां, महिलाओं को इस सिचुएशन में थोड़ा ज्यादा सावधान रहना चाहिए। उन्हें पूरी तरह से रिकवर होने के बाद मां बनने का फैसला करना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 2- पुरुषों को महिलाओं के ऑर्गन नहीं लगाए जा सकते?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- यह बात भी गलत है। खासकर किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के वक्त ऐसी बातें कही जाती हैं। सच यह है कि किडनी और लिवर दोनों का ट्रांसप्लांट सेफ है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 3- अंगदान शरीर को बेडौल कर देता है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- अक्सर लोगों को लगता है कि अंगदान करने से शरीर बिगड़ जाता है। यह सही नही हैं, क्योंकि यह रेगुलर तरीके से होने वाली सर्जरी की तरह होता है, सर्जरी के निशान को अच्छे से कवर किया जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 4- किसी भी बीमारी में अंगदान नहीं किया जा सकता?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- ऐसा नहीं है, सिर्फ कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनके पेशेंट अंगदान नहीं कर सकते। आपको सिर्फ कुछ मेडिकल क्राइटेरिया को पूरा करने की जरूरत होती है। अगर आप उन मेडिकल क्राइटेरिया की शर्तों को पूरा कर देते हैं, तो आप अंगदान कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 5- सिर्फ परिवार के सदस्य को ही किडनी दी जा सकती है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- ऐसा पहले हुआ करता था कि किडनी केवल एक ही परिवार के सदस्य को दी जा सकती है। अब परिवार के दूर के सदस्य, दोस्त या अजनबी को भी किडनी दे सकते हैं। हालांकि, लिविंग डोनर होने के नाते किडनी देने से पहले आपसे डिटेल में पूछताछ की जाएगी ।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 6- ज्यादा उम्र के लोग अंगदान नहीं कर सकते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- बुजुर्ग भी ऑर्गन डोनर हो सकते हैं। अगर आप चिकित्सा की शर्तें पूरी करते हैं, तो अंगदान में कोई प्रॉब्लम नहीं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 7- क्या 18 साल से कम उम्र के लोग अंगदान नहीं कर सकते?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- ज्यादातर देशों में ऑर्गन डोनर की कानूनी उम्र 18 साल से ज्यादा होती है। अगर अंगदान करने वाला 18 साल से कम उम्र का है, तो उसके माता-पिता की सहमति लेना जरूरी होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्टेटमेंट 8- जिन्हें आप ऑर्गन दे रहे हैं उन्हें डोनर यानी आपके बारे में जानकारी होनी चाहिए?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जवाब- जिस प्रकार रोगी की गोपनीयता डोनर परिवार और प्राप्तकर्ता दोनों के लिए बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। उसी तरह डोनर के बारे में भी कोई जानकारी डोनर की सहमति से ही प्राप्तकर्ता को बताई जा सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">क्या आप जानते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">2010 से भारतीय अंगदान दिवस मनाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार, ऑर्गन डोनेशन में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब डेटा देख लें…</p>



<p class="wp-block-paragraph">2021 &#8211; कुल ऑर्गन ट्रांसप्लांट और भारत</p>



<p class="wp-block-paragraph">9,105 किडनी<br>2,847 लिवर<br>151 हार्ट<br>133 लंग<br>19 पैंक्रियाज<br>सोर्स- ग्लोबल ऑब्जरवेटरी ऑन डोनेशन एंड ट्रांसप्लांटेशन (जीओडीटी)</p>



<p class="wp-block-paragraph">चलते-चलते</p>



<p class="wp-block-paragraph">ग्रीन कॉरिडोर शब्द का मतलब जानते हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">शरीर से निकाले गए ऑर्गन यानी अंग को जरूरतमंद लोगों के पास पहुंचाने के लिए एक स्पेशल रूट तैयार किया जाता है। इस रूट में जगह-जगह पर वॉलिंटियर्स तैनात होते हैं ताकि ऑर्गन सही समय पर पहुंच सके और किसी तरह की बाधा न हो। इसे ही ग्रीन कॉरिडोर कहा जाता है।</p>
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