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	<title>Russia-Ukraine &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>रूस-यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध का खूब फायदा उठाने में जुटा चीन, चल रहा ये चाल&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 22 Apr 2022 07:47:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रूस और यूक्रेन के बीच काफी समय से महायुद्ध चल रहा है , जिसे कई शहरों के मंत्रियों ने इस युद्ध को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस प्रयास के बावजूद भी उन्हें सफलता नही मिली। हालांकि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध छेड़ने के बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने उस पर कड़े ... <a title="रूस-यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध का खूब फायदा उठाने में जुटा चीन, चल रहा ये चाल&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/china-engaged-in-taking-full-advantage-of-the-ongoing-world-war-between-russia-ukraine-this-trick-is-going-on-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध का खूब फायदा उठाने में जुटा चीन, चल रहा ये चाल&#8230;">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1280" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/04/tui.jpg" alt="" class="wp-image-195692" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस और यूक्रेन के बीच काफी समय से महायुद्ध चल रहा है , जिसे कई शहरों के मंत्रियों ने इस युद्ध को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस प्रयास के बावजूद भी उन्हें सफलता नही मिली। हालांकि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध छेड़ने के बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। चीन शुरू से ही इस जंग में रूस के साथ खड़ा होने की बात कहता रहा है और यूक्रेन पर हमले का विरोध कभी भी नही किया है। लेकिन दूसरी हकीकत ये है कि चीन, रूस-यूक्रेन युद्ध और रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए अपना भला करने में भी जुटा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन का भी उठा रहा चीन फायदा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस-यूक्रेन युद्ध को भांपकर चीन पहले ही इससे फायदा लेने की कोशिशों में जुट गया था। युद्ध शुरू होने के बाद भी उसने न केवल रूस बल्कि यूक्रेन को भी अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया है और दोनों ही देशों को अपना ड्रोन दे रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस संग यूक्रेन को भी चीन ने दिए उपहार में ड्रोन?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">एक तरफ चीन यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूस का दोस्त होने का दावा करता रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अपने फायदे के लिए वह यूक्रेन को रूस से लड़ाई के लिए ड्रोन की सप्लाई भी करता रहा है। रूस से दोस्ती के साथ ही चीन की यूक्रेन से भी डिफेंस डील है। साथ ही यूक्रेन ने चीनी कंपनी पर इसी ड्रोन को रूस को भी बेचने का आरोप लगाया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी कंपनी DJI के बनाए हुए ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन ने रूस के खिलाफ लड़ाई में किया है। यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री मायखाइलो फेडेरोव के अनुसार, यूक्रेन ने चीनी कंपनी DJI से 2372 क्वाडकॉप्टर और 11 मिलिट्री अनमैंड एरियल व्हीकल ड्रोन 68 मिलियन यानी करीब 513 अरब रुपए में खरीदे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">15 अरब डॉलर की ड्रोन कंपनी, चीन की DJI ने उसके ड्रोन के यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल से इनकार करते हुए कहा कि उसके ड्रोन सेना के इस्तेमाल के लिए नहीं बनाए जाते हैं और वह केवल सिविलियंस ड्रोन बनाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उधर हाल ही में यूक्रेन ने आरोप लगाया कि चीनी कंपनी DJI के ड्रोन का इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन के मिसाइल को नेविगेट करने में कर रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन ने चीन से तुरंत ही रूस के इन ड्रोन के इस्तेमाल पर बैन लगाने की मांग की। हालांकि चीनी कंपनी ने कहा कि अगर रूस के पास ये ड्रोन हैं, तब भी उसके पास उन्हें डिएक्टिव करने की टेक्निक नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>युद्ध से पहले ही रूस से कर लिया था गेहूं, गैस, कोयला खरीदने का करार</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन ने 24 फरवरी को यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले ही इसे भांप लिया था। इसलिए फरवरी की शुरुआत में ही रूस के साथ गेहूं के आयात पर लगे प्रतिबंधों को हटाते हुए रूस से ज्यादा गेहूं खरीदने की डील की थी और गैस खरीद को लेकर बड़ा करार किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस साल फरवरी की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की चीन यात्रा के दौरान ही चीन ने गेहूं, गैस और कोयले से जुड़े करार किए थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे समय में जब वैश्विक अनाज की कीमत पिछले 10 साल के उच्चतम स्तर पर हैं, तो दुनिया के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश रूस से बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद से चीन को अपने यहां अनाज सप्लाई सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पहले चीन ने रूस से आने वाले गेहूं में ड्वॉर्फ बंट फंगस की मौजूदगी की चिंताओं की वजह से रूस से गेहूं आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन ने 2021 में रूस से महज 12,227 मीट्रिक टन गेहूं का ही आयात किया था, ये रूस के इस दौरान दुनिया भर में किए गए 2.6 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात का बहुत छोटा सा हिस्सा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">साथ ही चीन ने युद्ध से पहले ही रूस के साथ एनर्जी कोऑपरेशन डील के तहत 10 अरब क्यूबिक मीटर गैस खरीदने का भी करार कर लिया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पुतिन की यात्रा के दौरान चीन ने रूस से नई पाइपलाइन के जरिए गैस खरीदने के लिए 117 अरब डॉलर यानी करीब 8.89 लाख करोड़ रुपए का नया करार किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस डील के तहत पाइपलाइन के जरिए रूसी गैस निर्यात में एकाधिकार रखने वाली कंपनी गजप्रोम ने चीन की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी CNPC को 10 अरब क्यूबिक मीटर हर साल देने का करार किया है।<br>रूस ने 2021 में चीन को 16.5 अरब क्यूबिक मीटर गैस सप्लाई की थी और उसकी 2025 तक चीन को पाइपलाइन के जरिए 38 अरब क्यूबिक मीटर गैस सप्लाई करने की योजना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">साथ ही चीन ने यूक्रेन युद्ध से कुछ हफ्तों पहले रूस से कोयला खरीदने के लिए 20 अरब डॉलर यानी करीब 15200 करोड़ रुपए का करार किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूसी करेंसी रूबल की वैल्यू चीन के युआन की तुलना में गिराने की चाल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस-यूक्रेन युद्ध संकट के दौरान चीन की सबसे बड़ी चाल रूसी मुद्रा रूबल की कीमत अपनी करेंसी युआन की तुलना में तेजी से कम करने की रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन ने इसके लिए फॉरेन एक्सचेंज रेट कंट्रोल में ढील दी, जिससे रूस के रूबल की कीमत चीन के युआन की तुलना में तेजी से गिरी। चीन के इस कदम से उसका रूस से होने वाला आयात सस्ता हो गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम SWIFT से कई रूसी बैंकों को बाहर करने के बाद उसकी करेंसी रूबल की कीमत में 40% तक गिरावट आ गई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले साल अक्टूबर में 1 युआन की कीमत 10.89 रूसी रूबल थी। 24 फरवरी को रूस के यूक्रेन पर हमले के समय 1 चीनी युआन की कीमत 13.43 रूसी रूबल थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन के फॉरेन एक्सचेंज रेट में ढील देते ही रूबल की कीमत तेजी से गिरी और 07 मार्च को 1 युआन की कीमत 22.55 रूबल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। फिलहाल ये रेट 12.47 है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूसी सामानों के सस्ते आयात से चीन को अपना आयात बिल कम करने में मदद मिली।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>चीन दे रहा अपने पेमेंट सिस्टम CUP को बढ़ावा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">चीन रूस से न केवल सस्ते आयात को बढ़ावा दे रहा है बल्कि इस बढ़े हुए व्यापार को अपने पेमेंट सिस्टम चाइना यूनियन पे यानी CUP के जरिए कर रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पश्चिमी देशों द्वारा रूस के कई बैंकों को SWIFT से बाहर किए जाने के बाद रूसी बैंकों के कार्ड आधारित पेमेंट के लिए CUP पसंदीदा पेमेंट सिस्टम बनकर उभरा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">SWIFT एक सिक्योर मैसेजिंग सिस्टम है, जिसका उपयोग बैंक तेज और सुरक्षित तरीके से सीमा पार पेमेंट में करते हैं, जिससे इंटरनेशनल ट्रेड में आसानी होती है। रूस SWIFT के विकल्प की तलाश में है, ऐसे में चीन उसे अपने CUP जैसे सिस्टम ऑफर कर रहा है।<br>चीन इस चाल से CUP की वैश्विक पहुंच बढ़ाना चाहता है, जबकि CUP चीन से पैसों को अवैध तरीके से भेजने के पसंदीदा साधन के रूप में काफी विवादित रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">चाइना यूनियन पे यानी CUP दुनिया का सबसे बड़ा कार्ड पेमेंट (डेबिट, क्रेडिट) ऑर्गेनाइजेशन है, जिसने 7 अरब कार्ड जारी किए हैं। CUP मोबाइल और ऑनलाइन पेमेंट भी ऑफर करता है।<br>CUP ने दुनिया भर में 2300 संस्थानों से करार किया है, जिससे इससे जारी होने वाले कार्ड्स को 179 देशों में स्वीकार किया जाता है। साथ ही इसने 61 देशों में अपने कार्ड जारी किए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस के साथ डिफेंस डील का भी फायदा उठाएगा चीन?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस और चीन डिफेंस पार्टनर भी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये साझेदारी रूस से ज्यादा चीन को फायदा पहुंचाएगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस से रक्षा करार का फायदा चीन अपनी सेना के आधुनिकीकरण में उठाएगा। चीन तेजी से अपनी सेना का आधुनिकीकरण करना चाहता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस से डिफेंस डील में चीन का सबसे बड़ा फायदा रूसी डिफेंस प्रोडक्ट्स की रिवर्स इंजीनियरिंग यानी, रूसी डिफेंस प्रोडक्ट्स की नकल करके वैसा ही प्रोडक्ट तैयार करने के रूप में मिल सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारों का कहना है कि चीन रूस की सैन्य क्षमता का इस्तेमाल अपनी जरूरत के हिसाब से अपनी मिलिट्री को और बेहतर करने से नहीं चूकेगा। चीन रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और सुखोई जैसे फाइटर प्लेन समेत अन्य हथियारों का आयात करता रहा है।</p>
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		<title>रूस-यूक्रेन में जारी जंग का असर भारत पर दिखा, फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/the-effect-of-the-ongoing-war-in-russia-ukraine-was-visible-on-india-then-the-price-of-petrol-and-diesel-increased-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Mar 2022 08:37:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[रशिया और यूक्रेन के बीच जंग में बम और मिसाइल भले ही यूक्रेन की भूमि पर गिर रहे हों, लेकिन महंगाई के रूप में इसके धमाके भारत की जमीन पर महसूस किए जा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल के दामों में 30 मार्च को एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले 9 ... <a title="रूस-यूक्रेन में जारी जंग का असर भारत पर दिखा, फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/the-effect-of-the-ongoing-war-in-russia-ukraine-was-visible-on-india-then-the-price-of-petrol-and-diesel-increased-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन में जारी जंग का असर भारत पर दिखा, फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="600" height="338" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/petrol-diesel-15-1645881381.jpg" alt="" class="wp-image-184054" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रशिया और यूक्रेन के बीच जंग में बम और मिसाइल भले ही यूक्रेन की भूमि पर गिर रहे हों, लेकिन महंगाई के रूप में इसके धमाके भारत की जमीन पर महसूस किए जा रहे हैं। पेट्रोल और डीजल के दामों में 30 मार्च को एक बार फिर भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले 9 दिनों में 8वीं बार पेट्रोल और डीजल के दामों में ये बढ़ोतरी की गई है। 30 मार्च को पेट्रोल के दाम 88 पैसे और डीजल के दाम 82 पैसे बढ़ाए गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस तरह से पिछले 9 दिनों में ही जयपुर में पेट्रोल 9 रुपए 14 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है और पिछले नौ दिनों में ही 5 रुपए 71 पैसे डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। इस बढ़ोतरी में करीब आधा हिस्सा टैक्स के रूप में सीधे केंद्र और राज्य सरकार के खाते में जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हाइलाइट्सपेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार नौ दिनों में आठवीं बढ़ोतरी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">जयपुर में 30 मार्च को 82 पैसे बढ़े डीजल के दाम<br>जयपुर में 30 मार्च को 88 पैसे बढ़े पेट्रोल के दाम<br>जयपुर में अब पेट्रोल के दाम बढ़कर हुए 113 रुपए 20 पैसे<br>जयपुर में अब डीजल के दाम बढ़कर हुए 96 रुपए 43 पैसे<br>नौ दिनों में ही 6 रुपए 14 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल<br>नौ दिनों में ही 5 रुपए 71 पैसे महंगा हुआ डीजल</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>महंगाई पर लगाम लगने की उम्मीदों पर फिरा पानी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके पहले 27 और 28 मार्च को पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कुछ कम यानी 50 से 30 पैसे की हुई थी, इससे ये उम्मीद बंधी थी कि शायद अब पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी पर लगाम लगे और रोज महंगाई का ये बोझ आम जनता पर न आए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जानिए 21 मार्च से लगातार बढ़ रहे दाम</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन 29 और 30 मार्च को फिर से पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 80 पैसे की भारी बढ़ोतरी की गई है और उसके पहले 22, 23 और 25 तथा 26 मार्च को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 80 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। पेट्रोल और डीजल के दामों में ये बढ़ोतरी 21 मार्च से शुरू हुई थी जब पूरे देश में थोक यानी बल्क डीजल के दाम करीब 25 रुपए बढ़ा दिए गए थे। इस बढ़ोतरी के बाद जयपुर में थोक डीजल के दाम एक झटके में करीब 113 रुपए प्रति लीटर हो गए थे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद अगले दिन से रिटेल स्तर पर भी पेट्रोल और डीजल के दोनों के दाम बढ़ना शुरू हो गए और तब से सिर्फ एक दिन 24 मार्च को छोड़कर पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में रोजाना औसतन 75 से 80 पैसे की बढ़ोतरी हो रही है। पेट्रोल और डीजल के दामों में इतनी अधिक बढ़ोतरी इतने कम समय में इसके पहले कभी नहीं की गई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वहीं थोक और रिटेल दोनों ही स्तरों पर पिछले 10 दिनों में डीजल और पेट्रोल दोनों के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ये बढ़ोतरी ऐसे समय में की जा रही है जबकि महंगाई आरबीआई के मानक स्तर से अधिक 6.07 के स्तर को छू चुकी है और आरबीआई महंगाई के बेकाबू होने को लेकर लगातार अपनी चिंता दिखा चुका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पेट्रोल और डीजल के दामों ने पकड़ी रफ्तार</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बात करें कच्चे तेल के दामों की तो, कच्चे तेल के दाम पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार स्थिर बने हुए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम पिछले कुछ समय से लगातार 110 डॉलर प्रति बैरल के आस पास ही स्थिर बने हुए हैं। लेकिन पेट्रोल और डीजल के दामों में भारत में कोई स्थिरता नहीं है और पेट्रोल और डीजल के दामों में रोज तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>रूस ने हॉलीवुड को किया बाय-बाय, बॉलीवुड और टॉलीवुड का किया स्वागत</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/russia-welcomes-hollywood-bye-bye-bollywood-and-tollywood-news/</link>
		
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		<pubDate>Thu, 24 Mar 2022 07:12:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[रूस के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में 75% हिस्सेदारी फॉरेन सिनेमा की रहती है। सिनेमा एक्सपर्ट एलेक्सी वास्यासिन का कहना है कि युद्ध के चलते लोग घरों में ही फिल्में देखने में रूचि दिखा रहे हैं, जिसके कारण यहां प्रोजेक्टर लैंप और दूसरी चीजों के दाम 80% तक बढ़ गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद टिकट को ... <a title="रूस ने हॉलीवुड को किया बाय-बाय, बॉलीवुड और टॉलीवुड का किया स्वागत" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/russia-welcomes-hollywood-bye-bye-bollywood-and-tollywood-news/" aria-label="Read more about रूस ने हॉलीवुड को किया बाय-बाय, बॉलीवुड और टॉलीवुड का किया स्वागत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="674" height="379" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/WhatsApp-Image-2022-03-24-at-12.37.48-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-181520"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में 75% हिस्सेदारी फॉरेन सिनेमा की रहती है। सिनेमा एक्सपर्ट एलेक्सी वास्यासिन का कहना है कि युद्ध के चलते लोग घरों में ही फिल्में देखने में रूचि दिखा रहे हैं, जिसके कारण यहां प्रोजेक्टर लैंप और दूसरी चीजों के दाम 80% तक बढ़ गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद टिकट को सस्ता रखने की कोशिश की जा रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">खबरों की मानें तो युद्ध के कारण लगातार हो रही टैक्स बढ़ोतरी के बाद भी सिनेमा से जुड़ी चीजों के दामों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। उदाहरण के तौर पर सिनेमा हॉल में मिलने वाली खाने-पीने की चीजों के दामों को जस का तस रखा गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस के तीन सिनेमा हॉल ने हाल ही में बॉलीवुड स्टार प्रभास की फिल्म राधे श्याम की भी स्क्रीनिंग की थी, जिसके सारे शो हाउसफुल रहे। युद्ध शुरू होने के बाद डिज्नी और नेटफ्लिक्स जैसे बड़े हॉलीवुड ब्रैंड्स ने रूस में अपनी फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी है। &#8216;द बैटमैन&#8217; ने भी रूस का बायकॉट किया और इसके साथ ही कांस, एमी अवॉर्ड्स भी रूस को शामिल करने से मना कर चुके हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस का बॉलीवुड से पुराना नाता रहा है। भारत का सोवियत यूनियन से अच्छा रिश्ता हिंदी फिल्मों की वजह से ही रहा है। एक दौर ऐसा था जब दोनों देशों में एक साथ फिल्में बनती और रिलीज भी होती थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राज कपूर के जितने फैंस भारत में हैं उससे कहीं ज्यादा रूस में हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>रूस-यूक्रेन के बीच अब आया ये देश, क्या ख़त्म होगा ये महायुद्ध, पढ़े अब तक क्या-क्या हुआ&#8230;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/now-this-country-has-come-between-russia-ukraine-will-this-world-war-end-read-what-has-happened-till-now-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Mar 2022 07:11:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
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					<description><![CDATA[रूस-यूक्रेन के बीच काफी समय से महायुद्ध का संग्राम छिड़ा हुआ है जो थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन एब शादय इस युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है। बता दे इसे रोकने के लिये अब तुर्की सामने आता दिख रहा है। जो काफी दिलचस्पी के साथ आगे बढ़ता नजर आ ... <a title="रूस-यूक्रेन के बीच अब आया ये देश, क्या ख़त्म होगा ये महायुद्ध, पढ़े अब तक क्या-क्या हुआ&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/now-this-country-has-come-between-russia-ukraine-will-this-world-war-end-read-what-has-happened-till-now-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन के बीच अब आया ये देश, क्या ख़त्म होगा ये महायुद्ध, पढ़े अब तक क्या-क्या हुआ&#8230;">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/pic-13.jpg" alt="" class="wp-image-181184" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस-यूक्रेन के बीच काफी समय से महायुद्ध का संग्राम छिड़ा हुआ है जो थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन एब शादय इस युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है। बता दे इसे रोकने के लिये अब तुर्की सामने आता दिख रहा है। जो काफी दिलचस्पी के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है। आपको बता दे कि बीते दो हफ्ते में तुर्की ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लड़ाई स्तर पर इस भीषण मूसीबतों का हल निकालने के लिये हर प्रयास कर चुका है, जिसका नतीजा धीरे –धीरे सफल होता दिख रहा है, जिसका सीधा उदाहरण है कि रूस और यूक्रेन ये दोनों ही आपसी समझौते के करीब पहुंचते दिख रहे है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तुर्की यूक्रेन-रूस का माना जाता है करीबी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">फिलहाल इस युद्ध पर अभी तक कोई भी अपनी ताकत दिखाने में कामयाब नहीं हो सका, लेकिन अचानक से ये दो ईसाई देशों के बीच ये मुस्लिम मुल्क अचानक से इतना ज्यादा महत्वपूर्ण होता नजर आने लगा है। हालांकि इसके पीछे का कारण ये बताया जा रहा है कि तुर्की और देशों की तुलना में यूक्रेन और रूस का कुछ ज्यादा ही करीबी माना जाता है। जिसका खामियाजा आज देखने को मिल रहा है। और यहीं कारण है कि रूस इस मामले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति या फिर तमाम पश्चिमी देशों को लीड नहीं लेने देना चाहता है और तो और तुर्की के जरिए पूर्वी यूरोप में एक बड़े भाई की भूमिका में बखूबी नजर आना भी चाहता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">खास बात तो यह है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तुर्की को इसलिए अपना सगा मानते है क्यों कि वो पहले ही अजरबैजान, लीबिया और सीरिया में हुए खून खराबे रोकने में तुर्की की अहम भूमिका को बखूबी तरीके से परख चुके है, बस यहीं कारणं है कि वो तुर्की को अपना समझदार साथी मानते है। तुर्की ने अपने दावे में कहा है कि वो रूस और यूक्रेन को समझौते के काफी करीब लाने की कोशिशों में जुटा हुआ है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस यूक्रेन संकट में तुर्की की जानए अहम भूमिका</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की और रूस के बीच कई जगह सुरक्षा सहयोग है, तुर्की जैसे देश की वजह से इन दोनों के बीच एक कड़ी विश्वास की डोर बंधती नजर आने लगी है जिससे अब एक लोगों के मन में उम्मीद जगने लगी है कि अब जल्द ही ये लड़ाई थम सी जाएगी। तुर्की ने कहा है कि हम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमीर जेलेंस्की इन दोनों के बीच चल रहे आपसी मतभेद को जल्द ही दूर करने में कामयाब हो सकेंगे। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>जानिए यूक्रेन के साथ तुर्की का कैसा है संबंध?</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्कीं का यूक्रेन और रूस के बीच मध्यस्थता करने का प्रस्ताव इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वो समझौते को प्रैक्टिकली डिलीवर करने की स्थिति में है। इसी तरह से यूक्रेन के साथ तुर्की के बहुत पुराने और मजबूत संबंध हैं। सांस्कृतिक, शिक्षा, कारोबारी और सुरक्षा के स्तर पर यूक्रेन और तुर्की के बीच अच्छे रिश्ते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दोनों देशों पर lतुर्की का असर </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की इस स्थिति में है कि अगर वो यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष-विराम कराता है तो उसकी गारंटी ले सके। दोनों ही देशों पर उसका असर है। बाकी कई ऐसे देश हैं जो संघर्ष विराम करा तो सकते हैं लेकिन वो उसे लागू करा पाएंगे, इसकी संभावना बहुत ज्यादा नहीं है। यूक्रेन नाटो सुरक्षा गठबंधन का हिस्सा ना बने, तुर्की रूस की इस मांग को बेहतर तरीके से पूरा करा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तुर्की हमेशा से इस खेल में रहा बड़ा खिलाड़ी  </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इस क्षेत्र में तुर्की हमेशा एक बड़ा खिलाड़ी रहा है। उस्मानिया सल्तनत के दौर से ही तुर्की का यहां प्रभाव रहा है। क्राइमिया समेत यहां का बड़ा इलाका उस्मानिया सल्तनत का हिस्सा था। बाद में रूस के साथ युद्ध में तुर्की इन इलाकों को हार गया लेकिन उसका प्रभाव यहां बना रहा। हालांकि पिछले 6-7 दशकों में तुर्की ने यहां कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई है। हालांकि, बीते दो दशकों में तुर्की का रक्षा क्षेत्र बहुत मजबूत हुआ है और आर्थिक उदय भी हुआ है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दूसरे देशों का तुर्की पर अटूट भरोसा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की का डिफेंस एक्सपोर्ट भी बढ़ा है। तुर्की के ड्रोन बेयरक्तार ने अपने आप में अलग पहचान और बेंचमार्क कायम किया है। तुर्की यूक्रेन को ड्रोन दे रहा है, लेकिन ड्रोन का ये सौदा जंग से पहले ही हो चुका है। तुर्की ने यूक्रेन के अलावा और भी कई देशों को ये ड्रोन बेचे हैं। जब रूस ने इसका विरोध किया तो तुर्की ने यही तर्क दिया था कि जैसे आपने कई देशों को हथियार बेचे हैं, वैसे ही हमने भी बेचे हैं। तुर्की ने जिस तरह से ड्रोन देकर कई देशों की सेनाओं को मजबूत किया है, इससे जंग का तरीका भी बदला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तुर्की के ड्रोन से यूक्रेन की सेना मजबूत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की के ड्रोन से यूक्रेन की सेना मजबूत तो हुई ही है, ये जंग जो शायद दो सप्ताह में खत्म हो जाती, अब लंबी खिंचती जा रही है। कहीं ना कहीं रूस के भीतर बेयरक्तार को लेकर नाराजगी होगी लेकिन रूस के पास तुर्की से संबंध जारी रखने के अलावा कोई चारा नहीं है।ऐतिहासिक रूप से तुर्की और रूस एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी तो रहे हैं लेकिन दुश्मन नहीं हैं। अपना असर बढ़ाने के लिए दोनों देश होड़ तो करते हैं लेकिन ये दुश्मनी के स्तर तक नहीं है। ऐसे में दुनिया में जहां-जहां रूस और तुर्की आमने-सामने आए हैं वहां-वहां उनका टकराव सहयोग में भी बदला है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस की मांगें बहुत अधिक </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">सीरिया में पश्चिमी देश रूस के साथ सहयोग का कोई मॉडल बना नहीं पा रहे थे। लेकिन तुर्की ने आस्ताना पीस प्रोसेस के जरिए ऐसा मॉडल बनाया। लीबिया और अजरबैजान में भी तुर्की और रूस सहयोग करने में कामयाब रहे हैं। पर्दे के पीछे तो दोनों देशों के बीच कई स्तर पर वार्ता और सौदेबाजी चल रही होगी। क्या लिया जाए और क्या छोड़ दिया जाए इस पर चर्चा हो रही होगी। रूस की मांगें बहुत अधिक हैं। उसी विश्वास के साथ यूक्रेन भी अपनी मांगें रख रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की इन दोनों को एक कॉमनग्राउंड पर लाने की कोशिश कर रहा है। अब तक की बातचीत से ये अंदाजा तो हो रहा है कि दोनों ही पक्षों की कई मुद्दों पर शायद समझ बन गई है। लेकिन अभी कई मुद्दों पर बातचीत बाकी है। उदाहरण के तौर पर क्राइमिया का स्टेट्स क्या हो। रूस ये चाहता है कि इतनी बड़ी जंग के बाद कम से कम क्राइमिया पर यूक्रेन अपना दावा छोड़े और उसके हक को स्वीकार करे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन का नाटो में शामिल न होना रूस की मांग</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की स्वयं भी अभी ये नहीं मानता है कि क्राइमिया रूस का हिस्सा हो गया है। क्राइमिया को लेकर शायद विवाद रहे। इसके अलावा रूस की जो दूसरी मांगें हैं, जैसे यूक्रेन का नाटो में शामिल न होना, वो शायद आसानी से मान ली जाएंगी। इस पर सहमति भी बन चुकी है और दोनों पक्षों का कोई विरोध नहीं है। दोनों ही पक्ष इसे लेकर गारंटी देने को भी तैयार हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा रूस के नियंत्रण वाले इलाकों को कैसे संभाला जाएगा, इस पर बातचीत होनी है, जहां तक शांति समझौते और संघर्ष विराम का सवाल है, इसकी जरूरत दोनों ही पक्षों को है। रूस को लग रहा था कि वो हफ्ते दस दिन में अपना ऑपरेशन पूरा कर लेगा, जैसा कि उसने क्राइमिया पर नियंत्रण के समय किया था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पुतिन के जीतने पर होगा खून -खराबा </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस को लग रहा था कि यूक्रेन की सेना आत्म-समर्पण कर देगी और बहुत ज्यादा लड़ाई नहीं करनी होगी। शहरों पर बमबारी और शहरों के भीतर लड़ाई का रूस ने नहीं सोचा था। पुतिन को अब ये अहसास हो रहा है कि उन्होंने यूक्रेन के प्रतिरोध का आकलन करने में गलती की है। अगर पुतिन सैन्य तौर पर जीत भी जाते हैं तो ये बहुत ही भयानक और खून-खराबे वाली जीत होगी जो रूस के अंतरराष्ट्रीय स्तर को बहुत गिरा देगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यहां समझने वाली बात ये है कि रूस सिर्फ रूस नहीं है बल्कि ये बहुत से छोटे देशों का साथी है। थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज का साथी है। ऐसे में रूस के लिए ये बहुत जरूरी है कि वो अपनी इस स्थिति को बनाए रखे। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि यूक्रेन में बहुत ज्यादा खूनखराबा ना होने पाए और जो बर्बादी हो रही है उसे रोका जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यदि रूस भारी बर्बादी और खून खराबे के बाद जंग जीत भी लेता है तो इससे रूस के लिए बाकी छोटे देशों के साथ रिश्ते बनाना और उनका नेतृत्व करना आसान नहीं होगा। रूस ने ब्रिक्स &nbsp;जैसे मंचों के जरिए रूस ने गैर पश्चिमी कारोबारी और सुरक्षा सहयोग स्थापित करने की कोशिश की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस-यूक्रेन के युद्ध का भारत पर पड़ा असर </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की ने कहा है कि यदि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी वार्ता होती है तो वो उसकी मेजबानी करने के लिए तैयार है। तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावासोगलू ने रूस और यूक्रेन की यात्रा की है। वहीं दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भी तुर्की की यात्रा की और तुर्की की मध्यस्थता में बातचीत की है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावासोगलू</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रविवार को तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावासोगलू ने एक बयान में कहा कि तुर्की की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन समझौते के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आसान नहीं है और कई मुद्दों पर गंभीर गतिरोध बरकरार है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तेयेप अर्दोआन कई बार ये कह चुके हैं कि तुर्की रूस या यूक्रेन में से किसी के साथ भी अपने संबंध नहीं तोड़ेगा और दोनों देशों के साथ उसके मजबूत संबंध एक एसेट हैं। तुर्की नाटो का सदस्य है लेकिन उसने अब तक रूस पर प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया है ना ही किसी तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>रूस-यूक्रेन में जंग की तस्वीरें बयां कर रही भयावह मंजर, घर छोड़ने को मजबूर लोग</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/frightening-scene-depicting-pictures-of-war-in-russia-ukraine-people-forced-to-leave-home-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Mar 2022 08:37:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
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					<description><![CDATA[रूस-यूक्रेन में महायुद्ध का आज 21 वां दिन है। आज भी इस जंग के थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। रूस के हमलों से रिहायशी इलाकों में मानवता दम तोड़ने लगी है। लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं तो कुछ हथियार उठाने को मजबूर हैं पर अपना घर ... <a title="रूस-यूक्रेन में जंग की तस्वीरें बयां कर रही भयावह मंजर, घर छोड़ने को मजबूर लोग" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/frightening-scene-depicting-pictures-of-war-in-russia-ukraine-people-forced-to-leave-home-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन में जंग की तस्वीरें बयां कर रही भयावह मंजर, घर छोड़ने को मजबूर लोग">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1040" height="585" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/hhh.jpg" alt="" class="wp-image-179709" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस-यूक्रेन में महायुद्ध का आज 21 वां दिन है। आज भी इस जंग के थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। रूस के हमलों से रिहायशी इलाकों में मानवता दम तोड़ने लगी है। लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं तो कुछ हथियार उठाने को मजबूर हैं पर अपना घर और शहर छोड़ने से उससे लगाव तो खत्म नहीं होता। शायद यही कारण है कि इस देश के कई शहरों में स्थिति भयावह होने के बावजूद ज़िंदगी एक आस ढूंढ रही है। इसी से जुड़ी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और उनमें से एक फोटो ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1280" height="1063" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/people.jpg" alt="" class="wp-image-179712" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन ने शेयर की तस्वीर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">दरअसल, यूक्रेन ने एक फोटो शेयर की है। इस फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, &#8220;इस दिन की तस्वीर&#8230; यूक्रेन में।&#8221; इस फोटो में टूटी और जली हुई इमारतें हैं। बंजर हो चुकी इस इमारत के सामने एक लाल रंग का झूला है जिसपर एक लड़की बैठी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>उम्मीदों के सपने में डूबी लड़की</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">लड़की ने भी लाल रंग का जैकट पहन रखा है। वो हाथ में मोबाइल लेकर तबाह हो चुकी इमारत की तरफ मुंह करके बैठी है। उसके हाव-भाव काफी उदास से लगते हैं जैसे वो अपने बर्बाद हो चुके घर से मोह नहीं छुड़ा पा रही है। ऐसा लगता है जैसे जंग के बीच भी ये लड़की एक उम्मीद ढूंढ रही है। जैसे वो अपने टूट चुके सपनों और छूट चुके अपनों को ढूंढ रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>तस्वीरें युद्ध के भयावह मंजर को कर रही बयां</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है जिसे Anna Dobrovolskaya नाम के एक फोटोग्राफर ने क्लिक किया है। ऐसी ही कई तस्वीरें और हैं जो युद्ध के भयावह मंजर को बयां कर रही हैं। इन तस्वीरों में आप घरों से बेघर होने वाले लोगों के दर्द को महसूस कर सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जैसे ये तस्वीर जिसमें एक बुजुर्ग महिला एक मैदान में कंबल ओढ़कर बैठी है और उसके साथ एक व्यक्ति भी है। दोनों ही एक छत की तलाश में हैं क्योंकी रूसी हमले के कारण इरपीन में उसका घर तबाह हो गया और वो घर छोड़ने को मजबूर हो गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन वासियों की मूसीबतों में पड़ी ज़िंदगी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस और यूक्रेन में जंग के बीच ज़िंदगी की जंग दर्दनाक है। इस युद्ध से किसी का सबसे अधिक नुकसान हुआ है तो वो यूक्रेन की आम जनता है जो फिर से एक आम ज़िंदगी जीने के लिए तरस गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>घंटों बातचीत के बाद नहीं निकला हल, रूस-यूक्रेन एक-दूजे के बने जानी दुश्मन</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/no-solution-was-found-after-hours-of-talks-russia-ukraine-became-each-others-known-enemies-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Mar 2022 06:44:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[enemy]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
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		<category><![CDATA[no solution found]]></category>
		<category><![CDATA[Russia-Ukraine]]></category>
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					<description><![CDATA[यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को 20 दिन हो चुके हैं. लेकिन सभी इस महायुद्ध को लेकर यह सोच रहे है कि ये युद्ध कब समाप्त होगा। बता दें सोमवार को यूक्रेन और रूस के बीच कई घंटों की बातचीत के बाद वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति ... <a title="घंटों बातचीत के बाद नहीं निकला हल, रूस-यूक्रेन एक-दूजे के बने जानी दुश्मन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/no-solution-was-found-after-hours-of-talks-russia-ukraine-became-each-others-known-enemies-news-in-hindi/" aria-label="Read more about घंटों बातचीत के बाद नहीं निकला हल, रूस-यूक्रेन एक-दूजे के बने जानी दुश्मन">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/images-16.jpg" alt="" class="wp-image-179179" width="601" height="337" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को 20 दिन हो चुके हैं. लेकिन सभी इस महायुद्ध को लेकर यह सोच रहे है कि ये युद्ध कब समाप्त होगा। बता दें सोमवार को यूक्रेन और रूस के बीच कई घंटों की बातचीत के बाद वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोडोलीक ने कहा कि वार्ताकारों ने मंगलवार को फिर से मिलने की योजना बनाई है. बेलारूस की सीमा पर तीन बार वार्ता विफल होने के बाद दोनों देशों ने 10 मार्च को पहली बार वीडियो लिंक के जरिये बातचीत की थी. वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने यूक्रेन में सभी शत्रुता को तत्काल समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन-रूस के जंग पर टिकी भारत की नजर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत ने सोमवार को यूक्रेन और रूस के बीच शत्रुता पर विराम के लिए दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क एवं वार्ता का आह्वान किया तथा कहा कि वह इन दोनों देशों के संपर्क में रहा है और बना रहेगा. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उपप्रतिनिधि आर रवींद्र ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून, राज्यों (देशों) की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर देता रहा है.उन्होंने कहा, भारत लगातार यूक्रेन में सभी शत्रुताएं तत्काल खत्म करने का आह्वान करता रहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हमारे प्रधानमंत्री ने तत्काल संघर्षविराम का बार-बार आह्वान किया है तथा वार्ता एवं कूटनीति के सिवा और कोई अन्य मार्ग नहीं है.&#8217;ऑर्गनाइजेशन फोर सिक्युरिटी एंड कोपरेशन इन यूरोप&#8217; के कार्यालय अध्यक्ष एवं पोलैंड के विदेश मंत्री ज्बीगन्यू राउ की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ब्रीफिंग में अपनी बात रखते हुए रवींद्र ने कहा कि भारत शत्रुता पर विराम के लिए सीधे संपर्क एवं वार्ता का आह्वान करता है.उन्होंने कहा, भारत रूसी संघ एवं यूक्रेन दोनों के ही संपर्क में है और वह इसमें लगा रहेगा. हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून, राज्यों (देशों) की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर देते रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस ने कई उपनगरों पर की गोलाबारी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन में अब तक की स्थिति पर एक नजरयूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि रूसी सेना ने राजधानी के कई उपनगरों पर गोलाबारी की, जो उनके आक्रमण के लिए एक प्रमुख राजनीतिक और रणनीतिक लक्ष्य है. यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि कीव में रूसी सेना द्वारा एक हवाई जहाज के कारखाने पर किए गए हमले के बाद आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए. एंटोनोव कारखाना यूक्रेन का सबसे बड़ा विमान निर्माण संयंत्र है और दुनिया के कई सबसे बड़े मालवाहक विमानों के उत्पादन के लिए जाना जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूसी हमले में फिर दो की मौत</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अधिकारियों ने कहा कि रूसी तोपखाने से की गई गोलाबारी ने शहर के उत्तरी ओबोलोंस्की जिले में नौ मंजिला अपार्टमेंट की इमारत को भी निशाना बनाया जिसमें दो और लोग मारे गए. दमकलकर्मी जीवित बचे लोगों को बचाने के लिए जूझते दिखे. घटनास्थल से एक घायल महिला को एक स्ट्रेचर पर ले जाया गया. अधिकारियों ने कहा कि कीव के पूर्व में ब्रोवरी के एक नगर पार्षद की वहां लड़ाई में मौत हो गई.क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सी कुलेबा ने यूक्रेन के टेलीविजन पर बताया कि कीव के उपनगरों इरपिन, बुचा और होस्तोमेल पर भी गोलाबारी हुई.।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इमारतों को गर्म रखने वाली प्रणाली हुई स्वाहा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">शहर माइकोलेव और उत्तरी शहर चेर्निहाइव समेत देश भर में हवाई हमले होने की खबर है. अधिकतर शहरों में बिजली नहीं आ रही ऐसे में घरों और इमारतों को गर्म रखने वाली प्रणाली भी ध्वस्त हो गई है. रूसी कब्जे वाले काला सागर बंदरगाह शहर खेरसान के आसपास भी रात भर विस्फोट हुए. पूर्वी शहर खारकीव में, दमकलकर्मियों ने चार मंजिला आवासीय भवन में लगी आग पर बमुश्किल काबू पाया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं ने कहा कि इमारत पर हमला हुआ. यह स्पष्ट नहीं था कि क्या इस हादसे में कुछ लोग हताहत हुए. दक्षिणी शहर मारियुपोल अब भी अन्य हिस्सों से अलग-थलग है. यहां युद्ध से काफी नुकसान हुआ है और यहां निकासी अभियान चलाने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिये पहले हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस-यूक्रेन के नेताओं से रेडक्रॉस कर रहा संवाद</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">इंटरनेशनल कमिटी ऑफ रेडक्रॉस के महानिदेशक रॉबर्ट मार्दिनी ने इस युद्ध को उससे प्रभावित लेागों के लिए ‘त्रासदी’ बताया क्योंकि खासकर बुरी तरह घिरे मारियुपोल में लोगों के सामने पेयजल, भोजन, दवाइयों और ईंधन की किल्लत हो गयी है. उनके अनुसार चिकित्सा केंद्रों को भी निशाना बनाया जा रहा है. मार्दिनी ने कहा कि रेडक्रॉस लगातार रूसी और यूक्रेनी नेताओं के साथ संवाद कर रहा है लेकिन भयंकर युद्ध से घिरे मारियुपोल एवं कुछ अन्य क्षेत्रों से लोगों के निकलने के लिए अबतक स्थापित मार्ग नहीं हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सोमवार को नई मानवीय सहायता और निकासी गलियारों की योजना की घोषणा की, हालांकि जारी गोलाबारी के कारण रविवार सहित पिछले सप्ताह में भी इसी तरह के प्रयास विफल रहे. रूसी सेना ने कहा कि पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी नियंत्रित शहर डोनेस्क में यूक्रेनी बलों द्वारा शुरू की गई बैलिस्टिक मिसाइल हमले से 20 नागरिक मारे गए. रूस द्वारा 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किए जाने के बाद से संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक कम से कम 596 नागरिकों की जान जा चुकी है, यद्यपि उसका मानना है कि वास्तविक आंकड़ा कहीं ज्यादा है।</p>
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		<item>
		<title>रूस-यूक्रेन के खौफनाक मंजर का सामना कर घर लौटे छात्र को देख परिजनों की छलकी आंखे</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/seeing-the-student-who-returned-home-after-facing-the-dreadful-scene-of-russia-ukraine-the-eyes-of-the-family-spilled-news-in-hindi/</link>
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		<pubDate>Sun, 06 Mar 2022 09:58:59 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। रूस-यूक्रेन के बीच अभी भी तनातनी जारी है. युद्ध के इस माहौल में भारत सरकार लगातार अपने स्टूडेंट्स को यूक्रेन से निकाल रही है. ऐसे खौफनाक मंजर का सामना करके घर लौटे स्टूडेंट्स जब परिवार से मिले तो लिपट कर रोने लगे. जब स्टूडेंट से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमें उम्मीद नहीं ... <a title="रूस-यूक्रेन के खौफनाक मंजर का सामना कर घर लौटे छात्र को देख परिजनों की छलकी आंखे" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/seeing-the-student-who-returned-home-after-facing-the-dreadful-scene-of-russia-ukraine-the-eyes-of-the-family-spilled-news-in-hindi/" aria-label="Read more about रूस-यूक्रेन के खौफनाक मंजर का सामना कर घर लौटे छात्र को देख परिजनों की छलकी आंखे">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="675" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/indian-students-1646132704.jpg" alt="" class="wp-image-175325" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ। </strong>रूस-यूक्रेन के बीच अभी भी तनातनी जारी है. युद्ध के इस माहौल में भारत सरकार लगातार अपने स्टूडेंट्स को यूक्रेन से निकाल रही है. ऐसे खौफनाक मंजर का सामना करके घर लौटे स्टूडेंट्स जब परिवार से मिले तो लिपट कर रोने लगे. जब स्टूडेंट से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम अपने वतन लौट पाएंगे. हमने सब कुछ किस्मत पर छोड़ दिया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आकांक्षा ने पुलिस अधिकारियों से बात करते हुए एक वीडियो हमसे साझा किया. इसमें उसने बताया कि जब यूक्रेन में बमबाजी और सायरन की आवाज आ रही थी, उस समय हम सभी काफी डर गए थे. मैं यूक्रेन में अपनी कजन सिस्टर के साथ रहती थी, लेकिन वो युद्ध से पहले ही काम के सिलसिले से मुम्बई चली गई थी. मैं वहां एमबीबीएस की पढ़ाई करती हूं. हमें यह जानकारी मिली थी कि रूस के सैनिक आएंगे, गेट खटखटाएंगें और पूछेंगे कि हम इंडियन है या नहीं. अगर इंडियन होगें तो हमें कुछ नहीं करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उसने आगे बताया कि जब सुबह 4:30 बजे मेरा गेट खटखटने की आवाज आई तो उस समय हमें लगा कि रूसी सैनिक है, लेकिन वह नहीं थे. वहां से हमें निकालने के लिए हमारी यूनिवर्सिटी से स्टूडेंट्स ही नॉक कर रहे थे. फिर उस लोकेशन से दूसरी जगह गए क्योंकि वह लोकेशन टारगेटेड थी. वहां बम गिरने का संदेह था. फिर हम बंकर में पड़े रहे. हमने सब किस्मत पर छोड़ दिया था. जो किस्मत में लिखा होगा वहीं होगा. हम चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते थे. स्थितियां हमारे बस में नहीं थीं. अब जब घर आ गए हैं तो सुकून की सांस ले पा रहे हैं. जितने दिन-रात वहां बीते, सब डर में बीते. यहां पैरेंट्स से मिलकर ऐसा लगा अब मुझे कुछ नहीं हो सकता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन के टेनीपिल शहर की मेडिकल यूनिवर्सिटी में अगरतमाल एवेन्यू निवासी मोहित कुमार ने बताया कि 23 फरवरी को उनका बर्थडे था. अगले दिन सुबह दोस्त ने बताया कि यूक्रेन और रूस के बीच जंग का एलान हो गया है. गनीमत रही कि हम वेस्टर्न बॉर्डर वाले शहर में थे. किसी तरह खाने-पीने का सामान लेकर बस में सवार हुए और रोमानिया पहुंचे. बॉर्डर पार करने के बाद राहत की सांस ली. 3 मार्च को मुंबई पहुंचे, वहां से लखनऊ आए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मानकनगर निवासी अमीषा श्रीवास्तव यूक्रेन के खारकीव से सकुशल लौट आई हैं, लेकिन उनके जेहन में युद्ध के भयावह मंजर अभी भी हैं. अमीषा ने बताया कि वह खारकीव से लवीव के बीच 1300 किमी. का रास्ता तय करके पोलैंड पहुंची थीं. यह दूरी तय करने में उन्हें एक हफ्ता लग गया. रास्ते में सायरन की आवाजें और धमाकों की गूंज कदम-कदम पर डराती रही. हर कोई सुरक्षित घर पहुंचने के लिए जद्दोजहद करता दिखा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नदीम अख्तर खान ने बताया कि 24 फरवरी को जब युद्ध की शुरुआत हुई तो उस समय किसी को ये अंदाजा नहीं था कि स्थिति इतनी बिगड़ जाएगी कि यहां से भागने तक की नौबत आ जाएगी. नदीम ने बताया कि वहां रहना खतरे से खाली नहीं था. बल और सायरन की आवाजें अभी तक कान में गूंजती है. जिस दिन पता चला कि यहां युद्ध छिड़ गया है. उसके बाद हॉस्टल से बाहर फूड्स लेने गए और स्टोर करके रख लिया. आखिरी में खाना खत्म भी हो गया. लग रहा था मानों अब घर वापसी कभी नहीं होगी. लेकिन शुक्र है भारत सरकार का, जिन्होंने हमें वहां से निकाला. अपने वतन वापस आकर एक अलग सुकून है. सायरन की आवाज इतनी जहन में है कि अभी भी रात में जग जाता हूं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विन्नित्सिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले एमबीबीएस के छात्र आकाश सिंह ने बताया कि यूक्रेन और रूस के बीच जंग के एलान के बाद मार्शल लॉ लग गया. 26 फरवरी को कुछ स्टूडेंट्स ने अपने खर्च पर बस हायर की. किराया करीब दो लाख रुपये के आसपास था. बस में सवार होकर हंगरी बॉर्डर की ओर बढ़े. फोन लगातार बज रहा था. परेशान परिवारीजन और यूक्रेन में फंसे दोस्त पल-पल की अपडेट ले रहे थे. वहां का मंजर डराने वाला था, लेकिन हौसला नहीं हारा. दस घंटे में बस वाले ने हंगरी बॉर्डर पहुंचाया. साथ में खाने-पीने का सामान था, तो दिक्कत नहीं हुई. लेकिन सबके मन में बस सुरक्षित ठिकाने की ओर जल्द पहुंचने की होड़ दिखी. हंगरी पहुंचकर सबने राहत की सांस ली. इसके बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों की मदद से वापस अपने देश लौट सके।</p>
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		<title>रूस-यूक्रेन के महायुद्ध में फंसे छात्रों को तिरंगे ने  पहुंचा उनके वतन, भारतीयों ने बताई ये बात&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 04 Mar 2022 11:49:38 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/images-3.jpg" alt="" class="wp-image-174627" width="695" height="389" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बुलंदशहर।</strong> यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग से खुद की जान बचाकर भारतीय छात्रों के दल अब वापस आ रहे हैं। दरअसल एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन गए छात्र वहां से आकर अपने परिजनों को वहां की भयावहता के बारे में जानकारी दे रहे हैं। गुलावठी के दो छात्र सकुशल अपने घर पहुंचे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। गुलावठी के चार छात्र यूक्रेन में फंसे थे। जिसमें से दो वापस आ गए हैं। जबकि दो अभी यूक्रेन में ही हैं। उन्होंने बताया कि वह यूक्रेन में तिरंगे की सुरक्षा के बीच रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>परिजनों की आंख में छलके आंसू</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने बताया कि युद्ध के बीच उन्हें भारत तक पहुंचने के लिए कई दिन बंकर में गुजारने पड़े। कई दिनों तक भूखों रहना पड़ा। इतना ही नहीं पैदल कई मील चले उसके बाद वे अपने घर तक पहुंच सकें हैं। अपने बच्चों को देखकर परिजनों की आंख में आंसू हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">गुलावठी के बुद्देखा मोहल्ला निवासी मोहम्मद जैद और मोहम्मद फरहान यूक्रेन के विनिशिया सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गए थे। दोनों आपस में चचेरे भाई है, देर रात दोनों छात्र अपने घर सकुशल पहुंचे। फरहान ने बताया कि खारकीव एवं कीव जैसी सिटी में हालात अधिक खराब हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पांच दिन और रातें एक बंकर के भीतर गुजारी। चारों तरफ धमाके और ऊपर उड़ते रुसी हवाई जहाज के बीच दहशत में रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वे गत 28 फरवरी को बंकर से निकलकर बस से हंगरी बार्डर तक पहुंचे। बस में भी उन्होंने चारों ओर तिरंगा लगाया हुआ था। बस से उतरने के बाद भी उनको करीब 15 किमी तक पैदल चलना पड़ा। उसके बाद वे रोमानिया एयरपोर्ट तक पहुंचे। वहां पहुंचने पर वे जहाज से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से अपने घर गुलावठी। सकुशल वतन वापसी पर छात्रों और उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है।</p>
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		<title>Russia-Ukraine War: भारतीय नागरिकों की यूक्रेन में जान बचा सकती है, विदेश मंत्रालय की ये नई एडवाइजरी</title>
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		<pubDate>Thu, 03 Mar 2022 02:39:00 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Russia-Ukraine]]></category>
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					<description><![CDATA[रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के सातवें दिन विदेश मंत्रालय ने नई एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी के मुताबिक खार्किव में मौजूद सभी भारतीयों को अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत खार्किव छोड़ना होगा.  विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार शाम जारी एक एडवाइजरी के अनुसार खार्किव में स्थिति विकट है, जिसमें सभी भारतीय छात्रों और ... <a title="Russia-Ukraine War: भारतीय नागरिकों की यूक्रेन में जान बचा सकती है, विदेश मंत्रालय की ये नई एडवाइजरी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/russia-ukraine-war-this-new-advisory-of-the-ministry-of-external-affairs-can-save-the-lives-of-indian-citizens-in-ukraine-news-in-hindi/" aria-label="Read more about Russia-Ukraine War: भारतीय नागरिकों की यूक्रेन में जान बचा सकती है, विदेश मंत्रालय की ये नई एडवाइजरी">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/crimetak_2022-03_2963625d-afb1-40e2-8a1a-1e0970b7dee5_reteteergfdgrtr.png" alt="" class="wp-image-173842" width="842" height="468" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के सातवें दिन विदेश मंत्रालय ने नई एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी के मुताबिक खार्किव में मौजूद सभी भारतीयों को अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत खार्किव छोड़ना होगा.</p>



<p class="wp-block-paragraph"> विदेश मंत्रालय द्वारा बुधवार शाम जारी एक एडवाइजरी के अनुसार खार्किव में स्थिति विकट है, जिसमें सभी भारतीय छात्रों और वहां फंसे लोगों से तुरंत खार्किव छोड़ने का आग्रह किया गया है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारतीयों को अपनी सुरक्षा के लिए खार्किव छोड़ने की जरूरत है. उन्हें खार्किवी छोड़ने की सलाह दी गई है &#8216;जितनी जल्दी हो सके Pesochin, Babaye और Bezlyudovka के लिए आगे बढ़ें&#8217;</p>



<p class="wp-block-paragraph">विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीयों को यूक्रेन के समयानुसार आज शाम छह बजे तक पेसोचिन, बाबे और बेज़लुडोवका पहुंचना होगा. भारत का समय यूक्रेन के समय से साढ़े तीन घंटे आगे है. इसका मतलब है कि खार्किव में रहने वाले भारतीयों के पास इस समय शहर छोड़ने के लिए साढ़े तीन घंटे का समय है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि यूक्रेन से अब तक 10,000 से ज्यादा भारतीय स्वदेश आ चुके हैं. हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो यूक्रेन में ही फंसे हुए हैं. छात्र खार्किव, कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों में फंसे हुए हैं। इनमें से बड़ी संख्या में छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए हैं.</p>
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		<title>बहराइच : मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जरवल के दो छात्र भी यूक्रेन में फसे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Feb 2022 13:03:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बहराइच]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Russia-Ukraine]]></category>
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					<description><![CDATA[परिजनों ने भारत सरकार के दूतावास से बच्चों को स्वदेश लौटाने की माँग की भास्कर ब्यूरोजरवल/बहराइच। जरवल के मेडिकल की पढ़ाई कर रहे  दो छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं परिजनों ने सरकार से सुरक्षित लाने की गुहार लगाई है l जरवल निवासी डॉक्टर बाबू राम यादव का पौत्र अभय यादव यूक्रेन के जिफोरजिया स्टेट में ... <a title="बहराइच : मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जरवल के दो छात्र भी यूक्रेन में फसे" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bahraich-two-students-of-jarwal-studying-medicine-also-got-stuck-in-ukraine-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बहराइच : मेडिकल की पढ़ाई कर रहे जरवल के दो छात्र भी यूक्रेन में फसे">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="942" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-अभय-यादव-1024x942.jpg" alt="" class="wp-image-172013" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-अभय-यादव-1024x942.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-अभय-यादव-300x276.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-अभय-यादव-768x707.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-अभय-यादव.jpg 1080w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption><strong>डॉ० अभय यादव</strong></figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>परिजनों ने भारत सरकार के दूतावास से बच्चों को स्वदेश लौटाने की माँग की</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भास्कर ब्यूरो</strong><br><strong>जरवल/बहराइच। </strong>जरवल के मेडिकल की पढ़ाई कर रहे  दो छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं परिजनों ने सरकार से सुरक्षित लाने की गुहार लगाई है l जरवल निवासी डॉक्टर बाबू राम यादव का पौत्र अभय यादव यूक्रेन के जिफोरजिया स्टेट में मेडिकल की पढ़ाई करने गया हुआ है जहां पर रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच फंस गया है l छात्र से बात करने पर पता चला है कि सायरन बजते ही फ्लैट के नीचे बने बैंकरो में जाना पड़ता  है तथा इमरजेंसी में खाने पीने की व्यवस्था किसी तरह से करनी पड़ रही है इसी तरह जरवल के ग्राम सपसा  दिकोलिया निवासी मनोज कुमार सिंह का पुत्र शिवेंद्र सिंह मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है जो यूक्रेन की राजधानी में ही रहता है जहां पर इस समय भीषण युद्ध चल रहा है दो दिन पूर्व युद्ध के डर से एक दर्जन से अधिक छात्रों के साथ भागकर पोलैंड बॉर्डर पर आ गया है</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="936" height="471" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/02/डॉ०-शिवेन्द्र-सिंह.jpg" alt="" class="wp-image-172021" /><figcaption><strong> अपने परिजनों के साथ दाहिने से दूसरे स्थान पर डॉ० शिवेन्द्र सिंह</strong></figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जहां पर रहने खाने की कोई उचित व्यवस्था नहीं मिल रही है काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उनके पिता मनोज कुमार सिंह का परिवार इस बात को लेकर काफी परेशान नजर आ रहा है तथा सरकार से बच्चों की वतन वापसी की गुहार लगाई है फंसे हुए मेडिकल छात्रों।परिजनों ने सरकार से सुरक्षित लाने की गुहार लगाई है।</p>
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