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	<title>Shri Krishna Janmashtami &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>Shri Krishna Janmashtami &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाने का आखिर क्या है महत्व, जानिए पूजा-विधि</title>
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		<pubDate>Wed, 06 Sep 2023 12:00:59 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="948" height="533" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-06-at-5.28.40-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-394101" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-06-at-5.28.40-PM.jpeg 948w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-06-at-5.28.40-PM-768x432.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/WhatsApp-Image-2023-09-06-at-5.28.40-PM-390x220.jpeg 390w" sizes="(max-width: 948px) 100vw, 948px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज और कल, दोनों ही दिन मनेगी। आज मनाने वालों के लिए श्रीकृष्ण पूजा के 3 मुहूर्त हैं। 7 सितंबर को 4 मुहूर्त रहेंगे। आज सर्वार्थसिद्धि मुहूर्त के साथ पांच राजयोग में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनेगा। अष्टमी तिथि 6 सितंबर को दोपहर करीब 3.30 बजे शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 4 बजे तक रहेगी। श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि की रात में हुआ था, इसलिए ज्योतिषियों और ग्रंथों का कहना है 6 को जन्माष्टमी मनाएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">7 तारीख को सूर्योदय के वक्त अष्टमी तिथि रहेगी, इसलिए उदया तिथि की परंपरा के मुताबिक ज्यादातर मंदिरों में इसी दिन जन्माष्टमी मनेगी। इस लिहाज से देश के ज्यादातर हिस्सों में 7 सितंबर को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी। कृष्ण जन्मोत्सव रात में मनाने की परंपरा है, लेकिन कुछ लोग रात में भगवान की पूजा नहीं कर पाते हैं। जिसके चलते दिनभर अष्टमी तिथि के दौरान शुभ मुहूर्त में कृष्ण पूजा कर सकते हैं। इसके लिए विद्वानों ने राहुकाल का ध्यान रखते हुए शुभ लग्न और चौघड़िया मुहूर्त बताए हैं। इस तरह 6 सितंबर को दिनभर में पूजा के लिए कुल 3 शुभ मुहूर्त रहेंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/images-22.jpg" alt="" class="wp-image-394103" width="844" height="555" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ। वृंदावन में उन्होंने बाल लीलाएं की और द्वारका के राजा बने और पुरी में भाई-बहन के साथ जगन्नाथ रूप में पूजे जाते हैं। इन धामों के पुजारी बता रहे हैं जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजा</p>



<p class="wp-block-paragraph">श्रीकृष्ण के पसंदीदा आठ फूल और पत्ते</p>



<p class="wp-block-paragraph">फूल: वैजयंती, कमल, मालती, गुलाब, गेंदा, केवड़ा, कनेर और मौलश्री (बकुल)</p>



<p class="wp-block-paragraph">पत्र: तुलसी, बिल्वपत्र, अपामार्ग, भृंगराज, मोरपंख, दूर्वा, कुशा और शमी</p>



<p class="wp-block-paragraph">व्रत-उपवास से जुड़ी जरूरी बातें</p>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी के ब्रह्म मुहूर्त से अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त तक व्रत करना चाहिए। इसके बाद अगले दिन रोहिणी नक्षत्र खत्म होने पर व्रत खोलने का विधान ग्रंथों में बताया गया है। हालांकि कुछ लोग रात में 12 बजे के बाद ही व्रत पूरा कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। जानकारों का कहना है कि कोई भी व्रत अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख से नहीं बल्कि सूर्योदय से अग ले सूर्योदय तक रहता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उपवास में सेहत और स्थिति के हिसाब से फलों का जूस और सूखे मेवे लिए जा सकते हैं। दिन में थोड़ा फलाहार भी कर सकते हैं। शाम को पूजन के बाद राजगीरा, सिंघाड़ा या आलू से बनी चीजें खाई जा सकती हैं। आरती के बाद दूध पी सकते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि जिन महिलाओं के छोटे बच्चे हो, उन्हें कुछ जरूर खाना चाहिए।</p>
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		<title>बहराइच : बजरंग दल ने निकाला भव्य श्री कृष्ण जन्मआष्टमी शोभायात्रा</title>
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		<pubDate>Mon, 04 Sep 2023 10:38:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[मिहींपुरवा/बहराइच। तहसील मोतीपुर अंतर्गत न्याय पंचायत कारीकोट व न्याय पंचायत आम्बा मे विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल की ओर से श्रीकृष्ण जन्मआष्टमी को लेकर रविवार को भव्य शोभा यात्रा स्थानीय दुर्गा माता मंदिर टपरा बाज़ार सुजौली से निकाली गयी। शोभायात्रा में भाजपा मंडल अध्यक्ष व ग्राम प्रधान सुजौली राजेश गुप्ता, क्रांति मिश्रा, इन्द्रेश पाण्डेय मुख्य ... <a title="बहराइच : बजरंग दल ने निकाला भव्य श्री कृष्ण जन्मआष्टमी शोभायात्रा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/bahraich-bajrang-dal-took-out-a-grand-shri-krishna-janmashtami-procession-news-in-hindi/" aria-label="Read more about बहराइच : बजरंग दल ने निकाला भव्य श्री कृष्ण जन्मआष्टमी शोभायात्रा">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1078" height="699" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-004-2.jpg" alt="" class="wp-image-393262" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-004-2.jpg 1078w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/चित्र-संख्या-004-2-768x498.jpg 768w" sizes="(max-width: 1078px) 100vw, 1078px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">मिहींपुरवा/बहराइच। तहसील मोतीपुर अंतर्गत न्याय पंचायत कारीकोट व न्याय पंचायत आम्बा मे विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल की ओर से श्रीकृष्ण जन्मआष्टमी को लेकर रविवार को भव्य शोभा यात्रा स्थानीय दुर्गा माता मंदिर टपरा बाज़ार सुजौली से निकाली गयी। शोभायात्रा में भाजपा मंडल अध्यक्ष व ग्राम प्रधान सुजौली राजेश गुप्ता, क्रांति मिश्रा, इन्द्रेश पाण्डेय मुख्य रूप से शामिल हुए। शोभा यात्रा में काफी संख्या में बाइक सवार बजरंगी शामिल हुए। </p>



<p class="wp-block-paragraph">सभी के हाथों मे हनुमान जी का ध्वज था। और जय श्रीराम व जय श्री कृष्ण का जयकारा करते भ्रमण किया। शोभा यात्रा ने समूचे दो न्याय पंचायतो का भ्रमण किया। शोभायात्रा मे पुलिस बल की ओर से थाना प्रभारी शौरभ सिंह के दिशानिर्देश पर उप निरीक्षक ओम प्रकश यादव, का० राजेश राणा, का० विजय पासवान तैनात रहे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">शोभा यात्रा का नेतृत्व बजरंग दल के प्रखंड संयोजक राम सिंह, प्रखंड मीडिया प्रभारी कृष्णा पाण्डेय, खंड मीडिया प्रभारी विशाल गुप्ता, खंड गौरक्षा प्रमुख बंटी सिंह चौहान, खंड विद्यार्थी प्रमुख सुमित शर्मा, राम प्रवेश विश्वकर्मा सहित कई शामिल भक्तगण शामिल हुए।</p>
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		<title>जन्माष्टमी के दिन करें अपने राशिनुसार ये खास उपाय, होगी हर मनोकामना पूरी&#8230;</title>
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		<pubDate>Sat, 01 Sep 2018 03:54:10 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और रविवार का दिन है, लेकिन सप्तमी तिथि आज रात 08:47 तक ही रहेगी, उसके बाद अष्टमी लग जायेगी। चूंकि अष्टमी आज की रात 08:47 पर लगेगी और कल 3 तारीख की शाम 07:20 पर खत्म हो जायेगी। लिहाजा अष्टमी की रात आज ही होगी। आज जन्माष्टमी का दिन बहुत ही ... <a title="जन्माष्टमी के दिन करें अपने राशिनुसार ये खास उपाय, होगी हर मनोकामना पूरी&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/krishna-janmashtami-subh-muhurat-date-do-these-measure-for-happiness-news/" aria-label="Read more about जन्माष्टमी के दिन करें अपने राशिनुसार ये खास उपाय, होगी हर मनोकामना पूरी&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और रविवार का दिन है, लेकिन सप्तमी तिथि आज रात 08:47 तक ही रहेगी, उसके बाद अष्टमी लग जायेगी। चूंकि अष्टमी आज की रात 08:47 पर लगेगी और कल 3 तारीख की शाम 07:20 पर खत्म हो जायेगी। लिहाजा अष्टमी की रात आज ही होगी।</p>
<p><img decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/images/2016/08/24/Shri-Krishna-Janmashtami7-1472033153_835x547.jpg" alt="Related image" /></p>
<p>आज <strong>जन्माष्टमी </strong>का दिन बहुत ही महत्व रखता है। आज का दिन तंत्र-मंत्र और विभिन्न इच्छाओं की पूर्ति के लिए बहुत ही श्रेष्ठ है। आज के दिन कुछ खास उपाय करके आप प्यार, पैसा और शोहरत सब कुछ पा सकते हैं। तो आज के दिन उन सब उपायों को करके कैसे आप आर्थिक संकट से छुटकारा पायेंगे, कैसे आपके जीवन में कभी यश की कमी नहीं होगी, कैसे आपका पैसा आपके पास रूकने लगेगा और आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आयेगी, कैसे आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी और कैसे आपके दाम्पत्य संबंध मजबूत और मधुर बनेंगे। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से राशिनुसार कौन से उपाय करना होगा शुभ<strong>। </strong></p>
<p><strong>मेष राशि</strong></p>
<p>अगर आप किसी आर्थिक संकट से परेशान रहते हैं या आप किसी फाइनेंशियल कंडिशन से जूझ रहे हैं, तो आज के दिन राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर श्रीकृष्ण जी को अपने हाथों से बनी पीले फूलों की माला अर्पित करें। साथ ही कृष्ण जन्म के समय<br />
शारदातिलक में दिये उनके इस अष्ट दशाक्षर मंत्र का जाप करें-<br />
<strong>&#8216;क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।&#8217;</strong><br />
आज के दिन भगवान श्री कृष्ण के इस मंत्र का जाप करने से आपके आर्थिक संकट जल्द ही दूर होने लगेंगे और धन लाभ के योग भी बनेंगे।</p>
<p><strong>वृष राशि</strong><br />
अगर आप चाहते हैं कि आपके जीवन में कभी यश की कमी न हो और आपकी तिजोरियां हमेशा भरी रहें, तो इसके लिये आज के दिन श्री कृष्ण मंदिर में जाकर पीले रंग के कपड़े, पीला फल, अनाज और पीले रंग की मिठाई दान करें | साथ ही रात को कृष्ण जन्म के समय उनके इस मंत्र का जाप करें-</p>
<p><strong>&#8216;क्लीं कृष्णाय स्वाहा।&#8217;</strong><br />
आज के दिन ऐसा करने से आपके जीवन में कभी यश की कमी नहीं होगी और आपकी तिजोरियां हमेशा भरी रहेंगी।</p>
<p><strong>मिथुन राशि</strong><br />
आपके पास पैसा तो बहुत है, लेकिन पैसा रूकता नहीं है, कहीं न कहीं खर्च हो जाता है और आखिर में जरूरत के समय आपको दूसरों से पैसा उधार मांगना पड़ता है, तो ऐसे में आज के दिन जन्माष्टमी की रात ठीक 12 बजे एकान्त में लाल कपड़े पहनकर बैठें और अपने सामने 10 लक्ष्मी कारक कौडि़यों को, सिंदूर में रंगकर रखें। साथ ही तेल का दीपक जलाएं और उनके इस मंत्र का जाप करें | मंत्र है &#8211;</p>
<p><strong>&#8216;गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।&#8217;</strong></p>
<p>इस मंत्र से 5 माला जाप करें और जाप पूरा होने के बाद पूजन में रखी कौड़ियों को उठाकर अपने धन रखने के स्थान पर या तिजोरी में रख दें| आज के दिन ऐसा करने से आपका पैसा आपके पास रूकने लगेगा और आपकी आर्थिक स्थिति में मजबूती आयेगी।</p>
<p><strong>कर्क राशि</strong><br />
अगर आप ऐश्वर्य की प्राप्ति करना चाहते हैं और समाज में शोहरत पाना चाहते हैं, तो आज के दिन भगवान श्रीकृष्ण को साबुतदाने अथवा चावल की खीर बनाकर भोग लगाएं। साथ ही संभव हो तो खीर में थोड़ी केसर की पत्तियां भी डालें। इसके अलावा अपने काम की सिद्धि के लिये रात को श्री कृष्ण के इस मंत्र का जाप करें-</p>
<p><strong>&#8216;क्लीं हृषिकेशाय नमः।&#8217;</strong><br />
आज के दिन ऐसा करने से आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी और समाज में शोहरत भी मिलेगी।</p>
<p><strong>सिंह राशि</strong><br />
अगर आप लक्ष्मी की कृपा अपने ऊपर बनाये रखना चाहते हैं और जीवन में खूब तरक्की पाना चाहते हैं, तो आज जन्माष्टमी के दिन घर में या किसी बाग में या किसी मन्दिर आदि में केले के दो पौधे लगाएं। साथ ही अपने काम बनाने के लिये रात के समय श्री कृष्ण के इस मंत्र का जाप करें-</p>
<p><strong>&#8216;श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय स्वाहा।&#8217;</strong><br />
आज के दिन ऐसा करने से आपके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी और जीवन में आपकी तरक्की होगी।</p>
<p><strong>कन्या राशि</strong><br />
अगर आपकी कोई ऐसी इच्छा है, जो बहुत दिनों से आपके मन में है और उसे आप जल्द से जल्द पूरा करना चाहते हैं, तो आज जन्माष्टमी के दिन शंख में जल भरकर लड्डू गोपाल का अभिषेक करें | साथ ही रात के समय श्री कृष्ण के इस विशेष मंत्र का जाप<br />
करें-<br />
<strong>&#8216;श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय स्वाहा।&#8217;</strong><br />
आज के दिन ऐसा करने से आपके मन की इच्छाएं जल्द से जल्द पूरी होगी।</p>
<p><strong>तुला राशि</strong><br />
अगर आप अपने परिवार में सुख-शांति बनाये रखना चाहते हैं और घर के सदस्यों के बीच प्यार बढ़ाना चाहते हैं, तो आज के दिन रात को श्री कृष्ण जन्म के समय विधि-पूर्वक भगवान की पूजा-अर्चना करें और उन्हें माखन मिश्री का भोग लगाएं। साथ ही उनके इस मंत्र का जाप करें-<br />
<strong>&#8216;ऊं नमो भगवते नारायणाय|&#8217;</strong></p>
<p>आज के दिन ऐसा करने से आपके परिवार में सुख-शांति और प्यार बना रहेगा।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि</strong><br />
अगर आप शत्रु से छुटकारा पाना चाहते हैं या आपको पिछले कुछ समय से कोई व्यक्ति बहुत परेशान कर रहा है तो आज के दिन रात को ठीक 12 बजे साबुत उड़द की काली दाल और चावल के दाने मिलाकर घर के बाहर किसी एकांत जगह पर गड्ढ़े में दबा दें। साथ ही श्री कृष्ण भगवान के इस विशेष मंत्र का जाप करें। मंत्र है-<br />
<strong>&#8216;ऊँ नमो भगवते रुक्मिणी वल्लाभाय स्वाहा।&#8217;</strong></p>
<p>आज के दिन ऐसा करने से आपको शत्रुओं से जल्द ही छुटकारा मिलेगा।</p>
<p><strong>धनु राशि</strong><br />
अगर आप अपने जीवन में खुशहाली बनाये रखना चाहते हैं, तो आज के दिन पॉजिटिविटी बनाये रखने के लिये भगवान कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन बिछाकर बैठ जायें | साथ ही एक पात्र में केसर और रोली मिलाकर रखें | इसके बाद श्री कृष्ण<br />
के इस मंत्र का जाप करें-<br />
<strong>&#8216;ऐं क्लीं कृष्णाय ह्रीं गोविन्दाय श्रीं गोपी जनवल्लभाय स्वाहा सौं।&#8217;</strong><br />
आज के दिन इस मंत्र का जाप करने के बाद उस केसर मिश्रित रोली को घर के मंदिर में रख दें और रोज सुबह स्नान आदि के बाद अपनी नाभि व अपने माथे पर उसे लगाएं। ऐसा करने से आपके जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।</p>
<p><strong>मकर राशि</strong><br />
अगर आप अपना खुद का कोई बिजनेस करते हैं या नौकरी करते हैं, लेकिन उससे आपको कोई ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है, तो अपने बिजनेस और नौकरी में तरक्की के लिये आज जन्माष्टमी के दिन सात कन्याओं को घर में आदरसहित बुलाकर उन्हें खीर खिलाएं, लेकिन कन्याओं को खिलाने से पहले कन्हैया जी को उसका भोग लगाना न भूलें। इसके साथ ही अपने काम में सफलता पाने के लिये आज रात के समय श्री कृष्ण के इस मंत्र का जाप करें-</p>
<p><strong>&#8216;ऊँ क्लीं नमो भगवते नन्दपुत्राय बालादिवपुषे श्यामलाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा।&#8217;</strong></p>
<p>आज के दिन ऐसा करने से आपको बिजनेस में या नौकरी में लाभ ही लाभ होगा।</p>
<p><strong>कुंभ राशि</strong><br />
अगर आप किसी से प्रेम करते हैं और अब उसे अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हैं, तो आज जन्माष्टमी के दिन मंदिर में जाकर सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण को पीले फूलों की माला पहनाइए और गोले की मिठाई से भोग लगाइए। साथ ही उनके इस मंत्र का जाप<br />
करिये | मंत्र है &#8211;<br />
<strong>&#8216;ॐ क्लीं ह्रीं श्रीं गोपीजन वल्लभाय स्वाहा |&#8217;</strong></p>
<p>आज के दिन ऐसा करने से आपके प्रेम विवाह में आ रही सारी अड़चने जल्द ही दूर हो जायेगी |</p>
<p><strong>मीन राशि</strong><br />
अगर आप अपने दाम्पत्य संबंधों को मजबूत और मधुर बनाना चाहते हैं, तो आज के दिन श्री कृष्ण मंदिर में जाकर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्री कृष्ण का अभिषेक करें और भगवान को शहद और इलाइची का भोग लगाइए। साथ ही श्री कृष्ण के इस मंत्र का जाप करें। मंत्र है-</p>
<p><strong>&#8216;क्लीं कृष्णाय स्वाहा।&#8217;</strong></p>
<p>आज के दिन ऐसा करने से आपके दाम्पत्य संबंध मजबूत और मधुर बनेंगे।</p>
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		<title>इन मंदिरों में भी है जन्माष्टमी की धूम, यहाँ करे भगवान कृष्ण के LIVE दर्शन&#8230;.</title>
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		<pubDate>Fri, 31 Aug 2018 04:18:51 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Temples of Mathura & Vrindavan]]></category>
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					<description><![CDATA[&#160; नई दिल्ली। इस बार जन्माष्टमी पर कुछ विशेष ग्रह संयोग बन रहे हैं। पंचांगों के अनुसार इस बार जन्माष्टमी पर वृषभ लग्न, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो द्वापर युग में श्रीकृष्ण के जन्म के समय बना था। जन्माष्टमी भी दो दिन मनाई जाएगी। स्मार्त मतानुसार 2 सितंबर को ... <a title="इन मंदिरों में भी है जन्माष्टमी की धूम, यहाँ करे भगवान कृष्ण के LIVE दर्शन&#8230;." class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/janmashtami-special-2018-here-is-the-list-of-top10-temples-of-lord-krishna-see-full-list-here-news/" aria-label="Read more about इन मंदिरों में भी है जन्माष्टमी की धूम, यहाँ करे भगवान कृष्ण के LIVE दर्शन&#8230;.">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><iframe loading="lazy" title="Krishna at Night (Nidhivan Secret)" width="640" height="360" src="https://www.youtube.com/embed/ULTLHFWAOq4?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe></p>
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<p>नई दिल्ली। इस बार जन्माष्टमी पर कुछ विशेष ग्रह संयोग बन रहे हैं। पंचांगों के अनुसार इस बार जन्माष्टमी पर वृषभ लग्न, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो द्वापर युग में श्रीकृष्ण के जन्म के समय बना था। जन्माष्टमी भी दो दिन मनाई जाएगी। स्मार्त मतानुसार 2 सितंबर को और वैष्णव मतानुसार 3 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। द्वापर युग में श्रीकृष्ण के जन्म जैसा यह संयोग 2 सितंबर को बन रहा है। इस दिन मध्यरात्रि में 12 बजे अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ लग्न का संयोग रहेगा।</p>
<p><strong>भाद्रपद की अष्टमी </strong></p>
<p>उज्जैनी पंचांगों के अनुसार भाद्रपद की अष्टमी तिथि 2 सितंबर (रविवार) को रात 8.47 से अगले दिन 3 सितंबर (सोमवार) को शाम 7.19 बजे तक रहेगी, जबकि रोहिणी नक्षत्र रविवार रात 8.48 से सोमवार रात 8.04 बजे तक रहेगा। रविवार रात 10.36 से रात 12.35 बजे तक वृषभ लग्न रहेगा। श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि, वृषभ लग्न, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। 2 सितंबर को यह संयोग बनने से जयंती योग बन रहा है।</p>
<p><strong>स्मार्त और वैष्णव मत में भेद </strong></p>
<p>2 सितंबर को पूजा का समय रात 12.03 से 12.48 बजे तक रहेगा। 2015 में स्मार्त और वैष्णव मत वालों ने एक ही दिन जन्माष्टमी मनाई थी। 3 सितंबर को रात 8 बजे तक अमृतसिद्धि योग रहेगा। वैष्णव मत में उदया तिथि के अनुसार त्योहार मनाया जाता है। उदया तिथि में अष्टमी 3 सितंबर को है, इसलिए वैष्णव मत वाले इस दिन पर्व मनाएंगे। स्मार्त मत में जिस दिन अष्टमी तिथि मध्यरात्रि में होती है, उस दिन जन्माष्टमी मनाई जाती है।</p>
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<p>भगवान कृष्ण के जन्म दिवस को हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के पर्व के तौर पर मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त इस बार जन्माष्टमी का उत्सव 2 सितंबर को मनाएंगे।</p>
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<p>कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर ब्रज में तो जबरदस्त उत्साह है ही, साथ ही पूरे वृन्दावन को भी दुल्हन की तरह सजाया गया है। मथुरा और वृन्दावन में जन्माष्टमी के मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।</p>
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<p>लेकिन इसके सहित भगवान श्रीकृष्ण के कई और ऐसे मंदिर हैं, जहां अभी से ही जन्माष्टमी की धूम है। आइये आपको रूबरू करवाते हैं भगवान श्रीकृष्ण के 15 प्रसिद्द मंदिरों से&#8230;</p>
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<p>जन्माष्टमी के मौके पर वृन्&#x200d;दावन के मशहूर बांके बिहारी मंदिर की छटा देखते ही बनती है। जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर में भक्&#x200d;तों का तांता लगा रहता है। बता दें कि बांके बिहारी को साक्षात राधा-कृष्&#x200d;ण का ही रूप माना जाता है।</p>
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<p>द्वारकाधीश मंदिर द्वारका का मुख्य मंदिर है, जिसे जगत मंदिर (ब्रह्मांड मंदिर) भी कहा जाता है। कहा जाता है कि द्वारकाधीश मंदिर का मुख्य मंदिर लगभग 2500 वर्ष पुराना है। द्वारकाधीश मंदिर आम जनता के लिए सुबह 7 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।</p>
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<p>भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का पर्याय रहा कृष्ण का मंदिर दिल्ली के पूर्व में स्थित है। सभी इसे इस्कॉन मंदिर के नाम से जानते हैं। इस मंदिर को अन्दर से और बाहर से पूरी तरह से पत्थरों से बनवाया गया है।</p>
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<p>जुगल किशोर मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। इसे काशी घाट मंदिर के नाम से भी जानते हैं। इसका निर्माण रेड सैंड स्टोन से करवाया गया है। जन्माष्टमी के दिन यहां भक्तों की भीड़ देखते बनती है।</p>
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<p>केरल के गुरुव्यार मंदिर को भगवान विष्णु का निवास स्थान भी कहा जाता है। इस मंदिर की गिनती भगवान श्रीकृष्ण के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में होती है। इसे साउथ इंडिया का &#8216;द्वारका मंदिर&#8217; भी कहा जाता है। इस मंदिर में केवल हिन्दुओं का प्रवेश वर्जित है।</p>
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<p>उडुपी कर्नाटक राज्य का एक शहर है। यहां का श्रीकृष्ण मंदिर उडुपी के टॉप दस मंदिरों में से एक है। यह भगवान श्रीकृष्ण का प्रख्यात मंदिर है।</p>
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<p>बांके बिहारी मंदिर की तरह गोविन्द देव जी भगवान श्रीकृष्ण के सुप्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह जयपुर शहर में स्थित है। आपको बता दें कि जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर में चहल-पहल देखने को बनती है।</p>
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<p>उदयपुर का श्रीनाथजी टेम्पल भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया गया है। कहा जाता है कि इस मंदिर में मांगी गई दुआएं कभी अधूरी नहीं जाती। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ना लाजमी है।</p>
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<p>राजगोपालस्वामी मंदिर को दक्षिण का &#8216;द्वारका मंदिर&#8217; कहा जाता है। दक्षिण भारत के सभी कृष्ण मंदिरों में स्वामी मंदिर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस मंदिर को दक्षिण भारत का द्वारका कहा जाता है।</p>
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<p>यह मंदिर भी दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है। कर्नाटक के मैसूर स्थित इस वेणुगोपाल मंदिर का नजारा बहुत ही अद्भुत है। कृष्ण सागर बांध के समीप बने इस मंदिर भगवान वंशीधर बांसुरी बजाते हुए नजर आते हैं।</p>
<p><strong>मंत्र</strong></p>
<p><strong> ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते । देहि मे तनयं कृष्णं त्वामहं शरणं गत: ।।</strong></p>
<p><strong> कैसे करें जाप : </strong></p>
<p>इस मंत्र को जन्माष्टमी की रात्रि में वृषभ लग्न, रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि में 21 माला जाप करना है। माला स्फटिक की हो। मंत्र जाप के लिए घर के पूजा स्थान में पीले रंग का आसन बिछाकर बैठ जाएं। सामने पटिए पर पीला रेशमी कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान कृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। इस पर मोरपंख लगाएं। मूर्ति के सामने एक कटोरी में माखन और मिश्री भरकर रखें। दूसरी कटोरी में शुद्ध जल भरकर रखें।</p>
<p>अपनी इच्छित कामना की पूर्ति के लिए हाथ में पूजा की सुपारी, अक्षत, पीला पुष्प और 1 रुपए का सिक्का रखकर संकल्प बोलें। इसके बाद धूप-दीप करके मंत्र जाप प्रारंभ करें। यह मंत्र पति-पत्नी दोनों साथ में जाप करें तो बेहतर रहेगा। जाप पूरे होने के बाद अगले दिन 10 वर्ष से कम आयु के 7 बच्चों को भोजन कराएं, वस्त्र भेंट करें। माखन-मिश्री का प्रसाद ग्रहण करें और दूसरी कटोरी में रखा जल किसी डिब्बी में भरकर सुरक्षित रख लें। इस जल की थोड़ी-थोड़ी मात्रा प्रतिदिन पति-पत्नी ग्रहण करें। जन्माष्टमी की रात्र यह मंत्र सिद्ध हो जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन एक माला इस मंत्र की जाप करते रहें। श्ाीघ्र ही खुशखबरी सुनाई देगी।</p>
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