<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>The Protocol &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/the-protocol/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Mon, 21 Mar 2022 09:01:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>The Protocol &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>युद्ध के दौर में शांति की राह सुझाती है नलिन सिंह की फिल्म &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217;</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/nalin-singhs-film-the-protocol-suggests-the-path-of-peace-in-times-of-war-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 21 Mar 2022 09:01:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
		<category><![CDATA[Bhaskar hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[Nalin Singh]]></category>
		<category><![CDATA[The Protocol]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=180652</guid>

					<description><![CDATA[भास्कर ब्यूरोनई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही दुनिया भर में एक बार फिर हिंसा और अहिंसा की बहस तेज हो गई है। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी धारा है, अलग-अलग विचारधारा है। विचारधाराओं का यह टकराव एक ऐसी प्रक्रिया है, जो लगातार चलती रहती है। समय और काल के हिसाब से उनकी समीक्षा और मूल्यांकन ... <a title="युद्ध के दौर में शांति की राह सुझाती है नलिन सिंह की फिल्म &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/nalin-singhs-film-the-protocol-suggests-the-path-of-peace-in-times-of-war-news-in-hindi/" aria-label="Read more about युद्ध के दौर में शांति की राह सुझाती है नलिन सिंह की फिल्म &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="901" height="1280" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/WhatsApp-Image-2022-03-21-at-2.11.00-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-180654" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>भास्कर ब्यूरो</strong><br><strong>नई दिल्ली।</strong> रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही दुनिया भर में एक बार फिर हिंसा और अहिंसा की बहस तेज हो गई है। दोनों पक्षों की अपनी-अपनी धारा है, अलग-अलग विचारधारा है। विचारधाराओं का यह टकराव एक ऐसी प्रक्रिया है, जो लगातार चलती रहती है। समय और काल के हिसाब से उनकी समीक्षा और मूल्यांकन भी चलता रहता है। दुनिया भर में शांति-अहिंसा और लोकतंत्र को चाहने वालों की बड़ी तादाद है। लेकिन ऐसे लोग भी कम नहीं हैं, जिन्हें तानाशाही, हिंसा और युद्ध भी लुभाते हैं। इसलिए आज भी महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानने वालों के साथ-साथ, हिटलर में अपना आइडियल खोजने वाले भी बड़ी संख्या में मिलते हैं। महात्मा गांधी और एडॉल्फ हिटलर दुनिया की दो ऐसी चर्चित शख्सियतें हैं, जिन्हें तमाम फिल्मकारों ने अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया है। ऐसी ही विषयवस्तु के कारण नलिन सिंह की नई फिल्म &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217; भी आजकल चर्चा में है। &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217; के जरिये एक्टर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर नलिन सिंह ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण विषयवस्तु को पर्दे पर उतारा है। 25 मिनट की यह शॉर्ट पीरियड फिल्म गांधी और हिटलर की दो ध्रुवीय विचारधाराओं के टकराव को बेहद संजीदगी और ईमानदारी से पर्दे पर पेश करती है। &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217; का निर्माण एनआरएआई प्रोडक्शन ने किया है। 26 मार्च को ओटीटी प्लेटफार्म हंगामा डॉट कॉम और वीआई मूवीज पर &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217; के साथ इसी प्रोडक्शन की तीन अन्य शॉर्ट फिल्में ए स्क्वॉयड, रम विद कोला और कॉलिंग चड्ढा भी रिलीज हो रही हैं। अप्रैल के पहले हफ्ते में ये फिल्में एमएक्स प्लेयर पर भी आ जाएंगी। इससे पहले नलिन सिंह ने माई वर्जिन डायरी, इन्द्रधनुष, गांधी टू हिटलर और ए नाइट बिफोर द सर्जिकल स्ट्राइक जैसी मशहूर फिल्में बनाई हैं, जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया है और समीक्षकों ने भी खूब सराहा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषकर भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह फिल्म कहानी के दो मुख्य पात्रों, महात्मा गांधी और हिटलर के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में गांधी और हिटलर के वैचारिक मतभेद को चित्रित किया गया है। निर्देशक नलिन सिंह ने दोनों पात्रों के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है। फिल्म दिखाती है कि कैसे महात्मा गांधी ने अपने दिमाग की ताकत से एक बड़ी जनसंख्या की सोच-समझ को प्रभावित किया, वहीं हिटलर ने हिंसा के दम पर दुनिया के एक हिस्से पर राज किया। एक तरफ गांधी हैं, जो लोगों के मन को बदलने और अहिंसा में यकीन रखते हैं, तो दूसरी तरफ हिटलर है, जो लोगों की जान लेने और हिंसा में विश्वास करता है। यह फिल्म महात्मा गांधी की सोच और अहिंसा की ताकत को भी सामने रखती है, जहां भारत की स्वतंत्रता के बाद गांधी को राष्ट्रपिता के रूप में जाना गया और दुनिया में उनकी अहिंसा की थ्योरी को खुले दिल से आत्मसात किया।<br>हिटलर की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए फिल्म दिखाती है कि कैसे अपने आखिरी समय में उसने ईवा ब्राउन से शादी कर ली और अपने समर्थकों के लिए एक खत छोड़ गया। &#8216;द प्रोटोकॉल&#8217; के जरिये नलिन सिंह दुनिया के दो शक्तिशाली व्यक्तियों के परस्पर विरोधी दर्शन के बारे में बात करते हैं। फिल्म में आकाश डे ने हिटलर और प्रिय रंजन त्रिवेदी ने गांधी का किरदार निभाया है। ईवा ब्राउन के रोल में पूनम झा चुघ नजर आएंगी। फिल्म के मकसद और सामाजिक संदेश पर चर्चा करते हुए नलिन सिंह कहते हैं, &#8220;यह फिल्म दुनिया भर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों को मजबूत करने की एक कोशिश है, जिससे अखंड भारत के सपने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-11 18:41:06 by W3 Total Cache
-->