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	<title>Triple Talaq Bill &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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	<title>Triple Talaq Bill &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
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		<title>तीन तलाक विधयेक बना कानून, राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी</title>
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		<pubDate>Thu, 01 Aug 2019 05:34:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को मंजूरी दे दी है। मुस्लिम महिलाओं से तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार देर रात मंजूरी दी। राष्‍ट्रपति के विधेयक पर हस्‍ताक्षर करने के साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक अब कानून बन गया है। इस कानून ... <a title="तीन तलाक विधयेक बना कानून, राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/three-divorce-laws-law-president-ramnath-kovind-approves-news/" aria-label="Read more about तीन तलाक विधयेक बना कानून, राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="https://img.navodayatimes.in/default.aspx?img=http://static.navodayatimes.in/multimedia/ntnew-09_02_314478504ram%20850.jpg&amp;width=850" alt="Image result for à¤°à¤¾à¤·à¥âà¤à¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ à¤°à¤¾à¤®à¤¨à¤¾à¤¥ à¤à¥à¤µà¤¿à¤à¤¦ à¤à¤° à¤¤à¥à¤¨ à¤¤à¤²à¤¾à¤" /></p>
<p>राष्&#x200d;ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को मंजूरी दे दी है। मुस्लिम महिलाओं से तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार देर रात मंजूरी दी।</p>
<p>राष्&#x200d;ट्रपति के विधेयक पर हस्&#x200d;ताक्षर करने के साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक अब कानून बन गया है। इस कानून 19 सितंबर,2018 से लागू माना जाएगा। इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक पर मुहर लगा दी थी। राज्यसभा से तीन तलाक विधयेक पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले लोकसभा के बाद राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास हो गया था। इस बिल के पक्ष में 99 और विपक्ष में 84 वोट पड़े थे। इससे पहले राज्यसभा में तीन तलाक विधयेक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव गिर गया था। विधयेक का विरोध करने वाली कई पार्टियां वोटिंग के दौरान राज्यसभा से वॉकआउट कर गई थी। इस विधयेक में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाते हुए 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।</p>
<p><strong>तीन तलाक देने पर ये है सजा का प्रावधान-</strong></p>
<p>-नए कानून के अनुसार मौखिक, लिखित या किसी अन्य माध्यम से पति अगर एक बार में अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है तो वह अपराध की श्रेणी में आएगा।<br />
-अ&#x200d;ब तीन तलाक देने पर पत्नी स्वयं या उसके करीबी रिश्तेदार ही इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा सकेंगे।<br />
-महिला अधिकार संरक्षण कानून,2019 के तहत पुलिस बिना वारंट के तीन तलाक देने वाले आरोपित को गिरफ्तार कर सकती है।<br />
-एक समय में तीन तलाक देने पर पति को तीन साल तक कैद और जुर्माना दोनों हो सकता है। सिर्फ मजिस्ट्रेट कोर्ट से ही उसे जमानत मिलेगी।<br />
-साथ ही मजिस्ट्रेट पीड़ित महिला का पक्ष सुने बगैर तीन तलाक देने वाले पति को जमानत नहीं दे पाएंगे।<br />
-तीन तलाक देने पर पत्नी और बच्चे के भरण पोषण का खर्च मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जो पति को देना होगा।<br />
-तीन तलाक पर बने कानून में छोटे बच्चों की निगरानी और रखावाली की जिम्&#x200d;मेदारी मां के पास ही रहेगी।<br />
-नए कानून में समझौते के विकल्प को भी रखा गया है, हालांकि पत्नी के पहल पर ही समझौता हो सकता है लेकिन मजिस्ट्रेट की ओर से उचित शर्तों के साथ।</p>
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		<title>तीन तलाक पर दोबारा अध्यादेश लायेगी सरकार, राज्य सभा में नहीं हो सका था पास</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/government-will-bring-another-ordinance-again-on-divorce/</link>
		
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		<pubDate>Thu, 10 Jan 2019 09:03:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली.  सरकार तीन तलाक से जुड़े विधेयक तथा दो अन्य विधेयकों के संसद के शीतकालीन सत्र में पारित नहीं होने के कारण इनसे संबद्ध अध्यादेश दोबारा लायेगी। संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि तीन तलाक की प्रथा को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधयेक, 2018, भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद ... <a title="तीन तलाक पर दोबारा अध्यादेश लायेगी सरकार, राज्य सभा में नहीं हो सका था पास" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/government-will-bring-another-ordinance-again-on-divorce/" aria-label="Read more about तीन तलाक पर दोबारा अध्यादेश लायेगी सरकार, राज्य सभा में नहीं हो सका था पास">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नयी दिल्ली.</strong>  सरकार तीन तलाक से जुड़े विधेयक तथा दो अन्य विधेयकों के संसद के शीतकालीन सत्र में पारित नहीं होने के कारण इनसे संबद्ध अध्यादेश दोबारा लायेगी। संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि तीन तलाक की प्रथा को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधयेक, 2018, भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (संशोधन) विधेयक, 2018 और कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019 लोकसभा में पारित हो गये, लेकिन इन्हें राज्यसभा में पारित नहीं किया जा सका। इसलिए, सरकार इन पर दोबारा अध्यादेश लायेगी।  तीन तलाक और आयुर्विज्ञान परिषद् पर अध्यादेश पिछले साल सितंबर में तथा कंपनी कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश पिछले साल नवंबर में लाया गया था।<img decoding="async" src="https://www.haribhoomi.com/cms/gall_content/2017/4/triple-talaq_2017043008012495_650x.jpg" alt="Related image" /></p>
<p>संसद के शीतकालीन सत्र में तीनों से संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित हो गये, लेकिन हँगामे के कारण राज्यसभा में ज्यादातर समय कार्यवाही बाधित रहने से ये उच्च सदन में पारित नहीं हो सके। उल्लेखनीय है कि अध्यादेश लाने के बाद अगले संसद सत्र में यदि उसकी जगह विधेयक पारित नहीं हो पाता है तो अध्यादेश स्वत: निरस्त हो जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>तीन तलाक बिल पर बोले आजम खान-कुरान के अलावा हमें कोई भी कानून मंजूर नहीं</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/azam-khan-statement-on-triple-talaq-only-quran-law-is-acceptable-for-triple-talaq-news/</link>
		
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		<pubDate>Thu, 27 Dec 2018 10:11:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस हुयी। इस बीच सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने बड़ा ब्यान दिया है.  आजम खान ने कहा कि तीन तलाक बिल से मुसलमानों का कोई लेना देना नहीं है, जो लोग मुसलमान हैं वे कुरान और हदीस को मानते हैं. वह जानते हैं ... <a title="तीन तलाक बिल पर बोले आजम खान-कुरान के अलावा हमें कोई भी कानून मंजूर नहीं" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/azam-khan-statement-on-triple-talaq-only-quran-law-is-acceptable-for-triple-talaq-news/" aria-label="Read more about तीन तलाक बिल पर बोले आजम खान-कुरान के अलावा हमें कोई भी कानून मंजूर नहीं">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नयी दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान तीन तलाक बिल पर जोरदार बहस हुयी। इस बीच सपा के कद्दावर नेता आजम खान ने बड़ा ब्यान दिया है.  आजम खान ने कहा कि तीन तलाक बिल से मुसलमानों का कोई लेना देना नहीं है, जो लोग मुसलमान हैं वे कुरान और हदीस को मानते हैं. वह जानते हैं कि तलाक का पूरा प्रोसीजर कुरान में दिया हुआ है. ऐसे में हमारे लिए कुरान के उस प्रोसीजर के अलावा कोई भी कानून मान्य नहीं है.</p>
<p><img decoding="async" src="https://img.timesnownews.com/story/1545894667-TripleTalaq_271218.jpg?d=600x450" alt="Image result for triple talaq" /></p>
<p>आजम खान ने कहा, ‘जो लोग इस्लामिक शरह के ऐतबार के तहत तलाक नहीं लेते वो तलाक नहीं माना जाता. तलाक पर कानून बने या न बने अल्लाह के कानून से बड़ा कोई कानून नहीं है. तलाक के मामले में हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया के मुसलमान कुरान के कानून को मानते हैं. सपा नेता ने कहा कि पहले सरकार उन महिलाओं को न्याय दिलाए. जिन्हें उनके शोहरों ने स्वीकार नहीं किया. उन्हें दिलाए जिन्हें गुजरात और अन्य जगह के दंगों में मार दिया था.</p>
<p><img decoding="async" src="https://images.indianexpress.com/2017/08/triple-talaq-7592.jpg" alt="Image result for triple talaq" /></p>
<p>वहीं योगी सरकार के 3 मंत्रियों के निजी सचिवों के स्टिंग ऑपरेशन के सवाल पर आजम खांन ने कहा, ‘सब जानते हैं कि देश का खजाना किसने लूटा. स्टिंग का कोई फायदा नहीं है. जिस दिन सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इंसाफ मांगा था, उसी दिन पूरे देश को सड़कों पर आ जाना चाहिए था.’</p>
<p>बता दें कि ट्रिपल तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) की प्रथा पर रोक लगाने के मकसद से लाया गया विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश होना है. लेकिन हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई. तीन तलाक को अपराध घोषित करने वाला यह विधेयक बीते 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था. इस प्रस्तावित कानून के तहत एक बार में तीन तलाक देना गैरकानूनी और अमान्य होगा और ऐसा करने वाले को तीन साल तक की सजा हो सकती है.</p>
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		<title>तीन तलाक पर बड़ा फैसला,  मोदी सरकार ने अध्यादेश को दी मंजूरी</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/narendra-modi-cabinet-approved-triple-talaq-ordinance-news/</link>
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		<pubDate>Wed, 19 Sep 2018 09:47:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल के संसद में अटकने पर इसे लागू कराने के लिए अध्यादेश का रास्ता अपनाया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई। यह अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा। इस दौरान सरकार को इसे संसद से पारित कराना होगा। सरकार के पास अब बिल ... <a title="तीन तलाक पर बड़ा फैसला,  मोदी सरकार ने अध्यादेश को दी मंजूरी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/narendra-modi-cabinet-approved-triple-talaq-ordinance-news/" aria-label="Read more about तीन तलाक पर बड़ा फैसला,  मोदी सरकार ने अध्यादेश को दी मंजूरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" src="https://images1.livehindustan.com/uploadimage/library/2018/08/10/16_9/16_9_1/triple_talaq_bill_to_be_tabled_in_rajya_sabha_today_1533841713.jpg" alt="Image result for à¤¤à¥à¤¨ à¤¤à¤²à¤¾à¤ à¤ªà¤° à¤¬à¥à¤¾ à¤«à¥à¤¸à¤²à¤¾,  à¤®à¥à¤¦à¥ à¤¸à¤°à¤à¤¾à¤° à¤¨à¥ à¤à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤¶ à¤à¥ à¤¦à¥ à¤®à¤à¤à¥à¤°à¥" /></p>
<p><strong>नई दिल्ली : </strong>केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल के संसद में अटकने पर इसे लागू कराने के लिए अध्यादेश का रास्ता अपनाया है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस अध्यादेश को मंजूरी दी गई। यह अध्यादेश 6 महीने तक लागू रहेगा। इस दौरान सरकार को इसे संसद से पारित कराना होगा। सरकार के पास अब बिल को शीत सत्र तक पास कराने का वक्त है।</p>
<p>बता दें कि लोकसभा से पारित होने के बाद यह बिल राज्यसभा में अटक गया था। कांग्रेस ने संसद में कहा था कि इस बिल के कुछ प्रावधानों में बदलाव किया जाना चाहिए।</p>
<p>केंद्र सरकार के इस फैसले पर यूपी में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि महिलाओं की जीत हुई है। रिजवी ने कहा कि महिलाओं ने कट्टरपंथी तबके से टकराते हुए मामले को समाज में लाने काम किया और सुप्रीम कोर्ट तक गईं। कट्टरपंथी समाज के खिलाफ हिंदू और मुस्लिम समाज समेत सभी लोग पीड़ित महिलाओं के साथ हैं। रिजवी ने कहा कि अब हम परिवार में लड़कियों की हिस्सेदारी के लिए भी आगे लड़ाई लड़ेंगे।<br />
<strong><br />
</strong><span class="tL8wMe EMoHub"><strong>संविधान में है अध्यादेश का जिक्र </strong><br />
उल्लेखनीय है कि संविधान में अध्यादेश का रास्ता बताया गया है। किसी विधेयक को लागू करने कि लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। संविधान के आर्टिकल 123 के जब संसद सत्र नहीं चल रहा हो तो राष्ट्रपति केंद्र के आग्रह पर कोई अध्यादेश जारी कर सकते हैं। अध्यादेश सदन के अगले सत्र की समाप्ति के बाद छह हफ्तों तक जारी रह सकता है। जिस विधेयक पर अध्यादेश लाया जाता है, उसे संसद में अगले सत्र में पारित करवानी ही होता है। ऐसा नहीं होने पर राष्ट्रपति इसे दोबारा भी जारी कर सकते हैं। </span></p>
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<div>
<div id="pollblock" class="article_poll_section"><strong>मूल विधेयक में किए गए तीन संशोधन </strong></div>
</div>
<p><span class="tL8wMe EMoHub">आपको बता दें कि मूल विधेयक को लोकसभा द्वारा पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और यह राज्यसभा में लंबित है, जहां बीजेपी की अगुआई वाले NDA के पास बहुमत नहीं है। इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017’ में तीन संशोधनों को मंजूरी दी थी। सरकार ने मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक से जुड़े प्रस्तावित कानून में आरोपी को सुनवाई से पहले जमानत देने जैसे कुछ प्रावधानों को मंजूरी दी थी। दरअसल, इस कदम के जरिए कैबिनेट ने उन चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया था जिसमें तीन तलाक की परंपरा को अवैध घोषित करने तथा पति को तीन साल तक की सजा देनेवाले प्रस्तावित कानून के दुरुपयोग की बात कही जा रही थी।</p>
<p><strong>बिल में कौन-कौन से हुए बदलाव<br />
</strong>प्रस्तावित कानून ‘गैरजमानती’ बना रहेगा लेकिन आरोपी जमानत मांगने के लिए सुनवाई से पहले भी मैजिस्ट्रेट से गुहार लगा सकता है। गैरजमानती कानून के तहत, जमानत पुलिस द्वारा थाने में ही नहीं दी जा सकती है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया था कि प्रावधान इसलिए जोड़ा गया है ताकि मैजिस्ट्रेट ‘पत्नी को सुनने के बाद’ जमानत दे सकें। उन्होंने स्पष्ट किया था, ‘हालांकि प्रस्तावित कानून में तीन तलाक का अपराध गैरजमानती बना रहेगा।’ खबरों के अनुसार मैजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि जमानत तभी दी जाए जब पति विधेयक के अनुसार पत्नी को मुआवजा देने पर सहमत हो। विधेयक के अनुसार मुआवजे की राशि मैजिस्ट्रेट द्वारा तय की जाएगी।<br />
</span></p>
<div id="div-clmb-ctn-208658-1-65867603" class="BlyBlk colombiainvalid" data-cb="adwidgetBlyBlk" data-adheight="360" data-adwidth="630" data-section="0" data-position="65867603" data-slot="208658"><strong>पीड़ित या करीबी की शिकायत पर ही प्राथमिकी </strong></div>
<p><span class="tL8wMe EMoHub">एक अन्य संशोधन यह स्पष्ट करता है कि पुलिस केवल तब प्राथमिकी दर्ज करेगी जब पीड़ित पत्नी, उसके किसी संबंधी या शादी के बाद रिश्तेदार बने किसी व्यक्ति द्वारा पुलिस से गुहार लगाई जाती है।</p>
<p><strong>विवाद सुलझा सकते हैं मैजिस्ट्रेट </strong><br />
तीसरा संशोधन तीन तलाक के अपराध को ‘समझौते के योग्य’ बनाता है। अब मैजिस्ट्रेट पति और पत्नी के बीच विवाद सुलझाने के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। समझौते के योग्य अपराध में दोनों पक्षों के पास मामले को वापस लेने की आजादी होती है। </span></p>
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