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		<title>एलन मस्क का मामला जिला अदालत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जानिए वजह</title>
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		<pubDate>Sat, 03 May 2025 06:28:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका की एक जिला अदालत के सामाजिक सुरक्षा प्रशासन (एसएसए) के आम नागरिकों से संबंधित संवेदनशील डेटा तक एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के सदस्यों की पहुंच पर रोक लगाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया ... <a title="एलन मस्क का मामला जिला अदालत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जानिए वजह" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/supreme-court-angry-with-district-court-elon-musk-case/" aria-label="Read more about एलन मस्क का मामला जिला अदालत के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जानिए वजह">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="662" height="441" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-03T115304.744.jpg" alt="" class="wp-image-491350" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-03T115304.744.jpg 662w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-03T115304.744-300x200.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-2025-05-03T115304.744-150x100.jpg 150w" sizes="(max-width: 662px) 100vw, 662px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वाशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका की एक जिला अदालत के सामाजिक सुरक्षा प्रशासन (एसएसए) के आम नागरिकों से संबंधित संवेदनशील डेटा तक एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के सदस्यों की पहुंच पर रोक लगाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि डीओजीई के सदस्यों को एसएसए के डेटा (रिकॉर्ड) तक पहुंच प्रदान की जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस पर तत्काल दखल की जरूरत है। एक जिला न्यायालय ने इस मसले पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध संघीय प्राथमिकताओं को अपूरणीय क्षति पहुंचाते वाला और कार्यकारी शाखा के कार्यों को बाधित करना है। बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने हाल के हफ्तों में इस तरह के कई आवेदन दायर किए हैं। इनमें गुरुवार को एक आव्रजन मामले में दाखिल किया गया आवेदन भी शामिल है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यूएस टु़डे अखबार की खबर के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के सुप्रीम कोर्ट जाने की खास वजह यह है कि मैरीलैंड में एक संघीय न्यायाधीश ने एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग को यूएस सामाजिक सुरक्षा प्रशासन के पास सुरक्षित लाखों अमेरिकियों के डेटा तक पहुंच प्रदान करने पर कठोर प्रतिबंध लगा दिया है। संघीय न्यायाधीश का मानना है कि एलन मस्क के विभाग ने इस डेटा पर पहुंच बनाकर संघीय गोपनीयता कानून का उल्लंघन किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि संघीय न्यायाधीश ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा लांघी है। उन्होंने डीओजीई को होटल के कमरों में घुसने वाले घुसपैठियों के बराबर माना है, न कि उन कर्मचारियों के रूप में जो एजेंसी की तकनीक को आधुनिक बनाने और कचरे को जड़ से खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सॉलिसिटर जनरल सॉयर ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जिला न्यायालयों को राष्ट्रपति और एजेंसी प्रमुखों की सरकार की &#8216;आवश्यकताओं&#8217; के बारे में अपने स्वयं के दृष्टिकोण को प्रतिस्थापित करने के लिए गोपनीयता अधिनियम का उपयोग करने में सक्षम नहीं होना चाहिए।&#8221; डीओजीई ने अपने मिशन के तहत कई एजेंसियों तक पहुंच की मांग की है, ताकि बेकार के खर्चों पर रोक लगाई जा सके। कहा जा रहा है कि मस्क ने दावा किया है कि लाखों मृत अमेरिकी अभी भी सामाजिक सुरक्षा के चेक प्राप्त कर रहे हैं। इस पर दो श्रमिक संघों और एक वकालत समूह ने एसएसए के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।</p>
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		<title>ट्रंप ने NSA की कमान विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सौंपी, हटाए गए माइकल वाल्ट्ज</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/trump-handed-command-of-nsa-to-foreign-minister-marco-rubio/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 02 May 2025 05:03:52 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन। सिग्नल ऐप चैट से सुर्खियों में आए अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) माइकल वाल्ट्ज की छुट्टी कर दी गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल घोषणा की कि उन्होंने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज को हटा दिया है। उनके स्थान पर अंतरिम रूप से विदेशमंत्री मार्को रुबियो को नियुक्त किया है। द न्यूयॉर्क ... <a title="ट्रंप ने NSA की कमान विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सौंपी, हटाए गए माइकल वाल्ट्ज" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/trump-handed-command-of-nsa-to-foreign-minister-marco-rubio/" aria-label="Read more about ट्रंप ने NSA की कमान विदेश मंत्री मार्को रुबियो को सौंपी, हटाए गए माइकल वाल्ट्ज">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="691" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-4.png" alt="" class="wp-image-491220" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-4.png 691w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-4-288x300.png 288w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/05/image-4-150x156.png 150w" sizes="(max-width: 691px) 100vw, 691px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वाशिंगटन। सिग्नल ऐप चैट से सुर्खियों में आए अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) माइकल वाल्ट्ज की छुट्टी कर दी गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल घोषणा की कि उन्होंने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज को हटा दिया है। उनके स्थान पर अंतरिम रूप से विदेशमंत्री मार्को रुबियो को नियुक्त किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, यह व्हाइट हाउस के शीर्ष सहयोगियों में पहला बड़ा कार्मिक फेरबदल है। हालांकि ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते थे। वाल्ट्ज तब से मुश्किल में थे जब उन्होंने सिग्नल ऐप पर यमन में एक संवेदनशील सैन्य अभियान पर चर्चा करने के लिए एक समूह चैट आयोजित की। गलती से उसमें एक पत्रकार को शामिल कर लिया। ट्रम्प ने वाल्ट्ज को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि रुबियो फिलहाल दोनों पदों पर बने रहेंगे।</p>
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		<title>यूक्रेन से शांति समझौता कर ले रूस, नहीं तो प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे : ट्रंप</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/russia-should-make-peace-deal-with-ukraine-trump/</link>
		
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		<pubDate>Fri, 25 Apr 2025 03:29:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन। अमेरिका ने रूस को यूक्रेन पर किए गए ताजा हमलों के बाद कड़ी चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं हुआ तो रूस को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ट्रंप ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उनका ... <a title="यूक्रेन से शांति समझौता कर ले रूस, नहीं तो प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे : ट्रंप" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/russia-should-make-peace-deal-with-ukraine-trump/" aria-label="Read more about यूक्रेन से शांति समझौता कर ले रूस, नहीं तो प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे : ट्रंप">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="933" height="418" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-25T084933.369.jpg" alt="" class="wp-image-490555" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-25T084933.369.jpg 933w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-25T084933.369-300x134.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-25T084933.369-768x344.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/04/image-2025-04-25T084933.369-150x67.jpg 150w" sizes="(max-width: 933px) 100vw, 933px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वाशिंगटन। अमेरिका ने रूस को यूक्रेन पर किए गए ताजा हमलों के बाद कड़ी चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर यूक्रेन के साथ शांति समझौता नहीं हुआ तो रूस को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि, ट्रंप ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उनका मानना ​​है कि रूस, यूक्रेन पर हमले रोकने की उनकी अपील को गंभीरता से लेगा। दोनों देशों के बीच समझौता अभी भी संभव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका लगातार रूस पर यूक्रेन पर हमले रोकने के लिए दबाव डाल रहा है। ट्रंप ने दावा किया, &#8220;आपको पता नहीं है कि हम रूस पर कितना दबाव डाल रहे हैं।&#8221; ट्रंप से पूछा गया कि यूक्रेन के साथ शांति योजना पर पहुंचने के लिए रूसी सरकार ने क्या रियायतें दी हैं? उन्होंने इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया।ट्रंप ने कहा कि वह गुरुवार को द अटलांटिक अखबार के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग से मिलने जा रहे हैं, जिन्हें अनजाने में सिग्नल चैट में शामिल कर लिया गया था। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उल्लेखनीय है कि इस चैट में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सहित अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने यमन में हूथी विद्रोहियों पर हमले की योजनाओं पर चर्चा की थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>क्या है &#8216;काला सागर&#8217; समझौता? जिसके लिए क्रेमलिन ने रखी शर्त तो जेलेंस्की बोले- ये तो धोखा</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/what-is-black-sea-agreement-when-kremlin-zelensky/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 04:41:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[वाशिंगटन/मॉस्को/कीव। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को पूरे भरोसे के साथ कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों ने काला सागर में बल प्रयोग बंद करने पर सहमति जताई है। यह एक सैद्धांतिक समझौता है। इस पर क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस को झटका देते हुए कठोरता के साथ कहा कि इसे लागू करने से पहले उसकी कई ... <a title="क्या है &#8216;काला सागर&#8217; समझौता? जिसके लिए क्रेमलिन ने रखी शर्त तो जेलेंस्की बोले- ये तो धोखा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/what-is-black-sea-agreement-when-kremlin-zelensky/" aria-label="Read more about क्या है &#8216;काला सागर&#8217; समझौता? जिसके लिए क्रेमलिन ने रखी शर्त तो जेलेंस्की बोले- ये तो धोखा">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="709" height="471" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-10.06.15-AM.jpeg" alt="" class="wp-image-487760" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-10.06.15-AM.jpeg 709w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-10.06.15-AM-300x199.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/WhatsApp-Image-2025-03-26-at-10.06.15-AM-150x100.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 709px) 100vw, 709px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वाशिंगटन/मॉस्को/कीव। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को पूरे भरोसे के साथ कहा कि यूक्रेन और रूस दोनों ने काला सागर में बल प्रयोग बंद करने पर सहमति जताई है। यह एक सैद्धांतिक समझौता है। इस पर क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस को झटका देते हुए कठोरता के साथ कहा कि इसे लागू करने से पहले उसकी कई शर्तें हैं। समझौता तभी लागू होगा, जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम पर यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जेलेंस्की ने मास्को पर नई शर्तें जोड़कर मध्यस्थों को धोखा देने का आरोप लगाया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीएनएन न्यूज चैनल की खबर के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में कहा, &#8221;वे (रूस) पहले से ही समझौतों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और वास्तव में हमारे मध्यस्थों और पूरी दुनिया को धोखा दे रहे हैं।&#8221; हाल के दिनों में सऊदी अरब में अमेरिकी अधिकारियों ने रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के साथ कई अलग-अलग बैठकें कीं। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को दो बयान जारी किए। दोनों में रूस और यूक्रेन के साथ हुए समझौते की रूपरेखा का उल्लेख किया। इन बयानों में कहा गया, &#8221; अमेरिका और संबंधित देशों में से प्रत्येक ने सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने, बल प्रयोग को समाप्त करने और काला सागर में सैन्य उद्देश्यों के लिए वाणिज्यिक जहाजों के उपयोग को रोकने पर सहमति व्यक्त की है।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">इसके बाद जेलेंस्की का बयान आया सामने</h2>



<p class="wp-block-paragraph">व्हाइट हाउस के बयान के तत्काल बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कीव में संवाददाता सम्मेलन बुलाया। उन्होंने पुष्टि की कि यूक्रेन काला सागर में सैन्य बल का प्रयोग बंद करने पर सहमत हो गया है। इसी दौरान क्रेमलिन के बयान में कहा गया कि वह इस समझौते को तभी लागू करेगा जब उसके बैंकों और खाद्य और उर्वरक निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे। ऐसा माना जाता है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बिना उकसावे के आक्रमण शुरू करने के बाद रूस पर यह प्रतिबंध लगाए गए थे।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप बोले-रूस की शर्तों पर होगा विचार</h2>



<p class="wp-block-paragraph">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उनका प्रशासन रूस की शर्तों पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ने कहा, पांच या छह शर्तें हैं। हम उन सभी पर विचार कर रहे हैं।&#8221; दिन में विचार रखने के बाद जेलेंस्की ने रात्रिकालीन संबोधन में मॉस्को को खरी खोटी सुनाई। तो क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस चाहता है कि यह समझौता निष्पक्ष हो। यह याद रखना है कि पिछली बार हमने काला सागर समझौते को वास्तव में लागू करने का प्रयास किया था। मगर दूसरे पक्ष ने इसे नहीं माना। इसलिए इस बार फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ाया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">समझा जा रहा है कि काला सागर में तनाव को कम करने के अपने प्रयासों के तहत ट्रंप ने कीव और मास्को दोनों खुश किया है। इसमें एक प्रमुख वादा शामिल है-&#8221;यह समझौता &#8220;कृषि और उर्वरक निर्यात के लिए विश्व बाजार में रूस की पहुंच को बहाल करने, समुद्री बीमा लागत को कम करने और ऐसे लेनदेन के लिए बंदरगाहों और भुगतान प्रणालियों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।&#8221; सनद रहे कीव और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने पहले ही युद्धविराम लागू होने से पहले प्रतिबंधों को हटाने के खिलाफ चेतावनी दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ऊर्जा केंद्रों पर हमले चिंता का सबब</h2>



<p class="wp-block-paragraph">व्हाइट हाउस के बयानों में यह भी कहा गया कि अमेरिका और दोनों देश रूस और यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समझौते को &#8221;कार्यान्वित करने के लिए उपाय विकसित करने&#8221; पर सहमत हुए हैं। जेलेंस्की और क्रेमलिन ने व्हाइट हाउस के इस बयान की पुष्टि की है। क्रेमलिन ने कहा कि ऊर्जा केंद्रों पर यह रोक 18 मार्च से शुरू हुई और 30 दिनों के लिए प्रभावी होगी, लेकिन इसे बढ़ाया जा सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बाद में जेलेंस्की ने मॉस्को के इस दावे को खारिज कर दिया कि दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने पर रोक लग गई है। उन्होंने कहा कि क्रेमलिन झूठ बोल रहा है। यूक्रेन के साथ वार्ता के परिणामों को रेखांकित करने वाले बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका युद्ध कैदियों के आदान-प्रदान, नागरिक बंदियों की रिहाई और जबरन स्थानांतरित यूक्रेनी बच्चों की वापसी में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">रियाद रहा वार्ता का केंद्र</h2>



<p class="wp-block-paragraph">रूसी और अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को रियाद के रिट्ज-कार्लटन होटल में मुलाकात की थी। इसी स्थान पर एक दिन पहले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात की थी। इससे पहले यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने ट्रंप के दूत कीथ केलॉग से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से किए गए समझौते ने यूक्रेन को समुद्र के रास्ते अनाज निर्यात करने की अनुमति दी है। उसके जहाज काला सागर के बंदरगाहों की रूसी नाकाबंदी को दरकिनार कर और वैश्विक बाजारों तक पहुंचने के लिए तुर्किये के बोस्फोरस जलडमरूमध्य के जलमार्ग से सुरक्षित गुजरेंगे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पर रूस के विदेशमंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि मॉस्को रूसी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता के परिणामों का विश्लेषण कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत की कोई योजना नहीं है।</p>
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		<title>क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस 30 दिन यूक्रेनी ऊर्जा ठिकानों पर नहीं करेगा हमला&#8230; यहाँ पढ़े जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स&#8230;</title>
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		<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 00:38:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[यूक्रेन जंग में सीजफायर को लेकर राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच मंगलवार को फोन पर 90 मिनट बातचीत हुई। यह बातचीत भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू हुई थी। NYT के मुताबिक पुतिन 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने के लिए राजी हो गए हैं, बशर्ते यूक्रेन भी ... <a title="क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस 30 दिन यूक्रेनी ऊर्जा ठिकानों पर नहीं करेगा हमला&#8230; यहाँ पढ़े जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87/" aria-label="Read more about क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध : रूस 30 दिन यूक्रेनी ऊर्जा ठिकानों पर नहीं करेगा हमला&#8230; यहाँ पढ़े जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स&#8230;">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="767" height="432" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/70801202_604.jpg" alt="" class="wp-image-486751" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/70801202_604.jpg 767w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/70801202_604-300x169.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/70801202_604-150x84.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 767px) 100vw, 767px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेन जंग में सीजफायर को लेकर राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच मंगलवार को फोन पर 90 मिनट बातचीत हुई। यह बातचीत भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू हुई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">NYT के मुताबिक पुतिन 30 दिनों तक यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमला नहीं करने के लिए राजी हो गए हैं, बशर्ते यूक्रेन भी रूस के एनर्जी ठिकानों पर हमला नहीं करेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि यूक्रेनी शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रह सकते हैं। इसके साथ ही 19 मार्च यानी आज रूस और यूक्रेन 175-175 सैनिकों की अदला बदली करेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस की मांग है कि 30 दिनों के सीजफायर के दौरान यूक्रेन में सेनाओं की गतिविधि बंद रहे। इसके साथ ही ब्लैक-सी में जहाजों की सिक्योरिटी के मुद्दे पर बातचीत शुरू होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><em><strong>यूक्रेन जंग पर दोनों देशों की दो महीने में चार वार्ता&#8230;</strong></em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>12 फरवरी- ट्रम्प और पुतिन ने फोन पर बात की।</li>



<li>27 फरवरी- इस्तांबुल में अमेरिकी और रूसी डिप्लोमैट्स की बैठक।</li>



<li>13 मार्च- ट्रम्प के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ की पुतिन से मुलाकात।</li>



<li>18 मार्च- ट्रम्प और पुतिन ने सीजफायर पर 90 मिनट बात की।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><em>यूक्रेन जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स&#8230;</em></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>क्रेमलिन ने कहा कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच यूक्रेन मुद्दे पर डिटेल में बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ग्लोबल सिक्योरिटी और संबंधों को सामान्य बनाने पर बात की।</li>



<li>पुतिन के बिजनेस प्रतिनिधि किरिल दिमित्रिएव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ट्रम्प की लीडरशिप में आज दुनिया बहुत ज्यादा सुरक्षित जगह बन गई है।</li>



<li>यूक्रेन राष्ट्रपति जेलेंस्की सैन्य सहायता पर बात करने के लिए फिनलैंड पहुंचे हैं। यहां पर वो यूक्रेन में हथियार उत्पादन में इन्वेस्टमेंट और यूरोप से एकीकरण चर्चा करेंगे।</li>



<li>रूसी राष्ट्रपति ने G-7 देशों का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि यह इतना छोटा है कि इसे मैप पर देख ही नहीं सकते हैं। दुनिया पर अब पश्चिमी देशों का कंट्रोल खत्म हो रहा है।</li>



<li>राजधानी मॉस्को में भाषण देते हुए पुतिन ने कहा कि पश्चिम देशों की तरफ से हम पर लगाए गए 28000 से ज्यादा प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रहे।</li>



<li>यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि रूस समेत अन्य खतरों के मद्देनजर यूरोप को अपनी रक्षा क्षमताएं बढ़ानी होगी। उन्होंने इस योजना को रेडीनेस-2030 नाम दिया।</li>



<li>रूसी राष्ट्रपति ऑफिस क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन चाहते हैं कि अमेरिका और यूरोप यूक्रेन को हथियारों सप्लाई बंद कर दें।</li>



<li>इटली की PM ने शांति समझौता होने पर यूक्रेन में शांति सेना तैनात करने का फ्रांस और ब्रिटेन का प्रस्ताव खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा।</li>



<li>फ्रांस के नेता और यूरोपीय संसद सदस्य राफेल ग्लक्समैन ने अमेरिका से स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी वापस करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अत्याचारियों के पक्ष में है।</li>
</ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ट्रम्प बोले- पुतिन से बात करने का अच्छा मौका</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">एक दिन पहले यानी सोमवार को ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि हम यह हम देखना चाहते हैं कि क्या हम उस युद्ध को समाप्त कर सकते हैं। हो सकता है कि हम कर सकें, हो सकता है कि हम न कर सकें, लेकिन मुझे लगता है कि हमारे पास राष्ट्रपति पुतिन से बात करने का अच्छा मौका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">व्हाइट हाउस का मानना ​​है कि शांति एक अच्छा विकल्प है, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को इस बात पर यकीन नहीं है कि पुतिन सीजफायर को लेकर गंभीर हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रूस बोला- नाटो वादा करे कि यूक्रेन को मेंबरशिप नहीं देगा</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की 30 दिन के सीजफायर प्रस्ताव पर सहमत हैं। रूस ने भी सैद्धांतिक तौर पर सहमति जताई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हालांकि रूसी उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को का कहना है कि हमें इस बात की ठोस गारंटी मिलनी चाहिए कि यूक्रेन न्यूट्रल पोजिशन में रहेगा, नाटो देशों को यह वादा करना होगा कि वो यूक्रेन को मेंबरशिप नहीं दें.&nbsp;&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन 30 दिन के सीजफायर के लिए तैयार</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले मंगलवार यानी 11 मार्च को सऊदी अरब में अमेरिका और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में यूक्रेन ने 30 दिन के सीजफायर पर सहमति जताई है। हालांकि तब रूस ने किसी भी अस्थाई सीजफायर से इनकार किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस ने पश्चिमी देशों से एक व्यापक सुरक्षा समझौते की मांग की है। इसमें यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं करने की गारंटी भी शामिल है। दिसंबर में पुतिन ने कहा था कि “हमें सीजफायर की नहीं शांति की आवश्यकता है। रूस और उसके नागरिकों को सुरक्षा गारंटी के साथ शांति चाहिए।”</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यूक्रेन का 20% हिस्सा रूस के कंट्रोल में</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">रूस बीते तीन साल में यूक्रेन का लगभग 20% हिस्सा हथिया चुका है। राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन के चार पूर्वी प्रांत डोनेट्स्क, लुहांस्क, जापोरिज्जिया और खेरसॉन को रूस में शामिल कर चुके हैं। जबकि रूस के कुर्स्क इलाके में दोनों सेनाओं में संघर्ष जारी है।</p>
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		<title>अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप कौन सा करने वाले हैं धमाका? दुनिया भर में बढ़ गई है हलचल</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/what-explosion-is-us-president-trump-going-to-do-there-is-a-stir-all-over-the-world/</link>
		
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		<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 00:37:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Trump Announcement:&#160;डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति, ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;ट्रुथ&#8217; पर एक पोस्ट साझा करके पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है. ट्रंप ने कहा कि &#8216;कल रात बहुत बड़ी होने वाली है&#8217;. इस पोस्ट के बाद से पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है कि क्या ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ... <a title="अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप कौन सा करने वाले हैं धमाका? दुनिया भर में बढ़ गई है हलचल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/what-explosion-is-us-president-trump-going-to-do-there-is-a-stir-all-over-the-world/" aria-label="Read more about अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप कौन सा करने वाले हैं धमाका? दुनिया भर में बढ़ गई है हलचल">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1200" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/1500.webp" alt="" class="wp-image-484672" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/1500.webp 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/1500-300x225.webp 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/1500-768x576.webp 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/03/1500-150x113.webp 150w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Trump Announcement:&nbsp;</strong>डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति, ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;ट्रुथ&#8217; पर एक पोस्ट साझा करके पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है. ट्रंप ने कहा कि &#8216;कल रात बहुत बड़ी होने वाली है&#8217;. इस पोस्ट के बाद से पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है कि क्या ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की से बदला लेने की योजना बनाई है या फिर वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से मुलाकात कर कुछ बड़ा करने वाले हैं?</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ट्रंप का इशारा: क्या है उनका अगला कदम?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप के इस पोस्ट से पहले भी उन्होंने एक और ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कहा था कि &#8220;मैं ही वह राष्ट्रपति हूं जिसने यूक्रेन की कोई भी जमीन रूस को नहीं दी.&#8221; इस पोस्ट में ट्रंप ने डेमोक्रेट्स और फेक न्यूज को भी निशाना बनाया. उनके इस बयान से यह साफ हो गया कि वह यूक्रेन के मुद्दे पर कोई नई रणनीति बनाने की योजना बना रहे हैं.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ट्रंप की यूक्रेन को लेकर अहम बैठक</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">द न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अगले कुछ दिनों में अपनी टीम के साथ एक अहम बैठक करेंगे. इस बैठक में वह यूक्रेन के लिए अमेरिकी सैन्य सहायता को लेकर चर्चा करेंगे. यह मदद पिछली सरकार के दौरान आवंटित की गई थी, और अब ट्रंप प्रशासन इसके नए विकल्पों पर विचार करने वाला है. ट्रंप के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी इस बैठक में शामिल होंगे.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी बहस</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का &#8220;कल रात बहुत बड़ी होगी&#8221; वाला पोस्ट, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से उनकी बैठक के बाद आया है. ओवल ऑफिस में हुई इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई. जेलेंस्की ने ट्रंप के समझौते पर साइन करने से मना कर दिया था और पुतिन की आलोचना की थी, जिससे दोनों के बीच मतभेद पैदा हो गए थे.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की का किया समर्थन</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">इस बैठक के बाद, कई देशों ने जेलेंस्की का समर्थन किया. ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी जेलेंस्की से मुलाकात के बाद कहा कि ब्रिटेन उनके साथ खड़ा है और उन्हें युद्ध में पूरा समर्थन देने के लिए तैयार है. सुनक ने यह भी कहा कि भले ही यह युद्ध कितना भी लंबा चले, ब्रिटेन हमेशा जेलेंस्की के साथ रहेगा.</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद, सुनक ने ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बातचीत की, ताकि इस मुद्दे पर और समर्थन जुटाया जा सके.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>आने वाले दिनों में क्या होगा?</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">कल की रात ट्रंप के लिए किसी बड़े फैसले का संकेत हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें उन पर होंगी. क्या वह पुतिन के साथ बैठक करके कुछ नया करेंगे या जेलेंस्की से बदला लेने का कोई कदम उठाएंगे, यह तो वक्त ही बताएगा. लेकिन, इस समय ट्रंप की हर एक गतिविधि पर सबकी नजरें हैं, और यह देखने वाली बात होगी कि वह यूक्रेन संकट के बीच अगले कदम के रूप में क्या कदम उठाते हैं.</p>
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		<title>क्या है ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ प्लान? अब अमेरिका में लोगों को पैसे से मिलेगी नागरिकता</title>
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		<pubDate>Wed, 26 Feb 2025 10:26:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[&#160; अब अमेरिका में लोगों को पैसे से नागरिकता मिलेगी. जी हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया इमिग्रेशन प्रोग्राम &#8216;गोल्ड कार्ड&#8217; लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसके तहत अप्रवासी 5 मिलियन डॉलर देकर अमेरिका में बस सकते हैं. यह नया गोल्ड कार्ड ग्रीन कार्ड का प्रीमियम संस्करण होगा और इसके जरिए अमीर ... <a title="क्या है ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ प्लान? अब अमेरिका में लोगों को पैसे से मिलेगी नागरिकता" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a4%be/" aria-label="Read more about क्या है ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ प्लान? अब अमेरिका में लोगों को पैसे से मिलेगी नागरिकता">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="448" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/bhi7qdt34k9m5gc2j1lthk8k8k-20250226133123.Medi_.jpeg" alt="" class="wp-image-483955" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/bhi7qdt34k9m5gc2j1lthk8k8k-20250226133123.Medi_.jpeg 800w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/bhi7qdt34k9m5gc2j1lthk8k8k-20250226133123.Medi_-300x168.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/bhi7qdt34k9m5gc2j1lthk8k8k-20250226133123.Medi_-768x430.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/bhi7qdt34k9m5gc2j1lthk8k8k-20250226133123.Medi_-150x84.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>

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<em><strong>अब अमेरिका में लोगों को पैसे से नागरिकता मिलेगी. जी हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया इमिग्रेशन प्रोग्राम &#8216;गोल्ड कार्ड&#8217; लॉन्च करने की घोषणा की है, जिसके तहत अप्रवासी 5 मिलियन डॉलर देकर अमेरिका में बस सकते हैं. यह नया गोल्ड कार्ड ग्रीन कार्ड का प्रीमियम संस्करण होगा और इसके जरिए अमीर विदेशी नागरिकों को अमेरिकी नागरिकता का रास्ता मिलेगा.</strong></em>

अमेरिकी राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासियों के लिए एक नई योजना का ऐलान किया है. इस योजना का नाम उन्होंने गोल्ड कार्ड दिया है. यह ग्रीन कार्ड का प्रीमियम संस्करण होगा, जिसे 5 मिलियन डॉलर (लगभग 41 करोड़ रुपये) में खरीदा जा सकेगा. ट्रंप के अनुसार, इस कार्ड के जरिए अमीर अप्रवासी अमेरिका में प्रवेश कर सकेंगे और नागरिकता प्राप्त करने की राह पर आगे बढ़ेंगे.

ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस में इस योजना का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम को लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी और यह महजदो हफ्तों में लॉन्च हो जाएगा. हालांकि, इसके क्रियान्वयन को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं.
<h2><strong>क्या है ट्रंप का ‘गोल्ड कार्ड’ प्लान?  </strong></h2>
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि यह योजनाअमीर अप्रवासियों को अमेरिका लाने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा, &#8220;हम एक गोल्ड कार्ड लॉन्च कर रहे हैं. अभी लोगों के पास ग्रीन कार्ड है, लेकिन यह उसका प्रीमियम संस्करण होगा. इसकी कीमत करीब 5 मिलियन डॉलर होगी और इससे उन्हें ग्रीन कार्ड जैसी सुविधाएं मिलेंगी.&#8221; उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से अमेरिका को आर्थिक लाभ होगा, क्योंकि,अमीर लोग अमेरिका आएंगे और निवेश करेंगे. अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और नई नौकरियां पैदा होंगी.
सरकार को भारी कर राजस्व मिलेगा.

<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">The Trump Gold Card is an exceptionally brilliant concept: to attract the most talented and accomplished individuals to the most renowned nation on Earth. Businesses and individuals alike can participate in this endeavor. The potential revenue generated could be substantial,… <a href="https://t.co/B6ZMbA1nbA">pic.twitter.com/B6ZMbA1nbA</a></p>&mdash; Kyle Sinclair (@kylebexarVC) <a href="https://twitter.com/kylebexarVC/status/1894569875269427471?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">February 26, 2025</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
<h2><strong>क्या यह &#8216;EB-5 वीजा&#8217; का विकल्प बनेगा?  </strong></h2>
अमेरिका में पहले से हीEB-5 वीजा प्रोग्राम मौजूद है, जो विदेशी निवेशकों को900,000 डॉलर (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) का निवेश करने परग्रीन कार्ड प्रदान करता है. लेकिन ट्रंप के करीबी सहयोगीहॉवर्ड लुटनिक का कहना है कि नया ‘गोल्ड कार्ड’ इस प्रोग्राम की जगह ले सकता है. उन्होंने कहा, &#8220;हम इस मजाकिया EB-5 प्रोग्राम को खत्म करने जा रहे हैं और इसे ट्रंप गोल्ड कार्ड से बदलेंगे. अब अप्रवासी अमेरिकी सरकार को सीधे 5 मिलियन डॉलर का भुगतान कर सकते हैं और ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मानित नागरिक हों.&#8221;
<h2><strong>क्या कांग्रेस रोड़े अटका सकती है?  </strong></h2>
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजनाकानूनी चुनौतियों का सामना कर सकती है. क्या कांग्रेस बिना मंजूरी के इसे लागू करने देगी? क्या यह नीति &#8216;धनवानों के लिए नागरिकता&#8217; का गलत संदेश नहीं देगी? क्या मौजूदा अप्रवासी नीतियों को खतरा होगा? ऐसे कई सवाल है जो अटकले लगा सकता है. हालांकि, ट्रंप को यकीन है कि यह प्रोग्राम जल्द लागू होगा और अमेरिका की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाएगा.

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		<title>रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई</title>
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		<pubDate>Sun, 23 Feb 2025 07:18:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[अमरीका ने मान लिया है कि रिश्वत व्‍यवसाय के लिए जरूरी है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमरीकी कंपनियों को साफ-साफ संकेत दिया है, रिश्वत दे दो – ठेके ले लो, अमरीका में उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने जिस विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) पर रोक लगाई ... <a title="रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/briberys-trump-card-no-legal-action-against-american-companies/" aria-label="Read more about रिश्वत का ट्रम्प कार्ड! रिश्वत दो ठेके लो… नहीं होगी अमेरिकी कंपनियों पर कानूूनी कार्रवाई">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="545" height="307" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-483893" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM.jpeg 545w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM-300x169.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/02/WhatsApp-Image-2025-02-23-at-12.40.19-PM-150x84.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 545px) 100vw, 545px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीका ने मान लिया है कि रिश्वत व्&#x200d;यवसाय के लिए जरूरी है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमरीकी कंपनियों को साफ-साफ संकेत दिया है, रिश्वत दे दो – ठेके ले लो, अमरीका में उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने जिस विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) पर रोक लगाई है, वह अमेरिका से जुड़ी फर्मों और लोगों को विदेश में अपने व्यापार को सुरक्षित करने के लिए विदेशी अधिकारियों को पैसे या उपहार या किसी भी तरह की रिश्वत देने से प्रतिबंधित करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने करीब 50 साल पुराने इस कानून को निलंबित कर दिया है। इस कानून पर रोक लग जाने के बाद अमरीकियों के लिए विदेशों में व्यापार के लिए रिश्वत देना अपराध नहीं रहेगा। ट्रम्प ने अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को इस कानून के तहत दिए गए फैसलों की समीक्षा करने के लिए गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का कहना है कि यह कानून अमरिकी कंपनियों के लिए ‘एक आपदा’ है। ट्रंप का कहना है कि जब अन्य देशों की कंपनियां आसानी से रिश्वत देकर व्यापार कर रही है ऐसे में यह कानून अमरिकी व्यापारियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्द्धा में कमजोर बना रहा है। ट्रंप ने इस कानून को ‘जिम्मी कार्टर की बेकार योजना’ बताया और कहा कि इससे अमेरिकी कंपनियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। अब अमरीकी कंपनियों के खिलाफ एफसीपीए के तहत मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे। यानी अब अमेरिकी कंपनियां विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देकर अपने सौदे पक्के कर सकती हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीकी राष्&#x200d;ट्रपति इस समय महाशक्ति होने के नाते दुनिया के सामने स्&#x200d;वयं को आदर्श के रूप में प्रस्&#x200d;तुत करने के बजाय व्&#x200d;यापार और व्&#x200d;यवसाय के क्षेत्र में अपने देश का वर्चस्&#x200d;व स्&#x200d;थापित करने का प्रयास कर रहे हैं, अपने इन प्रयासों के तहत वे अपने देश के व्&#x200d;यापारियों को आश्&#x200d;वस्&#x200d;त कर रहे हैं कि अगर वे दुनिया के अन्&#x200d;य देशों में रिश्&#x200d;वत देकर व्&#x200d;यवसाय हासिल करते हैं तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। ट्रम्प के इस निर्णय का सीधा-सीधा संकेत समझा जा सकता है कि रिश्वतखोरी और रिश्वतखोरों को सुधारा नहीं जा सकता, इसलिए रिश्वत-रिश्वतखोरी-रिश्वतखोरों का रोना रोने से अच्छा है कि रिश्वत को मान्यता ही दे दी जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प के इस ट्रम्प कार्ड ने बिटवीन द लाइन्स बहुत सारी बात कह दी है। जो लोग रिश्वत खाकर खुद को व्हाइट कॉलर होने का दिखावा करते हैं, उन पर भी सीधी-सीधी चोट कर दी गई है। महाशक्ति ने स्वीकार कर लिया है कि रिश्वतखोरी होती ही है, ऐसे में कोई दिखावा करने वाली बात है ही नहीं। आम जनता तो बोलती ही है, अब संवैधानिक पद पर चुने हुए नेता भी बोल रहे हैं तो उसके मायने साफ हैं, डील अब सीधी-सीधी कर लो। ट्रम्प के संकेत स्पष्ट हैं कि सारे काम इसी तरह हो रहे हैं, फिर शर्माना कैसा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन, ट्रम्प ने अपने देश के व्&#x200d;यापारियों को रिश्&#x200d;वत का ट्रम्प कार्ड अमरीका से बाहर खेलने के संकेत दिए हैं। अमरीका के भीतर रिश्वतखोरी को ट्रम्प शायद ही बर्दाश्त करें। इसकी बानगी उनके पीछे-पीछे आए मस्क के बयान से भी समझी जा सकती है। अमरीका में डिपार्टमेंटऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क ने ट्रम्प के रिश्वत वाले निर्णय के एक दिन बाद व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर हावी नौकरशाही को कठघरे में खड़ा किया। मस्क ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार के स्थान पर वास्तव में ब्यूरोक्रेसी सरकार चलाती रही है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बाद पावरफुल माने जाने वाले एलन मस्क का यह बयान भी बड़े संकेत दे गया है। जब अमरीका में ही शीर्ष नेतृत्व ने ब्यूरोक्रेसी को लेकर ऐसी धारणा बयां की है, तब अन्य देशों की स्थिति पर चर्चा शुरू होनी ही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब तक आम आदमी ही पीड़ा में इस तरह की बातें करता रहा है, इस देश को जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि ईस्ट इंडिया कम्पनी के बाद आईएएस और आरएएस नाम की कम्पनियां चला रही हैं। रियासतकाल में सिर्फ 565 रियासतों के राजा ही वीआईपी होते थे, अब तो हर छोटा-मोटा अफसर वीआईपी है। अफसर तो अफसर, उनका परिवार भी वीआईपी ही होता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है किसी बड़े मंदिर में लगी दर्शनार्थियों की कतार के बीच अफसरों के परिवारजनों का पुलिस सुरक्षा में बेधड़क आगे पहुंच जाना। आम आदमी यह नजारा आए दिन देखता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शायद इन्हीं परिस्थितियों को विश्व की महाशक्ति के नेताओं ने समझा और रिश्वतखोरी और नौकरशाही को चर्चा के केन्द्र में ला दिया है। समझना मुश्किल नहीं है कि अब रिश्वतखोर को आम आदमी खुलेआम भ्रष्ट कह दे तो आश्चर्य नहीं होगा, आम आदमी यह तर्क दे सकता है कि भई, कष्ट क्यों हो रहा है, अब तो अमरीका ने खुले आम रिश्वत देने की बात कह दी है। अब तक अंडर द टेबल की इबारत यूज की जाती थी, अब तो टेबल के ऊपर ही डील हो जाएगी। लेकिन, ऊपर द टेबल में मजा यह भी आ सकता है कि रिश्वत की बोली लगे। मसलन किसी ठेके को लेने के लिए न्यूनतम रिश्वत निर्धारित कर दी जाए और उसके बाद ठेका प्राप्त करने के इच्छुक आवेदक उसके ऊपर बोली लगाएं, जिसकी सबसे ज्यादा होगी, उसे ठेका दे दिया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वैसे, यदि इस परम्परा को ओपन करने के साथ अधिकतम बोली को कार्यादेश की अनुमानित लागत में अतिरिक्त जोड़ने की नीति बना ली जाए तो और भी अच्छा रहेगा, कम से कम किए जाने वाली कार्य की गुणवत्ता बरकरार रहेगी। इससे अब तक जो जनतो को दोहरा नुकसान हो रहा था वह नहीं होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दोहरे नुकसान को भी समझ लीजिये। कहावत तो सुनी ही होगी, तेल तो तिलों में से ही निकलता है। रिश्वत देने वाला कार्य की गुणवत्ता के साथ समझौता करके ही इसकी भरपाई करता था। रिश्वत भी जनता के आयकर से दिया जाने वाला हिस्सा होती है और उसी आयकर से बनने वाली सड़क, पुल या अन्य वस्तु की गुणवत्ता में समझौता भी जनता ही भुगतती है। अब यदि, रिश्वत को ओपन डोमेन में ला दिया जाए और अनुमानित लागत में जोड़ने का प्रावधान कर दिया जाए तो गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं होगा और जनता को रिश्वत और गुणवत्ता दोनों के बजाय सिर्फ रिश्वत का ही भार झेलना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रम्प एक महाशक्ति का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्होंने कोई भी बात ऐसे ही नहीं कह दी होगी। साफ जाहिर है कि उन्हें पता होगा कि वेतन और रिश्वतखोरी में क्या अंतर्सम्बंध हैं। अचानक कोई सामान्य से सरकारी वेतन वाला कुछ ही वर्षों में एसयूवी, बंगले का मालिक कैसे बन रहा है। कैसे एक सामान्य से सरकारी वेतन वाले के बच्चे लाखों की फीस वाले महंगे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। बात इतनी ही नहीं है, संवैधानिक नियमावली की पालना करना सामान्य नागरिक का ही कर्तव्य बन गया है, सरकारी कार्मिक से लेकर सरकार तक के पास उस नियमावली में गली निकालने की पूरी छूट है। और तो और अब पब्लिक डोमेन में विजिलेंस डिपार्टमेंट पर ही एक और गोपनीय विजिलेंस विभाग की आवश्यकता की बातें होने लगी है, लेकिन नैतिकता की गारंटी यहां भी कहां है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प और एलन मस्क के रिश्वत व हावी ब्यूरोक्रेसी पर बयानों को सामान्य समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह रिश्वतखोरी और नौकरशाही पर बड़ा प्रहार साबित हो या न हो, भारत जैसे देशों के लिए यह आंखें खोलने का वक्त है। भारत में भी रिश्वतखोरी के मामलों की कोई कमी नहीं है। यदि अमरीकी कम्पनियों को छूट मिल गई है तो वे भारत में भी रिश्वत देकर अपना काम निकालने का प्रयास करेंगी ही, ऐसे में अगर भारत में भी ऐसे कानूनों को कमजोर किया गया, तो भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका के साथ देश के व्यापार जगत को नुकसान के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे जैसी स्थिति बन सकती है। यूरोपीय संघ ने भी इस फैसले की आलोचना की है और कहा कि यह वैश्विक व्यापार के लिए खतरनाक हो सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस पूरे प्रकरण से भी यदि वैश्विक स्तर पर रिश्वतखोरी के खिलाफ नौकरशाही में नैतिकता जाग जाए तो बेहतर है, इस पर वृहद चर्चा का समय आ गया है। आम आदमी भी यही चाहता है कि रिश्वतखोरी और इंस्पेक्टर राज पर सरकार बोलने वालों को अभयदान दे, वर्ना सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों के व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगते देर नहीं लगेगी।</p>
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		<title>ट्रंप को क्या हुआ&#8230; शेयर किया कनाडा का मैप, बताया अमेरिका का हिस्सा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Jan 2025 06:35:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[Seema Pal ट्रंप का यह ट्वीट मजाक या किसी राजनीतिक बयान के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन कई लोगों ने इसे अनुचित और भ्रमित करने वाला मानते हुए आलोचना की। कनाडा, जो एक स्वतंत्र देश है, और अमेरिका के बीच की सीमा एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है, और ट्रंप का इस प्रकार का बयान ... <a title="ट्रंप को क्या हुआ&#8230; शेयर किया कनाडा का मैप, बताया अमेरिका का हिस्सा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/trump-shared-map-of-canada-told-it-was-part-of-america/" aria-label="Read more about ट्रंप को क्या हुआ&#8230; शेयर किया कनाडा का मैप, बताया अमेरिका का हिस्सा">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="414" height="233" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/WhatsApp-Image-2025-01-08-at-12.02.59-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-479373" style="width:641px;height:auto" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/WhatsApp-Image-2025-01-08-at-12.02.59-PM.jpeg 414w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/WhatsApp-Image-2025-01-08-at-12.02.59-PM-300x169.jpeg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2025/01/WhatsApp-Image-2025-01-08-at-12.02.59-PM-150x84.jpeg 150w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">Seema Pal</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का यह ट्वीट मजाक या किसी राजनीतिक बयान के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन कई लोगों ने इसे अनुचित और भ्रमित करने वाला मानते हुए आलोचना की। कनाडा, जो एक स्वतंत्र देश है, और अमेरिका के बीच की सीमा एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है, और ट्रंप का इस प्रकार का बयान वास्तविकता से मेल नहीं खाता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह घटना राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में एक नया विवाद उत्पन्न कर सकती है, हालांकि ट्रंप ने हमेशा अपने बयानों और ट्वीट्स को अपने विशेष अंदाज में प्रस्तुत किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">हाल ही में एक विवादित घटना हुई, जब अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कनाडा का एक नक्शा शेयर किया, जिसे उन्होंने &#8220;अमेरिका का हिस्सा&#8221; बताया। इस ट्वीट में ट्रंप ने कनाडा का एक संशोधित नक्शा दिखाया, जिसमें कनाडा को अमेरिका का हिस्सा दर्शाया गया था। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई और इसने काफ़ी चर्चा पैदा की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ट्रंप का यह ट्वीट मजाक या किसी राजनीतिक बयान के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन कई लोगों ने इसे अनुचित और भ्रमित करने वाला मानते हुए आलोचना की। कनाडा, जो एक स्वतंत्र देश है, और अमेरिका के बीच की सीमा एक अंतरराष्ट्रीय सीमा है, और ट्रंप का इस प्रकार का बयान वास्तविकता से मेल नहीं खाता।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह घटना राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श में एक नया विवाद उत्पन्न कर सकती है, हालांकि ट्रंप ने हमेशा अपने बयानों और ट्वीट्स को अपने विशेष अंदाज में प्रस्तुत किया है।</p>
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		<item>
		<title>बगदादी की मौत की खबर पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, ट्वीट कर बोली ये बीत&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Oct 2019 05:58:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[baghdadi]]></category>
		<category><![CDATA[isis]]></category>
		<category><![CDATA[Islamic State leader Abu Bakr al-Baghdadi]]></category>
		<category><![CDATA[Syria]]></category>
		<category><![CDATA[trump]]></category>
		<category><![CDATA[Us Army official]]></category>
		<category><![CDATA[US targeted Islamic State al-Baghdadi]]></category>
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					<description><![CDATA[इस्लामिक स्टेट के खलीफा अबू बाकर अल बगदादी की सीरिया में हत्या होने का दावा किया गया है। फाक्स न्यूज ने मिलिट्री सूत्रों के हवाले से कहा है कि अबू बकर अल-बगदादी की सीरियाई नगर इदलिब में अमेरिकी सेनाओं ने हत्या कर दी है। Something very big has just happened! &#8212; Donald J. Trump (@realDonaldTrump) ... <a title="बगदादी की मौत की खबर पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, ट्वीट कर बोली ये बीत&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/donald-trumps-big-announcement-on-the-news-of-baghdadis-death-said-this-by-tweeting-news/" aria-label="Read more about बगदादी की मौत की खबर पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, ट्वीट कर बोली ये बीत&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="" src="https://hindusthansamachar.in/uploads/videos/7ad4b7200ef7622eda588dc1e047d1804bcc45a73ec1ad1a55dd21b93bac83e2_1.jpg" width="1028" height="661" /></p>
<p>इस्लामिक स्टेट के खलीफा अबू बाकर अल बगदादी की सीरिया में हत्या होने का दावा किया गया है। फाक्स न्यूज ने मिलिट्री सूत्रों के हवाले से कहा है कि अबू बकर अल-बगदादी की सीरियाई नगर इदलिब में अमेरिकी सेनाओं ने हत्या कर दी है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Something very big has just happened!</p>
<p>&mdash; Donald J. Trump (@realDonaldTrump) <a href="https://twitter.com/realDonaldTrump/status/1188264965930700801?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">October 27, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>बाद में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईस्टर्न समयानुसार रात 9 बज कर 23 मिनट पर ट्वीट कर अबू बकर अल-बगदादी की हत्या की पुष्टि की। इस्लामिक स्टेट आका अबू बकर अल-बगदादी पर दो करोड़ 50 लाख डालर का इनाम था।</p>
<p><strong>कौन है बगदादी?</strong><br />
बगदादी ISIS आतंकी संगठन का सरगना है जो कि ईराक और सीरिया में रहता है। हालांकि इसके सही ठिकाने की जानकारी अभी नहीं मिली है। वह बगदाद शहर में एक निम्न मध्यवर्गीय परिवार में पैदा हुआ था। शुरू से ही वह कट्टरवादी विचारधारा का था। यहां तक कि अपने परिवार में भी उसने कठिन नियम बनाए थे और लोगों को दंडित भी करता था। बता दे बगदाद यूनिवर्सिटी में उसने कुरान की पढ़ाई की। उसने मास्टर और पीएचडी हासिल की। इसके साथ ही वह अलकायदा सहित कई आतंकी संगठनों के संपर्क में आया। 2003 में ईराक में जब आमेरिका की सेना ने प्रवेश किया तो वह एक मस्जिद में मौलवी था। 2004 में वह गिरफ्तार किया गया और कई महीनों तक अमेरिका की जेल में रहा। अमेरिका ने उसे छोड़ा तो वह सीरिया चला गया और वहां उपदेश देने और कट्टरपंथी गुट बनाने का काम करने लगा।</p>
<p align="justify"><b>सीरिया में बना निशाना</b></p>
<p align="justify">अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, शनिवार को उत्तर-पश्चिम सीरिया में अमेरिकी सेना ने ISIS के सरगना अबु बकर अल-बगदादी को निशाना बनाया है. अमेरिका के रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि बगदादी को CIA की मदद से तलाशा गया था, जिसके बाद उसके ऑपरेशन चलाया गया और बगदादी को निशाना बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप रविवार सुबह 9 बजे इस संबंध में बड़ा ऐलान कर सकते हैं। बता दें, यूं तो कई बार बगदादी की मौत की रिपोर्ट्स आती रही हैं. लेकिन इस बार जब ये जानकारी सामने आई है तो अमेरिका के राष्ट्रपति ने खुद कहा है कि कुछ बहुत बड़ा हुआ है।</p>
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