<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>University &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<atom:link href="https://dainikbhaskarup.com/tag/university/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<description></description>
	<lastBuildDate>Fri, 20 Oct 2023 08:38:41 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2026/01/dainik-bhaskar-icon.png</url>
	<title>University &#8211; Dainik Bhaskar UP/UK</title>
	<link>https://dainikbhaskarup.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>डा. राममनोहर लोहिया वि० वि० के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/participants-showed-their-skills-in-the-annual-cultural-festival-of-dr-ram-manohar-lohia-university-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Oct 2023 08:38:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Annual Cultural Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Apna Hunar]]></category>
		<category><![CDATA[DAINIK BHASKAR]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Ram Manohar Lohia]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Participants]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[UP dainik Bhaskar]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=413051</guid>

					<description><![CDATA[लखनऊ &#124; डॉ, राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक समिति ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया।  &#8216;द डेड&#8217; विषयक पर आधारित दो दिन 18 और 19 अक्टूबर को वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव &#8220;ओएचआर&#8221; के लिए मंच तैयार किया गया ।“ओएचआर&#8221; एक वार्षिक उत्सव है इस वार्षिकोत्सव में ... <a title="डा. राममनोहर लोहिया वि० वि० के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/participants-showed-their-skills-in-the-annual-cultural-festival-of-dr-ram-manohar-lohia-university-news-in-hindi/" aria-label="Read more about डा. राममनोहर लोहिया वि० वि० के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव में प्रतिभागियों ने दिखाया अपना हुनर">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="960" height="589" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/e9657460-1aa2-4d46-b9e0-eff365358a62.jpg" alt="" class="wp-image-413059" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/e9657460-1aa2-4d46-b9e0-eff365358a62.jpg 960w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/e9657460-1aa2-4d46-b9e0-eff365358a62-768x471.jpg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ | डॉ, राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक समिति ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">&#8216;द डेड&#8217; विषयक पर आधारित दो दिन 18 और 19 अक्टूबर को वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव &#8220;ओएचआर&#8221; के लिए मंच तैयार किया गया ।“ओएचआर&#8221; एक वार्षिक उत्सव है इस वार्षिकोत्सव में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से विशेष रूप से नृत्य और गायन के क्षेत्र में प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करता है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="1280" height="658" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/5ef5e608-9c69-4455-a958-9287a20a8eae.jpg" alt="" class="wp-image-413060" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/5ef5e608-9c69-4455-a958-9287a20a8eae.jpg 1280w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/5ef5e608-9c69-4455-a958-9287a20a8eae-768x395.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">उत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत एकल नृत्य प्रतियोगिता में रोमांचक प्रस्तुति के साथ हुई, इसमें प्रतिभागियों ने अपनी सुन्दर प्रस्तुति से सभी को मोहित कर लिया। प्रतियोगिता इतनी कठिन थी कि निर्णायक मंडली को भी बहुत अधिक मसक्कत करनी पड़ी।अंत में एकल नृत्य प्रतियोगिता में अंतिम वर्ष की छात्रा साक्षी को विजेता घोषित किया गया। धमन त्रिवेदी के समूह ने सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में बाजी मारी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">Dainikbhaskarup.com अब WhatsApp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरें<br>https://whatsapp.com/channel/0029Va6qmccKmCPR4tbuw90X</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कानपुर : विवि का 38वांं दीक्षांत समारोह आयोजन कल</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-38th-convocation-ceremony-of-the-university-organized-tomorrow-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Sep 2023 10:59:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[38th]]></category>
		<category><![CDATA[convocation]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[Organized]]></category>
		<category><![CDATA[tomorrow]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=402345</guid>

					<description><![CDATA[कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सत्र 2022-23 का 38वां दीक्षांत समारोह का आयोजन 28 सितंबर को रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में किया जाएगा। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल विवि के रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में मेधावियों को मेडल एवं उपाधि प्रदान करेंगी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. अनिल कुमार गुप्ता, संस्थापक हनी बी नेटवर्क एवं विजिटिंग ... <a title="कानपुर : विवि का 38वांं दीक्षांत समारोह आयोजन कल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kanpur-38th-convocation-ceremony-of-the-university-organized-tomorrow-news-in-hindi/" aria-label="Read more about कानपुर : विवि का 38वांं दीक्षांत समारोह आयोजन कल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/०6-7.png" alt="" class="wp-image-402350" width="840" height="483" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के सत्र 2022-23 का 38वां दीक्षांत समारोह का आयोजन 28 सितंबर को रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में किया जाएगा। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल विवि के रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में मेधावियों को मेडल एवं उपाधि प्रदान करेंगी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. अनिल कुमार गुप्ता, संस्थापक हनी बी नेटवर्क एवं विजिटिंग फैकल्टी, आईआईएम अहमदाबाद रहेंगे। </p>



<p class="wp-block-paragraph">समारोह में विशिष्ट अतिथि के तौर पर योगेंद्र उपाध्याय उच्च शिक्षा मंत्री उप्र सरकार, रजनी तिवारी उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भी शिरकत करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया के आधिकारिक पेज से भी किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मंगलवार को प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने बताया कि दीक्षांत समारोह में प्रो मणींद्र अग्रवाल, आईआईटी एवं प्रो अनिल कुमार गुप्ता को मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। समारोह में 55 छात्र-छात्राओं को कुल 98 मेडल वितरित किए जाएंगे। वार्ता में कुलसचिव डॉ अनिल कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार मौजूद रहे।&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कानपुर : विवि में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस का हुआ आयोजन</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kanpur-national-service-scheme-foundation-day-organized-in-the-university-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 Sep 2023 14:23:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[कानपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Events]]></category>
		<category><![CDATA[foundation day]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[National Service Scheme]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=400653</guid>

					<description><![CDATA[कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस समारोह, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पदम्श्री जल योद्धा उमाशंकर पाण्डेय, विवि के कुलपति प्रो0 विनय कुमार पाठक, विशिष्ट अतिथि डॉ0 वन्दना पाठक, विशिष्ट अतिथि प्रति कुलपति प्रो0 सुधीर कुमार अवस्थी, विशिष्ट ... <a title="कानपुर : विवि में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस का हुआ आयोजन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kanpur-national-service-scheme-foundation-day-organized-in-the-university-news-in-hindi/" aria-label="Read more about कानपुर : विवि में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस का हुआ आयोजन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/09/०1-4.png" alt="" class="wp-image-400656" width="839" height="680" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस समारोह, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पदम्श्री जल योद्धा उमाशंकर पाण्डेय, विवि के कुलपति प्रो0 विनय कुमार पाठक, विशिष्ट अतिथि डॉ0 वन्दना पाठक, विशिष्ट अतिथि प्रति कुलपति प्रो0 सुधीर कुमार अवस्थी, विशिष्ट अतिथि निदेशक महाविद्यालय विकास परिषद प्रो0 राजेश कुमार द्विवेदी, कुलसचिव डॉ0 अनिल कुमार यादव, प्रो0 केएन मिश्रा द्वारा दीप प्रज्जवलन से हुआ।समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना&nbsp;प्रो0 केएन मिश्रा&nbsp;ने&nbsp; बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की सभी कार्यक्रम अधिकारी तथा स्वयंसेवक कुलपति के नेतृत्व में लगातार सेवा के उत्कृष्ठ कार्य कर रहे&nbsp; अधिकारियों सम्मान का दिन है। राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत का गायन अकबरपुर डिग्री कालेज की छात्र/छात्राओं द्वारा किया गया।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्य अतिथि पदम्श्री, जल योद्धा उमाशंकर पाण्डेय ने उपस्थित छात्रो को बताया कि कैसे साधना के माध्यम से साध्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होनें कहा इस सृष्टि में परमेश्वर की सबसे बड़ी कृति माँ है। इस सृष्टि में वे व्यक्ति श्रेष्ठ है जो आप को अपने से बड़ा होते देखना चाहते है। उन्होनें माता-पिता का उदाहरण देते हुये बताया कि माता-पिता अपने पुत्र को हमेशा श्रेष्ठ होता देखना चाहते है। उन्होनें आगे बताया कि श्रेष्ठता के क्रम में दूसरा नाम शिक्षक का आता है। हर शिक्षक यह चाहता है कि उसका पढ़ाया हुआ छात्र सर्वश्रेष्ठ बनें। इस क्रम में उन्होनें मित्रता को तीसरा स्थान दिया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होनें कहा सच्चा मित्र अपने मित्र के लिये हमेशा उसके आगे बढ़ने की कामना करता है।विश्व योग दिवस पर को गाँवों एवं बस्तियों में योगोत्सव आयोजन में योगदान देने पर अधिकारियों को प्रशस्ति प्रदान किया गया।श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। </p>



<p class="wp-block-paragraph">कुलपति प्रो0 विनय कुमार पाठक ने कहा कि जीवन में नाम कमाने की इच्छा जैसे बलशाली बनने की, धनवान बनने की, लेकिन वास्तविक नाम उसी का ही होता जो समाज एवं मानवता के लिये अपने को समर्पित कर देता है। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी डॉ0 विशाल शर्मा, डॉ0 मानस उपाध्याय, डॉ0 पंकज द्विवेदी, डॉ0 स्नेह पाण्डेय, डॉ0 पुष्पा ममोरिया एवं शिक्षकगण तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्किल : आधारित उच्च शिक्षा ही देश का भविष्य- प्रो. सुप्रिया पटनायक, वाइस चांसलर, सेंचुरियन यूनिवर्सिटी</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/skill-based-higher-education-is-the-future-of-the-country-prof-supriya-patnaik-vice-chancellor-centurion-university-news-in-hindi-2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Jul 2023 12:17:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[country]]></category>
		<category><![CDATA[Future]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[skill-based higher education]]></category>
		<category><![CDATA[Supriya Patnaik]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[Vice Chancellor]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=381969</guid>

					<description><![CDATA[सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक कम-से-कम 50 प्रतिशत स्कूली छात्र-छात्राओं को स्किल प्रशिक्षण प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। क्या आपको भारत में उच्च शिक्षा में इस तरह की पहल की आवश्यकता महसूस होती है? प्रो. पटनायक : स्कूली छात्रों के लिए स्किल-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने के सरकार के कदम का देश के भविष्य ... <a title="स्किल : आधारित उच्च शिक्षा ही देश का भविष्य- प्रो. सुप्रिया पटनायक, वाइस चांसलर, सेंचुरियन यूनिवर्सिटी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/skill-based-higher-education-is-the-future-of-the-country-prof-supriya-patnaik-vice-chancellor-centurion-university-news-in-hindi-2/" aria-label="Read more about स्किल : आधारित उच्च शिक्षा ही देश का भविष्य- प्रो. सुप्रिया पटनायक, वाइस चांसलर, सेंचुरियन यूनिवर्सिटी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1600" height="900" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/07/WhatsApp-Image-2023-07-21-at-5.39.29-PM.jpeg" alt="" class="wp-image-381973" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/07/WhatsApp-Image-2023-07-21-at-5.39.29-PM.jpeg 1600w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/07/WhatsApp-Image-2023-07-21-at-5.39.29-PM-768x432.jpeg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/07/WhatsApp-Image-2023-07-21-at-5.39.29-PM-1536x864.jpeg 1536w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/07/WhatsApp-Image-2023-07-21-at-5.39.29-PM-390x220.jpeg 390w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक कम-से-कम 50 प्रतिशत स्कूली छात्र-छात्राओं को स्किल प्रशिक्षण प्राप्त करने में सक्षम बनाना है। क्या आपको भारत में उच्च शिक्षा में इस तरह की पहल की आवश्यकता महसूस होती है? </p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : स्कूली छात्रों के लिए स्किल-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने के सरकार के कदम का देश के भविष्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। यह छात्रों को अपने चुने हुए करियर में उपयोग की जाने वाली तकनीक के साथ बढ़त हासिल करने और सहज होने में सक्षम बनाएगा, जिससे उन्हें अपने करियर को और बेहतर करने में मदद मिलेगी। हालांकि, एक स्किल-एकीकृत मॉडल उच्च शिक्षा में अधिक महत्व रखता है। अधिकांश अवसरों पर देखा गया है कि जो छात्र सैद्धांतिक ज्ञान में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, उनका करियर ग्रोथ धीमा रहता है क्योंकि उन्हें डिग्री के बाद नौकरी के लिए जरूरी व्यावहारिक पहलू सीखने में अधिक समय लगाना पड़ता है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">मैं कहूंगी कि विश्वविद्यालयों को इंडस्ट्री के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए स्टुडेंट्स को जरूरी कौशल-आधारित प्रशिक्षण, विनिर्माण प्रक्रियाओं का व्यापक अनुभव और अभ्यास-उन्मुख प्रशिक्षण एक साथ देने की आवश्यकता है। आज, हमें व्यावहारिक अनुभव, लाइव-प्रॉडक्शन और एक्शन लर्निंग के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है ताकि मार्किट एवं उद्योग में हो रहे नए परिवर्तनों से अवगत रहें, और अवसर मिलने पर आत्मविश्वास के साथ काम कर सकें। </p>



<p class="wp-block-paragraph">यह अधिक उद्यमियों को तैयार करने का भी एक शानदार तरीका है क्योंकि इससे स्टुडेंट्स किसी व्यवसाय की कार्यप्रणाली को समझने के लिए किसी कंपनी में वर्षों तक काम करने के बजाय सीधे अपना उद्यम शुरू करने में सक्षम होंगे। सेंचुरियन विश्वविद्यालय में हमने वास्तव में एक दशक से अधिक समय से प्रदर्शित किया है कि सही कदमों और साझेदारियों की बदौलत एक सैद्धांतिक प्लस उद्योग-केंद्रित व्यावहारिक शिक्षण मॉडल संभव है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उद्योग के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए किसी संस्थान में जरूरी उच्च शिक्षा की क्या शर्तें हैं? किस प्रकार के शिक्षण मॉडल की आवश्यकता है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से सबके सामने रखा है। अनुसंधान-आधारित शिक्षा के एकीकरण को प्रोत्साहित करते हुए, यह क्रिटिकल थिंकिंग, हमेशा प्रश्न करने की भावना और समस्या सुलझाने के कौशल को भी बढ़ावा देता है। मौजूदा समय में कौशल एकीकृत उच्च शिक्षा की आवश्यकता है जहां स्टुडेंट्स विश्वविद्यालयी शिक्षा के दौरान उद्योग-अनुभव से व्यावहारिक ज्ञान हासिल करते हैं। विश्व</p>



<p class="wp-block-paragraph">विद्यालय-परिसर को प्रशिक्षण मैदान में बदलना समय की मांग है। ऐसा टिकाऊ आजीविका मॉडल सभी भौगोलिक क्षेत्रों में स्टुडेंट्स को रोजगार योग्य बनाने में प्रभावशाली हो सकता है। सेंचुरियन यूनिवर्सिटी में हमारे पास स्टुडेंट्स को उद्योग का रियल टाइम अनुभव देने के लिए परिसर में 50 से अधिक विनिर्माण सेटअप और उन्नत उद्योग-प्रायोजित प्रयोगशालाएं हैं। यहां स्टुडेंट्स को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है और वे इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयार होते हैं। हम सामाजिक प्रभाव वाली परियोजनाएं भी चलाते हैं जिनसे बड़े पैमाने पर समाज को लाभ होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जगत और उद्योगों को गतिशील कार्यस्थलों के लिए स्टुडेंट्स को कुशल कार्यबल बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए विश्वविद्यालयों को क्या करना चाहिए?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : विशेषज्ञ इस दिशा में आगे बढऩे के लिए शिक्षा जगत और उद्योगों में सहयोग की सही बात कर रहे हैं। सेंचुरियन इसमें अग्रणी रहा है क्योंकि हमने कौशल-आधारित शिक्षा को विकसित करने के आदर्श वाक्य के साथ विश्वविद्यालय की स्थापना की है। हम 120 कौशल पाठ्यक्रमों और 45 डोमेन में विशेषज्ञता प्रदान करते हैं जो स्टुडेंट्स को मनपसंद करियर-चुनाव का पर्याप्त विकल्प देते हैं। सेंचुरियन विश्वविद्यालय की विनिर्माण इकाइयां स्टुडेंट्स के लिए प्रशिक्षण-आधार बन जाती हैं जहां लाइव-लैब्स में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है। ये विनिर्माण इकाइयां और प्रयोगशालाएं उद्योग-अकादमिक सहयोग का एक आदर्श उदाहरण हैं जो यामाहा, दसॉल्ट सिस्टम्स और श्नाइडर इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी में स्थापित की गई हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कृषि में पाठ्यक्रम करने वाले हमारे छात्र पॉलीहाउस, टिशू कल्चर, ड्रोन छिड़काव और स्वचालन जैसी खेती की नवीनतम तकनीकों के बारे में सीखते हैं। यहांखेती को एक उद्यम के रूप में मानकर स्ट्डेंट्स सीखते हैं कि उपज को सर्वोत्तम कीमत देने वाले बाजारों तक ले जाने के लिए इस ज्ञान का सर्वोत्तम उपयोग कैसे किया जाए। इसी तरह, किसी भी स्ट्रीम में इंजीनियरिंग करने वालों को जरूरी रियल टाइम उद्योग का अनुभव मिलता है। यह बहु-विषयक दृष्टिकोण उन्हें पासआउट होने पर पूरे आत्मविश्वास से चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाता है। विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमि के स्टुडेंट्स यहां प्रमाणपत्र, डिप्लोमा और डिग्री प्रदान करने वाले पाठ्यक्रमों से लाभ उठा सकते हैं। अन्य विश्वविद्यालयों की इसी तरह की सोच हमें उद्योग के लिए कुशल कार्यबल के सपने को कल्पना से भी जल्दी साकार करने में मदद करेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यदि हम इंडस्ट्री 4.0 के लिए कुशल कार्यबल के संदर्भ में बात करें तो किन प्रमुख उद्योगों में किस कौशल की सबसे अधिक मांग है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : वर्तमान में डिजिटलीकरण, प्रौद्योगिकी की मदद से उद्योगों में क्रांति लाने पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है और इसमें सबसे अधिक चर्चा हो रही है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) की। विभिन्न क्षेत्रों में इन प्रौद्योगिकियों का व्यापक उपयोग उन्हें और अधिक मांग वाला बनाता है। कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में नए युग के कौशल जैसे मेटावर्स टेक्नोलॉजीज (एआर/वीआर), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, गेमिंग, क्लाउड टेक्नोलॉजी आदि की काफी मांग है। इस समय उद्योग में प्रवेश करने वाले स्टुडेंट्स को उनके साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। कोर</p>



<p class="wp-block-paragraph">इंजीनियरिंग क्षेत्रों में, ऑटोमोटिव डिजाइन, ई रिक्शा निर्माण, पारंपरिक और सीएनसी मशीन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, 5 एक्सिस, 7 एक्सिस, कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, 3डी डिजाइन, एंबेडेड सिस्टम और आईओटी, चिप फैब्रिकेशन, नवीकरणीय ऊर्जा अनुप्रयोग, औद्योगिक स्वचालन का ज्ञान, सौर विनिर्माण, स्मार्ट सिटी कौशल सबसे अधिक मांग वाले हैं। खेती की प्रक्रियाओं में भी भारी बदलाव आया है। ऐसे में जो स्टुडेंट्स पुरानी खेती के तरीकों में बदलाव लाना चाहते हैं, उन्हें कृषि, स्मार्ट कृषि, संरक्षित बागवानी, कमोडिटी और खाद्य भंडारण, खाद्य प्रसंस्करण आदि में ड्रोन का उपयोग सीखना होगा। इन भविष्यवादी कौशल और विशेषज्ञता के साथ ही स्टुडेंट्स इंडस्ट्री 4.0 के लिए तैयार हो पाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किसी विश्वविद्यालय के लिए सतत विकास लक्ष्य क्यों आवश्यक हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : हम सभी के पास एक ही ग्रह है और जिस तरह का जलवायु परिवर्तन, खतरनाक प्रदूषण स्तर और घटते संसाधनों से हमारा सामना हो रहा है, विश्वविद्यालयों के लिए सतत विकास लक्ष्यों पर काम करना और भी जरूरी हो गया है, क्योंकि इसी से धरती पर हमारा समय सुखद हो पाएगा। सेंचुरियन यूनिवर्सिटी में हम 17 में से 12 एसडीजी कार्यक्रमों पर काम कर रहे हैं जैसे गरीबी उन्मूलन, भुखमरी, अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ पानी, उद्योग नवाचार, जलवायु कार्रवाई, लक्ष्य के लिए साझेदारी आदि। हमारे बहु-आयामी दृष्टिकोण में सामाजिक पहल भी शामिल है जहां विविध प्रकार के मुद्दों पर काम किया जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सेंचुरियन विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा के बारे में बताएं। सीयूटीएम के स्टुडेंट्स अन्य विश्वविद्यालयों के पूर्व स्टुडेंट्स से कैसे अलग हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : सेंचुरियन विश्वविद्यालय की स्थापना लगभग 12 साल पहले हुई थी जब हमने ओडिशा के सुदूर जिले में एक असफल इंजीनियरिंग परिसर का अधिग्रहण किया था। उच्च शिक्षा के सिलसिले में वो अधिकांश स्टुडेंट्स के लिए पहला बैच था। उनके लिए सैद्धांतिक ज्ञान से कहीं अधिक पारंपरिक कक्षा शिक्षण दृष्टिकोण अनावश्यक था। तब हमने लाइव-प्रॉडक्शन के जरिये अभ्यास-उन्मुख प्रशिक्षण, एप्लाइड लर्निंग, एक्शन लर्निंग की शुरुआत की और इसने कौशल-एकीकृत उच्च शिक्षा की नींव रखी जहां हमने स्टुडेंट्स को साक्षरता और संख्यात्मकता से कहीं अधिक सिखाया। वे तकनीकी डोमेन कौशल, जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल और उद्यमिता कौशल भी सीख रहे हैं। हमारे कई परिसर उन स्टुडेंट्स की जरूरतों को पूरा करते हैं जो अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के समय तक उद्योग के लिए कुशल कार्यबल होना चाहते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सीयूटीएम 10वीं कक्षा स्टुडेंट्स को पीएचडी तक की शिक्षा के लिए लैटरल एंट्री ऑफर करता है। इस मॉडल में प्रवेश एवं निकास (पढ़ाई शुरू करने एवं पढ़ाई छोडऩे) के बहुविकल्प स्टुडेंट्स के लिए कितना हेल्पफुल हैं?</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रो. पटनायक : सीयूटीएम की स्थापना हाशिये पर रहने वाले वर्गों के स्टुडेंट्स को उद्योग एकीकृत शिक्षा प्रदान करने के लिए की गई थी। ऐसे स्टुडेंट्स को अक्सर धन की कमी या आजीविका के अभाव में पढ़ाई छोडऩी पड़ती है। आईटीआई सहित हमारे अल्पकालिक प्रमाणपत्र और डिप्लोमा पाठ्यक्रम 10वीं पास स्टुडेंट्स को उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं के अनुसार विकल्प चुनने में मदद करते हैं। ड्रॉपआउट्स स्टुडेंट्स के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल प्रवेश और निकास के बहुविकल्प उपलब्ध कराता है और यह विकल्प आधारित क्रेडिट प्रणाली उन्हें क्रेडिट जमा करने और अपनी गति से योग्यता अर्जित करने की सुविधा प्रदान करती है। आरपीएल और वर्क एकीकृत कार्यक्रमों से उन्हें आजीवन आय के अवसर मिलते हैं। इस प्रकार यहां स्टुडेंट्स डिग्री, मास्टर कोर्स और पीएचडी भी कर सकते हैं जो अपने स्वरूप में एक छोटा उद्यमी भी हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गोंडा : विश्वविद्यालय को लेकर बढ़ी सक्रियता, संगठनों ने जन प्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/gonda-increased-activism-regarding-the-university-organizations-submitted-memorandum-to-public-representatives-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Mar 2023 12:18:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[गोंडा]]></category>
		<category><![CDATA[gonda]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[increased activism]]></category>
		<category><![CDATA[organizations]]></category>
		<category><![CDATA[people&#039;s representatives]]></category>
		<category><![CDATA[submitted memorandum]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=338611</guid>

					<description><![CDATA[गोंडा। योगी सरकार की ओर से मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए धन आवंटन के बाद से विश्वविद्यालय को लेकर गोंडा व बलरामपुर के बीच तकरार बढ़ गई है। बलरामपुर जनपद के लोगों की ओर से विश्वविद्यालय को वहां बनाए जाने को लेकर आंदोलन शुरू होने के बाद स्थानीय जनपद ... <a title="गोंडा : विश्वविद्यालय को लेकर बढ़ी सक्रियता, संगठनों ने जन प्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/gonda-increased-activism-regarding-the-university-organizations-submitted-memorandum-to-public-representatives-news-in-hindi/" aria-label="Read more about गोंडा : विश्वविद्यालय को लेकर बढ़ी सक्रियता, संगठनों ने जन प्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1600" height="1184" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/28p8.jpg" alt="" class="wp-image-338615" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/28p8.jpg 1600w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/28p8-768x568.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/03/28p8-1536x1137.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">गोंडा। योगी सरकार की ओर से मंडल मुख्यालय पर मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए धन आवंटन के बाद से विश्वविद्यालय को लेकर गोंडा व बलरामपुर के बीच तकरार बढ़ गई है। बलरामपुर जनपद के लोगों की ओर से विश्वविद्यालय को वहां बनाए जाने को लेकर आंदोलन शुरू होने के बाद स्थानीय जनपद में भी विभिन्न संगठन सक्रिय हो गए हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर मंगलवार को जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने आए जिले के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को विभिन्न संगठनों ने विश्वविद्यालय को मंडल मुख्यालय पर स्थापित किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर गठित विश्वविद्यालय संघर्ष मोर्चा के विभिन्न पदाधिकारियों ने जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे प्रभारी मंत्री राजभर को ज्ञापन सौंपकर मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को मंडल मुख्यालय पर पूर्व से चयनित स्थल ग्राम पंचायत डोमा कल्पी में बनाए जाने को लेकर मांग की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मोर्चा के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के संबंध में विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह, विधायक कटरा बाजार बावन सिंह, कर्नलगंज के विधायक अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, कैसरगंज के सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह आदि को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में इंकलाब फाउंडेशन के अविनाश सिंह, परसपुर विकास मंच के अरुण कुमार सिंह, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के अनिल श्रीवास्तव, जसपाल सलूजा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पेंशनर कल्याण संस्था के केवी सिंह, डोमा कल्पी के प्रधान प्रतिनिधि अरविंद पांडेय, जिला पंचायत सदस्य परसपुर तृतीय के प्रतिनिधि राजेश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य साधु राम, कर्नलगंज क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ल, सालपुर धौताल के प्रधान प्रतिनिधि देवप्रयाग अवस्थी, अभय सिंह आदि ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मंडल मुख्यालय के डोमाकल्पी में विश्वविद्यालय की स्थापना कराए जाने की मांग की।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसी क्रम में मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना मंडल मुख्यालय पर कराए जाने के लिए संयुक्त अधिवक्ता महासंघ ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा। महासंघ के मंडल अध्यक्ष व बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अनुशासन समिति के सदस्य रवि प्रकाश पांडेय एडवोकेट ने कहा कि तत्कालीन मंडलायुक्त एसवीएस रंगाराव के प्रयास के बाद 2021 में ही परसपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत डोमाकल्पी में विश्वविद्यालय के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। समय. समय पर समाचार पत्रों के माध्यम से भी इस संबंध में आम जनता को जानकारी मिलती रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय की स्थापना कहीं अन्यत्र ना करके डोमाकल्पी में ही कराया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संघ के मंडल उपाध्यक्ष अजय विक्रम सिंह, वरिष्ठ मंडल महामंत्री, चंद्र प्रकाश तिवारी, मंडल महामंत्री, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, मनोज कुमार श्रीवास्तव, सुनील कुमार पांडेय, प्रकाश चंद श्रीवास्तव, विनय कुमार त्रिपाठी, शशि मोहन श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, अभिषेक उपाध्याय, अभिजीत तिवारी, दिनेश कुमार श्रीवास्तव, नागेंद्र कुमार शर्मा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, राजेश मिश्रा, अखंडानंद तिवारी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य कल्पी में शुरू कराए जाने की मांग की है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जौनपुर : मेधा का उपयोग समाज के लिए करें विश्वविद्यालय- राज्यपाल</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/jaunpur-university-should-use-medha-for-the-society-governor-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 13:13:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[जौनपुर]]></category>
		<category><![CDATA[Governor]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Jaunpur]]></category>
		<category><![CDATA[Medha]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[Utilization Society]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=327120</guid>

					<description><![CDATA[जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 26वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक पाने पर मेधावियों को 66 स्वर्ण पदक प्रदान किए। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र रहें। ... <a title="जौनपुर : मेधा का उपयोग समाज के लिए करें विश्वविद्यालय- राज्यपाल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/jaunpur-university-should-use-medha-for-the-society-governor-news-in-hindi/" aria-label="Read more about जौनपुर : मेधा का उपयोग समाज के लिए करें विश्वविद्यालय- राज्यपाल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/Screenshot_20230223-162757_WhatsApp.jpg" alt="" class="wp-image-327124" width="842" height="802"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 26वां दीक्षांत समारोह गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक पाने पर मेधावियों को 66 स्वर्ण पदक प्रदान किए। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र रहें। इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि देश में 65 फीसदी युवा जनसंख्या है। इसका अधिकतर भाग विश्वविद्यालय से होकर गुजरता है। युवाओं की मेधा का सकारात्मक उपयोग समाज के लिए विश्वविद्यालय को करना चाहिए। </p>



<p class="wp-block-paragraph">दहेज न लेने की छात्रों को दिलाई शपथ</p>



<p class="wp-block-paragraph">हमें विदेशों की नकल करने से अच्छा है युवाओं की सोच को विकसित कर उसका उपयोग देशहित में किया जाए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी यही चिंता रहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से युवकों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जब तक युवा स्वावलंबी नहीं बनेंगे तब तक देश आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। देश में वृद्धाश्रम की बढ़ती संख्या पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों, मां का सम्मान करना सीखों, क्योंकि बचपन में कितने कष्ट सहकर मां ने आपका पालन-पोषण किया है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/Screenshot_20230223-173800_WhatsApp-1.jpg" alt="" class="wp-image-327125" width="838" height="1478"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">66 विद्यार्थियों को दिया गोल्ड मेडल</p>



<p class="wp-block-paragraph">मां-पिता बुढ़ापे में आपसे दूर हो, शिक्षा का सही मायने यह नहीं है। उन्होंने आंगनबाड़ी की प्रशंसा करते हुए कहा कि मां का असली रूप वहां देखने को मिलता है, वहां 50-50 बच्चों को कार्यकर्ती कैसे संभालती हैं, हमें उनसे सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शोध की डिजाइन और प्रस्तुतीकरण वैश्विक स्तर का हो। उन्होंने स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए योग और मोटे अनाज का सेवन जरूरी है। इसकी जागरूकता के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय को योगदान देना होगा। </p>



<p class="wp-block-paragraph">30 बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार</p>



<p class="wp-block-paragraph">छोटे बच्चों को दीक्षांत में बुलाने का मतलब उनके आगे के स्वप्न को साकार करना है। जी-20 की सोच को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। समाज से दहेज की विकृति दूर करने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों को दहेज न लेने का संकल्प दिलाया। दीक्षांत उद्बोधन में मुख्य अतिथि महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान सेवा और जीवन मूल्यों का जो अर्जन विद्यार्थियों ने किया है उसे समाज और राष्ट्रहित में उपयोगी बनाएं। पर्यावरण पर चर्चा करते हुए कहा कि धरती रहेगी तभी मानव रहेगा, इसलिए धरती के संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए विश्वविद्यालय ज्ञान और शोध में इसे शामिल करें। युवाओं के बल पर ही देश आत्मनिर्भर बनेगा इसलिए उन्हें अपनी दक्षता दिखानी होगी।उन्होंने कहा कि आज का दौर उपभोक्तावाद और व्यक्तिवाद का दौर है जिसमें ‘सर्वे भवंतु सुखिन: सर्वे संतु निरामया:‘ का लक्ष्य विस्मृत होता जा रहा है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1600" height="1066" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230223-WA0151-1.jpg" alt="" class="wp-image-327126" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230223-WA0151-1.jpg 1600w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230223-WA0151-1-768x512.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/02/IMG-20230223-WA0151-1-1536x1023.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">युवाओं के बल पर देश आत्मनिर्भर बनेगा: प्रो. गिरीश्वर मिश्र</p>



<p class="wp-block-paragraph">‘अधिक से अधिक प्राप्त करो और अधिकाधिक उपभोग करो’ की जीवन शैली हमारी सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए घातक सिद्ध हो रही है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० निर्मला एस० मौर्य ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों के निरन्तर नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस अंचल में अवस्थित विश्वविद्यालय की अनेक भौगोलिक, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक विशिष्टताएँ हैं। यहाँ के विद्यार्थियों में असीम उत्साह एवं क्षमता है। उन्हें जीवन के प्रति आधुनिक विचारों के साथ नये-नये तकनीकी, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तनों से प्रशिक्षित करते हुए जीवन की ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">कुलपति ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को गिनाया</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को बिन्दुवार बताया। दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इसके पूर्व जल भरों कार्यक्रम जल भरो गीत के साथ किया गया। इस अवसर पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह सांसद श्याम सिंह यादव, कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय,, प्रो. बी. बी. तिवारी, एनएसएस समन्वयक डा. राज बहादुर यादव, रोवर्स रेंजर्स डा. जगदेव, प्रो. रजनीश भास्कर, डा. सुनील, कुमार डा. आशुतोष सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल,, बबिता सिंह, समेत आदि शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पुस्तक और गतिमान का हुआ लोकार्पण</p>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में भारतीय सामाजिक परिप्रेक्ष्य में नारी और गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्षभर की गतिविधियां स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। विमोचन अवसर पर पुस्तक की प्रधान संपादक कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य, डा. जाह्नवी श्रीवास्तव, गतिमान के प्रधान संपादक डॉ. मनोज मिश्र, सम्पादन मण्डल में प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नितेश जायसवाल और डॉ लक्ष्मी मौर्य रहें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार</p>



<p class="wp-block-paragraph">वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 30 बच्चों को स्कूल बैग, फल, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उज्ज्वल को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक</p>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाता है। वर्ष 2022 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर उज्ज्वल कुमार को यह पदक मिला।.</p>



<p class="wp-block-paragraph">66 मेधावियों को स्वर्ण पदक</p>



<p class="wp-block-paragraph">वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 26 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 65 मेधावियों को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 66 स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्नातक स्तर पर 18 एवं परास्नातक स्तर पर 48 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला.</p>



<p class="wp-block-paragraph">307 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि</p>



<p class="wp-block-paragraph">दीक्षांत समारोह में 307 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि मिली. जिसमें 178 कला संकाय में, विज्ञान संकाय में 17,कृषि संकाय में 09, शिक्षा संकाय में 66, विधि संकाय में 09,इंजीनियरिंग संकाय में 04,वाणिज्य संकाय में 15,प्रबंध संकाय में 06,अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय में 03 शोधार्थियों को उपाधि मिली.</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्वास्थ्य केंद्र का किया राज्यपाल ने लोकार्पण</p>



<p class="wp-block-paragraph">विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र का माननीय राज्यपाल श्री आनंदीबेन पटेल ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की दवा की उपलब्धता पर ध्यान दें। इस अवसर पर कुलपति, सीएमओ समेत डाक्टर और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रेरणा कोचिंग की राज्यपाल ने की सराहना</p>



<p class="wp-block-paragraph">वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा चलाए गए प्रेरणा कोचिंग सेंटर की माननीय राज्यपाल श्री आनंदीबेन पटेल ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे का झुकाव स्कूल की तरफ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सब काम नहीं कर सकती इस तरह के छोटे – छोटे प्रयास से ही देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा। इस कोचिंग के समन्वयक डा. राजकुमार हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मिर्जापुर : विंध्याचल मंडल वासियों को जल्द मिलेगा राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय की सौगात</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/mirzapur-vindhyachal-mandal-residents-will-soon-get-the-gift-of-state-level-university-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Jan 2023 08:23:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मीरजापुर]]></category>
		<category><![CDATA[gift]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Mirzapur.]]></category>
		<category><![CDATA[Residents]]></category>
		<category><![CDATA[State Level]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[​​Vindhyachal Mandal]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dainikbhaskarup.com/?p=314115</guid>

					<description><![CDATA[विमलेश अग्रहरि, मिर्जापुर । विंध्याचल मंडलवासियों को जल्द ही राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय की सौगात मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण एवं बाट-माप मंत्री आशीष पटेल ने विंध्याचल मंडल जैसे अति पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र ... <a title="मिर्जापुर : विंध्याचल मंडल वासियों को जल्द मिलेगा राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय की सौगात" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/mirzapur-vindhyachal-mandal-residents-will-soon-get-the-gift-of-state-level-university-news-in-hindi/" aria-label="Read more about मिर्जापुर : विंध्याचल मंडल वासियों को जल्द मिलेगा राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय की सौगात">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230117-WA0016.jpg" alt="" class="wp-image-314119" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230117-WA0016.jpg 1024w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230117-WA0016-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">विमलेश अग्रहरि, मिर्जापुर । विंध्याचल मंडलवासियों को जल्द ही राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय की सौगात मिलने जा रही है। उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण एवं बाट-माप मंत्री आशीष पटेल ने विंध्याचल मंडल जैसे अति पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय जी से मुलाकात की एवं विंध्याचल मंडल के मुख्यालय जनपद मीरजापुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु अग्रिम कार्यवाही करने का अनुरोध किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से की मुलाकात</p>



<p class="wp-block-paragraph">श्री आशीष पटेल का कहना है कि विंध्याचल मंडल अनुसूचित जाति/जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है। विंध्याचल मंडल में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना न होने से क्षेत्रीय गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में भारी कठिनाई हो रही है। श्री पटेल ने कहा कि जनपद मीरजापुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु जमीन चिन्हि्त की जा चुकी है। अत: जनहित में विंध्याचल मंडल के मुख्यालय जनपद मीरजापुर में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु अग्रिम कार्यवाही कराने की कृपा करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण हेतु जमीन चिन्हि्त हो चुकी है, अग्रिम कार्यवाही का अनुरोध</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल के विशेष प्रयास से विंध्याचल मंडल में तेजी से विकास हो रहा है। यहां पर स्वास्थ्य, शिक्षा एवं परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ किया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 
Lazy Loading (feed)

Served from: dainikbhaskarup.com @ 2026-06-13 02:56:59 by W3 Total Cache
-->