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		<title>कतर की अदालत ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को सुनाई फांसी की सजा, फैसले से भारत सरकार हैरान</title>
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		<pubDate>Thu, 26 Oct 2023 12:10:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दोहा । कतर की एक अदालत ने भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई है। ये एक साल से कतर की अलग-अलग जेलों में कैद हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने इस पर हैरानी जाहिर की है। उन्हें छुड़ाने के लिए कानूनी रास्ते खोजे जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय की ... <a title="कतर की अदालत ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को सुनाई फांसी की सजा, फैसले से भारत सरकार हैरान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/qatar-court-sentenced-death-sentence-to-8-former-indian-marines-indian-government-surprised-by-the-decision-news-in-hindi/" aria-label="Read more about कतर की अदालत ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को सुनाई फांसी की सजा, फैसले से भारत सरकार हैरान">Read more</a>]]></description>
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<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1200" height="720" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-643.png" alt="" class="wp-image-415146" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-643.png 1200w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/10/image-643-768x461.png 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">दोहा । कतर की एक अदालत ने भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई है। ये एक साल से कतर की अलग-अलग जेलों में कैद हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने इस पर हैरानी जाहिर की है। उन्हें छुड़ाने के लिए कानूनी रास्ते खोजे जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा है कि हम जजमेंट की डिटेलिंग का इंतजार कर रहे हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कतर सरकार ने 8 भारतीयों पर लगे आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है। कतर में जिन 8 पूर्व नौसेना अफसरों को मौत की सजा दी गई है उनके नाम हैं- कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टेन सौरभ वशिष्ठ, कैप्टेन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी, कमांडर सुग्नाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश।</p>



<p class="wp-block-paragraph">एक महीने तक परिवार और सरकार को गिरफ्तारी की जानकारी ही नहीं थी</p>



<p class="wp-block-paragraph">कतर की इंटेलिजेंस एजेंसी के स्टेट सिक्योरिटी ब्यूरो ने इंडियन नेवी के 8 पूर्व अफसरों को 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया। हालांकि भारतीय दूतावास को सितंबर के मध्य में पहली बार इनकी गिरफ्तारी के बारे में बताया गया। 30 सितंबर को इन भारतीयों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी देर के लिए टेलीफोन पर बात करने की अनुमति दी गई। पहली बार कॉन्सुलर एक्सेस 3 अक्टूबर को गिरफ्तारी के एक महीने बाद मिला। इस दौरान भारतीय दूतावास के एक अधिकारी को इनसे मिलने दिया गया। इसके बाद इन लोगों को हर हफ्ते परिवार के सदस्यों को फोन करने की अनुमति दी गई। दूसरा कॉन्सुलर एक्सेस दिसंबर में दिया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कतर के नौसैनिकों को ट्रेनिंग देने वाली कंपनी के लिए काम करते थे</p>



<p class="wp-block-paragraph">भारत के 8 पूर्व नौसैनिक कतर में दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी नाम की निजी कंपनी में काम करते थे।दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी डिफेंस सर्विस प्रोवाइड करती है। ओमान एयरफोर्स के रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खमिस अल अजमी इसके प्रमुख हैं। उन्हें भी 8 भारतीय नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया गया था, लेकिन नवंबर में उन्हें छोड़ दिया गया। यह कंपनी कतर की नौसेना यानी QENF को ट्रेनिंग और दूसरी सर्विस प्रदान करती है। कंपनी खुद को डिफेंस इक्विपमेंट्स को चलाने और उनकी रिपेयरिंग व मेंटेनेंस का एक्सपर्ट बताती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस वेबसाइट पर कंपनी के सीनियर अधिकारियों और उनके पद की पूरी जानकारी दी गई है। हालांकि 8 भारतीयों की गिरफ्तारी के बाद से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी की वेबसाइट अब मौजूद नहीं है। नई वेबसाइट में कंपनी का नाम दाहरा ग्लोबल है। इसमें कंपनी से QENF का कोई कनेक्शन नहीं दिखाया गया है, न ही नेवी के पूर्व अफसरों का जिक्र है, जो कंपनी में लीडरशिप रोल में थे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जेल में बंद कमांडर पूर्णेन्दु को कतर में प्रवासी भारतीय सम्मान मिल चुका</p>



<p class="wp-block-paragraph">दाहरा कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर रिटायर्ड कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी को भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में उनकी सेवाओं के लिए साल 2019 में प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार मिला था। वह यह पुरस्कार पाने वाले आर्म्ड फोर्सेज के एकमात्र शख्स हैं। उस वक्त दोहा में तब के भारतीय राजदूत पी कुमारन और कतर डिफेंस फोर्सेज इंटरनेशनल मिलिट्री कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रमुख ने भी पूर्णेन्दु का स्वागत किया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जासूसी के दोषी पाए जाने की आशंका</p>



<p class="wp-block-paragraph">कतर सरकार ने 8 भारतीयों पर लगे आरोपों को अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि सॉलिटरी कन्फाइनमेंट में भेजे जाने से यह चर्चा है कि उन्हें सुरक्षा संबंधी अपराध के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">स्&#x200d;थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी इजराइल के लिए उनके देश की जासूसी कर रहे थे। हालांकि इसमें भी कोई तथ्य पेश नहीं किया गया है। यह पूछे जाने पर कि उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस साल जनवरी में अपनी वीकली ब्रीफिंग में कहा था कि यह सवाल कतर के अधिकारियों से पूछा जाना चाहिए।</p>
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		<title>इस्लामाबाद हाईकोर्ट का फैसला : तोशाखाना केस में पूर्व PM इमरान खान होंगे रिहा</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/islamabad-high-court-verdict-former-pm-imran-khan-to-be-released-in-toshakhana-case-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 29 Aug 2023 09:42:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[इस्लामाबाद । तोशाखाना केस में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। इमरान के वकील बाबर अवान ने कहा- कोर्ट के फैसले के साथ खान फिर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चेयरमैन बन गए हैं। खान को 5 अगस्त को 3 साल ... <a title="इस्लामाबाद हाईकोर्ट का फैसला : तोशाखाना केस में पूर्व PM इमरान खान होंगे रिहा" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/islamabad-high-court-verdict-former-pm-imran-khan-to-be-released-in-toshakhana-case-news-in-hindi/" aria-label="Read more about इस्लामाबाद हाईकोर्ट का फैसला : तोशाखाना केस में पूर्व PM इमरान खान होंगे रिहा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/2022_4image_11_40_553525528imrankhan1.jpg" alt="" class="wp-image-391362" width="843" height="553" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">इस्लामाबाद । तोशाखाना केस में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। इमरान के वकील बाबर अवान ने कहा- कोर्ट के फैसले के साथ खान फिर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चेयरमैन बन गए हैं। खान को 5 अगस्त को 3 साल की सजा सुनाई गई थी और वो इस वक्त अटक जिले की जेल में कैद हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">खान के वकीलों ने कोर्ट से अपील की है कि जेल से बाहर आने पर उन्हें किसी दूसरे केस में गिरफ्तार न किया जाए। खान के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और इनमें से दो केस ऐसे हैं, जिनमें जांच एजेंसियां उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती हैं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) और नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की टीमें उनका इंतजार कर रही हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/imran-khan-in-jail_64d2035178722.jpg" alt="" class="wp-image-391364" width="839" height="471" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/imran-khan-in-jail_64d2035178722.jpg 802w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/imran-khan-in-jail_64d2035178722-768x431.jpg 768w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2023/08/imran-khan-in-jail_64d2035178722-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 839px) 100vw, 839px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">इन दो मामलों में गिरफ्तारी तय</p>



<p class="wp-block-paragraph">FIA को सीक्रेट लेटर चोरी (साइफर गेट स्कैंडल) और NAB को 9 मई को हुई हिंसा मामले में खान से पूछताछ करनी है। खास बात ये है कि NAB खान को 90 दिन तक पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में रख सकती है। इस दौरान उन्हें सुप्रीम कोर्ट समेत कोई अदालत जमानत भी नहीं दे सकेगी। राहत सिर्फ ये रहेगी कि खान को जेल के बजाय जांच एजेंसी के हेडक्वार्टर के कमरे में रखा जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब तोशाखाना केस को तफ्सील से समझिए</p>



<p class="wp-block-paragraph">चुनाव आयोग के सामने पिछली सत्ताधारी सरकार पाकिस्तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) ने तोशाखाना गिफ्ट मामला उठाया था। कहा था कि इमरान ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न देशों से मिले गिफ्ट को बेच दिया था। इमरान ने चुनाव आयोग को बताया था कि उन्होंने तोशाखाने से इन सभी गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था, बेचने पर उन्हें 5.8 करोड़ रुपए मिले थे। बाद में खुलासा हुआ कि यह रकम 20 करोड़ से ज्यादा थी। करीब दो साल पहले अबरार खालिद नाम के एक पाकिस्तानी शख्स ने इन्फॉर्मेशन कमीशन में एक अर्जी दायर की थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कहा- इमरान को दूसरे देशों से मिले गिफ्ट्स की जानकारी दी जाए। जवाब मिला- गिफ्ट्स की जानकारी नहीं दी जा सकती। खालिद भी जिद्दी निकले। उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान से पूछा था- आप तोहफों की जानकारी क्यों नहीं देते? इस पर खान के वकील का जवाब था- इससे मुल्क की सलामती यानी सुरक्षा को खतरा है। दूसरे देशों से रिश्ते खराब हो सकते हैं। इसलिए अवाम को दूसरे देशों से मिले तोहफों की जानकारी नहीं दे सकते।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पत्नी बुशरा भी आरोपी</p>



<p class="wp-block-paragraph">तोशाखाना केस दो तरह से चल रहा है। इसमें इमरान की सुनवाई अदालत में हो रही है। इसके अलावा उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एंटी करप्शन एजेंसी पूछताछ के लिए बुला रही है, क्योंकि तोशाखाना के करोड़ों रुपए के तोहफे बुशरा ने ही बेचने के लिए दिए थे। बुशरा बीबी को भी जांच एजेंसी के सामने पेश होना है। अब तक कुल 13 बार बुशरा को जांच एजेंसी ने पेश होने के लिए नोटिस दिया है, लेकिन वो एक भी बार पेश नहीं हुईं। इसके बाद जांच एजेंसी ने अखबारों में एक इश्तिहार निकलवाया और कहा कि अगर बुशरा बीबी पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद इमरान ने एक पिटीशन लाहौर हाईकोर्ट में दायर की थी। कहा- मेरी पत्नी घरेलू महिला हैं और उनका सियासत से कोई ताल्लुक नहीं है। लिहाजा, उन्हें पूछताछ से राहत दी जाए। दूसरी तरफ, इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान के खिलाफ बेहद पुख्ता सबूत हैं और यही वजह है कि वो किसी न किसी बहाने से सुनवाई को लंबे वक्त तक लटकाना चाहते हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>CJI यूयू ललित से हिजाब विवाद ने लगाई न्याय की गुहार, अब सुनाएंगे अपना फैसला</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/hijab-controversy-appealed-to-cji-uu-lalit-for-justice-now-he-will-give-his-verdict-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Oct 2022 06:01:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[हिजाब पर बैन सही है या गलत, इस पर फैसला अब CJI यूयू ललित करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जब गुरुवार को फैसला सुनाया तो दो जजों की बेंच की इस मामले पर राय अलग-अलग थी। 10 दिनों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के 3 पहलू जस्टिस ... <a title="CJI यूयू ललित से हिजाब विवाद ने लगाई न्याय की गुहार, अब सुनाएंगे अपना फैसला" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/hijab-controversy-appealed-to-cji-uu-lalit-for-justice-now-he-will-give-his-verdict-news-in-hindi/" aria-label="Read more about CJI यूयू ललित से हिजाब विवाद ने लगाई न्याय की गुहार, अब सुनाएंगे अपना फैसला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/10/oooo-1.jpg" alt="" class="wp-image-280505" width="842" height="474" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/10/oooo-1.jpg 696w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/10/oooo-1-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 842px) 100vw, 842px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">हिजाब पर बैन सही है या गलत, इस पर फैसला अब CJI यूयू ललित करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जब गुरुवार को फैसला सुनाया तो दो जजों की बेंच की इस मामले पर राय अलग-अलग थी। 10 दिनों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के 3 पहलू</p>



<p class="wp-block-paragraph">जस्टिस धूलिया का फैसला: मेरे दिमाग में सबसे बड़ा सवाल बच्चियों की शिक्षा का है। मेरी नजर में यह चयन का मामला है। न तो इससे ज्यादा कुछ और न इससे कम। मेरा नजरिया अलग है और मैं इन याचिकाओं को मंजूरी देता हूं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जस्टिस गुप्ता का फैसला: जस्टिस गुप्ता ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले से सहमति जताई और इस फैसले के िखलाफ याचिका दाखिल करनेवाले से 11 सवाल पूछे। इसके बाद उन्होंने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि हमारे विचारों में भिन्नता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">नतीजा क्या निकला?</p>



<p class="wp-block-paragraph">जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि यह मामला CJI को भेजा जा रहा है ताकि वे उचित निर्देश दे सकें। याचिकाकर्ता के वकील एजाज मकबूल ने कहा कि अब CJI यह तय करेंगे कि इस मामले पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच गठित की जाए या फिर कोई और बेंच।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की दलील थी कि छात्राएं स्टूडेंट्स के साथ भारत के नागरिक भी हैं। ऐसे में ड्रेस कोड का नियम लागू करना उनके संवैधानिक अधिकार का हनन होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती</p>



<p class="wp-block-paragraph">सुप्रीम कोर्ट में हिजाब विवाद पर कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 23 याचिकाएं दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को देखे बिना हिजाब बैन पर फैसला सुना दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट राजीव धवन, दुष्यंत दवे, संजय हेगड़े और कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा तो सरकार की ओर से सॉलिसटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट में पेश हुए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">HC का फैसला- हिजाब पहनना अनिवार्य नहीं</p>



<p class="wp-block-paragraph">15 मार्च को कर्नाटक हाईकोर्ट ने उडुपी के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्राओं की तरफ से क्लास में हिजाब पहनने की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की जरूरी प्रैक्टिस का हिस्सा नहीं है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसे संविधान के आर्टिकल 25 के तहत संरक्षण देने की जरूरत नहीं है। कोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए कुछ लड़कियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई हो रही है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उडुपी से शुरू हुआ था विवाद</p>



<p class="wp-block-paragraph">कर्नाटक में हिजाब विवाद जनवरी के शुरुआत में उडुपी के ही एक सरकारी कॉलेज से शुरू हुआ था, जहां मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर आने से रोका गया था। स्कूल मैनेजमेंट ने इसे यूनिफॉर्म कोड के खिलाफ बताया था। इसके बाद दूसरे शहरों में भी यह विवाद फैल गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुस्लिम लड़कियां इसका विरोध कर रही हैं, जिसके खिलाफ हिंदू संगठनों से जुड़े युवकों ने भी भगवा शॉल पहनकर जवाबी विरोध शुरू कर दिया था। एक कॉलेज में यह विरोध हिंसक झड़प में बदल गया था, जहां पुलिस को सिचुएशन कंट्रोल करने के लिए टियर गैस छोड़नी पड़ी थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर को हिजाब बैन पर फैसला सुरक्षित रख लिया। कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर लगातार 10 दिन से सुनवाई चली। सुनवाई के शुरुआती 6 दिन मुस्लिम पक्ष की दलीलों के बाद कर्नाटक सरकार ने अपना पक्ष रखा। इसमें हिंदू, सिख, ईसाई प्रतीकों को पहनकर आने की तरह ही हिजाब को भी परमिशन दिए जाने की मांग की गई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कर्नाटक हिजाब विवाद पर 5वे दिन सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धुलिया की बेंच में सुनवाई हुई। इसमें सीनियर एडवोकेट राजीव धवन और हुजेफा अहमदी ने पक्ष रखा।अहमदी ने कहा कि लड़कियां मदरसा छोड़कर स्कूल में पढ़ने आई थी, लेकिन अगर आप हिजाब बैन कर देंगे तो फिर मजबूर होकर मदरसा चली जाएंगी। इस पर जस्टिस धुलिया ने कहा है कि ये कैसी दलील है?</p>



<p class="wp-block-paragraph">कर्नाटक हिजाब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धुलिया की बेंच में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार ने कहा था कि कुरान का हर शब्द धार्मिक है, लेकिन उसे मानना अनिवार्य नहीं है। राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने गौकशी पर कोर्ट के फैसले का हवाला दिया था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कर्नाटक हिजाब विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धुलिया की बेंच में सुनवाई हुई थी। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ड्रेस कोड लागू करने का मतलब है कि आप लड़कियों को कॉलेज जाने से रोक रहे हैं। इस पर जस्टिस गुप्ता ने कहा था कि पब्लिक प्लेस पर ड्रेस कोड लागू होता ही है। पिछले दिनों ही एक महिला वकील सुप्रीम कोर्ट में जींस पहनकर आ गईं, उन्हें तुरंत मना किया गया। उसी तरह गोल्फ कोर्स का भी अपना ड्रेस कोड है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मुस्लिम लड़कियां स्कूल-कॉलेज में हिजाब पहन सकती हैं या नहीं, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 6 दिन जबर्दस्त बहस हुई थी। करीब 19 घंटे की पूरी जिरह को हमने पढ़ा और समझा। इस बहस में तिलक, पगड़ी और क्रॉस का भी जिक्र आया था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दिल्लीवासियों को लगा झटका, केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने पावर सप्लाई पर लिया ये फैसला</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/shock-to-delhiites-union-power-ministry-took-this-decision-on-power-supply-news-in-hindi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Mar 2022 10:04:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दिल्ली में इन दिनों पारा काफी हाई है। मौसम की इस मार के बीच दिल्लीवासियों को एक और बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल बिजली को लेकर दिल्लीवासियों की मुश्किल बढ़ सकती है। केंद्र सरकार (Central Govt) ने बुधवार को एनटीपीसी (NTPC) के दादरी स्टेशन-II पावर स्टेशन की पूरी 728 मेगावाट क्षमता 1 अप्रैल से ... <a title="दिल्लीवासियों को लगा झटका, केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने पावर सप्लाई पर लिया ये फैसला" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/shock-to-delhiites-union-power-ministry-took-this-decision-on-power-supply-news-in-hindi/" aria-label="Read more about दिल्लीवासियों को लगा झटका, केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने पावर सप्लाई पर लिया ये फैसला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="1600" height="1600" src="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2022/03/power-ministry.jpg" alt="" class="wp-image-184135" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली में इन दिनों पारा काफी हाई है। मौसम की इस मार के बीच दिल्लीवासियों को एक और बड़ा झटका लगने वाला है। दरअसल बिजली को लेकर दिल्लीवासियों की मुश्किल बढ़ सकती है। केंद्र सरकार (Central Govt) ने बुधवार को एनटीपीसी (NTPC) के दादरी स्टेशन-II पावर स्टेशन की पूरी 728 मेगावाट क्षमता 1 अप्रैल से हरियाणा (Haryana) को आवंटित कर दी है। ऐसे में दिल्ली में बिजली गुल (Delhi Power Cut) होने का खतरा गंभीर हो गया है। बेतहाशा गर्मी के बीच बिजली की किल्लत लोगों की परेशानियां बढ़ा सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">दरअसल राजधानी में बिजली की इतनी बड़ी क्षमता का अचानक नुकसान बिजली संकट का बड़ा कारण बन सकता है। राजधानी दिल्ली को सबसे अधिक बिजली एनटीपीसी दादरी-2 (728 मेगावॉट) से मिलती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली की बिजली अब हरियाणा में करेगी रौशनी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन की ओर से जुलाई 2015 में लिखे एक पत्र का हवाला देते हुए 1 अप्रैल से दादरी में एक राष्ट्रीय थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) संयंत्र से दिल्ली को आवंटित 728 मेगावाट (मेगावाट) बिजली को पड़ोसी हरियाणा में बदलने का फैसला किया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली में रहेगा कुछ दिन अंधेराकायम</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि बीते दिन यानी 29 मार्च को दिल्ली में सबसे ज्यादा बिजली की मांग 4,332 मेगावाट थी और इस गर्मी में 8,000 मेगावाट को पार करने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं पिछले साल की बात करें तो राजधानी में बिजली की सबसे ज्यादा मांग 7,323 मेगावाट थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मंत्री ने नही दी इस बात पर कोई प्रतिक्रिया</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">अब तक इस फैसले पर मंत्री जैन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दिल्ली में बिजली उपयोगिताओं (Utilities) ने कहा कि बिजली मंत्रालय का संचार गलत था। वहीं दिल्ली में बिजली विभाग का कहना है कि केंद्र का यह आदेश गलत है। दिल्ली सरकार का कहना है कि केवल दादरी 1 प्लांट की 750 मेगावॉट बिजली को छोड़ने का फैसला किया गया है। हालांकि दादरी II पावर प्लांट से बिजली की जरूरत हमेशा बनी रहेगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>फ्लोर टेस्ट से पहले फडणवीस का सरेंडर, डिप्टी CM अजित पवार ने बाद खुद भी छोड़ा मैदान</title>
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		<pubDate>Tue, 26 Nov 2019 10:37:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[महाराष्ट्र में पल-पल बदल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ख़ुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के मीडिया को सम्बोधित किया। 2-4 मिनट के संबोधन के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया। फडणवीस ने कहा कि जनता ने गठबंधन को बहुमत दिया लेकिन शिवसेना ऐसी बात पर अड़ी रही, जिसकी कोई बात ही ... <a title="फ्लोर टेस्ट से पहले फडणवीस का सरेंडर, डिप्टी CM अजित पवार ने बाद खुद भी छोड़ा मैदान" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/dangal-in-maharashtra-chief-minister-devendra-fadnavis-resigns-after-deputy-cm-ajit-pawar-news/" aria-label="Read more about फ्लोर टेस्ट से पहले फडणवीस का सरेंडर, डिप्टी CM अजित पवार ने बाद खुद भी छोड़ा मैदान">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-42251" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/देवेन्द्र-फडणवीस-ने-दिया-इस्तीफाjpg.jpg" alt="" width="800" height="445" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/देवेन्द्र-फडणवीस-ने-दिया-इस्तीफाjpg.jpg 800w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/देवेन्द्र-फडणवीस-ने-दिया-इस्तीफाjpg-300x167.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/देवेन्द्र-फडणवीस-ने-दिया-इस्तीफाjpg-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p>महाराष्ट्र में पल-पल बदल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ख़ुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के मीडिया को सम्बोधित किया। 2-4 मिनट के संबोधन के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया।</p>
<p>फडणवीस ने कहा कि जनता ने गठबंधन को बहुमत दिया लेकिन शिवसेना ऐसी बात पर अड़ी रही, जिसकी कोई बात ही नहीं हुई थी। शिवसेना को लगा कि उसके पास संख्या बल इतना है, जिससे वो मोलभाव कर सके। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव के पहले और बाद में हर इंटरव्यू में बताया कि भाजपा का सीएम होगा। फडणवीस ने कहा कि भाजपा का ये मत था कि जो तय नहीं हुआ, वो नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना ने भाजपा के बजाय एनसीपी से बात शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मातोश्री से न निकलने वाले लोग वहाँ से बाहर जाकर होटलों में बातचीत कर रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संख्या बल न होने के कारण राज्यपाल के बुलावे के बावजूद भाजपा ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया क्योंकि संख्याबल नहीं था। इसके बाद शिवसेना को आमंत्रित किया गया लेकिन उन्होंने ज्यादा समय माँगा। एनसीपी ने भी कुछ ऐसा ही किया। उन्होंने कहा कि तीन ऐसी पार्टियाँ साथ आ गई हैं, जिनकी विचारधारा में कोई मेल नहीं है। उनका ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ एक ही था- भाजपा को सत्ता से बाहर रखना। उनके पास इसके अलावा कोई प्रोग्राम नहीं था। देवेंद्र फडणवीस ने कहा-</p>
<blockquote class="wp-block-quote"><p>“एनसीपी के कुछ नेता हमारे साथ चर्चा में आएँ और उन्होंने हमे समर्थन पत्र दिया, जिसके आधार पर हमने सरकार बनाई। अब हमारे पास बहुमत नहीं है। अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया है। हम भी कोई हॉर्स ट्रेडिंग नहीं करेंगे और मैं भी इस्तीफा दूँगा। “</p></blockquote>
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<p>इससे पहले उप-मुख्यमंत्री अजित पवार की इस्तीफे की ख़बर आई। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि उन्हें मीडिया के के माध्यम से ये बातें पता चली हैं और वो पूरी जानकारी लेने के बाद ही इसपर टिप्पणी करेंगे। हालाँकि, अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने अपने पिता के इस्तीफे की ख़बरों को नकार दिया।</p>
<p>संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चैंबर में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की। भाजपा नेता राम माधव ने ग्रैंड हयात होटल में एनसीपी, शिवसेना और भाजपा के शक्ति प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि बहुमत होटलों में या अन्य जगहों पर नहीं बल्कि सदन के फ्लोर पर साबित किया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा बहुमत साबित कर देगी और इसे लेकर वो आश्वस्त हैं। उधर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि अजित पवार अपने गुट के विधायक लेकर आएँगे और भाजपा आसानी से बहुमत साबित कर देगी।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि देवेंद्र फडणवीस बुधवार (नवंबर 27, 2019) को सदन में बहुमत साबित करें। साथ ही पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने का भी आदेश दिया गया है। शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि उनकी पार्टी 30 मिनट के भीतर बहुमत साबित कर के दिखा देगी।</p>
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		<title>महाराष्‍ट्र में महा दंगल : अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, फडणवीस भी देंगे इस्तीफा !</title>
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		<pubDate>Tue, 26 Nov 2019 09:43:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[\ महाराष्ट्र की राजनीति में उठा-पटक अब फिर से चालू हो गई है। हाल ही में शपथ लेकर उप-मुख्यमंत्री पद संभालने वाले NCP नेता अजित पवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है उनकी पार्टी के नेता काफी समय से उन पर इस फैसले को लेने का दबाव बना रहे ... <a title="महाराष्‍ट्र में महा दंगल : अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, फडणवीस भी देंगे इस्तीफा !" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/maha-dangal-in-maharashtra-ajit-pawar-resigns-as-deputy-chief-minister-fadnavis-will-also-resign-news/" aria-label="Read more about महाराष्‍ट्र में महा दंगल : अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, फडणवीस भी देंगे इस्तीफा !">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><img loading="lazy" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-42240" src="http://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/ajit-pawar_201911127143.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/ajit-pawar_201911127143.jpg 800w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/ajit-pawar_201911127143-300x225.jpg 300w, https://dainikbhaskarup.com/wp-content/uploads/2019/11/ajit-pawar_201911127143-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" />\</p>
<p>महाराष्ट्र की राजनीति में उठा-पटक अब फिर से चालू हो गई है। हाल ही में शपथ लेकर उप-मुख्यमंत्री पद संभालने वाले NCP नेता अजित पवार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है उनकी पार्टी के नेता काफी समय से उन पर इस फैसले को लेने का दबाव बना रहे थे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="mr" dir="ltr">अजित पवारांचा उपमुख्यमंत्रीपदाचा राजीनामा&#8230;<a href="https://twitter.com/hashtag/AjitPawar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#AjitPawar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MaharashtraCrisis?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#MaharashtraCrisis</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/MaharashtraPoliticalDrama?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#MaharashtraPoliticalDrama</a> <a href="https://t.co/hkrjvRIooT">pic.twitter.com/hkrjvRIooT</a></p>
<p>&mdash; LoksattaLive (@LoksattaLive) <a href="https://twitter.com/LoksattaLive/status/1199251198819393541?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">November 26, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>ताजा जानकारी के अनुसार उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस को अपना इस्तीफा सौंपा है। इसके अलावा देवेंद्र फडणवीस भी दोपहर 3:30 बजे मीडिया से बात करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इस दौरान खुद देवेंद्र फडणवीस पद से इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। बता दें कि आज सुबह से ही अजित पवार को लेकर कयास लगने लगे थे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Jayant Patil, NCP: It&#39;s you from whom I have come to know about the resignation of Ajit Pawar. I don&#39;t know about it, I would like to make a comment on it only after getting to know everything about it. <a href="https://twitter.com/hashtag/Maharashtra?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#Maharashtra</a> <a href="https://t.co/RAWpT1raNS">pic.twitter.com/RAWpT1raNS</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1199255171315847168?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">November 26, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>इससे पहले के घटनाक्रम को देखें तो महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और एनसीपी के अजित पवार अपनी पार्टी से बगावत कर के उप-मुख्यमंत्री बने। अजित को मनाने के लिए शरद पवार ने अपने विश्वस्त क्षत्रपों को भेजा लेकिन सब नाकाम हुए। अजित पवार ने सोशल मीडिया पर मिल रही बधाइयों का जवाब देते हुए सबका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पूरे 5 साल सरकार चलेगी। हालाँकि, एनसीपी ने उन्हें विधायक दल का नेता पद से तो हटा दिया है लेकिन पार्टी से नहीं निकाला है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>कठुआ रेप और हत्या कांड : पुजारी समेत 6 आरोपी दोषी करार, 1 बरी</title>
		<link>https://dainikbhaskarup.com/kachua-rape-and-murder-case-6-accused-including-priest-convicted-1-acquitted-news/</link>
		
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		<pubDate>Mon, 10 Jun 2019 07:02:42 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[फांसी]]></category>
		<category><![CDATA[फैसला]]></category>
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					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में आज पठानकोट कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पुजारी समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया। जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट सोमवार को 7 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रही है। दोपहर ... <a title="कठुआ रेप और हत्या कांड : पुजारी समेत 6 आरोपी दोषी करार, 1 बरी" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/kachua-rape-and-murder-case-6-accused-including-priest-convicted-1-acquitted-news/" aria-label="Read more about कठुआ रेप और हत्या कांड : पुजारी समेत 6 आरोपी दोषी करार, 1 बरी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1 class="secArticleTitle"><img decoding="async" src="https://images.hindi.news18.com/ibnkhabar/uploads/2019/06/Untitled-29.jpg" /></h1>
<p>जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में आज पठानकोट कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पुजारी समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया। जबकि एक आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट सोमवार को 7 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई कर रही है। दोपहर 2 बजे दोषियों को सजा सुनाई जा सकती है। अदालत ने ग्राम प्रधान सांजी राम, परवेश कुमार, दो विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया, सुरेंद्र वर्मा, हेड कांस्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को दोषी ठहराया है। पीड़िता परिवार के वकील एडवोकेट मुबीन फारूकी ने कहा, &#8216;पठानकोट अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए व्यक्तियों में सांजी राम, आनंद दत्ता, परवेश कुमार, दीपक खजुरिया, सुरेंद्र वर्मा और तिलक राज हैं। विशाल पर फैसला आना बाकी है।&#8217; फैसले के मद्देनजर काठुआ में सुरक्षा बढ़ाई गई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Kathua rape &amp; murder case: &quot;Persons convicted by Pathankot court are Sanji Ram, Anand Dutta, Parvesh Kumar, Deepak Khajuria, Surender Verma and Tilak Raj. Verdict yet to come on Vishal,&quot; says Advocate Mubeen Farooqui, representing victim&#39;s family. (original tweet will be deleted) <a href="https://t.co/Z2fmGydfi9">pic.twitter.com/Z2fmGydfi9</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1137971710827945984?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">June 10, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>जानकारी के लिए बताते चले बंजारा मुस्लिम जनजाति से संबंधित 8 साल की मासूम बच्ची का पिछले साल जनवरी में अपहरण कर, सामूहिक बलात्कार कर हत्या कर दी गई थी। चार्जशीट के मुताबिक, सांझी राम पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड था। अपहरण के बाद बच्ची को उसकी देखरेख वाले मंदिर में रखा गया था। कोर्ट ने तीन पुलिस अफसर दीपक खजूरिया, सुरेंद्र वर्मा और अरविंद दत्ता, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और प्रवेश कुमार उर्फ मन्नू को दोषी करार दिया। जबकि सांझी राम के बेटे विशाल को बरी कर दिया गया।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Punjab: Security heightened outside Pathankot court ahead of verdict in Kathua rape-murder case <a href="https://t.co/XaCdsSMnKd">pic.twitter.com/XaCdsSMnKd</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1137925852107292672?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">June 10, 2019</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>बताते चले कठुआ मामला जब सामने आया था तो देश ही नहीं दुनिया में इसने सुर्खियां बटोरी थीं। आम आदमी से लेकर बॉलीवुड के सेलेब्रिटी भी इंसाफ की गुहार लगा रहे थे. इस मामले में पुलिस ने कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक को नाबालिग बताया गया। हालांकि, मेडिकल परीक्षण से यह भी सामने आया कि नाबालिग आरोपी 19 साल का है। पूरी वारदात के मुख्य आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया था।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस ट्रांसफर हुआ था</strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल कठुआ केस को जम्मू-कश्मीर से बाहर पठानकोट की फास्ट ट्रैक कोर्ट ट्रांसफर किया था। कठुआ में पिछले साल 10 जनवरी को बच्ची लापता हो गई थी, बाद में उसका शव क्षत-विक्षत हालत में जंगल से बरामद हुआ था। आरोप है कि उसे यहां के एक मंदिर में बंधक बना कर रखा गया और कई दिनों तक दरिंगदी की गई।</p>
<p><strong>दोषी हुए तो फांसी की सजा संभव</strong><br />
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी 120बी (आपराधिक साजिश) 302 (हत्या) और 376डी (सामूहिक दुष्कर्म) के तहत केस दर्ज किया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक, अगर अपराध साबित हुआ तो आरोपियों को कम से कम उम्रकैद और अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है।</p>
<p align="justify"><b>हैवानियत को पार करने वाली थी घटना</b></p>
<p align="justify">कठुआ रेप की घटना 10 जनवरी को हुई थी. परिवार के मुताबिक, बच्ची 10 जनवरी को दोपहर में घर से घोड़ों को चराने के लिए निकली थी और उसके बाद वो घर वापस नहीं लौटी थी। करीब एक हफ्ते बाद 17 जनवरी को जंगल में उस बच्ची की लाश मिली थी। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला था कि बच्ची के साथ कई बार कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार हुआ है और पत्थरों से मारकर उसकी हत्या की गई है। उसके बाद बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या पर देशभर में काफी बवाल मचा था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अहम् शक्तियां केंद्र को सौंपी, केजरीवाल बोले- दुर्भाग्यपूर्ण’ फैसला</title>
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		<pubDate>Thu, 14 Feb 2019 09:55:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नयी दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में उपराज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री के अधिकारों के मसले पर गुरुवार को व्यवस्था दी कि राजधानी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) और जांच आयोग गठन का अधिकार केंद्र सरकार के पास होगा, लेकिन सेवा संबंधी अधिकारों का मसला उसने वृहद पीठ को सौंप दिया। न्यायमूर्ति अर्जन कुमार सिकरी और न्यायमूर्ति ... <a title="सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अहम् शक्तियां केंद्र को सौंपी, केजरीवाल बोले- दुर्भाग्यपूर्ण’ फैसला" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/center-to-stay-in-delhi-anti-corruption-bureau-supreme-court/" aria-label="Read more about सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की अहम् शक्तियां केंद्र को सौंपी, केजरीवाल बोले- दुर्भाग्यपूर्ण’ फैसला">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नयी दिल्ली।  उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में उपराज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री के अधिकारों के मसले पर गुरुवार को व्यवस्था दी कि राजधानी की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) और जांच आयोग गठन का अधिकार केंद्र सरकार के पास होगा, लेकिन सेवा संबंधी अधिकारों का मसला उसने वृहद पीठ को सौंप दिया। न्यायमूर्ति अर्जन कुमार सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की खंडपीठ ने दिल्ली के उपराज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री के अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपना फैसला सुनाया, जिसमें कुछ मसलों पर दोनों न्यायाधीशों की एक राय थी, लेकिन अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों (सर्विसेज) को लेकर असहमति के फैसले के कारण इसे तीन-सदस्यीय वृहद पीठ को सौंप दिया गया।</p>
<p><img decoding="async" src="https://static.inkhabar.com/wp-content/uploads/2019/02/supreme-court-1-644x362.jpg" alt="Image result for supreme court à¤à¥à¤à¤°à¥à¤µà¤¾à¤²" /><br />
शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन है और एसीबी का अधिकार भी केंद्र के पास रहेगा। केंद्र को जांच आयोग गठित करने का अधिकार भी होगा।  एसीबी, राजस्व, जांच आयोग और लोक अभियोजक की नियुक्ति के मुद्दे पर पीठ की राय एक थी, लेकिन दोनों न्यायाधीश इस मसले पर बंटे दिखे कि संविधान की सूची-दो की इंट्री 41 के तहत राज्य लोक सेवाओं में नियुक्ति और तबादले का अधिकार किसके पास होगा? न्यायमूर्ति सिकरी ने कहा कि संयुक्त सचिव और इसके ऊपर के अधिकारियों की नियुक्ति एवं तबादले का अधिकार उपराज्यपाल के पास है, जबकि अन्य अधिकारियों को लेकर दिल्ली सरकार के पास अधिकार है, लेकिन न्यायमूर्ति भूषण ने इस मुद्दे पर असहमति जताते हुए कहा कि यह अधिकार दिल्ली सरकार के पास नहीं है।</p>
<p>बिजली बोर्ड और लोकअभियोजक नियुक्ति का अधिकार दिल्ली सरकार के पास है।  गौरतलब है कि गत वर्ष एक नवम्बर को पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गत वर्ष चार जुलाई को संविधान पीठ द्वारा दिल्ली बनाम उपराज्यपाल विवाद में सिर्फ संवैधानिक प्रावधानों की व्याख्या की गयी थी। संविधान पीठ ने कहा था कि कानून व्यवस्था, पुलिस और जमीन को छोड़कर उपराज्यपाल स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकते।</p>
<p><strong>‘दिल्ली में अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण’</strong><br />
नयी दिल्ली।  दिल्ली में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के अधिकारों को लेकर उच्चतम न्यायालय के गुरुवार को दिए निर्णय से सकते में आयी आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और राजधानी की जनता के प्रति अन्याय करार दिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारों को लेकर शीर्ष अदालत के फैसले को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और राजधानवासियों के साथ अन्याय करार दिया है। उन्होंने फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनी हुई सरकार को अधिकारियों के तबादले का कोई अधिकार नहीं है ऐसे में सरकार कैसे चलेगी?</p>
<p><img decoding="async" src="https://new-img.patrika.com/upload/2018/10/28/kejriwal-main1_3637892_835x547-m.jpg" alt="Image result for supreme court à¤à¥à¤à¤°à¥à¤µà¤¾à¤²" /><br />
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) का अधिकार उपराज्यपाल के पास रहने पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “40 साल से एसीबी दिल्ली सरकार के पास थी अब नहीं है, अगर कोई भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से करेगा तो उस पर कार्रवाई कैसे होगी?” केजरीवाल ने फैसले के बाद आनन-फानन में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस पार्टी के पास विधानसभा में 70 में से 67 सीटें हों वह अधिकारियों का तबादला नहीं कर सकती, किन्तु ऐसी पार्टी जिसके पास मात्र तीन सीटें हैं वह यह काम कर सकती है। यह कैसा लोकतंत्र और आदेश है? उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग करते हुए कहा कि इस फैसले की समीक्षा के लिए कानूनी राय ली जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “एक-एक फाइल को पास कराने के लिए यदि हमें उपराज्यपाल के पास जाना होगा, तो सरकार काम कैसे करेगी?”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>कोर्ट का बड़ा फैसला : मरते दम तक जेल में रहेगा रामपाल</title>
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		<pubDate>Tue, 16 Oct 2018 07:35:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हिसार: 5 महिलाओं व एक बच्चे की हत्या के केस में आश्रम संचालक रामपाल को हिसार कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट 11 अक्टूबर को उसे दोषी ठहरा दिया था। रामपाल नवंबर 2014 से जेल में बंद है। विवादास्पद बाबा के खिलाफ दो मामले छह लोगों की हत्या से जुड़े हैं। ... <a title="कोर्ट का बड़ा फैसला : मरते दम तक जेल में रहेगा रामपाल" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/self-styled-godman-rampal-sentenced-to-life-imprisonment-in-connection-with-two-murder-cases-news/" aria-label="Read more about कोर्ट का बड़ा फैसला : मरते दम तक जेल में रहेगा रामपाल">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हिसार: 5 महिलाओं व एक बच्चे की हत्या के केस में आश्रम संचालक रामपाल को हिसार कोर्ट ने </strong>आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले कोर्ट 11 अक्टूबर को उसे दोषी ठहरा दिया था। रामपाल नवंबर 2014 से जेल में बंद है।</p>
<p>विवादास्पद बाबा के खिलाफ दो मामले छह लोगों की हत्या से जुड़े हैं। इस मामले में हिसार जिले के बरवाला शहर के समीप उसके सतलोक आश्रम में पुलिस व उसके समर्थकों के बीच हिंसक झड़प में छह लोग मारे गए थे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">Self-styled godman Rampal has been sentenced to life imprisonment in connection with two murder cases. <a href="https://t.co/LxB4cQysvx">pic.twitter.com/LxB4cQysvx</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1052094216174796800?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">October 16, 2018</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>दूसरे मामले में 14 दोषियों की सजा का ऐलान 17 अक्टूबर को होगा</h3>
<p>एक अन्य महिला की मौत के दूसरे मामले में 14 दोषियों की सजा का ऐलान 17 अक्टूबर को होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला आने से पहले हिसार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। वहींं आज भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। एफआईआर नंबर 430 पर 17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। 17 अक्टूबर तक इलाके में धारा 144 और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।</p>
<p>साल 2006 में सतलोक आश्रम के बाहर हुई फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में हिसार कोर्ट में रामपाल की पेशी थी, जहां रामपाल समर्थकों ने बवाल किया। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। दो बार तारीख देने के बाद भी रामपाल हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ। बाद में कोर्ट की फटकार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। 19 नवंबर 2014 को करीब 56 घंटे की कार्रवाई के बाद रामपाल ने रात में सरेंडर किया। इस पूरी घटना में छह लोगों की मौत हुई थी।</p>
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		<title>VIDEO : वो 45 देश यहाँ महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर क़ानूनी है&#8230;</title>
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		<pubDate>Thu, 06 Sep 2018 16:02:44 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के साथ ही भारत उन 25 अन्य देशों के साथ जुड़ गया जहां समलैंगिकता वैध है। लेकिन दुनियाभर में अब भी 72 ऐसे देश और क्षेत्र हैं जहां समलैंगिक संबंध को अपराध समझा जाता है। उनमें 45 वे देश भी हैं जहां ... <a title="VIDEO : वो 45 देश यहाँ महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर क़ानूनी है&#8230;" class="read-more" href="https://dainikbhaskarup.com/ection-377-judgement-by-supreme-court-list-of-45-countries-where-it-s-illegal-for-women-to-have-sex-with-each-other-news/" aria-label="Read more about VIDEO : वो 45 देश यहाँ महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर क़ानूनी है&#8230;">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: </strong>सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के साथ ही भारत उन 25 अन्य देशों के साथ जुड़ गया जहां समलैंगिकता वैध है। लेकिन दुनियाभर में अब भी 72 ऐसे देश और क्षेत्र हैं जहां समलैंगिक संबंध को अपराध समझा जाता है। उनमें 45 वे देश भी हैं जहां महिलाओं का आपस में यौन संबंध बनाना गैर कानूनी है।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बृहस्पतिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत 158 साल पुराने इस औपनिवेशिक कानून के संबंधित हिस्से को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया और कहा कि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है।</p>
<p>इंटरनेशनल लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल, ट्रांस एंड इंटरसेक्स एसोसिएशन के अनुसार आठ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंध पर मृत्युदंड का प्रावधान है और दर्जनों ऐसे देश हैं जहां इस तरह के संबंधों पर कैद की सजा हो सकती है।जिन कुछ देशों समलैंगिक संबंध वैध ठहराये गये हैं उनमें अर्जेंटीना, ग्रीनलैंड, दक्षिण अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, आईसलैंड, स्पेन, बेल्जियम, आयरलैंड, अमेरिका, ब्राजील, लक्जमबर्ग, स्वीडन और कनाडा शामिल हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">#WATCH</a> Celebrations at Delhi&#39;s The Lalit hotel after Supreme Court legalises homosexuality. Keshav Suri, the executive director of Lalit Group of hotels is a prominent LGBT activist. <a href="https://t.co/yCa04FexFE">pic.twitter.com/yCa04FexFE</a></p>
<p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1037597412838141952?ref_src=twsrc%5Etfw" target="_blank" rel="noopener">September 6, 2018</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>गौर हो कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एकमत से अपनी व्यवस्था में कहा कि परस्पर सहमति से वयस्कों के बीच समलैंगिक यौन संबंध अपराध नहीं है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे यौन संबंधों को अपराध के दायर में रखने संबंधी भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के प्रावधान से संविधान में प्रदत्त समता और गरिमा के अधिकार का हनन होता है।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने धारा 377 के तहत सहमति से समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध के दायरे से बाहर करते हुये कहा कि यह तर्कहीन, सरासर मनमाना और बचाव नहीं किये जाने वाला है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 495 पेज में चार अलग अलग फैसलों में कहा कि एलजीबीटीक्यू समुदाय को देश के दूसरे नागरिकों के समान ही सांविधानिक अधिकार प्राप्त हैं।</p>
<p><img decoding="async" src="https://cloudfront.timesnownews.com/media/1536233163-LGBTIQ-PTI.jpg" alt="" /></p>
<p>धारा 377 ‘अप्राकृतिक अपराधों’ से संबंधित है और इसमें कहा गया है कि जो कोई भी स्वेच्छा से प्राकृतिक व्यवस्था के विपरीत किसी पुरूष, महिला या पशु के साथ गुदा मैथुन करता है तो उसे उम्र कैद या फिर एक निश्चित अवधि के लिये कैद जो दस साल तक बढ़ाई जा सकती है, की सजा होगी और उसे जुर्माना भी देना होगा। कोर्ट ने कहा कि अदालतों को प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए क्योंकि गरिमा के साथ जीने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में माना गया है।</p>
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