डीएम ने नवागत एसपी के साथ कांवड़ियों के ठहरने हेतु बनाए गए कैंपों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

भास्कर समाचार सेवा

हाथरस। श्रावण मास के दृष्टिगत कांवड़ियों के ठहरने हेतु हाथरस शहर होते हुए मथुरा सीमा के अन्तर्गत बनाए गए कैंपों तथा सिकंदराराव क्षेत्र में नगला जलाल, अगसौली, सि0राव, बरामई नगला विजन, रति का नगला में की गई व्यवस्थाओं की यथा स्थिति का जायजा लेने के दृष्टिगत जिलाधिकारी रमेश रंजन ने नवागत पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पाण्डेय के साथ भ्रमण किया और तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ियों से वार्ता की। जिलाधिकारी ने बनाए गए कैंपो के दोनों तरफ 100-100 मीटर तक प्रकाश की व्यवस्था तथा बैठने के लिए कुर्सी व आराम करने हेतु चारपाई/गद्दे डलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में तैनात अधिकारियों को कावंड़ियों के जत्थे को एक शिविर से दूसरे शिविर तक सुरक्षित पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की शिविर में ड्यूटी लगाई गई है वह निर्धारित स्थानों पर उपस्थित रहे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते यदि कहीं पर किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो उसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे कि समस्या का समय से निदान किया जा सके।
जिलाधिकारी ने जनपद हाथरस में कांवड़ यात्रा हेतु अलीगढ़ रोड स्थित हनुमान चौकी से (जनपद-सीमा) से आगरा रोड स्थित गोविन्दपुर चौकी (जनपद-सीमा) तक की गयी व्यवस्थाएं तथा अगसौली सिकन्दराराव क्षेत्र वाया हाथरस शहर से मथुरा सीमा तक की गई व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए अवगत कराया है कि जनपद में कुल 60 शिविर (तहसील सासनी में 10, तहसील हाथरस में 15, तहसील सादाबाद में 15 तथा तहसील सिकन्दराराव क्षेत्र में 20 शिविर लगाये गये हैं। कावड़ यात्रा के दृष्टिगत लगने वाली ड्यूटियों हेतु कर्मचारियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा कांवड़ यात्रियों को एक पाइण्ट से दूसरे पाइण्ट तक तैनात पुलिस व प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। उक्त शिविरों में कांवड़ यात्रियों के लिये शौचालय, नहाने, पीने के पानी, जलपान, स्वल्पाहार, प्राथमिक चिकित्सा, प्रकाश, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि की व्यवस्था की गयी है। जनपद क्षेत्र में कांवड़ियों की सुरक्षा एवं यातायात को सुलभ बनाये रखने के दृष्टिगत 35 स्थानों पर बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गयी है। क्यू०आर०टी० का भी सहयोग लिया जा रहा है। उक्त समस्त व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित करने हेतु 3 सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 5 जोनल मजिस्ट्रेट, 28 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं इनके साथ 200 से अधिक तहसील स्तरीय अधिकारियों व पुलिस बल को तैनात किया गया है। उक्त अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी चक्रीय क्रम में 8-8 घण्टे के अन्तराल पर लगायी गयी है। कावंड मार्गों पर थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिस पिकेट/गश्त की व्यवस्था की गयी है। कावंड यात्रा मार्गों पर क्रेन/एम्बूलेंस आदि की व्यवस्था कर ली गयी है। कावंड यात्रा मार्गों पर नियमित विद्युत आपूर्ति के जरिये समुचित प्रकाश व्यवस्था तथा उक्त मार्गों पर अवस्थित होटल व ढाबों के सहयोग से समुचित प्रकाश की व्यवस्था की गयी है। कांवड़ यात्रा मार्गों के किनारे लगाये गये शिविरों से यातायात प्रभावित होने/दर्घटनाएं होने सम्भावना के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जा रही है तथा जत्थों के साथ में प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल कांवड़ियों के साथ चलेंगे तथा एक शिविर से दूसरे शिविर के मध्य प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों की ड्यूटी पॉइन्ट टू पॉइन्ट लगायी गयी है। हल्के वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था करके संवेदनशील मार्गों पर मोबाइल गश्त की व्यवस्था की गयी है। रात्रि में जनपद के मुख्य-मुख्य मार्गों, ढाबों व पेट्रोल पम्पों की 200 मीटर की परिधि में प्रकाश व्यवस्था जनसहयोग के माध्यम से की जा रही है।
इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी सि0राव, पुलिस क्षेत्राधिकारी सि0राव, भूमि संरक्षण अधिकारी, अधिशासी अधिकारी सि0राव आदि उपस्थित रहे।

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