दोघट थाने के मालखाने से रिवाल्वर हुआ गायब, 15 दिन से मालखाने की चाबी लेकर थाने से फ़रार हेड मोहर्रिर

दैनिक भास्कर/मेहंदी हसन

बागपत। दोघट थाने के मालखाने से रिवाल्वर गायब होने तथा स्वामी से गाली-गलौज अभद्रता करने के आरोप में तत्कालीन हेड मोहर्रिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जो 15 दिन से मालखाने की चाबी लेकर थाने से गैर हाजिर है।
हेड कांस्टेबल मामचंद की दोघट थाना में हेड मोहर्रिर के पद पर लंबे समय तैनाती रही है। फरवरी 2021 में स्थानांतरण गाजियाबाद हो गया था, वर्तमान में मधुबन बापूधाम थाने में तैनात है। उसने अभी तक दोघट थाने के मालखाने का सामान दूसरे हेड मोहर्रिर को हैंडओवर नहीं किया है। कई पत्राचार करने के बाद 19 मई 2022 को दोघट थाने पहुंचकर उसने वर्तमान हेड मोहर्रिर को सामान हैंडओवर करना शुरू किया था। वहीं ग्राम भगवानपुर मौजिजाबाद के पूर्व प्रधान सुक्रमपाल पंवार की मृत्यु के बाद उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भाई देवेंद्र कुमार ने 24 नवंबर 2019 को तत्कालीन हेड मोहर्रिर मामचंद को सुपुर्द की थी। विरासत के आधार पर सुक्रमपाल के बेटे परीक्षित पंवार के नाम रिवाल्वर का लाइसेंस हो गया।
परीक्षित 11 जून 2022 को अपनी रिवाल्वर लेने के लिए थाने पहुंचे। आरोप है कि रिवाल्वर के संबंध में तत्कालीन हेड मोहर्रिर मामचंद ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और गाली-गलौज कर अभद्रता की। पीड़ित की शिकायत पर एसपी नीरज कुमार जादौन ने सीओ (क्राइम) हरीश भदौरिया से मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिली। माना गया कि तत्कालीन हेड मोहर्रिर मामचंद ने रिवाल्वर गुम कर दिया है या अमानत में खयानत की गई। दोघट थाना प्रभारी जनक सिंह चौहान ने आरोपित मामचंद के खिलाफ सोमवार रात मुकदमा दर्ज कराया।

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