उत्तराखंड चुनाव से ठीक पहले ब्यूरोक्रेसी में मची भगदड़ – नतीजों की आशंका में दिल्ली लौटना चाहते हैं अधिकारी

अपने चहेते सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले अधिकारियो को आने वाले चुनावों के नतीजों की आशंका पहले ही हो जाती है शायद इसलिए आचार संहिता लागू होने से पहले ही सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने के जुगत में लग जाते है। उत्तराखंड में आजकल ब्यूरोक्रेसी कुछ इसी हालात से गुजर रही है। जिसको जहाँ मौका मिले चुपचाप निकल लेना चाहता है।

इसी कड़ी में प्रदेश की तेजतर्रार आईएएस और शिक्षा सचिव राधिका झा आजकल दिल्ली डेपुटेशन कराने में लगी है। राधिका ऊर्जा मंत्रालय की पीएसयू ईईसीएल के सीईओ के दौड़ में सबसे आगे है। हालांकि इस पोस्ट के लिए 5 लोग दावेदार है जिनमें राजस्थान पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के रमेश पोलकोंडा वही इंडियन रेलवे के ईडी हरप्रीत सिंह भी शामिल है। लेकिन सूत्र बताते है कि राधिका झा दौड़ में सबसे आगे है।

राधिका झा 2002 बैच की उत्तराखंड कैडर की आईएएस है वही इनके पति नीतीश झा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पर्सनल सेक्रेटरी भी रह चुके है। राधिका मौजूदा समय में उत्तराखंड में शिक्षा सचिव के पद पर है।।इससे पहले ओ उत्तराखंड सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी है।

आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों के जाने के पहले ही ब्यूरोक्रेसी को आभाष हो जाता है । इसीलिए चुनाव में आचारसंहिता लागू होने से पहले ही अधिकारी सेफ जोन में जाने की कोशिश में जुट जाते है।

EESL मिनिस्ट्री ऑफ पॉवर की एक पीएसयू है जो कि एनटीपीसी और पावर ग्रिड की एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी है जो ऊर्जा की खपत को कम करने के लिए काम करती है। आगे वाले समय में उत्तराखंड में चुनाव होने है ऐसे में राजनीतिक अस्थिरता के बीच कोई भी अधिकारी किसी भी तरह का रिस्क लेना नही चाहता।

राधिका इससे पहले की पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन में ईडी के पद पर रह चुकी है।
उत्तराखंड ब्यूरोक्रेसी में बहुत ही पॉवर फुल मनी जाती है

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