Tokyo Olympics: सेमीफाइनल में पहुंची पीवी सिंधु, जापान की खिलाड़ी दी शिकस्त

टोक्यो ओलंपिक से भारत के लिए बड़ी खबर आई है. महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं. उन्होंने लगातार दूसरे ओलंपिक में अंतिम-4 में जगह बनाई. सिंधु ने मेजबान जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-13, 22-20 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. पीवी सिंधु ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीता था. वे एक और मुकाबला जीत लेती हैं तो उनका मेडल पक्का हो जाएगा. ऐसे में वे बैडमिंटन में दो मेडल जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन जाएंगी.

मुकाबले का पहला अंक मेजबान खिलाड़ी अकाने यामागुची को मिला. इसके बाद स्कोर 2-2 से बराबर हाे गया. फिर यामागुची ने 4-2 की बढ़त बना ली. फिर स्कोर 5-3, 6-4, 6-5 से यामागुची के पक्ष में रहा. पहली बार सिंधु को 7-6 की बढ़त मिली. इसके बाद उन्होंने यामागुची को मौका नहीं दिया. इसके बाद सिंधु 8-6, 8-7, 9-7, 10-7, 11-7 से आगे रहीं. फिर 17-11, 18-11, 18-12, 18-13, 19-13, 20-13 की बढ़त सिंधु के पक्ष में रही. अंत में सिंधु ने यह गेम 21-13 से 23 मिनट में जीत लिया.

दूसरे गेम में पीवी सिंधु ने अच्छी शुरुआत की थी. एक समय वे 10-5 और 15-11 की बढ़त के साथ आसान जीत की ओर बढ़ रही थी. लेकिन इसके बाद अकाने यामागुची ने वापसी की और स्कोर 15-15 से बराबर कर दिया. इसके बाद स्कोर 18-18 से बराबर हुआ. यामागुची इसके बाद 20-18 की बढ़त बनाकर गेम जीतने के करीब थीं. लेकिन भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधु ने इसके बाद लगातार 4 अंक बनाकर गेम 22-20 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया. यह गेम 33 मिनट तक चला. मुकाबला 56 मिनट तक चला.

पीवी सिंधु का सेमीफाइनल में ताई जू यिंग या रतनाचोक इंतानोन से मुकाबला शनिवार 31 जुलाई को होना है. ताइवान की ताई जू और थाईलैंड की इंतानोन के बीच इस इवेंट का चौथा क्वार्टर फाइनल होना है. यह मैच जीतने वाली खिलाड़ी ही पीवी सिंधु से टकराएगी. महिला सिंगल्स के दूसरे सेमीफाइनल में दो चीनी खिलाड़ियों चेन यूफेई और ही बिंगजाओ के बीच मुकाबला होना है. ही बिंगजाओ ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है. चेन यूफेई ने कोरिया की एन से यंग को हराया.

ओलंपिक में व्यक्तिगत खेलों की बात की जाए तो बतौर भारतीय खिलाड़ी सिर्फ सुशील कुमार ही दो मेडल जीत सके हैं. रेसलर सुशील ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. फिर 2012 लंदन ओलंपिक में उन्होंने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया. 1900 में भारत की ओर से एथलेटिक्स में नॉर्मन प्रिचार्ड ने दो सिल्वर मेडल जीता था. हालांकि वे मूलत: ब्रिटेन के थे.

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