वाराणसी : अगर गंगा किनारे घूमने और बैठने के शौकीन हैं, तो जेब ढीली करने को हो जाएं तैयार

वाराणसी में अगर आप गंगा किनारे घूमने और बैठने के शौकीन हैं, तो अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाएं। स्मार्ट सिटी कंपनी ने मंगलवार से नमो घाट (खिड़किया घाट) पर एंट्री टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यहां 10 रुपए देने के बाद ही एंट्री मिलेगी। वो भी सिर्फ 4 घंटे के लिए। काशी के किसी घाट पर पहली बार कोई फीस लगाई गई है। यहां 84 पुराने घाट हैं। किसी पर भी फीस नहीं लगती।

स्मार्ट सिटी कंपनी का ये फैसला विवादों में है। कांग्रेस और सपा ने इसका विरोध किया है। सपा ने इसे मनमानी करार दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स भी पूछ रहे हैं कि आजादी के अमृत महोत्सव पर PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ये कैसी परंपरा की शुरुआत की गई है…?


टूरिज्म का नया सेंटर है नमो घाट
वाराणसी में 84 घाट हैं। इससे इतर राजघाट के मालवीय पुल के पास 35.83 करोड़ की लागत से नमो घाट (खिड़किया घाट) का फेज-1 तैयार किया गया है। अब ये काशी में टूरिज्म का नया सेंटर बन गया है। बीती 7 जुलाई को PM नरेंद्र मोदी वाराणसी आए थे। उन्हें नमो घाट को जनता को सौंपना था।

हालांकि, अंतिम समय में इसे लोकार्पण की लिस्ट से बाहर कर दिया गया था। PMO से कहा गया था कि घाट को डेवलपमेंट के सभी काम जब पूरे हो जाएंगे तभी लोकार्पण होगा। आधे-अधूरे काम का लोकार्पण PM नहीं करेंगे।

काशी के घाटों से जुड़ी बातें-

वाराणसी में सामान्य दिनों में करीब 30 हजार लोग गंगा के घाटों पर आते हैं। त्योहार और सावन के महीने में यह संख्या एक लाख तक पहुंच जाती है।
नमो घाट का मूल नाम खिड़किया घाट है। करीब 11.5 एकड़ में दिसंबर 2020 से काम की शुरुआत हुई थी। फेज -1 का काम पूरा हो गया है।
नमो घाट पर रोज 4 से 5 हजार लोग पहुंचते हैं।
घाट पर ही वाहनों के पार्किंग की भी व्यवस्था है। यहां से काशी विश्वनाथ मंदिर का टिकट मिलेगा। वॉटर स्पोर्ट्स, लाइब्रेरी, मॉर्निंग वॉक और व्यायाम की सुविधा होगी।
यहां से नौका विहार करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम जाया जा सकता है।
1.6 एकड़ में एक बहुउद्देशीय प्लेटफार्म बन रहा है, जिस पर एक साथ दो हेलिकॉप्टर उतर सकते हैं। दूसरे पर्यटक स्थलों के कॉम्बो टिकट और रेलवे टिकट की व्यवस्था भी यहां होगी।
गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए CNG से चलने वाली नाव के लिए यहां CNG फिलिंग स्टेशन भी बनाया गया है।
अफसर कहते हैं, इस फीस से घाट मेंटेन करेंगे
स्मार्ट सिटी की ओर से अभी इस मसले पर आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है। हालांकि, स्मार्ट सिटी के अफसरों का कहना है कि खिड़किया घाट पर भीड़ ज्यादा उमड़ रही थी। इसलिए 10 रुपए का टिकट लगाने का फैसला लिया गया है। 10 रुपए बहुत ज्यादा नहीं हैं और इससे घाट के मेंटेनेंस में मदद मिलेगी।

दो साल पहले पूजा-पाठ पर टैक्स का फैसला लेना पड़ा था वापस
दो साल पहले जुलाई महीने में गंगा घाटों के पुजारियों, सांस्कृतिक आयोजनों और आरती पर शुल्क लगाने की बात सामने आई थी। नगर निगम के इस निर्णय का जबर्दस्त विरोध हुआ था। नतीजतन, 24 घंटे के भीतर ही फैसले पर रोक लगा दी गई। शहर दक्षिणी के भाजपा विधायक और तत्कालीन राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने तब कहा था कि गंगा घाटों पर धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

स्मार्ट सिटी के फैसले का सोशल मीडिया पर तेजी से विरोध हो रहा है, आप भी देखिए…

 
 
 
 
Back to top button