वाराणसी : गैंगरेप के मामले में वांटेड विष्णु मिश्रा को यूपी STF ने पुणे से किया गिरफ्तार

गैंगरेप के मामले में वांटेड विष्णु मिश्रा को यूपी STF ने महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। विष्णु मिश्रा भदोही जिले के बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा का बेटा है। एक लाख के इनामी विष्णु की तलाश यूपी पुलिस दो साल से कर रही थी। इसी हफ्ते उस पर वाराणसी के एडीजी जोन ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था।

विष्णु मिश्रा की बहन रीमा पांडे ने सीएम योगी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के जरिए निवेदन किया है कि पुलिस उनके भाई को सही सलामत यूपी लेकर आए।

विष्णु मिश्रा की बहन रीमा पांडे ने सीएम योगी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के जरिए निवेदन किया है कि पुलिस उनके भाई को सही सलामत यूपी लेकर आए।
2020 में वाराणसी की गायिका ने दर्ज कराया था केस

वाराणसी के जैतपुरा क्षेत्र की गायिका के मुताबिक, बाहुबली विजय मिश्रा, उसके बेटे विष्णु और नाती ने जनवरी 2014 से दिसंबर 2015 के बीच उसके साथ गैंगरेप किया था। इस संबंध में उसने 18 अक्टूबर 2020 को भदोही गोपीगंज थाने में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

इसके अलावा, विष्णु भदोही के गोपीगंज थाने में धोखाधड़ी करके संपत्ति हड़पने के मामले में भी वांटेड था। विष्णु मूल रूप से प्रयागराज जिले के हंडिया के खपटिहा गांव का रहने वाला है और भदोही में उसका घर कौलापुर में है। STF विष्णु को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी ला रही है।

जारी हुआ था लुकआउट नोटिस, बहन ने किया सुरक्षित यूपी लाने का अनुरोध
विष्णु मिश्रा विदेश ना भागने पाए, इसके लिए उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। देश के सभी एयरपोर्ट पर उसके आपराधिक आरोपों के संबंध में जानकारी साझा की गई थी।

वहीं, विष्णु की गिरफ्तारी के बाद उसकी बहन अधिवक्ता रीमा पांडेय ने सीएम योगी को पत्र भेजकर अपने भाई को सुरक्षित यूपी लाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि उनके भाई का पुलिस फर्जी तरीके से एनकाउंटर न करे, यह सुनिश्चित किया जाए।

बता दें कि बाहुबली विजय मिश्रा आगरा जेल में बंद है। अगस्त 2020 में विजय मिश्रा को मध्य प्रदेश के मालवा से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूर्व विधायक विजय मिश्रा ने लगभग तीन दशक पहले भदोही से कांग्रेस के ब्लाक प्रमुख के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।
भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा से वह साल 2002, 2007 और 2012 में सपा से विधायक थे। साल 2017 में अखिलेश यादव ने अपनी बाहुबली विरोधी छवि मजबूत करने के लिए विजय मिश्रा को टिकट नहीं दिया था। इस पर विजय मिश्रा निषाद पार्टी के टिकट पर लड़े थे। उन्होंने बीजेपी के महेंद्र कुमार बिंद को हराकर चुनाव जीता था। साल 2022 में वह जेल में बंद रह कर प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और हार गए। विजय मिश्रा कभी मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते थे।

मंत्री नंदी पर बम से हमला कराने का है आरोप

जुलाई 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर प्रयागराज में उनके घर के समीप स्कूटी में रखे बम को रिमोट से उड़ाया गया था। इस हमले में पत्रकार विजय प्रताप सिंह, राकेश मालवीय और मंत्री नंदी के गनर की जान चली गई थी। वहीं, नंदी बुरी तरह से घायल हुए थे।

मंत्री नंदी की पत्नी अभिलाषा गुप्ता ने जानलेवा हमले को लेकर विजय मिश्रा और ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

इस मामले में विजय मिश्रा पर ढाई लाख का इनाम घोषित हुआ था। फरवरी 2011 में एसटीएफ ने विजय मिश्रा को दिल्ली के हौजखास से गिरफ्तार किया था।

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