मासिक खर्च के बाद पैसे बचाने के रास्ते

रुचिका भगत, एमडी, नीरज भगत एंड कंपनी

नई दिल्ली। इस मुहावरे का इस्तेमाल अक्सर होता है “बचाया गया एक पैसा, कमाए गए एक पैसे के बराबर है।” बेंजामिन फ्रैंकलिन ने यह मुहावरा दिया था। दूसरे शब्दों में कहें तो पैसे बर्बाद करने के बजाय उसे बचाना समझदारी है। इसलिए अगर आप अपनी वित्तीय जिंदगी को बेहतर बनाना चाहते हैं और जानते हैं कि सिर्फ खर्च में कमी करने से मंजिल हासिल होने वाली नहीं है तो आपको इनकम बढ़ाने के रास्तों के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए।

हममें से ज्यादातर लोगों के कई घरेलू खर्च होते हैं। अपनी जिंदगी को सरल बनाने और पैसे बचाने का एक रास्ता अपने खर्च को जहां तक हो सके कम करना है। जब आप अपना घरेलू खर्च कम कर देंगे तो आपके पास भविष्य में निवेश करने और कर्ज चुकाने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे।

भविष्य के लिए बचत करना आपको मुश्किल लग सकता है, लेकिन अगर आप हर महीने थोड़ा पैसा अलग रख देते हैं तो यह आप जितना सोचते हैं, उससे आसान लगेगा। हर महीने होने वाले खर्च को ध्यानपूर्वक देखने, उन खर्चों को घटाने के रास्ते तलाशने और बजट के हिसाब से खर्च करना वह सीक्रेट है, जो वित्तीय स्थिति के मामले में आपको सबसे मजबूत बना देगा।

पैसे बचाने के लिए हर महीने आप एक स्मार्ट तरीका यह अपना सकते हैं कि आप अपने मासिक खर्च को ध्यान से देखें और यह सोचें कि आप कहां खर्च घटा सकते हैं। इसका मतलब कि आप उन खर्चों की पहचान कर सकते हैं जो गैर-जरूरी हैं। एक व्यक्ति औसतन अपनी कमाई का 38 से 40 फीसदी घरेलू जरूरतों पर खर्च करता है। यहां 9 सामान्य मासिक खर्च और इनमें से हरेक के मामले में बचत करने के टिप्स बताए गए हैं।

  1. हाउसिंग
    अगर आपने होम लोन लिया है तो आप जितना इंटरेस्ट चुका रहे हैं उससे कम इंटरेस्ट के लोन से इसे चुका कर आप पैसा बचा सकते हैं। इससे लोन चुकाने का आपका खर्च घट जाएगा और लोन की अवधि के दौरान आप काफी बचत कर पाएंगे। अगर आप किराए पर रहते हैं तो आप लोन की ईएमई की तुलना हर महीने के अपने किराए से कर सकते हैं। फिर, अगर दोनों बराबर हैं तो आप किराया चुकाने की जगह प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। इसी तरह खर्च घटाने के लिए आप रूममेट तलाश सकते हैं, किराए में डिस्काउंट के लिए लंबी अवधि के लिए घर लीज पर ले सकते है या छोटा घर या कम महंगे इलाके में घर ले सकते हैं।
  2. यूटिलिटीज
    इस बात की उम्मीद है कि इलेक्ट्रिसिटी की आपके मासिक यूटिलिटी बिल में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी। तो आप अपना इलेक्ट्रिसिटी बिल कैसे घटा सकते हैं? जिन अप्लायंसेज की जरूरत नहीं है, उनका प्लग निकाल दें, अपने थर्मोस्टेट की सेटिंग ऐसी कर दें कि पावर की खपत घट जाए और जिन लाइट्स की जरूरत न हो, उन्हें स्विच-ऑफ कर दें।
  3. फूड
    ग्रॉसरी पर पैसे बचाने के लिए ऐसे आप डाउनलोड करें जो अलग-अलग स्टोर्स के प्राइसेज की तुलना करने की सुविधा देते हैं। कॉस्टको और सैम्स क्लब जैसी जगहों पर थोक में खरीदारी करें। इससे न सिर्फ आपके खर्च में कमी आएगी बल्कि आपको डिस्काउंट कूपन और गिफ्ट वाउचर्स भी मिल सकते हैं।
  4. ट्रांसपोर्टेशन
    कार पार्किंग और पेट्रोल के खर्च को शामिल कर दिया जाए तो एक से दूसरे जगह जाने पर आप जितना सोचते हैं, उससे काफी ज्यादा खर्च होता है। ट्रांसपोर्टेशन पर आने वाले खर्च को कम करने के लिए आप ये तरीके अपना सकते हैं:

-पेट्रोल/डीजल की नई कार खरीदने या लीज पर लेने की जगह इलेक्ट्रिक कार खरीदना सही होगा।

-कार की मरम्मत की जरूरत नहीं पड़े इसके लिए कार की समय पर सर्विसिंग कराते रहें।

  • गैस बचाने के लिए तेज रफ्तार ड्राइविंग और अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
  • जहां मुमकिन हो कारपूलिंग करें या पैदल चलें।
  1. इंश्योरेंस
    इंश्योरेंस खरीदने से न सिर्फ भविष्य में होने वाले आपातकालीन खर्चों से आपको सुरक्षा मिलती है बल्कि यह यह टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद है। इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने में उस पॉलिसी का चुनाव किया जाना चाहिए जिसका प्रीमियम कम हो। आप इंश्योरेंस पर होने वाले खर्च को घटाने के लिए डिस्काउंट पाने की कोशिश कर सकते हैं। एक ही बीमा कंपनी की पॉलिसीज खरीद कर ऐसा किया जा सकता है।
  2. क्रेडिट कार्ड
    अपने पैसे को निवेश करने के लिए सभी खर्च क्रेडिट कार्ड से करना सबसे अच्छा तरीका है। इससे हमें क्रेडिट पीरियड का फायदा मिल जाता है और हम मेहनत की कमाई का सही फायदा उठा लेते हैं। लेकिन, इसके लिए जरूरी है कि क्रेडिट कार्ड का पेमेंट तय तारीख तक कर दिया जाए ताकि इंटरेस्ट के रूप में पेनाल्टी न लगे।
  3. फिक्स्ड रिटर्न वाले इंस्ट्रूमेंट में करें निवेश
    वॉरेन बफे ने एक बार कहा था, “इनवेस्टमेंट का पहला नियम यह है कि हम पैसा न गंवाएं।” और दूसरा नियम यह है कि हम पहले नियम को न भूलें।

हमें सभी अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए। इसलिए हमें जोखिम घटाने के लिए अलग-अलग एसेट में निवेश करना चाहिए। उदाहरण के लिए कुछ पैसा बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, कुछ पैसा म्यूचुअल फंड और कुछ गवर्नमेंट पेंशन जैसी चीजों में इनवेस्ट किया जा सकता है।

सुझाव यह है कि लंबी अवधि के लिए इनवेस्टमेंट के इन तरीकों में नियमित रूप से निवेश किया जाए और अच्छा रिटर्न कमाया जाए। डायवर्सिफाय करना जरूरी है, क्योंकि इससे आपके पोर्टफोलियो में किसी एक कंपनी या सेक्टर की बहुत ज्यादा हिस्सेदारी न हो। इससे रिस्क को कम करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि लंबी अवधि में आपका निवेश ठोस और सुरक्षित रहे।

  1. खर्च करने की अपनी आदतों का मूल्यांकन करें
    खर्च करने की अपनी आदत का विश्लेषण करें ताकि यह समझ में आए कि कुछ खर्च गैरजरूरी हैं और क्रेडिट कार्ड बिल जैसे खर्चों में कमी की जा सकती है। इन खर्चों से दूरी बनाने से काफी पैसा बचेगा जिसका इस्तेमाल इनवेस्टमेंट के लिए किया जा सकता है।

अपने खर्च को समझने और उसमें सुधार करने का दूसरा रास्ता यह है कि हर महीने का व्यापक बजट बनाया जाए। जंक फूड और एंटरटेनमेंट ऐसे सबसे लोकप्रिय कैटेगरी हैं, जो गैरजरूरी खर्चों में आते हैं।

बजट को चाहत और जरूरत में भी बांटा जा सकता है। जरूरत में जरूरी खर्च जैसे फूड, इलेक्ट्रिसिटी, किराया, इंटरनेट आते हैं और चाहते में ऐसे खर्च आते हैं जिनके बिना काम चल सकता है।

  1. अपने इनवेस्टमेंट को ऑटोमेट करें और नियमित बने रहें
    इनवेस्टमेंट करने में एकमुश्त निवेश करने की बजाय नियमित रूप से निवेश करना ज्यादा फायदेमंद है। रेगुलर इनवेस्टमेंट में व्यक्ति को एसेट का प्राइस चाहे जो हो, उसे हर महीने एक खास अमाउंट निवेश करना जरूरी होता है।

म्यूचुअल फंड्स जैसे कुछ इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का ऑप्शन होता है। आप इस इनवेस्टमेंट को ऑटोमेट कर सकते हैं। इसमें हर महीने आपके बैंक अकाउंट से पैसा फंड में इनवेस्टमेंट के लिए चला जाता है। इस प्रोसेस से इनवेस्टमेंट में इमोशंस की जगह नहीं रह जाती है और पैसे के इस्तेमाल में देरी नहीं होती है। इससे इनवेस्टमेंट में अनुशासन भी बना रहता है। इनवेस्टमेंट का चुनाव करने से पहले हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे उसकी अवधि, इनफ्लेशन रेट, इनवेस्टमेंट अमाउंट और चुकाया जाने वाला टैक्स।

हमें एक्सपेंस प्लानिंग और कैश मैनजमेंट करना चाहिए। इससे खर्च करने की आपकी आदत में बदलाव आएगा जिससे आपको पैसे के अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। यह सही कहा गया है, “खर्च करने के बाद जो बच जाता है उसे बचत नहीं करें बल्कि बचत करने के बाद जो बच जाता है उसे खर्च करें।”

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