मौसम अलर्ट : पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 10 की हुई मौत, बचने के लिए करें ये काम

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। 28 से 30 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा, गाजियाबाद में तेज बारिश के आसार हैं। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बुधवार को पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट है।

बीते 24 घंटे में प्रदेश के तीन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत हुई। कौशांबी में 6 लोगों की मौत हुई है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों का आपसी संपर्क टूट रहा है। हर घंटे गंगा का जलस्तर 2 सेमी बढ़ रहा है। आज सुबह गंगा का जलस्तर 63.54 मीटर पर आ गया है। इसकी वजह से दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदल दिया गया है। मंगलवार को दशाश्वमेध घाट पर आरती हुई थी, लेकिन श्रद्धालुओं को बैठने और आरती देखने में दिक्कतें भी हुईं।

कानपुर में चंद्रशेखर आजाद यूनिवर्सिटी के मौसम वैज्ञानिक ने बताया, ”यूपी में भारी बारिश का दौर अब शुरू होगा। अभी तक हल्की और मध्यम बारिश हो रही थी। ये समझिए बारिश का ट्रेलर था। कानपुर में मंगलवार को 2 घंटे में 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।”

पिछले 24 घंटे: यूपी में मंगलवार को कानपुर, लखनऊ, मऊ, फतेहपुर, हमीरपुर, आगरा, मेरठ, प्रतापगढ़, सोनभद्र, प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, कौशांबी, बांदा में तेज बारिश हुई है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

अगले 24 घंटे: प्रदेश में 30 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। लखनऊ में तीन अगस्त तक मानसून एक्टिव रहेगा यानी हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। बुधवार सुबह आसमान में बादल छाए हैं। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बीते 24 घंटे में 26.9 मिमी बारिश हुई है। एक जून से अब तक 221.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है जो सामान्य से 97.9 मिमी कम है।

पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 10 की हुई मौत
मंगलवार को यूपी के 3 जिलों में बिजली गिरने की बड़ी घटनाएं हुईं। कौशांबी में 6, प्रयागराज में 3 और जौनपुर में 1 व्यक्ति की बिजली गिरने से मौत हो गई। मौसम विज्ञानी के मुताबिक, क्लाइमेट चेंज होने की वजह से अब बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ी हैं। क्लाउड फॉर्मेशन में बड़े बदलाव होना इसका बड़ा कारण है।

बारिश के दौरान पेड़ के नीचे न खड़े हों
डॉ. पांडेय ने बताया कि बिजली गिरने की एडवाइजरी को लेकर बताया कि बारिश में पेड़ के नीचे खड़ा होना सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। वे बिजली को अपनी ओर खींचते हैं। आस-पास एक-दो पेड़ हैं, तो खुले मैदान में ही कहीं झुककर बैठ जाना सबसे बेहतर है। जानवरों को भी पेड़ के नीचे न खड़ा करें।

आकाशीय बिजली से बचने के लिए ये काम करें

बिजली गिरते वक्त बाहर हैं, तो किसी इमारत में शेल्टर लें।
अगर वहां बिल्डिंग नहीं है तो कार, किसी वाहन या कठोर परत वाली जगह के नीचे चले जाएं।
कहीं शेल्टर नहीं है, तो इलाके की सबसे ऊंची वस्तु जैसे टावर से दूर रहें।
खिड़कियों, दरवाजे किनारे और बरामदे में न जाएं। घर में किसी धातु के पाइप को भी न छुएं।
बारिश के दौरान शॉवर का उपयोग न करें। खुले में बर्तन या कपड़े धोने का जोखिम भी न लें।
बिजली के आवेश में आते हैं, तो बाल या रोएं खड़े हो जाते हैं, ऐसे में तुरंत ही जमीन पर लेट जाएं।
मोबाइल चार्ज या किसी अन्य उपकरण को प्लग करने के साथ उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
उस छतरी का इस्तेमाल करें, जिसमें धातु की बजाय लकड़ी का हैंडल लगा हो।
अब बात अन्य शहरों के मौसम के हाल की…

अयोध्या में छाए काले बादल

अयोध्या में बुधवार सुबह से काले बादल छाए हुए है। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। मौसम सुहाना है। सुबह का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा है। जिसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी 24 घंटे में कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का दावा है कि आगामी तीन चार दिनों तक मौसम का यही हाल रहेगा।

वाराणसी में आज सुबह से बादल छाए हैं। धूप की एक किरण भी नहीं दिखी। मंगलवार के बाद बुधवार की आधी रात 2 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई। बारिश की वजह से वाराणसी का न्यूनतम तापमान 25°C पर आ गया। अधिकतम तापमान 34.8°C दर्ज किया गया। इस समय वाराणसी में 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बह रही है। इस हवा में नमी 98% तक रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि वाराणसी में 27 से 30 जुलाई तक मानसून पूरी तरह एक्टिव रहेगा। गरज-चमक के साथ बरसात हो सकती है।

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